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NEET रिजल्ट: किसान के बेटे की आई 11वीं रैंक:अभिलाष बाेले- कॉन्फिडेंस कभी नहीं खोना चाहिए, 18वीं रैंक अचीवर कृतिक बोले-सोशल मीडिया ऐप कभी इंस्टॉल नहीं किए

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने NEET-2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। सीकर में कोचिंग करने वाले स्टूडेंट अभिलाष ने NEET 2026 में ऑल इंडिया लेवल पर 11वीं रैंक हासिल की है। अभिलाष के पिता जयप्रकाश एक किसान हैं। अभिलाष ने 720 में से 705 नंबर हासिल किए हैं। सीकर जिले के ग्रामीण इलाकों के बच्चों ने भी NEET रिजल्ट में बेहतरीन अंक हासिल किए हैं। 11वीं रैंक अचीवर अभिलाष का स्कोर 705, कहा- कभी भी कॉन्फिडेंस कम नहीं करना चाहिए NEET परीक्षा परिणाम में सीकर के स्टूडेंट अभिलाष ने ऑल इंडिया लेवल पर 11वीं रैंक हासिल की है। 3 मई को जो परीक्षा हुई थी उसमें अभिलाष ने 705 नंबर हासिल किए थे और इस बार भी अभिलाष ने उतना ही स्कोर किया है। अभिलाष का कहना है कि रेगुलर स्टडी और रेगुलर डाउट क्लियर होने से कोई भी प्रॉब्लम नहीं हुई। अभिलाष ने बताया कि 11वीं क्लास से सीकर में रहकर पढ़ाई शुरू कर दी थी। पिता खेती करते हैं और घर में कोई कैरियर के लिए गाइड करने वाला नहीं था। टीचर ताऊ ने कहा कि डॉक्टर बनने के लिए प्रेरित किया। 12वीं कक्षा के साथ परीक्षा देनी थी लेकिन तब उम्र कम थी। इस बार पहले अटेम्प्ट में 3 मई को परीक्षा दी वो कैंसिल हो गई। फिर निराश हुआ तो परिवार और टीचर्स ने मोटिवेट किया। अभिलाष ने कहा कि कॉन्फिडेंस बिल्कुल भी नहीं खोया। कई बार ऐसा होता है कि स्टूडेंट को पेपर काफी हद तक इजी लगता है लेकिन कुछ क्वेश्चंस देखकर कॉन्फिडेंस खो देते हैं। ऐसे में चाहे तैयारी कैसी भी हो लेकिन कॉन्फिडेंस कम नहीं करना चाहिए।
18वीं रैंक होल्डर कृतिक बोले- सोशल मीडिया कभी नहीं चलाया सीकर में कोचिंग करने वाले और ऑल इंडिया 18वीं रैंक हासिल करने वाले कृतिक जैन ने बताया- मैं रेगुलर 5 से 6 घंटे पढ़ाई करता था। 3 मई को आयोजित हुई परीक्षा रद्द होने के बाद एक बार तो मुझे दुख हुआ, क्योंकि मैं 705 नंबर हासिल करने वाला था। लेकिन जैसे ही परीक्षा की दूसरी डेट डिक्लेअर हुई, मैंने फिर से लगातार तैयारी करना शुरू कर दिया। मैंने सोशल मीडिया से काफी दूर रहता हूं। मैंने अपने मोबाइल में स्नैपचैट या इंस्टाग्राम कभी इंस्टॉल ही नहीं किया। NCERT बुक्स को बताया सफलता की कुंजी NEET परीक्षा में सवाईमाधोपुर के रहने वाले सौरभ अग्रवाल ने ऑल इंडिया लेवल पर 87वीं रैंक हासिल की है। सौरभ के पिता संजय अग्रवाल सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल हैं। सौरभ अग्रवाल का कहा- नीट परीक्षा में इस बड़ी उपलब्धि को हासिल करने में सबसे बड़ा योगदान NCERT बेस्ड स्टडी मैटेरियल का रहा। इसके अलावा रेगुलर क्लासेज और रोजाना डाउट सॉल्यूशन से पढ़ाई और ज्यादा आसान हो गई। 11वीं क्लास से ही सीकर में रहकर अपनी तैयारी कर रहे हैं। NEET-2026 के रिजल्ट की कट-ऑफ क्वालीफाई करने वाले स्टूडेंट्स के फोटो दैनिक भास्कर ऐप पर पब्लिश किए जाएंगे। इसके लिए नाम, रैंक, पिता का नाम, मार्कशीट की फोटो और पता इस नंबर 8058948066 पर भेज सकते हैं।

जोधपुर की नेशनल प्लेयर ने क्रेक किया नीट:नीट रद्द का सुन पढ़ाई छूट गई थी; पिता बेचते हैं दूध बेटी बनेंगी डॉक्टर

