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LDC भर्ती नकल मामले में आरोपियों को मिली जमानत:बोले- पुलिस ने FIR से पहले ही मारपीट की, कान का पर्दा फाड़ दिया

जैसलमेर के चर्चित एलडीसी भर्ती परीक्षा नकल मामले में अदालत ने मुख्य आरोपी पदमसिंह और मनु कंवर को जमानत दे दी है। कोर्ट ने पदमसिंह को एक लाख रुपए के निजी बांड और पचास-पचास हजार रुपए की दो जमानतों पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। इस दौरान आरोपियों की ओर से पुलिस पर एफआईआर से पहले अवैध हिरासत में रखने और प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए, जिस पर अदालत ने मेडिकल जांच कराने के आदेश भी जारी किए हैं। पुलिस पर लगा कान का पर्दा फाड़ने का आरोप आरोपियों के वकील कंवराज सिंह राठौड़ की ने अदालत में पुलिस पर प्रार्थना पत्र पेश कर गंभीर आरोप लगाए कि पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से पहले ही पदमसिंह को अवैध हिरासत में रखा और उसे बुरी तरह टॉर्चर किया। इस मारपीट के कारण पदमसिंह के कान का पर्दा फट गया और उसके शरीर पर कई गंभीर चोटें आईं। अदालत ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए जवाहिर अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) को तुरंत एक विशेष मेडिकल बोर्ड गठित करने का आदेश दिया। इस बोर्ड में नाक, कान और गला (ईएनटी) विशेषज्ञ डॉक्टरों को भी शामिल किया गया। पदमसिंह को जेल से अस्पताल लाकर उसकी चोटों का मेडिकल टेस्ट कराया गया है, जिसकी सीलबंद रिपोर्ट जल्द ही कोर्ट में पेश की जाएगी। इससे पहले महिला आरोपी मनु कंवर को भी अदालत ने इसी तरह की शर्तों पर जमानत दे दी थी। जमानत मिलने के बाद मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है। महिला आरोपी का आरोप: टॉर्चर से बिगड़ी तबीयत दूसरी तरफ, महिला आरोपी मनु कंवर ने भी पुलिस पर मानवाधिकारों के हनन का आरोप लगाया है। मनु कंवर के वकील ने कोर्ट को बताया कि पुलिस ने एफआईआर से पहले ही महिला को हिरासत में लेकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। वकील के अनुसार, मनु कंवर गर्भवती थी और पुलिस के टॉर्चर व धक्के के कारण वह गिर गई, जिससे उसकी तबीयत बेहद खराब हो गई और ब्लीडिंग होने के कारण उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। पुलिस ने किया विरोध, कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित सरकारी वकील और पुलिस टीम ने इन सभी आरोपों को झूठा बताते हुए आरोपियों का मेडिकल टेस्ट कराने का विरोध किया। पुलिस का कहना था कि आरोपियों के शरीर पर कोई चोट नहीं है। इस पर पलटवार करते हुए आरोपी के वकील ने दलील दी कि कानून में हर आरोपी के जीवन और स्वास्थ्य की रक्षा का अधिकार है। जब महिला को ब्लीडिंग हो रही है, तो महिला डॉक्टरों की टीम से उसके सैंपल लेकर गर्भपात और चोटों की पूरी जांच होनी चाहिए। कोर्ट ने दोनों पक्षों की तीखी बहस सुनने के बाद महिला आरोपी के मेडिकल टेस्ट कराने के आवेदन पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है, जिस पर जल्द ही आदेश जारी किया जाएगा। एलडीसी नकल कांड: क्या था मुख्य मामला? 5 जुलाई 2026 को जैसलमेर के रामगढ़ रोड स्थित स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल परीक्षा केंद्र पर एलडीसी भर्ती परीक्षा चल रही थी। आरोप है कि परीक्षा के दौरान केंद्र पर तैनात रिलीवर पदमसिंह ने महिला अभ्यर्थी मनु कंवर को नकल कराने के लिए प्रश्नपत्र परीक्षा कक्ष से बाहर निकाला और उसे हल करवाकर वापस अंदर पहुंचाया। जांच में सामने आया कि इस पूरी साजिश को अंजाम देने के लिए परीक्षा केंद्र का सीसीटीवी कैमरा ठीक 9 मिनट के लिए बंद या गायब कर दिया गया था। इसी 9 मिनट के खेल में पर्चा बाहर भेजा गया और वापस टेबल पर रख दिया गया। …. ये खबरें भी पढ़ें… LDC भर्ती- पेपर फाइल में छिपाकर ले गया था टीचर:कैंडिडेट्स ने हंगामा किया तो बोले- तुम्हें भी बता देंगे, शोर मत मचाओ जैसलमेर में LDC (ग्रेड सेकेंड) भर्ती परीक्षा में नकल को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। टीचर की ओर से महिला अभ्यर्थी को नकल कराने का पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी में कैद हो गया।(पूरी खबर पढ़ें)

