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शिक्षा निदेशालय के आदेश का विरोध, सौंपा ज्ञापन:निजी स्कूल संचालक बोले- इंस्पेक्टर राज को मिलेगा बढ़ावा

जोधपुर में निजी स्कूल संचालकों ने राइट टू एजुकेशन (आरटीई) की बकाया राशि और शाला संबलन मोबाइल एप से आ रही समस्याओं के विरोध में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। समिति के सदस्यों ने दावा किया कि बुधवार को शहर की सभी निजी स्कूल बंद रही। गैर सरकारी विद्यालय बचाओ समिति के बैनर तले निजी स्कूल संचालक कलेक्ट्रेट में एकत्र हुए। आदेश के विरोध में नारेबाजी की। इसके बाद एडीएम को मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। समिति के सदस्य जोगेंद्र सिंह गौड़ ने बताया- शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार शाला संबलन मोबाइल एप के माध्यम से गैर-सरकारी वि‌द्यालयों का निरीक्षण, अवलोकन और विभिन्न बिंदुओं पर जांच किए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं। यह आदेश व्यवहारिक परिस्थितियों के अनुरूप नहीं है। इससे प्रदेश के हजारों गैर-सरकारी विद्यालयों में अनावश्यक भय, असमंजस और प्रशासनिक बोझ उत्पन्न होगी। गैर-सरकारी विद्यालयों को विभाग ‌की ओर से सभी आवश्यक मानकों, नियमों और अधिनियमों की जांच के बाद ही मान्यता प्रदान की जाती है। विद्यालयों की मान्यता के समय भवन, भूमि, आधारभूत सुविधाएं, स्टाफ, सुरक्षा सहित अन्य सभी आवश्यक मापदंडों का विस्तृत परीक्षण किया जाता है। ऐसे में पुनः उन्हीं विषयों पर बार-बार विस्तृत निरीक्षण और जांच करना न केवल अव्यवहारिक है बल्कि शिक्षा के मूल उद्देश्य से भी भटकाने वाला कदम है। इंस्पेक्टर राज को मिलेगा बढ़ावा उन्होंने कहा कि यह आदेश लागू होने से इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा मिलेगा, अनावश्यक हस्तक्षेप और भ्रष्टाचार की संभावनाएं बढ़ेगी। इससे विद्यालय संचालकों का समय विद्यार्थियों की शिक्षा, शिक्षण व्यवस्था एवं विद्यालय विकास के बजाय कागजी औपचारिकताओं एवं निरीक्षणों में व्यतीत होगा, जिसका प्रतिकूल प्रभाव शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ेगा। प्रशासनिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। इस प्रकार की अनावश्यक जांच एवं औपचारिकताओं में उन्हें उलझाना शिक्षा व्यवस्था के हित में नहीं है, बल्कि इससे छोटे वि‌द्यालयों का संचालन और अधिक कठिन हो जाएगा। भय का नहीं, विश्वास एवं संवाद का हो वातावरण गौड़ ने कहा- हमारा मानना है कि विभाग एवं गैर-सरकारी वि‌द्यालयों के मध्य सहयोग, विश्वास एवं संवाद का वातावरण होना चाहिए। न कि भय एवं अनावश्यक निरीक्षण का। यदि किसी विद्यालय के विरुद्ध कोई विशिष्ट एवं प्रमाणित शिकायत प्राप्त होती है तो उसकी नियमानुसार जांच की जा सकती है लेकिन सभी वि‌द्यालयों पर इस प्रकार का व्यापक निरीक्षण थोपना न्यायोचित एवं व्यवहारिक नहीं है। ज्ञापन में रखी ये मांग

द्वारिकाधीश मंदिर मे रथयात्रा उत्सव, आम का भोग लगाया:रथ पर विराजे प्रभु, देशभर से आए श्रद्धालु

राजसमंद में कांकरोली स्थित श्री द्वारकाधीश मंदिर में बुधवार को आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकम एवं पुष्य नक्षत्र के शुभ अवसर पर रथयात्रा उत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। तृतीय पीठ के युवराज गोस्वामी वैदांत कुमार महाराज ने रथयात्रा उत्सव की सेवा प्रभु को समर्पित की। सुबह श्रृंगार में प्रभु द्वारकाधीश को श्वेत एवं लाल परिधानों के साथ हीरा, पन्ना और माणक के आभूषण धराए गए। राजभोग के बाद पहले भोग के दर्शन में प्रभु अष्ट अश्वों से सुसज्जित रथ पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दिए। इस अवसर पर प्रभु को साढ़े चार क्विंटल आम का विशेष भोग अर्पित किया गया। चौथे भोग के दर्शन डोल तिवारी में रथ पर विराजित स्वरूप में हुए, जबकि शयन दर्शन में प्रभु तांगे में विराजे। शयन के समय मोगरे की कलियों से विशेष श्रृंगार किया गया और युवराज गोस्वामी वैदांत कुमार ने रथयात्रा उत्सव की आरती उतारी। इस दौरान बड़ी संख्या में वैष्णव श्रद्धालुओं ने दर्शन कर उत्सव का आनन्द लिया। आयोजन में गोस्वामी संजीव कुमार महाराज, मंदिर मुखिया, सहायक मुखिया, भीतरिया, कीर्तनकार एवं पखावज वादकों ने भी अपनी सेवाएं अर्पित कीं।

