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पटवार भर्ती-2021: डमी से परीक्षा दिलवाकर पटवारी बनने वाला गिरफ्तार:प्रवेश पत्र पर फोटो बदली,जाली हस्ताक्षर किए; 5 लाख रुपए में तय हुआ था सौदा

पटवार भर्ती परीक्षा-2021 में फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा करते हुए एसओजी ने डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलवाकर पटवारी बने एक निलंबित कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। आरोपी दिनेश कुमार विश्नोई ने खुद परीक्षा देने के बजाय अपने स्थान पर डमी कैंडिडेट को बैठाया और चयन के बाद सिरोही जिले में पटवारी के पद पर नौकरी भी हासिल कर ली। प्रवेश पत्र पर फोटो बदली, जाली हस्ताक्षरों का इस्तेमाल एडीजी एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि एसओजी को इस मामले में गोपनीय शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत की जांच के बाद एसओजी थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच में सामने आया कि मूल अभ्यर्थी दिनेश कुमार पुत्र तुलसीराम निवासी भादरूणा, तहसील सांचौर, जिला जालौर का रहने वाला है। उसने 23 अक्टूबर 2021 को उदयपुर स्थित परीक्षा केंद्र पर अपने स्थान पर डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलवाई थी। इसके लिए प्रवेश पत्र पर डमी अभ्यर्थी की फोटो लगाई गई और जाली हस्ताक्षरों का उपयोग किया गया। 5 लाख रुपए में तय हुआ था सौदा एसओजी की जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने एक दलाल के जरिए डमी अभ्यर्थी को परीक्षा दिलाने के लिए 5 लाख रुपए नकद दिए थे। फर्जी तरीके से परीक्षा पास करने के बाद उसकी नियुक्ति सिरोही जिले की पिंडवाड़ा तहसील के मंगरीवाड़ा पटवार हल्के में पटवारी के रूप में हो गई। एसओजी ने मामले में दलाल की पहचान चौथाराम विश्नोई (गिला) निवासी लियादरा, थाना झाब, जिला सांचौर और डमी अभ्यर्थी की पहचान विक्रम विश्नोई निवासी मीरपुरा, थाना करड़ा रानीवाड़ा, जिला जालौर के रूप में की है। दोनों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। निलंबित पटवारी को किया गिरफ्तार एसओजी की टीम ने लगातार तलाश के बाद आरोपी दिनेश कुमार विश्नोई (34) को गिरफ्तार कर लिया। वह वर्तमान में निलंबित पटवारी है और उपखंड अधिकारी कार्यालय, पिंडवाड़ा (जिला सिरोही) में पदस्थापित था। आरोपी से पूछताछ जारी है और भर्ती परीक्षा में शामिल पूरे गिरोह की भूमिका की जांच की जा रही है।

बुढ़ली गांव में बुलडोजर से तोड़े अवैध कब्जे:नोटिस का समय खत्म होने के बाद एक्शन, ग्रामीणों की जुटी भीड़, कार्रवाई पर गरमाई राजनीति

