ब्रेकिंग न्यूज़
इंजेक्शन लगाने पर नीला पड़ा शरीर,मुंह से निकलने लगा झाग:7 दिन से बुखार से पीड़ित महिला की मौत; परिजनों का इलाज में लापरवाही का आरोप

कोटा के रावतभाटा इलाके में रविवार रात 10 बजे 7 दिनों से बुखार से पीड़ित एक महिला मरीज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि इंजेक्शन लगाए जाने के बाद महिला के मुंह से झाग निकलने लगे और उसका शरीर नीला पड़ गया। गंभीर हालत में उसे कोटा के अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दी है और मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। आज (सोमवार) कोटा न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमॉर्टम करवाया जा रहा है। मृतका ललिता रावत (34) न्यू मार्केट रावतभाटा की निवासी थी। पिछले 7 दिन से बुखार से पीड़ित थी। ड्रिप चढ़ाने के बाद महिला को लगने लगी ठंड पति हिम्मत सिंह ने बताया कि ललिता की 7 दिन से तबीयत खराब थी। उसे बुखार आया था। रावतभाटा सरकारी हॉस्पिटल में दो दिन ड्रिप चढ़वाई थी। इसके बाद उसकी तबीयत थोड़ी ठीक हो गई थी। लेकिन दो दिन बाद वापस से बुखार आ गया। 19 जुलाई रविवार को फिर से रावतभाटा सरकारी हॉस्पिटल में दिखाया। ड्यूटी डॉक्टर ने जांच लिखी और सुबह के वक्त ड्रिप चढ़ाई। इससे ललिता को थोड़ा आराम मिला। शाम को फिर बुलाया। रविवार होने के चलते हॉस्पिटल में डॉक्टर नहीं था। शाम 7 बजे करीब फिर से एक ड्रिप चढ़ाई। ड्रिप चढ़ाने के कुछ देर बाद ललिता का शरीर वाइब्रेट ( धूजने) होने लगा और ठंड लगने लगी। स्टाफ को बुलाकर ड्रिप बंद करवाई। ललिता को ठंड लग रही थी। इस बारें में हॉस्पिटल स्टाफ को बताया, इसके बाद स्टाफ ने एक इंजेक्शन लगाया। जिससे ललिता का शरीर वाइब्रेट होना बंद हुआ। इंजेक्शन लगाया तो महिला के मुंह से निकलने लगा झाग उन्होंने आगे बताया कि कुछ देर बाद स्टाफ ने कूल्हे पर इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगाने के बाद से ही ललिला को चक्कर आने लगे, मुंह खराब हो गया। उसे मुंह से बोला नहीं जा रहा था। वो पसीना-पसीना हो गई और मुंह से झाग निकलने लगा। इस दौरान शरीर नीला पड़ गया। ज्यादा तकलीफ होता देख रविवार रात 10 बजे उसे कोटा रेफर कर दिया गया। उसे तुरंत एंबुलेंस की मदद से कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल लेकर आए, जहां डॉक्टर ने चेक कर मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि ललिता के पहले कोई बीमारी नहीं थी। रावतभाटा के सरकारी अस्पताल में इलाज में लापरवाही के चलते ललिता की मौत हुई है। कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस को लिखित में शिकायत दी है। डॉक्टर और स्टाफ का नाम पता नहीं है। हिम्मत सिंह ने बताया वह सिलाई का काम करते हैं। उनके दो बच्चे 14 साल व 12 साल के हैं। पिछले सात दिन से महिला थी बीमार रावतभाटा थाना ASI शांतिलाल बुनकर ने बताया कि महिला 7 दिन से बीमार थी। पति ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिकायत दी है। डॉक्टर और स्टाफ कौन थे। इस बारे में अभी जानकारी नहीं है। मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमॉर्टम करवाया जा रहा है। परिजनों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जाएगी।

उदयपुर में सरकारी स्कूल की छत गिरने का डर:बच्चों को बचाने कमरों में कांटे बिछाए; टीचर बोले- अधिकारियों को बताया लेकिन कुछ नहीं हुआ