ट्रेलर ने बाइक सवार रिटायर्ड टीचर और पत्नी को कुचला,मौत:पति का सिर कटकर महिला के पास गिरा, पोटली में लेकर गए शव

अजमेर में तेज रफ्तार ट्रेलर ने बाइक सवार रिटायर्ड टीचर और उनकी पत्नी को कुचल दिया। ट्रेलर उन्हें करीब 50 फीट तक घसीटता ले गया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इस भीषण हादसे में पति का सिर धड़ से अलग होकर हेलमेट सहित पत्नी के शव के पास जाकर गिरा। मांस के टुकड़े सड़क पर बिखर गए। एक्सीडेंट गेगल थाना इलाके में अजमेर-नागौर बाईपास पर विश्राम स्थली तिराहे के पास बुधवार शाम 5 बजे हुआ। हादसे के बाद ड्राइवर ट्रेलर छोड़कर फरार हो गया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने क्षत-विक्षत शवों को समेटकर पोटली में जेएलएन हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में भिजवाया। पुलिस ने ट्रेलर को जब्त कर लिया है। मामला दर्ज कर ड्राइवर की तलाश की जा रही है। पहले देखिए, हादसे से जुड़ी PHOTOS… पत्नी की थेरेपी करवाकर लौट रहे थे रिटायर्ड टीचर गेगल थाने के ASI वीरेंद्र सिंह ने बताया- हादसे में भूडोल गांव निवासी प्रभुलाल (63) और उनकी पत्नी मैना देवी (60) की मौत हो गई। प्रभुलाल रिटायर्ड सरकारी टीचर थे। मैना देवी का ट्रीटमेंट चल रहा था। प्रभुलाल पत्नी को थेरेपी दिलाने के लिए अजमेर शहर लेकर आए थे। इलाज के बाद दोनों शाम को बाइक से गांव लौट रहे थे। इसी दौरान विश्राम स्थली तिराहे के पास पीछे से आए तेज रफ्तार ट्रेलर ने उन्हें टक्कर मार दी। 50 फीट तक घसीटता ले गया ट्रेलर प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेलर पति-पत्नी को बाइक सहित करीब 50 फीट तक घसीटता चला गया। दोनों की बॉडी बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गई और हाईवे पर दूर-दूर तक खून फैल गया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हादसे के वक्त पत्नी ने पति को पीछे से कसकर पकड़ रखा था। टक्कर लगते ही पति का सिर धड़ से अलग होकर पत्नी के शव के पास गिर गया। पति के शरीर का बाकी हिस्सा ट्रेलर के साथ काफी दूर तक घिसटता और कुचलता चला गया। हाईवे पर लगा जाम हादसे के बाद मौके पर राहगीरों और ग्रामीणों की भीड़ इकट्‌ठा हो गई। इससे हाईवे पर कुछ देर के लिए ट्रैफिक प्रभावित हुआ। पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से बैरिकेडिंग कर ट्रैफिक को नियंत्रित किया। पुलिस ने मौके से सबूत जुटाने के बाद सड़क को साफ करवाया। गुरुवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। — यह खबर भी पढ़िए.. आमेर घाटी में तेज रफ्तार बाइकों की आमने-सामने की भिड़ंत,VIDEO:दो युवक गंभीर घायल, दोनों का एसएमएस हॉस्पिटल में इलाज जारी जयपुर की आमेर घाटी में तेज रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार सुबह करीब 6:30 बजे दो तेज रफ्तार मोटरसाइकिलों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। पढ़ें पूरी खबर

चार दिन बाद ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल खत्म:परिवहन मुख्यालय में हुई बैठक के बाद बनी सहमति; विभाग ने 7 मांगों पर जारी किए आदेश

