ब्रेकिंग न्यूज़
बुमराह 968 दिन बाद वनडे खेलेंगे, रोहित-विराट की वापसी:भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ पिछले 5 वनडे जीते, पहला मुकाबला एजबेस्टन में

जसप्रीत बुमराह 968 दिन बाद वनडे क्रिकेट में वापसी करेंगे। उन्होंने 2023 वर्ल्ड कप फाइनल के बाद कोई वनडे नहीं खेला है। इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला मंगलवार को बर्मिंघम के एजबेस्टन स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच दोपहर 3:30 बजे शुरू होगा। इस मुकाबले में रोहित शर्मा और विराट कोहली भी वनडे टीम में वापसी करेंगे। वनडे में भारत का पलड़ा इंग्लैंड पर भारी रहा है। टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ अपने पिछले 5 वनडे मुकाबले जीते हैं। ओवरऑल दोनों टीमों के बीच 110 मैच खेले गए हैं। भारत ने 61 जीते और 44 हारे हैं। 2 मैच टाई और 3 मुकाबले बेनतीजा रहे हैं। यह सीरीज भारत के लिए इसलिए भी अहम है। क्योंकि, 2027 वनडे वर्ल्ड कप में अब करीब 15 महीने का समय बचा है। भारत ने हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज 0-4 से गंवाई थी। इससे पहले टीम आयरलैंड से भी सीरीज हार चुकी है। गिल बोले- विराट 2027 वर्ल्ड कप की योजना का हिस्सा भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने मैच से पहले कहा कि विराट कोहली 2027 वनडे वर्ल्ड कप की योजनाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में विराट के साथ टीम कॉम्बिनेशन और भविष्य की रणनीति पर चर्चा हुई। गिल ने कहा कि रोहित और विराट का अनुभव टीम के लिए बेहद अहम रहेगा। बुमराह की वापसी, हार्दिक की कमी भारत की गेंदबाजी की कमान जसप्रीत बुमराह संभालेंगे। मोहम्मद सिराज टीम में नहीं हैं, जबकि हार्दिक पंड्या की गैरमौजूदगी में ऑलराउंडर की भूमिका के लिए शिवम दुबे और वॉशिंगटन सुंदर के बीच मुकाबला है। चोटिल हर्षित राणा की जगह प्रसिद्ध कृष्णा या गुरनूर बरार को मौका मिल सकता है। इंग्लैंड टी-20 की लय वनडे में भी बरकरार रखना चाहेगा इंग्लैंड ने टी-20 सीरीज में भारत को 4-0 से हराया है। हालांकि पिछले डेढ़ साल में उसका वनडे रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है। टीम 2024 के बाद सात में से पांच द्विपक्षीय वनडे सीरीज हार चुकी है, जबकि पिछले साल चैंपियंस ट्रॉफी में भी एक मैच नहीं जीत सकी थी। फिर भी घरेलू मैदान पर इंग्लैंड के लिए राहत की बात जो रूट की शानदार फॉर्म है। 2024 के बाद से उन्होंने वनडे में 65.93 की औसत से 1055 रन बनाए हैं। हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में उन्होंने 247 रन बनाए थे। रोहित और विराट पर रहेंगी नजरें यह इंग्लैंड दौरे पर रोहित शर्मा और विराट कोहली की आखिरी वनडे सीरीज हो सकती है। रोहित का इंग्लैंड में रिकॉर्ड शानदार रहा है। उन्होंने यहां 7 वनडे शतक लगाए हैं और औसत 64.9 का है। एजबेस्टन में उनका औसत 89.4 है। वहीं विराट अपनी पिछली 7 वनडे पारियों में 6 बार 50+ स्कोर बना चुके हैं। IPL 2026 में भी उन्होंने 16 मैचों में 675 रन बनाए थे। एजबेस्टन में इंग्लैंड का दबदबा एजबेस्टन इंग्लैंड का मजबूत किला माना जाता है। टीम ने एजबेस्टन में 2015 से लगातार सात वनडे जीते हैं। पिच रिपोर्ट एजबेस्टन की पिच पर शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को स्विंग और सीम मूवमेंट मिलती है। इसके बाद बल्लेबाजी आसान हो जाती है। ऐसे में पहले 10 ओवर मैच के लिहाज से सबसे अहम रहेंगे। मौसम साफ रहने का अनुमान है। बारिश की संभावना नहीं है। पॉसिबल प्लेइंग-11 भारत: रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, अक्षर पटेल, केएल राहुल (विकेटकीपर), शिवम दुबे/वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा/गुरनूर बरार। इंग्लैंड ने मैच से एक दिन पहले अपनी प्लेइंग-XI का ऐलान कर दिया है- बेन डकेट, जैकब बेथेल, जो रूट, हैरी ब्रूक (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), सैम करन, विल जैक्स, जोफ्रा आर्चर, लियाम डॉसन, जोश टंग, आदिल रशीद। ——————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… भारत ने लॉर्ड्स का पहला महिला टेस्ट जीता:इंग्लैंड को 270 रन से हराया; यस्तिका का शतक, 7 विकेट लेने वाली क्रांति प्लेयर ऑफ द मैच लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड के 142 साल के इतिहास में पहली बार खेला गया महिला टेस्ट भारतीय टीम ने जीत लिया। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारत ने इंग्लैंड को 270 रन से हरा दिया। भारतीय टीम बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में मेजबान टीम पर भारी पड़ी। पूरी खबर

भारत ने लॉर्ड्स का पहला महिला टेस्ट जीता:इंग्लैंड को 270 रन से हराया; यस्तिका का शतक, 7 विकेट लेने वाली क्रांति प्लेयर ऑफ द मैच

लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड के 142 साल के इतिहास में पहली बार खेला गया महिला टेस्ट भारतीय टीम ने जीत लिया। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारत ने इंग्लैंड को 270 रन से हरा दिया। भारतीय टीम बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में मेजबान टीम पर भारी पड़ी। रनों के लिहाज से यह भारतीय महिला टीम की दूसरी सबसे बड़ी टेस्ट जीत रही। इससे पहले टीम ने 2023 में इंग्लैंड को ही 347 रन से हराया था। भारत को आज तक इंग्लैंड में महिला टेस्ट में हार नहीं मिली है। टीम ने यहां अब तक 11 टेस्ट खेले हैं, जिनमें 3 जीते हैं, जबकि 8 मुकाबले ड्रॉ रहे। भारत ने पहली पारी में 285 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड 170 पर सिमट गई। भारत को 115 रन की बढ़त मिली। भारत ने दूसरी पारी 341 रन पर घोषित की और 457 रन का टारगेट दिया। इंग्लैंड 186 पर ऑलआउट हो गई। ऐतिहासिक टेस्ट मैच की 3 बड़ी बातें भारतीय टीम की जीत के 5 फोटोज मैच रिपोर्ट से पहले ब्रीफ स्कोर… पहली पारी में क्रांति ने 5 विकेट लिए इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी थी। भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही और शेफाली वर्मा बिना खाता खोले आउट हो गईं। इसके बाद स्मृति मंधाना (83), कप्तान हरमनप्रीत कौर (58) और दीप्ति शर्मा (57) की पारियों से भारत ने 285 रन बनाए। इंग्लैंड की ओर से सोफी एक्लेस्टोन और लॉरेन फिलर ने 2-2 विकेट लिए। जवाब में इंग्लैंड की पहली पारी 170 रन पर सिमट गई। क्रांति गौड़ ने 5 विकेट झटके। सयाली सतघारे और स्नेह राणा ने 2-2 विकेट लिए, जबकि दीप्ति शर्मा को एक सफलता मिली। एमी जोन्स ने 52 और कप्तान नेट सिवर-ब्रंट ने 44 रन बनाए, लेकिन बाकी बल्लेबाज टिक नहीं सके। यस्तिका ने रचा इतिहास, भारत ने मैच पर कब्जा जमाया 115 रन की बढ़त के साथ दूसरी पारी खेलने उतरी भारतीय टीम को स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने 88 रन की शुरुआत दी। इसके बाद यस्तिका भाटिया ने जिम्मेदारी संभालते हुए 113 रन की बेहतरीन पारी खेली। उन्होंने स्मृति के साथ 73 और दीप्ति शर्मा के साथ 52 रन की साझेदारी की। ऋचा घोष ने नाबाद 50 और सयाली सतघारे ने नाबाद 18 रन बनाकर भारत को 341/7 तक पहुंचाया। इंग्लैंड की स्पिनर सोफी एक्लेस्टोन ने 5 विकेट लिए, लेकिन भारत ने 456 रन की बढ़त हासिल कर ली। चौथे दिन भारतीय स्पिनरों ने खत्म किया मुकाबला 457 रन का पीछा करते हुए इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। टैमी ब्यूमोंट, माया बुशियर, हीदर नाइट और कप्तान नेट-ब्रंट जल्दी आउट हो गईं। एमी जोन्स ने 54 और सोफी एक्लेस्टोन ने 50 रन बनाकर संघर्ष किया, लेकिन भारतीय गेंदबाजों के सामने इंग्लैंड ज्यादा देर टिक नहीं सका। स्नेह राणा ने 4 विकेट लिए। सयाली सतघारे, क्रांति गौड़ और दीप्ति शर्मा ने 2-2 विकेट लिए। इंग्लैंड की पूरी टीम 186 रन पर सिमट गई और भारत ने मुकाबला 270 रन से जीत लिया। सचिन मैच देखने पहुंचे चौथे दिन मुकाबला शुरू होने से पहले सचिन तेंदुलकर ने भारतीय टीम का हौसला बढ़ाया। ब्रॉडकास्ट के दौरान इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज निक नाइट ने कहा, भारतीय खिलाड़ियों और फैंस के लिए इससे बड़ा पल नहीं हो सकता। सचिन तेंदुलकर खुद यहां आकर खिलाड़ियों से बात कर रहे हैं। लॉर्ड्स में भारतीय टीम के रिकॉर्ड्स —————————–
क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…
हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने छोड़ा CSK का साथ IPL की सबसे सफल टीम चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और उसके हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग का 18 साल पुराना साथ खत्म हो गया। फ्रेंचाइजी ने सोमवार को सोशल पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। पढ़ें पूरी खबर…

सूर्या की टीम में वापसी के रास्ते बंद नहीं:रिपोर्ट- घरेलू क्रिकेट में रन बनाने होंगे, वर्ल्डकप जीतने के बाद टीम से बाहर हुए थे