बाइक ने 4 साल के बच्चे को कुचला, मौत:फैक्ट्री में चादर ओढ़कर लेटा था, ऊपर से निकली बाइक; 3 बहनों का इकलौता भाई था

अलवर शहर में आज सुबह दूध सप्लाई करने आए बाइक सवार ने चार साल के बच्चे को कुचल दिया। हादसा उद्योग नगर थाना क्षेत्र स्थित कामधेनू मिनरल्स फैक्ट्री का है। बच्चा खेलते-खेलते थकने पर चादर ओढ़कर ले गया था। इस दौरान बाइक उसके ऊपर से गुजर गई। बच्चे को गंभीर हालत में हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इकलौते बेटे की मौत के बाद मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। चादर ओढकर लेटा था बच्चा पुलिस के मुताबिक-कामधेनू मिनरल्स फैक्ट्री परिसर में चार साल का मनजीत चादर ओढ़कर लेटा था। इस दौरान दूध की सप्लाई देने एक बाइक सवार आया। उसने बच्चे के ऊपर बाइक को चढ़ा दिया। बच्चे को ईएसआई हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां हालत नाजुक होने पर अलवर जिला हॉस्पिटल लेकर आए लेकिन डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। बच्चे के माता-पिता बिहार के नवादा निवासी मिथिलेश चौहान अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ इस फैक्ट्री में मजदूरी करते है। पिता एक दिन पहले गए थे गांव परिजनों ने बताया कि बच्चे का पिता मिथिलेश गुरुवार को ही किसी जरूरी काम से बिहार स्थित अपने पैतृक गांव के लिए रवाना हुए थे। इकलौते बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। हॉस्पिटल परिसर में मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

नवजात बच्चे को जंगल में फेंका, काट रही थीं चींटियां:रोने की आवाज सुनकर लोगों ने बचाया, शरीर पर चोट के निशान

जन्म के कुछ घंटे बाद ही बच्चे को जंगल में एक खंडहर में फेंक दिया। उसके चेहरे और हाथों पर चींटियां काट रही थीं। रोने की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। इसके बाद ANM नवजात को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गई। मामला बीकानेर के रणजीतपुरा गांव में शुक्रवार सुबह करीब 6:30 बजे का है। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे का वजन करीब ढाई किलो है। वह पूरी तरह स्वस्थ है। नर्सिंग स्टाफ उसकी देखभाल कर रहा है। पहले देखें…ये दो तस्वीरें अब सिलसिलेवार पढ़िए पूरा घटनाक्रम… 1. चींटियों के काटने से रो रहा था बच्चा रणजीतपुरा की ANM मधु श्रीवास्तव ने बताया- आज सुबह रास्ते से गुजर रहे लोगों ने झाड़ियों के बीच खंडहर से बच्चे के रोने की आवाज सुनी। वे तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और पूछा कि क्या अस्पताल में किसी महिला की डिलीवरी हुई है। जब उन्हें बताया गया कि यहां कोई डिलीवरी नहीं हुई है, तो उन्होंने खंडहर में नवजात के पड़े होने की सूचना दी। मैं कपड़ा लेकर मौके पर पहुंची। नवजात को सुरक्षित उठाकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाई। यहां बच्चे को साफ किया गया। उसकी पूरी जांच की गई और दूध भी पिलाया गया। फिलहाल बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है। 2. शरीर पर चोट के निशान प्राथमिक जांच में नवजात सुरक्षित और स्वस्थ मिला। हालांकि उसके शरीर पर हल्की चोट के निशान थे। चेहरे, हाथों समेत कई जगह चींटियां चढ़ी हुई थीं। शुरुआती तौर पर माना जा रहा है कि जन्म के तुरंत बाद ही अज्ञात लोग बच्चे को खंडहर में छोड़कर चले गए थे। 3. परिजनों का नहीं चला पता घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि नवजात को वहां कौन छोड़कर गया। बच्चे की देखभाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में की जा रही है। रणजीतपुरा पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। नवजात के परिजनों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस आसपास के क्षेत्र से भी जानकारी जुटा रही है, ताकि बच्चे को खंडहर में छोड़ने वाले लोगों तक पहुंचा जा सके। … नवजात को फेंकने की ये खबरें भी पढ़ें … 1. मुंह में पत्थर ठूंसकर बच्चे को जंगल में फेंका, VIDEO:रोने की आवाज नहीं आए, इसलिए फेवीक्विक लगाया; जलाने के भी निशान मिले भीलवाड़ा में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। 15 दिन के मासूम को जंगल में फेंक दिया। रोने की आवाज न आए, इसलिए उसके मुंह में पत्थर ठूंसकर फेवीक्विक से चिपका दिया। पूरी खबर पढ़िए 2. नवजात बच्ची को 80 फीट गहरे कुएं में फेंक गए:अस्पताल के कपड़े में लिपटी थी, युवक ने जान जोखिम में डालकर बाहर निकाला 80 फीट गहरे कुएं से नवजात बच्ची मिली है। अपनी जान जोखिम में डालकर एक युवक रस्सी के सहारे कुएं में उतरा और बच्ची को सकुशल बाहर निकाल लाया। पूरी खबर पढ़िए