उदयपुर की वल्लभनगर तहसील के एक सरकारी स्कूल का भवन इतना जर्जर हो चुका है कि छत के कभी भी गिरने की संभावना बनी हुई है। हादसे की आशंका को लेकर स्कूल स्टाफ ने कमरों और बरामदे में कांटेदार झाड़ियां बिछा दी हैं। ताकि कोई बच्चा गलती से भी कमरों मे न चला जाए। मामला माल की टूस पंचायत के फलेट गांव के सरकारी मिडिल स्कूल का है। इसकी हालत बेहद चिताजनक बनी हुई है। स्कूल स्टाफ का कहना है कि छुट्टी के बाद भी बच्चे खेलने के लिए आते-रहते हैं। उस वक्त उन्हें रोकने-टोकने वाला कोई नहीं होता। स्कूल में दो ही रूम ठीक हालत में है। इनमें सभी 8 क्लास संचालित होती हैं। कक्षा पहली से 5वीं तक एक रूम में और कक्षा 6 से 8वीं तक दूसरे रूम में चलती हैं। कई बार अधिकारियों को बता चुके, कुछ नहीं हुआ: शिक्षक स्कूल के शिक्षक देवेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया- कमरे और बरामदों की छत से प्लास्टर पूरी तरह झड़ चुका है। छत में लगे सरिए जंग से गल चुके हैं। तेज बारिश में छत के गिरने का डर लगा रहता है। इसलिए हम पहले ही हादसे से सतर्क हैं। बच्चों को भी जर्जर कमरे वाले एरिया में जाने से मना कर दिया है। स्कूल में करीब 60 बच्चे हैं और 4 लोगों का स्टाफ है। शिक्षक ने बताया- हमने कई बार अपने शिक्षा अधिकारियों को इस बारे में अवगत कराया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। एनएसयूआई नेता बोले-क्या बड़े हादसे का इंतजार? वल्लभनगर निवासी और एनएसयूआई जिला देहात सचिव पूरण कुमार मेघवाल ने बताया कि क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार​ किया जा रहा है। पहले भी जर्जर भवन गिरने से बच्चों की मौतें हो चुके हैं तो सरकार को मानूसन से पहले ही जर्जर भवनों की सुध लेनी चाहिए थी।

हिस्ट्रीशीटर के अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर:लूट के मामले में कार्रवाई; दिव्यांग पिता ने कहा- मकान मेरे नाम, बेटे से कोई संबंध नहीं

डीडवाना-कुचामन जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस और नगर परिषद ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए सोमवार को हिस्ट्रीशीटर दिनेश स्वामी के मकान पर बुलडोजर चलाया। टीम ने 19 गज अवैध अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान मकान के आगे बने अवैध हिस्से, मुख्य गेट की दीवार, बाथरूम, शौचालय और पानी की हौद को तोड़ दिया गया। परिजनों के विरोध के बावजूद भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासन ने कार्रवाई शांतिपूर्वक पूरी कर ली। यह कार्रवाई हाल ही में महिलाओं से लूट की दो वारदातों में दिनेश स्वामी की गिरफ्तारी के बाद की गई। जिला कलेक्टर अवधेश मीणा और पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान के निर्देश पर आरोपी की संपत्तियों की जांच कराई गई थी। जांच में रेलवे स्टेशन के पास स्थित मकान का निर्माण पट्टे में स्वीकृत सीमा से 19 गज अधिक पाया गया, जिसे नगर परिषद ने सार्वजनिक रास्ते की भूमि पर अतिक्रमण माना। नगर परिषद ने 17 जुलाई को नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद पुलिस वृत्ताधिकारी जेठूसिंह के नेतृत्व में संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। कार्रवाई में लाडनूं वृत्ताधिकारी जितेंद्र सिंह चारण, थाना अधिकारी रितु कुमारी, थाना अधिकारी मनसीराम, नगर परिषद आयुक्त जितेंद्र चौकीदार सहित पुलिस और नगर परिषद के अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। बुलडोजर और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की सहायता से अवैध निर्माण को हटाया गया। कार्रवाई के दौरान दिनेश स्वामी के पिता भंवरलाल स्वामी सहित अन्य परिजनों ने विरोध जताया। भंवरलाल स्वामी ने दावा किया कि मकान उनके नाम पर है और उनका दिनेश स्वामी से कोई संबंध नहीं है। दिनेश की मां और बहन ने भी कार्रवाई का विरोध किया, लेकिन पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए परिजनों को घर के अंदर भेज दिया और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया पूरी की। पुलिस के अनुसार दिनेश स्वामी डीडवाना थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में 25 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। हाल ही में उसे महिलाओं से लूट की दो वारदातों के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद प्रशासन ने उसकी संपत्तियों की जांच कर अवैध निर्माण के खिलाफ यह कार्रवाई की।

