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स्टूडेंट जीरो, पढ़ाने के लिए 9 टीचर:राजस्थान में ऐसे 300 महात्मा गांधी अंग्रेजी स्कूल, हिंदी मीडियम भी शुरू करने की तैयारी

राजस्थान के 300 महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में स्टूडेंट्स की संख्या बहुत कम है। कई स्कूलों में छात्रों से ज्यादा टीचर है, जबकि कुछ स्कूल ऐसे भी हैं जहां एक भी स्टूडेंट नहीं पढ़ रहा है। इन हालात को देखते हुए राज्य सरकार अब इन स्कूलों में अंग्रेजी के साथ हिंदी माध्यम भी शुरू करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारियों से सात दिन में विस्तृत रिपोर्ट और प्रस्ताव मांगे गए हैं। सरकार का मानना है कि इससे उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा, हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों को भी एडमिशन मिलेगा और स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ सकेगी। इन स्कूलों की कम छात्र संख्या में भी फर्जी नामांकन की आशंका है। कई बार स्कूलों में सिर्फ टीचर के पद को बचाये रखने के लिए भी छात्रों के फर्जी नाम लिख दिए जाते हैं। ऐसे में इन सभी स्कूलों में फर्जी नामांकन की जांच की जा रही है। ऐसे तीन सौ स्कूलों में जमे हैं टीचर शिक्षा विभाग ने ऐसे करीब 300 अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की सूची तैयार की है, जहां छात्र संख्या 50 से कम है, जबकि स्टाफ 10 से 15 तक है। कई स्कूलों में एक शिक्षक को पढ़ाने के लिए औसतन 10 छात्र भी नहीं मिल रहे हैं। इसी स्थिति को देखते हुए विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों से प्रस्ताव मांगे हैं कि इन स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम के साथ हिन्दी माध्यम भी शुरू किया जाए, ताकि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके और छात्र संख्या बढ़ाई जा सके। बंद होंगे या फिर विलय सरकार ने फिलहाल इन स्कूलों को बंद करने या दूसरे स्कूलों में विलय करने के बजाय हिन्दी माध्यम शुरू करने का विकल्प चुना है। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे हिन्दी माध्यम के विद्यार्थियों को भी इन स्कूलों में एडमिशन का अवसर मिलेगा और खाली पड़ी शैक्षणिक क्षमता का बेहतर उपयोग हो सकेगा। ये कैसा प्रवेशोत्सव ? शिक्षा विभाग हर साल नया सत्र शुरू होते ही प्रवेशोत्सव मनाता है। इन तीन सौ स्कूलों में अधिकांश की संख्या बढ़ने के बजाय घट गई है। ऐसे में प्रवेशोत्सव महज औपचारिक रह गए हैं, जिसमें स्कूल में छात्र संख्या बढ़ाने के प्रयास नहीं होते।

टोंक के 3 महात्मा-गांधी स्कूलों में शुरू होगा हिंदी मीडियम:कम नामांकन वाले 300 स्कूलों पर सरकार का प्लान, 7 दिन में मांगी रिपोर्ट

सरकार कम नामांकन वाले सरकारी इंग्लिश मीडियम महात्मा गांधी स्कूलों को लेकर बड़ा बदलाव करने जा रही है। सरकार अब टोंक के तीन इंग्लिश मीडियम महात्मा स्कूल समेत प्रदेश के तीन सौ महात्मा गांधी स्कूलो में अब अंग्रेजी माध्यम के साथ हिंदी माध्यम भी संचालित करने की तैयारी कर रही है।
। इसके लिए जस्थान सरकार (शिक्षा ग्रुप -1) विभाग के शासन उप सचिव आलोक जैन ने निदेशक माध्यमिक शिक्षा राजस्थान बीकानेर को महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों को हिंदी माध्यम में भी संचालित करने के लिए पत्र लिखा।
उसके बाद इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) को सात कार्य दिवस में विस्तृत रिपोर्ट और प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं।
निदेशक माध्यमिक शिक्षा सीताराम जाट की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जिन विद्यालयों में विद्यार्थियों का नामांकन अत्यंत कम है,वहां हिंदी माध्यम शुरू करने का औचित्य, नामांकन की स्थिति और स्थानीय आवश्यकता का आकलन कर प्रस्ताव भेजा जाए। विभाग का मानना है कि कई क्षेत्रों में अभिभावकों की प्राथमिकता अभी भी हिंदी माध्यम है। ऐसे में कम नामांकन वाले अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों को हिंदी माध्यम में बदलने से संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और प्रवेश संख्या बढ़ सकती है।
अब नए आदेश के अनुसार नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 में इन लिस्टेड किए गए कम नामांकन वाले तीन सौ महात्मा गांधी स्कूलों में हिंदी माध्यम स्कूल भी संचालित किए जा सकते है।
राजनीतिक दृष्टि से भी अहम फैसला: महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय योजना पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की प्रमुख शिक्षा योजनाओं में शामिल रही थी। भाजपा ने विपक्ष में रहते हुए आरोप लगाया था कि पर्याप्त मांग और संसाधनों के बिना बड़ी संख्या में अंग्रेजी माध्यम विद्यालय खोल दिए गए, जिससे कई स्कूलों में नामांकन नहीं बढ़ा। अब सत्ता में आने के बाद भाजपा सरकार कम नामांकन वाले विद्यालयों को फिर से हिंदी माध्यम में परिवर्तित करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। तबादलों के दौर के बीच आया निर्णय: यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब राज्य सरकार ने शिक्षकों के तबादलों पर लगा प्रतिबंध हटाया है। विद्यालयों के माध्यम परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन स्कूलों में शिक्षकों के तबादलों और स्टाफ पुनः संरचना पर भी असर पड़ सकता है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निर्णय जिलों से प्राप्त रिपोर्ट और विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।
टोंक जिले के तीन स्कूल शामिल: राजस्थान सरकार (शिक्षा ग्रुप -1) विभाग के शासन उप सचिव आलोक जैन ने निदेशक माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को भेजी 300 स्कूलों की सूची में टोंक जिले की भी तीन स्कूल है। इनमें टोंक ब्लॉक की दो एवं टोडारायसिंह ब्लॉक की एक स्कूल सहित कुल 3 स्कूल शामिल है।
इन छह बिंदुओं की मांगी गई है रिपोर्ट: -अंग्रेजी से हिंदी माध्यम में परिवर्तन का स्पष्ट औचित्य।
-वर्तमान एवं पिछले वर्षों का कक्षावार नामांकन ।
-आसपास स्थित हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों की दूरी।
-संबंधित विद्यालय में संचालित संकाय और विषय।
-क्षेत्र में पहले से संचालित अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों की उपलब्धता एवं स्थिति।
स्कूलों को बंद करने की जगह अलग से केडर बनाकर की जाएं भर्ती:
शिक्षक संघ रेसटा,राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने बताया कि राज्य में संचालित महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों ने विद्यार्थियों को महंगी फीस से छुटकारा दिलाया है ।लेकिन इन स्कूलों में वर्तमान हिंदी माध्यम के शिक्षकों की नियुक्ति कर रखी है जो सही नहीं है। राज्य सरकार को इन स्कूलों को बंद करने के स्थान पर शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अलग से केडर बनाकर सीधी भर्ती करने पर ध्यान देना चाहिए जिससे इन स्कूलों में नामांकन भी बढ़ेगा और शिक्षा का स्तर में गुणवत्ता पूर्ण सुधार होगा।

