ब्रेकिंग न्यूज़
MLA नौक्षम के सामने मंत्रीजी ने जोड़े हाथ:सांसद संजना गुस्से में बोलीं-'केस कर दो'; BMW कार देखकर रोने लगे पूर्व विधायक

नमस्कार, सांसद संजना जाटव की डीग में ASP अखिलेश शर्मा से जमकर तकरार हुई। विधायक नौक्षम चौधरी के सामने शिक्षामंत्री जी के हाथ जोड़ने वाली तस्वीर चर्चा में है और पूर्व विधायक ओमप्रकाश हुडला को बेटे-बेटी ने दी खास तोहफा दिया। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. सांसद संजना जाटव बोलीं-गिरफ्तार करो मुझे सांसद महोदया ने कम उम्र में लोकसभा की सीढ़ियां चढ़ीं। आम घरेलू महिला से लोकसभा सांसद का सफर उन्होंने सहजता से तय किया।
खेत-खलिहान में किसान गृहिणी की तरह काम भी किया। लोकसभा चुनाव में जीत की खुशी में जब डांस किया तो गजब वायरल हुआ। सौम्य सामाजिक छवि के चलते सोशल मीडिया ने उन्हें स्टार बना दिया। लेकिन डीग में एक युवक की मौत के मामले में उनका उग्र रूप दिखाई दिया। न्याय की मांग करते हुए वे शव को आईजी ऑफिस ले जाने पर अड़ गईं। ASP अखिलेश शर्मा ने रास्ता रोक लिया। समझाने की कोशिश की। लेकिन सांसद महोदया आपे में नहीं। ASP पर चिल्लाकर बोलीं-केस कर दो मुझ पर। मुझे गिरफ्तार कर लो। ASP साहब क्या केस करें और क्या गिरफ्तार करें? वे खुद अपने निराले अंदाज के लिए जाने जाते हैं। सोशल मीडिया उनकी रीलों से भरा है। गजब का सिंगिंग टैलेंट भी है। एक रील में सुरीला गीत गाते नजर आ रहे हैं- जादू तेरी नजर खुशबू तेरा बदन..। 2. तस्वीर के मायने तबादलों का दौर चला। लिस्ट पर लिस्ट आई। लिस्टों में चिपककर गफलतें भी आईं। किसी को दो जगह भेज दिया, कहीं दो को भेज दिया। आरोप ये कि पार्टी-संगठन के खासमखास कार्यकर्ताओं के भी काम नहीं हुए। संगठन के मुखिया ने मंत्रियों को तलब भी किया। पता चला कि अफसरों ने अपने स्तर पर फैसले कर लिए। इस दौर के बीच एक तस्वीर ने सबका ध्यान खींचा। शीश महल जैसा कमरा। जिसकी दीवारें कांच से बनी हैं। यह शिक्षा मंत्री जी का जनसुनवाई चैंबर है। चैंबर में टेबल के इस तरह शिक्षा मंत्री और दूसरी तरफ कामां विधायक नौक्षम चौधरी। नौक्षम चौधरी के पास एक एप्लीकेशननुमां लेटर पड़ा हुआ है। वे सवालिया नजरों से मंत्रीजी को देख रही हैं। जबकि मंत्री हाथ जोड़े नजर आ रहे हैं। हाथ जोड़ने का अंदाज अभिवादन वाला है या नहीं, पता नहीं। मजबूरी वाला भी हो सकता है। मुहावरे वाला भी हो सकता है। मांग नकारने वाला भी हो सकता है। खैर, इसी तस्वीर में विधायक रेवंतराम डांगा भी ‘नंबर लगाकर बैठने’ के अंदाज में दिख रहे हैं। चेहरे से काम हो जाने को लेकर आश्वस्त दिख रहे हैं। फिलहाल मुलाकात का मकसद और हासिल क्या रहा, नेतागण जानें। हमें तो नौक्षमजी की वह रील बहुत पसंद आई, जिसके बैकग्राउंड में गाना है- वो भी अपने न हुए, दिल भी गया हाथों से.. 3. चलते-चलते.. आपको यह वीडियो इमोशनल लग सकता है। इसमें दो बार के विधायक को उनके बेटे-बेटी आंखों पर पट्‌टी बांधकर BMW के शोरूम ला रहे हैं। माता-पिता दोनों की आंखों पर पट्‌टी है। भव्य शोरूम। जगमग। चकाचौंध। बेटे-बेटी पिता को लग्जरी कार के पास लाकर खड़ा करते हैं। पट्‌टी हटाते हैं। आंखों के सामने BMW कार देखकर पूर्व विधायक की आंखें छलछला जाती हैं। बताया जा रहा है कि ये खुशी के आंसू हैं। यकीनन खुशी के आंसू ही होंगे। नेताजी को भरोसा हो गया कि उनकी राजनीति सफल रही। इतनी कम उम्र में बच्चे पिता को BMW जैसी बहुत मंहगी कार गिफ्ट कर दें तो यह राजनीतिक सफर की सफलता है। हम अगर हमारे पिताजी को इस तरह आंखों पर पट्‌टी बांधकर शोरूम ले जाते और पट्‌टी खोलते ही उन्हें BMW कार दिखती तो उनके 2 तरह के रिएक्शन होते। एक तो यह कि कान पकड़कर कहते-बेटा, इतना पैसा कहां से आया कि इतनी मंहगी कार तोहफे में दे रहे हो? दूसरा यह कि कान पकड़कर कहते-बेटा, इस कार के लिए मैं एक नया पैसा नहीं देने वाला। कमाओ और अपनी हैसियत के हिसाब से स्कूटर ले लो। इनपुट सहयोग- मुकेश कुमार जांगिड़ (डीग), राघवेंद्र सिंह (दौसा)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।