श्रमिकों को 'लेबर चौक' पर नहीं करना पड़ेगा इंतजार:मोबाइल से मिलेगा काम, एप पर रजिस्ट्रेशन करने ही काम देने वाले खुद कॉन्टेक्ट करेंगे

अब निर्माण और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को काम की तलाश में घंटों लेबर चौक पर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। श्रम विभाग के नए ‘श्रम सेतु’ और ‘लेबर चौक’ ऐप के जरिए श्रमिक घर बैठे अपना रजिस्ट्रेशन कर रोजगार के अवसर हासिल कर सकेंगे। नियोक्ता (काम देने वाला) मोबाइल पर ही अपनी जरूरत के मुताबिक राजमिस्त्री, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, बढ़ई, वेल्डर समेत अन्य कुशल और अकुशल श्रमिक खोजकर उनसे सीधे संपर्क कर सकेंगे। इससे रोजगार मिलने की प्रक्रिया तेज, आसान और पारदर्शी होगी। दौसा जिले के 79,889 रजिस्टर्ड श्रमिकों को इन ऐप का सीधा फायदा मिलेगा। पहले जानें… कैसे मिलेगा फायदा एप पर सीधे जुड़ेंगे श्रमिक और काम देने वाले लोग श्रम कल्याण अधिकारी विकास शर्मा ने बताया – एप पर श्रमिक अपनी कार्यकुशलता, अनुभव और विशेषज्ञता की पूरी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। वहीं, काम देने वाले लोग अपनी जरूरत के अनुसार ऑनलाइन श्रमिकों की मांग दर्ज करेंगे। इसके बाद दोनों पक्ष काम की प्रकृति, मजदूरी, समय और अन्य शर्तों पर सीधे बातचीत कर सकेंगे। इससे रोजगार की प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान, पारदर्शी और सुविधाजनक हो जाएगी। 79,889 श्रमिकों को मिलेगा फायदा, एप पर मिलेंगी ज्यादातर सेवाएं विकास शर्मा ने बताया- श्रम विभाग में दौसा जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के कुल 79,889 श्रमिक रजिस्टर्ड हैं। अब इन श्रमिकों को रजिस्ट्रेशन कराने, श्रमिक कार्ड डाउनलोड करने या अन्य सेवाओं के लिए श्रम विभाग के कार्यालय और ई-मित्र केंद्रों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अधिकांश सेवाएं मोबाइल एप के जरिए ही मिल जाएंगी। साथ ही दोनों एप की जानकारी अधिक से अधिक श्रमिकों तक पहुंचाने के लिए विभाग विशेष अभियान चला रहा है। शहर के विभिन्न लेबर चौकों के अलावा लालसोट के जमात चौखटी और सिकंदरा चौराहा पर जागरूकता शिविर लगाए गए हैं, जहां श्रमिकों के मोबाइल में एप डाउनलोड कर मौके पर ही उनका रजिस्ट्रेशन भी कराया जा रहा है। मुफ्त रजिस्ट्रेशन, कई तरह के श्रमिक जुड़ सकेंगे श्रम निरीक्षक विक्रम सिंह ने बताया – ‘श्रम सेतु’ एप पर निर्माण श्रमिकों का पंजीयन पूरी तरह निशुल्क है। इसके जरिए श्रमिक पंजीयन करा सकते हैं, श्रमिक कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं और अपने आवेदन की स्थिति भी देख सकते हैं। वहीं ‘लेबर चौक’ एप के माध्यम से कोई भी व्यक्ति अपनी जरूरत के अनुसार ऑनलाइन श्रमिक खोजकर उनसे सीधे संपर्क कर सकता है और मजदूरी सहित अन्य शर्तें तय कर सकता है। इन दोनों एप पर राजमिस्त्री, बढ़ई, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, माली, पेंटर, वेल्डर सहित विभिन्न प्रकार के कुशल और अकुशल श्रमिक पंजीयन करा सकेंगे। दोनों एप हिंदी और अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इनका आसानी से उपयोग कर सकें।

