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बाइक को बचाने के प्रयास में ट्रैक्टर खाई में उतरा:ड्राइवर को मामूली चोट आई, प्रतापगढ़-रतलाम मार्ग पर हादसा

प्रतापगढ़-रतलाम मार्ग पर बरखेड़ी स्थित आरा मशीन के पास एक बड़ा सड़क हादसा टल गया। एक ट्रैक्टर चालक ने सामने से आ रहे बाइक सवार को बचाने के प्रयास में नियंत्रण खो दिया, जिससे ट्रैक्टर सड़क किनारे खाई में उतर गया और बबूल के पेड़ से टकराकर रुक गया। जानकारी के अनुसार, यह ट्रैक्टर दलोट का बताया जा रहा है, जो प्रतापगढ़ से दलोट की ओर जा रहा था। सामने से तेज रफ्तार में आ रही बाइक को बचाने के प्रयास में चालक ने ट्रैक्टर को मोड़ा, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरा। गनीमत रही कि ट्रैक्टर बबूल के पेड़ से टकराकर रुक गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हादसे में ट्रैक्टर ड्राइवर को मामूली चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने राहत कार्य शुरू किया और बाद में जेसीबी की मदद से ट्रैक्टर को खाई से सुरक्षित बाहर निकाला गया।

कोटा में बादल छाए, बारिश का इंतजार:पिछले साल के मुकाबले 83% कम बरसात हुई, गर्मी व उमस से लोग परेशान

कोटा संभाग में मानसून की बेरुखी ने लोगों को गर्मी और उमस से परेशान कर दिया है। आषाढ़ बीतने और सावन की शुरुआत के बाद भी कोटा वासियों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार शाम को हुई बारिश के बाद से ही शहर में बारिश का इंतजार लंबा होता जा रहा है। हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि रविवार दोपहर बाद मौसम का मिजाज बदल सकता है और बौछारें पड़ने से लोगों को राहत मिल सकती है। रविवार सुबह कोटा में मौसम में बदलाव तो नजर आया लेकिन बारिश नहीं है। हवा नहीं चलने से उमस बढ़ी सुबह से आसमान में बादल छाए हुए हैं और धूप नहीं निकली, लेकिन इसके बावजूद राहत नहीं मिली। हवा की रफ्तार पूरी तरह थम जाने के कारण वातावरण में उमस (ह्यूमिडिटी) का ग्राफ ऊपर है। मौसम विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक, इस साल जुलाई महीने में कोटा में मानसून उम्मीद के मुताबिक नहीं बरसा है। अब तक 126.9 एमएम बारिश दर्ज बारिश के आंकड़ों में पिछले साल की तुलना में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस साल अब तक मात्र 126.9 एमएम बारिश दर्ज की गई है। जबकि पिछले साल कोटा में 19 जुलाई तक 738.02 एमएम बारिश हुई थी। यानी कि पूरे साल के औसत से ज्यादा पानी बरसा था। जिससे कई कॉलोनियों में पानी भर गया था। पिछले साल के मुकाबले इस बार अब तक करीब 83 फीसदी कम बारिश हुई है। शाम तक हो सकती है बारिश यही कारण है कि बांधों का जलस्तर उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ पाया है। मौसम केंद्र के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और मध्य प्रदेश के ऊपरी हिस्से में बने चक्रवाती तंत्र के असर से कोटा और आसपास के इलाकों में स्थानीय स्तर पर घने बादल छा रहे हैं। हालांकि हवा का दबाव कम होने से रविवार सुबह बरसात नहीं हुई, लेकिन दोपहर बाद या शाम तक हवाओं का रुख बदलने और मेघ गर्जन के साथ अच्छी बारिश होने की पूरी संभावना है। अगर आज दोपहर बाद सिस्टम सक्रिय होता है, तो तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है।

ग्रामीण बोले- कंपनी को काम नहीं करने देंगे:पावर ग्रिड के तार के बदले मुआवजे की मांग, चार दिन से धरने पर बैठे