राजस्थान में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD), ई-डिटेक्शन चालान और परमिट को लेकर चल रही ट्रांसपोर्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल बुधवार को खत्म हो गई। परिवहन मुख्यालय में ट्रांसपोर्ट संगठनों और परिवहन विभाग के अधिकारियों के बीच हुई बैठक के बाद दोनों पक्षों में सहमति बनी। इसके बाद राजस्थान ट्रक ट्रांसपोर्ट संघर्ष समिति ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी। बैठक के बाद परिवहन विभाग ने ट्रांसपोर्टरों की मांगों पर कार्रवाई को लेकर लिखित आदेश जारी किए हैं। विभाग ने कहा- कुछ मांगों पर तत्काल निर्णय लिया गया है, जबकि बाकी मुद्दों के समाधान के लिए समिति बनाकर आगे कार्रवाई की जाएगी। VLTD को लेकर पहले ही जारी हो चुकी है नई SOP परिवहन विभाग ने बताया- 13 जुलाई को ही व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) को लेकर नई SOP जारी की गई थी। इसके तहत अधिकृत कंपनियों के जरिए वाहन मालिकों को डिवाइस उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है, ताकि पहले आ रही दिक्कतें दूर हो सकें। ई-डिटेक्शन चालानों के लिए बनेगी समिति विभाग ने ई-डिटेक्शन चालानों से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए विभागीय समिति गठित करने का फैसला लिया है। यह समिति ट्रांसपोर्टरों की शिकायतों और मांगों की जांच कर आगे की कार्रवाई के लिए सिफारिश करेगी। हर जिले में बढ़ेंगे फिटनेस सेंटर परिवहन विभाग ने बताया- वर्तमान में 40 ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन को अनुमति दी जा चुकी है। 43 नए केंद्रों को प्रारंभिक स्वीकृति मिल चुकी है। इनके शुरू होने के बाद लगभग हर जिला मुख्यालय पर वाहन फिटनेस की सुविधा उपलब्ध होगी। हर महीने होगी शिकायतों पर बैठक विभाग ने जिला परिवहन कार्यालय स्तर पर शिकायत निवारण व्यवस्था शुरू करने का फैसला लिया है। इसके तहत हर महीने के पहले सोमवार को वाहन मालिकों और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों के साथ बैठक होगी। जिला स्तर पर नहीं सुलझने वाली समस्याओं को परिवहन मुख्यालय भेजा जाएगा। वाहन मालिकों से दुर्व्यवहार पर होगी कार्रवाई बैठक में यह भी तय किया गया कि परिवहन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी वाहन मालिकों और ड्राइवरों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करेंगे। इस संबंध में परिवहन मुख्यालय की ओर से अलग से आदेश जारी किए जाएंगे। फिटनेस प्रक्रिया होगी आसान विभाग ने आदेश में कहा कि वाहन फिटनेस की प्रक्रिया को और आसान बनाया जाएगा, ताकि वाहन मालिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। विभाग ने स्पष्ट किया कि ट्रांसपोर्टरों की अन्य मांगों पर भी विभागीय समिति कानूनी पहलुओं का परीक्षण करेगी और उसकी सिफारिश के आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा। हड़ताल खत्म, परिवहन व्यवस्था होगी सामान्य बैठक में सहमति बनने के बाद राजस्थान ट्रक ट्रांसपोर्ट संघर्ष समिति ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी। हड़ताल खत्म होने के साथ ही प्रदेश में माल ढुलाई का काम धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद है। ट्रांसपोर्ट संगठनों ने कहा- विभाग ने उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक पहल की है और लिखित आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन वापस लिया गया है।

150 घरों के लोग बोले- पानी की बूंद को तरसे:सीकर के जगमालपुरा में लोग परेशान; जलदाय विभाग के ऑफिस में किया प्रदर्शन

सीकर के जगमालपुरा फाटक इलाके में लोग पीने के पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। जगमालपुरा के डालसिंह कॉलोनी के लोग बुधवार को जलदाय विभाग के ऑफिस पहुंचे। कॉलोनीवासियों ने जलदाय विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन देकर कहा- उस इलाके में शुरू से ही लोग पानी के परेशान हैं। पहले मंडी से पानी की सप्लाई हो जाती थी, लेकिन अब वो भी बंद हो गई है। कॉलोनीवासी ताराचंद ने बताया- जलदाय विभाग के पंप कर्मी से लेकर AEN, JEN और एक्सईएन तक शिकायत तक बार-बार शिकायत कर दी, लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा है। नगर परिषद के अधिकारियों को भी लिखित में दे दिया, लेकिन अधिकारियों ने बिना समाधान किए ही खानापूर्ति कर दी। जलदाय विभाग में ज्ञापन देकर 150 घरों की पीने के पानी की समस्या को दूर करने और नियमित सप्लाई की मांग की है। पीने के पानी के लिए टैंकर मंगवाना पड़ रहा डालसिंह कॉलोनी के प्रभुदयाल ने बताया- नहाने-धोने का पानी तो दूर पीने के पानी के लिए भी टैंकर डलवाने पड़ रहे हैं। सामान्य रूप से एक टैंकर पानी 500 रुपए तक आता था, लेकिन अब पानी की मांग बढ़ती देख एक टैंकर 800-1000 रुपए तक पड़ रहा है। पानी के लिए परेशान कॉलोनीवासियों को आर्थिक मार भी झेलनी पड़ रही है।