पत्नी गुटखा खाती, बार-बार पैसे मांगती, पति ने मार डाला:उदयपुर घुमाने लेकर गया, दोस्त की आईडी से बुक की कार, लौटते समय गला दबाया

पत्नी की गुटखा खाने की आदत से परेशान पति ने उसकी हत्या कर दी। सिरोही में पूनम कंवर की हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी पति गजेंद्र सिंह ने यह खुलासा किया है। आरोपी ने पुलिस को बताया कि पत्नी से गुटखा खाने और हर वक्त पैसों की डिमांड को लेकर झगड़ा होता रहता था। पैसे नहीं भेजने पर ससुराल वालों से झगड़ा करती थी। इससे वह गुस्सा और दुखी था। किसी भी तरह पत्नी से छुटकारा पाना चाहता था। इसके लिए उसने हत्या की प्लानिंग की। पत्नी को उदयपुर घुमाने लेकर गया था। घर लौटते समय कार में उसकी गला दबाकर हत्या कर दी और घरवालों को बताया कि उसे हार्ट अटैक आ गया। घरवालों को उसकी बनाई कहानी पर यकीन तक हो गया था और अंतिम संस्कार की तैयारी में थे। लेकिन उससे पहले पुलिस को शक हो गया और हत्याकांड की पूरी साजिश सामने आ गई। सिलसिलेवार पढ़िए पत्नी की हत्या की प्लानिंग और आरोपी के पकड़े जाने की कहानी… 1 . वादा किया था-पूनम को खुश रखेगा सिरोही के जावाल निवासी गजेंद्रसिंह राजपूत कोयंबटूर (तमिलनाडु) में इलेक्ट्रॉनिक्स शॉप चलाता है। उसकी शादी 5 साल पहले पाली जिले के सादड़ी के निकट सरथूर गांव की पूनम कंवर से हुई थी। दोनों के एक बेटी हुई। शादी के बाद गजेंद्र को पता चला कि उसकी पत्नी दिन-रात गुटखा खाती है, जिसके लिए उसने कई बार टोका था। मनाही के बाद भी वह गुटखा खाने की आदत को नहीं छोड़ रही थी। गजेंद्र कोयंबटूर में था, लेकिन पीछे से पूनम दिन-रात कॉल कर उससे पैसे की डिमांड करती थी। पैसे नहीं भेजने पर फोन पर उससे झगड़ा करती थी। उसने यह भी बताया कि पीहर-ससुराल में पत्नी का व्यवहार झगड़ालु था, जिसकी शिकायत लोग उससे करते थे। पूनम झगड़ा करके बेटी को लेकर पीहर सरथूर चली गई थी। जून में पूनम कंवर ने सादड़ी थाने में पति के खिलाफ दहेज प्रताड़ना की रिपोर्ट दी। इसके बाद पुलिस ने काउंसलिंग कराई। गजेंद्र ने सादड़ी पुलिस व पूनम के परिजनों को भरोसा दिलाया था कि वह पूनम को खुश रखेगा और उसका पूरा ख्याल रखेगा। 2. कोयंबटूर में कुछ नहीं किया, क्योंकि पता था-शक उस पर होगा सादड़ी थाने में आरोपी ने परिजनों से वादा किया था कि वह पत्नी व बेटी को अपने साथ कोयंबटूर ले जाएगा और वहीं रखेगा। परिजनों का भरोसा जीतने और दिखावे के लिए आरोपी ने ऐसा ही किया। पत्नी पूनम और अपनी बेटी को लेकर वह 30 जून को ही कोयंबटूर चला गया। करीब एक सप्ताह रहने के दौरान भी दोनों के बीच खटपट खत्म नहीं हुई। आरोपी ने पूनम की हत्या कर उसे हादसे का रूप देने की प्लानिंग पहले ही बना रखी थी। वह कोयंबटूर में पत्नी की हत्या नहीं करना चाहता था, क्योंकि उसे पता था कि यदि कोयंबटूर में हत्या कर हादसा बताया तो परिवार वालों को यकीन नहीं होगा और वह पकड़ा जाएगा। 3. घुमाने के बहाने उदयपुर ले गया, सेल्फी वाला स्टेट्स लगाया सिरोही एसपी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि तय प्लान के हिसाब से आरोपी ने पत्नी पूनम कंवर को झीलों की नगरी उदयपुर घुमाने का लालच दिया। कहा- दो दिन घूमेंगे और फिर तुम लोगों (पत्नी और बच्ची) को पीहर छोड़ दूंगा। 