ब्रेकिंग न्यूज़
भक्तों ने हाथों से खींचा भगवान जगन्नाथ का रथ:मौसी के घर से ननिहाल गोपीनाथ मंदिर के लिए हुई रवाना

ओडिशा के पुरी की तर्ज पर पाली शहर में गुरुवार शाम भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा गाजे-बाजे के साथ निकाली गई। अग्रवाल पंचायत की ओर से धानमंडी से भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाओं को सजे-धजे रथ में विराजमान कर यात्रा रवाना की गई। पूरे रास्ते श्रद्धालु अपने हाथों से रथ खींचते हुए चले। बैंड पर भगवान जगन्नाथ के भजनों की धुन गूंजती रही और ‘जय जगन्नाथ’ के जयकारों से पूरा शहर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। रास्तेभर दर्शन-पूजन, मौसी के घर पहुंचा रथ रथयात्रा धानमंडी से निकलकर घी का झंडा और बाईसी बाजार होते हुए सर्राफा बाजार स्थित भगवान की मौसी के घर पहुंची। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए, प्रसाद चढ़ाया और परिवार की खुशहाली की कामना की। रथ के सर्राफा बाजार पहुंचने पर भगवान की महाआरती की गई। यहां रात्रि विश्राम के बाद शुक्रवार शाम 7 बजे रथ ननिहाल गोपीनाथ मंदिर के लिए रवाना होगा और वहां से वापस धानमंडी लाया जाएगा। आबूरोड से पहुंचे विग्रह, श्रद्धालुओं ने किया स्वागत इस्कॉन पाली की ओर से 18 जुलाई को आयोजित होने वाली विशेष जगन्नाथ रथयात्रा के लिए गुरुवार को आबूरोड से भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के विग्रह पाली पहुंचे। दोपहर करीब 4 बजे उनके आगमन पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। मृदंग और करताल की मधुर धुन पर ‘हरे कृष्ण… हरे राम’ संकीर्तन और ‘जय जगन्नाथ’ के जयघोष से माहौल भक्तिमय हो गया। 18 जुलाई को निकलेगी इस्कॉन की विशेष रथयात्रा इस्कॉन पाली की ओर से 18 जुलाई 2026 को शाम 4 बजे श्री अग्रसेन भवन से विशेष भगवान जगन्नाथ रथयात्रा निकाली जाएगी। यात्रा पानी दरवाजा, सर्राफा बाजार, धानमंडी, सोमनाथ मंदिर, सूरजपोल, नहर चौराहा और शिवाजी सर्कल से होते हुए बांगड़ कॉलेज मैदान पहुंचेगी, जहां धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

​हाईकोर्ट ने नारी निकेतनों की बदहाली पर अफसरों को फटकारा:कहा-वास्तविक जानकारी देने के बजाय कॉपी-पेस्ट रिपोर्ट थमा दी

हाईकोर्ट ने प्रदेश के नारी निकेतन, बालिका गृह, बाल गृह और फोस्टर होम की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई है। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा- हमारे समक्ष पेश किए गए हलफनामे वास्तविक जानकारी देने के बजाय एक जैसे तैयार किए गए (कॉपी-पेस्ट) दस्तावेज हैं, जिन पर अधिकारियों ने केवल हस्ताक्षर कर दिए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने जयपुर और जोधपुर से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। बता दें कि यह मामला अलवर बालिका गृह में रह रही बालिकाओं की शिकायत के आधार पर शुरू हुआ था, जिसमें संस्था को अनुदान नहीं मिलने और अन्य बुनियादी समस्याओं का उल्लेख किया गया था। 20 जुलाई को होगी अगली सुनवाई सुनवाई के दौरान विभिन्न जिलों के नारी निकेतन, बालिका गृह, ऑब्जर्वेशन होम और जिला बाल संरक्षण इकाइयों के अधिकारी कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए। कोर्ट ने कहा- पूर्व आदेश के अनुसार सभी संस्थानों की वास्तविक जरूरतों, उपलब्ध सुविधाओं, कर्मचारियों की स्थिति और कमियों का अलग-अलग विवरण प्रस्तुत किया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। खंडपीठ ने सख्त निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले के अधिकारी अपने-अपने संस्थान की वर्तमान स्थिति का विस्तृत हलफनामा दाखिल करें। इसके साथ ही भवन, आवासीय व्यवस्था और अन्य सुविधाओं की नवीनतम तस्वीरें (फोटोग्राफ्स) भी रिकॉर्ड पर पेश करें। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अब केवल औपचारिक रिपोर्टों से संतोष नहीं किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई अब 20 जुलाई को होगी।