डीग में सीकरी उपखंड के बुढ़ली गांव में प्रशासन बड़ी कार्रवाई की है। यहां रास्ते और घरों के आगे किए गए अवैध अतिक्रमणों पर बुलडोजर चलाया गया। अतिक्रमण हटाने से पहले करीब 12 लोगों को आधिकारिक नोटिस जारी कर खुद कब्जा हटाने की चेतावनी दी गई थी। नोटिस का समय समाप्त होने के बाद भारी पुलिस बल के साथ टीम मौके पर पहुंची और चस्पा किए गए नोटिस के आधार पर अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा रही। पूर्व विधायक ने जताया कड़ा ऐतराज
इस तोड़फोड़ की कार्रवाई को लेकर सियासत गरमा गई है। पूर्व विधायक वाजिब अली ने इस कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे प्रशासन की ‘द्वेषपूर्ण’ कार्रवाई बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन चुनिंदा लोगों को निशाना बना रहा है। वाजिब अली ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर प्रशासन वाकई अतिक्रमण के खिलाफ है, तो सबसे पहले मुख्य बाजारों और प्रमुख सरकारी जमीनों पर कुंडली मारकर बैठे रसूखदारों के अवैध कब्जे हटाए। उन्होंने कहा कि सिर्फ गरीब ग्रामीणों के आशियाने उजाड़ना पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण है। पूर्व प्रधान ने भी उठाए सवाल
वहीं इस मामले में पूर्व प्रधान जलिश खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट डालते हुए प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा, “बुलडोजर राज को रोकने के बजाय यदि अधिकारी भी उसके सामने नतमस्तक नजर आएं, तो यह कानून के शासन पर गंभीर सवाल खड़े करता है।” जलिश खान ने आगे आरोप लगाया कि बुढ़ली में पुलिस अत्याचार की कहानी केवल पीड़ित लोगों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रही। उन्होंने भाजपा मंत्री पर व्यक्तिगत दुश्मनी निकालने के लिए सत्ता का दुरुपयोग करने और विशेषकर मेव समुदाय को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने इसे किसी सरकार, राजनीतिक दल या सामाजिक सौहार्द के लिए अच्छा संकेत नहीं बताया।

नागौर में NEET-विवाद पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग:बोले- राष्ट्रीय भाषा, शिक्षा सुधार और युवाओं के लिए रोजगार बढ़ाओ

दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे CJP कार्यकर्ताओं के संसद मार्च के बीच सोमवार को नागौर जिले के युवाओं, स्टूडेंट्स, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, राष्ट्रीय भाषा के सम्मान, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं के लिए रोजगार बढ़ाने की मांग की गई। कलेक्टर को सौंपा प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन युवाओं, स्टूडेंट्स, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें प्रधानमंत्री तक पहुंचाने की अपील की। यह ज्ञापन दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे CJP कार्यकर्ताओं के संसद मार्च के बीच सौंपा गया। NEET परीक्षा को लेकर उठाए सवाल ज्ञापन में कहा गया कि देश में लगातार NEET परीक्षा को लेकर सामने आ रही कथित गड़बड़ियों और विवादों से लाखों स्टूडेंट्स और अभिभावकों का भरोसा प्रभावित हुआ है। प्रतिनिधियों ने परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाने की मांग की। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की। राष्ट्रीय भाषा और शिक्षा सुधार की मांग ज्ञापन में राष्ट्रीय भाषा को उचित सम्मान देने, शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने और स्टूडेंट्स को समान अवसर उपलब्ध कराने की मांग रखी गई। इसके साथ ही शिक्षा नीति में जरूरी सुधार करने की भी बात कही गई। युवाओं के लिए रोजगार बढ़ाने की मांग प्रतिनिधियों ने युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। प्रधानमंत्री तक मांग पहुंचाने की अपील ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि उनकी सभी मांगों को प्रधानमंत्री तक पहुंचाया जाए, ताकि स्टूडेंट्स, युवाओं और अभिभावकों से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी निर्णय लिए जा सकें।

नूंह सड़क हादसे में महिला सहित 3 की मौत:3 साथी घायल, कंपनी मीटिंग के लिए जा रहे थे, अचानक ब्रेक लगाने से हादसा