जोधपुर की बावड़ियों के लिए टूरिस्ट ने छोड़ा अपना देश:पैर टूटने पर भी नहीं थमे, 10 बावड़ी साफ कर चुके; बोले-अब यहीं मरना चाहता हूं

जोधपुर शहर अपनी ‘अपणायत’ (अपनत्व) और लाजवाब खान-पान के लिए दुनिया भर में खास पहचान रखता है। यहां की ऐतिहासिक बावड़ियां सदियों से इस शहर की खूबसूरती को अपने भीतर समेटे हुए हैं। साल 2017 में आयरलैंड से सिरेमिक आर्टिस्ट केरोन जोधपुर घूमने आए थे। जब उन्होंने यहां की ऐतिहासिक बावड़ियां देखी तो उन्होंने उसी पल ठान लिया कि वे अब इस शहर को छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे। 77 साल के हो चुके केरोन अब तक जोधपुर की 10 बावड़ियों की सूरत बदल चुके हैं। इस उम्र में भी उनका जज्बा कम नहीं हुआ है। वे आज भी रोज सुबह 8 बजे बावड़ियों की देखभाल और सफाई के लिए निकल पड़ते हैं। इस सफर की शुरुआत में उनके सामने कई मुश्किलें आईं। इस बीच एक हादसे में उनका पैर भी टूट गया, जिसके कारण उन्हें तीन महीने तक बिस्तर पर आराम करना पड़ा। इसके बाद भी उन्होंने जोधपुर और यहां की बावड़ियों को नहीं छोड़ा। समय के साथ केरोन की इस मुहिम से कई लोग जुड़े, लेकिन इनमें एक खास शख्स हैं- शंभु। शंभु, केरोन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं। शंभु ने अपना घर तक छोड़ दिया। पढ़िए ​केरोन कैसे जोधपुर शहर की बावड़ियों को संवारने में लगे हैं… बावड़ियां देख प्रभावित हुए, हालत ने मायूस कर दिया केरोन ने बताया कि मैं आयरलैंड में सिरेमिक आर्टिस्ट था। मेरे पिता आर्किटेक्ट रहे हैं, ऐसे में मुझे बिल्डिंग और उनके स्ट्रक्चर से काफी लगाव है। मैं साल 2017 में राजस्थान आया और इसके बाद जोधपुर। यहां जब शहर की बावड़ियों को देखा तो काफी प्रभावित हुआ। लेकिन इन बावड़ियों की हालत देख मुझे काफी दुख हुआ। पता चला कि इनके लिए कोई गाइडलाइन नहीं है। इसके बाद मैंने इन बावड़ियों को सुधारने का जिम्मा उठाया। क्लीन बावड़ी मूवमेंट शुरू किया। अकेले 10 दिन तक सफाई करते रहे केरोन ने बताया- जोधपुर की बावड़ियों की हालत देख मैंने ठान लिया था कि अब मैं यहीं रुकूंगा। मैंने महिला बाग झालरा से सफाई की शुरुआत की। शुरुआत के 10 दिन मैं अकेले सफाई करता रहा। इसके बाद शंभु समेत बाकी लोग भी मेरे साथ जुड़े। एक महीने तक इस बावड़ी को साफ करने का काम किया। मैं अब तक नवलखा बावड़ी, नाथों की बावड़ी, गोल नाड़ी, गोरूंदा, तापी बावड़ी, गुलाब सागर, क्रिया झालरा बावड़ी, सत्यनारायण बावड़ी और फतेह सागर बावड़ी की सफाई कर चुका हूं। नवलखा बावड़ी को साफ करने में डेढ़ महीना और नाथों की बावड़ी में एक महीने का समय लगा। आज भी तापी बावड़ी की सफाई के लिए जुटा रहता हूं। इन बावड़ियों की सफाई के लिए अपनी सेविंग तक लगा चुका हूं। पैर टूटा, फिर भी अपने देश नहीं लौटे आयरिश नागरिक केरोन ने बताया- मैं एक दिन काम कर रहा था। इसी दौरान नीचे गिर गया था। मेरा पैर टूट गया। पैर में रॉड डाली गई। हादसे के बाद स्थानीय जनप्रति​निधियों ने मुझे घर (आयरलैंड) लौटने को कहा और सहायता की भी बात कही। मैंने मना कर दिया। मैं अब जोधपुर में ही रहना चाहता हूं। तीन महीने आराम करने के बाद दोबारा काम पर लौटा और जोधपुर की बावड़ियों को सुधारने में लग गया। केरोन ने बताया- अब जब लोगों को पता चला कि हमारी बावड़ियां कितनी अच्छी हैं तो कई लोग हमारे साथ इस मुहिम में जुड़े हैं। खास तौर पर मेहरानगढ़ और मेहरानगढ़ फोर्ट ट्रस्ट मदद के लिए आगे आया और मेरे काम को सराहा। मैं अंतिम सांस यहीं लेना चाहता हूं केरोन ने बताया- मेरी एक बेटी डॉक्टर और बेटा ड्राइवर है। जब उनसे पूछा गया कि क्या दोबारा अपने परिवार के पास लौटना चाहते हैं तो उन्होंने कहा- मैंने अपनी जिंदगी यहां की बावड़ियों को दे दी। परिवार के लोग से वीडियो कॉल हो जाती है। आखिरी बार बेटी से 4 महीने पहले बात हुई थी। उन्होंने बताया- शायद मेरे इस काम की वजह से परिवार मुझे पसंद नहीं करता। मैं अपनी अंतिम सांस भी यहीं लेना चाहता हूं। इस काम में शंभु ने मेरा काफी साथ दिया। बावड़ियों के पानी को पीने लायक बनाना है केरोन ने बताया- अब मैं स्टेप वेल स्पोर्ट एंड हाइजीन प्रोग्राम चला रहा हूं। इस मु​हिम में मेहरानगढ़ और मेहरानगढ़ फोर्ट ट्रस्ट भी काफी मदद कर रहा है। इस प्रोग्राम का उद्देश्य है कि वे इसे बिल्कुल साफ रखें और इसके पानी को पीने लायक बनाएं। इतना ही नहीं, यहां एक चौकीदार और क्लीनर रखेंगे, जो इसकी देखभाल और साफ-सफाई करेंगे। मैं जोधपुर शहर को कुछ लौटाना चाहता हूं, इसलिए अब मुझे ये शहर पसंद आने लगा है। मैं गोल नाड़ी के पास एक पेइंग गेस्ट हाउस में रहता हूं। यहां के गौरीशंकर मेहरा ने मुझे परिवार की तरह गोद लिया है। केरोन के लिए छोड़ दिया घर शंभु ने बताया- केरोन के लिए मैंने अपना घर छोड़ दिया। गुलाब सागर की पाल पर ही एक झोपड़ी बना ली। केरोन और शंभु का याराना ऐसा हो गया ​है कि गुलाब सागर पर अगर आप केरोन के बारे में पूछेंगे तो एक ही जवाब मिलेगा- शंभु को पता है, वो कहां मिलेंगे और कब अपने काम पर निकलेंगे।

