उदयपुर सांसद बोले-'आदिवासी हिंदू नहीं हैं' जैसी मार्केटिंग हो रही:धर्मांतरण का एक पूरा इकोसिस्टम काम कर रहा; आदिवासी इलाकों में बड़ा नेटवर्क सक्रिय
आदिवासी समाज के बच्चों को गोवा से शनिवार शाम उदयपुर लाया गया। उन्हें बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की टीम यहां लेकर पहुंची। जिसके बाद उदयपुर सांसद मन्ना लाल रावत ने अपना एक वीडियो जारी किया। रावत ने वीडियो के जरिए कहा कि बच्चों को अवैध तरीके से मानव तस्करी के लिए तमिलनाडु ले जाया जा रहा था। ऐसी घटनाएं पहले भी हुई हैं और इसकी सूचनाएं लगातार आ रही हैं। इससे साफ पता चलता है कि क्षेत्र में धर्मांतरण का एक पूरा इकोसिस्टम काम कर रहा है। आदिवासी इलाकों में बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। सांसद रावत ने नेटवर्क का खुलासा करते हुए कहा कि ऋषभदेव थाना क्षेत्र के कानूवाड़ा में एक एफआईआर दर्ज हुई है। 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से एक व्यक्ति नेपाल का है, एक पंजाब का है। जानकारी के अनुसार नेपाल के व्यक्ति के साथ पाकिस्तानी भी था। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ से भी तीन लोग इसमें जुड़े हुए थे। बाहरी लोग यहां आकर आदिवासी क्षेत्रों में छद्म तरीके से रहते हैं और धर्मांतरण की अवैध गतिविधियों को अंजाम देकर स्थानीय लोगों में अलगाव पैदा करते हैं। विकास को रोकने का प्रयास किया जा रहा सांसद ने आरोप लगाया कि ये लोग क्षेत्र में हो रही विकास की गतिविधियों और विकास के मार्ग को रोकने का प्रयास कर रहे हैं। ये आदिवासियों को गरीब बनाए रखने के लिए लोभ-प्रलोभन देते हैं और यहां बड़े पैमाने पर पैसे के लेन-देन की सूचनाएं हैं। डूंगरपुर और बांसवाड़ा से भी ऐसी घटनाएं सामने आई सांसद ने पहले की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि डूंगरपुर के सेंट पॉल स्कूल और बांसवाड़ा के कलिंजरा में भी ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कोई ‘ऐसी भारत’ नाम के लोग भी यहां आकर कट्टरता की बातें करते हैं और लोगों को भड़काकर संविधान के खिलाफ ले जाते हैं। बड़ी पार्टी का नेता कहता है-धर्मांतरण अधिकार है सांसद ने राजनीतिक मिलीभगत पर भी सवाल उठाए हैं, उन्होंने कहा कि दुखद बात यह है कि कानूवाड़ा में राजस्थान के एक राजनीतिक दल का बड़ा नेता जाकर कहता है कि धर्मांतरण अधिकार है, जो कि एक बहुत बड़ा पाप है। साथ ही ‘आदिवासी हिंदू नहीं हैं’ जैसी मार्केटिंग करने वाली नई पार्टियां पैदा हो गई हैं। ये सब मिलकर विकास की गति को रोकना चाहते हैं। जब सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और पानी सब कुछ दे रही है, तो ये लोग बाहर क्यों जा रहे हैं? रावत ने संदेह जताया कि तमिलनाडु में सनातन को डेंगू-मलेरिया बताने वाले डायलॉग बोले जाते हैं, कहीं ये सारा इशारा उसी तरफ तो नहीं है? हम सब साथ आगे बढ़ेंगे उन्होंने कहा कि जनगणना में ओआरपी की मांग करने वाले लोग आदिवासियों पर आईपीसी लागू नहीं होने की बात करते हैं। अब इस पूरे इकोसिस्टम को रुकना चाहिए। विकसित भारत के लिए हम सब साथ आगे बढ़ेंगे, लेकिन इन तत्वों को रोकना जरूरी है। इसके लिए उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री और राजस्थान के मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इस गंभीर मामले की एनआईए (NIA) और सीबीआई (CBI) से गहनता से जांच कराई जाए ताकि इसकी जड़ों तक पहुंचकर इसे पूरी तरह रोका जा सके। दो दिन पहले छुड़ाए 7 बच्चे बता दें कि उदयपुर बाल कल्याण समिति की टीम 2 दिन पहले गोवा पहुंचकर वहां से छुडवाए गए 7 बच्चों को लेकर उदयपुर आई। गिरोह इन बच्चों को बस से अहमदाबाद और फिर ट्रेन से गोवा लेकर पहुंचा था। गिरोह गोवा से बच्चों को तमिलनाडु ले जाने वाला था, लेकिन उससे पहले ही रेलवे पुलिस ने छुड़ा लिया। फ्री शिक्षा दिलाने के बहाने ले जा रहे थे गिरोह से छुड़ाए गए बच्चों में 2 लड़कियां और 5 लड़के शामिल हैं, जिनकी उम्र 7 से 12 साल के बीच है। सांसद ने आरोप लगाया कि इन गरीब आदिवासी बच्चों को फ्री शिक्षा के बहाने धर्मांतरण कराने के लिए राजस्थान से तमिलनाडू ले जाया जा रहा था। —————– यह खबर भी पढ़िए.. धर्मांतरण कराने राजस्थान से बाहर भेजे जा रहे थे बच्चे:गिरोह ने फ्री पढ़ाई का लालच दिया; गोवा में रेलवे पुलिस ने 7 बच्चों को छुड़ाया