नूंह जिले से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सोमवार देर रात करीब 3 बजे एक भीषण सड़क हादसा हो गया। हादसा इतना भयावह था कि मारुति सुजुकी फ्रॉन्क्स (RJ60-CF-5419) में सवार एक महिला और 2 पुरुषों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 3 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, तीनों मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम शहीद हसन खान मेवाती (SHKM) मेडिकल कॉलेज, नल्हड़ में कराया गया। पुलिस को दी शिकायत में रामपाल मीणा ने बताया कि उसका छोटा भाई राम किशन मीणा एक निजी कंपनी में कार्यरत था। कंपनी की मीटिंग में शामिल होने के लिए वह अपने साथियों के साथ उत्तराखंड जा रहा था। उनके साथ अविनाश मीणा, अनीता शर्मा सहित अन्य लोग मारुति सुजुकी फ्रॉन्क्स कार में सवार थे। आगे चल रहे वाहन ने अचानक लगाए ब्रेक परिजनों के अनुसार, 19 जुलाई 2026 को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर गांव बनारसी और दहदोली कला के बीच उनकी कार पहुंची ही थी कि आगे चल रहे एक अज्ञात वाहन ड्राइवर ने अचानक ब्रेक लगा दिए। इससे कार ड्राइवर वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और तेज रफ्तार कार भीषण दुर्घटना का शिकार हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। महिला सहित 3 लोगों की मौके पर मौत हादसे में राम किशन मीणा, अविनाश मीणा और अनीता शर्मा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 3 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही नगीना थाना पुलिस, हाईवे पेट्रोलिंग टीम और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। सभी घायलों और मृतकों को तत्काल शहीद हसन खान मेवाती मेडिकल कॉलेज, नल्हड़ ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए गुरुग्राम के निजी अस्पताल रेफर कर दिया गया। आरोपी ड्राइवर की तलाश कर रही पुलिस जांच अधिकारी वेद प्रकाश ने बताया कि शिकायत के आधार पर अज्ञात वाहन ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। हादसे के बाद आरोपी ड्राइवर अपना वाहन लेकर मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है। पुलिस एक्सप्रेसवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और दुर्घटना के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि तीनों मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है, जबकि घायलों का गुरुग्राम के निजी अस्पताल में उपचार जारी है।

सरकार ने हाईकोर्ट में बताई पंचायत-निकाय चुनाव की तारीख:ओबीसी आयोग 5 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट देगा, जानें- कब से हो सकती है वोटिंग

राजस्थान में लंबे समय से पंचायत-निकाय चुनाव की घोषणा को लेकर इंतजार किया जा रहा था। वो इंतजार आज खत्म हो गया है। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद आज सरकार ने पंचायत और निकाय चुनाव की डेट और शेड्यूल को कोर्ट के सामने रखा। इसके अनुसार अगस्त में प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। हाईकोर्ट ने सरकार के जवाब पर कहा कि हमें चुनाव की तारीख जाननी है। इस पर सरकार ने कहा कि 17 अगस्त को निकाय चुनाव की घोषणा कर देंगे और 23 सितंबर को पंचायत चुनाव की घोषणा हो जाएगी। पहले निकाय चुनाव होंगे और उसके बाद पंचायत चुनाव होंगे। ओबीसी आयोग 5 अगस्त तक सब्मिट करेगा रिपोर्ट स्वायत्त शासन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर ने कोर्ट मे जवाब पेश करते हुए कहा- कोर्ट के 16 जुलाई के आदेश की पालना में शनिवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित हुई। इसमें राज्य चुनाव आयोग के सचिव, ओबीसी आयोग सचिव, स्वायत्त शासन विभाग और पंचायतीराज विभाग के सचिव शामिल हुए। बैठक में तय किया गया कि ओबीसी आयोग 5 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट सब्मिट करेगा। इसके बाद स्वायत्त शासन विभाग और पंचायतीराज विभाग 15 अगस्त तक एससी-एसटी, ओबीसी और महिला आरक्षण की लॉटरी निकालेंगे। लॉटरी निकालने की डेट से राज्य चुनाव आयोग 90 दिन में प्रदेश में पंचायत-निकाय चुनाव करा लेगा। अगर हाईकोर्ट इस शेड्यूल को स्वीकार कर लेता है तो 15 नवंबर तक अलग-अलग चरणों में वोटिंग हो सकती है। बता दें कि प्रदेश में पंचायत चुनावों में देरी को लेकर गिर्राज सिंह देवंदा और निकाय चुनाव में देरी को लेकर पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने जनहित याचिका दायर की थी। … यह खबर भी पढ़ें… राजस्थान में सितंबर-नवंबर के बीच हो सकते हैं पंचायत-निकाय चुनाव:हाईकोर्ट ने 31 जुलाई तक कराने को कहा था; सरकार ने मांगा समय