झुंझुनूं के सोनासर में अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में चल रहा किसानों का धरना रविवार को चौथे दिन भी जारी रहा। किसान नेता रोहितास महला की अध्यक्षता में हुए धरने में सीकर जिले के फकीरपुरा गांव के प्रभावित किसान भी पहुंचे और आंदोलन को समर्थन दिया। किसानों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं और अग्रिम मुआवजा नहीं मिलता, तब तक पावर ग्रिड की कंपनी को काम नहीं करने दिया जाएगा। चौथे दिन भी जारी रहा धरना अखिल भारतीय किसान सभा सोनासर के नेतृत्व में चल रहे धरने की अध्यक्षता किसान नेता रोहितास महला ने की। किसानों ने एकजुट होकर कहा कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। सीकर के किसानों ने दिया समर्थन आंदोलन को मजबूती देने के लिए सीकर जिले के फकीरपुरा गांव के प्रभावित किसान भी धरना स्थल पहुंचे। इनमें मंजीत बाजिया, बनवारी बाजिया और विनोद कालेर शामिल रहे। उन्होंने सोनासर के किसानों के प्रति एकजुटता जताई और कहा कि जरूरत पड़ने पर सीकर से बड़ी संख्या में किसान समर्थन के लिए पहुंचेंगे। कंपनी पर वादाखिलाफी का आरोप मीडिया से बातचीत में सीकर से आए किसान मंजीत बाजिया ने पावरग्रिड कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कंपनी के अधिकारी लिखित समझौता करने के बाद भी अपनी बात से मुकर जाते हैं। उन्होंने बताया कि सीकर में भी कंपनी के अधिकारियों ने किसानों के साथ लिखित समझौता किया था, लेकिन बाद में उसे नहीं माना। पहले अग्रिम मुआवजा, फिर होगा काम किसानों ने कहा कि नियमानुसार पहले नुकसान का अग्रिम (एडवांस) मुआवजा दिया जाना चाहिए। उनका कहना है कि जब तक किसानों को मुआवजे की राशि नहीं मिलती, तब तक कंपनी को किसी भी हालत में काम नहीं करने दिया जाएगा। आगे की रणनीति पर हुई बैठक धरना स्थल पर किसानों की बैठक भी हुई। इसमें आंदोलन को आगे बढ़ाने, कंपनी पर दबाव बनाने और आगे की रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। धरने में महिपाल पूनिया, नवीन चौधरी, जयपाल महला (सहकारी समिति अध्यक्ष), सुरेंद्र सिंह सिलाइच (पूर्व सरपंच), सुनील महला, अमित, नरेंद्र महला, लीलाधर महला, हरफूल यादव, छाजू राम यादव, रतन यादव, सहीराम महला, राजेंद्र, बलदेव, सुरेंद्र महला, विकास योगी, धर्मेंद्र नायक, सुरजीत महला, नवीन महला और जितेंद्र सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।​

खेत में कुत्ते के मुंह में मिला नवजात का शव:चेहरे को नोच डाला, रैयाटुंडा गांव की घटना

चूरू जिले के साहवा थाना क्षेत्र में एक नवजात का शव कुत्ते के मुंह में मिला। यह घटना रैयाटुंडा गांव के एक खेत में सामने आई है।
ग्रामीणों ने खेतों की ओर जाते समय एक कुत्ते को कुछ मुंह में दबाए देखा। पास जाने पर पता चला कि वह नवजात था। ग्रामीणों ने नवजात को कुत्ते से छुड़वाया, लेकिन तब तक कुत्ते उसके चेहरे को नोच चुके थे। डीएनए सैंपल से होगी पहचान
सूचना मिलने पर साहवा थाना के एएसआई सुल्तान सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का मुआयना किया और नवजात का शव कब्जे में लिया।
एएसआई सुल्तान सिंह ने बताया कि नवजात के शव को साहवा के सरकारी अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। पहचान करने के लिए डीएनए सैंपल लिए जाएंगे। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नवजात को किसने और कब फेंका, इसकी जानकारी जुटाने के लिए आसपास के गांवों में भी पूछताछ की जा रही है।

