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इंग्लैंड ने बैजबॉल की शुरुआत करने वाले मैकुलम को हटाया:उनकी कोचिंग में आखिरी 9 में से 7 टेस्ट हारे; स्टोक्स भी संन्यास ले चुके

बैजबॉल की शुरुआत करने वाले ब्रेंडन मैकुलम को इंग्लैंड के टेस्ट कोच पद से हटा दिया गया है। उनकी कोचिंग में इंग्लिश टीम को आखरी 9 में से 7 मैचों में हार मिली थी। रविवार को इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने बताया की एशेज से पहले टीम में बदलाव करने का सही समय है। हालांकि मैकुलम इंग्लैंड की व्हाइट बॉल कोच बने रहेंगे। दो हफ्ते पहले ही न्यूजीलैंड से घर पर 2-1 से टेस्ट सीरीज हारने के बाद कप्तान बेन स्टोक्स ने अचानक इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। इसके साथ ही चार साल से चला आ रहा वह दौर खत्म हो गया, जिसे दुनिया “बैजबॉल” के नाम से जानती है। मैकुलम ने कहा- फैसले का सम्मान करता हूं मैकुलम ने अपने बयान में कहा, ‘मैंने टेस्ट टीम को कोच करना बेहद पसंद किया। जो हमने साथ मिलकर हासिल किया, उस पर मुझे गर्व है। यह पद छोड़ना दुखद है, लेकिन मैं फैसले का सम्मान करता हूं। अब मेरा पूरा फोकस वाइट-बॉल टीमों पर रहेगा।’ मैकुलम-स्टोक्स ने बदली इंग्लैंड की बैटिंग अप्रोच मैकुलम ने 2022 में स्टोक्स के कप्तान बनने के साथ ही टेस्ट कोच का पद संभाला था। शुरुआत उनकी शानदार रही, लेकिन अंत उतना ही निराशाजनकर रहा। उन्होंने शुरुआती 11 मैचों में 10 मुकाबले जीते, लेकिन आखिरी 9 टेस्ट में 7 में हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने अपनी कोचिंग में 27 मैच जीते, 20 में हार मिली और 2 मुकाबले ड्रॉ रहे। कमाल की बात है कि बतौर इंग्लैंड कोच मैकुलम का सफर उनकी होम टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ ही शुरु हुआ था। तब उन्होंने 3-0 से सीरीज जीती थी। अब न्यूजीलैंड के खिलाफ ही 2-1 की हार के बाद उन्हें टेस्ट कोचिंग से हटा दिया गया है। क्या है बैजबॉल? मैकुलम के कोच बनने से पहले इंग्लैंड पिछले 17 में से सिर्फ 1 टेस्ट मैच जीता था। उन्होंने सोचा कि खिलाड़ियों के मन से हार का डर निकालने के लिए नया तरीका अपनाया- अटैकिंग बल्लेबाजी। उन्होंने बताया कि चाहे स्कोर कुछ भी हो या पिच कैसी भी हो, अटैकिंग बल्लेबाजी करो। मैकुलम का निकनेम बैज था और इस सोच को बैजबॉल नाम दिया गया। इसका मकसद था टेस्ट क्रिकेट को रोमांचक बनाना, जो मैकुलम अपनी बैटिंग के दिनों में करते थे। बैजबॉल से बदला इंग्लैंड टेस्ट क्रिकेट जब इंग्लैंड के हार की वजह बनी बैजबॉल बिना कोच और कप्तान के इंग्लिश टेस्ट टीम न्यूजीलैंड सीरीज के दौरान स्टोक्स को नाइट क्लब विवाद के चलते दूसरे टेस्ट से बाहर बैठना पड़ा। ट्रेंट ब्रिज में सीरीज के आखिरी टेस्ट के बीच में ही उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया। इसके तीन हफ्ते के भीतर ही मैकुलम की भी विदाई हो गई। अब इंग्लैंड की टेस्ट टीम फिलहाल बिना कप्तान और बिना कोच के रह गई है। ECB ने नए टेस्ट हेड कोच की तलाश तुरंत शुरू करने की बात कही है। एंड्रयू फ्लिंटॉफ, रिचर्ड डॉसन, रयान कैंपबेल और जस्टिन लैंगर जैसे नाम उम्मीदवारों में शामिल बताए जा रहे हैं। कप्तानी के लिए हैरी ब्रूक सबसे आगे माने जा रहे हैं। अभी की मानें तो मैकुलम 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक वाइट-बॉल में टीम के कोच बने रहेंगे। क्या इंग्लैंड अब पुराने दौर में लौटेगा? बैजबॉल के दौर में इंग्लैंड के ग्राउंड्समैन तेज, फ्लैट और हाई-स्कोरिंग पिचें बनाते रहे हैं। इससे टीम अटैकिंग बल्लेबाजी करती थी। अब मैकुलम और स्टोक्स के जाने के बाद एशेज 2027 से पहले टीम सीमिंग ट्रैक वाली पिचें तैयार कर सकती हैं। इससे टीम के प्रैक्टिस का अंदाज भी बदलेगा। वहीं नए कोच और नए कप्तान पर भी निर्भर करता है कि वे टीम को किस बैटिंग अप्रोच के लिए तैयार करते हैं। ——————————– स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… दावा- इंग्लैंड दौरे के बाद भारत का कोचिंग स्टाफ बदलेगा:गंभीर के दो भरोसेमंद कोच हट सकते हैं, फील्डिंग कोच दिलीप पर भी दबाव इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ लगातार दो टी-20 सीरीज हारने के बाद भारतीय टीम के सपोर्ट स्टाफ में बदलाव हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट और बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्कल टीम से बाहर हो सकते हैं। दोनों का मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के बाद खत्म हो रहा है। पूरी खबर पढ़ें…