बारिश के लिए पुरुषों के वेश में निकलीं महिलाएं:गांव की गलियों में निकाला जुलूस, मंदिर में गाए भजन कीर्तन और लोकगीत

डूंगरपुर जिले में अच्छी बारिश की मनोकामना को लेकर अनूठी परंपरा ‘धाड़’ निभाई गई। इसके तहत जिले के मोरा सारण, डूंगरवाड़ा, कुआं सहित आसपास के गांवों में महिलाओं ने पुरुषों का वेश धारण कर गांव की गलियों में जुलूस निकाला और इंद्रदेव से अच्छी वर्षा की कामना की। सफेद धोती-कुर्ता, सिर पर साफा, हाथों में लाठी, तलवार और कृषि उपकरण लिए महिलाओं के इस पारंपरिक जुलूस में ग्रामीण संस्कृति और लोक विश्वास का अद्भुत संगम नजर आया। जुलूस के दौरान महिलाएं भजन-कीर्तन करती हुई पूरे गांव में भ्रमण करती रहीं। वातावरण में गूंजते लोकगीत और वर्षा की प्रार्थना से पूरा गांव श्रद्धा और आस्था के रंग में रंग गया। इन फोटोज में देखिए अनूठी परंपरा ‘धाड़’ की झलकियां… अब पढ़िए क्यो निकालते है धाड़

खून की कमी से किडनी डैमेज हुई, प्रसूता की मौत:नॉर्मल डिलीवरी के बाद बिगड़ गई थी तबीयत, 25 दिन से वेंटिलेटर पर थी

कोटा, बीकानेर, बांसवाड़ा के बाद अब जोधपुर में भी एक प्रसूता की मौत हो गई। महिला की 24 जून को तिंवरी हॉस्पिटल में नॉर्मल डिलीवरी हुई थी। डिलीवरी के बाद खून नहीं रुका तो उसे उम्मेद हॉस्पिटल रेफर किया गया था। 4 दिन उम्मेद हॉस्पिटल में इलाज चला। इसके बाद 27 जून को महात्मा गांधी हॉस्पिटल में रेफर किया गया था, जहां वह वेंटिलेटर पर थी और लगातार डायलिसिस चल रहा था। 14 जुलाई से दोबारा उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और रविवार देर रात उसकी मौत हो गई। तिंवरी में हुई थी नॉर्मल डिलीवरी, बच्ची को दिया था जन्म महात्मा गांधी हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट डॉ. फतेह सिंह ने बताया- तिंवरी में समू की नॉर्मल डिलीवरी हुई थी। उसने बच्ची को जन्म​ दिया था। डिलीवरी के बाद उसका खून रुकना बंद नहीं हुआ। इस पर उसे जोधपुर रेफर किया गया। महिला को उम्मेद हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, तब तक उसका काफी खून बह चुका था। उसकी बच्चेदानी से लगातार खून बह रहा था। इस कारण बच्चेदानी को निकाला गया था। उसे ब्लड, प्लाज्मा और प्लेटलेट्स चढ़ाए गए। खून की कमी के चलते उसकी किडनी डैमेज हो गई। खून की कमी के कारण हाइपोवॉलेनिक शॉक लगा डॉ. फतेह सिंह ने बताया- महिला की तबीयत में सुधार नहीं होने पर उसे महात्मा गांधी हॉस्पिटल रेफर किया गया था। वह वेंटिलेटर पर थी। 14 जुलाई को उसे उल्टियां होने लगी और तबीयत बिगड़ने लगी। डॉक्टर ने बताया- खून की कमी की वजह से हाइपोवॉलेनिक शॉक लगा था। इस कंडीशन में ब्लड सप्लाई आर्गन तक प्रभावित हो जाते हैं। इसके साथ ही प्लेटलेट्स और प्लाज्मा कम हो जाते हैं। खून की कमी को पूरा करने के लिए 6 यूनिट ब्लड, 14 यूनिट प्लाज्मा और 10 यूनिट क्रायोसिपिटेड चढ़ाए गए थे। एक महीने में 16 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ी, 7 ​अभी भी एडमिट जोधपुर में पिछले एक महीने में 16 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ी है। इनमें से ज्यादातर प्रसूताओं की सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। एक प्रसूता धापू की तबीयत गलत खून चढ़ाने की वजह से 13 जुलाई को उम्मेद हॉस्पिटल में बिगड़ी थी। धापू की 11 जुलाई को बावड़ी में नॉर्मल डिलीवरी हुई थी, लेकिन एनीमिया की वजह से उसे रेफर करना पड़ा। फिलहाल उम्मेद हॉस्पिटल में 5 और महात्मा गांधी हॉस्पिटल में 2 प्रसूताओं का इलाज चल रहा है। इनमें एक धापू भी है। — ये खबर भी पढ़िए- उम्मेद हॉस्पिटल में भर्ती दो प्रसूताओं की स्थिति में सुधार:सिजेरियन डिलीवरी के बाद 5 प्रसूताओं की बिगड़ गई थी तबीयत; एक मरीज वेंटिलेटर पर जोधपुर में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 5 प्रसूताओं की ​तबीयत बिगड़ी है। इन सभी का इलाज उम्मेद हॉस्पिटल में चल रहा है। (पढ़िए पूरी खबर)