करवड़ में जेडीए ने अवैध अतिक्रमण हटाए:शहरी सेवा शिविर से निगम को पौने 6 करोड़ से ज्यादा की हुई आय; पढ़ें जोधपुर शहर की प्रमुख खबरें

जोधपुर विकास प्राधिकरण की ओर से लगातार अवैध अतिक्रमण को लेकर कार्रवाई की जा रही है। गुरुवार को भी करवड़ गांव में एक्शन लिया गया। केंद्रीय पर्यटन एवं सस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत कल जोधपुर आएंगे। इसके बाद वे यहां से जैसलमेर के लिए रवाना होंगे। इधर, शहर में गुरुवार को टीम की ओर से सीएनजी पंपों का निरीक्षण किया गया। शहर की खबरों के लिए पढ़ें लाइव ब्लॉग…

जोधपुर में शोरूम, कोचिंग और लाइब्रेरी सीज:फायर एनओसी और इमरजेंसी एग्जिट नहीं मिले; पहले भी दिए गए थे नोटिस

जोधपुर में कई कमर्शियल बिल्डिंगें बिना फायर एनओसी (NOC) के संचालित हो रही हैं। गुरुवार को नगर निगम की टीम ने होटल, कोचिंग, लाइब्रेरी और शोरूम को सीज किया है। बताया जा रहा है कि ये सभी बिना फायर एनओसी के ही चल रही थीं। इसके साथ ही जांच के दौरान यहाँ कई अन्य अनियमितताएं भी मिलीं। नगर निगम आयुक्त राहुल जैन ने बताया- फायर सेफ्टी को लेकर लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। गुरुवार को चीफ फायर ऑफिसर जलज घासिया के नेतृत्व में टीम ने चार कमर्शियल बिल्डिंगों को सीज किया। टीम को बासनी स्थित कोहिनूर आर्ट एंड क्राफ्ट, रेजिडेंसी रोड स्थित बाटा शोरूम, सरदारपुरा चौथी बी रोड स्थित सेलिब्रेशन तथा शास्त्री नगर ई-सेक्टर स्थित एक्सल कॉमर्स एकेडमी में फायर सेफ्टी को लेकर कोई इंतजाम नहीं मिले। इसके बाद इन सभी को सीज करने की कार्रवाई की गई। अब देखिए, कार्रवाई से जुड़ी PHOTOS…

शहर में लगातार चल रहा है अभियान, पहले भी दिए जा चुके हैं नोटिस आयुक्त ने बताया कि नगर निगम की ओर से पिछले कई महीनों से होटल, शोरूम, कोचिंग संस्थान और लाइब्रेरी सहित विभिन्न कमर्शियल बिल्डिंगों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान कई संस्थानों में फायर एनओसी (NOC), अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास (Emergency Exit) सहित आवश्यक अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं में गंभीर कमियां सामने आई थीं। संबंधित संस्थानों को निर्धारित समय में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बाद भी हालात नहीं सुधरे। उन्होंने बताया कि दोनों सीएफओ (CFO) की ओर से इन सभी को पहले नोटिस भी जारी किए जा चुके थे, लेकिन इसके बावजूद फायर सेफ्टी को लेकर कोई इंतजाम नहीं किए गए। आखिरकार लापरवाही बरतने पर इन्हें सीज करने की कार्रवाई की गई। इसके अलावा, आयुक्त ने शहर में उन सभी संवेदनशील स्थानों पर मॉक ड्रिल करवाने के भी निर्देश दिए हैं, जहां आग लगने की आशंका सबसे अधिक रहती है।