उपराष्ट्रपति बोले- विकसित राजस्थान बिना विकसित भारत नहीं बनेगा:बिरला ने कहा- सदन में हंगामा हो, मैं खड़ा नहीं होता, स्पीकर के चेहरे पर तनाव नहीं हो

जयपुर में उपराष्ट्रपति एसपी राधाकृष्णन ने कहा- विकसित राजस्थान के बिना विकसित भारत नहीं बन सकता है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को पाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने लक्ष्य दिया है। यह लक्ष्य पाने के लिए सशक्त संस्थाएं जरूरी हैं। संस्थाएं तब विकसित होती हैं, जब नेतृत्व मजबूत चरित्र वाला हो। विधायक विधानसभा की गरिमा बनाए रखने के लिए काम करें। उन्होंने कहा- राजनीति में काम करने वाले सेवा करना जारी रखें। तो सही समय पर पुरस्कार अपने आप मिल जाएगा। उपराष्ट्रपति जयपुर में बुधवार को राजस्थान विधानसभा में विधायी गौरव यात्रा के समापन समारोह में बोल रहे थे। वहीं कार्यक्रम में लोकसभाध्यक्ष ओम बिरला ने कहा- सदन में चाहे कितना तनाव हो, स्पीकर के चेहरे पर नहीं आना चाहिए। मैं जब स्पीकर बना तो लोकसभा में बार-बार सीट से उठकर ‘आसन पैरों पर है…’ कहना पड़ता था। तब एक सांसद ने सलाह दी कि स्पीकर का बार-बार सीट पर खड़े होना ठीक नहीं है, इससे गरिमा नहीं रहती। हर व्यक्ति कुछ न कुछ सिखा जाता है। अब संसद में चाहे कितना ही हंगामा हो, मैं खड़ा नहीं होता। विधायक सदन की चर्चाओं में भाग लें, बड़ा बदलाव ला सकते हैं उपराष्ट्रपति एसपी राधाकृष्णन ने कहा- चुनाव के समय जनता के मतों से जीतते हैं, लेकिन दिलों को तभी जीत सकते हैं, जब लोगों की भलाई के लिए काम करें। चुनाव जीतना अहम है, लेकिन उसे भी महत्वपूर्ण यह है कि आप जनता की सेवा कर रहे हैं या नहीं। मतभेद हो सकते हैं, लेकिन राजस्थान के विकास की भावना एक सूत्र में बांधे रखती है। लोकतंत्र राजनीतिक मतभेदों से बड़ा होता है।
उपराष्ट्रपति ने पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत, राजेश पायलट, पूर्व सीएम अशोक गहलोत और वसुंधरा राजे को याद करते हुए उनके साथ संसद में किए काम का जिक्र किया। उपराष्ट्रपति ने कहा- वाजपेयी सरकार के समय संसद की टैक्सटाइल समिति में खूब काम किया। उस समय दिए गए सुझावों को सरकार ने माना। इसमें टैक्सटाइल सेक्टर को पूरी तरह मॉडर्न करने का सुझाव दिया था। एक विधायक के रूप में जो काम मिला है, उसे जी-जान से करने में जुट जाएं। आप किसी पक्ष के हों। आप प्रश्नकाल, शून्यकाल और सदन की चर्चाओं में योगदान देते हैं तो बड़ा बदलाव आ सकता है। उपराष्ट्रपति ने कहा- विधायक राष्ट्र और संविधान को सर्वोपरि रखें। इतिहास महाराणा प्रताप को नहीं भूल सकता, चेतक को नहीं भुला सकता। आप निष्ठा से काम करेंगे तो नेता बनेंगे और समाज को दिशा देंगे। गीता में सीख है कि निष्ठा से कर्म करते रहिए। आप फल की चिंता नहीं करें। कठोर परिश्रम करने वाले को ईश्वर पुरस्कृत करता है। अगर कठोर परिश्रम करने वाले को पुरस्कृत नहीं करते तो वो ईश्वर नहीं हो सकते। बिरला बोले- सदन में चाहे कितना तनाव हो, स्पीकर के चेहरे पर नहीं आना चाहिए लोकसभाध्यक्ष ओम बिरला ने स्पीकर वासुदेव देवनानी पर चुटकी लेते हुए कहा- मैंने विधानसभा अध्यक्षजी को भी कहा कि सदन में अध्यक्ष सबका होता है। सदन में कितना ही तनाव हो, अध्यक्ष के आसन पर बैठे व्यक्ति के चेहरे पर नहीं दिखना चाहिए। इस पर वहां मौजूद विधायकों, ​पूर्व विधायकों ने जमकर ठहाके लगाए। बिरला ने कहा- कई बार सदन में उत्तेजना होती है। मुझे कुछ सदस्य सलाह देते हैं कि आपके चेहरे पर तनाव था, जो नहीं होना चाहिए था। इस तरह सीखते रहना चाहिए। मैं जब पहली बार संसदीय सचिव बना था, तब जनसुनवाई कर रहा था, लोग ज्यादा आ गए। मेरे एक कार्यकर्ता ने