शराब की दुकान में घुसा लेपर्ड,3 लोगों पर किया हमला:बचने के लिए सड़क पर दौड़े लोग, 5 घंटे तक रही दहशत

टोंक के टोडारायसिंह आज सुबह लेपर्ड शराब की दुकान में घुस गया। लेपर्ड ने 3 लोगों पर हमला किया। आखिरकार सेल्समैन ने लेपर्ड को दुकान में बंद किया। जयपुर से पहुंची टीम ने 5 घंटे बाद लेपर्ड का रेस्क्यू किया। जानकारी के अनुसार, टोडारायसिंह कस्बे में सुबह 8:45 बजे वन मित्र राकेश को लोगों ने सूचना दी थी कि झाड़ियों में लेपर्ड नजर आया है। राकेश झाड़ियों के पास गए तो लेपर्ड ने उन पर हमला कर दिया। इसके बाद 400 मीटर दूर स्थित शराब की दुकान की ओर गया। देखें लेपर्ड के हमले की तस्वीरें… सेल्समैन ने जैसे-तैसे अपनी जान बचाई लेपर्ड ने दुकान के बाहर बैठे फतेह लाल कोली (40) पर हमला कर दिया। इसके बाद वह सीधे ठेके के अंदर घुस गया और सेल्समैन संजय गुर्जर (25) पर हमला कर दिया। संजय गुर्जर ने जैसे-तैसे अपनी जान बचाई। सेल्समैन ने लेपर्ड को दुकान में बंद कर दिया। दोपहर 2 बजे जयपुर से पहुंची टीम ने लेपर्ड का रेस्क्यू किया। घटना के बाद लोगों ने तीनों घायलों को हॉस्पिटल पहुंचाया। राकेश को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्‌टी दे दी गई। संजय गुर्जर और फतेह लाल कोली को रेफर कर दिया।

श्रीगंगानगर में कचरे के पहाड़ पर तीन पंचायतें आमने-सामने:ग्रामीण बोले- 22 जुलाई तक डंपिंग बंद न हुई तो अनिश्चितकालीन धरना देंगे