बच्चों की कहासुनी में खूनी संघर्ष, 1 युवक की मौत:हमले में लाठी से फोड़ डाला सिर, वीडियो आया सामने

धौलपुर जिले के मनियां थाना क्षेत्र के विपरपुर गांव में बच्चों के बीच हुई कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। इस विवाद में 21 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। इस हमले का एक वीडियो भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार दो परिवारों के बच्चे खेल रहे थे, जिनके बीच किसी बात पर कहासुनी हुई। यह मामूली विवाद जल्द ही बच्चों से बढ़कर उनके परिजनों तक पहुंच गया, जिसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। इन फोटोज के जरिए समझिए पूरा घटनाक्रम… दोनों में पक्षों में जमकर हुई मारपीट
देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई। संघर्ष के दौरान लाठी-भाटा और धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया गया। जिसमें एक पक्ष का गुलफाम (21) पुत्र कल्ला गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन गुलफाम को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से गंभीर हालत के चलते उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान गुलफाम ने दम तोड़ दिया। 3 महीने पहले जेल से बाहर आया था
निहालगंज थाना क्षेत्र में हुई चोरियों के मामले में पुलिस ने करीब 5 महीने पहले गुलफाम को गिरफ्तार किया था। जो करीब 3 महीने पहले ही जेल से छूटकर बाहर आया था। गांव में अतिरिक्त पुलिस बल किया तैनात
घटना की सूचना मिलते ही मनियां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बच्चों की कहासुनी के बाद परिजनों के हस्तक्षेप से विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।
पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और निगरानी रखी जा रही है।

उदयपुर में रात को तेज बारिश, सड़कें लबालब:सुबह मानसून आया और बरसा रात को, एक घंटे तक झमाझम, शादियों में खलल

उदयपुर शहर में आज रात को करीब एक घंटे तक झमाझम बारिश हुई। करीब एक घंटे तक चली बारिश से शहर की सड़कों पर पानी ही पानी हो गया। वैसे मानसून उदयपुर में आज सुबह एंट्र कर चुका था लेकिन मानसून की तेज बारिश रात में हुई। रात साढ़े आठ बजे से बारिश की शुरूआत हुई और 9 बजे से झमाझम हुई। शहर में आज बड़ी संख्या में शादियां थी और उसमें बारिश से बड़ा खलल पड़ा। इधर, आज मानसून की एंट्री होने पर लोगों में खुशी थी लेकिन दिन भर उमस ने परेशान किया पर मानसून की बारिश नहीं हुई। रात करीब 9 बजे शुरू हुई बारिश ने अहसास करा दिया कि मानसून आ गया है। रात को शहर के अधिकांश इलाकों में बारिश हुई।