पांच राज्यों में एटीएम कार्ड बदलकर आरोपी करते ठगी:500 वारदातें कबूलीं; पुलिस ने 250 किलोमीटर तक बाइक से पीछा कर दो ठगों को दबोचा

जयपुर में एटीएम कार्ड बदलकर लोगों के बैंक खातों से रकम उड़ाने वाले अंतरराज्यीय महाठग गिरोह के मास्टरमाइंड को पुलिस ने पकड़ा। झोटवाड़ा थाना पुलिस ने कुख्यात आरोपी सचिन कुमार उर्फ आच्चू (27) पुत्र मंपा सांसी निवासी बड़सी जिला भिवानी (हरियाणा) और सुरेंद्र सांसी (42) पुत्र गज्जे सिंह निवासी थुराना जिला हांसी (हरियाणा) को बुधवार को गिरफ्तार किया। पुलिस टीम ने करीब 250 किलोमीटर तक मोटरसाइकिल से पीछा कर आरोपियों को दबोचा। दोनों आरोपी साल 2019 से राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में एटीएम ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने करीब 500 वारदातें करना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपियों से विभिन्न बैंकों के एक दर्जन से अधिक एटीएम-डेबिट कार्ड, वारदात में शामिल मोटरसाइकिल और नकद राशि बरामद की है। एटीएम कार्ड बदलकर उड़ाए जाते थे रुपए डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया- 8 जून को परिवादी मदन सिंह मीणा बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम (दादी का फाटक अंडरपास बैनाड़ रोड) से रुपए निकालने गए थे। इसी दौरान दो युवक एटीएम बूथ में आए और बातचीत में उलझाकर उनका एक्सिस बैंक का एटीएम कार्ड बदल लिया। बाद में उसी कार्ड से खाते से रुपए निकाल लिए गए। इस संबंध में झोटवाड़ा थाने में मुकदमा दर्ज कर विशेष जांच शुरू की गई। 900 सीसीटीवी कैमरों की जांच के बाद मिली सफलता मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम बनाई। टीम ने घटनास्थल और आरोपियों के संभावित रूट पर लगे करीब 900 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की। पुराने एटीएम ठगों का डेटा खंगाला गया। तकनीकी विश्लेषण किया गया और मुखबिर तंत्र की मदद ली गई। लगातार निगरानी के बाद 15 जुलाई को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में मुख्य आरोपी सचिन कुमार ने बताया- गैंग का संचालन मैं करता था। गैंग का नाम “SS सांसी हांसी हिसार” रखा था। इसमें “S” से सचिन और “S” से सुरेंद्र का नाम शामिल है। आरोपी पहले तय करते थे कि किसी शहर में जाकर कम से कम चार से पांच वारदातें करनी हैं। वे एटीएम बूथों के आसपास रेकी करते और आसान शिकार की तलाश करते थे। वारदात के बाद ऐसे बचते थे पुलिस से आरोपी वारदात के बाद मुख्य सड़कों से बचते हुए गलियों के रास्ते निकलते थे। मोटरसाइकिल को बस स्टैंड या सिटी कैंप की पार्किंग में खड़ा कर सरकारी बस से अपने गांव लौट जाते थे। इससे पुलिस उनकी पहचान नहीं कर सके। पांच राज्यों में फैला था नेटवर्क पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने जयपुर शहर, जयपुर ग्रामीण, सीकर, झुंझुनूं, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ के अलावा हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में करीब 500 एटीएम ठगी की वारदातें की हैं। कई राज्यों की पुलिस लंबे समय से इस गैंग की तलाश कर रही थी।

सुप्रीम कोर्ट में माधव स्कूल की रिव्यू पिटिशन खारिज:कल्याण धाम को हैंडओवर बरकरार; 27 साल बाद मिली थी मंदिर के हक की जमीन

