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बांसवाड़ा में श्रद्धालुओं ने खींचा भगवान जगन्नाथ का रथ:24 घंटे के अखंड रामायण पाठ के बाद निकली शोभायात्रा; गरबा भी खेला

बांसवाड़ा में नेमा समाज और जगदीश मंडल के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलभद्र और माता सुभद्रा की ऐतिहासिक एवं रथयात्रा निकाली गई। सदियों पुरानी इस परंपरा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। ‘जय जगन्नाथ’ के जयघोष के बीच पूरा शहर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। श्रद्धालुओं ने रथ खींचकर भगवान के दर्शन किए और धर्म के साथ सामाजिक समरसता का संदेश दिया। अखंड रामायण पाठ के बाद रथयात्रा शुरू रथयात्रा से पहले जगदीश मंदिर में 24 घंटे का अखंड रामायण पाठ किया गया। गुरुवार को वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ इसकी पूर्णाहुति हुई। इसके बाद भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलभद्र और माता सुभद्रा की प्रतिमाओं को आकर्षक ढंग से सजे रथ में विराजमान कर नगर भ्रमण के लिए रवाना किया गया। शंखनाद, भजन-कीर्तन और जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने अपने हाथों से रथ खींचकर प्रभु सेवा का सौभाग्य प्राप्त किया। ​प्रमुख मार्गों से निकली यात्रा, जगह-जगह हुआ स्वागत रथयात्रा जगदीश मंदिर से शुरू होकर आजाद चौक, सदर बाजार, पिपली चौक, पैलेस रोड और महालक्ष्मी चौक से होते हुए वापस जगदीश मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने भगवान की आरती उतारी, पुष्पवर्षा की और माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया। गरबा बना आकर्षण, श्रद्धालुओं के लिए शरबत की व्यवस्था पिपली चौक पर श्रद्धालुओं ने पारंपरिक गरबा की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिसने रथयात्रा का उत्साह और बढ़ा दिया। भीषण गर्मी को देखते हुए नेमा पिपली चौक समिति ने श्रद्धालुओं के लिए ठंडे पेयजल और शरबत की व्यवस्था की। रथयात्रा के समापन पर जगदीश मंदिर में भगवान की महाआरती हुई और श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया गया। आयोजन में महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। जनप्रतिनिधि और समाज के पदाधिकारी रहे मौजूद रथयात्रा में भाजपा के कई जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। आयोजन की व्यवस्थाओं में नेमा समाज के अध्यक्ष निमेष मेहता, सचिव सुबोध मालोत, कोषाध्यक्ष शैलेंद्र मेहता, उपाध्यक्ष चंकी शाह, शैलेश शाह तथा जगदीश मंडल के अध्यक्ष महेंद्र सराफ, सचिव संदीप शाह, राजेश वसानिया, मनोज चंचावत सहित समाज के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता सक्रिय रहे।

जोधपुर में महिला तस्कर को 2 साल की सजा:रसोई में छिपाकर रखी थी अफीम; घर से मिली थी हिसाब की डायरियां