मंत्री मदन दिलावर के खिलाफ लगे मुर्दाबाद के नारे:सांड के हमले में जान गंवाने वाले परिवार को सहायता नहीं मिलने पर फूटा गुस्सा

रामगंजमंडी विधानसभा क्षेत्र के बन्दा गांव में शनिवार को शिक्षा मंत्री एवं स्थानीय विधायक मदन दिलावर के दौरे के दौरान हंगामे की स्थिति बन गई। नगर निगम की गौशाला में सांड के हमले में जान गंवाने वाले गोपाल भील के परिवार को अनुकंपा सहायता दिलाने की मांग लेकर पहुंचे ग्रामीणों ने मंत्री से मुलाकात की कोशिश की। इसी दौरान एक युवक के वीडियो बनाने पर मंत्री के निजी सहायक ने आपत्ति जताई, जिसके बाद विवाद बढ़ गया और मंत्री वहां से रवाना हो गए। ग्रामीणों का आरोप है कि मंत्री ने उनकी बात सुने बिना ही कार्यक्रम स्थल छोड़ दिया। इसके बाद लोगों ने नाराजगी जताते हुए मदन दिलावर के खिलाफ नारेबाजी की और मुर्दाबाद के नारे लगाए। ज्ञापन देने गए थे ग्रामीण निवर्तमान उप महापौर पवन मीणा के नेतृत्व में ग्रामीण गोपाल भील के परिवार की ओर से ज्ञापन सौंपकर अनुकंपा नियुक्ति और आर्थिक सहायता की मांग करना चाहते थे। पवन मीणा ने कहा कि ग्रामीण किसी निजी हित के लिए नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार को न्याय और नियमानुसार सरकारी सहायता दिलाने की मांग लेकर पहुंचे थे। उनका कहना है कि यह एक संवेदनशील मामला है और ऐसे मामलों में जनप्रतिनिधियों को पीड़ित परिवार की बात सुननी चाहिए। ग्रामीणों ने सरकार से गोपाल भील के परिवार को जल्द आर्थिक सहायता और आवश्यक राहत देने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेंगे।

टोंक में तेज हवा और बारिश का येलो अलर्ट:ठंडी हवा से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली, सुबह से छाए बादल

टोंक में रविवार सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार जिले में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। जिसके बाद क्षेत्र में अच्छी बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। सुबह से ही ठंडी हवाओं का दौर जारी है। जिससे लोगों को गर्मी और उमससे राहत मिली है। जिसके कारण जिले में मौसम सुहावना हो गया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार- येलो अलर्ट को देखते हुए शाम तक जिले के कई हिस्सों में बिजली गर्जना के साथ बारिश हो सकती है। सुबह से हल्के बादल छाए रहे ​जिले में ​रविवार सुबह से ही आसमान में हल्के बादलों की आवाजाही बनी हुई है। बादलों की मौजूदगी के कारण धूप का असर कम है, जिससे स्थानीय लोगों को तेज गर्मी से थोड़ी राहत मिली है। हालांकि, हवा में नमी के चलते हल्की उमस का अहसास भी हो रहा है। तापमान में गिरावट आई ​मौसम विभाग के अनुसार, जिले में तापमान में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। टोंक का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस रहने के आसार बने हुए है। वहीं न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। इस बदले मौसम के चलते बीते दिनों के मुकाबले लोगों को गर्मी और उमस कम महसूस हो रही है।

उदयपुर सांसद बोले-'आदिवासी हिंदू नहीं हैं' जैसी मार्केटिंग हो रही:धर्मांतरण का एक पूरा इकोसिस्टम काम कर रहा; आदिवासी इलाकों में बड़ा नेटवर्क सक्रिय