दावा- इंग्लैंड दौरे के बाद भारत का कोचिंग स्टाफ बदलेगा:गंभीर के दो भरोसेमंद कोच हट सकते हैं, फील्डिंग कोच दिलीप पर भी दबाव

इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ लगातार दो टी-20 सीरीज हारने के बाद भारतीय टीम के सपोर्ट स्टाफ में बदलाव हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट और बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्कल टीम से बाहर हो सकते हैं। दोनों का मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के बाद खत्म हो रहा है। लगातार खराब प्रदर्शन के बाद BCCI टीम और सपोर्ट स्टाफ का रिव्यू करेगा। टीम की खराब फील्डिंग भी बोर्ड की चिंता बढ़ा रही है। भारत ने आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर 10 से ज्यादा कैच छोड़े। ऐसे में फील्डिंग कोच टी. दिलीप को भी हटाया जा सकता है। पिछले साल उन्हें अभिषेक नायर के साथ टीम से बाहर किया गया था, लेकिन बाद में दोबारा जिम्मेदारी सौंपी गई थी। रयान लगातार ट्रैवल से खुश नहीं रिपोर्ट्स के मुताबिक, रयान टेन डोशेट पूरे साल भारतीय टीम के साथ लगातार यात्रा करने से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने अपनी यह बात BCCI के सामने भी रखी है। साथ ही उनके किसी IPL फ्रेंचाइजी से जुड़ने की चर्चा है। वहीं, मोर्ने मोर्कल भी दूसरे विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। बालाजी को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी अगर रेयान टेन डोशेट और मोर्ने मोर्कल सपोर्ट स्टाफ से बाहर होते हैं, तो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के नए फास्ट बॉलिंग कोच लक्ष्मीपति बालाजी को श्रीलंका दौरे पर भारतीय टीम के साथ भेजा जा सकता है। भारत अगस्त की शुरुआत में श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगा। वहीं, जुलाई के आखिर में जिम्बाब्वे दौरे पर होने वाली टी-20 सीरीज में वीवीएस लक्ष्मण CoE के कोचिंग स्टाफ के साथ टीम इंडिया की जिम्मेदारी संभालेंगे। गंभीर ने खुद चुने थे दोनों कोच रयान टेन डोशेट और मोर्ने मोर्कल को गौतम गंभीर ने जुलाई 2024 में हेड कोच बनने के बाद अपने सपोर्ट स्टाफ में शामिल किया था। इससे पहले बल्लेबाजी कोच अभिषेक नायर की जगह सितांशु कोटक को जिम्मेदारी दी जा चुकी है। अब इंग्लैंड दौरे के बाद गंभीर के सपोर्ट स्टाफ में एक और बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है। गंभीर ने बतौर कोच 2 ICC ट्रॉफी जीती गौतम गंभीर की कोचिंग में वनडे और टी-20 में भारत का प्रदर्शन शानदार, जबकि टेस्ट में निराशाजनक रहा है। वनडे में भारत ने 23 में से 16 मैच जीते और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 अपने नाम कीं। टी-20 में टीम ने 53 में 37 मैच जीते, एशिया कप 2025 और टी-20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीता। हालांकि, इसके बाद भारत पहली बार आयरलैंड (2-0) और इंग्लैंड (4-0) से टी-20 सीरीज हार गया। वहीं टेस्ट में भारत का रिकॉर्ड सबसे खराब रहा। टीम ने 18 में सिर्फ 6 टेस्ट जीते, जबकि न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका से घरेलू सीरीज गंवाई और 10 साल बाद बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी भी हार गई। 12 साल बाद इंग्लैंड ने भारत को हराया 2014 के बाद पहली बार इंग्लैंड ने भारत को टी-20 सीरीज में हराया। दोनों टीमों के बीच अब तक 10 सीरीज खेली गईं, जिनमें भारत ने 5 और इंग्लैंड ने 4 जीतीं। एक सीरीज ड्रॉ रही थी। पहली बार आयरलैंड से भी हारे इंग्लैंड से पहले आयरलैंड के खिलाफ भी 2 टी-20 मैचों की सीरीज में भारत को हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही भारतीय टीम को 2023 के बाद किसी टी-20 सीरीज में हार का सामना करना पड़ा था। 2023 में वेस्टइंडीज ने 3-2 से हराया था। —————————
भारत के इंग्लैंड दौरे की यह खबर भी पढ़िए… भारत 12 साल बाद इंग्लैंड से टी-20 सीरीज हारा, चौथा मैच 9 विकेट से गंवाया भारत 12 साल बाद इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज हार गया। ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड में खेले गए चौथे टी-20 में इंग्लैंड ने 159 रन का टारगेट सिर्फ 13.5 ओवर में एक विकेट खोकर हासिल कर लिया। इसी के साथ पांच मैचों की सीरीज में इंग्लैंड ने 3-0 की अजेय बढ़त बना ली। पढ़ें पूरी खबर