सीकर‌ में श्रीकल्याण धाम मंदिर के पास स्थित पुराने माधव स्कूल का कैंपस कल्याण मंदिर को हैंडओवर बरकरार रहेगा। सुप्रीम‌ कोर्ट ने राज्य सरकार की रिव्यू पिटिशन खारिज कर दी। इस मामले में राज्य सरकार को एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट से निराशा हाथ लगी है। राज्य सरकार ने मंदिर पक्ष के पक्ष में आए फैसले के विरुद्ध रिव्यू पिटीशन (समीक्षा याचिका) दायर किया था। इसे सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को खारिज कर दिया है। साथ ही मंदिर पक्ष के पक्ष में दिए गए फैसले‌ को यथावत बरकरार रखा है। गौरतलब है कि श्रीकल्याण धाम मंदिर से जुड़े इस बहुचर्चित प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट मंदिर पक्ष के अधिकारों को स्वीकार करते हुए फैसला दिया था। इसके बाद राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार की मांग करते हुए रिव्यू पिटीशन दायर की थी। कोर्ट ने कहा- पुनर्विचार की आवश्यकता नहीं सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद माना कि पहले दिए गए फैसले में किसी प्रकार के पुनर्विचार की आवश्यकता नहीं है। इसी आधार पर राज्य सरकार की रिव्यू पिटिशन को खारिज कर दिया गया। साथ ही मंदिर के पक्ष में दिया गया फैसला पूर्ण रूप से प्रभावी व यथावत बना हुआ है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश की पालना में शिक्षा विभाग को मंदिर परिसर के एक कमरे में रखा विद्यालय का सामान तय समय में हटाकर परिसर का पूरा कब्जा मंदिर पक्ष को सौंपने तथा जिला शिक्षा अधिकारी, सीकर को कोर्ट के समक्ष अंडरटेकिंग प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए थे। रिव्यू पिटीशन खारिज होने के बाद मंदिर पक्ष और श्रद्धालुओं ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे सत्य, न्याय व कानून के शासन की जीत बताया है। श्रीकल्याण धाम मंदिर महंत विष्णुप्रसाद शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के लगातार आ रहे आदेशों से मंदिर के अधिकारों पर न्यायिक मुहर मजबूत हुई है।

सांवलिया सेठ के भंडार से अब तक निकले 24.24 करोड़:तीसरे राउंड में मिले 7.63 करोड़, कल भी जारी रहेगी काउंटिंग

मेवाड़ के कृष्णधाम श्री सांवलियाजी मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था एक बार फिर दान के रूप में दिखाई दे रही है। श्री सांवलिया सेठ के भंडार की काउंटिंग के तीन राउंड पूरे हो चुके हैं, जिनमें अब तक 24 करोड़ 24 लाख 13 हजार रुपए की नकद दानराशि सामने आई है। गुरुवार को तीसरे राउंड में ही 7 करोड़ 63 लाख 30 हजार रुपए गिने गए। भंडार में बची नकद राशि की गिनती शुक्रवार को चौथे राउंड में होगी। इसके अलावा ऑनलाइन दान, मनीऑर्डर से मिली राशि और सोने-चांदी के आभूषणों की गिनती व तौल भी अभी बाकी है। सुरक्षा के बीच जारी है काउंटिंग मंदिर मंडल के सदस्य पवन तिवारी ने बताया कि भंडार की काउंटिंग तय प्रक्रिया के अनुसार की जा रही है। गुरुवार को तीसरे राउंड की गिनती पूरी होने के साथ कुल नकद दानराशि 24 करोड़ 24 लाख 13 हजार रुपए पहुंच गई। मंदिर परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बड़ी संख्या में कर्मचारियों और बैंक कर्मियों की मौजूदगी में दानपेटियों से निकली राशि की गिनती लगातार जारी है। 13 जुलाई को खुला था भंडार इस बार श्री सांवलिया सेठ का भंडार 13 जुलाई को चतुर्दशी के दिन खोला गया था। 14 जुलाई को अमावस्या होने के कारण काउंटिंग नहीं की गई। इसके बाद 15 जुलाई से दोबारा गिनती शुरू हुई और अब तक तीन राउंड पूरे हो चुके हैं। मंदिर मंडल के अनुसार फिलहाल केवल नकद दान की गिनती चल रही है, जबकि ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, मनीऑर्डर और श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए गए सोने-चांदी के गहनों व अन्य कीमती वस्तुओं की गिनती और तौल बाद में की जाएगी। अब तक किस दिन कितनी राशि मिली पहले राउंड में 13 जुलाई को 10 करोड़ 11 लाख 83 हजार रुपए की नकद राशि मिली थी। 14 जुलाई को अमावस्या होने के कारण काउंटिंग नहीं हुई। 15 जुलाई को दूसरे राउंड में 6 करोड़ 49 लाख रुपए और 16 जुलाई को तीसरे राउंड में 7 करोड़ 63 लाख 30 हजार रुपए की गिनती हुई। तीनों राउंड मिलाकर अब तक कुल 24 करोड़ 24 लाख 13 हजार रुपए की नकद दानराशि सामने आ चुकी है। अंतिम आंकड़ा बढ़ने की उम्मीद मंदिर मंडल का कहना है कि हर बार की तरह इस बार भी भंडार से बड़ी दानराशि मिलने की संभावना है। देशभर से आने वाले श्रद्धालु नकद के साथ ऑनलाइन दान, मनीऑर्डर और सोने-चांदी के आभूषण भी अर्पित करते हैं। ऐसे में काउंटिंग पूरी होने के बाद कुल दानराशि का आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है।