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार रात NEET-UG 2026 का रिजल्ट जारी किया। 11.21 लाख स्टूडेंट मेडिकल, डेंटल, AYUSH और अन्य मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए क्वालिफाई हुए हैं। इसमें जोधपुर के मोहित अग्रवाल ने 335 वीं रैंक के साथ सिटी ऑप किया है। मोहित के ऑल इंडिया रैंक 335 और ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में 19वीं रैंक आई है। मोहित के 720 में 677 नंबर आए हैं। मोहित के पिता का निधन 2008 में मेहरानगढ़ किले के चामूंडा माता मंदिर में हुई भगदड़ में हो गया था। पिता की मौत के 14 दिन बाद मोहित का जन्म हुआ। उनकी परवरिश उनकी माता तरुणा अग्रवाल ने की। वे सरकारी नौकरी में हैं। वहीं जोधपुर की ​डिंपल खींची ने नीट एग्जाम क्रेक कर 5 हजार 609वीं रैंक हासिल की है। इसके साथ ही हिमांशी सिंह की ऑल इंडिया रैकिंग 512 है। हिमांशी ने बताया कि उन्होंने अपनी स्टडी को कंटीन्यू रखा और लगातार रिवीजन करती रहीं। बोले-परिवार का सपना था वे डॉक्टर बने मोहित ने बताया कि जब री-नीट एग्जाम के बारे में सुना तो वे डिप्रेशन में आ गए थे। लेकिन, उन्होंने दोबारा तैयारी शुरू की और ये रैंक हासलि की। मोहित ने बताया- मेरे परिवार का भी सपना था कि मैं डॉक्टर बनें। इस रिजल्ट से उनका और परिवार का सपना पूरा हुआ है। मैं रोजाना 7-8 घंटे पढ़ाई करता था। एग्जाम के करीब आने पर रोजाना 10 से 12 घंटे तैयारी की। री नीट की जब खबर आई को उन्हें डिप्रेसिंग लगा। लेकिन फिर उन्होंने तैयारी शुरू कर दी और अच्छे मार्क्स हासिल किए। मोहित ने 12वीं के साथ पहले प्रयास में यह सफलता हासिल की है। पढ़ाई के दौरान रिलेक्स होने के लिए यूट्यूब देखते थे और परिवार के साथ समय बिताते थे। NEET 2026 के रिजल्ट की कट ऑफ क्वालीफाई करने वाले स्टूडेंट्स के फोटो दैनिक भास्कर ऐप पर पब्लिश किए जाएंगे। इस नंबर 9799081721 पर जानकारी भेज सकते हैं।

अजमेर के छोटे गांव-रसलपुरा की दो बहनें नीट में पास:श्रेया ने पहली बार में NEET की क्लियर, डेढ़ साल घर में रहकर पढ़ीं, AI की ली मदद

अजमेर के रामगंज क्षेत्र की रहने वाली श्रेया सेन ने पहली बार में NEET-UG 2026 परीक्षा पास करते हुए ऑल इंडिया 4916वीं रैंक हासिल की। श्रेया के पिता मुकेश सेन और माता सविता सेन दोनों सरकारी स्कूलों में लेक्चरर हैं। वहीं अजमेर की दो बहनों ने भी एक साथ नीट पास करते हुए सफलता हासिल की है। रसलपुरा गांव की सना फिरदौस और सादिया ने एक साथ एग्जाम पास किया। सना फिरदौस ने ऑल इंडिया 8015वीं रैंक, जबकि सादिया ने 14412वीं रैंक हासिल की। बता दें कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार देर रात NEET-UG 2026 का रिजल्ट जारी किया था। देशभर में 11.21 लाख अभ्यर्थी मेडिकल, डेंटल, AYUSH और अन्य मेडिकल कोर्स में प्रवेश के लिए क्वालिफाई हुए हैं। वहीं करीब 10 लाख अभ्यर्थी 213 अंकों के कटऑफ तक भी नहीं पहुंच सके। इस बार कटऑफ में पिछले साल के मुकाबले 69 अंकों की बढ़ोतरी हुई है। इसमें अजमेर के विद्यार्थियों ने भी इस बार NEET-UG में शानदार प्रदर्शन किया है। रसलपुरा की दो बहनों ने पहली बार में किया कमाल अजमेर के रसलपुरा गांव के रहने वाले किसान युसूफ खान की दोनों बेटियों सना फिरदौस और सादिया ने भी पहली ही कोशिश में NEET-UG परीक्षा पास की। दोनों बहनों ने बताया- तैयारी के दौरान हमने मोबाइल से दूरी बनाई और अधिकतर समय ऑफलाइन पढ़ाई पर ध्यान दिया। नियमित स्टडी और निरंतर अभ्यास मेरी सफलता का सबसे बड़ा मंत्र रहा। भास्कर पर प्रकाशित होंगे अजमेर के NEET टॉपर्स दैनिक भास्कर अजमेर जिले के NEET-UG 2026 के सफल छात्र-छात्राओं की उपलब्धियों को प्रमुखता से प्रकाशित करेगा। जिले के सभी टॉपर्स अपनी फोटो, नाम, रैंक, स्कोर और संक्षिप्त जानकारी 9166112143 नंबर पर भेज सकते हैं। चयनित विद्यार्थियों की फोटो और सफलता की कहानी भास्कर एप पर प्रकाशित की जाएगी।

टोंक की 14 पीएम श्रीस्कूलों में शुरू होगी व्यावसायिक शिक्षा:559 स्कूलों में बच्चों को 15 सेक्टर और जॉब रोल्स में मिलेगी ट्रेनिंग