आदिवासी समाज के बच्चों को गोवा से शनिवार शाम उदयपुर लाया गया। उन्हें बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की टीम यहां लेकर पहुंची। जिसके बाद उदयपुर सांसद मन्ना लाल रावत ने अपना एक वीडियो जारी किया। रावत ने वीडियो के जरिए कहा कि बच्चों को अवैध तरीके से मानव तस्करी के लिए तमिलनाडु ले जाया जा रहा था। ऐसी घटनाएं पहले भी हुई हैं और इसकी सूचनाएं लगातार आ रही हैं। इससे साफ पता चलता है कि क्षेत्र में धर्मांतरण का एक पूरा इकोसिस्टम काम कर रहा है। आदिवासी इलाकों में बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। सांसद रावत ने नेटवर्क का खुलासा करते हुए कहा कि ऋषभदेव थाना क्षेत्र के कानूवाड़ा में एक एफआईआर दर्ज हुई है। 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से एक व्यक्ति नेपाल का है, एक पंजाब का है। जानकारी के अनुसार नेपाल के व्यक्ति के साथ पाकिस्तानी भी था। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ से भी तीन लोग इसमें जुड़े हुए थे। बाहरी लोग यहां आकर आदिवासी क्षेत्रों में छद्म तरीके से रहते हैं और धर्मांतरण की अवैध गतिविधियों को अंजाम देकर स्थानीय लोगों में अलगाव पैदा करते हैं। विकास को रोकने का प्रयास किया जा रहा सांसद ने आरोप लगाया कि ये लोग क्षेत्र में हो रही विकास की गतिविधियों और विकास के मार्ग को रोकने का प्रयास कर रहे हैं। ये आदिवासियों को गरीब बनाए रखने के लिए लोभ-प्रलोभन देते हैं और यहां बड़े पैमाने पर पैसे के लेन-देन की सूचनाएं हैं। डूंगरपुर और बांसवाड़ा से भी ऐसी घटनाएं सामने आई सांसद ने पहले की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि डूंगरपुर के सेंट पॉल स्कूल और बांसवाड़ा के कलिंजरा में भी ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कोई ‘ऐसी भारत’ नाम के लोग भी यहां आकर कट्टरता की बातें करते हैं और लोगों को भड़काकर संविधान के खिलाफ ले जाते हैं। बड़ी पार्टी का नेता कहता है-धर्मांतरण अधिकार है सांसद ने राजनीतिक मिलीभगत पर भी सवाल उठाए हैं, उन्होंने कहा कि दुखद बात यह है कि कानूवाड़ा में राजस्थान के एक राजनीतिक दल का बड़ा नेता जाकर कहता है कि धर्मांतरण अधिकार है, जो कि एक बहुत बड़ा पाप है। साथ ही ‘आदिवासी हिंदू नहीं हैं’ जैसी मार्केटिंग करने वाली नई पार्टियां पैदा हो गई हैं। ये सब मिलकर विकास की गति को रोकना चाहते हैं। जब सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और पानी सब कुछ दे रही है, तो ये लोग बाहर क्यों जा रहे हैं? रावत ने संदेह जताया कि तमिलनाडु में सनातन को डेंगू-मलेरिया बताने वाले डायलॉग बोले जाते हैं, कहीं ये सारा इशारा उसी तरफ तो नहीं है? हम सब साथ आगे बढ़ेंगे उन्होंने कहा कि जनगणना में ओआरपी की मांग करने वाले लोग आदिवासियों पर आईपीसी लागू नहीं होने की बात करते हैं। अब इस पूरे इकोसिस्टम को रुकना चाहिए। विकसित भारत के लिए हम सब साथ आगे बढ़ेंगे, लेकिन इन तत्वों को रोकना जरूरी है। इसके लिए उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री और राजस्थान के मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इस गंभीर मामले की एनआईए (NIA) और सीबीआई (CBI) से गहनता से जांच कराई जाए ताकि इसकी जड़ों तक पहुंचकर इसे पूरी तरह रोका जा सके। दो दिन पहले छुड़ाए 7 बच्चे बता दें कि उदयपुर बाल कल्याण समिति की टीम 2 दिन पहले गोवा पहुंचकर वहां से छुडवाए गए 7 बच्चों को लेकर उदयपुर आई। गिरोह इन बच्चों को बस से अहमदाबाद और फिर ट्रेन से गोवा लेकर पहुंचा था। गिरोह गोवा से बच्चों को तमिलनाडु ले जाने वाला था, लेकिन उससे पहले ही रेलवे पुलिस ने छुड़ा लिया। फ्री शिक्षा दिलाने के बहाने ले जा रहे थे गिरोह से छुड़ाए गए बच्चों में 2 लड़कियां और 5 लड़के शामिल हैं, जिनकी उम्र 7 से 12 साल के बीच है। सांसद ने आरोप लगाया कि इन गरीब आदिवासी बच्चों को फ्री शिक्षा के बहाने धर्मांतरण कराने के लिए राजस्थान से तमिलनाडू ले जाया जा रहा था। —————– यह खबर भी पढ़िए.. धर्मांतरण कराने राजस्थान से बाहर भेजे जा रहे थे बच्चे:गिरोह ने फ्री पढ़ाई का लालच दिया; गोवा में रेलवे पुलिस ने 7 बच्चों को छुड़ाया