सूर्यकुमार यादव की टीम इंडिया में वापसी हो सकती है। न्यूज एजेंसी ANI को BCCI के एक सूत्र ने बताया कि सूर्या के लिए दरवाजे अब भी खुले हैं। हालांकि वह अभी टीम की योजना का हिस्सा नहीं हैं। अगर वह घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाते हैं, तो वापसी संभव है। टीम इंडिया को वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले कप्तान सूर्या को खराब फॉर्म की वजह से आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे से बाहर कर दिया गया था। उनसे कप्तानी भी छिन ली गई। उनकी जगह BCCI ने श्रेयस अय्यर को नया टी-20 कप्तान बनाया है। टी-20 वर्ल्ड कप और IPL मिलाकर सिर्फ 3 फिफ्टी लगाई सूर्या ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 की 9 पारियों में 242 रन बनाए। उन्होंने सिर्फ एक फिफ्टी लगाई। सूर्या का खराब फॉर्म IPL 2026 में भी जारी रहा। वे 13 पारियों में सिर्फ 270 रन ही बना सके। उनका औसत 20.76 रहा। सूर्या सीजन में सिर्फ 2 फिफ्टी लगा सके। भारत लगातार 2 सीरीज हारा श्रेयस की कप्तानी में भारत लगातार दो टी-20 सीरीज हारी। पहले आयरलैंड के खिलाफ 2-0 से हार मिली। यह आयरलैंड की भारत के खिलाफ पहली सीरीज जीत थी। इसके बाद इंग्लैंड ने 5 मैचों की टी-20 सीरीज में 4-0 से हराया। सूर्या की कप्तानी जाने के बाद भारत एक भी मुकाबला नहीं जीत सका है। सूर्या की कप्तानी में एक भी सीरीज नहीं हारा भारत सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने इसी साल 8 मार्च को टी-20 वर्ल्ड कप जीता था। इस जीत के साथ भारत अपने टाइटल को डिफेंड करने और लगातार दो टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाला दुनिया का पहला देश बना। बड़ी बात यह है कि सूर्या की कप्तानी में भारत एक भी सीरीज नहीं हारा है। सूर्या टी-20 में 4 शतक लगा चुके सूर्यकुमार ने 113 मैचों में 3272 रन बनाए हैं। उनका औसत 36.35 और स्ट्राइक रेट 162.94 रहा है। सूर्यकुमार के नाम 4 शतक और 25 अर्धशतक दर्ज हैं। उनका बेस्ट स्कोर 117 रन है। सूर्या ने 297 चौके, 179 छक्के लगाए हैं। उन्होंने 58 कैच भी लिए हैं। ———————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… राहुल द्रविड़ बन सकते हैं इंग्लैंड टेस्ट टीम के कोच:एंडी फ्लावर, फ्लिंटॉफ और लैंगर के नाम पर भी चर्चा; मैकुलम को हटाया टीम इंडिया के पूर्व कोच राहुल द्रविड़ इंग्लैंड की टेस्ट टीम के नए मुख्य कोच बनने की दौड़ में शामिल हैं। ब्रेंडन मैकुलम के पद छोड़ने के बाद ECB (इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड) पॉसिबल कैंडीडेट्स के नाम पर विचार कर रहा है, जिसमें द्रविड़ का नाम भी है। पूरी खबर पढें…

ब्लैक सूट..काले चश्मे में विंबलडन देखने पहुंचे वैभव सूर्यवंशी:बोले- जो सामने मिला, पहनकर आ गया; युवराज ने कहा- वो भारतीय क्रिकेट का एडवांस्ड वर्जन