एनडीपीएस कोर्ट जोधपुर ने 14 साल पुराने अवैध मादक पदार्थ अफीम के मामले में महिला आरोपी को 2 साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपी पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। एनडीपीएस न्यायालय जोधपुर के विशिष्ट न्यायाधीश अजय कुमार भोजक ने यह फैसला सुनाया है। साल 2012 में हुई इस कार्रवाई के दौरान महिला के घर में बनी रसोई से अफीम बरामद हुई थी। इसके साथ ही उसके घर से मादक पदार्थ के हिसाब-किताब की डायरी भी मिली थी। दिसंबर 2012 में हुई थी कार्रवाई, एनडीपीएस एक्ट में पेश की गई थी चार्जशीट विशिष्ट लोक अभियोजक (एनडीपीएस) गोविंद जोशी ने बताया कि 11 दिसंबर 2012 को ओसियां पुलिस थाने के तत्कालीन थानाधिकारी राजीव भादू ने श्रवणराम के रेलवे पटरी के पास ओसियां स्थित मकान पर दबिश दी थी। वहां रसोई में छिपाकर रखी गई 300 ग्राम अवैध अफीम बरामद की गई थी। इसके साथ ही मौके से अफीम की खरीद-फरोख्त के हिसाब-किताब की डायरियां और एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा भी बरामद हुआ था। पुलिस ने घर में मौजूद श्रवणराम की पत्नी मुन्नी देवी को गिरफ्तार किया था। मुन्नी देवी ने बताया कि उसका पति अवैध अफीम बेचने का काम करता है। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में एनडीपीएस एक्ट के तहत चार्जशीट पेश की थी। महिला आरोपी को 2 साल की कठोर सजा सुनवाई के दौरान विशिष्ट लोक अभियोजक (एनडीपीएस) गोविंद जोशी ने कोर्ट में दलील दी कि समाज में अवैध मादक पदार्थों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। यह एक गंभीर प्रकृति का अपराध है। आरोपी के महिला होने के बावजूद समाज पर इसके पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए उसे कठोरतम सजा दी जाए। वहीं, बचाव पक्ष ने महिला होने के नाते कोर्ट से नरमी बरतने का आग्रह किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद, विशिष्ट न्यायालय एनडीपीएस संख्या-1 जोधपुर के विशिष्ट न्यायाधीश अजय कुमार भोजक ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए 12 गवाहों, 48 दस्तावेजी साक्ष्यों और 5 आर्टिकल्स के आधार पर आरोपी मुन्नी देवी को दोषी माना। कोर्ट ने उसे अवैध मादक पदार्थ अफीम रखने और उसकी खरीद-फरोख्त करने के आरोप में 2 साल की कठोर कैद और 10 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।

टोंक में ओडिशा की तरह भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा:25 फीट ऊंचे रथ में विराजे भगवान, 100 फीट लंबी रस्सियों से भक्तों ने खींचा

टोंक में पहली बार ओडिशा की तर्ज पर भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली गई। 25 फीट ऊंचे विशेष हाइड्रोलिक रथ में भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाएं विराजमान रहीं, जबकि श्रद्धालुओं ने 100 फीट लंबी दो रस्सियों से रथ को खींचा। आषाढ़ी दूज पर इस्कॉन सेंटर के तत्वावधान में निकली यह यात्रा अंबेडकर खेल स्टेडियम से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई श्री मंशापूर्ण महादेव मंदिर पहुंची। यात्रा के दौरान महिला, पुरुष और बच्चों समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। हरिनाम संकीर्तन, मृदंग-करताल और विशेष बैंड आकर्षण का केंद्र रहे। 25 फीट ऊंचे हाइड्रोलिक रथ में विराजे भगवान भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा गुरुवार शाम हटवाड़ा मैदान स्थित इस्कॉन सेंटर से 56 भोग और आरती के साथ शुरू हुई। जयपुर से मंगवाए गए विशेष 25 फीट ऊंचे हाइड्रोलिक रथ में भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाएं विराजमान थीं। भगवान के रथ को 100 फीट लंबी दो रस्सियों से श्रद्धालु खींचते हुए पूरे मार्ग पर ले गए। शहर के प्रमुख मार्गों से होकर निकली यात्रा रथयात्रा अंबेडकर खेल स्टेडियम के पास से शुरू होकर कंकाली माताजी मंदिर, गांधी पार्क, घंटाघर, सुभाष बाजार, पांच बत्ती, काफला बाजार, नौशे मियां का पुल, बड़ा कुआं, सबील शाह की चौकी, जैन नसिया और हेमू कालाणी सर्किल होते हुए श्री मंशापूर्ण महादेव मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए और यात्रा का स्वागत किया। हरिनाम संकीर्तन और बैंड बने आकर्षण का केंद्र रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा के दर्शन के साथ मृदंग-करताल पर हरिनाम संकीर्तन और विशेष बैंड आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम में ओमप्रकाश पांडे, डॉ. प्रदीप गहलोत, महंत दुर्गा लाल, दुर्गेश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