भारत लॉर्ड्स टेस्ट जीतने से 4 विकेट दूर:इंग्लैंड को 457 रन का टारगेट दिया, यस्तिका ने 113 रन की पारी खेली

लॉर्ड्स में खेले जा रहे एकमात्र महिला टेस्ट में भारत जीत से सिर्फ 4 विकेट दूर है। तीसरे दिन भारतीय टीम ने दूसरी पारी 341/7 पर घोषित कर इंग्लैंड को 457 रन का टारगेट दिया। जवाब में तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड ने 40 ओवर में 6 विकेट पर 130 रन बनाए। उसे जीत के लिए अभी 327 रन और चाहिए। भारत की दूसरी पारी में विकेटकीपर बल्लेबाज यस्तिका भाटिया ने 158 गेंदों पर 113 रन की पारी खेली। वह लॉर्ड्स के ऑनर्स बोर्ड पर नाम दर्ज कराने वाली पहली भारतीय महिला बल्लेबाज बनीं। स्मृति मंधाना ने 70 और ऋचा घोष ने नाबाद 50 रन बनाए। इंग्लैंड की ओर से सोफी एक्लेस्टोन ने 5 विकेट लिए। यस्तिका ने रचा इतिहास यस्तिका ने 145 गेंदों में अपना पहला टेस्ट शतक पूरा किया। वह लॉर्ड्स में टेस्ट शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। उन्होंने 158 गेंदों की पारी में 14 चौके लगाए। दूसरी पारी में उन्होंने स्मृति मंधाना के साथ 73 और दीप्ति शर्मा के साथ 52 रन की साझेदारी की। ऋचा की फिफ्टी, भारत ने घोषित की पारी यस्तिका के आउट होने के बाद ऋचा घोष ने 52 गेंदों पर नाबाद 50 रन बनाए। सायली सतघारे 18 रन बनाकर नाबाद रहीं। भारत ने 86.3 ओवर में 341/7 पर पारी घोषित कर दी और इंग्लैंड के सामने 457 रन का लक्ष्य रखा। इंग्लैंड की आधी टीम पवेलियन लौटी 457 रन का पीछा करते हुए इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही। टैमी ब्यूमोंट बिना खाता खोले आउट हुईं। माया बुशिएर (3), हीदर नाइट (8), नेट साइवर-ब्रंट (8), एलिस कैप्सी (11) और मैडी विलियर्स (8) भी सस्ते में पवेलियन लौट गईं। दिन का खेल खत्म होने तक एमी जोन्स 52 और सोफी एक्लेस्टोन 1 रन बनाकर नाबाद थीं। भारत के गेंदबाजों ने बनाया दबाव भारत की ओर से स्नेह राणा, क्रांति गौड़ और सायली सतघारे ने 2-2 विकेट लिए। तीनों गेंदबाजों ने लगातार विकेट लेकर इंग्लैंड को मैच से लगभग बाहर कर दिया।
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मैच की यह खबर भी पढ़ें…
लॉर्ड्स टेस्ट- भारत को 115 रन की बढ़त लॉर्ड्स में खेले जा रहे एकमात्र महिला टेस्ट के दूसरे दिन भारत ने मैच पर मजबूत पकड़ बना ली है। इंग्लैंड की पहली पारी सिर्फ 170 रन पर सिमट गई। पहली पारी के आधार पर टीम इंडिया को 115 रन की बढ़त मिली। टीम ने 285 रन बनाए थे। पढ़ें पूरी खबर…

स्पोर्ट्स अपडेट:हर्षित चोट के कारण इंग्लैंड वनडे और वरुण जिम्बाब्वे टी-20 सीरीज से बाहर, प्रिंस यादव और रवि बिश्नोई को मौका

भारतीय तेज गेंदबाज हर्षित राणा और स्पिनर वरुण चक्रवर्ती चोट के कारण आगामी सीरीज से बाहर हो गए हैं। हर्षित इंग्लैंड वनडे सीरीज का हिस्सा थे, जबकि वरुण को जिमबाब्वे टी-20 के लिए चुना गया था। हर्षित की जगह प्रिंस यादव वनडे स्क्वाड का हिस्सा होंगे। वहीं वरुण की जगह रवि बिश्नोई को मौका दिया गया है। दोनों चोटिल खिलाड़ी इलाज के लिए बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) जाएंगे। —————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… पहले वनडे- वेस्टइंडीज ने न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हराया:19 साल के विटैल लॉयस को डेब्यू मैच में 3 विकेट; होप-कार्टी में शतकीय साझेदारी वेस्टइंडीज ने पहले वनडे में न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हराया। टीम 5 मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे हो गई है। गयाना में शनिवार को कैरेबियाई टीम ने 268 रन का लक्ष्य 48.5 ओवर में 3 विकेट पर हासिल किया। केसी कर्टी ने 95 रन बनाए, जबकि कप्तान शाई होप 54 रन बनाकर नाबाद लौटे। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 131 रन की मैच विनिंग पार्टनरशिप की। पूरी खबर पढ़ें…