भारतीय क्रिकेट टीम के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पहली बार विंबलडन के सेंटर कोर्ट पर पुरुष सिंग्ल्स फाइनल देखने पहुंचे। ब्लैक सूट और आंखों पर काला चश्मा लगाए उनका अंदाज किसी हॉलीवुड स्टार से कम नहीं लग रहा था। उनके ‘जेंटलमैन’ लुक ने सोशल मीडिया पर भी फैंस का ध्यान खींच लिया। जब वैभव से उनके स्टाइलिश लुक और फैशन एक्सपेरिमेंट के बारे में पूछा गया। उन्होंने अपने ही अंदाज में हंसते हुए जवाब दिया, “जल्दी-जल्दी में जो सामने मिला, डालकर आ गया हूं।” उनके इस मजेदार जवाब ने फैंस का दिल जीत लिया। वैभव के साथ भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज युवराज सिंह और ओपनर अभिषेक शर्मा भी मौजूद थे। वैभव ने अपने इस शानदार लुक का श्रेय भी अभिषेक शर्मा को देते हुए कहा कि ये सब सारा अरेंजमेंट अभिषेक भइया ने कराया है। युवराज सिंह ने वैभव सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट का नया अवतार बताया। उन्होंने कहा कि वैभव ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से बेहद कम उम्र में अलग पहचान बनाई है। युवराज कहा, ‘वैभव भारतीय क्रिकेट का सबसे ‘एडवांस्ड वर्जन’ हैं।’ अभिषेक शर्मा को बनाएंगे टेनिस में ‘डबल्स’ मैच पार्टनर रिपोर्टर ने जब वैभव सूर्यवंशी से पूछा कि अगर उन्हें टेनिस में ‘डबल्स’ मैच खेलने का मौका मिले तो वह अपने पार्टनर के तौर पर किसे चुनेंगे? इस पर वैभव ने बिना एक पल गंवाए अभिषेक शर्मा का नाम लिया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं निश्चित रूप से अभिषेक भैया को ही चुनूंगा। वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मेरे ओपनिंग पार्टनर भी हैं।” वैभव के इस जवाब ने दोनों खिलाड़ियों के बीच शानदार तालमेल और मैदान के बाहर भी उनकी अच्छी बॉन्डिंग की झलक दिखाई। राफेल नडाल और नोवाक जोकोविच हैं वैभव को पसंद टेनिस को लेकर वैभव सूर्यवंशी ने बताया कि वह पिछले 4-5 सालों से इस खेल को काफी करीब से फॉलो कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब भी उन्हें समय मिलता है, वह दुनिया के बड़े टेनिस टूर्नामेंट और दिग्गज खिलाड़ियों के मुकाबले देखना नहीं भूलते। वैभव ने कहा, “जब मैंने टेनिस देखना शुरू किया था, तब मैं राफेल नडाल और नोवाक जोकोविच को बहुत देखता था।” नई पीढ़ी के खिलाड़ियों पर बात करते हुए उन्होंने स्पेन के स्टार टेनिस खिलाड़ी कार्लोस अल्काराज को अपना पसंदीदा बताया। वैभव ने कहा, “मौजूदा जनरेशन में मुझे कार्लोस अल्काराज का खेल सबसे ज्यादा पसंद है।” वैभव ने यानिक सि‍नर के जीतने की कि थी भविष्यवाणी विंबलडन पुरुष एकल फाइनल से पहले जब वैभव सूर्यवंशी से विजेता को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने बेझिझक यानिक सिनर पर भरोसा जताया। वैभव ने कहा, “सिनर ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाया है। मुझे पूरी उम्मीद है कि वही फाइनल जीतकर चैंपियन बनेंगे।” उनकी यह भविष्यवाणी आखिरकार सही साबित हुई। फाइनल में यानिक सिनर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम कर लिया। उनके अनुमान के सच होने के बाद सोशल मीडिया पर फैंस भी उनकी सटीक भविष्यवाणी की चर्चा करते नजर आए। युवराज सिंह ने वैभव को टर्मिनेटर- 6 बताया पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह ने क्रिकेट की नई पीढ़ी के बदलाव को समझाने के लिए हॉलीवुड की मशहूर ‘टर्मिनेटर’ फिल्म सीरीज का उदाहरण दिया। उन्होंने खुद को ‘टर्मिनेटर’, अपने शिष्य अभिषेक शर्मा को ‘टर्मिनेटर-4’ और 15 साल वैभव सूर्यवंशी को ‘टर्मिनेटर-6’ बताया। युवराज ने कहा कि हर नई पीढ़ी पिछली पीढ़ी से ज्यादा विकसित, निडर और विस्फोटक होती जा रही है। उनके मुताबिक, मौजूदा युवा खिलाड़ी खेल को नई सोच और अलग अंदाज के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। युवराज बोले- अब वैभव के साथ काम करना चाहूंगा विंबलडन पुरुष सिंग्ल्स फाइनल के दौरान युवराज सिंह, अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी एक साथ नजर आए। इस मौके पर युवराज ने टेनिस और क्रिकेट की तुलना करते हुए कहा कि जिस तरह यानिक सिनर और कार्लोस अल्काराज टेनिस के भविष्य को नई दिशा दे रहे हैं, उसी तरह क्रिकेट में अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी नई सोच और आक्रामकता के साथ खेल को बदल रहे हैं। युवराज ने कहा, “मैंने अभिषेक के साथ काफी समय तक काम किया है। अब मैं वैभव के साथ भी समय बिताना चाहूंगा। उसके सामने शानदार करियर है। वह बेहद गंभीर खिलाड़ी है और मुझे पूरा भरोसा है कि वह बहुत आगे जाएगा।” जिम्बाब्वे दौरे पर खेलते हुए दिखाई देंगे वैभव सूर्यवंशी वैभव सूर्यवंशी को भारत के लिए इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में डेब्यू करने का मौका मिला था। वैभव ने सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया था। सचिन ने 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ 16 साल 205 दिन की उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू किया था। वहीं, वैभव ने 15 साल 99 दिन की उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू किया। हालांकि, वे बल्ले से अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके। उन्हें तीन मैचों में खेलने का मौका मिला और आखिरी मैच में बाहर कर दिया गया। अब वे जिम्बाब्वे दौरे पर खेलते हुए दिखाई देंगे।

खतरे में फुटबॉलर्स का दिमाग; हेडर मारने से सिकुड़ा ब्रेन:स्टडी में खुलासा, आम लोगों की तुलना में डिप्रेशन-एंग्जायटी की आशंका 25% ज्यादा