श्रीगंगानगर में ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। 6 जेड में कचरा डालने का विरोध कर रहे ग्रामीणों ने 22 जुलाई तक डंपिंग बंद नहीं होने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी है। मामला इसलिए भी उलझ गया है क्योंकि प्रशासन अब तक प्लांट के लिए कई जगहों के नाम बदल चुका है, लेकिन कहीं भी काम शुरू नहीं हुआ। वहीं 6 जेड, नेतेवाला और मांझूवास-नरसिंहपुरा क्षेत्र की ग्राम पंचायतें अपने-अपने इलाके में कचरा प्लांट लगाने का विरोध कर रही हैं। ऐसे में प्लांट की जगह तय नहीं हो पा रही है और फिलहाल कचरा 6 जेड में ही डाला जा रहा है। हाईकोर्ट के आदेश नहीं मानने का आरोप
प्रदर्शन के दौरान साहूवाला के पूर्व सरपंच जगतार सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन राजस्थान हाईकोर्ट के आदेशों की भी अनदेखी कर रहा है। उन्होंने बताया कि जोधपुर हाईकोर्ट ने 31 मार्च तक कचरा प्लांट का काम शुरू करने और उसकी रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे, लेकिन आज तक न तो प्लांट का काम शुरू हुआ और न ही कोई रिपोर्ट पेश की गई। 6 जेड में आज भी पहले की तरह कचरे का पहाड़ खड़ा है। उन्होंने साफ कहा कि अब ग्रामीण 6 जेड में कचरा नहीं डालने देंगे। हर बार बदली जगह, लेकिन प्लांट कहीं नहीं बना
ग्रामीणों ने जोधपुर हाईकोर्ट की ओर से राजकुमार सैनी बनाम सरकार मामले में दिए गए आदेशों की पालना कराने की मांग की। उनका आरोप है कि नगर परिषद हर बार हाईकोर्ट में झूठे शपथ-पत्र दाखिल कर रही है। पहले पांच साल तक नेतेवाला में कचरा प्लांट लगाने की बात कही गई। इसके बाद चक 1 बी छोटी, सूरतगढ़, लालगढ़ और अब नरसिंहपुरा-मांझूवास का नाम सामने आया, लेकिन किसी भी जगह प्लांट का काम शुरू नहीं हुआ। तीन पंचायतों के विरोध से मामला और उलझा
अब मामला और उलझ गया है, क्योंकि नेतेवाला, चक 1 जी, 6 जेड और मांझूवास-नरसिंहपुरा बारानी क्षेत्र की तीनों ग्राम पंचायतें अपने-अपने इलाके में कचरा प्लांट लगाने का विरोध कर रही हैं। हाल ही में प्रशासन ने हाईकोर्ट में बताया था कि नरसिंहपुरा-मांझूवास में जमीन चिन्हित कर ली गई है और जल्द प्लांट लगाया जाएगा, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि इस दिशा में भी अब तक कोई काम नहीं हुआ। पांच साल से आश्वासन, अब आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों का कहना है कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट को लेकर पिछले पांच साल से उन्हें सिर्फ आश्वासन मिल रहे हैं। हर बार प्लांट के लिए नई जगह का नाम सामने आता है, लेकिन कचरा लगातार 6 जेड में ही डाला जा रहा है। उनका कहना है कि अब उनका धैर्य जवाब दे चुका है और जब तक 6 जेड में कचरा डालना पूरी तरह बंद नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा।

झुंझुनूं कलेक्ट्रेट पर स्टूडेंट्स ने कॉकरोच बनकर किया प्रदर्शन:बोले- पेपर लीक हों तो पढ़ाई का क्या मतलब, सिस्टम रोड पर आ गया है