8 जुलाई को पत्नी व बेटी को लेकर उदयपुर घुमाने के लिए पहुंचा। 9 जुलाई को उनको लेकर उदयपुर के सेलिब्रेशन मॉल में ले गया। वहां पत्नी व बेटी के साथ सेल्फी ली और अपना स्टेट्स लगाया। इसके अलावा उदयपुर में कई जगहों पर उसने पत्नी और बच्ची के साथ सेल्फी ली और स्टेटस लगाए। ताकि उसके व पूनम के घर वालों को यकीन हो जाए कि अब दोनों खुश हैं और कोई शक भी नहीं करेगा। 4. दोस्त की आईडी से राजसमंद से मंगाई कार, ड्राइवर फरार क्यों हुआ? मामले की जांच कर रहे डीएसपी मुकेश सीरवी ने बताया कि आरोपी गजेंद्र सिंह ने उदयपुर से अपने एक दोस्त को फोन कर कहा कि वह पत्नी व बेटी को गांव छोड़ने जा रहा है तो वह उसके लिए एक कार की व्यवस्था कर दे। उसने यह भी कहा कि उसका पहचान पत्र (आईडी) गुम हो गया है तो वह अपनी आईडी से कार बुक कर ले, जिसका किराया वह दे देगा। उस दोस्त ने एक ट्रेवल एजेंट के जरिए राजसमंद के लिए कार की व्यवस्था कराई। 5. मां-बेटी गहरी नींद में थी, पत्नी का गला दबा मार डाला 9 जुलाई की रात को आरोपी उदयपुर से अपने गांव जाने के लिए रवाना हुआ। वह ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठा, जबकि उसकी पत्नी पूनम अपनी तीन साल की बेटी के साथ पिछली सीट पर बैठी थी। उदयपुर से गोगुंदा पार करते ही पिछली सीट पर सो रही मां-बेटी को नींद आ गई। आरोपी ने कार को गोगुंदा से पिंडवाड़ा हाईवे के बजाय सायरा-रणकपुर रुट पर मोड़ने को कहा। आरोपी को पता था कि रात के समय सायरा-रणकपुर रोड पर ज्यादा वाहनों की आवाजाही नहीं है। आरोपी ने पुलिस को बताया कि एक जगह कार खड़ी कर ड्राइवर टॉयलेट करने गया था, तभी उसने पत्नी का गला दबा कर हत्या कर दी। उसी रात 2 बजे वह अपने गांव जावाल घर पहुंचा और नाटक किया कि उसकी पत्नी की बीच रास्ते हार्ट अटैक से मौत हो गई। 6. आरोपी बोला- हार्ट अटैक से मौत, गले पर खरोंच से पुलिस को शक, तब खुला मामला 10 जुलाई को परिवार के लोग जावाल पहुंचे तो उन्हें भी शक नहीं हुआ कि पूनम की मौत हादसा नहीं, बल्कि एक सोची समझी हत्या है। मृतक के भाई ने मामले में मर्ग (स्वभाविक मौत) की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने पूनम की बॉडी देखी तो उसके गले पर खरोंच के निशान थे। इस दौरान पुलिस को शक हुआ कि यह मामला हत्या का है तो मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुला राज 2 दिन बाद मेडिकल बोर्ड की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कॉज ऑफ डेथ यानि मौत की वजह दम घुटना सामने आया। रिपोर्ट में बताया गया कि महिला का हार्ट एकदम स्वस्थ है। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और संदेह के दायरे में लेकर आरोपी पति से पूछताछ शुरू की। सख्ती के बाद वह टूट गया। उसने हत्या की वजह, प्लानिंग और पकड़े जाने की सारी जानकारी दे दी। ड्राइवर पर भी शक, तलाश जारी पुलिस को शक है कि गला दबा कर हत्या करने की घटना की जानकारी कार ड्राइवर को थी, जो बाद में फरार हो गया। कार सिरोही पुलिस ने जब्त कर ली है। हालांकि आरोपी ने पत्नी की हत्या में ड्राइवर की भूमिका नहीं बताई है, लेकिन पुलिस को आरोपी द्वारा बताई कहानी पर भरोसा शक है। ऐसे में फरार ड्राइवर की तलाश की जा रही है।