फीफा वर्ल्ड कप का नया स्टार:पेरू में 559 नवजातों के नाम हालेंड के नाम पर, 91 बच्चों का पूरा नाम ही ‘अर्लिंग हालेंड’

फुटबॉल का जुनून पूरी दुनिया के सिर चढ़कर बोल रहा है, लेकिन दक्षिण अमेरिकी देश पेरू में इसका एक अलग ही रंग देखने को मिल रहा है। नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर अर्लिंग हालेंड 2026 फुटबॉल वर्ल्ड कप में अपने शानदार प्रदर्शन से फैंस के दिलों पर राज कर रहे हैं। उनकी लोकप्रियता का आलम यह है कि पेरू में माता-पिता अपने नवजात बच्चों का नाम इस ‘गोल मशीन’ के नाम पर रख रहे हैं। पेरू की नेशनल आइडेंटिटी रजिस्ट्री के अनुसार, हाल ही में पैदा हुए सैकड़ों बच्चों का नाम इस 25 वर्षीय फुटबॉलर के नाम पर रखा गया है। 468 बच्चों का नाम या सरनेम ‘हालेंड’ रखा गया है। 91 नवजातों का पूरा नाम ‘अर्लिंग हालेंड’ दर्ज किया गया है। रजिस्ट्री के प्रवक्ता इवान टोरेस ने एक टीवी चैनल को बताया कि पेरू के लोग अक्सर फुटबॉल सितारों से प्रेरित होकर बच्चों के नाम रखते हैं। वर्ल्ड कप शुरू होने और नॉर्वे के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के बाद हालेंड के नाम पर बच्चों का नाम रखने का ग्राफ बढ़ा है। टोरेस ने कहा, ‘हालेंड अब पेरू के भी हैं।’ वर्ल्ड कप 2026 में हालेंड का जादू इस विश्व कप में नॉर्वे के इस खिलाड़ी का प्रदर्शन ऐतिहासिक रहा है। उन्होंने अब तक सिर्फ 4 मैचों में 7 गोल दागे हैं। ब्राजील के खिलाफ ऐतिहासिक जीत में उनके दो गोल की बदौलत नॉर्वे ने पहली बार क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई है। अन्य फुटबॉलर्स का भी रहा है जलवा पेरू में फुटबॉल सितारों के नाम पर बच्चों का नाम रखने का यह ट्रेंड नया नहीं है। संन्यास ले चुके ब्राजील के नेमार इसमें सबसे आगे हैं। फुटबॉलर- नाम नेमार- 33809 मेसी- 3402 यमाल- 1241 रोनाल्डो- 1185

आंध्र के अनंतपुर में खेल गरीबी से निकलने का जरिया:स्पोर्ट्स विलेज ने इंटरनेशनल खिलाड़ी दिए, 350 से ज्यादा प्लेयर्स को सरकारी नौकरियां मिलीं