मदन राठौड़ बोले- डोटासरा भी आरएसएस जॉइन कर सकते हैं:जब खुद शिक्षा मंत्री थे, तब ट्रांसफर में पैसे चलते थे; हमारे यहां ऐसा नहीं है

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा – गोविंद सिंह डोटासरा जब शिक्षा मंत्री थे, तब ट्रांसफर में पैसे चलते थे। उस समय के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने डोटासरा की मौजूदगी में शिक्षकों से पूछा था कि क्या तबादलों में पैसे लिए जा रहे हैं, तो शिक्षकों ने खड़े होकर जोर-जोर से कहा था कि हाँ, भ्रष्टाचार हो रहा है। इसलिए जो व्यक्ति जैसा होता है, वैसा ही दूसरों के बारे में सोचता है। उन्होंने सोचा होगा कि उनके समय पैसे लिए जा रहे थे तो बीजेपी में भी लिए जा रहे होंगे। लेकिन हमारे यहाँ ऐसा नहीं है, हमारे यहाँ ट्रांसपेरेंसी (पारदर्शिता) है। जरूरतमंद व्यक्ति का काम किया जा रहा है, सबके काम नहीं हो पा रहे हैं, यह बात बिल्कुल सही है। लेकिन हमारी यथासंभव कोशिश रहती है कि अध्यापकों को संतुष्ट किया जा सके। मदन राठौड़ ने आज ये बातें प्रदेश बीजेपी कार्यालय में कहीं।
मदन राठौड़ ने कहा- हम संविधान के रक्षक हैं, हमारे यहां विधिवत आम आदमी के मौलिक अधिकारों का पूरा सम्मान किया जाता है। कानून-व्यवस्था मजबूत है और विकास हो रहा है। हमारी स्थिति कांग्रेस की तरह नहीं है। हम बहुत मजबूत स्थिति में हैं और व्यवस्थित तरीके से सरकार चला रहे हैं। उनके समय में जो टांग-खिंचाई होती थी, वैसी हमारे यहाँ नहीं है। डोटासरा भी आरएसएस जॉइन कर सकते हैं मदन राठौड़ ने कहा कि डोटासरा आरएसएस और बीजेपी के बारे में क्या जानें, आरएसएस एक सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन है, जो राष्ट्रीय चरित्रयुक्त नागरिक तैयार करता है। उन्होंने कहा कि डोटासरा चाहें तो आरएसएस जॉइन कर सकते हैं। वे एक बार आरएसएस जाएं और देखें कि वहाँ क्या काम होता है। महात्मा गांधी भी आरएसएस के कार्यक्रम में गए थे और उन्होंने वहाँ जाकर आरएसएस की तारीफ की थी। पंचायत-निकाय चुनाव को लेकर मदन राठौड़ ने कहा कि हम पूरी तरह से चुनाव के लिए तैयार हैं। हम कोर्ट की अवमानना नहीं करते हैं, कोर्ट का सम्मान करना अपना कर्तव्य समझते हैं। हमें चुनाव से भागने की ज़रूरत नहीं है। जो लोग ऐसा कह रहे हैं, वे अब तक हुए उपचुनावों के परिणामों को देख लें; बीजेपी ने अब तक हुए उपचुनावों में 85 प्रतिशत सीटों पर जीत दर्ज की है।