शहर के शोभागपुरा से न्यू आरटीओ जाने वाली रोड पर पूरी सड़क पर पानी ही पानी भर गया। यहीं स्थिति शहर के कई स्थानों पर देखने को मिली जहां जल भराव की समस्या है। शहर में आज कई शादियों के आयोजन थे और रिस्पेशन समारोह में बारिश ने खलल डाली और सारी तैयारियां चौपट हो गई। रात करीब 9 बजे इस कदर बारिश हुई कि शादियों में गाड़ी पार्क कर गार्डन के अंदर लोग नहीं जा सके और छाते भी तेज बारिश के आगे नहीं चले। बारिश रुकने के बाद लोग धीरे-धीरे शादी वाली जगह पहुंचे। शहर के साथ-साथ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश हुई है जिले के ऋषभदेव कस्बे में तेज बारिश का दौर रात दस बजे तक चला। 8 की देरी के बाद हुई मानसून की एंट्री इससे पहले आज सुबह उदयपुर में आज मानसून की एंट्री हुई। आमतौर पर उदयपुर में मानसून 18 से 25 जून के आस-पास प्रवेश करता है, लेकिन इस साल करीब 8 देरी से आया है। 2025 में मानसून की एंट्री 18 जून को हुई थी। इस साल आज 3 जुलाई को आया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने 4 महीने (1 जून से 30 सितंबर) का मानसून सीजन माना है। उदयपुर में मानसून विदाई का समय 15 सितंबर के बाद निर्धारित है। पूर्वी राजस्थान से मेवाड़ क्षेत्र में प्रवेश किया उदयपुर के मौसम एक्सपर्ट डॉ. आर.एस. देवड़ा ने बताया कि बंगाल की खाड़ी का मानसून हाड़ौती और पूर्वी राजस्थान से मेवाड़ क्षेत्र में प्रवेश आज रात को किया। उन्होंने बताया कि दक्षिणी पश्चिमी मानसून की अरब सागरीय शाखा की गति कम हो गई। एक दिन पहले उदयपुर संभाग के बांसवाड़ा-डूंगरपुर होकर मानसून उदयपुर आना था लेकिन इधर, आज रात में बंगाल की खाड़ी का मानसून उदयपुर पहुंच गया। उन्होंने कहा कि उदयपुर में बंगाल की खाड़ी के मानसून से अच्छी बारिश होगी और लगातार वर्षा और सभी क्षेत्र मे वर्षा होगी, करीब दो दिन तक तेज बारिश चलेगी। इधर, उदयपुर शहर के तीतरड़ी सहित कई इलाकों में सुबह रिमझिम बारिश शुरू हुई। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से बादलों ने जगह बना रखी और तेज ठंडी हवाएं चल रही है। शहर के कई इलाकों में बूंदाबांदी तेज हवाओं के साथ चल रही है।
जानिए मानसून का रास्ता राजस्थान में मानसून दो तरफ बंगाल की खाड़ी और अरब सागर की शाखा से प्रवेश करता है। बंगाल की खाड़ी से आने पर हवाएं ओडिशा और बिहार, यूपी, एमपी को पार प्रदेश के के पूर्वी जिले कोटा, बारां, झालावाड़ से मानसून की एंट्री होती है। इस बार बंगाल की खाड़ी वाली मानसूनी शाखा से उदयपुर में मानसून ने प्रवेश किया। वहीं अरब सागर से आने वाला मानसून गुजरात के रास्ते उदयपुर आता है और इसी की संभावना थी। एक दिन पहले बांसवाड़ा आने के बाद इसकी स्पीड धीमी हो गई और इधर, बंगाल की खाड़ी से मानसून रात को उदयपुर पहुंच गया। एक दिन पहले गोगुंदा और ऋषभदेव में अच्छी बारिश उदयपुर के जल संसाधन विभाग के अनुसार बीते 24 घंटे के दौरान उदयपुर जिले में सर्वाधिक गोगुंदा में ढाई इंच और ऋषभदेव में 1 इंच बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा मावली के बागोलिया में 16, ओगणा में 12, बावलवाड़ा में 11 मिलीमीटर बारिश हुई। 2025 में ऐसी रही बारिश की स्थिति… इस बार मानसून की लेट एंट्री उदयपुर में एक्सपर्ट डॉ. आर.एस. देवड़ा ने बताया कि कुछ सालों में मानसून एंट्री 25 जून के करीब ही हुई है लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। उनका मानना है कि मानसून करीब एक सप्ताह लेट उदयपुर में आया है। उदयपुर जिले में मानसून की एंट्री की बात करें तो अमूमन 20 से 25 जून के बीच मानूसन आ जाता है। जुलाई के पहला सप्ताह अच्छी बारिश की संभावना मौसम विभाग ने जुलाई के पहले सप्ताह में तेज बारिश की संभावना जताई है। जून 2025 में उदयपुर शहर में करीब 83 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह शहर के जून के सामान्य औसत (81.3 मिमी) के लगभग बराबर रही तो जुलाई 2025 में करीब 287.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। उदयपुर के प्रमुख बांधों और झीलों का जलस्तर (मीटर में)

इनपुट सहयोग : शैलेंद्र जैन, ऋषभदेव

स्कॉलरशिप में करोड़ों का फर्जीवाड़ा, 20 कॉलेज-इंस्टीट्यूट बैन:स्टूडेंट्स के नाम पर फर्जी डॉक्यूमेंट भेजे, कई संस्थान शुरू भी नहीं हुए