चीथवाड़ी श्रवण माता मंदिर में 7वीं बार चोरी:कंबल ओढ़कर घुसा चोर-दानपात्र उठाकर ले गया, घटना CCTV में हुई कैद

चौमूं उपखंड क्षेत्र के चीथवाड़ी स्थित प्रसिद्ध श्रवण माता मंदिर में एक बार फिर चोरी की घटना सामने आई है। रविवार देर रात चोर मंदिर परिसर में रखा दानपात्र चुराकर ले गए। अनुमान लगाया जा रहा है कि दानपात्र में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई हजारों रुपए की नकदी थी। मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों में चोरी की पूरी वारदात कैद हो गई है। फुटेज में एक अज्ञात व्यक्ति कंबल ओढ़कर मंदिर परिसर में प्रवेश करता और दानपात्र उठाकर फरार होता दिख रहा है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान और तलाश में जुटी है। एक ही मंदिर में चोरी की 7वीं घटना
यह श्रवण माता मंदिर में चोरी की 7वीं घटना है। घटना की सूचना मिलते ही जाटावाली चौकी प्रभारी बाबूलाल मीणा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की। बढ़ती चोरियों को लेकर लोगों में आक्रोश
इस दौरान मंदिर समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने पुलिस को ज्ञापन सौंपकर लगातार हो रही चोरियों पर नाराजगी व्यक्त की और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की।
चौकी प्रभारी बाबूलाल मीणा ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मामले का शीघ्र खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है और आसपास के अन्य सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।

भाई की मौत का सदमा नहीं सकी बहन:खबर मिलते ही तबीयत बिगड़ी, एक घंटे बाद ही दम तोड़ा