राजस्थान में दिव्यांग प्रमाण-पत्रों के सत्यापन अब नए सिस्टम से:7 संभागों में बनेंगे मेडिकल बोर्ड; सरकारी भर्तियों में UDID कार्ड अनिवार्य, अपील की भी सुविधा

राजस्थान सरकार ने दिव्यांग प्रमाण-पत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब प्रदेश के सभी सात संभागीय मुख्यालयों पर विशेष दिव्यांगता सत्यापन बोर्ड और अपीलीय मेडिकल बोर्ड का गठन किया जाएगा। साथ ही सरकारी भर्तियों में दिव्यांग आरक्षण का लाभ लेने वाले अभ्यर्थियों के लिए UDID (यूनीक डिसेबिलिटी आइडेंटिफिकेशन) कार्ड अनिवार्य होगा। शासन सचिव अर्चना सिंह की ओर से जारी आदेश राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ द्वारा 30 अप्रैल 2026 को एसबी सिविल रिट पिटीशन अमन बनाम राज्य और अन्य में दिए गए अंतरिम आदेश की पालना में जारी किए गए हैं। सरकार दिव्यांग प्रमाण-पत्रों में सामने आ रही विसंगतियों को दूर कर भर्ती और सेवा संबंधी मामलों में पारदर्शिता बनाना चाहती है। सात संभागीय मुख्यालयों पर होंगे सत्यापन बोर्ड नए आदेश के बाद अब जयपुर, जोधपुर, अजमेर, बीकानेर, कोटा, उदयपुर और भरतपुर के मेडिकल कॉलेजों और उनसे संबद्ध अस्पतालों में दिव्यांगता सत्यापन बोर्ड गठित किए जाएंगे। बोर्ड का गठन संबंधित मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य या मेडिकल अधीक्षक करेंगे। इन बोर्डों में सहायक प्रोफेसर या उससे वरिष्ठ स्तर के विशेषज्ञ चिकित्सकों को शामिल किया जाएगा। साथ ही मेडिकल कॉलेजों को केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप सभी आवश्यक उपकरणों से सुसज्जित किया जाएगा, ताकि प्रत्येक प्रकार की दिव्यांगता का वैज्ञानिक और सटीक मूल्यांकन किया जा सके। हर तरह की दिव्यांगता के विशेषज्ञ रहेंगे उपलब्ध सरकार ने निर्देश दिए कि संबंधित मेडिकल कॉलेजों में सभी प्रकार की दिव्यांगताओं की जांच के लिए आवश्यक विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इससे अभ्यर्थियों को अलग-अलग संस्थानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एक ही स्थान पर परीक्षण संभव होगा। सरकारी भर्तियों में UDID कार्ड होगा जरूरी राज्य सरकार ने सभी भर्ती एजेंसियों और नियुक्तिकर्ता विभागों को निर्देश दिए हैं कि आवेदन के समय दिव्यांग श्रेणी के सभी अभ्यर्थियों के पास वैध UDID कार्ड होना अनिवार्य होगा। इसके साथ अब प्रत्येक भर्ती विज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख करना होगा कि दस्तावेज सत्यापन के लिए चयनित दिव्यांग अभ्यर्थियों की दिव्यांगता का अंतिम सत्यापन संभागीय मुख्यालय पर गठित बोर्ड द्वारा किया जाएगा। पुराने प्रमाण-पत्र होने पर भी होगी दोबारा जांच सरकार ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी अभ्यर्थी के पास पहले से दिव्यांगता प्रमाण-पत्र मौजूद है, तब भी सरकारी भर्ती में उसकी पात्रता का निर्धारण वर्तमान में लागू मेडिकल मानकों के अनुसार गठित सत्यापन बोर्ड की जांच के बाद जारी प्रमाण-पत्र के आधार पर ही किया जाएगा। इस फैसले के बाद अब अलग-अलग समय पर जारी प्रमाण-पत्रों में आने वाली विसंगतियों को समाप्त करना और सभी अभ्यर्थियों के लिए समान मानक लागू करना है। कार्यरत कर्मचारियों को राहत आदेश में पहले से सरकारी सेवा में कार्यरत दिव्यांग कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए भी महत्वपूर्ण प्रावधान किया गया है। अगर पुनः सत्यापन के दौरान पुराने और नए दिव्यांगता प्रतिशत में अंतर पाया जाता है, तो उनकी पात्रता का निर्धारण उस समय लागू मेडिकल मानकों के आधार पर किया जाएगा, जब उनका सरकारी सेवा में चयन हुआ था। अगर कोई कर्मचारी पुनः सत्यापन से संतुष्ट नहीं होता है, तो उसे भी अपीलीय मेडिकल बोर्ड के समक्ष अपील करने का अधिकार दिया गया है।