जयपुर में ब्ल्यूसीस कैफे पर पुलिस का छापा:7 हुक्के, चिलम और फ्लेवर बरामद, आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया

राजधानी जयपुर में अवैध हुक्का बार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गुरुवार देर रात ब्ल्यूसीस कैफ़े पर छापा मारा। पुलिस ने कैफ़े की आड़ में संचालित किए जा रहे हुक्का बार का भंडाफोड़ किया है। 7 हुक्के, चिलम जब्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 7 हुक्के, चिलम और विभिन्न प्रकार के हुक्का फ्लेवर बरामद किए हैं। साथ ही आधा दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। यह कार्रवाई डीसीपी साउथ राजर्षि राज वर्मा के निर्देश पर की गई। कार्रवाई को संबंधित थाना प्रभारी एसएचओ नरेन्द्र सिंह भड़ाना के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। कैफे संचालक के खिलाफ केस दर्ज पुलिस मामले की जांच कर रही है और कैफे संचालक के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कैफ़े में अवैध रूप से हुक्का बार का संचालन कब से किया जा रहा था और इसमें कौन-कौन शामिल है।

जयपुर के आरयूएचएस हॉस्पिटल में हुई दुर्लभ सर्जरी:डॉक्टर्स ने पिता और पुत्र की आंखों की रोशनी बचाई; झुकी पलकों से ढकी रहती थी आंखें

राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (आरयूएचएस) के नेत्र रोग विभाग ने एक दुर्लभ सर्जरी कर पिता और पुत्र की आंखों की रोशनी बचाने में सफलता हासिल की है। दोनों प्टोसिस (Ptosis) नामक बीमारी से पीड़ित थे, जिसके कारण उनकी ऊपरी पलकें इतनी झुक गई थीं कि उन्हें सामान्य रूप से देखने में भी परेशानी हो रही थी। चिकित्सकों ने दोनों की एक साथ सर्जरी कर उनकी दृष्टि और सामान्य जीवन लौटाने का सफल प्रयास किया। आरयूएचएस के नेत्र रोग विभाग की सह आचार्य डॉ. माया हाड़ा ने बताया कि करौली निवासी नारायण (29) अपने आठ वर्षीय बेटे को इलाज के लिए अस्पताल लेकर आए थे। बच्चे की ऊपरी पलक इतनी झुकी हुई थी कि उसकी आंख लगभग ढकी रहती थी और उसे साफ दिखाई नहीं देता था। जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि पिता भी उसी बीमारी से पीड़ित हैं और उनकी पलकें भी असामान्य रूप से झुकी हुई हैं। जांच में सामने आया दुर्लभ मामला डॉक्टरों की टीम ने बताया कि पिता और पुत्र दोनों में एक साथ जन्मजात प्टोसिस का होना बेहद दुर्लभ मामला है। विस्तृत जांच और काउंसलिंग के बाद चिकित्सकों ने दोनों की एक साथ सर्जरी करने का निर्णय लिया। गुरुवार को सफल ऑपरेशन के बाद दोनों मरीज स्वस्थ हैं और उनकी आंखों की कार्यक्षमता में सुधार हुआ है। डॉ. माया हाड़ा ने बताया कि प्टोसिस केवल सौंदर्य संबंधी समस्या नहीं है। यदि बच्चे की पलक लंबे समय तक आंख को ढके रहती है तो आंख का विकास प्रभावित हो सकता है और स्थायी रूप से दृष्टि कमजोर होने या आलसी आंख (Amblyopia) जैसी समस्या का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए ऐसे मामलों में समय रहते सर्जरी कराना बेहद आवश्यक होता है। उन्होंने कहा कि कई अभिभावक इसे सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि समय पर उपचार से बच्चे की रोशनी पूरी तरह सुरक्षित रखी जा सकती है। विशेषज्ञ टीम ने किया सफल ऑपरेशन यह जटिल सर्जरी नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. नीशा दुलानी के निर्देशन में की गई। ऑपरेशन टीम में डॉ. माया हाड़ा के साथ एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. वरुण और डॉ. साधना शामिल रहे। विशेषज्ञ टीम ने आधुनिक तकनीक की मदद से दोनों मरीजों की पलकों की सफल रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी की। आरयूएचएस के प्रिंसिपल डॉ. मोहनीश ग्रोवर ने बताया कि अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में पिछले एक महीने के दौरान ओपीडी और आईपीडी में मरीजों की संख्या में करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं, अनुभवी विशेषज्ञों और बेहतर उपचार व्यवस्था के कारण प्रदेशभर से मरीज आरयूएचएस का रुख कर रहे हैं।

रिश्वत के आरोपों के बाद मोठपुर थानाधिकारी सस्पेंड:कॉन्स्टेबल को किया लाइन हाजिर, एसपी ने जारी किए आदेश

बारां एसपी ने रिश्वत मांगने के आरोपों के बाद मोठपुर थानाधिकारी देवकरण चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि कॉन्स्टेबल कुलदीप को पुलिस लाइन भेज दिया गया है। एसपी के आदेश के अनुसार उप निरीक्षक देवकरण चौधरी के खिलाफ पुलिस थाना मोठपुर के मामले में गंभीर अनियमितता, लापरवाही और दोषपूर्ण अनुसंधान के आरोप हैं। उन पर मामले की जांच में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप है।
इस आधार पर उन्हें निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संचित पुलिस लाइन बारां रहेगा। सूत्रों के अनुसार, यह मामला थानाक्षेत्र में काम कर रही एक कंपनी के पाइप चोरी की घटना से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। युवती के बयान पक्ष में करवाने के बदले में मांगे थे 50 हजार
गौरतलब है कि एसीबी ने हाल ही में देवकरण चौधरी और कॉन्स्टेबल कुलदीप के खिलाफ रिश्वत मांगने का मामला दर्ज किया था। आरोप है कि परिवादी के बेटे को पुलिस कार्रवाई में राहत दिलाने और भगाकर ले गई युवती के बयान परिवादी के पक्ष में करवाने के बदले 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। गोपनीय सत्यापन के दौरान कॉन्स्टेबल कुलदीप द्वारा 20 हजार रुपए लेने की पुष्टि हुई थी। ट्रैप की भनक लगने पर शेष राशि नहीं ली गई।
सत्यापन में रिश्वत मांगने और राशि लेने की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी। इस मामले में कॉन्स्टेबल कुलदीप को पुलिस लाइन हाजिर किया गया है। विभागीय जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

राजस्थान में 5 ठिकानों पर ईडी के छापे:महादेव ट्रेडिंग केस में रेड, वित्तीय लेन-देन को लेकर खंगाले रिकार्ड

