इंजेक्शन लगाने पर नीला पड़ा शरीर,मुंह से निकलने लगा झाग:7 दिन से बुखार से पीड़ित महिला की मौत; परिजनों का इलाज में लापरवाही का आरोप
कोटा के रावतभाटा इलाके में रविवार रात 10 बजे 7 दिनों से बुखार से पीड़ित एक महिला मरीज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि इंजेक्शन लगाए जाने के बाद महिला के मुंह से झाग निकलने लगे और उसका शरीर नीला पड़ गया। गंभीर हालत में उसे कोटा के अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दी है और मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। आज (सोमवार) कोटा न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमॉर्टम करवाया जा रहा है। मृतका ललिता रावत (34) न्यू मार्केट रावतभाटा की निवासी थी। पिछले 7 दिन से बुखार से पीड़ित थी। ड्रिप चढ़ाने के बाद महिला को लगने लगी ठंड पति हिम्मत सिंह ने बताया कि ललिता की 7 दिन से तबीयत खराब थी। उसे बुखार आया था। रावतभाटा सरकारी हॉस्पिटल में दो दिन ड्रिप चढ़वाई थी। इसके बाद उसकी तबीयत थोड़ी ठीक हो गई थी। लेकिन दो दिन बाद वापस से बुखार आ गया। 19 जुलाई रविवार को फिर से रावतभाटा सरकारी हॉस्पिटल में दिखाया। ड्यूटी डॉक्टर ने जांच लिखी और सुबह के वक्त ड्रिप चढ़ाई। इससे ललिता को थोड़ा आराम मिला। शाम को फिर बुलाया। रविवार होने के चलते हॉस्पिटल में डॉक्टर नहीं था। शाम 7 बजे करीब फिर से एक ड्रिप चढ़ाई। ड्रिप चढ़ाने के कुछ देर बाद ललिता का शरीर वाइब्रेट ( धूजने) होने लगा और ठंड लगने लगी। स्टाफ को बुलाकर ड्रिप बंद करवाई। ललिता को ठंड लग रही थी। इस बारें में हॉस्पिटल स्टाफ को बताया, इसके बाद स्टाफ ने एक इंजेक्शन लगाया। जिससे ललिता का शरीर वाइब्रेट होना बंद हुआ। इंजेक्शन लगाया तो महिला के मुंह से निकलने लगा झाग उन्होंने आगे बताया कि कुछ देर बाद स्टाफ ने कूल्हे पर इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगाने के बाद से ही ललिला को चक्कर आने लगे, मुंह खराब हो गया। उसे मुंह से बोला नहीं जा रहा था। वो पसीना-पसीना हो गई और मुंह से झाग निकलने लगा। इस दौरान शरीर नीला पड़ गया। ज्यादा तकलीफ होता देख रविवार रात 10 बजे उसे कोटा रेफर कर दिया गया। उसे तुरंत एंबुलेंस की मदद से कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल लेकर आए, जहां डॉक्टर ने चेक कर मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि ललिता के पहले कोई बीमारी नहीं थी। रावतभाटा के सरकारी अस्पताल में इलाज में लापरवाही के चलते ललिता की मौत हुई है। कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस को लिखित में शिकायत दी है। डॉक्टर और स्टाफ का नाम पता नहीं है। हिम्मत सिंह ने बताया वह सिलाई का काम करते हैं। उनके दो बच्चे 14 साल व 12 साल के हैं। पिछले सात दिन से महिला थी बीमार रावतभाटा थाना ASI शांतिलाल बुनकर ने बताया कि महिला 7 दिन से बीमार थी। पति ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिकायत दी है। डॉक्टर और स्टाफ कौन थे। इस बारे में अभी जानकारी नहीं है। मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमॉर्टम करवाया जा रहा है। परिजनों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जाएगी।

