बिजली विभाग की दबंगई: पहले बिना मीटर लगाए थमाया बिल, शिकायत की तो पुराना मीटर टांगकर सिस्टम में दर्ज की फर्जी रीडिंग
गोविन्दगढ़ (अलवर)।
स्थानीय जयपुर विद्युत वितरण निगम (JVVNL) कार्यालय में भ्रष्टाचार और तानाशाही का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। विभाग के कर्मचारियों ने अपनी पुरानी तकनीकी चोरी और लापरवाही को छुपाने के लिए उपभोक्ता के घर न केवल पुराना इस्तेमालशुदा मीटर टांग दिया, बल्कि सरकारी कंप्यूटर सिस्टम में फर्जी प्रारंभिक रीडिंग भी दर्ज कर दी। विरोध करने पर उपभोक्ता के साथ अभद्रता करते हुए सरकारी केबल (डोरी) काटकर छोटी कर दी गई। पीड़ित उपभोक्ता ने इस संगठित धोखाधड़ी के खिलाफ मुख्यमंत्री और क्षेत्रीय विधायक को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
क्या है पूरा मामला?
ग्राम मुंडपूरीखुर्द निवासी पीड़ित उपभोक्ता प्रकाश सैनी पुत्र तुलसी राम सैनी ने बताया कि उन्होंने बीते 14 मई 2026 को घरेलू बिजली के नए कनेक्शन के लिए आवेदन किया था और नियमानुसार डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) के जरिए फीस भी जमा करवा दी थी। आरोप है कि इसके बाद वे दो महीने तक लगातार बिजली घर के चक्कर काटते रहे, जहां तैनात कर्मियों द्वारा उनसे ‘मिठाई-पानी’ के नाम पर अवैध राशि (रिश्वत) की मांग की गई। रिश्वत न देने पर उन्हें लगातार परेशान किया गया। हद तो तब हो गई जब घर पर मीटर लगा ही नहीं और विभाग ने उपभोक्ता को ₹1638 का भारी-भरकम बिजली बिल थमा दिया।
चोरी छुपाने के लिए नया षड्यंत्र
जब पीड़ित ने इस फर्जी बिल की शिकायत उच्च स्तर पर की, तो बौखलाए विभाग ने मामले को दबाने के लिए नया खेल रच दिया। शुक्रवार (17 जुलाई) को विभाग का एक कर्मचारी शौक़ीन खान (मोबाइल नंबर: 7665238792) उपभोक्ता के घर मीटर लगाने पहुंचा। आरोप है कि उसने जो मीटर लगाया वह पहले से इस्तेमाल किया हुआ था, जिसमें भौतिक रूप से 76 रीडिंग दर्ज थी। लेकिन विभाग ने अपनी ऑनलाइन प्रणाली पर इस मीटर की शुरुआती रीडिंग को फर्जी तरीके से सीधे 276 यूनिट दर्ज कर दिया, ताकि बिना मीटर जारी किए गए ₹1638 के पुराने फर्जी बिल को सही ठहराया जा सके।
विरोध करने पर केबल काटी, दी धमकी
उपभोक्ता प्रकाश सैनी ने जब इस धोखाधड़ी और फर्जी 276 रीडिंग का मौके पर विरोध किया, तो कर्मचारी शौक़ीन खान आगबबूला हो गया। उसने उपभोक्ता के साथ घोर अभद्र व्यवहार करते हुए कहा कि “इस 276 रीडिंग को आगे के बिलों में एडजस्ट करवा लेना।” बात यहीं खत्म नहीं हुई; बदले की भावना से कार्रवाई करते हुए कर्मचारी ने गुस्से में आकर खंभे से मीटर तक आने वाली सर्विस केबल (डोरी) को बीच से काटकर छोटा कर दिया, जबकि उपभोक्ता के लिए लंबी डोरी मंजूर हुई थी।
अवैध वसूली का आरोप, निलंबन की मांग
पीड़ित प्रकाश सैनी का कहना है कि बिजली विभाग के कर्मचारी अब बदले की भावना से उनसे 276 यूनिट की अवैध वसूली करने का प्रयास कर रहे हैं। इस तानाशाही और भ्रष्टाचार से त्रस्त होकर पीड़ित ने मुख्यमंत्री को पूरक शिकायत भेजकर दोषी कर्मचारियों को तुरंत निलंबित करने, फर्जी रीडिंग को तकनीकी सिस्टम से हटाने और परिसर पर शून्य (0) रीडिंग का नया सीलबंद मीटर लगाने की मांग की है।