फुटबॉल खेलना न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहतरीन माना जाता है। लेकिन, एक नई स्टडी ने इस खूबसूरत खेल से जुड़े एक डराने वाले सच को उजागर किया है। रिसर्च में यह बात सामने आई है कि पूर्व पेशेवर फुटबॉल खिलाड़ियों में अपनी मिड-लाइफ (30 से 60 वर्ष की आयु) में डिप्रेशन, एंग्जायटी (चिंता) और सोचने-समझने की क्षमता में कमी जैसी गंभीर समस्याएं आम लोगों की तुलना में कहीं ज्यादा पाई जाती हैं। इंपीरियल कॉलेज ऑफ लंदन द्वारा की गई इस अहम स्टडी के नतीजे हाल ही में अल्जाइमर एसोसिएशन इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में पेश किए गए। इस रिसर्च में 30 से 60 साल की उम्र के 124 पूर्व पेशेवर खिलाड़ियों के दिमाग का परीक्षण किया गया। इनमें मशहूर इंग्लिश प्रीमियर लीग, चैम्पियनशिप और विमंस सुपर लीग के पूर्व खिलाड़ी शामिल थे। परीक्षण के नतीजों ने सबको चौंका दिया। 31 प्रतिशत पूर्व फुटबॉलरों में गंभीर डिप्रेशन के लक्षण पाए गए। यह आंकड़ा उन सामान्य वयस्कों की तुलना में 22 प्रतिशत अधिक है, जिन्होंने कभी भी ‘कॉन्टैक्ट स्पोर्ट्स’ नहीं खेला। वहीं, एंग्जायटी के मामले में भी 42 फीसदी पूर्व खिलाड़ियों में इसके गंभीर लक्षण दिखे, जबकि आम लोगों में यह आंकड़ा महज 25 फीसदी था। वैज्ञानिकों ने जब इन खिलाड़ियों के दिमाग की स्कैनिंग की, तो पाया कि उनके मस्तिष्क के कई महत्वपूर्ण हिस्सों में ‘ग्रे-मैटर’ का वॉल्यूम काफी कम हो गया था। मस्तिष्क का यह हिस्सा हमारी याददाश्त, ध्यान केंद्रित करने, सटीक निर्णय लेने और भावनाओं को नियंत्रित करने के लिए बेहद अहम होता है। खुद खिलाड़ियों ने भी स्वीकार किया कि उनकी सोचने-समझने और फैसले लेने की क्षमता गैर-फुटबॉलरों के मुकाबले कमजोर हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि हेडर के कारण होने वाली सिर की चोटें आगे चलकर ‘क्रॉनिक ट्रॉमैटिक एन्सेफैलोपैथी’ जैसी कई गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारियों का कारण बन सकती हैं। यह बीमारी याददाश्त जाने व मानसिक संतुलन बिगड़ने को जन्म देती है। ग्लासगो यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर विली स्टीवर्ट के अनुसार, पूर्व फुटबॉलरों में मस्तिष्क की गंभीर बीमारियों और डिमेंशिया का खतरा आम लोगों की तुलना में साढ़े तीन गुना अधिक होता है। गॉर्डन मैक्वीन और जेफ एस्टल जैसे दिग्गज खिलाड़ियों की मौत को भी सिर की इन्हीं चोटों और दिमागी बीमारी से जोड़कर देखा जा चुका है। कई देशों में बच्चों के हेडर करने पर लग रही पाबंदी इस खतरे को देखते हुए अब इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और उत्तरी आयरलैंड में बच्चों के फुटबॉल में हेडर करने को सीमित कर दिया गया है। पेशेवर खिलाड़ियों के लिए भी ट्रेनिंग के दौरान हेडर कम करने के सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही, साल 2023 में प्रभावित खिलाड़ियों और उनके परिवारों की मदद के लिए एक ‘ब्रेन हेल्थ फंड’ भी स्थापित किया गया है।

धोनी CSK के मेंटर बन सकते हैं:संजू सैमसन कप्तानी की रेस में सबसे आगे; कोच फ्लेमिंग ने टीम छोड़ी

महेंद्र सिंह धोनी चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के मेंटर बन सकते हैं। हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग के 18 साल बाद टीम छोड़ने के बाद फ्रेंचाइजी बड़े बदलाव की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक CSK मैनेजमेंट धोनी को मेंटर की जिम्मेदारी सौंपने पर विचार कर रहा है। हालांकि, इस पर अंतिम फैसला उनकी सहमति के बाद ही लिया जाएगा। अगर धोनी खिलाड़ी के तौर पर टीम से जुड़े रहना चाहते हैं, तो फ्रेंचाइजी उनके फैसले का सम्मान करेगी। पिछले सीजन घुटने की चोट के कारण वह एक भी मैच नहीं खेल पाए थे। साथ ही, टीम नए कप्तान की भी तलाश में है और संजू सैमसन इस रेस में सबसे आगे माने जा रहे हैं। आखिरी सीजन में ऋतुराज गायकवाड ने चेन्नई की कप्तानी की थी। IPL में 100 मैच जीतने वाले इकलौते कप्तान 45 साल के धोनी IPL में 100 मैच जीतने वाले एकमात्र कप्तान हैं। उन्होंने IPL में सबसे ज्यादा 226 मैचों में कप्तानी की है। इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर रोहित शर्मा हैं। उन्होंने 158 मैचों में कप्तानी की है। धोनी ने अपनी कप्तानी में CSK को 2023 में आखिरी बार चैंपियन बनाया था। उसी फाइनल में उन्होंने आखिरी बार कप्तानी भी की थी। धोनी अपनी कप्तानी में टीम को 133 मैचों में जीत दिला चुके हैं, जबकि 91 में टीम को हार मिली। धोनी की कप्तानी में भारत का प्रदर्शन… IPL में सबसे ज्यादा मैच धोनी के नाम IPL में सबसे ज्यादा मैच खेलने वालों में महेंद्र सिंह धोनी पहले पायदान पर हैं। वह अब तक 278 मैच खेल चुके हैं। धोनी ने चेन्नई सुपर किंग्स को पांच बार खिताब जिताया है। उन्होंने 38.30 की औसत से 5439 रन बनाए है। इस दौरान धोनी ने 24 अर्धशतक भी लगाया। उन्होंने विकेटकीपिंग में 47 स्टंपिंग और 158 कैच भी लपके हैं। कप्तान भी बदल सकता है CSK मैनेजमेंट टीम की कप्तानी में भी बदलाव पर विचार कर रहा है। सूत्रों के अनुसार संजू सैमसन इस भूमिका के सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। संजू पहले भी राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी करते हुए टीम को प्लेऑफ तक पहुंचा चुके हैं। खराब प्रदर्शन के बाद बदलाव का फैसला CSK का आखिरी IPL खिताब 2023 में आया था। इसके बाद टीम का प्रदर्शन लगातार गिरता गया। 2024 में टीम पांचवें स्थान पर रही, 2025 में आखिरी स्थान पर फिसल गई, जबकि 2026 सीजन में आठवें स्थान पर रहकर प्लेऑफ में भी जगह नहीं बना सकी। 18 साल बाद फ्लेमिंग का साथ खत्म सोमवार को CSK ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए स्टीफन फ्लेमिंग के साथ अलग होने की पुष्टि की। फ्लेमिंग 2009 से टीम के हेड कोच थे और उनकी कोचिंग में चेन्नई ने 5 IPL खिताब जीते। फ्रेंचाइजी ने कहा कि यह फैसला आपसी सहमति से लिया गया है। बदानी का नाम नए कोच में शामिल टीम मैनेजमेंट की बैठक में अगले 3-4 महीनों में होने वाले घरेलू टूर्नामेंट्स पर भी नजर रखने का फैसला किया गया है। चयनकर्ता इन टूर्नामेंट्स में खिलाड़ियों के प्रदर्शन का आकलन करेंगे। इसके बाद ही नए हेड कोच, कप्तान और टीम के अन्य बदलावों पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली कैपिटल्स के कोच हेमंग बदानी का नाम भी CSK के नए हेड कोच की रेस में शामिल है। ————————————————— लीग क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए…
महाराज ट्रॉफी फाइनल में द्रविड़ के बेटे का दोहरा प्रदर्शन, फिर भी टीम हारी राहुल द्रविड़ के बेटे समित द्रविड़ ने महाराजा ट्रॉफी के फाइनल मैच में दोहरा प्रदर्शन किया है। उन्होंने बेंगलुरु ब्लास्टर्स की ओर से 37 रन बनाए। साथ ही 4 विकेट भी झटके। हालांकि, ऑलराउंड प्रदर्शन के बावजूद वे अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके। पढ़ें पूरी खबर