सवाई माधोपुर में 87 साल के भाई की मौत की खबर सुनते ही सदमे में 83 साल की बहन ने भी दम तोड़ दिया। भाई के निधन की सूचना मिलने के करीब एक घंटे बाद बहन की भी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि भाई की मौत के बाद उन्हें संभालने की कोशिश की गई, लेकिन कुछ देर बाद उन्होंने भी अंतिम सांस ले ली। एक घंटे के अंतराल में हुई दोनों की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों को घटना की जानकारी मिली। मामला सवाई खंडार तहसील के कटार और सोनकच्छ गांव का है, जहां 11 जुलाई सुबह करीब 7 बजे यह घटनाक्रम हुआ। पढ़िए … पूरा घटनाक्रम 1. सुबह 7 बजे भाई की अचानक मौत हुई
11 जुलाई की सुबह करीब 7 बजे खंडार तहसील के कटार गांव निवासी हरफूल गुर्जर (87) घर के आंगन में नहाने के बाद खाट (चारपाई) पर बैठे थे। इसी दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार वह पूरी तरह स्वस्थ थे और किसी तरह की बीमारी नहीं थी। 2. भाई के निधन की खबर मिलते ही लगा सदमा
हरफूल गुर्जर की मौत की सूचना करीब 5 किलोमीटर दूर सोनकच्छ गांव में रहने वाली उनकी बहन फूला देवी (83) को दी गई। भाई के निधन की खबर सुनते ही वह गहरे सदमे में चली गईं। परिवार और रिश्तेदार उन्हें लगातार संभालने और सांत्वना देने की कोशिश करते रहे। 3. एक घंटे में बहन ने भी दम तोड़ दिया
रिश्तेदार रामजीलाल ने फूला देवी को लूगड़ा भेंट किया, जबकि रामप्रसाद ने उन्हें भगवद्गीता का 12वां अध्याय सुनाया। उस समय वह सामान्य नजर आ रही थीं, लेकिन भाई के निधन की सूचना मिलने के करीब एक घंटे बाद दम तोड़ दिया। 4. परिवार में शोक का माहौल
भाई-बहन की एक घंटे में मौत की खबर से कटार और सोनकच्छ सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट भी दोनों परिवारों के घर पहुंचे और शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने रामायण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान राम के वनवास जाने के बाद राजा दशरथ ने भी पुत्र वियोग में प्राण त्याग दिए थे। आज के समय में भाई-बहन के बीच ऐसा भावनात्मक रिश्ता विरले ही देखने को मिलता है। 5. पांचों भाई-बहनों का हो चुका है निधन
परिजनों ने बताया कि हरफूल गुर्जर और फूला देवी सहित परिवार में कुल पांच भाई-बहन थे। समय के साथ सभी का निधन हो चुका है और अब इस पीढ़ी का कोई भी भाई-बहन जीवित नहीं बचा है।

कोटा में पत्थर से हमला कर युवक को मार डाला:सड़क किनारे शव फेंककर भागा आरोपी, पुलिस ने पकड़ा

कोटा में युवक की हत्या के आरोपी को पुलिस ने हिरासत में लिया है। सांगोद कस्बे में सोमवार सुबह शव बिना कपड़ों के सड़क किनारे पड़ा हुआ मिला। शव पर सिर और शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिले हैं। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने पत्थर से हमला करके उसे मार डाला था। ताखाजी मंदिर मोहल्ले के पास सड़क किनारे संदिग्ध हालत में मिले शव की पहचान शुभम माली (23) के रूप में हुई, जो अदालत परिसर के पीछे का निवासी था। सिर-शरीर पर चोट के निशान मिले कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया- घटना की सूचना सोमवार सुबह करीब 6:30 बजे सांगोद थाना पुलिस को मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा- युवक का शव बिना कपड़ों के सड़क किनारे पड़ा हुआ था। शव पर सिर और शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिले। पुलिस ने तत्काल शव को कब्जे में लेकर अस्पताल की मोर्चरी भिजवाया और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की। जांच में सामने आया कि शुभम रविवार रात करीब 10 बजे घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया- शुभम मानसिक रूप से कमजोर था। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया- प्रारंभिक जांच में हत्या की आशंका के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए संदिग्धों से पूछताछ की। इसके बाद पुलिस ने महज कुछ घंटों में महावीर माली (40) को डिटेन कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने शुभम की पत्थर से सिर पर वार कर हत्या करना स्वीकार किया। सांगोद थाना अधिकारी पवन मीणा ने बताया- आरोपी से पूछताछ की जा रही है। हत्या के पीछे के कारणों की भी जांच की जा रही है। वहीं, शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिवार को सौंप दिया है।