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हाईकोर्ट ने रद्द की फांसी की सजा:हाईकोर्ट ने कहा- सबूतों की सीरीज अधूरी रही; जांच एजेंसी पर भी उठाए सवाल

राजस्थान हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में निचली अदालत द्वारा सुनाई गई फांसी की सजा को रद्द करते हुए आरोपी को बरी कर दिया है। न्यायमूर्ति विनीत कुमार माथुर और न्यायमूर्ति चंद्रशेखर शर्मा की खंडपीठ ने उदयपुर जिले के घासा थाना क्षेत्र के इस बहुचर्चित हत्या प्रकरण में फैसला सुनाते हुए आरोपी प्रेमलाल को बरी करने के आदेश दिए। खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा- परिवादी आरोपी के खिलाफ परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की पूरी और विश्वसनीय श्रृंखला स्थापित नहीं कर सका। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब साक्ष्यों की कड़ी अधूरी हो, तो ऐसे में संदेह का लाभ आरोपी को दिया जाना पूरी तरह से न्यायोचित है। इसी आधार पर कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए आरोपी को तुरंत रिहा करने के आदेश दिए। फांसी की सजा की पुष्टि के लिए भेजा गया ‘डेथ रेफरेंस’ खारिज हाईकोर्ट ने मावली की सेशन कोर्ट द्वारा सुनाई गई मृत्युदंड की सजा और दोषसिद्धि को पूरी तरह निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही, फांसी की सजा की पुष्टि के लिए हाईकोर्ट भेजे गए ‘डेथ रेफरेंस’ को भी खारिज कर दिया गया। अपीलार्थी (आरोपी) की ओर से पैरवी करते हुए वकील गौरव सिंह ने अदालत में कई महत्वपूर्ण दलीलें पेश कीं। इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा- पूरा मामला केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित था, लेकिन अभियोजन पक्ष ‘लास्ट सीन टुगेदर’ (घटना से ठीक पहले साथ देखे जाने) के सिद्धांत को विश्वसनीय ढंग से साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहा। गवाहों के बयानों में विरोधाभास और सबूतों में कमी खंडपीठ ने मामले की जांच करने वाली एजेंसी की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। कोर्ट ने पाया कि जिन गवाहों के बयानों को ‘लास्ट सीन टुगेदर’ का आधार बनाया गया था, उनके बयान घटना के काफी समय बाद दर्ज किए गए थे और उनमें कई बड़े विरोधाभास थे, जिससे उनकी विश्वसनीयता खत्म हो गई। इसके अलावा, जांच के दौरान किसी भी स्वतंत्र गवाह को शामिल नहीं किया गया, बरामदगी की प्रक्रिया में गंभीर कमियाँ थीं और इलेक्ट्रॉनिक व वैज्ञानिक साक्ष्यों की जाँच भी संतोषजनक नहीं थी। यहां तक कि मेडिकल और डीएनए (DNA) रिपोर्ट भी आरोपी की संलिप्तता को निर्णायक रूप से साबित नहीं कर सकीं। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों में हर कड़ी का साबित होना ज़रूरी हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के स्थापित कानूनी सिद्धांतों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि परिस्थितिजन्य साक्ष्यों वाले मामलों में न्याय का नियम है कि अपराध की हर एक कड़ी संदेह से परे साबित होनी चाहिए। चूंकि इस मामले में साक्ष्यों की श्रृंखला अधूरी और कमजोर रही, इसलिए आरोपी को संदेह का लाभ मिलना ही चाहिए। इसी आधार पर कोर्ट ने आरोपी प्रेमलाल को बरी करते हुए निर्देश दिया कि यदि वह किसी अन्य मामले में वांछित नहीं है, तो उसे तत्काल जेल से रिहा किया जाए।

कार की टक्कर से पिता की मौत, बेटा गंभीर घायल:बाइक पर रिश्तेदार के घर जा रहे थे, बाड़मेर के देरासर में हुआ हादसा