फतहसागर झील में डूबने से बचाने की दी ट्रेनिंग:एनडीआरएफ-सिविल डिफेंस ने लाइव डेमो देते हुए बताए 'गोल्डन मिनट्स'

उदयपुर की फतहसागर झील में बोटिंग के दौरान किसी संभावित हादसे या आपदा की स्थिति में यात्रियों की जान बचाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में झील पर नाव संचालन करने वाले नाविकों, बोट ऑपरेटरों और स्थानीय लोगों को गुरुवार को आपात स्थिति में तुरंत और सही तरीके से बचाने की जानकारी दी गई। मोतीमगरी स्थित फतहसागर झील के नाव संचालन स्थल पर आयोजित प्रशिक्षण में एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) और सिविल डिफेंस उदयपुर की टीमों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। टीमों ने मौके पर पहुंचकर विभिन्न आपदा परिस्थितियों का लाइव डेमो देते हुए बताया- रेस्क्यू टीम के पहुंचने से पहले शुरुआती कुछ मिनटों में सही निर्णय और तुरंत कार्रवाई किसी व्यक्ति की जान बचाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इनकी दी जानकारी प्रशिक्षण के दौरान नाव पलटने, यात्री के पानी में गिरने या किसी अन्य दुर्घटना की स्थिति में घबराने के बजाय किस तरह शांत रहकर बचाव कार्य करना चाहिए, इसकी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि हादसे के समय सबसे पहले यात्री को सुरक्षित तरीके से पानी से बाहर निकालने का प्रयास करना चाहिए और अनावश्यक रूप से भीड़ नहीं लगने देनी चाहिए। साथ ही तुरंत पुलिस, प्रशासन और रेस्क्यू टीम को सूचना देने के लिए भी कहा गया। लाइफ जैकेट पहनना जरूरी एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर रंजीत पटेल ने लाइफ जैकेट की अनिवार्यता पर बताया- बोटिंग के दौरान प्रत्येक यात्री और नाविक के लिए लाइफ जैकेट पहनना बेहद जरूरी है। सही तरीके से लाइफ जैकेट पहनने और उसका उपयोग करने का भी प्रदर्शन किया गया। प्रशिक्षण में बताया कि यदि कोई व्यक्ति पानी में डूब जाए और उसे बाहर निकाल लिया जाए तो प्राथमिक इलाज किस प्रकार दिया जाए। एनडीआरएफ जवानों ने डेमो से बताया कि बेहोश व्यक्ति की सांस और नाड़ी की जांच कैसे करें। जरूरत पड़ने पर सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) किस प्रकार दिया जाए। वहीं चिकित्सकीय सहायता मिलने तक किन सावधानियों का पालन करना चाहिए। साथ ही डूबने के बाद शरीर में पानी जाने की स्थिति में शुरुआती उपचार के बारे में भी जानकारी दी गई। बचाने के तरीके बताए सिविल डिफेंस के इंस्पेक्टर रवि शर्मा ने बताया- कई बार सीमित संसाधनों में भी प्रभावी बचाव किया जा सकता है। प्रशिक्षण में रस्सी, प्लास्टिक कैन, खाली बोतलें, ट्यूब, लकड़ी या अन्य तैरने वाली वस्तुओं जैसे प्राकृतिक और स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर डूबते व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने के सुरक्षित तरीके भी बताए गए। साथ ही समझाया गया कि बिना प्रशिक्षण के सीधे पानी में कूदने के बजाय सुरक्षित दूरी से बचाव के उपाय अपनाना अधिक प्रभावी और सुरक्षित होता है। एनडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमों ने कहा- ऐसे प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल नाविकों को ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों को भी आपदा के समय सही निर्णय लेने और शुरुआती बचाव कार्य के लिए तैयार करना है। किसी भी दुर्घटना की स्थिति में रेस्क्यू टीम के पहुंचने से पहले लोगों की जान बचाने की संभावना बढ़ाई जा सके।