आंध्र प्रदेश का अनंतपुर जिला अपनी भौगोलिक चुनौतियों, सूखी जमीन और लगातार पड़ने वाले सूखे के लिए जाना जाता है। यहां की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है, लेकिन अनियमित बारिश और सीमित संसाधनों के कारण लोगों की आय और जीवन स्तर हमेशा संघर्षपूर्ण रहा है। रोजगार के अन्य विकल्पों की कमी ने युवाओं और महिलाओं के लिए मुश्किलें और बढ़ा दी हैं, लेकिन इसी बंजर और चुनौतीपूर्ण माहौल के बीच ‘रूरल डेवलपमेंट ट्रस्ट’ (आरडीटी) पूरे ग्रामीण समाज की दिशा बदल रहा है। 1969 में विसेंट और ऐनी फेरर द्वारा स्थापित इस संस्था ने स्वास्थ्य और शिक्षा के साथ-साथ एक अनूठा प्रयोग किया—खेलों को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का हथियार बनाना। 70 के दशक में साधारण कबड्डी और क्रिकेट टूर्नामेंट से शुरू हुआ यह सफर, साल 2000 में ‘अनंतपुर स्पोर्ट्स एकेडमी’ (एएसए) की स्थापना के साथ एक बड़े आंदोलन में बदल गया। आज यह अकादमी ‘एक्सेस, एजुकेट और एम्पावर’ (पहुंच, शिक्षा और सशक्तिकरण) के सिद्धांत पर काम करते हुए तीन स्तरों पर संचालित होती है। सबसे पहले, सुदूर गांवों में फैले 100 से ज्यादा ग्रासरूट सेंटर्स से प्रतिभाओं को खोजा जाता है। इसके बाद उन्हें बेहतर ग्राउंड, लाइब्रेरी और कंप्यूटर जैसी सुविधाओं वाले 4 विशेष स्पोर्ट्स-एजुकेशन सेंटर्स तक लाया जाता है। जो खिलाड़ी बेहतरीन प्रदर्शन करते हैं, उन्हें ‘अनंतपुर स्पोर्ट्स विलेज’ (एएसवी) की एलीट रेजिडेंशियल एकेडमी में चुना जाता है। यहां उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और ट्रेनिंग का पूरा खर्च स्कॉलरशिप के जरिए उठाया जाता है। आर्चरी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, जूडो और टेनिस सहित कुल 10 खेलों में आज 16,400 से अधिक बच्चे हिस्सा ले रहे हैं। इस पहल की सबसे बड़ी कामयाबी गांवों में लड़कियों को लेकर सोच बदलना है। ‘रूरल गर्ल्स एथलेटिक्स मीट’ और गर्ल्स स्पोर्ट्स लीग जैसी कोशिशों के कारण आज खेल कार्यक्रमों में 59% हिस्सेदारी लड़कियों की है। इसके अलावा, स्पेशल ओलंपिक्स और व्हीलचेयर टेनिस के जरिए दिव्यांग और बौद्धिक रूप से कमजोर बच्चों को भी मुख्यधारा में शामिल किया जा रहा है। 1200 से अधिक युवाओं को कोचिंग और रेफरी की ट्रेनिंग दी गई है। लड़कियों के लिए फीमेल एथलीट लीडरशिप प्रोग्राम और बिजनेस वर्कशॉप चलाए जा रहे हैं। इस पूरी मेहनत का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। सालों में 2 लाख से ज्यादा ग्रामीण बच्चों को ट्रेनिंग मिल चुकी है, जिनमें से 2000 से अधिक बच्चे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके हैं। एम. जगदीश (सॉफ्टबॉल) और एम. अनुषा (फुटबॉल) जैसे खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का झंडा बुलंद किया है। सबसे बड़ी बात यह है कि 350 से ज्यादा युवाओं ने खेलों के दम पर रेलवे, सेना और शिक्षा जैसे सरकारी विभागों में नौकरी हासिल की है। संध्या डी., लोलिता मैरी और भवानी जैसे नाम आज अपने परिवारों के लिए आय का स्थायी जरिया बन चुके हैं। दशकों पहले शुरू हुए गांव के छोटे टूर्नामेंट आज इस बात का सशक्त प्रमाण हैं कि अगर ग्रामीण विकास में खेलों को सही तरीके से पिरोया जाए, तो वह न केवल एक व्यक्ति की जिंदगी संवारता है, बल्कि पूरे समाज को सशक्त और आत्मविश्वास से भर देता है।

पहले वनडे- वेस्टइंडीज ने न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हराया:19 साल के विटैल लॉयस को डेब्यू मैच में 3 विकेट; होप-कार्टी में शतकीय साझेदारी

वेस्टइंडीज ने पहले वनडे में न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हराया। टीम 5 मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे हो गई है। गयाना में शनिवार को कैरेबियाई टीम ने 268 रन का लक्ष्य 48.5 ओवर में 3 विकेट पर हासिल किया। केसी कर्टी ने 95 रन बनाए, जबकि कप्तान शाई होप 54 रन बनाकर नाबाद लौटे। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 131 रन की मैच विनिंग पार्टनरशिप की। इससे पहले टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने वाली न्यूजीलैंड टीम ने सभी विकेट खोकर 267 रन बनाए। 19 साल के डेब्यूटेंट लेफ्ट आर्म रिस्ट स्पिनर विटैल लॉयस ने अपने पहले ही इंटरनेशनल मैच में 3 विकेट झटके। लॉयस ने निकोल्स, चैपमैन और ब्रेसवेल को आउट किया न्यूजीलैंड की टीम 44वें ओवर में 4 विकेट पर 234 रन बनाकर बड़े स्कोर की ओर बढ़ रही थी, लेकिन विटैल लॉयस और अल्जारी जोसेफ ने आखिरी ओवरों में मैच पलट दिया। न्यूजीलैंड ने अंतिम 6 विकेट सिर्फ 33 रन के भीतर गंवा दिए। लॉयस ने हेनरी निकोल्स (37), मार्क चैपमैन और माइकल ब्रेसवेल को आउट किया, जबकि अल्जारी जोसेफ ने 41 रन देकर 4 विकेट लिए। कार्टी के हिट-विकेट पर हुआ विवाद वेस्टइंडीज की पारी के 34वें ओवर में कीसी कार्टी 64 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे। जैकब डफी की गेंद पर छक्का लगाने के बाद उनका बल्ला पीछे जाकर स्टंप्स से टकराया और बेल्स गिर गईं। न्यूजीलैंड ने हिट-विकेट की अपील की, लेकिन थर्ड अंपायर अहसान रजा ने रिप्ले देखने के बाद उन्हें नॉट आउट दिया। क्या कहता है नियम? एमसीसी के लॉ 35.2 (हिट-विकेट) के अनुसार अगर बल्लेबाज शॉट खेलने की प्रक्रिया पूरी कर चुका हो और उसके बाद बल्ला, शरीर या कपड़ा विकेट से टकराए, तो उसे हिट-विकेट आउट नहीं माना जाता। इसी नियम के तहत कार्टी को जीवनदान मिला। होप-कार्टी ने संभाली पारी शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद कीसी कार्टी और अकीम ऑगस्टे (28) ने पारी संभाली। इसके बाद कप्तान शाई होप ने कार्टी के साथ तीसरे विकेट के लिए 131 रन जोड़कर मैच न्यूजीलैंड की पहुंच से दूर कर दिया। कार्टी 95 रन बनाकर शतक से चूक गए। उन्होंने 5 चौके और 2 छक्के लगाए। रदरफोर्ड ने छक्के से दिलाई जीत कार्टी के आउट होने के बाद वेस्टइंडीज को अंतिम 30 गेंदों में 37 रन चाहिए थे। कप्तान होप ने लगातार बड़े शॉट लगाकर दबाव खत्म किया और 52 गेंद में अर्धशतक पूरा किया। आखिर में शेरफेन रदरफोर्ड ने लंबा छक्का लगाकर 7 गेंद शेष रहते टीम को जीत दिला दी। यह गयाना के इस मैदान पर सफलतापूर्वक हासिल किया गया दूसरा सबसे बड़ा लक्ष्य है। ———————————————–