बाड़मेर में बाइक पर रिश्तेदार के घर जा रहे पिता- पुत्र को कार ने टक्कर मार दी। हादसे में पिता की मौत हो गई। जबकि बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका जिला हॉस्पिटल में इलाज जारी है। घटना बाड़मेर जिले के ग्रामीण थाना इलाके देरासर गांव के पास शाम करीब साढ़े सात बजे की है। फिलहाल पुलिस ने मृतक के शव को जिला हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। बाइक व क्षतिग्रस्त वाहन को जब्त कर लिया है। बेटे ने हेलमेट पहना हुआ था, जिससे वह बच गया। ग्रामीण थानाधिकारी जसवंतसिंह राजपुरोहित ने बताया कि बोथिया जागीर निवासी ताराराम (60) अपने बेटे कानाराम (25) के साथ बाइक पर हाथमा गांव में अपने रिश्तेदार के घर जा रहे थे। देरासर गांव के पास सामने से आ रही स्विफ्ट कार ने बाइक को टक्कर मार दी। भीषण टक्कर के कारण बुजुर्ग ताराराम करीब 30 फीट दूर खेत में जाकर गिरे। जबकि कार के आगे एक टायर निकलकर सड़क पर गिर गया, जिससे वह देरासर की तरफ घूम गई। आसपास के लोगों ने मौके पर पहुंचकर घायल कानाराम को प्राइवेट गाड़ी से बाड़मेर हॉस्पिटल पहुंचाया। घायल बेटे की गंभीर हालत को देखते हुए जोधपुर रेफर कर दिया गया है। वहीं मृतक के शव को हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है।

विदेश भेजने के नाम पर 3 फर्जी कॉलसेंटरों पर छापे:मॉल में खोल रखे थे ऑफिस, फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर-फर्जी वीजा देते; 22 युवक-युवतियां हिरासत में

जयपुर में विदेश भेजने और नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने के 3 कॉल सेंटर मिले। साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत CST और एनडीपीएस यूनिट ने बुधवार को यह कार्रवाई की। टीम ने महेश नगर और जालूपुरा थाना क्षेत्र में संचालित तीन फर्जी कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई के दौरान 22 युवक-युवतियां काम करते हुए मिले। जिन्हें कार्रवाई के लिए संबंधित थानों के सुपुर्द कर दिया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया- ये गिरोह अखबारों और सोशल मीडिया पर विदेश में नौकरी दिलाने के विज्ञापन जारी कर लोगों को फंसाते थे। इसके बाद विदेश भेजने और जॉब दिलाने का झांसा देकर विभिन्न बैंक खातों में रकम जमा करवाते थे। स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया- लोगों को विदेश भेजने का झांसा देकर ठगी की जा रही थी। करीब 10 दिन से पुलिस टीम इन पर निगरानी कर रही थी। इसके बाद इनके ठिकाने पर कार्रवाई की। ये पीड़ित को फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर-फर्जी वीजा देते थे। आरोपियों के खाते फ्रीज करवाए गए हैं। आरोपियों से पुलिस पूछताछ में कई खुलासे हो सकते हैं। मॉल में खोल रखा था ऑफिस पुलिस को सूचना मिली थी कि महेश नगर थाना क्षेत्र स्थित महिमा ट्रिनिटी मॉल की पांचवीं मंजिल पर ऑफिस नंबर-35 में विदेश भेजने और नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी की जा रही है। छापेमारी के दौरान कॉल सेंटर संचालक सारांश गोयल और उसका साथी समीर बंसल मौके पर मिले। यहां 10 युवतियां सहित कुल 12 लोग कार्य करते पाए गए। यहां भी की कार्रवाई इसके बाद टीम ने महेश नगर क्षेत्र स्थित ओके प्लस मॉल की छठी मंजिल पर ऑफिस नंबर-608 में छापा मारा। यहां पांच युवतियां कॉल सेंटर का संचालन करती मिलीं। वहीं जालूपुरा थाना क्षेत्र के गणपति प्लाजा में भी इसी प्रकार का फर्जी कॉल सेंटर संचालित होता मिला, जहां पांच युवतियां कार्यरत थीं। हालांकि ओके प्लस मॉल और गणपति प्लाजा स्थित कॉल सेंटरों के संचालक मौके पर नहीं मिले। लैपटॉप सहित 40 मोबाइल बरामद कार्रवाई के दौरान तीनों कॉल सेंटरों से एक लैपटॉप और करीब 40 मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस ने तीनों कॉल सेंटरों से 2 युवकों और 20 युवतियों को हिरासत में लेकर कार्रवाई के लिए संबंधित थाना महेश नगर और जालूपुरा पुलिस को सौंप दिया। पुलिस अब कॉल सेंटर संचालकों, बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और साइबर ठगी के नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।