महाराज ट्रॉफी फाइनल में द्रविड़ के बेटे का दोहरा प्रदर्शन:फिर भी टीम हारी, शिवमोगा योद्धा ने पहली बार खिताब जीता

राहुल द्रविड़ के बेटे समित द्रविड़ ने महाराजा ट्रॉफी के फाइनल मैच में दोहरा प्रदर्शन किया है। उन्होंने बेंगलुरु ब्लास्टर्स की ओर से 37 रन बनाए। साथ ही 4 विकेट भी झटके। हालांकि, ऑलराउंड प्रदर्शन के बावजूद वे अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके। बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में रविवार को खेले फाइनल को शिवमोगा योद्धा ने 4 विकेट से जीत लिया। उसके कप्तान लुवनिथ सिसोदिया ने 45 गेंदों पर 87 रन की मैच विनिंग पारी खेली। लुवनिथ प्लेयर ऑफ द फाइनल चुने गए। जबकि, अभिलाष शेट्‌टी प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे। शेट्‌टी ने 18 विकेट झटके। द्रविड़-हेगड़े में फिफ्टी पार्टनरशिप, ब्लास्टर्स 185/8 टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी बेंगलुरु ब्लास्टर्स ने 20 ओवर में 8 विकेट पर 185 रन बनाए। समित द्रविड़ ने 37 गेंदों पर 37 रन बनाए। उन्होंने कप्तान शुभांग हेगड़े (31 रन) के साथ चौथे विकेट के लिए 56 रन की साझेदारी की। सिसोदिया की कप्तानी पारी ने शिवमोगा को जिताया 186 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए शिवमोगा ने 19.4 ओवर में 6 विकेट पर 186 रन बनाकर मैच खत्म कर दिया। अंत में अनीश केवी 19 गेंदों में 38 रन बनाकर नाबाद लौटे और टीम को जीत दिलाई। कप्तान लुवनिथ सिसोदिया ने 9 चौके और 4 छक्कों की मदद से 87 रन बनाए। उन्होंने पहले नवीन एमजी के साथ 68 रन और फिर अनीश केवी के साथ सिर्फ 22 गेंदों में 53 रन जोड़कर मैच शिवमोगा के पक्ष में कर दिया। ——————————– राहुल द्रविड़ से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… द्रविड़ इंग्लैंड टेस्ट टीम के कोच बन सकते हैं, एंडी फ्लावर, फ्लिंटॉफ और लैंगर के नाम पर भी चर्चा टीम इंडिया के पूर्व कोच राहुल द्रविड़ इंग्लैंड की टेस्ट टीम के नए मुख्य कोच बनने की दौड़ में शामिल हैं। ब्रेंडन मैकुलम के पद छोड़ने के बाद ECB (इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड) पॉसिबल कैंडीडेट्स के नाम पर विचार कर रहा है, जिसमें द्रविड़ का नाम भी है। पढ़ें पूरी खबर

फुटबॉल वर्ल्डकप- सेमीफाइनल में 35 साल बाद सभी पूर्व चैंपियंस:अर्जेंटीना-इंग्लैंड की 40 साल पुरानी राइवलरी, एम्बाप्पे का फ्रांस यमाल के स्पेन से खेलेगा

फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल मुकाबले तय हो गए हैं। फुटबॉल की चार दिग्गज टीमें- अर्जेंटीना, इंग्लैंड, फ्रांस और स्पेन ने टॉप-4 में प्रवेश किया है। 1990 के बाद यह पहला मौका है, जब वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में सिर्फ पूर्व चैंपियन टीमें पहुंची हैं। एक खास बात और है, ये चारों टीमें फीफा रैंकिंग में टॉप-4 में शामिल हैं। ऐसा पहली बार हुआ है, जब रैंकिंग की टॉप-4 टीमों सेमीफाइनल में पहुंची हैं और खिताब से सिर्फ दो जीत दूर हैं।
मंगलवार को किलियन एम्बाप्पे की फ्रांस और लामिन यमाल के स्पेन आमने-सामने होंगे, जबकि बुधवार को लियोनेल मेसी की अर्जेंटीना और हैरी केन की इंग्लैंड के बीच मैच खेला जाएगा। अर्जेंटीना Vs इंग्लैंड पुरानी दुश्मनी, हैंड ऑफ गॉड, बेकहम रेडकार्ड जैसे विवाद अर्जेंटीना और इंग्लैंड की भिड़ंत सिर्फ फुटबॉल तक सीमित नहीं रही है। 1982 के फॉकलैंड युद्ध से लेकर वर्ल्ड कप के कई विवादित मुकाबलों तक दोनों देशों की राइवलरी काफी पुरानी है। 1986 वर्ल्ड कप में डिएगो माराडोना के चर्चित ‘हैंड ऑफ गॉड’ गोल की बदौलत अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को हराया था। 1998 में डेविड बेकहम को रेड कार्ड मिला और अर्जेंटीना ने पेनल्टी शूटआउट में जीत दर्ज की। 2002 में बेकहम ने पेनल्टी गोल कर इंग्लैंड को जीत दिलाई थी। अब मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन अर्जेंटीना लगातार दूसरा खिताब जीतने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगा। स्पेन Vs फ्रांस यूरो की हार का बदला लेने उतरेगा फ्रांस दूसरे सेमीफाइनल में फ्रांस और स्पेन की टक्कर होगी। दोनों टीमें 2 साल पहले यूरोपीय चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में भी भिड़ी थीं, जहां स्पेन ने 2-1 से जीत दर्ज की थी। फ्रांस के पास किलियन एमबाप्पे, माइकल ओलिसे और डिजिरे डुए जैसे स्टार खिलाड़ी हैं, जबकि स्पेन की उम्मीदें युवा स्टार लामिन यामाल और मिडफील्डर मिकेल मेरिनो पर टिकी होंगी। मेरिनो ने लगातार दो नॉकआउट मुकाबलों में निर्णायक गोल कर स्पेन को जीत दिलाई है। मेसी के पास इतिहास रचने का मौका 39 साल लियोनेल मेसी अपने करियर का आखिरी वर्ल्ड कप खेल रहे हैं। उनके नाम विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा 21 गोल हैं। अगर मेसी अर्जेंटीना को लगातार दूसरा वर्ल्ड कप दिलाने में सफल रहते हैं, तो वह डिएगो माराडोना के बराबर नहीं, बल्कि उनसे भी आगे निकल जाएंगे। अर्जेंटीना अगर खिताब जीतता है तो वह 1962 के बाद लगातार दो वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली टीम बनेगी। इससे पहले ब्राजील और इटली यह कारनामा कर चुके हैं। ————————————————- फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… नया स्टार- पेरू में 559 नवजातों के नाम हालेंड के नाम पर, 91 बच्चों का पूरा नाम ही ‘अर्लिंग हालेंड’ फुटबॉल का जुनून पूरी दुनिया के सिर चढ़कर बोल रहा है, लेकिन साउथ अमेरिकी देश पेरू में इसका एक अलग ही रंग देखने को मिल रहा है। नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर अर्लिंग हालेंड 2026 फुटबॉल वर्ल्ड कप में अपने शानदार प्रदर्शन से फैंस के दिलों पर राज कर रहे हैं। उनकी लोकप्रियता ऐसी है कि पेरू में माता-पिता अपने नवजात बच्चों का नाम हालेंड के नाम पर रख रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर

राहुल द्रविड़ बन सकते हैं इंग्लैंड टेस्ट टीम के कोच:एंडी फ्लावर, फ्लिंटॉफ और लैंगर के नाम पर भी चर्चा; मैकुलम को हटाया

टीम इंडिया के पूर्व कोच राहुल द्रविड़ इंग्लैंड की टेस्ट टीम के नए मुख्य कोच बनने की दौड़ में शामिल हैं। ब्रेंडन मैकुलम के पद छोड़ने के बाद ECB (इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड) पॉसिबल कैंडीडेट्स के नाम पर विचार कर रहा है, जिसमें द्रविड़ का नाम भी है। डेली टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार द्रविड़ उन चुनिंदा कैंडीडेट्स में शामिल हैं, जिन पर ECB विचार कर रहा है। इस लिस्ट में एंडी फ्लावर, एंड्रयू फ्लिंटॉफ और जस्टिन लैंगर जैसे नाम शामिल हैं। एक दिन पहले रविवार 12 जुलाई को ECB ने मैकुलम को टेस्ट कोच के पद हटाने की जानकारी दी।
द्रविड़ की कोचिंग स्ट्राइल बनी बड़ी ताकत द्रविड़ की प्लांड कोचिंग, खिलाड़ियों को विकसित करने की क्षमता और लंबे समय की सोच उन्हें इस पद के लिए मजबूत दावेदार बनाती है। 53 साल द्रविड़ के कार्यकाल में भारत ने 2024 टी-20 वर्ल्ड कप जीता था। टीम 2023 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भी पहुंची थी। भारत की अंडर-19 और ए टीम के साथ उनका काम भी काफी सराहा गया है। फुल-टाइम कोचिंग के इच्छुक नहीं हैं द्रविड़ रिपोर्ट में यह भी लिखा गया कि द्रविड़ फुलटाइम कोचिंग की जिम्मेदारी लेने के इच्छुक नहीं हैं। इंग्लैंड की टेस्ट टीम का कोच बनने पर उन्हें परिवार के साथ अधिक समय बिताने का मौका मिलेगा और टेस्ट क्रिकेट में योगदान देने का अवसर भी मिलेगा। इसलिए ECB कम से कम उनकी रुचि जरूर जानना चाहेगा। एंडी फ्लावर सबसे मजबूत दावेदार पूर्व जिम्बाब्वे कप्तान एंडी फ्लावर भी इस पद के प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। उनके कार्यकाल में इंग्लैंड ने तीन एशेज सीरीज जीती थीं। साथ ही टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 स्थान हासिल किया था।
फ्लावर ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को लगातार दो IPL खिताब दिलाए। रिचर्ड डॉसन, श्रीलंका के महान बल्लेबाज कुमार संगकारा और पाकिस्तान के मुख्य कोच माइक हेसन के नाम भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल बताए जा रहे हैं। ECB अगले साल होने वाली एशेज सीरीज को ध्यान में रखते हुए जल्द ही नए टेस्ट मुख्य कोच की नियुक्ति करना चाहता है। ————————————- इंग्लिश क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… इंग्लैंड ने बैजबॉल की शुरुआत करने वाले मैकुलम को हटाया बैजबॉल की शुरुआत करने वाले ब्रेंडन मैकुलम को इंग्लैंड के टेस्ट कोच पद से हटा दिया गया है। उनकी कोचिंग में इंग्लिश टीम को आखरी 9 में से 7 मैचों में हार मिली थी। रविवार को इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने बताया की एशेज से पहले टीम में बदलाव करने का सही समय है। हालांकि मैकुलम इंग्लैंड की व्हाइट बॉल कोच बने रहेंगे। पढ़ें पूरी खबर