आज 19 जिलों में बारिश की संभावना:3 दिन बाद फिर एक्टिव होगा मानसून, तेज बारिश का अलर्ट; अब तक सामान्य से कम बरसात

राजस्थान में इस साल अब तक मानसून सीजन कमजोर रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अब तक सामान्य से 18 फीसदी कम बरसात हुई है। शुक्रवार को 19 जिलों में हल्की बारिश की संभावना है। वहीं, 20 जुलाई को 17 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट है। साथ ही मानसून एक्टिविटी फिर से शुरू होने का भी अनुमान है। इधर, बारिश कम होने के कारण जयपुर सहित कुछ जिलों का तापमान बढ़ गया है। गुरुवार को चूरू में सर्वाधिक 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीकानेर में पारा 40 डिग्री के ऊपर रहा। सर्वाधिक तापमान में पिछले कुछ दिनों से श्रीगंगानगर टॉप पर था, लेकिन गुरुवार को हुई 17 एमएम बारिश के बाद यहां पारा 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया है। राजस्थान में बारिश की स्थिति गर्मी-बारिश के बड़े अपडेट्स खिसकी मानसून ट्रफ लाइन: मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में मानसून ट्रफ लाइन सामान्य से उत्तर की ओर यानी हिमालय की तरफ शिफ्ट हो गई है। आज यह ट्रफ लाइन जम्मू, बरेली और डाल्टनगंज से होकर गुजर रही है। गुरुवार को पूर्वी भारत के ओडिशा और पश्चिम बंगाल तट के ऊपर एक ‘वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया’ (WML – कम दबाव का क्षेत्र) बना हुआ था। इस मौसमी बदलाव के कारण राजस्थान में मानसून की परिस्थितियां कमजोर बनी हुई हैं। आज इन जिलों में बारिश की संभावना: 17 जुलाई को राजस्थान के कई हिस्सों में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। इस दौरान कोटपुतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा, अलवर, डीग, भरतपुर, दौसा, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, सिरोही, उदयपुर, सलूंबर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, बारां और झालावाड़ जिलों में बारिश की संभावना है। जयपुर में काफी कम बारिश: बीते 11 दिन से जयपुर में एक मिमी भी पानी नहीं बरसने से बारिश का आंकड़ा औसत से नीचे चला गया है। अगर हम शहर की बात करें तो अब तक जून-जुलाई माह में 135 मिमी पानी बरसा। जून में 80 और जुलाई में 55 मिमी बरसात रिकॉर्ड हुई, जबकि जुलाई महीने में 180 मिमी औसत बारिश मानी जाती है। पिछले 10 साल में जुलाई में चार बार 200 मिमी से कम बारिश हुई। 21 जुलाई से फिर सक्रिय होगा मानसून: राज्य में कमजोर पड़े मानसून के बीच राहत की खबर यह है कि 21 जुलाई से बारिश की गतिविधियों में एक बार फिर बढ़ोतरी होगी। पूर्वी राजस्थान के कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ भागों में 21 जुलाई से मेघगर्जन के साथ बारिश का दौर शुरू होगा। इसके बाद, 22-23 जुलाई से राज्य के पश्चिमी और मध्य भागों में भी बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी। राजस्थान के मौसम की PHOTO ये शहर सबसे ज्यादा गर्म आगे कैसा रहेगा मौसम राजस्थान के बड़े शहरों में कैसा रहा मौसम जयपुर: प्रदेश की राजधानी जयपुर में गर्मी का असर बढ़ गया है। यहां गुरुवार को पारे में 1.7 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे अधिकतम तापमान बढ़कर 37.3 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। यह सामान्य दिनों की तुलना में करीब तीन डिग्री सेल्सियस अधिक है। वहीं, जयपुर में न्यूनतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे रात में भी उमस भरी गर्मी का अहसास बना रहा। जोधपुर: जिले में गुरुवार को मौसम काफी गर्म और उमस भरा रहा। यहां अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.4 डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 2.3 डिग्री ऊपर करीब 29.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दिनभर तेज धूप और हवा में भारी उमस रही। अलवर: जिले में गुरुवार सुबह से ही तेज धूप निकलने के कारण उमस भरी गर्मी का असर रहा। जिले का अधिकतम तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि, मौसम विभाग ने आगामी दिनों में आसमान में बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना जताई है, जिससे राहत मिलने की उम्मीद है। उदयपुर: लेक सिटी उदयपुर में गुरुवार को सुबह से ही तेज धूप और उमस रही। हालांकि, शाम होते-होते ठंडी हवा चलने से मौसम में सुहावना हो गया। उदयपुर में दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो एक दिन पहले की तुलना में 1 डिग्री सेल्सियस अधिक है। कोटा: जिले में बारिश का दौर थमने से तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गुरुवार को कोटा का अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस रहा। बारिश नहीं होने के कारण मौसम साफ है। लोग उमस व तेज धूप से परेशान हैं। सीकर: जिले में इस समय मौसम मुख्य रूप से शुष्क (ड्राई) बना हुआ है। गुरुवार को दिनभर बादलों की आवाजाही रहने की वजह से हवा थम गई और उमस रही। जिले के फतेहपुर में दिन का अधिकतम तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसमें करीब 2 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, न्यूनतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस रहा। अजमेर: यहां अधिकतम तापमान 35.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिनभर उमस भी रही। तेज धूप कारण भी लोग परेशान रहे। हालांकि शाम को हवा में नमी कम होने से गर्मी से थोड़ी राहत महसूस हुई। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल क्षेत्र में मानसूनी गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं, लेकिन आगामी दिनों में मौसम में बदलाव की उम्मीद है।