राजस्थान सरकार ने शिक्षा और रोजगार को जोड़ने की दिशा में नई पहल शुरू की है। सत्र 2026-27 में टोंक की 14 समेत प्रदेश की 559 पीएम श्री स्कूलों में स्टूडेंट्स को पढ़ाई के साथ रोजगारपरक शिक्षा भी दी जाएगी। कक्षा 9 से 12 तक 15 से ज्यादा सेक्टर्स और जॉब रोल्स में ट्रेनिंग मिलेगी, जबकि कक्षा 6 से 8 के स्टूडेंट्स के लिए कौशल बोध कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने करोडों रुपए का बजट मंजूर किया है और स्कूलों से लेकर अधिकारियों तक की जिम्मेदारी तय की गई है। 15 से ज्यादा सेक्टर्स और जॉब रोल्स में मिलेगी ट्रेनिंग प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग और राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने पीएमश्री (व्यावसायिक शिक्षा) योजना के तहत सत्र 2026-27 में यह व्यवस्था शुरू की है। इसका उद्देश्य स्टूडेंट्स को स्कूल स्तर से ही रोजगार के लिए तैयार करना है। कक्षा 9 से 12 तक के स्टूडेंट्स को 15 से ज्यादा सेक्टर्स और जॉब रोल्स में ट्रेनिंग दी जाएगी। इनमें एग्रीकल्चर सेक्टर में डेयरी वर्कर और डेयरी फार्मर, ऑटोमोटिव सेक्टर में फोर व्हीलर सर्विस असिस्टेंट और टेक्नीशियन, आईटी और आईटीईएस सेक्टर में डेटा एंट्री ऑपरेटर और सीआरएम वॉयस, ब्यूटी एंड वेलनेस सेक्टर में ब्यूटी थेरेपिस्ट तथा अन्य सेक्टर्स में फूड प्रोसेसिंग जैसे कोर्स शामिल किए गए हैं। कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों के लिए कौशल बोध कार्यक्रम इस बार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि व्यावसायिक शिक्षा केवल बड़ी कक्षाओं तक सीमित नहीं रहेगी। कक्षा 6 से 8 तक के स्टूडेंट्स के लिए कौशल बोध कार्यक्रम चलाया जाएगा। इसके लिए विशेष गतिविधि पुस्तिका तैयार की गई है। इसके तहत बच्चे दैनिक जीवन से जुड़े काम, मिट्टी के बर्तन बनाना, कृषि गतिविधियां, सिलाई और स्वास्थ्य से जुड़ी बुनियादी जानकारी सीखेंगे। कौशल भारत-कुशल भारत लक्ष्य को मिलेगा बल इस योजना का मुख्य उद्देश्य कौशल भारत-कुशल भारत के लक्ष्य को जमीन पर उतारना और शिक्षा तथा रोजगार के बीच की दूरी को कम करना है। सरकार का मानना है कि सरकारी स्कूलों से निकलने वाले स्टूडेंट्स केवल डिग्री लेकर नहीं निकलें, बल्कि उनके पास ऐसा हुनर भी हो जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। गौरतलब है कि प्रदेश में पहले से 549 पीएम श्री स्कूल संचालित हैं। इनमें टोंक जिले की 14 स्कूलें भी शामिल हैं। 2026 तक 50 प्रतिशत स्टूडेंट्स को व्यावसायिक शिक्षा देने का लक्ष्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत इस योजना का ढांचा तैयार किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि साल 2026 तक स्कूल और उच्च शिक्षा प्रणाली के माध्यम से कम से कम 50 प्रतिशत स्टूडेंट्स को व्यावसायिक शिक्षा का अनुभव दिया जाए। इसके साथ ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के सभी वर्गों के स्टूडेंट्स में ड्रॉपआउट दर कम करने और स्कूलों में उनका ठहराव बढ़ाने पर भी फोकस रहेगा। टोंक की इन 14 स्कूलों को किया गया शामिल टोंक जिले में राजकीय गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल मालपुरा, राजकीय कोठीनातमाम सीनियर सेकेंडरी स्कूल टोंक, राजकीय गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल टोडारायसिंह, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल दूनी, राजकीय गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल अलीगढ़, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल टोरडी, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल निवाई, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल देवली, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल राहोली, राजकीय महात्मा गांधी गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल गुलजार बाग टोंक, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल बरवास, राजकीय गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल उनियारा, महात्मा गांधी राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल अरनिया और राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल रानोली को योजना में शामिल किया गया है। सरकार ने करोडों रुपए का बजट किया मंजूर इस प्रोजेक्ट को लागू करने के लिए सरकार ने बड़ा बजट मंजूर किया है। पहले से संचालित 549 पीएम श्री स्कूलों के लिए 6515.79 लाख रुपए यानी करीब 65 करोड रुपए मंजूर किए गए हैं। वहीं इस सत्र में शामिल की जा रही नई 10 पीएम श्री स्कूलों के लिए 110.03 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इस राशि से स्कूलों में हाईटेक लैब बनाई जाएंगी, रॉ मटेरियल खरीदा जाएगा और एक्सपर्ट्स को मानदेय दिया जाएगा। अधिकारियों और संस्था प्रधानों की जिम्मेदारी तय योजना को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए राज्य परियोजना निदेशक डॉ. रश्मि शर्मा की ओर से स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। हर 30 स्कूलों पर एक स्किल नॉलेज फैसिलिटेटर तैनात किया जाएगा, जो हर तीन महीने में प्रत्येक स्कूल का कम से कम दो बार औचक निरीक्षण करेगा। यदि कोई ट्रेनर बिना सूचना अनुपस्थित रहता है या कोई स्कूल इंडस्ट्रियल विजिट नहीं करवाता है तो उसके खिलाफ पेनल्टी का प्रावधान रखा गया है। हर शनिवार स्टूडेंट्स बिना बस्ते के स्कूल आएंगे। इस दौरान उन्हें स्थानीय कारीगरों, प्रगतिशील किसानों, बैंक अधिकारियों और डॉक्टरों से मिलवाया जाएगा, ताकि वे वास्तविक जीवन के अनुभवों को समझ सकें। कक्षा 9 से 12 तक के लिए तय किया गया प्रशिक्षण समय व्यावसायिक शिक्षा को मुख्यधारा की पढ़ाई के साथ जोड़ा गया है। कक्षा 9 और 10 के स्टूडेंट्स के लिए 200 घंटे तथा कक्षा 11 और 12 के स्टूडेंट्स के लिए 300 घंटे का प्रशिक्षण समय तय किया गया है। इसके लिए स्कूल समय से पहले या बाद में तथा नो बैग डे के दौरान अतिरिक्त क्लास लगाई जाएंगी। इस विषय में कुल 100 अंक होंगे। इनमें 20 अंक स्कूल स्तर पर सतत मूल्यांकन जैसे उपस्थिति, पोर्टफोलियो और क्लास परफॉर्मेंस के आधार पर दिए जाएंगे। इसके अलावा 30 अंक की थ्योरी परीक्षा होगी और 50 अंक प्रैक्टिकल कार्य के लिए निर्धारित किए गए हैं। बोर्ड और एनएसडीसी मिलकर देंगे सर्टिफिकेट कक्षा 10वीं और 12वीं पास करने वाले स्टूडेंट्स को माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान अजमेर और नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एनएसडीसी) या सेक्टर स्किल काउंसिल की ओर से संयुक्त रूप से मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। शिक्षक संघ ने बताया फायदेमंद कदम शिक्षक संघ रेसटा राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने कहा कि राजस्थान के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण पहल है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत तैयार इस योजना से स्टूडेंट्स को पढ़ाई के साथ रोजगार से जुड़ा कौशल भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य साल 2026 तक कम से कम 50 प्रतिशत स्टूडेंट्स को व्यावसायिक शिक्षा का अनुभव देना है। साथ ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के सभी वर्गों के स्टूडेंट्स में ड्रॉपआउट दर कम करने और स्कूलों में उनका ठहराव बढ़ाने में भी यह योजना मददगार साबित होगी।