राज्य सरकार ने पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप में करोड़ों की हेराफेरी और घोटाले में शामिल देशभर के 20 कॉलेज और इंस्टीट्यूट को बैन कर दिया। इनमें राजस्थान के 16 और दूसरे राज्यों के चार कॉलेज शामिल हैं। सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने गड़बड़ी में शामिल संस्थाओं के भेजे गए स्कॉलरशिप के आवेदनों को खारिज कर दिया है। इनमें कई कॉलेजों ने पोर्टल पर स्टूडेंट्स के नाम पर फर्जी डॉक्यूमेंट अपलोड किए। वहीं कई कॉलेज ऐसे भी हैं, जो चालू नहीं थे। स्कॉलरशिप के लिए ऑनलाइन आवेदनों की जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद विभाग ने 6 इंस्टीट्यूट पर परमानेंट और 14 पर 3 से 5 साल तक का प्रतिबंध लगाया है। इनमें दो मेडिकल कॉलेज भी हैं। विभाग ने नेल्लोर (आंध्र प्रदेश) के नारायणा मेडिकल कॉलेज और जबलपुर (मध्य प्रदेश) के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज पर 5 साल तक के लिए बैन लगाया है। फर्जीवाड़े में शामिल इंस्टीट्यूट पर अब FIR भी दर्ज करवाई जाएगी। अब स्कॉलरशिप के लिए नहीं कर पाएंगे आवेदन सरकार की कार्रवाई के बाद अब ये संस्थान स्कॉलरशिप के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे। इनके लॉग-इन आईडी बैन कर दिए गए हैं। सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने जांच में दोषी पाई गई संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई के अलग-अलग आदेश जारी किए हैं। जानें संस्थाओं ने कैसे की गड़बड़ी संस्थाओं ने पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए फर्जी दस्तावेज अपलोड कर भेजे जो स्टूडेंट पात्र नहीं थे, उनके नाम से भी स्कॉलरशिप उठाई, दोबारा भी आवेदन कई मामलों में ऐसे स्टूडेंट के पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के आवेदन भेजे गए, जो पात्र नहीं थे। कई आवेदन ऐसे भी थे, जो पहले उसी कोर्स में स्कॉलरशिप ले चुके थे। जो कोर्स स्कॉलरशिप के लिए पात्र नहीं था, उसके भी आवेदन मंजूर करके भेजे गए। कॉलेज-संस्था चल नहीं रही, स्कॉलरशिप के आवेदन भेजे कई कॉलेज, संस्थान पूरी तरह चालू भी नहीं हुए थे, लेकिन उनके यहां से भी पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के आवेदन विभाग के पोर्टल से भेजे गए। चंदेल प्राइवेट ITI, गुरुकृपा महाविद्यालय पूरी तरह से शुरू नहीं हुए थे, लेकिन इन्होंने भी आवेदन भेजे। विभाग की जांच में फर्जीवाड़ा साबित, करोड़ों की स्कॉलरशिप हड़पी पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप में फर्जीवाड़ा करने वाली संस्थाओं के खिलाफ जांच में भारी गड़बड़ियां पाई गई थीं। सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने गड़बड़ी वाली संस्थाओं को नोटिस देकर पक्ष रखने के लिए तलब किया। कई संस्थाओं के प्रतिनिधि पक्ष रखने के लिए विभाग के सामने नहीं पहुंचे। वहीं जिन संस्थानों के प्रतिनिधि विभाग के पास पहुंचे, उनका जवाब संतोषजनक नहीं माना गया। जांच समितियों की रिपोर्ट, जिला अधिकारी की रिपोर्ट और पोर्टल के डेटा विश्लेषण के आधार पर विभाग ने माना कि इन संस्थानों ने मिलीभगत और षड्यंत्र के तहत सरकार को गुमराह करने का प्रयास किया है। इसके बाद 20 संस्थाओं पर बैन लगाने का फैसला किया गया। दो बार जांच करवाई, दोनों बार गड़बड़ी साबित पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप में फर्जीवाड़े की दो बार जांच करवाई गई। दोनों बार फर्जीवाड़ा साबित हुआ। मामले की जांच के लिए विभाग ने पहली बार 24 अप्रैल 2025 को समिति बनाई, जिसने अपनी रिपोर्ट 19 मई 2025 को साैंप दी। वहीं मामले की गहराई से जांच के लिए 30 मई 2025 को दूसरी जांच कमेटी बनाई गई। इस कमेटी ने 13 जून 2025 को रिपोर्ट सौंपी थी। दोनों जांच कमेटियों की रिपोर्ट में भारी गड़बड़ियों की पुष्टि हुई।

जोधपुर में अगले दो दिन आंधी-बारिश का अलर्ट:सुबह से छाए बादल; सट्टा मार्केट में इस बार मानसून पर दांव; जानें-कैसा रहेगा मौसम

पश्चिमी राजस्थान में इस बार मानसून देरी से आ रहा है। इस हिस्से के कई जिलों में इस बार प्री-मानूसन की बारिश भी नहीं हुई। गुरुवार को प्रदेश के 12 जिलों से मानसून की राजस्थान में एंट्री हुई। इधर, मौसम विभाग ने अगले दो दिन यानी शुक्रवार और शनिवार को आंधी-बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं इस बार मानूसन को लेकर फलोदी सट्टा मार्केट में भी मानसून पर बड़ा दांव लगा है। जब गुरुवार शाम 4 बजे फलोदी का सट्टा मार्केट खुला तो सबसे बड़ा दांव लगा मानसून पर। फलोदी सट्टा मार्केट में बारिश के लिए इस सीजन का सबसे बड़ा भाव लगाया गया। इस मार्केट से जुड़े लोगों ने बताया कि ये पूरा दांव बादल और मोबाइल में तापमान देखकर लगाया जाता है। अगले 24 घंटे यानी शुक्रवार शाम 4 बजे तक ये भाव चलेगा। दावा- 30 पैसे का भाव नदी पर लगाया है दरअसल, राजस्थान में मानसून की एंट्री के साथ ही अब ये दावा किया जा रहा है कि आने वाले एक से दो दिनों में मानसून पश्चिमी राजस्थान में भी अपना असर दिखाएगा। फलोदी सट्टा मार्केट से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि 3 जुलाई यानी शुक्रवार को पश्चिमी राजस्थान से जुड़े इलाकों में बारिश हो सकती है। मार्केट से जुड़े लोगों ने बताया कि मानसून में तीन स्तर पर पैसे लगाए जाते हैं। पहला पतरा (लोहे की चद्द) यानी कम बारिश, दूसरा नाली यानी ठीक-ठाक बारिश जब शहर की नालियों में बारिश का पानी बहने लग जाए। और, तीसरा नदी, यानी अच्छी बारिश। गुरुवार शाम को जब मार्केट खुला तो 30 पैसे का भाव नदी पर लगाया गया। यानी इस मार्केट से जुड़े एक्सपर्ट का कहना है कि 3 जुलाई को पश्चिमी राजस्थान में मानसून की पहली बारिश होने की पूरी उम्मीद है। मौसम विभाग ने दो दिन जारी किया आंधी-बारिश का येलो अलर्ट इधर, मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए आंधी-बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। गुरुवार शाम को भी अधिकतम तापमान में 1 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और टेम्प्रेचर 39 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। शुक्रवार और शनिवार को आंधी-बारिश की संभावना जताई है। जबकि 5, 6 और 7 जुलाई को कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। वहीं 8 जुलाई से फिर मौसम बदलने की संभावना है और अगले दो दिन यानी 9 जुलाई तक आंधी-बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम ​विभाग के अनुसार प्रदेश में मानसून की एंट्री के बाद आने वाले कुछ दिनों में जोधपुर और बीकानेर संभाग में आंधी-बारिश का दौर चलेगा। वहीं मौसम बदलने के साथ अधिकतम तापमान में भी करीब 3 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। गौरतलब है कि जोधपुर शहर में इस बार मानूसन पांच साल में तीसरी बार जुलाई महीने में एंट्री करेगा। इससे पहले साल 2021 और 2022 में मानसून ने जुलाई में एंट्री ली थी।