झुंझुनूं में सोमवार को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA), लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों और शिक्षा व्यवस्था के विरोध में 11वीं और 12वीं के स्टूडेंट्स कलेक्ट्रेट पहुंचे। स्टूडेंट्स कॉकरोच का प्रतीक लेकर, हाथों में मीम्स और मांगों वाली तख्तियां लेकर प्रदर्शन करते रहे। प्रदर्शन के दौरान एक महिला टीचर और स्टूडेंट्स के बीच बहस भी हुई। बाद में SFI कार्यकर्ताओं ने हस्तक्षेप किया। स्टूडेंट्स ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति और केंद्र सरकार के नाम अपनी तीन प्रमुख मांगें भी भेजीं। कॉकरोच का प्रतीक लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे स्टूडेंट्स नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली, लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था के विरोध में 11वीं और 12वीं के स्टूडेंट्स कलेक्ट्रेट पहुंचे। स्टूडेंट्स हाथों में ज्ञापन और सिस्टम पर सवाल उठाने वाली मीम्स की तख्तियां लेकर प्रदर्शन करते रहे। प्रदर्शन की खास बात यह रही कि स्टूडेंट्स सांकेतिक रूप से कॉकरोच का रूप धारण कर या उसका प्रतीक लेकर पहुंचे। उनके हाथों में मौजूद तख्तियां रचनात्मक अंदाज में परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रही थीं। पोस्टर और नारों से जताया विरोध कलेक्ट्रेट के बाहर बैठे स्टूडेंट्स के पोस्टर लोगों का ध्यान खींचते रहे। एक पोस्टर में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की तस्वीर के साथ लिखा था- धर्मेंद्र प्रधान: “मेरे सब खिलाफ हो रहे हैं महादेव…” महादेव: “अरे यार, तू पहले इस्तीफा दे!” प्रदर्शन के दौरान स्टूडेंट्स “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” और “NTA को भंग करो” के नारे लगाते रहे। महिला टीचर पहुंचीं, स्टूडेंट्स से हुई बहस प्रदर्शन के दौरान एक स्कूल की महिला टीचर धरना स्थल पर पहुंचीं। उन्होंने स्टूडेंट्स से पूछा, “कौन-कौन घर पर यह झूठ बोलकर आया है कि स्कूल वालों ने धरने पर बैठने के लिए कहा है?” इस पर स्टूडेंट्स ने एक साथ जवाब दिया, “हममें से कोई भी ऐसा झूठ बोलकर नहीं आया है।” महिला टीचर ने कहा, “तुम लोग स्कूल की पढ़ाई छोड़कर यहां कलेक्ट्रेट पर धरने पर बैठोगे?” इस पर स्टूडेंट्स ने जवाब दिया, “मैडम, ऐसी पढ़ाई करने का क्या मतलब, जब रात-दिन मेहनत करने के बाद भी पेपर ही लीक हो जाते हैं।” SFI कार्यकर्ताओं ने किया हस्तक्षेप महिला टीचर और स्टूडेंट्स के बीच बहस के दौरान मौके पर मौजूद SFI कार्यकर्ता सचिन चोपड़ा और योगेश कटारिया आगे आए। उन्होंने कहा कि प्रोटेस्ट करना बच्चों का फंडामेंटल राइट है और उन्हें अपनी मांगों तथा भविष्य के लिए आवाज उठाने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा, “ये अपना दिन खराब नहीं कर रहे, बल्कि अपना हक मांग रहे हैं।” करीब पांच मिनट तक चली बहस के बाद आसपास मौजूद लोगों और स्टूडेंट्स ने भी महिला टीचर की टोका-टोकी का विरोध किया, जिसके बाद वह वहां से लौट गईं। मांग पत्र में रखीं तीन प्रमुख मांगें कलेक्ट्रेट पर पहुंचे 11वीं और 12वीं के स्टूडेंट्स ने जिला मजिस्ट्रेट (कलेक्टर) के माध्यम से राष्ट्रपति और केंद्र सरकार को मांग पत्र सौंपा। इसमें तीन प्रमुख मांगें रखी गईं। पहली मांग में परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही धांधली की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा देने की मांग की गई। दूसरी मांग में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को बंद कर पेपर लीक से सुरक्षित और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की गई। तीसरी मांग में पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की रिहाई और दिल्ली में छात्रों को शांतिपूर्ण स्टूडेंट मार्च निकालने की अनुमति देने की मांग शामिल रही।

बुचावास सरकारी स्कूल के शिक्षक के तबादले पर विवाद:ग्रामीणों ने स्कूल पर ताला जड़ा, दूसरे पक्ष ने तोड़ा; तनाव बढ़ा

जिले के तारानगर तहसील के बुचावास गांव में गवर्नमेंट उच्च माध्यमिक स्कूल के एक शिक्षक के तबादले को लेकर विवाद गहरा गया है। सोमवार को ग्रामीणों के दो गुट आमने-सामने आ गए, जिससे स्कूल परिसर में तनाव का माहौल बन गया। सुबह शिक्षक जयनारायण सहारण के तबादले से नाराज कुछ ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। कुछ ही देर बाद गांव का दूसरा पक्ष मौके पर पहुंचा और उन्होंने ताला तोड़ दिया। ताला तोड़ने वाले ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्कूल में ताला लगाने वाले वे लोग हैं, जिनके बच्चे सरकारी स्कूल में नहीं पढ़ते। उन्होंने कहा कि राजनीतिक रंजिश और निजी स्वार्थ के चलते गरीब बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। इस घटना और तीखी बयानबाजी के बाद स्कूल परिसर में दोनों पक्षों के बीच जमकर हंगामा और नोक-झोंक हुई। सूचना मिलने पर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी बबलेश शर्मा मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। गौरतलब है कि अध्यापक जयनारायण सहारण के दूसरी जगह स्थानांतरण के विरोध में ग्रामीणों ने पहले भी प्रदर्शन किया था। ग्रामीणों ने ज्ञापन देकर 19 जुलाई तक स्थानांतरण रद्द करने का समय दिया था। समय सीमा बीतने के बाद भी स्थानांतरण रद्द नहीं होने पर सोमवार को यह घटना हुई।