फलोदी में जिला आयुर्वेद अस्पताल शुरू, नए प्रभारी नियुक्त हुए:मरीजों का होगा आयुर्वेदिक तरीके से इलाज, जिला अस्पताल परिसर के पीछे संचालित होगा

फलोदी जिला बनने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक अहम पहल करते हुए जिला मुख्यालय पर जिला आयुर्वेद अस्पताल का संचालन शुरू कर दिया गया है। लंबे समय से इस अस्पताल की मांग की जा रही थी। इसके शुरू होने से आयुर्वेद चिकित्सा पर विश्वास रखने वाले हजारों मरीजों को अब जिला स्तर पर विशेषज्ञ परामर्श, बेहतर उपचार और आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। राज्य सरकार ने वैद्य डॉ. भरत सोनी को जिला आयुर्वेद अस्पताल का प्रभारी नियुक्त किया है। उनका स्थानांतरण नोख से फलोदी किया गया है। इससे पहले वे खीचन आयुर्वेद औषधालय का अतिरिक्त कार्यभार भी संभाल रहे थे। नई नियुक्ति के साथ अस्पताल में नियमित सेवाएं शुरू हो गई हैं। जिला अस्पताल परिसर के पीछे संचालित होगा फिलहाल जिला आयुर्वेद अस्पताल का संचालन जिला अस्पताल परिसर के पीछे स्थित आयुर्वेद औषधालय भवन से किया जाएगा। वहीं, अब तक औषधालय प्रभारी रहे डॉ. मुकेश सुथार को सहायक निदेशक पद पर पदोन्नत कर आईजीएनपी कॉलोनी स्थित आयुष कार्यालय में पदस्थापित किया गया है। जिला आयुर्वेद अस्पताल शुरू होने से मरीजों को आयुर्वेदिक दवाओं की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इसके साथ ही पंचकर्म, अग्निकर्म और अन्य विशेष आयुर्वेदिक उपचार सुविधाएं भी चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएंगी। वर्तमान में अस्पताल में प्रभारी चिकित्सक के अलावा एक नर्सिंग अधिकारी और एक परिचारिका की नियुक्ति की गई है। शेष स्वीकृत पदों पर भी जल्द नियुक्तियां होने की संभावना है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का और विस्तार होगा। ग्रामीण और शहरी मरीजों को मिलेगा सीधा लाभ फलोदी को जिला घोषित किए जाने के बाद से यहां जिला आयुर्वेद अस्पताल की स्थापना की मांग लगातार उठ रही थी। अब इसके संचालन से जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के मरीजों को उपचार के लिए जोधपुर या अन्य शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे स्थानीय स्तर पर आयुष चिकित्सा सेवाएं मजबूत होंगी और लोगों को गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेदिक उपचार आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।