बालोतरा में सड़क किनारे लहूलुहान मिला युवक, मौत:सिर फटा हुआ था, खून बहा; इलाज से पहले दम तोड़ा

बालोतरा में रिश्तेदार के घर जाने के लिए निकला युवक हाईवे किनारे अचेत अवस्था में पड़ा मिला। उसका सिर फटा हुआ था और काफी खून बह चुका था। राहगीरों की सूचना पर पुलिस और एम्बुलेंस उसे गंभीर हालत में समदड़ी उप जिला अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही उसकी मौत हो गई। हादसा शनिवार शाम करीब 4 बजे समदड़ी-करमावास हाईवे पर गोगाजी मंदिर के पास हुआ। परिजनों ने मौत को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा होने की बात कह रही है। रिश्तेदार के घर जाते समय हाईवे किनारे अचेत मिला पुलिस ने बताया – लुदराड़ा (बालोतरा) निवासी रमेश (27) पुत्र धानाराम शनिवार शाम को पैदल ही अपने घर से समदड़ी में रिश्तेदार के घर जाने के लिए निकला था। घर से करीब 3 किलोमीटर दूर समदड़ी-करमावास हाईवे पर गोगाजी मंदिर के पास वह अचेत अवस्था में पड़ा मिला। उसके सिर पर गंभीर चोट थी और काफी खून बह चुका था। हाईवे से गुजर रहे राहगीरों ने उसे देखा और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। युवक की अस्पताल पहुंचने तक सांसें चल रही थीं, इसलिए उसे गंभीर हालत में समदड़ी उप जिला हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। परिजनों ने मौत के कारणों की निष्पक्ष जांच की मांग की घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने पुलिस को रिपोर्ट देकर बताया कि रमेश संदिग्ध परिस्थितियों में सड़क किनारे मिला था। परिजनों ने मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा करने के लिए निष्पक्ष और गहन जांच कराने तथा यदि कोई दोषी सामने आए तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद होगा खुलासा पुलिस का कहना है कि रमेश की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है और आसपास के साक्ष्य व परिस्थितियों की भी पड़ताल की जा रही है।

लिव इन रह रही तलाकशुदा युवती ने किया सुसाइड:सहेली को फोन कर खाया जहर, कहा था-आज के बाद नजर नहीं आऊंगी