पूर्व NSG कमांडो के घर से 1.06 करोड़ कैश मिला:जोधपुर में 6 करोड़ का मकान बना रखा; छापे में 8 किलो अफीम का दूध भी बरामद

जोधपुर पुलिस ने NSG में कमांडो रहे रतनसिंह को ड्रग तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया है। बनाड़ थाना पुलिस टीम ने गुरुवार देर रात पूर्व NSG कमांडो के घर पर छापा मारा। पुलिस को देख रतनसिंह ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। छापेमारी के दौरान आरोपी के घर से 1 करोड़ 60 लाख 50 हजार रुपए की नकदी और 8 किलो अफीम का दूध भी बरामद हुआ है। पुलिस ने यह कार्रवाई जोधपुर के पॉश इलाके एकता नगर, रमजान का हत्था स्थित आरोपी के घर पर की है। आरोपी के घर की कीमत करीब 6 करोड़ रुपए बताई जा रही है। पुलिस ने नकद रुपए, अफीम के दूध के साथ ही एक क्रेटा कार भी जब्त की है। फिलहाल पुलिस आरोपी से इतनी बड़ी रकम और नशे की खेप के सोर्स को लेकर पूछताछ कर रही है। 500-500 के नोटों की गड्डियां गिनने में पुलिस को हो गई सुबह
DCP ईस्ट मनीष चौधरी ने बताया- पुलिस ने नशा तस्करी के मामले में कार्रवाई करते हुए रतनसिंह पुत्र हनुमानराम सिंवर जाट को गिरफ्तार किया है। आरोपी रतनसिंह पूर्व में असम राइफल्स में जवान रह चुका है और देश के प्रतिष्ठित सुरक्षा बल NSG में कमांडो के तौर पर भी सेवाएं दे चुका है। मनीष चौधरी ने बताया- देर रात शुरू हुई पुलिस की यह कार्रवाई शुक्रवार सुबह तक जारी रही। तलाशी के दौरान आरोपी के घर से 1 करोड़ 6 लाख 50 हजार रुपए से ज्यादा नकद रुपए बरामद हुए। आरोपी के ठिकाने पर 500-500 रुपए के नोटों की इतनी गड्डियां मिली कि उन्हें गिनते-गिनते सुबह हो गई। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है कि अफीम के दूध की यह बड़ी खेप कहां से लाई गई थी। करोड़ों रुपए के इस कैश का मुख्य जरिया क्या है। — ये खबर भी पढ़िए… NSG कमांडो और दोस्तों ने 2 लोगों के हाथ-पैर काटे:शराब कारोबारी की मौत; भतीजे को लहूलुहान हालत में देखा तो चाचा बेहोश हो गए शराब कारोबारी और दो साथियों को रास्ते में घेरकर नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) कमांडो और उसके दोस्तों ने हमला बोल दिया। घटना में शराब कारोबारी की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। (पूरी खबर पढ़ें)

रचित ने NEET में ऑल इंडिया 171वीं रैंक हासिल की:गुंजन को 818वीं, प्रेमशंकर को 2385वीं और आयुष को 5379वीं