नीट यूजी का रिजल्ट, टॉप-10 में राजस्थान के 2 स्टूडेंट्स:आंसर-की जारी होने के कुछ घंटे बाद ही रिजल्ट जारी; वेबसाइट क्रेश

एनटीए ने गुरुवार देर रात नीट यूजी का रिजल्ट जारी कर दिया है। राजस्थान के 25 शहरों में इस परीक्षा का आयोजन किया गया था। 577 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन किया गया था। दो दिन पहले रिकोर्डेड रिस्पोंस की जारी होने के बाद से स्टूडेंटस को रिजल्ट का इंतजार था। एनटीए ने फाइनल आसंर-की जारी की और उसके कुछ मिनट बाद ही रिजल्ट जारी कर दिया है। जारी परिणामों के अनुसार सफल स्टूडेंटस में 58 फीसदी से ज्यादा छात्राएं हैं। इस साल 138 उम्मीदवारों ने 720 में से 690 से ज्यादा अंक हासिल किए। इनमें 93% से ज्यादा अभ्यर्थी पहली बार परीक्षा देने वाले थे, जबकि 99% टॉप रैंकर्स की उम्र 17 से 19 साल के बीच है। 13 भाषाओं में हुई थी परीक्षा नीट परीक्षा 13 भाषाओं में हुई थी और देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अभ्यर्थी इसमें शामिल हुए थे। कोटा से अभी तक देखे गए रिजल्ट के अनुसार टॉप टेन में दो स्टूडेंट शामिल है। रिजल्ट आने के बाद से ही स्टूडेंटस वेबसाइट पर लॉगिन कर रहे है, जिसके चलते रिजल्ट पेज भी क्रेश हो रहा है। इधर, परिणाम देखने का दौर शुरू हो चुका है। कोटा से माना जा रहा है कि टॉप टेन में स्टूडेंटस शामिल है। श्रेणी-वार सफल उम्मीदवार

346 महात्मा गांधी स्कूलों में हिंदी माध्यम शुरू होगा:टोंक की 5 स्कूलें भी शामिल; डीईओ से सात दिन में मांगी रिपोर्ट