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राजस्थान सहित कई राज्यों में शुक्रवार सुबह बड़ी छापेमारी की। राजस्थान में श्रीगंगानर सहित 5 ठिकानों पर ईडी ने रेड डाली। छापे की कार्रवाई महादेव ट्रेडिंग केस में PMLA के तहत की जा रही है। ईडी टीमों की ओर से वित्तीय लेन-देन और निवेश से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे है ईडी सूत्रों के मुताबिक, महादेव ट्रेडिंग मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच को लेकर राजस्थान, दिल्ली और बिहार सहित कई राज्यों में एक साथ बड़ी कार्रवाई शुरू की है। ईडी की यह कार्रवाई महादेव ट्रेडिंग मामले में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत की जा रही है। राजस्थान में जयपुर और श्रीगंगानगर सहित पांच ठिकानों पर ईडी की टीमों ने महादेवी ट्रेडिंग केस को लेकर छापेमारी की। ईडी की कार्रवाई में श्रीगंगानगर में कारोबारी अशोक चांडक से जड़े 4 ठिकानों व जयपुर के वैशाल नगर में 1 ठिकाने पर सर्च किया गया। इसके साथ ही अशोक चांडक के रिश्तेदारों और उनसे जुड़े अन्य लोगों के ठिकानों पर भी सर्च किया गया है। ईडी टीमें छापेमारी में मिले डॉक्यूमेंट, डिजिटल रिकॉर्ड, निवेश और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही है। ईडी की ओर से छापेमारी की कार्रवाई जारी है, जांच पूरी होने के बाद मामले में बड़ा खुलासा होने की संभावना जताई गई है।

पाली में मेडिकल स्टोर पर छापा:10 हजार की दवाएं सील; बिना पर्ची बेचने का आरोप

पाली शहर के सोसायटी नगर स्थित आयुष मेडिकल एंड जनरल स्टोर पर औषधि नियंत्रण विभाग ने औचक निरीक्षण कर बड़ी कार्रवाई की। जांच के दौरान यहां एनडीपीएस और शेड्यूल H-1 श्रेणी की दवाओं का अवैध भंडारण मिला। विभाग ने करीब 10 हजार रुपए कीमत की दवाएं जब्त कर सील कर दीं और उनके सैंपल जांच के लिए भेज दिए। मामले की जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। खरीद के बिल नहीं दिखा सका संचालक औषधि नियंत्रक भरत गोस्वामी ने बताया कि औषधि नियंत्रण अधिकारी माधव सिंह और दिनेश कुमार सुथार ने निरीक्षण के दौरान जब इन दवाओं के खरीद बिल मांगे तो फर्म संचालक कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सका। जांच में यह भी सामने आया कि एनडीपीएस श्रेणी की दवाओं का विक्रय फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में, बिना डॉक्टर की पर्ची और बिना बिल जारी किए किया जा रहा था। नशे में दुरुपयोग की शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई विभाग के अनुसार, क्षेत्र में इन दवाओं के नशे के रूप में दुरुपयोग की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी आधार पर मेडिकल स्टोर की भूमिका संदिग्ध पाई गई। कार्रवाई के दौरान करीब 10 हजार रुपए की एनडीपीएस घटक युक्त दवाओं को सील किया गया और संदेह के आधार पर उनके नमूने जांच के लिए लिए गए। जांच के बाद होगी सख्त कानूनी कार्रवाई भरत गोस्वामी ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि औषधि नियंत्रक, जयपुर और जिला कलेक्टर के निर्देश पर जिले में एनडीपीएस घटक युक्त दवाओं के दुरुपयोग और अवैध बिक्री पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। दोषी पाए जाने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मेडिकल स्टोर संचालकों से विभाग की अपील सहायक औषधि नियंत्रक ने जिले के सभी मेडिकल स्टोर संचालकों से अपील की कि वे एनडीपीएस श्रेणी की दवाएं केवल वैध बिल से खरीदें और डॉक्टर के विधिवत प्रिस्क्रिप्शन पर बिल सहित ही बेचें, ताकि इन दवाओं के दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

झालावाड़ में 16 दिन में 2100 चालान काटे:21 लाख का जुर्माना लगाया, अभियान में हेलमेट के लिए जागरूक भी किया