धौलपुर जिले के मरैना गांव की बेटी गुंजन कुमारी ने ष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में 661 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंकिंग में 818वां स्थान प्राप्त किया है। कोडपुरा सैंपऊ गांव के किसान जगदीश बघेल के बेटे प्रेमशंकर बघेल ने 639 अंक प्राप्त कर 2385वीं रैंक हासिल की है। आयुष सिंघल ने 619 अंक प्राप्त कर 5379वीं रैंक हासिल की है।
आरएसी जवान के बेटे शिवम शर्मा ने पहले ही प्रयास में 607 अंक हासिल कर 8024वीं रैंक हासिल की है। इन सभी के परिवारों में खुशी का माहौल है। इस उपलब्धि पर परिजनों, शुभचिंतकों और शिक्षकों की बधाइयां मिल रही है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
आयुष के पिता सोहनलाल धौलपुर में निजी व्यवसाय करते हैं। आयुष ने कक्षा 12वीं कक्षा की परीक्षा में भी 93.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। आयुष ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, परिवारजनों और गुरुजनों के मार्गदर्शन के साथ-साथ अपनी निरंतर मेहनत को दिया। उन्होंने बताया कि नियमित अध्ययन, अनुशासन और आत्मविश्वास के कारण ही यह सफलता संभव हो पाई। शिवम शर्मा को मिली 8024वीं रैंक
धौलपुर आरएसी के जवान हरिमोहन शर्मा के पुत्र शिवम शर्मा ने अपने पहले ही प्रयास में NEET परीक्षा में 607 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक (AIR) 8024वीं रैंक हासिल की है। गुंजन कुमारी को 818वीं रैंक मिली
धौलपुर जिले के मरैना गांव के किसान देवी सिंह की बेटी गुंजन कुमारी ने 3 बार के प्रयास में घर से ही पढ़ाई करके 661 अंक हासिल किए। गुंजन कुमारी ने ऑल इंडिया रैंकिंग में 818वां स्थान हासिल किया है। प्रेमशंकर बघेल को 2385वीं रैंक
धौलपुर जिले के कोडपुरा सैंपऊ गांव के किसान जगदीश बघेल के बेटे प्रेमशंकर बघेल ने 1 बार के प्रयास में घर से ही पढ़ाई करके 639 अंक हासिल किए। ने ऑल इंडिया रैंकिंग में 2385वां स्थान हासिल किया है। कृष्णा लोधी को 25229वीं रैंक
धौलपुर जिले के दुल्हारा गांव के कप्तान सिंह लोधी के बेटे कृष्णा लोधी ने पहले प्रयास में कोचिंग से पढ़ाई करके 567 अंक हासिल किए। कृष्णा लोधी ने आल इंडिया रैंक में 25229वां स्थान और केटेगरी रैंक में 12107वां स्थान हासिल किया है। धर्मेंद्र लोधी ने 4295वीं रैंक हासिल की जिले के सिंगोरा का पुरा गांव के किसान विनोद कुमार के पुत्र धर्मेंद्र लोधी राजपूत ने चौथे प्रयास में कड़ी मेहनत करके 601 अंक प्राप्त किए हैं। धर्मेंद्र ने ऑल इंडिया में रैंक 9674 और ओबीसी कैटेगरी नॉन क्रीमी लेयर में 4295 रैंक प्राप्त की है, जिससे लोधी समाज में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है सभी लोग इस सफलता पर बधाइयां देने लगे हैं। युवल रचित गर्ग ने ऑल इंडिया 171वीं रैंक हासिल की धौलपुर के होनहार छात्र युवल रचित गर्ग ने NEET-2026 में ऑल इंडिया 171वीं रैंक प्राप्त कर जिले का गौरव बढ़ाया है। इस शानदार उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ पूरे धौलपुर में खुशी का माहौल है। युवल रचित गर्ग, डॉ. जे.पी. गर्ग के पौत्र एवं गौरव पथ, घंटाघर रोड, धौलपुर निवासी हैं। उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासित दिनचर्या और निरंतर अध्ययन के बल पर यह उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। उनकी इस उपलब्धि को जिले के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है। परिजनों ने बताया कि युवल शुरू से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर रहे हैं और मेडिकल क्षेत्र में सेवा देने का सपना देखते रहे हैं। उनकी सफलता का श्रेय परिवार के सहयोग, शिक्षकों के मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास को जाता है। युवल की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर शहर के गणमान्य नागरिकों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों एवं शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। सभी ने विश्वास व्यक्त किया कि युवल भविष्य में एक कुशल चिकित्सक बनकर समाज और राष्ट्र की सेवा करेंगे। धौलपुर परिवार की ओर से युवल रचित गर्ग एवं उनके परिवार को इस गौरवपूर्ण सफलता पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत शुभकामनाएं दी। धौलपुर जिले में नीट परीक्षा में सफल हुए अन्य छात्र अपनी फोटो और जानकारी 7014901751 पर भेज सकते हैं, ताकि उन्हें भी प्रकाशित किया जा सके।

NEET में दिवाकर पुरोहित की ऑल इंडिया 868वीं रैंक:क्षिरिन और पार्थ का भी चयन, पहली बार में मिलेगा सरकारी मेडिकल कॉलेज