कहा- आज आपके चेहरे पर तनाव है। मैंने उस कार्यकर्ता की बात से सीख ली और आगे से ध्यान रखा कि चाहे कितनी भीड़ हो चेहरे पर तनाव नहीं दिखना चाहिए। हंगामा करने से कोई नेता नहीं बनता बिरला ने कहा- पहली बार जीतकर संसद गया तो लगा पांच साल का समय कैसे निकालेंगे। ​राजस्थान विधानसभा से ही संस्कार मिले हैं। इस विधायी पाठशाला से सीखा हुआ अनुभव काम आया। हंगामा करने से कोई नेता नहीं बनता। संसद-विधानसभा की डिबेट देखते हैं, उसमें क्या बोला है इतिहास में उसकी चर्चा होती है। संसद और विधानसभाओं में मुद्दे उठाने से ही नेता बनते हैं। हम ऐसा सिस्टम बना रहे हैं कि सभी विधानसभाओं के अंदर एक नाम डालने पर उसकी आज तक की डिबेट आ जाएगी। मैं न वकील रहा न एक्सपर्ट, सीखते-सीखते स्पीकर के तौर पर 7 साल निकाले ओम बिरला ने कहा- मैं न वकील रहा, न अनुभवी विशेषज्ञ रहा, लेकिन सीखता गया। आज सीखते-सीखते लोकसभा स्पीकर के तौर पर 7 साल निकल गए। आज कई वरिष्ठ विधायक हैं, जो लगातार विधनसभा में बैठते हैं, चर्चाओं में हिस्सा लेते हैं। संसद और विधानसभााओं में आजकल आए, भाषण दिया और चले गए, यह चल रहा है। जो जितना अध्ययन करेगा, उतना ही अच्छा भाषण देगा। आज भी लोग भैरोंसिंह शेखावत को याद करते हैं। उपराष्ट्रपति के तौर पर उन्हें दिल्ली में कई नेता याद करते हैं। देश-प्रदेश का नेता बनने का प्लेटफार्म हैं संसद और विधानसभा बिरला ने कहा- मंत्रियों से आग्रह रहता है कि हमेशा जो सवाल पूछा जाए, उतना ही उसका सटीक जवाब दें। देश और राज्य का नेता बनने का एक ही प्लेटफार्म है संसद और विधानसभा। नेता बनने की पाठशाला संसद और विधानसभा है। राज्यपाल बोले- सोशल मीडिया पर अश्लील कंटेंट को कंट्रोल करें, नहीं तो संस्कृति नहीं बचेगी राज्यपाल हरिभाउ बागडे ने कहा- सोशल मीडिया पर बहुत ही अश्लील सामग्री आ रही। है उसे नियंत्रण करने पर सोचना होगा। अगर कंट्रोल नहीं किया तो संस्कृति खतरे में आ जाएगी। भारत फिर विश्वगुरु कैसे बनेगा। भारत में लोकतंत्र काफी पहले से मौजूद था। पंडित नेहरू ने अपनी किताब में लिखा था कि मौर्य साम्राज्य के वक्त पाटलिपुत्र की नगरपालिका में आज की तरह समितियां बनाई जाती थीं। सीएम बोले- हमें विधानसभा की बैठकों की संख्या बढ़ानी चाहिए सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा- सदन की बैठकों की संख्या बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। हमें सदन की बैठकों की संख्या को बढ़ाना चाहिए। विधायक सदन में कितना समय लगा रहे हैं, वे अपना दायित्व कितना निभा रहे हैं। हम मतभेदों को भुलाकर जनहित में काम करेंगे, तभी लोगों को भला होगा और प्रदेश तरक्की करेगा। सीएम ने कहा- विधायकों को राजस्थान की दशा दिशा तय करने भूमिका तय ​करनी चाहिए। सदन में वरिष्ठ नेताओं विधायकों ने कई सुझाव दिए हैं। समय-समय पर सदन में दिए गए ऐसे सुझावों को एक जगह एकत्र कर प्रकाशित करना चाहिए। 100 साल के पूर्व विधायक पंडित रामकिशन सहित 26 मौजूदा-पूर्व विधायक सम्मानित समारोह में 100 साल के पूर्व विधायक पंडित रामकिशन शर्मा सहित 26 मौजूदा और पूर्व विधायकों को सम्मानित किया गया। पंजाब के राजयपाल गुलाबचंद कटारिया, स्पीकर वासुदेव देवनानी, पूर्व स्पीकर सीपी जोशी, दीपेंद्र सिंह शेखावत को भी सम्मानित कया गया। राव राजेंद्र सिंह, किरोड़ी लाल मीणा, घनश्याम तिवाड़ी, प्रद्युम्न सिंह, देवी सिंह भाटी, राजेंद्र राठौड़, मदन दिलावर, हेमाराम चौधरी, डॉ. बीडी कल्ला, महादेव सिंह खंडेला, परसराम मोरदिया, कालीचरण सराफ, परसादी लाल मीणा, दयाराम परमार, प्रताप सिंह सिंघवी, राजेंद्र पारीक, श्रवण कुमार, पुष्पेंद्र सिंह, फतेह सिंह, नारायण सिंह को सम्मानित किया गया।