अलवर शहर में किराए के मकान में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही 25 साल की तलाकशुदा युवती ने सुसाइड कर लिया। युवती ने अपने प्रेमी से अनबन के चलते जहर खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामला शिवाजी पार्क थाना क्षेत्र स्थित बुध विहार में शनिवार का है। जहर खाने से पहले युवती ने अपनी सहेली को फोन कर कहा था, आज के बाद मैं कभी नजर नहीं आऊंगी। पुलिस ने शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है और प्रेमी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। 6 महीने पहले हुआ था तलाक पुलिस के अनुसार, मृतका पूजा राजपूत मूल रूप से हरियाणा के नूंह जिले के पुनहाना की रहने वाली थी। करीब छह महीने पहले ही उसका अपने पति रवि राजपूत से तलाक हुआ था। रवि से शादी के बाद उसके दो बच्चे हैं, जो अपने पिता के साथ ही रहते हैं। पूजा करीब दो साल से अलवर के चूड़ी मार्केट में काम कर रही थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात सोनू नाम के युवक से हुई। दोनों अलग-अलग दुकानों पर काम करते थे और धीरे-धीरे दोनों में प्यार हो गया। इसके बाद वे बुध विहार में किराए का कमरा लेकर लिव-इन में रहने लगे। सहेली को फोन पर दी आखिरी सूचना शनिवार को पूजा और सोनू के बीच किसी बात को लेकर अनबन हो गई। इसके बाद पूजा ने अपनी सहेली शैली को फोन किया और कहा कि वह आखिरी बार बात कर रही है, इसके बाद कभी नजर नहीं आएगी। फोन काटने के बाद उसने घर में रखा जहरीला पदार्थ खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर प्रेमी सोनू और उसकी सहेलियां उसे तुरंत सानिया अस्पताल ले गए, जहां से डॉक्टरों ने बिना देखे ही जिला अस्पताल भेज दिया। जिला अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने पूजा को मृत घोषित कर दिया। मां घरों में काम कर चलाती है परिवार मृतका पूजा के परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है। उसके परिवार में चार बहनें और एक भाई है, जिनमें से एक भाई और एक बहन अभी अविवाहित है। पूजा के पिता की मौत के बाद उसकी मां घरों में झाड़ू-पोंछा और अन्य काम करके पूरे परिवार पाल रही है।

महिला थाने में ASI की हार्ट अटैक से मौत:ड्यूटी के दौरान सांस लेने में हुई थी परेशानी; 3 महीने पहले हुआ था प्रमोशन

दौसा के महिला थाने में तैनात ASI की शनिवार रात ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। ASI गिरधारी लाल मीणा (56) थाने में ड्यूटी ऑफिसर की जिम्मेदारी निभा रहे थे। महिला थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया- रात 11:30 बजे गिरधारी लाल की तबीयत बिगड़ गई। सांस लेने में तकलीफ और बेचैनी होने लगी। इसके बाद वे अचेत हो गए। साथी पुलिसकर्मियों ने उन्हें तुरंत जिला अस्पताल की इमरजेंसी यूनिट में भर्ती करवाया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के पीएमओ डॉ. आरके मीणा ने बताया- ASI को बेचैनी और घबराहट की शिकायत पर इमरजेंसी यूनिट में इलाज के लिए लेकर आए थे। प्रथम दृष्टया हार्ट अटैक से मौत की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी। 3 महीने पहले हुआ था प्रमोशन गिरधारी लाल मूल रूप से अलवर जिले के प्रतापगढ़ क्षेत्र के हमीरपुर के रहने वाले थे। उनके परिवार में एक बेटा और तीन बेटी हैं। उन्होंने पुलिस विभाग में करीब 35 साल तक सेवाएं दीं। वे लंबे समय तक दौसा कोतवाली थाने में हेड कॉन्स्टेबल के पद पर भी कार्यरत रहे। करीब तीन माह पहले प्रमोशन के बाद ASI बने थे। प्रमोशन के बाद उनका ट्रांसफर महिला थाने में किया गया था। पुलिस अफसरों ने दी श्रद्धांजलि रविवार सुबह पोस्टमॉर्टम किया गया। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और शव परिजनों को सौंप दिया। परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव हमीरपुर ले गए। … यह खबर भी पढ़ें… सेना के जवान की हार्ट अटैक से मौत:आखिरी बार हुई थी पत्नी से बात, कहा था- जल्द 5 दिन की छुट्‌टी लेकर आऊंगा कोटपूतली-बहरोड़ जिले के सेना के जवान की सोमवार को ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई। पावटा क्षेत्र के गांव लाड़ा का बास निवासी नायब सूबेदार बनवारी लाल खोजा (47) यूपी में मेरठ कैंट में तैनात थे। (पूरी खबर पढ़ें)