राजस्थान में कम नामांकन वाले 346 महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में हिंदी माध्यम भी शुरू हो गया है। इसमें टोंक जिले की पांच स्कूलें भी शामिल हैं। शिक्षा विभाग ने हिंदी माध्यम में एडमिशन के लिए भी आदेश जारी कर दिए हैं। सभी जिलों से सात कार्य दिवस में रिपोर्ट और प्रस्ताव मांगे हैं। सरकार का मानना है कि इससे कम नामांकन वाले स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ेगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा। हालांकि, शिक्षक संघ ने इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए स्कूलों का स्वरूप बदलने के बजाय अंग्रेजी माध्यम के लिए अलग कैडर बनाकर सीधी भर्ती करने की मांग की है। शिक्षा मंत्री की मंजूरी के बाद जारी हुए आदेश राजस्थान सरकार के शिक्षा ग्रुप-1 विभाग के शासन उप सचिव आलोक जैन ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की मंजूरी के बाद आदेश जारी किए हैं। उन्होंने माध्यमिक शिक्षा निदेशक, बीकानेर को भेजे पत्र में कहा है कि प्रदेश के 346 महात्मा गांधी राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों का नामांकन अत्यंत कम है। ऐसे विद्यालयों में अब हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों को भी प्रवेश दिया जाएगा। विभाग ने इन विद्यालयों को हिंदी माध्यम में संचालित करने के संबंध में नियमानुसार आवश्यक प्रस्ताव और टिप्पणी जल्द भेजने के निर्देश दिए हैं। डीईओ से सात दिन में मांगी रिपोर्ट नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के साथ शिक्षा विभाग ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट की ओर से जारी आदेश में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) से सात कार्य दिवस में विस्तृत रिपोर्ट और प्रस्ताव मांगे गए हैं। रिपोर्ट में हिंदी माध्यम शुरू करने का औचित्य, वर्तमान नामांकन की स्थिति और स्थानीय आवश्यकता का आकलन शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का कहना है कि कई क्षेत्रों में अभिभावक अब भी हिंदी माध्यम को प्राथमिकता देते हैं। ऐसे में कम नामांकन वाले अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में हिंदी माध्यम शुरू होने से प्रवेश संख्या बढ़ सकती है। तबादलों के बीच फैसले का असर यह निर्णय ऐसे समय लिया गया है, जब प्रदेश में शिक्षकों के बंपर तबादले हुए हैं। विभाग का मानना है कि माध्यम परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन विद्यालयों में शिक्षकों के तबादलों और स्टाफ के पुनर्गठन पर भी असर पड़ सकता है। अंतिम निर्णय जिलों से प्राप्त रिपोर्ट और विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा। शिक्षक संघ ने उठाई अलग मांग शिक्षक संघ रेसटा, राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने कहा कि महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों ने विद्यार्थियों को महंगी निजी स्कूलों की फीस से राहत दिलाई है। उनका कहना है कि कम नामांकन वाले स्कूलों को बंद करने या उनका स्वरूप बदलने की बजाय सरकार अंग्रेजी माध्यम के लिए अलग कैडर बनाकर सीधी भर्ती करे। इससे स्कूलों में नामांकन बढ़ेगा और शिक्षा की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि कैडर आधारित भर्ती के बाद भी नामांकन नहीं बढ़ता है, तभी कम नामांकन वाले विद्यालयों पर आगे निर्णय लिया जाए।

​6 बसों के चालान काटे, 3 लग्जरी मॉडिफाइड बसें सीज:जज के निर्देश पर परिवहन विभाग की कार्रवाई; 6 बसों पर 1.10 लाख का जुर्माना

उदयपुर में परिवहन विभाग ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में शहर के रेती स्टैंड और प्रताप नगर चौराहे पर कार्रवाई की। विभाग ने गुरुवार को 3 लग्जरी स्लीपर बसें सीज कीं। 6 बसों पर 1 लाख 10 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया। आगे भी अवैध रूप से संचालित और मॉडिफॉइड स्लीपर-लग्जरी बसों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। ये कार्रवाई जिला और सेशन न्यायाधीश ज्ञानप्रकाश गुप्ता के निर्देशन में हुई। मोटर वाहन अधिनियम-1988 और AIS-119 के नियमों का उल्लंघन करने पर अवैध रूप से संचालित बसों के खिलाफ ये कदम उठाया गया। 15 बसों की जांच, 6 के खिलाफ चालान काटे निरीक्षण के दौरान कुल 15 बसों की जांच की गई। इनमें अवैध रूप से संचालित 6 बसों के चालान काटे गए। ज्यादातर बस संचालकों ने बसों को अपने हिसाब से मॉडिफाइड कराया हुआ था, जिन्हें सीज किया गया। कार्रवाई के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राहुल चौधरी, जिला परिवहन अधिकारी मुकेश डाड, परिवहन निरीक्षक राजेंद्र, अजय पुरोहित, सुनील चौधरी मौजूद थे। अनधिकृत बदलाव से खतरा जिला परिवहन अधिकारी मुकेश डाड ने बताया- लग्जरी और स्लीपर बसों में अनधिकृत रूप से किए जाने वाले बदलाव सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। इससे कई बार भीषण हादसे होते हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले बस संचालकों को बख्शा नहीं जाएगा। यह अभियान आगे भी इसी तरह सख्ती से जारी रहेगा, ताकि आम जनता का सफर सुरक्षित बनाया जा सके।