NEET UG का रिजल्ट जारी हो गया है। बीकानेर के दिवाकर पुरोहित ने ऑल इंडिया में 868वीं रैंक हासिल की है। पहली ही बार में गृह जिले का मेडिकल कॉलेज मिल सकता है। दिवाकर के बड़े भाई डॉ. सौरभ पुरोहित शिशु रोग विशेषज्ञ हैं, जबकि भाभी डॉ. प्रिया पुरोहित आंखों की डॉक्टर है। घर में तीसरे बच्चे के डॉक्टर बनने की राह बनने पर परिजनों में खुशी का माहौल है। मेहनत और लगन से हासिल की रैंक वहीं, बीकानेर की क्षिरिन गोदारा ने भी शानदार सफलता हासिल की है। ​क्षिरिन ने ऑल इंडिया 1950वीं रैंक हासिल की है। इस रैंक के आधार पर उसे बीकानेर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीट मिलने की संभावना है। मूल रूप से रासीसर गांव की रहने वाली क्षिरिन ने बीकानेर शहर में रहकर पढ़ाई की। शुरू से ही मेधावी रही क्षिरिन ने अपनी मेहनत और अनुशासन के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है। क्षिरिन के पिता श्रीकृष्ण गोदारा ने बताया- उनकी बेटी नियमित रूप से पूरे दिन पढ़ाई करती थी। कठिन परिश्रम, लगन और लक्ष्य के प्रति समर्पण के कारण ही उसे यह सफलता मिली है। 12वीं में 97.50% हासिल किए क्षिरिन की शैक्षणिक उपलब्धियां भी लगातार उत्कृष्ट रही हैं। उसने 12वीं कक्षा में 97.50 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। अब NEET में शानदार रैंक मिलने के बाद परिवार में खुशी का माहौल है और परिजन ने बधाइयां दे रहे हैं। परिवार को उम्मीद है कि इस रैंक के आधार पर क्षिरिन को सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज, बीकानेर में प्रवेश मिल जाएगा और वह डॉक्टर बनने का अपना सपना पूरा करेगी। केमेस्ट्री लेक्चरर संजय आचार्य के बेटे पार्थ का चयन बीकानेर में केमेस्ट्री लेक्चरर के रूप में विख्यात संजय आचार्य के बेटे पार्थ आचार्य का भी चयन नीट में हो गया है। पार्थ अपनी मेरिट के आधार पर सरकारी मेडिकल कॉलेज में चयनित होगा। इससे पहले पार्थ की बहनें महिमा और श्रृष्टि आचार्य भी डॉक्टर है। श्रृष्टि इन दिनों एमबीबीएस फाइनल में है, जबकि एक अन्य बहन प्रियल आचार्य लॉ में ग्रेजुएशन कर रही है। पार्थ की मां कुसुम आचार्य निजी स्कूल संचालित करते हैं। नोखा की माधुरी पारीक पुत्री महावीर पारीक का चयन नीट परीक्षा 2026 में हुआ। उसकी 14 हजार 7 मेरिट है। इसी आधार पर माधुरी को सरकारी मेडिकल कॉलेज मिल जाएगा।
माधुरी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया जिनका सपना था कि उनकी बेटी डॉक्टर बने और समाज सेवा के क्षेत्र में जाए। नौरंगदेसर की तीन बेटियों का चयन, दो सगी बहनें बीकानेर के नौरंगदेसर की तीन बेटियों का चयन हुआ है। इसमें वंदना कूकणा, रेणुका कूकणा और अंकिता कूकणा का चयन हुआ है। रेणुका की मेरिट 3235 और अंकिता की 10094 मेरिट है। रेणुका और अंकिता दोनों सगी बहने हैं और पिता जेठाराम कूकणा की बेटियां है। जेठाराम स्वयं खेतीबाड़ी करते हैं। वंदना की मेरिट 8912 है। उसके पिता दशरथ कूकणा कांट्रेक्टर हैं। दशरथ बताते हैं कि उनकी बड़ी बेटी तमन्ना चौधरी भी डॉक्टर बन रही है। वो नागपुर के पास चंद्रपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में है। बीकानेर संभाग के चूरू में रहने वाले गजानंद चोटिया का भी चयन हो गया है। उसकी मेरिट 594 है और उसकी ऑल इंडिया मेरिट 12 हजार 138 मेरिट है। बीकानेर की विष्णु पूनिया का चयन भी नीट में हो गया है। विष्णु ऑल इंडिया रेंक 2463 है। विष्णु ने 638 अंक हासिल किए हैं। बीकानेर की प्रीति बिश्नोई का भी नीट में चयन हो गया है। प्रीति की ऑल इंडिया रेंक 13 हजार 141 है। उसे बीकानेर के ही मेडिकल कॉलेज में एडमिशन मिलने की उम्मीद है। प्रीति के पिता हनुमानाराम बिश्नोई उसकी सफलता से प्रफुल्लित हैं। बीकानेर के सीनियर डॉक्टर जगदीश कूकणा के परिवार से दो युवाओं का चयन हो गया है। नीट में मुरलीधर और महावीर कूकणा का चयन हुआ है। दोनों बच्चों की सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है। दो भाई, दोनों का मेडिकल में चयन बीकानेर विजय कुमार शर्मा के बेटे केशव शर्मा का चयन नीट में हुआ है। केशव की ऑल इंडिया रैंक 1468 है। इससे पहले केशव के बड़े भाई कान्हा शर्मा का भी सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज में ही चयन हो चुका है। दोनों भाई एक ही मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस करेंगे। मोहम्मद वासिल का भी चयन बीकानेर के मोहम्मद उमर के बेटे मोहम्मद वासिल का चयन भी नीट में हुआ है। वासिल ने 607 अंक हासिल किए हैं। उसकी ऑल इंडिया मेरिट 8067 है। ऐसे में बीकानेर का सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज भी मिल सकता है। श्रीडूंगरगढ़ के लोडेरा गांव के वासुदेव गोदारा का चयन नीट में हो गया है। वासुदेव की ऑल इंडिया रैंक 2175 है। वासुदेव ने बारहवीं में भी 96 परसेंट मार्क्स लिए थे। बिना ट्यूशन और कोचिंग के सफलता हिम्मटसर गांव में रहने वाले राजदीप गोयल पुत्र बाबूलाल गोयल का भी NEET UG के माध्यम से MBBS में चयन हुआ है। यह उपलब्धि उनकी बिना कोचिंग, फ्री की यूट्यूब पर पढ़ाई करके सफल हुए। ऑल इंडिया रैंक 9689 है। इस नंबर पर डिटेल भेजें अगर बीकानेर के किसी भी स्टूडेंट का नीट में चयन हुआ है तो हमें 9829286895 नंबर पर डिटेल भेजें, जिसमें स्टूडेंट का नाम, मेरिट नंबर और फोटो दें।

बांसवाड़ा में डिलीवरी के बाद महिला की मौत:परिजन बोले- हॉस्पिटल में दर्द से तड़पती रही, स्टाफ सोता रहा, बुलाने पर भी नहीं उठे