प्रतापगढ़ पुलिस ने 3 महीने से फरार तस्कर पकड़ा:डेढ़ किलो से ज्यादा अफीम बरामद की थी, ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत कार्रवाई

प्रतापगढ़ में ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए देवगढ़ थाना पुलिस ने 1.546 किलो अफीम तस्करी मामले में तीन माह से फरार चल रहे वांछित आरोपी गोविन्दराम मीणा को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट के तहत की गई। पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की पुलिस के अनुसार, मामला 18 अप्रैल 2026 का है। उस दिन राणपुर फंटा पर नाकाबंदी के दौरान एक युवक बाइक पर आता दिखा। पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो वह वाहन छोड़कर भागने लगा, जिसे पीछा कर पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम दिलीप थोरी, निवासी भटोड़िया फतेहगढ़, थाना अरनोद बताया। बाइक से मिली डेढ़ किलो अफीम तलाशी के दौरान बाइक की सीट के नीचे और बैटरी बॉक्स से दो प्लास्टिक की थैलियों में रखी 1 किलो 546 ग्राम अवैध अफीम बरामद हुई। इसके बाद दिलीप थोरी को गिरफ्तार कर अफीम और मोटरसाइकिल जब्त की गई, और उसके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। तीन महीने से चल रहा था फरार इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने पहले ही दिलवर पुत्र गोपाल निवासी गंधेर और कालू उर्फ काला रेबारी निवासी जैतपुरा (जालौर) को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, इस प्रकरण में वांछित गोविन्दराम पुत्र लालूराम मीणा (48), निवासी फतेहगढ़, थाना अरनोद, पिछले तीन माह से फरार चल रहा था। जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेन्द्रसिंह जोधा के मार्गदर्शन में देवगढ़ थानाधिकारी नगजीराम उपनिरीक्षक के नेतृत्व में लगातार तलाश के बाद देवगढ़ पुलिस ने गोविन्दराम मीणा को गिरफ्तार किया। उसे न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

रिश्तेदार के मृत्युभोज में आया इनामी तस्कर गिरफ्तार:6 साल से फरार था, ANTF ने बस्सी के पास पकड़ा