जोधपुर में फार्मा गोदाम में बुलेट चोरी का आरोपी गिरफ्तार:पुलिस ने 250 CCTV खंगालकर जुटाया सुराग; रूट मैप से आया पकड़ में

जोधपुर की शास्त्री नगर थाना पुलिस ने बुलेट चोरी की वारदात का 24 घंटे में खुलासा कर दिया है। पुलिस ने फार्मा गोदाम का ताला तोड़कर अंदर खड़ी रॉयल एनफील्ड बुलेट चुराने वाले शातिर बदमाश को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से चोरी की बुलेट भी बरामद कर ली गई। पुलिस के अनुसार- पटेल बस्ती खेमे का कुआ पाल रोड के रहने वाले लक्ष्मीनारायण ने 15 जुलाई को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनकी सनरल फार्मा प्राइवेट लिमिटेड नाम से फार्मा कंपनी का गोदाम है। 14 जुलाई की रात को वे गोदाम का ताला लगाकर घर गए थे। अगले दिन सुबह जब वे वापस आए तो गोदाम का ताला टूटा हुआ मिला और अंदर परिसर में खड़ी बुलेट गायब थी। रूट मैप ट्रैक किया वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम बनाई। टीम ने गोदाम के आसपास और आरोपी के भागने वाले रास्तों के करीब 250 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध की पहचान की। पुलिस ने आरोपी अणदाराम (29) पुत्र दौलाराम निवासी जाखड़ों की ढाणी नारवा सूरसागर को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर बुलेट जब्त कर ली। मामले के खुलासे में शास्त्री नगर थानाधिकारी दिनेश लखावत, एसआई शैतान चौधरी, एएसआई ओमप्रकाश के साथ-साथ एएसआई थानाराम और कॉन्स्टेबल फरसाराम शामिल रहे। कॉन्स्टेबल फरसाराम की मामले के खुलासे में विशेष भूमिका रही।

मेधावी स्टूडेंट्स को मिले 'एक्सीलेंस अवॉर्ड':राइज ओलंपियाड के तहत छात्रों को मिलेगी ₹2 लाख तक की स्कॉलरशिप

जयपुर के माहेश्वरी पब्लिक स्कूल (एमपीएस), जवाहर नगर ने अपने 49वें स्थापना दिवस के अवसर पर 2 दिवसीय भव्य समारोह का आयोजन किया। इस गरिमामयी आयोजन के साथ ही विद्यालय के ‘स्वर्ण जयंती वर्ष’ का शानदार शुभारंभ हुआ। शिक्षा, संस्कार, संस्कृति और उत्कृष्टता की गौरवशाली परंपरा को समर्पित इस समारोह में विद्यार्थियों की बहुमुखी प्रतिभा, विद्यालय की उपलब्धियों और भविष्य के रोडमैप की अद्भुत झलक देखने को मिली। पहले दिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
समारोह के प्रथम दिन के मुख्य अतिथि प्रख्यात उद्योगपति एवं समाजसेवी अशोक बागला और किशोर कुमार मालपानी रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। इसके बाद विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभक्ति और सृजनात्मकता से ओत-प्रोत नृत्य-नाटिकाओं, सुमधुर संगीत और रंगमंचीय प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं, विद्यालय के कैडेट्स के अनुशासित मार्च पास्ट और प्रदर्शन ने सभी की खूब तालियां बटोरीं। दूसरे दिन पहुंचे IPS अधिकारी, हुआ भव्य स्वागत
समारोह के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. रामेश्वर सिंह (IPS), पुलिस महानिरीक्षक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), जयपुर तथा आनंद शर्मा (IPS), पुलिस महानिरीक्षक, जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) उपस्थित रहे। सरस्वती वंदना और दीप प्रज्वलन के बाद अतिथियों का पारंपरिक साफा, शॉल, पुष्पमाला, हरित स्वर्ण पौधे और स्मृति चिह्न भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया। ‘राइज ओलंपियाड’ की घोषणा: मेधावियों को मिलेगी ₹2 लाख तक की छात्रवृत्ति
इस ऐतिहासिक अवसर पर एजुकेशन कमेटी ऑफ माहेश्वरी समाज (ECMS) ने विद्यार्थियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और नई पहल **’राइज ओलंपियाड’** की घोषणा की। इस योजना के तहत प्रतिभावान विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए नया मंच प्रदान किया जाएगा और उन्हें **दो लाख रुपये तक की छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप)** दी जाएगी। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्टूडेंट्स को मिला ‘एक्सीलेंस अवॉर्ड’
समारोह के दौरान शिक्षा, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और सह-शैक्षणिक क्षेत्रों में सालभर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले होनहार विद्यार्थियों को ‘एक्सीलेंस अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। अपने बच्चों को सम्मानित होते देख उपस्थित अभिभावकों और शिक्षकों के चेहरे गर्व से खिल उठे। संस्था के पदाधिकारियों ने साझा किया राष्ट्र निर्माण का संकल्प
इससे पहले, ईसीएमएस (ECMS) के अध्यक्ष उमेश सोनी ने स्वागत भाषण दिया। उपाध्यक्ष निर्मल डागर ने विद्यार्थियों को अनुशासन, कड़े परिश्रम और नैतिक मूल्यों के साथ जीवन में आगे बढ़ने का संदेश दिया। वहीं, महासचिव (शिक्षा) कमल सोमानी, कोषाध्यक्ष अरुण मालू, भवन मंत्री प्रवीण लड्ढा तथा विद्यालय के मानद सचिव सीए संजय बांगड़ ने संस्था की भावी विकास योजनाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के संकल्प को साझा किया।