फर्जी रजिस्ट्री से 1.60 करोड़ की जमीन हड़पी:इनामी मास्टरमाइंड समेत 5 दबोचे, फर्जी डॉक्यूमेंट बनाकर बेचते थे प्लॉट

जयपुर की बनीपार्क थाना पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन और भूखंडों की अवैध खरीद-फरोख्त करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 15 हजार रुपए के इनामी मास्टरमाइंड मुनेश कुमार मीणा सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन और प्लॉट की रजिस्ट्री कराता था तथा उन्हें असली बताकर बेच देता था। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और इस फर्जीवाड़े से जुड़े मामलों की जांच में जुटी है। फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी से बेच दिए दो प्लॉट डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि 23 जून 2025 को परिवादी सुनील खंडेलवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उन्होंने और उनकी पत्नी अनीता खंडेलवाल के नाम एयरपोर्ट एन्क्लेव, जगतपुरा स्थित प्लॉट संख्या D-32 और D-33 खरीदे थे। बाद में पता चला कि इन्हीं प्लॉटों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया गया है। 1.60 करोड़ रुपए में बेच दिए प्लॉट पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दोनों प्लॉट पहले ऋषिकेश मीणा के नाम रजिस्टर्ड कराए गए और बाद में उन्हें अजय गुप्ता को बेच दिया गया। इस पूरी साजिश के जरिए गिरोह ने करीब 1 करोड़ 60 लाख रुपए की ठगी की। ऐसे करता था गिरोह काम जांच में सामने आया कि गिरोह असली भूखंड मालिकों की पहचान बदलकर फर्जी व्यक्ति को रजिस्ट्रार कार्यालय में पेश करता था। फर्जी गवाह, नकली पहचान और जाली दस्तावेजों के जरिए पावर ऑफ अटॉर्नी बनाकर जमीन की रजिस्ट्री कर दी जाती थी। इसके बाद संपत्ति को आगे बेचकर करोड़ों रुपए हड़प लिए जाते थे। 5 आरोपी गिरफ्तार, मास्टरमाइंड पर था इनाम पुलिस ने इस मामले में 15 हजार रुपए के इनामी आरोपी मुनेश कुमार मीणा सहित अशोक मीणा, आशा बैरवा समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहे थे। तकनीकी विश्लेषण और मानव खुफिया तंत्र की मदद से उन्हें अलग-अलग स्थानों से दबोचा गया। आरोपियों का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी मुनेश कुमार मीणा के खिलाफ जयपुर, गुरुग्राम और अन्य स्थानों पर धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, आपराधिक षड्यंत्र और जमीन हड़पने के 10 से अधिक मामले दर्ज हैं। वहीं आरोपी अशोक मीणा के खिलाफ भी पूर्व में जमीन धोखाधड़ी से जुड़े मामले दर्ज हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले सहयोगियों तथा इस नेटवर्क से जुड़े अन्य मामलों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने इसी तरीके से और कितनी संपत्तियों की फर्जी रजिस्ट्री कर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की है।

बाड़मेर-हरिद्वार स्पेशल ट्रेन अब 27 अगस्त तक चलेगी:12 अतिरिक्त फेरे बढ़ाए; पीएम मोदी कल करेंगे जोधपुर मंडल के तीन स्टेशनों का लोकार्पण