अजमेर में 20 करोड़ की लागत से बनेगा गर्ल्स सैनिक-स्कूल:हॉस्टल से लेकर टेनिस कोर्ट तक कई सुविधाएं मिलेंगी; स्पीकर देवनानी ने किया शिलान्यास

अजमेर के हाथीखेड़ा क्षेत्र में 20.31 करोड़ की लागत से बालिका सैनिक स्कूल बनेगा। करीब 30 एकड़ में बनने वाले इस स्कूल में गर्ल्स हॉस्टल, खेल मैदान सहित कईं सुविधाएं होगी। सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शिलान्यास किया। बता दें कि इसका निर्माण कार्य करीब पन्द्रह माह में पूरा होगा। शिक्षा विभाग का प्रयास है कि अगले शिक्षा सत्र से स्कूल का संख्सलन शुरू हो जाए। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने कहा कि अजमेर को ये एक बड़ी शैक्षणिक सौगात है। इससे छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सैन्य प्रशिक्षण के अनुरूप आधुनिक वातावरण उपलब्ध होगा। यह संस्थान प्रदेश की बेटियों को अनुशासन, नेतृत्व क्षमता एवं राष्ट्रसेवा की भावना के साथ उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बालिका सैनिक स्कूल के लिए नया भवन करीब 30 एकड़ जमीन पर बनने जा रहा है। इसके निर्माण पर करीब 20 करोड़ रूपए की लागत आएगी। बालिका सैनिक स्कूल का नया परिसर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा। निर्माण कार्य अगस्त 2026 से प्रारंभ होकर 15 माह में पूर्ण होने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें अत्याधुनिक एकेडमिक ब्लॉक, छात्रावास (हॉस्टल ब्लॉक), प्रशासनिक भवन, आवासीय क्वार्टर, कक्षा-कक्ष, इंडोर गेम्स हॉल, खेल मैदान, बास्केटबॉल कोर्ट, वॉलीबॉल कोर्ट, टेनिस कोर्ट, परेड ग्राउंड, बाउंड्री वॉल, आंतरिक सड़कें, पार्किंग, ट्यूबवेल सहित अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। कार्यक्रम में भाजपा शहर जिलाध्यक्ष रमेश सोनी, मंडल अध्यक्ष विक्रमसिंह, पंकज कुलियाना सहित अन्य लोग मौजूद रहे। ……. पढें ये खबरें भी… अजमेर में 75 बीघा जमीन से हटाया अतिक्रमण:सैनिक गर्ल्स स्कूल को आवंटित की गई थी, भारी पुलिस जाब्ता रहा मौजूद अजमेर विकास प्राधिकरण (एडीए) ने हाथीखेड़ा में सैनिक गर्ल्स स्कूल को आवंटित जमीन पर अतिक्रमण हटाया। यहां बने पक्के कमरे, कोयला बनाने की भटि्टयां व चारदीवारी तोड़ी गई। पूरी खबर पढें

60 टन अवैध गिट्टी से भरा हाइवा ट्रक जब्त:ड्राइवर गिरफ्तार, ऑपरेशन पृथ्वी डीग पुलिस की कार्रवाई

डीग जिले में अवैध खनन और ओवरलोड परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन पृथ्वी’ के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। डीग पुलिस ने करीब 60 टन अवैध गिट्टी से भरा एक हाइवा ट्रक जब्त किया और उसके ड्राइवर को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया। पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ के निर्देश पर डीएसटी टीम और कैथवाड़ा थाना पुलिस ने यह संयुक्त कार्रवाई की। अमरूका पुलिस चौकी क्षेत्र में पहाड़ी तिलकपुरी की ओर से आ रहे हाइवा (आरजे-05 जीबी-8731) को रोका गया। जांच के दौरान वाहन में लगभग 60 टन 65 एमएम गिट्टी भरी मिली। ड्राइवर से रॉयल्टी, टीपी और अन्य वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस ने ड्राइवर सलीम (30), निवासी लेवड़ा, थाना कामां को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ कैथवाड़ा थाने में एमएमडीआर एक्ट की धारा 4/21 और बीएनएस की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, अवैध खनिज परिवहन से राज्य सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा था। इस कार्रवाई में कैथवाड़ा थाना पुलिस और डीएसटी टीम के अधिकारियों व जवानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।