IIT जोधपुर करेगा सूरज की रोशनी को स्टोर:स्मार्ट मैटेरियल कर रहे विकसित, सूरज की रोशनी को सुरक्षित रखकर किया जा सकेगा इस्तेमाल

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) जोधपुर के वैज्ञानिक सूरज की रोशनी से ऊर्जा स्टोर करने वाले स्मार्ट मैटेरियल विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण शोध कर रहे हैं। IIT जोधपुर के रसायन विज्ञान विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. मोनिका गुप्ता के नेतृत्व में शोधकर्ताओं की टीम ऐसे स्मार्ट मैटेरियल विकसित कर रही है, जो सूरज की दृश्य रोशनी (Visible Light) का प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें। यह शोध भविष्य में स्वच्छ ऊर्जा, स्मार्ट उपकरणों और ऊर्जा भंडारण (Energy Storage) के क्षेत्र में नई संभावनाएं खोल सकता है। वर्तमान में अधिकांश ऐसे मैटेरियल केवल पराबैंगनी (UV) किरणों पर काम करते हैं, जबकि सूर्य के प्रकाश का सबसे बड़ा हिस्सा दृश्य प्रकाश होता है। इसलिए इनका वास्तविक जीवन में उपयोग सीमित रह जाता है। IIT जोधपुर के वैज्ञानिक ऐसे मैटेरियल विकसित कर रहे हैं जो सीधे दृश्य प्रकाश में काम कर सकें, जिससे उनकी उपयोगिता और दक्षता दोनों बढ़ जाएगी। विशेष ऑर्गेनिक मैटेरियल किए जा रहे तैयार यह शोध IIT जोधपुर की फंक्शनल ऑर्गेनिक मैटेरियल्स प्रयोगशाला में किया जा रहा है। वैज्ञानिक ऐसे विशेष ऑर्गेनिक मैटेरियल तैयार कर रहे हैं, जो प्राकृतिक सूर्य प्रकाश के संपर्क में आने पर अपने गुण बदल सकें तथा सौर ऊर्जा को बेहतर तरीके से संग्रहित और उपयोग कर सकें। इस शोध की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक दृश्य प्रकाश से संचालित होने वाले मोलिक्यूलर फोटोस्विचेज (Molecular Photoswitches) का विकास है। ये बेहद छोटे अणु (मॉलिक्यूल) हैं, जो रोशनी मिलने पर अपनी संरचना बदल लेते हैं। पहले ऐसे मॉलिक्यूल केवल UV प्रकाश में ही सक्रिय होते थे, लेकिन IIT जोधपुर के वैज्ञानिक इन्हें इस तरह विकसित कर रहे हैं कि ये सामान्य सूर्य की रोशनी में भी प्रभावी ढंग से काम कर सकें। इससे ये अधिक टिकाऊ और व्यावहारिक बनेंगे। प्रकाश से संचालित मशीनों में हो सकेगा उपयोग
रिसर्चर इन मॉलिक्यूल्स को लिक्विड क्रिस्टल मैटेरियल्स के साथ भी जोड़ रहे हैं। सूर्य की रोशनी पड़ने पर ये मैटेरियल अपने प्रकाशीय (Optical) और यांत्रिक (Mechanical) गुणों में बदलाव लाते हैं। भविष्य में इनका उपयोग स्मार्ट विंडो, स्वयं परिस्थितियों के अनुसार बदलने वाले ऑप्टिकल उपकरण, प्रकाश से संचालित मशीनें, स्मार्ट कोटिंग, उन्नत फोटोनिक सिस्टम तथा नई पीढ़ी के ऊर्जा उपकरणों में किया जा सकता है। सूर्य ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा के रूप में सुरक्षित रखने पर शोध
शोध का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा मॉलिक्यूलर सोलर थर्मल फ्यूल्स (MOST) तकनीक है। इस तकनीक में सूर्य की ऊर्जा को सीधे उपयोग करने के बजाय उसे रासायनिक ऊर्जा के रूप में लंबे समय तक सुरक्षित रखा जाता है। बाद में जब आवश्यकता हो, तब यही ऊर्जा गर्मी के रूप में प्राप्त की जा सकती है। वैज्ञानिक इस तकनीक को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए ऐसे मैटेरियल विकसित कर रहे हैं, जो अधिक ऊर्जा संग्रहित कर सकें, लंबे समय तक उसे सुरक्षित रखें और आवश्यकता के अनुसार नियंत्रित तरीके से ऊर्जा वापस दें। इतना ही नहीं, ये अत्यधिक ठंडे वातावरण में भी प्रभावी ढंग से कार्य कर सकेंगे। इस शोध के सफल होने पर भविष्य में ऐसी स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों का विकास संभव होगा, जिनमें सूर्य की रोशनी उपलब्ध न होने पर भी पहले से संग्रहित ऊर्जा का उपयोग किया जा सकेगा। इससे नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) के उपयोग को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। इस शोध के बारे में रसायन विज्ञान विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. मोनिका गुप्ता ने कहा- प्रकृति हमें हर दिन भरपूर सूर्य प्रकाश देती है, लेकिन आज उपलब्ध अधिकांश मैटेरियल उसका पूरा उपयोग नहीं कर पाते क्योंकि वे केवल UV प्रकाश पर निर्भर हैं। हमारा प्रयास ऐसे स्मार्ट मैटेरियल विकसित करना है, जो सीधे दृश्य प्रकाश में काम करें और वास्तविक परिस्थितियों में सौर ऊर्जा को प्रभावी ढंग से संग्रहित एवं उपयोग कर सकें। भविष्य में ये तकनीक स्वच्छ ऊर्जा, स्मार्ट उपकरणों और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