PM मोदी कल पचपदरा रिफाइनरी का करेंगे लोकार्पण:जोधपुर में नए एयरपोर्ट टर्मिनल का उद्घाटन; सीएम भजनलाल देखेंगे तैयारियां

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को राजस्थान दौरे पर रहेंगे। वे सुबह जोधपुर में नए एयरपोर्ट टर्मिनल भवन का लोकार्पण करेंगे और पीएम उड़ान योजना के दूसरे चरण की शुरुआत करेंगे। इसके बाद हेलिकॉप्टर से बालोतरा जिले के पचपदरा पहुंचकर राजस्थान रिफाइनरी परियोजना का लोकार्पण करेंगे, परियोजना का निरीक्षण करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। दौरे को लेकर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। मिली जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री शनिवार सुबह 9:30 बजे दिल्ली से जोधपुर के लिए रवाना होंगे और सुबह 10:40 बजे जोधपुर वायुसेना एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से वे पुराने टर्मिनल के रास्ते नए एयरपोर्ट टर्मिनल भवन पहुंचेंगे। नए टर्मिनल पर करीब 20 मिनट के दौरान वे दो मिनट की वीडियो प्रेजेंटेशन देखेंगे, टर्मिनल का अवलोकन करेंगे और प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों व विधायकों से मुलाकात करेंगे। दोपहर 12 बजे पहुंचेंगे पचपदरा प्रधानमंत्री सुबह 11:20 बजे हेलिकॉप्टर से पचपदरा के लिए रवाना होंगे। दोपहर करीब 12 बजे पचपदरा पहुंचकर राजस्थान रिफाइनरी परियोजना का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद जनसभा को संबोधित करेंगे। करीब दो घंटे के कार्यक्रम के बाद दोपहर 2 बजे पचपदरा से रवाना होंगे। सीएम भजनलाल आज करेंगे अंतिम समीक्षा प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे से पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शुक्रवार को पचपदरा पहुंचकर रिफाइनरी परिसर में तैयारियों का जायजा लेंगे। वे दोपहर करीब 2 बजे मंडापुरा पहुंचेंगे, जहां एचपीसीएल के आउटलेट का उद्घाटन करेंगे और पौधारोपण कार्यक्रम में भाग लेंगे। मुख्यमंत्री शाम करीब 6 बजे तक रिफाइनरी परिसर में रहेंगे। इसके बाद वे जोधपुर के लिए रवाना होंगे और रात को वहीं ठहरेंगे। वहीं, राज्य मंत्री के.के. विश्नोई बालोतरा में अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे। पुलिस-प्रशासन अलर्ट, रूट प्लान जारी प्रधानमंत्री मोदी के पचपदरा दौरे को लेकर जिला पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा, ट्रैफिक और जनसुविधाओं की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जोधपुर रेंज के आईजी सत्येंद्र सिंह ने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त पुलिस बल और अन्य कार्मिक तैनात किए गए हैं। ट्रैफिक प्रबंधन, पार्किंग, कंट्रोल और सुरक्षा जांच के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। गेट-7 से होगी आमंत्रितों की एंट्री ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रखने के लिए डायवर्जन प्लान लागू किया गया है। आमंत्रित सदस्यों के वाहनों की पार्किंग गेट नंबर-7 पर रहेगी, जहां करीब 3 हजार वाहनों की क्षमता है। पार्किंग से कार्यक्रम स्थल तक शटल सेवा उपलब्ध रहेगी और आमंत्रितों की एंट्री भी गेट नंबर-7 से होगी। वहीं, विशेष आमंत्रितों और अधिकृत मीडियाकर्मियों को गेट नंबर-3 से प्रवेश दिया जाएगा।

लंगड़ाते हुए रैंप पर उतरी मॉडल,बोलीं- सपना पूरा करके रहूंगी:मिस राजस्थान की तैयारियों के बीच नाना का निधन, परिवार बॉडी लेकर ट्रेनिंग सेंटर पहुंचा