बांसवाड़ा में डिलीवरी के बाद तबीयत बिगड़ने पर एक प्रसूता की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों ने समय पर इलाज नहीं किया, बुलाने पर भी स्टाफ नहीं उठा। हालत गंभीर होने के बाद रेफर कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। परिजन प्रसूता को एम्बुलेंस से बांसवाड़ा के एमजी अस्पताल लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मृतका की पहली संतान की डिलीवरी हुई थी और उसकी शादी करीब एक साल पहले हुई थी। मामला आनंदपुरी थाना क्षेत्र स्थित गांगड़तलाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का है। घटना गुरुवार रात डिलीवरी के बाद हुई। पढ़िए… सिलसिलेवार घटनाक्रम डिलीवरी के बाद बिगड़ने लगी हालत जानकारी के अनुसार, आनंदपुरी थाना क्षेत्र के तेजपुरा में रहने वाली सरला (23) पत्नी रमेश की एक साल पहले शादी थी। लेबर होने के बाद गुरुवार शाम करीब 6 बजे प्रसव के लिए गांगड़तलाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) कराया गया था। रात करीब 12 बजे उसकी पहली डिलीवरी हुई, लेकिन कुछ घंटों बाद ही उसका ब्लड प्रेशर तेजी से गिरने लगा और तबीयत लगातार बिगड़ने लगी। परिजनों का आरोप- बुलाने पर भी नहीं उठा ड्यूटी स्टाफ देवर विनेश कुमार मईड़ा के अनुसार, रात में जब सरला की हालत खराब हुई तो वे वार्ड में ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग स्टाफ को बुलाने गए, लेकिन स्टाफ गहरी नींद में सो रहा था। उनका कहना है कि कई बार आवाज लगाने और जगाने की कोशिश के बावजूद कोई समय पर नहीं उठा। आरोप है कि इसी लापरवाही के कारण प्रसूता पूरी रात दर्द से तड़पती रही और समय पर इलाज नहीं मिल सका। सुबह हालत नाजुक हुई तो जिला अस्पताल किया रेफर परिजनों के मुताबिक, सुबह करीब 6 बजे सरला की हालत ब्लड प्रेशर लगातार कम होने से बेहद गंभीर हो गई। इसके बाद अस्पताल स्टाफ ने उसे तत्काल बांसवाड़ा के एमजी अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि अगर समय रहते इलाज किया जाता या पहले रेफर कर दिया जाता तो उसकी जान बच सकती थी। रास्ते में हुई मौत, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने किया मृत घोषित रेफर होने के बाद परिजन सरला को एम्बुलेंस से बांसवाड़ा के एमजी अस्पताल लेकर रवाना हुए, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई। एमजी अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ पर लगाए गंभीर आरोप मृतका के ससुर प्रभु और देवर दिनेश कुमार मईड़ा ने स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि ड्यूटी स्टाफ समय पर उठकर इलाज करता या समय रहते रेफर करता, तो सरला की जान बचाई जा सकती थी। — प्रसूता की मौत से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें … चार प्रसूताओं की मौत, मंत्री बोले-2 पहले से थीं क्रिटिकल:एनीमिया-हाई बीपी बन रही वजह; रिपोर्ट में लिखा-महिलाओं की हार्ट-किडनी फेल हुई बांसवाड़ा जिला हॉस्पिटल में पहुंचे चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने माना कि चार में दो महिलाओं की मौत प्रसव के दौरान हुई है। पूरी खबर पढ़िए

मुंडावर विधायक बोले-दलालों की SDM से 100 प्रतिशत सेटिंग:काम के लिए अधिकारियों का पैसा तय; बैठक में कुर्सी बांधकर और चक्की लेकर पहुंचे पार्षद

अलवर जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक में आज मुंडावर विधायक ललित यादव ने अधिकारियों और एसडीएम सृष्टि जैन पर जमकर आरोप लगाए। विधायक ने कहा- एसडीएम के ऑफिस जाओगे तो वहां खुलेआम दलाल बैठे हैं। दलाल दलाली का काम करते हैं। पैसा देते हैं तो काम होता है। इन दलालों की एसडीएम से 100 प्रतिशत सेटिंग है। ऊपर से नीचे तक पूरी सेटिंग है। वहीं कांग्रेस के जिला पार्षद जगदीश जाटव बाइक के पीछे रस्सी से अपनी कुर्सी बांधकर बैठक में पहुंचे। निर्दलीय पार्षद और कांग्रेस समर्थित संदीप फौलादपुरिया पत्थर की बनी चक्की लेकर पहुंचे। दोनों पार्षदों ने इस तरह सरकार और प्रशासन के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध बताया। एसडीएम ऑफिस में खुलेआम चल रहा दलाली का खेल मुंडावर विधायक ललित यादव भी जिला परिषद की बैठक में पहुंचे। बैठक खत्म होने के बाद विधायक ने अधिकारियों पर जमकर आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा- बहुत सारे अधिकारियों ने यह तय कर रखा है कि इस काम का इतना पैसा लेंगे। जो अधिकारी पैसा नहीं लेते और ईमानदारी से काम करते हैं, उन्हें हटाने का काम किया जाता है। मेरे यहां से भी तहसीलदार समेत कई अधिकारियों को हटा दिया गया। मुंडावर एसडीएम सृष्टि जैन पर आरोप लगाते हुए विधायक ने कहा- एसडीएम के ऑफिस जाओगे तो वहां खुलेआम दलाल बैठे हैं। दलाल दलाली का काम करते हैं। पैसा देते हैं तो काम होता है। इन दलालों की एसडीएम से 100 प्रतिशत सेटिंग है। ऊपर से नीचे तक पूरी सेटिंग है। मुंडावर विधायक ने कहा- वहां एक प्रधान पति भी हैं, जो कह देते हैं, वही काम करती हैं और वे धड़ल्ले से काम कर रहे हैं। मेरी एक बात समझ नहीं आई कि एसडीएम पर कितना दबाव है कि वह एक वाया चैनल हैं। पूर्व विधायक का संपर्क प्रधान से है, प्रधान का संपर्क एसडीएम से है और एसडीएम का संपर्क जनता से है। वह जनता की गाढ़ी कमाई लूटने का काम करती हैं। वह प्रधान पति को माल देती हैं और वह ऊपर पहुंचाने का काम करता है। इस तरह यह पूरा भ्रष्टाचार का चक्र चल रहा है। जाटव बोले- कांग्रेस की सरकार में टीकाराम जूली होंगे मुख्यमंत्री बैठक के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के करीबी माने जाने वाले जिला पार्षद जगदीश जाटव कुर्सी लेकर बैठक में पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की मौजूदगी में हुई जिला प्रशासन की बैठक में जिला प्रमुख के लिए कुर्सी तक नहीं लगाई गई थी। उस दौरान कलेक्टर आर्तिका शुक्ला ने कहा था कि जिनके नाम की नेम प्लेट के सामने कुर्सी नहीं है, वे बाहर जा सकते हैं। जबकि भाजपा जिला अध्यक्षों के लिए कुर्सियों की व्यवस्था की गई थी। जाटव ने कहा- जब जिले के प्रथम नागरिक के लिए वहां कुर्सी नहीं लगाई गई, तो उन्हें आशंका थी कि जिला परिषद की बैठक में भी उनके लिए कुर्सी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यह सरकार नहीं, बल्कि “सर्कस” चल रहा है। सरकार जनप्रतिनिधियों को दबाव में रखना चाहती है। जाटव ने टेबल बजाते हुए कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं। दो साल बाद कांग्रेस की सरकार बनेगी और टीकाराम जूली मुख्यमंत्री होंगे। जो अधिकारी सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं, उनका भी इलाज किया जाएगा। मंत्री उद्घाटन के बजाय लोगों की सुविधाओं पर दें ध्यान जिला पार्षद संदीप फौलादपुरिया पत्थर की चक्की लेकर बैठक में पहुंचे। उन्होंने कहा- कुछ दिन पहले शाहजहांपुर में चक्की का उद्घाटन किया गया था, लेकिन इससे लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मंत्री को उद्घाटन के बजाय क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए था। शाहजहांपुर हॉस्पिटल में आज भी लैब, ट्रॉमा सेंटर और जनरेटर जैसी सुविधाएं नहीं हैं। कस्बे में नगरपालिका, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा पीएचईडी, पीडब्ल्यूडी, यूआईटी और वन विभाग के कार्यालय भी नहीं हैं। किसान आंदोलन के दौरान टूटी सड़कें पिछले पांच सालों से नहीं बन सकी हैं। वहीं सीमावर्ती गांव पलावा, बीजवाड़ और दाधिया में पुलिस चौकी की भी मांग लंबे समय से लंबित है।