भगवान जगन्नाथ के लिए नाथद्वारा से मंगवाए मुकुट और ड्रेस:श्रीनाथजी जैसा होगा शृंगार, पुरी से आया चावल-भात का प्रसाद और ध्वजा

जोधपुर शहर में गुरुवार को जगन्नाथ यात्रा निकाली जाएगी। इसके लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सुनारों की घाटी स्थित जगदीश मंदिर में विराजित भगवान जगन्नाथ के शृंगार के लिए नाथद्वारा से मुकुट और पोशाक मंगवाई गई है। साथ ही जगन्नाथपुरी से चावल-भात का प्रसाद और ध्वजा मंगवाई है। चावल-भात का ये प्रसाद गुरुवार को निकलने वाली रथयात्रा में भ​क्तों को बांटा जाएगा। 350 साल पुराना मंदिर, चंदन की लकड़ी से बनी है प्रतिमा मंदिर के पुजारी गौरव गौड़ ने बताया- ये मंदिर करीब 350 साल पुराना है। हमारे पूर्वज जगन्नाथ पुरी से इसे लेकर आए थे। उन्होंने बताया- प्रतिमा चंदन की लकड़ी से बनी है। रथयात्रा के लिए तै​यारियां पूरी हो चुकी हैं। सुबह 7 बजे यज्ञ होगा और इसके बाद नवनेत्र होंगे। इसके बाद एक प्राचीन रथ में छोटे जगन्नाथ भगवान को मंदिर में निकलेगा। इसके बाद शहर सुनारों की घाटी से घंटाघर और फिर दोबारा मंदिर तक रथयात्रा निकाली जाएगी। सुबह 121 किलो पंच मेवे का भोग भी लगेगा। फिर महाआरती के बाद इसका समापन होगा। अजमेर से मंगवाया सोने की चमक वाला रथ, श्रीनाथजी जैसा होगा शृंगार पुजारी गौरव गौड़ ने बताया- इस बार रथयात्रा के लिए रथ अजमेर से मंगाया है। ये रथ सोने जैसे रंग में रंगा है। साथ ही रथयात्रा में होने वाला शृंगार नाथद्वारा के श्रीनाथजी के स्वरूप जैसा होगा। इसके लिए पोशाक और मुकुट समेत अन्य शृंगार भी नाथद्वारा से मंगवाया गया है। इसके अलावा रथ को सजाने के लिए 200 किलो फूल कोलकाता से मंगवाए गए हैं। कल शहर में निकलेगी चार रथयात्रा

दौसा पहुंचे शिक्षा विभाग के अफसर, जर्जर-भवन गिराने के निर्देश:भंडाना और पालावास स्कूल का निरीक्षण, ACS बोले- बच्चों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता

शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव(ACS) राजेश यादव ने बुधवार को दौसा क्षेत्र के दौरे पर रहे। उन्होंने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भण्डाना और पालावास का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल भवनों की सुरक्षा, निर्माण गुणवत्ता, कक्षाओं और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेकर निर्देश दिए। एसीएस ने एक स्कूल की छत पर चढ़कर निरीक्षण किया। इससे पहले कलक्ट्रेट में शिक्षा अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर स्कूलों की सुरक्षा, शैक्षणिक गुणवत्ता और आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भवनों की गुणवत्ता जांच के लिए एनडीटी कराए बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जर्जर स्कूल भवनों को तत्काल ध्वस्त किया जाए, क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मत कर उन्हें सुरक्षित बनाया जाए और निर्माणाधीन भवनों की गुणवत्ता जांच के लिए नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्ट (एनडीटी) कराया जाए। यदि कोई भवन गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरता है तो उसका पुनर्निर्माण कराया जाएगा। प्राइवेट स्कूलों की डिजिटल मॉनिटरिंग करें एसीएस ने सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने, किसी भी बच्चे को स्कूल से बाहर नहीं रहने देने, शौचालयों की नियमित साफ-सफाई और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं हर समय उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि राजशाला संबलन ऐप के माध्यम से प्राइवेट स्कूलों की डिजिटल मॉनिटरिंग की जाए, जिससे शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रभावी मूल्यांकन हो सके। साथ ही ‘एसीएस एजुकेशन संपर्क फॉर्म’ के जरिए क्यूआर कोड स्कैन कर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सुविधा का भी अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए। इस दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

जयपुर में जगन्नाथ रथयात्रा को लेकर ट्रैफिक रूट में बदलाव:गोविंद देवजी मंदिर से निकलेगी यात्रा, जानिए कौन-कौन से रास्ते रहेंगे बंद

जयपुर में गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। रथयात्रा शाम 4:30 बजे श्री गोविंद देवजी मंदिर परिसर से रवाना होकर जलेबी चौक, हवामहल, बड़ी चौपड़, त्रिपोलिया बाजार, छोटी चौपड़ होते हुए आतिश मार्केट स्थित बृजनिधि मंदिर पहुंचेगी। रथयात्रा को लेकर जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने व्यापक यातायात व्यवस्था लागू की है। सुरक्षा और सुगम यातायात बनाए रखने के लिए कई प्रमुख मार्गों पर डायवर्जन रहेगा तथा कुछ मार्गों पर वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। जगन्नाथ सेवक समिति की ओर से यह यात्रा निकाली जाएगी। ट्रैफिक पुलिस ने आमजन से अपील की है कि रथयात्रा के दौरान भीड़भाड़ और असुविधा से बचने के लिए निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें, साथ ही ड्यूटी पर तैनात यातायात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें। इन रास्तों पर रहेगा डायवर्जन, बड़ी-छोटी चौपड़ की तरफ वाहनों की एंट्री बंद जलेबी चौक मार्ग बंद: रथयात्रा शुरू होने से पहले जलेबी चौक की ओर सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। बड़ी चौपड़ पर डायवर्जन: रथयात्रा के बड़ी चौपड़ पहुँचने तक सुभाष चौक, चार दरवाजा, रामगंज चौपड़ और त्रिपोलिया की ओर से आने वाले यातायात को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया जाएगा। त्रिपोलिया गेट मार्ग: रथयात्रा के त्रिपोलिया गेट पहुँचने से पहले न्यू गेट और छोटी चौपड़ की ओर से आने वाले वाहनों को भी अन्य मार्गों की तरफ डायवर्ट किया जाएगा। छोटी चौपड़ मार्ग: रथयात्रा के छोटी चौपड़ पहुँचने से पहले अजमेरी गेट, चौगान चौराहा और संजय सर्किल से छोटी चौपड़ की ओर किसी भी प्रकार का ट्रैफिक नहीं जाने दिया जाएगा। पार्किंग और भारी वाहनों पर प्रतिबंध नो-पार्किंग ज़ोन: शाम 4:00 बजे से हवामहल बाज़ार, जौहरी बाज़ार और त्रिपोलिया बाज़ार में सभी प्रकार के वाहनों की पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित (नो-पार्किंग) रहेगी। परकोटे में नो-एंट्री: शाम 4:00 बजे से ही घाटगेट, बड़ी चौपड़, रामगढ़ मोड़, सांगानेरी गेट, अजमेरी गेट, संजय सर्किल और गलता गेट से टेंपो, मिनी बस, सिटी बस और अन्य मध्यम श्रेणी के वाहनों का परकोटा क्षेत्र में प्रवेश बंद रहेगा। बसों के लिए वैकल्पिक मार्ग सांगानेरी गेट से आमेर जाने वाली बसें: सांगानेरी गेट से बड़ी चौपड़ होकर जाने वाली मिनी और सिटी बसों को घाटगेट, ट्रांसपोर्ट नगर, दिल्ली बायपास, धोबी घाट और रामगढ़ मोड़ होते हुए आमेर की ओर भेजा जाएगा। संजय सर्किल से रामगंज-आमेर जाने वाली बसें: संजय सर्किल से रामगंज और आमेर जाने वाली बसों का संचालन एमआई (MI) रोड, घाटगेट, ट्रांसपोर्ट नगर, दिल्ली बायपास, धोबी घाट और रामगढ़ मोड़ के रास्ते किया जाएगा।