अर्जेंटीना छठी बार फुटबॉल वर्ल्डकप सेमीफाइनल में:स्विट्जरलैंड को 3-1 से हराया, एक्स्ट्रा टाइम में 2 गोल दागे; अब इंग्लैंड से मुकाबला

डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना ने फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। उसने आखिरी क्वार्टर फाइनल में स्विट्जरलैंड को 3-1 से हराया। लियोनेल मेसी की टीम छठी बार वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंची है। कंसास सिटी स्टेडियम में अर्जेंटीना ने 10वें मिनट में बढ़त ले ली। मैक एलिस्टर ने मेसी के पास पर गोल किया। 67वें मिनट में डैन एनड्यॉय ने गोल कर स्विट्जरलैंड को 1-1 की बराबरी दिला दी। निर्धारित 90 मिनट तक यही स्कोर रहा। इंजरी टाइम में कोई गोल नहीं हुआ। मैच एक्स्ट्रा टाइम में गया। इसमें जूलियन अल्वारेज ने 112वें और एमी मार्टिनेज ने 121वें मिनट में गोल कर अर्जेंटीना को लगातार दूसरे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचा दिया। अब 15 जुलाई को उसका मुकाबला इंग्लैंड से होगा। सेमीफाइनल में अर्जेंटीना का 100% जीत का रिकॉर्ड मैच में खास 90 मिनट तक स्कोर बराबर, इंजरी टाइम गोल रहित रहा मैच के निर्धारित 90 मिनट तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर रहीं। रेफरी ने 8 मिनट का इंजरी टाइम दिया, लेकिन इसमें भी गोल नहीं आया। इंजरी टाइम के 8वें मिनट में स्विट्जरलैंड के गोलकीपर ग्रेगर कोबेल ने शानदार सेव किया। कोबेल ने कॉर्नर से लिसेंड्रो मार्टिनेज की किक को रोकने के लिए शानदार डाइव लगाई। उन्होंने गेंद को बहुत देर से देखा था। एम्बोलो को रेड कार्ड, मैदान पर रोने लगे 72वें मिनट में स्विट्जरलैंड के फॉरवर्ड ब्रील एम्बोलो को मैदान से बाहर भेज दिया गया। वीडियो रीव्यू से पता चला कि उन्होंने ऐसा दिखाने की कोशिश की थी कि वे किसी टैकलिंग की वजह से गिरे, जबकि ऐसा कुछ नहीं हुआ। डैन एनड्यॉय ने स्विट्जरलैंड को बराबरी दिलाई हाफ टाइम के बाद स्विस टीम ने डैन एनड्यॉय के गोल के दम पर बराबरी हासिल कर ली। टीम ने गोल करने के कई प्रयास किए। आखिरकार, रेड जर्सी की मेहनत रंग लाई। 67वें मिनट में डैन एनड्यॉय बाईं ओर से तेजी से आगे बढ़े और रिकार्डो रोड्रिग्ज के साथ पास का आदान-प्रदान किया और एमिलियानो मार्टिनेज को पछाड़ते हुए बेहद कंट्रोल गोल किया। मेसी के क्रॉस पर मैक एलिस्टर का गोल डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना ने मैच की शुरुआत में ही 1-0 की बढ़त ले ली। 10वें मिनट में एलिस मैक एलिस्टर ने लियोनेल मेसी के शानदार पास पर गोल दागा। अर्जेंटीना ने मौजूदा एडीशन में अपना सबसे तेज गोल किया है। मेसी ने पेनल्टी कॉर्नर पर पास दिया था। इस पर एलिस्टर ने हेडर लगाकर गोल दागा। मेसी ने 10वां गोल असिस्ट किया है, जबकि एलिस्टर ने लगातार दूसरे वर्ल्ड कप एडीशन में गोल स्कोर किया है। उन्होंने 2022 में पोलैंड के खिलाफ ग्रुप मैच में गोल किया था।
—————————————– फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर पढ़िए… इंग्लैंड फुटबॉल वर्ल्डकप के सेमीफाइनल में, नॉर्वे को 2-1 से हराया; बेलिंगहैम ने दो गोल दागे जूड बेलिंगहैम के दो गोल की बदौलत इंग्लैंड ने फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। उसने रविवार के पहले मुकाबले में नॉर्वे को एक्स्ट्रा टाइम में 2-1 से हराया। इंग्लैंड 2018 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप के अंतिम-4 में पहुंचा है। पढ़ें पूरी खबर