मिस राजस्थान-2026 के फिनाले वीक में मॉडल निहारिका राठौड़ (21) टूटे पैर के साथ रैंप वॉक कर रही हैं। ट्रेनिंग सेशन के दौरान निहारिका का पैर बुरी तरह मुड़ गया था, जिससे पैर की मांसपेशियां (मसल्स) फट गई थीं। डॉक्टर ने 15 दिन तक पूरी तरह आराम करने की सलाह दी थी। इसके बावजूद निहारिका अपने सपने को पूरा करने के लिए दर्द में भी इस ब्यूटी पेजेंट (कॉम्पिटिशन) में उतरी हैं। फाइनलिस्ट प्रज्ञा चौधरी के नाना का मिस राजस्थान के फिनाले से पहले निधन हो गया। प्रज्ञा ने ट्रेनिंग सेंटर पर ही उनके अंतिम दर्शन किए। जयपुर के हैवन रिसॉर्ट में मिस राजस्थान का फिनाले वीक चल रहा है। इसमें 9 फाइनलिस्ट्स को 9 दिन की ट्रेनिंग दी जा रही है। इसका ग्रैंड फिनाले जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में 4 जुलाई को होगा। दैनिक भास्कर ने टॉप फाइनलिस्ट्स से बातचीत की… प्रज्ञा चौधरी नाना की डेडबॉडी लेकर ट्रेनिंग सेंटर आया परिवार जयपुर की रहने वाली प्रज्ञा ने बताया- मिस राजस्थान 2026 के ट्रेनिंग सेशन के दौरान ही मेरे नाना का निधन हो गया। अंतिम समय में नाना की इच्छा थी कि वे अपनी नातिन को मिस राजस्थान के मंच पर देखें। परिवार उनके पार्थिव शरीर को ट्रेनिंग स्थल तक लेकर आया, जहां मैंने नाना के अंतिम दर्शन किए और उनको श्रद्धांजलि दी। उनका आशीर्वाद लिया और वापस रैंप पर लौट आई। प्रज्ञा ने कहा- नाना हमेशा कहते थे कि तुम जीतकर आओगी और पहले नंबर पर रहोगी। मैं उनकी इस आखिरी इच्छा को अधूरा नहीं छोड़ना चाहती थी। मुझे विश्वास है कि उनका आशीर्वाद हमेशा मेरे साथ रहेगा। प्रज्ञा एक साल पहले कैंसर से अपने भाई को भी खो चुकी हैं। अस्पताल में इलाज के दौरान उनके भाई की मुलाकात पूर्व मिस राजस्थान विजेता से हुई थी। उसी दिन भाई ने प्रज्ञा से कहा था कि वह भी एक दिन मिस राजस्थान का ताज पहने। अब वे अपने भाई और नाना, दोनों का सपना पूरा करना चाहती हैं। निहारिका राठौड़ पैर में गंभीर चोट, फिर भी रैंप नहीं छोड़ा निहारिका ने बताया- ट्रेनिंग सेशन में पैर बुरी तरह मुड़ गया, जिससे पैर की मांसपेशियां फट गईं। ‘टॉप मॉडल राउंड’ मेरे लिए बेहद महत्वपूर्ण था और बचपन का सपना बीच में छोड़ना मुझे मंजूर नहीं था। पैर पर प्लास्टर इसलिए नहीं चढ़वाया, क्योंकि लगातार चलने-फिरने से उसके टूटने का खतरा था। मैं पेनकिलर्स के सहारे लगातार प्रशिक्षण ले रही हूं और रैंप पर उतर रही हूं। यह मेरा पहला ऑडिशन था और पहली ही कोशिश में मुझे सफलता मिली। मुझे लगता है कि भगवान ने मुझे यह अवसर किसी खास मकसद से दिया है, इसलिए मैं किसी भी हाल में पीछे नहीं हटूंगी। ज्योति चौधरी छोटे कपड़े पहनने पर सवाल उठाए, तानों से नहीं डरी झुंझुनूं जिले के मेहरा दासी गांव की रहने वाली ज्योति चौधरी पहली बार किसी ब्यूटी पेजेंट में हिस्सा ले रही हैं। ज्योति ने बताया- मेरे परिवार का फैशन या मॉडलिंग से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं रहा। इसके बावजूद मैंने खुद पर भरोसा किया और आज टॉप-28 फाइनलिस्ट्स में अपनी जगह बनाई। ज्योति ने कहा- गांव में आज भी कई लोग मॉडलिंग और फैशन इंडस्ट्री को अच्छी नजर से नहीं देखते। छोटे कपड़े पहनने पर लड़कियों के चरित्र पर भी सवाल उठाए जाते हैं। मिस राजस्थान में आने के बाद मैंने पहली बार सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया। सोशल मीडिया पर जहां कई लोगों ने हौसला बढ़ाया, वहीं कुछ लोगों ने मेरी आलोचना भी की। ज्योति नकारात्मक टिप्पणियों पर ध्यान देने के बजाय सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रही हैं। ज्योति फिलहाल M.Sc. की पढ़ाई कर रही हैं। साथ ही SSC CGL और CDS जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर रही हैं। उनका सपना भारतीय सेना में अधिकारी बनने का भी है। दिव्यांशी जांगिड़ गांव की लड़कियों के लिए बनीं आइकन दौसा जिले के भांडारेज की 18 साल की दिव्यांशी जांगिड़ अपने गांव की पहली लड़की हैं, जो मिस राजस्थान के मंच तक पहुंची हैं। दिव्यांशी ने बताया- मेरे गांव में मॉडलिंग को लेकर आज भी लोगों की सोच सकारात्मक नहीं है। कई रिश्तेदार भी इस फैसले के पक्ष में नहीं थे, लेकिन मेरी मां ने हमेशा साथ दिया। मां ने मुझसे कहा कि दोनों भाइयों के सपने पूरे नहीं हो सके, इसलिए अब तुम अपने सपनों को जरूर पूरा करो। दिव्यांशी ने बताया- परिवार में माता-पिता और दो बड़े भाई हैं। एक भाई नौकरी करता है, जबकि दूसरा UPSC की तैयारी कर रहा है। मैं बीए (BA) सेकंड ईयर में पढ़ रही हूं। आज दिव्यांशी के गांव की कई लड़कियां सोशल मीडिया के जरिए उनसे संपर्क कर रही हैं। दिव्यांशी उन्हें यही सलाह देती हैं कि सबसे पहले परिवार का विश्वास जीतें, क्योंकि परिवार का साथ मिलने के बाद ही सपनों की उड़ान आसान होती है। पलक शर्मा मां ने कहा था- लोगों की चिंता मत करो जयपुर की रहने वाली 19 साल की पलक शर्मा बचपन से ही ब्यूटी पेजेंट में हिस्सा लेना चाहती थीं। पलक ने बताया- मेरे पिता नहीं हैं। मां ही अकेले पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। तमाम आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद मां ने कभी मेरे सपनों को रोकने की कोशिश नहीं की। पलक कहती हैं- जब मैंने मॉडलिंग में आने की इच्छा जताई तो मां ने सिर्फ इतना कहा कि लोग क्या कहेंगे, इसकी चिंता मत करो। बस, अपने सपने को पूरा करो। पलक ने टॉप मॉडल राउंड के लिए अपनी ड्रेस भी खुद डिजाइन की, जिसकी थीम ‘विक्टोरियन गॉथिक लुक’ थी। उन्होंने इस ड्रेस की स्कर्ट खुद तैयार की, जबकि पूरी ड्रेस को सिलने और उसे अंतिम रूप देने में उनकी मां ने घंटों मेहनत की। पलक के लिए यह ड्रेस सिर्फ एक कॉस्ट्यूम नहीं, बल्कि मां-बेटी की साझा मेहनत और अटूट प्यार का प्रतीक है। आस्था भूटानी हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में सिलेक्शन के बाद मिस राजस्थान में पहुंची जयपुर की आस्था भूटानी का चयन दुनिया की प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में हो चुका है। अगस्त से उनकी पढ़ाई शुरू होने वाली है, लेकिन उससे पहले उन्होंने खुद को एक नए अनुभव के लिए मिस राजस्थान के मंच पर आजमाने का फैसला किया। IIT से पासआउट आस्था ने कहा- व्यक्ति को खुद को केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रखना चाहिए। हार्वर्ड जाने से पहले मेरे पास कुछ समय था, उसी दौरान मिस राजस्थान के ऑडिशन हुए और मैंने बिना ज्यादा सोचे इसमें हिस्सा ले लिया। पहली बार मॉडलिंग करने के बावजूद टॉप-28 तक पहुंच गई। आस्था का मानना है कि एकेडमिक करियर (पढ़ाई) और मॉडलिंग दोनों को साथ-साथ आगे बढ़ाया जा सकता है। आगे चलकर वे इन दोनों क्षेत्रों के बीच बेहतरीन संतुलन बनाने की कोशिश करेंगी। … ये खबर भी पढ़िए… मॉडल ने ताश के पत्तों से बना आउटफिट पहना:कोई बनी आईफा ट्रॉफी, मां की ज्वैलरी से बनी ड्रेस; मिस राजस्थान फिनाले वीक में अनोखे लुक मिस राजस्थान 2026 के फिनाले वीक में टॉप-28 फाइनलिस्ट मॉडल्स ने रैंप वॉक किया। इस दौरान सभी मॉडल्स अपनी अनोखी और रचनात्मक ड्रेसेस को लेकर काफी सुर्खियों में रहीं। (पढ़ें पूरी खबर)