चित्तौड़गढ़ में कॉन्स्टेबल ने मांगी रिश्वत, मामला दर्ज:दहेज के मामले में समझौता करवाने के लिए मांगे थे 10 हजार रुपए

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) चित्तौड़गढ़ ने भूपालसागर थाने में तैनात एक कॉन्स्टेबल के खिलाफ 10 हजार रुपए रिश्वत मांगने का मामला दर्ज किया गया है। एसीबी का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई के साथ लोगों को शिकायत करने के लिए भी लगातार जागरूक किया जा रहा है। भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहा विशेष अभियान एसीबी चित्तौड़गढ़ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोपाल स्वरूप मेवाड़ा ने बताया कि भूपालसागर थाने में तैनात कॉन्स्टेबल सुरेश विश्नोई के खिलाफ शिकायत मिली थी कि परिवादी के बेटे और परिवार के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज था, जिसकी जांच वही कर रहा था। आरोप है कि दोनों पक्षों में समझौता करवाने, थाने में दर्ज रिपोर्ट को खत्म करवाने और परिवार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने के बदले उसने 10 हजार रुपए रिश्वत की मांग की। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने नियमानुसार रिश्वत मांग का सत्यापन कराया। रकम की व्यवस्था नहीं होने से ट्रैप नहीं हो सका, फिर दर्ज हुआ केस जांच के दौरान परिवादी 10 हजार रुपए की व्यवस्था नहीं कर पाया। बाद में आरोपी कॉन्स्टेबल ने भी दोबारा रिश्वत लेने के लिए नहीं बुलाया। इसके बाद परिवादी की सूचना और सत्यापन के आधार पर एसीबी ने 13 जुलाई को कॉन्स्टेबल सुरेश विश्नोई के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया। अब इस मामले की आगे की जांच एसीबी की इंटेलिजेंस यूनिट, उदयपुर कर रही है। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में शिकायत मिलने पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी और लोगों से बिना किसी डर के शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है। एसीबी चित्तौड़गढ़ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि एसीबी के स्थापना दिवस के अवसर पर 12 से 18 जुलाई तक पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार विरोधी जागरूकता सप्ताह मनाया जा रहा है। इसके तहत सरकारी कार्यालयों में पोस्टर लगाए जा रहे हैं। साथ ही जिले में जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

एक साल से फरार 20 हजार का इनामी तस्कर गिरफ्तार:फर्जी नंबर प्लेट बनवाते हुए पकड़ा गया; जालोर के बागोड़ा में ANTF की कार्रवाई

राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने बुधवार को ‘ऑपरेशन टटपुंजिया 5.0’ के तहत फरार आरोपी को गिरफ्तार किया। टीम ने एक साल से फरार तस्कर हनुमानराम पुत्र भाखराराम विश्नोई (36), निवासी जोगाऊ, थाना झाब, जिला जालोर, को बागोड़ा क्षेत्र से गिरफ्तार किया। आरोपी पर जालोर पुलिस ने 20 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। जांच में सामने आया कि हनुमानराम ने बीए और बीएसटीसी की पढ़ाई के बाद सरकारी नौकरी की तैयारी की, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर उसने टेंट हाउस और पानी प्लांट का व्यवसाय शुरू किया। कम आमदनी होने पर वह तस्करों के संपर्क में आया और लालच में आकर डोडा-पोस्त व अफीम की सप्लाई करने लगा। बाद में वह मध्यप्रदेश से मादक पदार्थ लाकर जालोर जिले में सप्लाई करने लगा। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ साल 2023 से एनडीपीएस एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। फरारी के दौरान वह जैसलमेर, कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात में छिपकर रह रहा था। वह अपना मोबाइल बंद रखता था और बातचीत के लिए दूसरों के फोन का इस्तेमाल करता था, ताकि पुलिस की नजर से बच सके। फर्जी नंबर प्लेट बनवा रहा था, पकड़ा गया
ANTF को सूचना मिली थी कि आरोपी परिवार के साथ बालाजी मंदिर में प्रसादी कार्यक्रम में आने वाला है। टीम ने निगरानी की, लेकिन आरोपी वहां से निकल गया। पीछा करते हुए टीम बागोड़ा पहुंची, जहां वह एक दुकान पर फर्जी नंबर प्लेट बनवाता मिला। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आईजी विकास कुमार ने बताया कि राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।