झालावाड़ में सड़क हादसों में कमी लाने और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस ने 16 दिवसीय विशेष हेलमेट अभियान चलाया। इस अभियान के तहत जिलेभर में बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की गई।
अभियान के अंतिम दिन शाम तक ट्रैफिक पुलिस ने लगभग 2100 चालान बनाए, जिन पर कुल 21 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। एसपी अमित कुमार के निर्देश पर यह अभियान पूरे जिले में चलाया गया। इस दौरान वाहन चालकों को हेलमेट पहनने के लिए जागरूक भी किया गया।
जागरूकता के बावजूद नियमों की अनदेखी करने वाले दुपहिया सवारों के खिलाफ ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से चालान किए गए। ऑनलाइन चालानों की सूचना मोबाइल संदेश के जरिए भेजी गई है, जबकि ऑफलाइन चालानों की अधिकांश राशि मौके पर ही जमा करा ली गई। सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है उद्देश्य
ट्रैफिक पुलिस प्रभारी आशीष कुमार ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाना यातायात नियमों का उल्लंघन है, जिसके लिए प्रति चालान 1000 रुपए का जुर्माना निर्धारित है।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए हमेशा हेलमेट पहनकर ही वाहन चलाएं और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करें।

बड़े भाई का सिर कुल्हाड़ी से फोड़ा:बोला- आज जान से मार दूंगा; जमीन विवाद को लेकर किया वार

जमीन विवाद को लेकर दो भाइयों के बीच झगड़ा हो गया। विवाद के दौरान छोटे भाई ने बड़े भाई के सिर पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। वार इतना जोरदार था कि सिर पर करीब 10 सेंटीमीटर लंबा गहरा घाव हो गया और घायल को 9 टांके लगाने पड़े। खून से लथपथ हालत में परिजन उसे बाखासर हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसे आगे के इलाज के लिए रेफर कर दिया। हमले के बाद भी छोटा भाई बोला- आज जान से मार दूंगा। घटना बाड़मेर जिले के बाखासर थाना इलाके अरटी गांव बीती रात करीब 8 बजे की है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेकर पूरे मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। पिता के साथ चल रही थी जमीन को लेकर बातचीत बाखासर थानाधिकारी गोविंदराम के अनुसार अरटी गांव निवासी 42 साल के श्रवण कुमार अपने पिता भावाराम के साथ जमीन के मामले को लेकर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान उनका छोटा भाई रमेश कुमार वहां पहुंच गया। श्रवण के साले भंवरलाल ने बताया का आरोप है कि रमेश ने वहां पहुंचते ही पिता और बड़े भाई के साथ गाली-गलौच शुरू कर दी और श्रवण कुमार को जान से मारने की धमकी भी दी। परिवार के अनुसार रमेश को यह भी पता था कि श्रवण के सिर के दो बड़े ऑपरेशन हो चुके हैं। उनके दिमाग की नस से जुड़ी परेशानी के कारण पहले दो बार सर्जरी हुई थी और डॉक्टरों ने उन्हें सिर पर चोट से बचने की सलाह दी थी। पुलिस के अनुसार आरोप है कि इसी दौरान रमेश कुमार ने पीछे से आकर श्रवण कुमार के सिर पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। वार इतना जोरदार था कि कुल्हाड़ी उनके सिर में गहराई तक लग गई। हमले के बाद श्रवण वहीं गिर पड़े और उनके सिर से काफी खून बहने लगा। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद भी आरोपी नहीं रुका और जान से मारने की धमकी देता रहा। हमले के दौरान श्रवण कुमार की पत्नी और बच्चों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी कुल्हाड़ी लेकर मौके से फरार हो गया। इसके बाद परिजन घायल श्रवण कुमार को खून से लथपथ हालत में बाखासर हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज किया और हालत गंभीर होने पर उन्हें आगे के इलाज के लिए गुजरात रेफर कर दिया। फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस को रिपोर्ट नहीं दी गई है। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित बोला- शराब के नशे में किया हमला घायल श्रवण कुमार ने बताया कि रात करीब 8 बजे वह घर पर अपने पिता के साथ तारबंदी तोड़ने के मुद्दे पर बात कर रहा था। इसी दौरान उसका छोटा भाई रमेश कुमार शराब के नशे में वहां आया और कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। श्रवण कुमार के अनुसार शोर सुनकर उनकी पत्नी और बच्चे मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि रमेश कुमार ने उनके पिता की लाठी से भी हमला करने का प्रयास किया और इसके बाद वहां से भाग गया।