21 साल की लिंडा नोस्कोवा बनीं विंबलडन चैंपियन:कैरोलीना मुहोवा को 6-2, 5-7, 6-3 से हराया; करियर की बेस्ट रैंकिंग 7 पर पहुंचेंगी

चेक रिपब्लिक की 21 साल की टेनिस खिलाड़ी लिंडा नोस्कोवा ने विंबलडन 2026 का विमेंस सिंगल्स खिताब अपने नाम कर लिया है। ऑल इंग्लैंड क्लब के सेंटर कोर्ट पर खेले गए फाइनल मुकाबले में नौवीं सीड नोस्कोवा ने अपनी ही हमवतन और पेरिस ओलिंपिक की डबल्स पार्टनर कैरोलीना मुहोवा को 6-2, 5-7, 6-3 से शिकस्त दी। विंबलडन के इतिहास में यह पहली बार था जब दो चेक खिलाड़ियों के बीच फाइनल मैच खेला गया। इस जीत के साथ ही नोस्कोवा को करीब 38.5 करोड़ रुपए (£3.6 मिलियन) की इनामी राशि मिली और वे अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ 7वीं रैंकिंग पर पहुंच जाएंगी। 4 साल में तीसरी चेक चैंपियन बनीं लिंडा नोस्कोवा लिंडा नोस्कोवा पिछले चार सालों में विंबलडन महिला सिंगल्स का खिताब जीतने वाली तीसरी चेक खिलाड़ी बन गई हैं। इससे पहले मार्केटा वोंद्रोसोवा ने 2023 और बारबोरा क्रेजिकोवा ने 2024 में यह खिताब जीता था।

मैच पॉइंट गंवाने के बाद कांपने लगी थीं नोस्कोवा
मैच के दौरान एक समय ऐसा आया जब नोस्कोवा आसानी से जीत की तरफ बढ़ रही थीं। वे दूसरे सेट में 6-2, 5-2 से आगे थीं। इसके बाद 10वीं सीड मुहोवा ने जोरदार वापसी की और लगातार 5 गेम जीतकर दूसरा सेट 7-5 से अपने नाम कर लिया। इस दौरान दबाव में नोस्कोवा का बॉडी लैंग्वेज देखने लायक था। वे क्राउड के शोर से बचने के लिए कानों में उंगलियां डालती दिखीं और चेंजओवर के समय विंबलडन के तौलिये में अपना चेहरा छिपा लिया। हालांकि, तीसरे सेट में उन्होंने खुद को संभाला और जीत कर इतिहास रच दिया।
आसमान की तरफ चूमा हाथ: दो साल पहले विंबलडन से ठीक पहले मां को खोया था
जीत के बाद नोस्कोवा कोर्ट पर ही बैठ गईं और भावुक हो गईं। ट्रॉफी मिलने के बाद स्पीच के दौरान वे रो पड़ीं। उन्होंने आसमान की तरफ देखते हुए फ्लाइंग किस किया और अपनी दिवंगत मां को याद किया।
नोस्कोवा ने कहा,’दो साल पहले विंबलडन की शुरुआत से ठीक पहले मेरी मां इवाना का निधन हो गया था। मैं उनके बिना आज यहां नहीं होती। मैं अपने पिता को भी धन्यवाद देना चाहती हूं, जो मेरे लिए फ्लाइट का डर होने के बावजूद यहां मैच देखने आए।’ मुहोवा ने मजाकिया अंदाज में कहा- लिंडा मेरी ‘एक्स-फ्रेंड’ हैं
हार के बाद भावुक मुहोवा ने उपविजेता की ट्रॉफी लेते समय रोते हुए कहा,’शब्द ढूंढना मुश्किल है, लेकिन मैं अपनी ‘पूर्व दोस्त’ (एक्स-फ्रेंड) लिंडा से शुरुआत करूंगी। आपने जिस तरह से दबाव को संभाला और खेला, वह अविश्वसनीय था। आप इस जीत की हकदार हैं।’
उन्होंने आगे कहा,’मैं आगे भी लड़ती रहूंगी। मुझे यह ट्रॉफी चाहिए और उम्मीद है कि मैं फिर से फाइनल में पहुंचकर इसे जीतूंगी।” बता दें कि मुचोवा पिछले कुछ समय से कलाई की गंभीर चोट से जूझ रही थीं, जिसके कारण उन्हें एक समय सिंगल-हैंडेड बैकहैंड से खेलना पड़ा था। मैच पॉइंट बचाकर चैंपियन बनने वाली तीसरी खिलाड़ी: वीनस और सेरेना के क्लब में हुईं शामिल
नोस्कोवा इस पूरे टूर्नामेंट में कठिन परिस्थितियों से उबरकर आगे बढ़ी हैं। वे इस टूर्नामेंट के तीसरे दौर में रोमानिया की सोराना सिर्स्टिया के खिलाफ मैच पॉइंट से पिछड़ रही थीं, लेकिन वहां से वापसी कर उन्होंने मैच जीता। विंबलडन के इतिहास में मैच पॉइंट बचाकर खिताब जीतने वाली वे केवल तीसरी महिला खिलाड़ी हैं। उनसे पहले यह कारनामा वीनस विलियम्स (2005) और सेरेना विलियम्स (2009) ही कर सकी थीं। ————————————- जोकोविच विंबलडन सेमीफाइनल हारे, 25वां ग्रैंडस्लैम जीतने का सपना टूटा:15 साल छोटे सिनर ने सीधे सेटों में हराया, तेंदुलकर-गिल रोजर फेडरर से मिले 39 साल के दिग्गज टेनिस स्टार नोवाक जोकोविच का 25वां ग्रैंड स्लैट जीतने का सपना एक बार फिर टूट गया है। वे विंबलडन टेनिस चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में खुद से 15 साल छोटे 24 साल के जैनिक सिनर से सीधे सेटों में हार गए। सर्बिया के जोकोविच ने पिछला ग्रैंड स्लैम 3 साल पहले 2023 में जीता था। तब वे यूएस ओपन में चैंपियन बने थे। पूरी खबर