नगर परिषद कर्मचारी के सुसाइड-मामले में तीसरे दिन बनी सहमति:आश्वासन के बाद माने परिजन, ASP बोले- आरोपी जल्द होंगे गिरफ्तार

बाड़मेर नगर परिषद कर्मचारी के फाइनेंसरों से परेशान होकर सुसाइड करने के मामले में तीसरे दिन बुधवार को मांगों पर आश्वासन के बाद सहमति बन गई। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है। धरना स्थल पर पहुंचे भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष स्वरूपसिंह खारा ने परिजनों और प्रशासन के बीच वार्ता करवाई। प्रशासन की ओर से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, अनुकम्पात्मक नियुक्ति, आर्थिक सहयोग के आश्वासन के बाद गतिरोध टूट गया। ट्रेन के आगे कूदकर दी थी जान जानकारी के अनुसार, सोमवार को जोधपुर से बाड़मेर आ रही पैसेंजर ट्रेन के आगे बापू कॉलोनी निवासी गौरीशंकर (39) पुत्र किशोरीलाल ने छलांग लगा दी। हादसे के बाद उनका शव रेलवे ट्रैक के पास बने नाले के कीचड़ में जा गिरा। घटना की सूचना मिलने पर ट्रेन को रोका गया, लेकिन शुरुआत में युवक का पता नहीं चल सका। इसके बाद जीआरपी और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची और सर्च अभियान चलाया। तलाश के दौरान नाले से शव बरामद किया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया था। परिजनों को थमाया था नोटिस धरने पर लोगों और पुलिस, प्रशासन से कई दौरे की वार्ताएं हुए लेकिन कुछ मांगों पर सहमति बनी लेकिन परिजन अपने मांगों पर अड़े रहे। बुधवार को एसडीएम यशार्थ शेखर, एएसपी नितेश आर्य और डीएसपी रमेश कुमार शर्मा ने परिजनों से वार्ता कर समझाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस की ओर से शव पोस्टमॉर्टम करवाकर उठाने का नोटिस भी दिया गया। दोपहर करीब 3 बजे बीजेपी के पूर्व जिलाध्यक्ष स्वरूपसिंह खारा समेत पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। परिजनों से वार्ता की गई। इन बातों पर बनी सहमति पुलिस ने धरने पर बैठे लोगों को आश्वस्त किया कि नामजद दो आरोपियों की जल्द ही गिरफ्तारी कर ली जाएगी। वहीं आर्थिक सहायता को लेकर प्रशासन ने नियमानुसार जो मदद मिलेगी उसको दिया जाएगा। स्वरूपसिंह खारा ने मृतक के तीने बच्चों को पढ़ाई की जिम्मेदारी ली है। इसके बाद परिजन पोस्टमॉर्टम करवाने और शव उठाने के लिए सहमत हो गए। स्वरूपसिंह खारा ने कहा- मृतक के परिवार को अनुकम्पात्मक नियुक्ति, एक सदस्य को संविदा पर नौकरी, नियमानुसार प्रशासनिक मदद का प्रशासन ने भरोसा दिलाया है। वहीं मैंने मेरी ओर से बच्चों को पढ़ते तक पूरा खर्चा उठाने का भरोसा दिलाया है। एएसपी नितेश आर्य ने बताया- पुलिस ने रिपोर्ट पर तुंरत दो नामजद समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली थी। पुलिस की टीमें पूरे मामले की जांच कर रही है। इन दो जनों के अलावा भी कोई आरोपी इस घटना में शामिल होगा तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। ———————————- इससे जुड़ी खबर पढ़ें… फाइनेंसरों से परेशान होकर किया सुसाइड, परिजन धरने पर बैठे:नगर परिषद कर्मचारी की मौत के बाद गिरफ्तारी की मांग, डीएसपी बोले- समझाइश जारी