सावन के महीने और आने वाले त्योहारों के सीजन में हरिद्वार जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। ट्रेनों में होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने बाड़मेर-हरिद्वार स्पेशल ट्रेन (जो हफ्ते में दो दिन चलती है) को आगे भी चलाने का फैसला किया है। अब यह ट्रेन 27 अगस्त तक चलेगी। रेलवे के इस फैसले से हरिद्वार जाने वाले श्रद्धालुओं और आम यात्रियों को टिकट मिलने में आसानी होगी और उनका सफर आरामदायक रहेगा। जोधपुर मंडल के रेल प्रबंधक (DRM) अनुराग त्रिपाठी ने बताया- यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गाड़ी संख्या 04811/04812 (बाड़मेर-हरिद्वार-बाड़मेर) स्पेशल ट्रेन के चलने की अवधि को बढ़ा दिया गया है। अब यह ट्रेन दोनों तरफ से 12-12 अतिरिक्त चक्कर (ट्रिप) लगाएगी, जिससे यात्रियों को आने-जाने में कोई परेशानी न हो। बाड़मेर से हरिद्वार जाने वाली ट्रेन (04811):
यह ट्रेन हर हफ्ते सोमवार और गुरुवार को चलती है। पहले यह ट्रेन सिर्फ 16 जुलाई तक चलने वाली थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 20 जुलाई से 27 अगस्त 2026 तक कर दिया गया है। इस दौरान यह ट्रेन कुल 12 चक्कर (फेरे) लगाएगी। हरिद्वार से बाड़मेर आने वाली ट्रेन (04812):
यह ट्रेन हर हफ्ते मंगलवार और शुक्रवार को चलती है। पहले यह सिर्फ 17 जुलाई तक चलने वाली थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 21 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक कर दिया गया है। इस दिशा में भी ट्रेन 12 अतिरिक्त चक्कर लगाएगी। समय और रूट में कोई बदलाव नहीं:
यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने साफ किया है कि इस ट्रेन के समय (टिमिंग्स), रूट (रास्ते) और स्टेशनों पर रुकने (स्टॉपेज) की व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ट्रेन पहले की तरह ही अपने पुराने समय और स्टेशनों पर रुकते हुए चलेगी।
पीएम मोदी कल करेंगे जोधपुर मंडल के 3 रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को पंजाब के जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वर्चुअल माध्यम) के जरिए देश के 75 रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे। इन स्टेशनों को ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत नए सिरे से आधुनिक बनाया गया है। इस खास मौके पर जोधपुर रेल मंडल के तीन प्रमुख स्टेशनों- जैसलमेर, बाड़मेर और गोटन का भी उद्घाटन किया जाएगा। स्टेशनों पर मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं:
नए रंग-रूप में तैयार इन तीनों स्टेशनों पर यात्रियों के लिए कई शानदार सुविधाएं शुरू की गई हैं: स्टेशन की बिल्डिंग को बेहद खूबसूरत और आधुनिक बनाया गया है। बैठने के लिए बेहतर वेटिंग रूम (प्रतीक्षालय) और साफ-सुथरे टॉयलेट्स बनाए गए हैं। दिव्यांग यात्रियों के लिए खास और आसान सुविधाएं दी गई हैं। ट्रेनों की जानकारी के लिए डिजिटल स्क्रीन और अच्छी लाइटिंग की व्यवस्था की गई है। स्टेशन के डिजाइन में स्थानीय कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा:
स्टेशनों के आधुनिक होने से न सिर्फ यात्रियों का सफर आसान और सुरक्षित होगा, बल्कि इससे इलाके में पर्यटन (टूरिज्म), व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी काफी मजबूती मिलेगी। इस उद्घाटन के मौके पर जैसलमेर, बाड़मेर और गोटन स्टेशनों पर स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें नेता, रेलवे अधिकारी और आम लोग शामिल होंगे।

2500 रुपए का पेट्रोल भरवाकर फरार हुए बदमाश:बिना नंबर की स्विफ्ट में आए थे 4 युवक; एक दिन पहले भी आए थे