इंग्लैंड फुटबॉल वर्ल्डकप के सेमीफाइनल में:नॉर्वे को क्वार्टर फाइनल में 2-1 से हराया, बेलिंगहैम ने दो गोल दागे

जूड बेलिंगहैम के दो गोल की बदौलत इंग्लैंड ने फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। उसने रविवार के पहले मुकाबले में नॉर्वे को एक्स्ट्रा टाइम में 2-1 से हराया। इंग्लैंड 2018 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप के अंतिम-4 में पहुंचा है। मियामी स्टेडियम में खेला गया मुकाबला तय समय तक 1-1 की बराबरी पर रहा। उसके बाद रियल मैड्रिड के स्टार मिडफील्डर जूड बेलिंगहैम ने टीम के दोनों गोल किए। विजयी गोल एक्स्ट्रा टाइम के तीसरे मिनट में हराया। इंग्लैंड का सेमीफाइनल मैच अर्जेंटीना से 15 जुलाई को होगा। इंग्लैंड-नॉर्वे मैच में खास नॉर्वे ने शेल्डेरुप के गोल से बढ़त बनाई नॉर्वे ने 36वें मिनट में एंड्रियास शेल्डेरुप के गोल से बढ़त हासिल की। हालांकि, पहले हाफ के इंजरी टाइम में बेलिंगहैम ने नजदीक से गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया। इस गोल पर विवाद खड़ा हो गए। गोल से ठीक पहले गेंद के एरियल कैमरा केबल से टकराने की आशंका थी। ऐसी स्थिति में खेल रोककर ड्रॉप बॉल से दोबारा शुरुआत करना जरूरी है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बाद में FIFA ने इस गोल पर स्पष्टीकरण जारी किया। उसने बताया कि मैच बॉल में लगे सेंसर के डेटा के अनुसार गेंद हवा में रहते हुए ओवरहेड वायर से नहीं टकराई थी, इसलिए गोल वैध था। FIFA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘इंग्लैंड के गोल से पहले कनेक्टेड बॉल के सेंसर में ऐसा कोई संकेत नहीं मिला, जिससे यह साबित हो कि गेंद ओवरहेड वायर से टकराई और उसकी दिशा बदली।’ नॉर्वे का दूसरा गोल रद्द हुआ हाफ टाइम के बाद 56वें मिनट में टॉरब्योर्न हेगम ने कॉर्नर के बाद रीबाउंड पर गोल कर नॉर्वे को फिर बढ़त दिलाई थी, लेकिन वीडियो रीव्यू में बॉक्स के अंदर एरलिंग हालैंड के फाउल की वजह से गोल रद्द कर दिया गया। इसके बाद हालैंड पूरे मैच में गोल नहीं कर सके। यह इस वर्ल्ड कप का पहला मैच रहा, जिसमें वे स्कोरशीट पर जगह नहीं बना पाए। अतिरिक्त समय के दूसरे हाफ में उन्हें बाहर बुला लिया गया। एक्स्ट्रा टाइम में बेलिंगहैम बने मैच विनर निर्धारित समय तक मुकाबला 1-1 से बराबर रहा। एक्स्ट्रा टाइम के तीसरे मिनट में बेलिंगहैम ने गोल कर इंग्लैंड को 2-1 की बढ़त दिलाई, जिसे टीम ने आखिर तक बरकरार रखा। वर्ल्ड कप में बेलिंगहैम और केन के 6-6 गोल बेलिंगहैम ने इस विश्व कप में अपने गोलों की संख्या छह कर ली है। इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन के भी छह गोल हैं। दोनों से आगे सिर्फ फ्रांस के किलियन एमबाप्पे और अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी हैं, जिनके नाम 8-8 गोल हैं। —————————————— फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… अर्जेंटीना छठी बार फुटबॉल वर्ल्डकप सेमीफाइनल में, स्विट्जरलैंड को 3-1 से हराया डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना ने फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। उसने आखिरी क्वार्टर फाइनल मुकाबले में अर्जेंटीना को 2-1 से हराया। लियोनेल मेसी की टीम ने छठी बार वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में प्रवेश किया है। पढ़ें पूरी खबर