6 साल से फरार 25 हजार रुपए का इनामी अफीम तस्कर आखिरकार चित्तौड़गढ़ में पकड़ा गया। मध्यप्रदेश का रहने वाला गोमाराम उर्फ गोविंद उर्फ गोमा(72) रिश्तेदार के मौसर (मृत्युभोज) में शामिल होने गंगरार आया था। राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) उसकी हर गतिविधि पर पहले से नजर रखे हुए थी। टीम ने प्रोग्राम खत्म होने तक इंतजार किया और जब वह स्कॉर्पियो से वापस लौटने लगा तो बस्सी के पास घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, गोमाराम पिछले कई सालों से राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच अफीम तस्करी का बड़ा नेटवर्क चला रहा था और हर महीने लाखों रुपए की कमाई कर रहा था। ऑपरेशन ‘खंगार’ में मिली बड़ी सफलता आईजी विकास कुमार ने बताया कि बालोतरा पुलिस की ओर से गोमाराम पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित था। वह साल 2020 से एक अफीम तस्करी के मामले में फरार चल रहा था और लगातार अपनी लोकेशन बदलकर पुलिस से बच रहा था। एएनटीएफ ने उसे पकड़ने के लिए ‘ऑपरेशन खंगार’ शुरू किया था। लंबे समय तक उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के बाद टीम को सूचना मिली कि वह चित्तौड़गढ़ जिले में अपने रिश्तेदार के यहां मौसर में शामिल होने आने वाला है। इसके बाद पुलिस ने पूरी योजना बनाकर कार्रवाई की और बस्सी के पास उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि वह राजस्थान में सक्रिय बड़े अफीम सप्लायरों में शामिल था और कई तस्करों को माल पहुंचाता था। खेती और भैंसों के कारोबार से तस्करी तक का सफर पुलिस जांच में सामने आया कि गोमाराम मूल रूप से मध्यप्रदेश के नीमच जिले का रहने वाला है और पढ़ा-लिखा नहीं है। पहले वह खेती करता था और भैंसों की खरीद-फरोख्त का काम भी करता था। गांव के जंगलों में भैंस चराने का काम भी करता था, लेकिन इससे परिवार का खर्च ठीक से नहीं चल पा रहा था। इसी दौरान उसके एक परिचित ने उसे अफीम तस्करी में उतरने की सलाह दी। शुरुआत में उसने दूसरे तस्करों के साथ मिलकर काम किया, लेकिन धीरे-धीरे उसने खुद का नेटवर्क तैयार कर लिया। इसके बाद उसने राजस्थान के कई तस्करों से संपर्क बनाए और अफीम की सप्लाई शुरू कर दी। देखते ही देखते वह राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच अवैध अफीम सप्लाई करने वाले बड़े नेटवर्क का हिस्सा बन गया। हर महीने लाखों की कमाई, तस्करी ही बना कमाई का जरिया पुलिस के अनुसार गोमाराम आसपास के किसानों से चोरी-छिपे करीब एक लाख रुपए प्रति किलो के हिसाब से अफीम खरीदता था। इसके बाद वही अफीम राजस्थान, खासकर मारवाड़ क्षेत्र के तस्करों को करीब 1.40 लाख रुपए प्रति किलो में बेच देता था। यानी हर किलो पर उसे करीब 40 हजार रुपए का फायदा होता था। पुलिस का दावा है कि उसके पास हर महीने पांच से छह बार तस्कर आते थे और हर बार चार से पांच किलो अफीम लेकर जाते थे। इस तरह वह महीने में करीब 25 से 30 किलो अफीम की सप्लाई करता था और लगभग 10 से 12 लाख रुपए तक कमा लेता था। पुलिस का कहना है कि तस्करी से हुई कमाई से उसने अच्छा पैसा बनाया और महंगी गाड़ियों में घूमने का भी शौक पूरा करता रहा। पहले भी कई मामलों में आया नाम, लेकिन हर बार बच निकला गोमाराम का नाम पहली बार साल 2019 में तब सामने आया, जब वह भैंसों का व्यापार करने के बहाने सिरोही गया था। पुलिस के अनुसार उस दौरान वह साथ में अफीम की सप्लाई भी करता था। सिरोही पुलिस ने उसके एक साथी तस्कर को गिरफ्तार किया तो पूछताछ में गोमाराम का नाम सामने आया। बाद में उसे जेल भी जाना पड़ा। इसके बाद साल 2020 में फिर उसका नाम एक बड़े मामले में सामने आया। मारवाड़ का एक तस्कर उससे दो किलो अफीम लेकर जा रहा था, जिसे बाड़मेर जिले के सिवाणा थाना पुलिस ने पकड़ लिया। पूछताछ में गोमाराम का नाम सामने आने पर उसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ, लेकिन तब तक वह फरार हो चुका था। पुलिस कई बार उसके गांव पहुंची, लेकिन वह हर बार बच निकलता था। फरारी में भी नहीं छोड़ा धंधा, आखिर मौसर में आकर फंस गया पुलिस के मुताबिक फरार रहने के दौरान भी गोमाराम ने तस्करी का धंधा नहीं छोड़ा। वह भैंसों की खरीद-फरोख्त के बहाने जालोर, बाड़मेर और दूसरे इलाकों में जाता था और इसी दौरान अफीम की सप्लाई भी करता था। पुलिस लंबे समय से उसके घर, रिश्तेदारों और आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखे हुए थी। जांच के दौरान टीम को पता चला कि उसके एक रिश्तेदार के यहां गंगरार क्षेत्र में मौसर का प्रोग्राम है और गोमाराम वहां जरूर आएगा। टीम पहले से मौके पर पहुंच गई और कार्यक्रम के दौरान उसे पकड़ने के बजाय बाहर निकलने का इंतजार करती रही, ताकि किसी तरह का हंगामा न हो। जैसे ही वह परिवार के साथ स्कॉर्पियो में बैठकर रवाना हुआ, बस्सी के पास पहले से घात लगाए बैठी एएनटीएफ टीम ने गाड़ी रुकवाया और बिना किसी मौके के उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि अब उससे पूछताछ कर उसके पूरे नेटवर्क, संपर्कों और तस्करी से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