सिनर ने लगातार दूसरी बार विंबलडन जीता:ज्वेरेव को चार सेट में हराया; युवराज सिंह, अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी मैच देखने पहुंचे

वर्ल्ड नंबर-1 टेनिस खिलाड़ी जैनिक सिनर ने विंबलडन 2026 का पुरुष एकल खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ 24 वर्षीय सिनर लगातार दूसरी बार विंबलडन चैंपियन बने। वे ओपन एरा में विंबलडन पुरुष एकल खिताब बचाने वाले इतिहास के सिर्फ 10वें खिलाड़ी बन गए। 24 साल के सिनर ने पहली बार फाइनल खेल रहे में जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव को 6-7(7), 7-6(2), 6-3, 6-4 से हराकर लगातार दूसरी बार ट्रॉफी जीती। यह मैच 3 घंटे 46 मिनट तक चला। इसी के साथ सिनर ने करियर का 100वां ग्रैंड स्लैम मैच जीतने की अचीवमेंट भी हासिल की। चैंपियन बनने पर सिनर को 36 लाख पाउंड (करीब ₹42 करोड़) की इनामी राशि भी मिली। वे एटीपी रैंकिंग में नंबर-1 बने रहेंगे। उनके और नए नंबर-2 बनने वाले ज्वेरेव के बीच 4,970 अंकों का अंतर रहेगा। यह 5वां ग्रैंड स्लैम टाइटल, इस साल पहला यह सिनर के करियर का 5वां ग्रैंड स्लैम और 2026 सीजन का पहला मेजर खिताब है। इससे पहले वे फ्रेंच ओपन के दूसरे दौर में जुआन मैनुअल सेरुंडोलो से हारकर बाहर हो गए थे। हालांकि, उन्होंने ग्रास कोर्ट पर शानदार वापसी की। सेमीफाइनल में नोवाक जोकोविच को सीधे सेटों में हराने के बाद फाइनल में भी उन्होंने दमदार प्रदर्शन किया। पहला सेट गंवाया, फिर शानदार वापसी फाइनल का पहला सेट टाई-ब्रेक तक पहुंचा, जहां ज्वेरेव ने बढ़त बना ली। फिर सिनर ने दूसरे सेट का टाई-ब्रेक जीतकर मुकाबले में बराबरी की। तीसरे और चौथे सेट में उन्होंने एक-एक बार ज्वेरेव की सर्विस तोड़ी और पूरे मैच में अपने खिलाफ मिले इकलौते ब्रेक प्वाइंट को भी बचा लिया। सिनर ने मुकाबले में 58 विनर्स लगाए और पहला चैंपियनशिप प्वाइंट भुनाते ही कोर्ट पर लेटकर जीत का जश्न मनाया। ज्वेरेव पर लगातार 10वीं जीत सिनर ने ज्वेरेव के खिलाफ लगातार 10वीं जीत दर्ज की। वहीं जर्मन खिलाड़ी का लगातार दूसरे ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुंचने के बावजूद दूसरा मेजर खिताब जीतने का सपना अधूरा रह गया। यह सिनर का 2026 सीजन का छठा एटीपी खिताब है। इससे पहले वह रोम मास्टर्स जीतकर करियर गोल्डन मास्टर्स पूरा कर चुके हैं। पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज, अभिषेक-वैभव मैच देखने पहुंचे भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह, मौजूदा टीम के ओपनर अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी फाइनल मैच देखने पहुंचे। वैभव ने अपने इंस्टा में विंबलडन फाइनल की फोटो साझा की। ———————————————— विंबलडन टेनिस चैंपियनशिप की यह खबर भी पढ़िए… 21 साल की लिंडा नोस्कोवा बनीं विंबलडन चैंपियन, कैरोलीना मुहोवा को 6-2, 5-7, 6-3 से हराया चेक रिपब्लिक की 21 साल की टेनिस खिलाड़ी लिंडा नोस्कोवा ने विंबलडन 2026 का विमेंस सिंगल्स खिताब अपने नाम कर लिया है। ऑल इंग्लैंड क्लब के सेंटर कोर्ट पर खेले गए फाइनल मुकाबले में अपने ही देश की कैरोलीना मुहोवा को 6-2, 5-7, 6-3 से शिकस्त दी। पढ़ें पूरी खबर