सवाई माधोपुर के 18 में से 13 बांधों में पानी:5 पूरी तरह खाली; मानसरोवर बांध में सबसे ज्यादा 22.9 गेज पानी

सवाई माधोपुर में मानसून की दस्तक के साथ जिले के अधिकांश बांध पानी से भरे हुए हैं। पिछले साल अच्छी बारिश होने के कारण इस बार भी बांधों की स्थिति बेहतर बनी हुई है। जिले में जल संसाधन (सिंचाई) विभाग के अधीन 18 बांध हैं, जिनमें से 13 में अभी भी पानी मौजूद है, जबकि केवल 5 बांध पूरी तरह खाली हो चुके हैं। अब मानसून की बारिश शुरू होने के साथ इन बांधों में जलस्तर बढ़ने की उम्मीद है। मानसरोवर बांध में सबसे ज्यादा पानी
जिले के सभी बांधों में मानसरोवर बांध में सबसे ज्यादा पानी है। इसकी भराव क्षमता 31 गेज मीटर है और फिलहाल इसमें 22.9 गेज मीटर पानी मौजूद है। देवपुरा बांध की भराव क्षमता 24 गेज मीटर है, जिसमें 14.5 गेज मीटर पानी है। मोरा सागर बांध की क्षमता 18.50 गेज मीटर है और इसमें 12.3 गेज मीटर पानी बना हुआ है। ढील बांध की भराव क्षमता 16 गेज मीटर है, जिसमें 11.7 गेज मीटर पानी है। वहीं सूरवाल बांध की क्षमता 15 गेज मीटर है और इसमें 10.6 गेज मीटर पानी मौजूद है। इन बांधों में भी बना हुआ है जल भंडार
खंडार उपखंड स्थित गिलाई सागर बांध की भराव क्षमता 20 गेज मीटर है, जिसमें 6.1 गेज मीटर पानी है। नागोलाव बांध की क्षमता 10 गेज मीटर है और इसमें 4.8 गेज मीटर पानी है। गंडाल बांध की भराव क्षमता 9 गेज मीटर है, जिसमें 3.1 गेज मीटर पानी दर्ज किया गया है। भगवतगढ़ बांध की क्षमता 8 गेज मीटर है और इसमें 3 गेज मीटर पानी है। भूलनवाला बांध की भराव क्षमता 8.30 गेज मीटर है, जिसमें भी 3 गेज मीटर पानी मौजूद है। मुई बांध की क्षमता 6 गेज मीटर है और इसमें 2.6 गेज मीटर पानी है। आकोदिया बांध की भराव क्षमता 10 गेज मीटर है, जिसमें फिलहाल 2.2 गेज मीटर पानी बना हुआ है। 5 बांध पूरी तरह खाली, बारिश से भरने की उम्मीद
जिले के पांचोलास, नागतलाई, बनियावाला, मोतीसागर और नया तालाब लिवाली पूरी तरह खाली हो चुके हैं। इन पांचों बांधों में फिलहाल पानी नहीं बचा है। अब मानसून की अच्छी बारिश से इन बांधों के भी भरने की उम्मीद जताई जा रही है।