एमबीएम विवि के कुलपति को अंतरिम राहत:राज्यपाल सचिवालय को नोटिस जारी; यौन उत्पीड़न संबंधी टिप्पणी पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

राजस्थान हाईकोर्ट ने एमबीएम विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अजय कुमार शर्मा को अंतरिम राहत देते हुए राज्यपाल सचिवालय के 3 जुलाई 2026 के आदेश में की उस टिप्पणी के प्रभाव पर रोक लगा दी है। इसमें कहा गया था कि उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप जांच रिपोर्ट में सही पाए गए हैं। जस्टिस डॉ. नूपुर भाटी की एकलपीठ ने मामले में राज्यपाल सचिवालय को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है। साथ ही स्थगन आवेदन पर भी नोटिस जारी किए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट रमित मेहता और तरुण दूदिया ने कोर्ट को बताया कि कुलपति ने कर्मचारी की पुनर्बहाली संबंधी आदेश को चुनौती नहीं दी है। उनकी आपत्ति केवल उन टिप्पणियों पर है, जिनमें कहा गया कि उन्होंने अध्यादेश 327 (5) का दुरुपयोग किया, उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप जांच में सही पाए गए। दिल्ली हाईकोर्ट के निर्णय का दिया हवाला कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत जांच रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि जांच समिति ने केवल मानसिक प्रताड़ना के आरोपों को सही माना था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) ने दिल्ली हाईकोर्ट के एक निर्णय का हवाला देते हुए कुलपति के विरुद्ध यौन उत्पीड़न की शिकायत की जांच नहीं की, क्योंकि नियोक्ता के खिलाफ ऐसी जांच उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं थी। प्रथमदृष्टया दलीलों पर विचार करते हुए हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई तक टिप्पणी के संचालन पर अंतरिम रोक लगा दी है।

राजस्थान पुलिस के पूर्व डीजी अरुण दुगड़ का निधन:डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने जताया शोक, कहा-हमेशा याद रहेगा उनका योगदान

राजस्थान पुलिस के सेवानिवृत्त महानिदेशक (जेल) अरुण दुगड़ के निधन पर पुलिस महकमे में शोक की लहर है। पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री राजीव कुमार शर्मा ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं। डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने कहा- अरुण दुगड़ एक बेहद कुशल, ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी थे। उन्होंने अपने लंबे सेवाकाल के दौरान राजस्थान पुलिस को सशक्त बनाने और जनसेवा की भावना के साथ उत्कृष्ट कार्य किया। पुलिस विभाग और समाज के लिए उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। पुलिस परिवार ने दी भावभीनी श्रद्धांजल डीजीपी ने स्वर्गीय दुगड़ को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और इस कठिन समय में शोक संतप्त परिवार को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। इसके साथ ही, संपूर्ण राजस्थान पुलिस परिवार ने भी पूर्व डीजी अरुण दुगड़ के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।