वर्कशॉप में करंट से कर्मचारी की मौत, परिजनों का प्रदर्शन:मुआवजे की मांग पर अड़े, 20 घंटे बाद बनी सहमति

दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे स्थित मारुति नेक्सा वर्कशॉप में करंट लगने से हुई कर्मचारी की मौत के मामले में आखिरकार 20 घंटे के लंबे गतिरोध के बाद सहमति बन गई है। इस दुखद हादसे के बाद मृतक के परिजनों और कंपनी प्रबंधन के बीच चले आ रहे विवाद का पटाक्षेप हो गया है। मामला कोटपूतली के मारुति नेक्सा वर्कशॉप पर गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे का है। काम करते समय कर्मचारी मोहर सिंह मीणा (32) की मौत हो गई थी। लिखित आश्वासन के बाद बनी सहमति
घटना के बाद से ही आक्रोशित परिजन और ग्रामीण वर्कशॉप के बाहर धरने पर बैठ गए थे। परिजनों की मांग थी कि कंपनी मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दे और उनके भरण-पोषण की जिम्मेदारी उठाए। करीब 20 घंटे तक चले संघर्ष के बाद कंपनी के उच्च अधिकारियों ने परिजनों की सभी मांगों पर सहमति जताते हुए उचित मुआवजा देने और परिवार के भरण-पोषण के लिए लिखित में आश्वासन दिया है। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव
सहमति बनने के बाद पुलिस ने मृतक के शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। इसके पश्चात परिजनों ने मृतक का अंतिम संस्कार किया। गौरतलब है कि वर्कशॉप में कार्यरत युवक की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई थी। इस घटना से गुस्साए परिजन और ग्रामीण न्याय की मांग को लेकर पिछले 20 घंटों से वर्कशॉप के बाहर धरने पर बैठे थे। इस दौरान वे भूखे-प्यासे रहकर अपना विरोध दर्ज करा रहे थे। प्रशासन और पुलिस की समझाइश और कंपनी प्रबंधन के लिखित आश्वासन के बाद ही वे शव लेने को तैयार हुए। इस पूरे घटनाक्रम के बाद इलाके में शांति है और पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। कंपनी में गाड़ियों की सफाई करता था
मोहर सिंह कोटपूतली में NEXA कंपनी में कंपनी में गाड़ियों की सफाई करने का काम करता था। गुरुवार दोपहर तीन बजे कंपनी में काम करते समय मोहर सिंह मीणा (32) करंट की चपेट में आ गया। गंभीर हालत में उन्हें तत्काल जिला राजकीय बीडीएम जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर्स ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। स्टार्टर में आ रहा था करंट
मोहर सिंह के साथ काम करने वाले अजय कुमार मीणा ने बताया- काफी दिनों से पानी की मोटर के स्टार्टर में करंट आ रहा था बार-बार मैनेजर संतोष कुमार को अवगत कराने के बाद भी उसको सही नहीं करवाया। इस घटना के बाद मृतक के परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए और मुआवजे की मांग को लेकर परिजन राजकीय बीडीएम अस्पताल में प्रदर्शन करने लगे। उन्होंने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया था। तीन बार हुई वार्ता विफल रही
मामले को सुलझाने के लिए कंपनी के प्रतिनिधियों और पुलिस प्रशासन द्वारा परिजनों के साथ अब तक दो से तीन बार वार्ता की जा चुकी है, लेकिन सभी प्रयास विफल रहे हैं। मृतक के परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे, जिससे स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस और कंपनी के कर्मचारियों ने परिजनों को समझाने और शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास किया। पूर्व संसदीय सचिव रामस्वरूप कसाना भी मौके पर पहुंचे और कंपनी कर्मचारियों से उचित मुआवजे की मांग की, लेकिन कई घंटे बीत जाने के बाद भी समझौता नहीं हो पाया था। मोहर सिंह मीणा कोटपूतली के वार्ड 32 बूचाहेड़ा मोहल्ले में रहता था और परिवार में इकलौता कमाने वाला था। मोहर के दो बेटियां और एक बेटा है।