नागौर शहर में पेट्रोल पंप से कार में 2400 रुपए पेट्रोल भरवाकर बदमाश बिना भुगतान किए भाग निकले। गुरुवार दोपहर चार युवक बिना नंबर की सफेद मारुति स्विफ्ट कार में आए थे। घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। पुलिस से आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की मांग की गई है। घटना शहर के मां संतोषी पेट्रोल पंप (नायरा पेट्रोल पंप) की है। पेट्रोल पंप संचालक विक्रम सिंह राजपुरोहित ने बताया- दोपहर करीब 2:15 बजे सफेद रंग की कार में युवक पहुंचे थे। एक दिन पहले भी आए थे, तब नहीं भरा गया था पेट्रोल पेट्रोल पंप संचालक के अनुसार-यही कार बुधवार रात करीब 10:15 बजे भी पेट्रोल पंप पर आई थी। उस समय कर्मचारियों को गाड़ी बिना नंबर की होने और संदिग्ध लगने पर उन्होंने पेट्रोल नहीं होने का बहाना बनाकर ईंधन देने से इनकार कर दिया था। अगले ही दिन बदमाश दोबारा आए और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। दो महीने में दूसरी घटना, कर्मचारियों में दहशत बताया जा रहा है कि इसी पेट्रोल पंप पर करीब दो महीने पहले भी इसी तरह पेट्रोल भरवाकर फरार होने की घटना हुई थी। उस मामले में भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सके थे। लगातार दूसरी वारदात के बाद पेट्रोल पंप संचालकों और कर्मचारियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। कोतवाली थाने में की शिकायत घटना के बाद पेट्रोल पंप संचालक ने कोतवाली थाना, नागौर में लिखित परिवाद सौंप दिया है। पुलिस से आसपास के सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की मांग की गई है। अब पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

शिवसेना-UBT ने की जालोर में नियमित पानी सप्लाई की मांग:कहा-8 दिन में ऐसा नहीं हुआ तो करेंगे भूख हड़ताल

जालोर में शिवसेना UBT ने शहर में नियमित पानी की सप्लाई करने की मांग की है। गुरुवार को शहर इकाई की ओर से जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में शहर में नियमित नर्मदा पेयजल आपूर्ति करने, जर्जर पाइपलाइन बदलने और दूषित-खारे पानी की सप्लाई बंद करने की मांग की है। जिला प्रमुख रूपराज पुरोहित ने कहा- यदि आठ दिन के भीतर नियमित, पर्याप्त और शुद्ध नर्मदा जलापूर्ति शुरू नहीं हुई तो जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर आमरण भूख हड़ताल करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया गया कि कई क्षेत्रों में नर्मदा जल में खारा पानी मिलाकर आपूर्ति की जा रही है। साथ ही जर्जर पाइपलाइनों के कारण दूषित पानी लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। इसका तत्काल स्थायी समाधान किया जाए।

निःशब्द स्कूल में महिला सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित:ASP मीणा ने विभिन्न सुरक्षा सेवाओं और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी

महिला एवं बालिकाओं की सुरक्षा और साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से निःशब्द स्कूल एकट बोधग्राम में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। महिला संकल्प सुरक्षा अभियान के तहत हुए इस कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (महिला प्रकोष्ठ) संतराम मीणा के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों और स्टाफ को विभिन्न सुरक्षा सेवाओं व हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम प्रभारी मनोज शर्मा ने बताया कि अभियान के दौरान विद्यालय और कॉलेज के छात्र-छात्राओं सहित स्टाफ को पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुरक्षा सेवाओं से अवगत कराया गया। इस दौरान राजकॉप सिटीजन एप डाउनलोड करवाकर उसके उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही, महिला हेल्पलाइन 1090, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, साइबर हेल्पलाइन 1930, आपातकालीन सेवा 112 और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 जैसे महत्वपूर्ण नंबरों के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतराम मीणा ने साइबर ठगी से बचाव के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या ऑनलाइन लेनदेन से सावधानी बरतनी चाहिए। यदि किसी प्रकार की साइबर ठगी होती है, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस और साइबर हेल्पलाइन पर देनी चाहिए। संस्था के समन्वयक एवं सदस्य सचिव सत्येन चतुर्वेदी ने राजकॉप सिटीजन ऐप को महिला एवं बालिका सुरक्षा के लिए एक उपयोगी माध्यम बताया। उन्होंने सभी से इस ऐप की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में सत्येन चतुर्वेदी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संस्था का स्टाफ, महिला प्रकोष्ठ के कार्मिक तथा कालिका पेट्रोलिंग यूनिट और निर्भया स्क्वॉड के सदस्य उपस्थित रहे।