निजी स्कूलों की होने वाली जांच रोकने की मांग:शिक्षा विभाग के मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

निजी स्कूल संघ खैरथल-तिजारा जिले ने मुख्य सचिव शिक्षा विभाग राजेश यादव के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में निजी स्कूलों की प्रस्तावित जांच प्रक्रिया पर रोकने की मांग की गई है। सही नियम बनाकर निरीक्षण करवाने की मांग संघ के पदाधिकारियों ने बताया- निजी स्कूलों की जांच शुरू करने से पहले स्कूल संगठनों के साथ चर्चा की जानी चाहिए। उनका तर्क है कि व्यवहारिक नियम बनाए जाने के बाद ही निरीक्षण की कार्रवाई की जानी चाहिए। शिक्षा विभाग द्वारा जारी जांच संबंधी निर्देशों में कई ऐसे प्रावधान शामिल हैं, जिनका पालन व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है। संघ का मानना है कि वर्तमान व्यवस्था के कारण निजी स्कूल संचालकों में अनावश्यक भय और असमंजस का माहौल बना हुआ है। बच्चों की पढ़ाई पर पड़ सकता है असर संघ ने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में निजी स्कूल संचालित हो रहे हैं, जिनमें लाखों स्टूडेंट पढ़ते हैं। ऐसे में चर्चा के बिना जांच अभियान चलाने से शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। संगठन ने मांग की है कि जब तक निजी स्कूल संगठनों के साथ चर्चा करके स्पष्ट और व्यवहारिक दिशा-निर्देश तय नहीं किए जाते, तब तक जांच की कार्रवाई स्थगित रखी जाए। इस दौरान निजी स्कूल संघ के पदाधिकारियों और विद्यालय संचालकों ने ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर अपनी सहमति व्यक्त की और मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।

स्कूल में टीसी को लेकर हंगामा, तोड़फोड़ करने का आरोप:स्कूल प्रबंधन ने कर्मचारियों से गलत व्यवहार का लगाया आरोप

जोधपुर शहर के सालावास रोड स्थित एक स्कूल में टीसी की मांग को लेकर हंगामा हो गया। इस पर शहर के राजश्री बाल विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रबंधन ने बासनी थाने में स्कूल परिसर में घुसकर कर्मचारियों को धमकी देने, अभद्र व्यवहार करने और तोड़फोड़ का प्रयास करने की शिकायत दी है। शिकायत में खुद को वकील बताने वाले व्यक्ति और उनके साथ आए अन्य तीन-चार लोगों पर आरोप लगाया गया। शिकायत में बताया कि 14 जुलाई को संबंधित व्यक्ति क्लास 9वीं के एक छात्र की टीसी जारी कराने की मांग को लेकर स्कूल पहुंचे थे। स्कूल प्रशासन ने उन्हें बताया- छात्र की पिछले सत्र की फीस बकाया है। नियमानुसार बकाया शुल्क जमा होने और ‘नो ड्यूज’ प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही टीसी जारी किया जा सकता है। साथ ही स्कूल प्रबंधन ने कहा कि अभिभावकों की तरफ से टीसी प्राप्त करने की कोई प्रक्रिया नहीं दी गई। सीसीटीवी में रिकॉर्ड हुई घटना स्कूल प्रबंधन का आरोप है कि इस बात पर संबंधित लोगों ने कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज की, धमकियां दी और स्कूल के रिकॉर्ड अपने कब्जे में लेने और परिसर में तोड़फोड़ करने का प्रयास किया। घटना के बाद स्कूल के कर्मचारियों और स्टूडेंट्स में डर का माहौल है। प्रबंधन ने कहा- पूरी घटना स्कूल के सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। शिकायत में स्कूल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, कर्मचारियों के कार्य में बाधा डालने और सोशल मीडिया के माध्यम से संस्था की छवि धूमिल करने का आरोप लगाते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) एवं सार्वजनिक संपत्ति को क्षति से संरक्षण संबंधी प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। वहीं, बासनी थाने के उप निरीक्षक त्रिलोक दान ने बताया कि स्कूल प्रबंधन की तरफ से शिकायत मिली है। पुलिस मामले की जांच कर रही की है।