PM मोदी कल करेंगे बाड़मेर रेलवे स्टेशन का लोकार्पण:16.81 करोड़ से बदली तस्वीर, 28 ट्रेनों का होगा ठहराव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार (17 जुलाई) को दोपहर 2:30 बजे वर्चुअल माध्यम से बाड़मेर रेलवे स्टेशन का लोकार्पण करेंगे। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करीब 16.81 करोड़ रुपए की लागत से स्टेशन का पुनर्विकास किया गया है। यहां वर्तमान में 28 ट्रेनों का ठहराव है और रोजाना करीब 8 हजार यात्री सफर करते हैं। पुनर्विकास के तहत आधुनिक प्रतीक्षालय, अलग पार्किंग, लिफ्ट, नया फुट ओवर ब्रिज, दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं, रिटायरिंग रूम, डोरमेट्री और अन्य यात्री सुविधाएं विकसित की गई हैं। उद्घाटन समारोह में सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल, विधायक प्रियंका चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष अनंतराम विश्नोई, किशन बोहरा सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। 16.81 करोड़ से हुआ पुनर्विकास, 28 ट्रेनों का ठहराव अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बाड़मेर रेलवे स्टेशन का करीब 16.81 करोड़ रुपए की लागत से पुनर्विकास किया गया है। स्टेशन को अत्याधुनिक यात्री सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है, जिससे यात्रियों को बेहतर और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा। बाड़मेर स्टेशन पर वर्तमान में 28 ट्रेनों का ठहराव है और यहां से रोजाना करीब 8 हजार यात्री सफर करते हैं। तेल-गैस, ऊर्जा और खनिज उद्योगों के विकास के कारण यह स्टेशन क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। 35 माह बाद उद्घाटन, दूसरे चरण का काम जारी नए रेलवे स्टेशन की आधारशिला रखे जाने के करीब 35 महीने बाद इसका उद्घाटन हो रहा है, जबकि निर्माण कार्य 24 महीने में पूरा हो गया था। वहीं रेलवे स्टेशन के दूसरे चरण में प्लेटफॉर्म विस्तार और नई रेल लाइन बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। इसके लिए नेहरू नगर की ओर स्थित पुराने रेलवे क्वार्टरों को हटाकर नए प्लेटफॉर्म और ट्रैक का निर्माण किया जा रहा है। यात्रियों को मिलेंगी कई आधुनिक सुविधाएं पुनर्विकास के तहत स्टेशन पर अलग प्रवेश और निकास द्वार, आधुनिक सर्कुलेटिंग एरिया, ऑटो, दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए अलग पार्किंग, पोर्च, दोगुनी ऊंचाई वाला प्रवेश द्वार, महिला-पुरुषों के लिए अलग प्रतीक्षालय, रिटायरिंग रूम, डोरमेट्री, नया वीआईपी कक्ष, स्टेशन अधीक्षक कार्यालय, फुट ओवर ब्रिज पर लिफ्ट, 12 मीटर चौड़ा नया एफओबी, प्लेटफॉर्म शेल्टर, दिव्यांग अनुकूल शौचालय, पेयजल बूथ, बेहतर साइनबोर्ड, होर्डिंग्स, स्मारकीय ध्वज और उच्च गुणवत्ता वाले फर्नीचर जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं।