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अलवर काले बादलों से दिन में अंधेरा हुआ:तेज बारिश हुई, अगले 3 दिन आंधी-बरसात का अलर्ट जारी किया गया

अलवर में मंगलवार को तेज बारिश हुई। शहर में घने काले बादल छाए, जिससे दिन में अंधेरा हो गया। लोगों को गर्मी से राहत मिली। वहीं, रात में भी रिमझिम बारिश का दौर चलता रहा। शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश हुई है। अकबरपुर,अहमदपुर,नटनी का बारा समेत सिलीसेढ़ की तरफ बारिश हुई है। कई ग्रामीण इलाकों में सड़कों व खेतों में पानी भर गया। दोपहर बाद हुई बारिश से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। 10 जुलाई तक आकाशीय बिजली गिरने और बारिश की संभालना मौसम विभाग के अनुसार 7 से 10 जुलाई तक अलवर जिले में गरज-चमक के साथ बारिश, बिजली गिरने तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और बिजली गिरने की आशंका के समय खुले स्थानों व पेड़ों के नीचे खड़े नहीं होने की सलाह दी है। वहीं 11 और 12 जुलाई के लिए जिले में किसी प्रकार की मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। पिछले दो दिन उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। बारिश की कमी का सबसे ज्यादा असर किसानों पर दिखाई दे रहा था। जिले के अधिकांश किसानों ने खरीफ फसलों की बुआई पूरी कर ली है और कई क्षेत्रों में बाजरे के पौधे भी निकलने लगे हैं। इन फसलों की अच्छी पैदावार के लिए अब नियमित बारिश बेहद जरूरी है। बारिश होने से किसानों ने भी कुछ राहत की सांस ली हैं।

बचकर भाग रहे शराब तस्कर की मौत, शव रखकर प्रदर्शन:SDM के समझाने पर बॉडी मॉर्च्युरी रखवाई, धरने पर मांगों को लेकर अड़े

बालोतरा में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और पुलिस से बचकर भाग रहे शराब तस्करों की कार खेजड़ी के पेड़ से टकराने से एक तस्कर की मौत हो गई। हादसे के बाद मृतक के परिजनों और समाज के लोगों ने शव को गुड़ामालानी थाने में रखकर प्रदर्शन किया। देर रात समझाइश के बाद शव को अस्पताल की मॉर्च्युरी में शिफ्ट किया गया, लेकिन परिजन एफआईआर और जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही पोस्टमॉर्टम कराने की मांग पर अड़े हुए हैं। पढ़िए … सिलसिलिवार पूरा घटनाक्रम 1. पुलिस से बचकर भाग रही कार पेड़ से टकराई, एक तस्कर की मौत
बालोतरा जिले के गुड़ामालानी थाना क्षेत्र में सोमवार (6 जुलाई) को एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और पुलिस से बचकर भाग रहे शराब तस्करों की कार आमलियाला-भैडाणा रोड पर खेजड़ी के पेड़ से टकरा गई। पुलिस टीम करीब 20 किलोमीटर तक कार का पीछा कर रही थी। हादसे में रावली नाड़ी निवासी पुनेश (22) पुत्र लाधुराम गंभीर घायल हो गया, जिसकी सांचौर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं 20 वर्षीय प्रवीण पुत्र मेघाराम निवासी रावली नाड़ी को पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस ने शराब से भरी क्षतिग्रस्त कार भी जब्त कर ली। कार पर केरल की नंबर प्लेट लगी थी, जबकि उसमें गुजरात की नंबर प्लेट भी मिली। 2. हादसे के बाद पोस्टमार्टम को लेकर विवाद, शव गुड़ामालानी लाया गया
हादसे के बाद सांचौर अस्पताल में पोस्टमार्टम को लेकर पुलिस और मृतक के परिजनों के बीच विवाद हो गया। इसके बाद परिजन शव को गुड़ामालानी ले आए। यहां भी पुलिस और परिजनों के बीच बहस हुई, जिसके चलते थाने के बाहर भारी पुलिस जाब्ता तैनात करना पड़ा। 3. थाने में शव रखकर प्रदर्शन, एफआईआर दर्ज करने की मांग
मृतक के परिजन और समाज के लोगों ने गुड़ामालानी थाना परिसर में शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनकी मांग थी कि मामले में एफआईआर दर्ज की जाए और रिपोर्ट की कॉपी उपलब्ध कराई जाए। पुलिस ने उन्हें समझाया कि यदि वे अतिरिक्त रिपोर्ट देंगे तो उसे पहले से दर्ज रिपोर्ट में शामिल कर लिया जाएगा, लेकिन परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे। 4. आधी रात तक चली समझाइश, फिर अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखा शव
गुड़ामालानी एसडीएम भंवरलाल विश्नोई और पुलिस अधिकारियों ने देर रात तक कई दौर की वार्ता कर परिजनों को समझाने का प्रयास किया। आखिर रात करीब 12 बजे परिजन माने और शव को गुड़ामालानी अस्पताल की मॉर्च्युरी में शिफ्ट कराया गया। देर रात करीब 1 बजे शव को मोर्चरी में रखवाया गया, लेकिन वहां भी परिजन धरने पर बैठे रहे। 5. एफआईआर और जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही पोस्टमॉर्टम की जिद
मृतक के परिजनों का कहना है कि उनकी बालोतरा एएसपी से बात हुई थी। उन्हें आश्वासन दिया गया था कि मंगलवार को एफआईआर और जांच रिपोर्ट उपलब्ध करा दी जाएगी। परिजनों का कहना है कि रिपोर्ट मिलने और उसे देखने के बाद ही वे शव का पोस्टमॉर्टम करवाएंगे। फिलहाल दूसरे दिन भी परिजन अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठे हैं। —– घटना से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें … पेड़ से टकराई तस्करों की कार, एक की मौत:20KM पीछा कर एक साथी पकड़ा; पुलिस से धक्का-मुक्की, थाने पर प्रदर्शन बालोतरा में शराब तस्करों की कार खेजड़ी के पेड़ से टकरा गई।हादसे में एक तस्कर की मौत हो गई, जबकि दूसरे को पुलिस ने पकड़ लिया। पढ़ें पूरी खबर

तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने टैंपो को टक्कर मारी,2 की मौत:3 गंभीर घायल, शिफ्ट पूरी कर फैक्ट्री से घर लौट रहे थे

अलवर जिले के बगड़ तिराहा थाना क्षेत्र में टैंपो-ट्रैक्टर की टक्कर में 2 युवकों की मौत हो गई। जबकि 3 लोग घायल हैं। घटना सहजपुर पेट्रोल पंप के पास सोमवार रात करीब ड़ेढ़ बजे की है। सभी मजदूर अशोक लीलैंड फैक्ट्री में काम कर घर लौट रहे थे। रोजाना की तरह काम खत्म कर लौट रहे थे घर जानकारी के अनुसार, जयसिंहपुरा निवासी सुनील जाटव (32) पुत्र मोतीलाल और नरेश जाटव (28) पुत्र उदयराम अपने ही गांव के साथी मुकेश, प्रेम और मिथलेश के साथ उद्योग नगर थाना क्षेत्र स्थित अशोक लीलैंड फैक्ट्री में काम करते थे। सोमवार देर रात करीब 1 बजे फैक्ट्री से शिफ्ट खत्म होने के बाद सभी रोजाना की तरह टेंपो में सवार होकर अपने गांव जयसिंहपुरा लौट रहे थे। इसी दौरान सहजपुर पेट्रोल पंप के पास सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने टेंपो को टक्कर मार दी। मौके पर ही तोड़ा दम, तीन अस्पतालों में भर्ती चश्मदीदों के मुताबिक टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सुनील और नरेश की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं टेंपो में सवार मुकेश, प्रेम और मिथलेश गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही बगड़ तिराहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायलों को तुरंत अलवर के तीन अलग-अलग निजी अस्पतालों में भर्ती कराया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। मासूम बेटियों के सिर से उठा पिता का साया, गांव में मातम पुलिस ने शनिवार सुबह दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। इस हादसे के बाद जयसिंहपुरा गांव में शोक की लहर है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। दर्दनाक बात यह है कि हादसे का शिकार हुए सुनील और नरेश दोनों ही शादीशुदा थे। दोनों के दो-दो बेटी है। नरेश के घर 8 महीने पहले ही बेटी ने जन्म लिया था।

नौकरी दिलाने के नाम पर 24.37 लाख की ठगी, गिरफ्तार:फर्जी नियुक्ति-पत्र बांटे; जमानत पर बाहर आते ही पुलिस ने फिर पकड़ा

जालोर में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 24.37 लाख रुपए की ठगी करने के आरोप में शिवगंज (सिरोही) पुलिस ने तखतगढ़ निवासी राकेश जीनगर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने डीएलबी की 2018 की एलडीसी भर्ती में पुराने रिकॉर्ड के आधार पर स्थायी नौकरी दिलाने का झांसा देकर सितंबर 2024 से जून 2025 के बीच अलग-अलग किस्तों में शिकायतकर्ता से 24.37 लाख रुपए वसूल लिए। इसके बाद 11 मार्च 2025 को जालोर नगर परिषद ले जाकर फर्जी नियुक्ति पत्र दिया और फर्जी जॉइनिंग का नाटक भी कराया। शिकायत मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू की, आरोपी को गिरफ्तार कर जालोर नगर परिषद में दस्तावेजों की जांच कराई, जहां नियुक्ति पत्र पूरी तरह फर्जी पाए गए। पढ़िए… सिलसिलेवार पूरा घटनाक्रम 1. नौकरी दिलाने के नाम पर 24.37 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार
नगर निकायों में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपए ठगने के मामले में शिवगंज (सिरोही) पुलिस ने तखतगढ़ (पाली) निवासी राकेश जीनगर को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ 3 जनवरी 2026 को शिवगंज थाने में 24 लाख 37 हजार 583 रुपए की ठगी का मामला दर्ज हुआ था। आरोपी को इससे पहले जालोर पुलिस भी गिरफ्तार कर चुकी है। 2. पुराने रिकॉर्ड का झांसा देकर रुपए लिए, फर्जी जॉइनिंग भी कराई
शिवगंज निवासी निर्मल कुमार ने पुलिस को बताया – राकेश जीनगर ने अपने साथियों के साथ मिलकर डीएलबी की 2018 की एलडीसी भर्ती के पुराने रिकॉर्ड के आधार पर स्थायी सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया। उसने जयपुर के अधिकारियों से पहचान और विभाग में सीधी पहुंच होने का दावा कर भरोसा जीता। इसके बाद दस्तावेज लेकर रिकॉर्ड तैयार करने, फाइल आगे बढ़ाने और नियुक्ति पत्र जारी कराने के नाम पर सितंबर 2024 से जून 2025 के बीच नकद, बैंक ट्रांसफर और फोन-पे के जरिए कुल 24.37 लाख रुपए ले लिए। 11 मार्च 2025 को वह शिकायतकर्ता को जालोर नगर परिषद लेकर गया, वहां ढाई लाख रुपए नकद लेने के बाद एक नियुक्ति पत्र दिया और शहरी आजीविका मिशन कार्यालय में रजिस्टर पर हस्ताक्षर करवाकर फर्जी जॉइनिंग तक करा दी, ताकि उसे नौकरी लगने का विश्वास हो जाए। 3. नौकरी नहीं मिली तो खुला राज, जांच में नियुक्ति पत्र फर्जी निकले
जब काफी समय बाद भी नौकरी की पुष्टि नहीं हुई तो शिकायतकर्ता ने अपने रुपए वापस मांगे। आरोप है कि राकेश जीनगर टालमटोल करता रहा और धमकियां देने लगा। इसके बाद मामला दर्ज कराया गया। जांच के दौरान सोमवार (6 जुलाई) को शिवगंज पुलिस आरोपी को जालोर नगर परिषद लेकर पहुंची और उसके दिए गए नियुक्ति पत्रों की जांच कराई। नगर परिषद के अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि नियुक्ति पत्र विभाग की ओर से जारी नहीं किए गए थे और पूरी तरह फर्जी हैं। 4. जमानत पर बाहर आने के बाद फिर पकड़ा गया आरोपी
जालोर पुलिस की गिरफ्तारी के बाद आरोपी 3 जुलाई को जमानत पर बाहर आया था। इसके बाद शिवगंज पुलिस ने इस मामले में जांच तेज की और शनिवार को उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस उसे नगर परिषद ले गई, जहां दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित पीड़ितों की भी जांच कर रही है। 5. कई और युवकों से भी ठगी, किसी ने प्लॉट बेचा तो किसी ने गहने गिरवी रखे
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने कई अन्य युवकों से भी सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर रुपए लिए। शिकायतकर्ता निर्मल कुमार ने 24.37 लाख रुपए जुटाने के लिए अपना प्लॉट बेच दिया, बाद में केसीसी और गोल्ड लोन भी लेना पड़ा। आहोर थाना क्षेत्र के रणछोड़ और मुकेश ने जमीन गिरवी रखकर 3-3 लाख रुपए दिए। तखतगढ़ के पारसमल ने दादी के गहने गिरवी रखकर 5.5 लाख रुपए दिए, जबकि लालाराम ने जमीन बेचकर लाखों रुपए दिए। पारसमल और लालाराम ने तखतगढ़ थाने में अलग-अलग मामले दर्ज कराए हैं, जिनमें आरोपी की गिरफ्तारी अभी बाकी है। — यह खबर भी पढ़े… लाखों में सरकारी नौकरी बांटने वाला ठग कोर्ट में पेश:हंसते हुए आया, 3 दिन के रिमांड पर भेजा; पैसे लेकर दिए थे फर्जी नियुक्ति पत्र जालोर में 4 साल से बांट रहा था फर्जी नौकरियां:अब तक 30 पीड़ितों को ठगा, 200 लोगों से करोड़ों रुपए वसूले फर्जी सरकारी नौकरियां बांटने वाला पकड़ा:जयपुर नगर निगम की फर्जी मेल से भेजता था जॉइनिंग लेटर

ससुराल में घर-जमाई की पीट-पीटकर हत्या, पत्नी डिटेन:घरेलू विवाद के बाद बच्चों के साथ मिलकर मारा, गंभीर हालत में हॉस्पिटल लेकर गए

बीकानेर में पत्नी ने बच्चों के साथ मिलकर पति की पीट पीटकर हत्या कर दी। युवक ससुराल में ही रहता था। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी पत्नी को डिटेन किया है। फिलहाल मौत के कारणों की जांच की जा रही है। घटना लूणकरणसर थाना क्षेत्र के हंसेरा गांव में सोमवार रात करीब 9 बजे हुई। घर में विवाद हुआ, मारपीट का आरोप
लूणकरणसर SHO गणेश विश्नोई के अनुसार, मूलाराम (50) पुत्र हिराराम, श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के कुन्तासर गांव का रहने वाला था। वह पिछले कुछ समय से हंसेरा गांव में अपने ससुराल में घर-जमाई के रूप में रह रहा था। सोमवार रात करीब 9 बजे घर में किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के दौरान मूलाराम के साथ मारपीट की गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोपी पक्ष ही अस्पताल लेकर पहुंचा
मारपीट के बाद घायल मूलाराम को आरोपी पक्ष ही हॉस्पिटल लेकर पहुंचा। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर लूणकरणसर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मॉर्च्युरी में रखवा दिया। साथ ही मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दी गई। पत्नी डिटेन, पुलिस कर रही पूछताछ
घटना के बाद पुलिस ने प्रथम दृष्टया मृतक की पत्नी विद्या देवी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है और मामले की जांच कर रही है। मृतक के हाथ-पैरों पर चोटों के निशन मिले हैं। वारदात में आरोपी महिला की भूमिका भी सामने आई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
फिलहाल इस मामले में कोई केस दर्ज नहीं किया गया है। पुलिस का कहना है कि मृतक के परिजनों के आने, उनके बयान दर्ज होने और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट होंगे। इसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले की सभी पहलुओं से जांच जारी है।

मंत्री के तोते पर MLA भतीजा 'फिदा':SDM के लेटर में नहीं सुधरी 'स्थिति'; खंभे वाली 'नायाब' सड़क

नमस्कार सुजानगढ़ वाले SDM साहब अपनी हिंदी को लेकर मशहूर हो गए। मंत्री चाचा के तोते पर विधायक भतीजे का दिल आ गया और झुंझुनूं में सड़क का नायाब नमूना देखने को मिला। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. SDM साहब के लेटर की ‘स्थिति’ सुजानगढ़ के SDM साहब का गोले वाला लेटर तो आपने देख ही लिया होगा। बुरा हो ऐसे चेक करने वालों का जो सरकारी आदेश को भी इतना गौर से देखते हैं और मीन-मेष निकालते हैं। बात की गहराई में जाना चाहिए, वर्तनी में क्या रखा है? बात इतनी सी है कि बालाजी के मंदिर में कैमरानुमा ऐसी कोई चीज लेकर नहीं जा सकते जिससे अंदर संभावित मारपीट को रिकॉर्ड किया जा सके। हाल की घटना से प्रेरित होकर मंदिर पदाधिकारियों ने यह फैसला किया और सुजानगढ़ के SDM साहब ने आदेश जारी कर दिया। हो न हो, आदेश की कॉपी किसी छिद्रान्वेषी के हाथ लग गई। उसने लेटर को गौर से पढ़ा और जगह-जगह गोले लगा दिए। फिर आदेश की कॉपी को सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। कॉपी वायरल हो गई। कॉपी में गोले लगाने वाले से भी एक मिस्टेक हुई। उसने ‘स्थिति’ पर भी गोला लगा दिया। जबकि स्थिति बिल्कुल ठीक लिखा था। हो सकता है कि स्थिति पर गोला लगाने के पीछे उसका मकसद उस ‘स्थिति’ से था जो पूरे पत्र में झलक रही थी। खैर, सोशल मीडिया पर भद्द पिटी तो फौरन नया आदेश जारी कर दिया गया। जहां-जहां गोले लगे थे उन सब शब्दों को ठीक कर दिया गया। इस बीच ठीक करने वाले की नजर ‘स्थिति’ पर गई। स्थिति पर गोला लगे देख उसने सोचा कि गलत लिखा है। नए आदेश में उसने स्थिति को ‘स्थिती’ लिख दिया। हिंदी दिवस आने में 2 महीने बाकी हैं। हिंदी मातृभाषा है। लेकिन सरकारी कार्यालयों में इसकी ‘स्थिति’ क्या है, आप भी समझते होंगे। 2. मंत्रीजी का तोता 2013 में कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले की सुनवाई के दौरान तत्कालीन जस्टिस आर.एम. लोढ़ा की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा था- CBI पिंजरे में बंद ऐसा तोता है जो अपने मालिक की बोली बोलता है। यह वाक्य कहावत बन गया। CBI का तो पता नहीं लेकिन मंत्रीजी का तोता आजाद है। वह कंधों पर बैठकर जनसुनवाई देखने का अभ्यस्त हो चुका है। तोते को मालिक पर भरोसा हो जाए तो उसे पिंजरे की जरूरत नहीं। कुछ बातें तोता मंत्रीजी से सीखता है तो कुछ बातें मंत्रीजी तोते से सीखते हैं। मंत्रीजी को लेकर विरोधी तीखी बयानबाजी करते हैं। तोते को तीखी मिर्ची पसंद है। तोते की तरह मंत्रीजी भी तीखापन पचा जाते हैं। तोते को रटने की आदत होती है। कुछ बातें मंत्रीजी बार-बार दोहराते हैं। हो सकता है कि बोलने का इल्म सीखने के बाद तोते से अहम जानकारियां निकलें। हालांकि मंत्रीजी नहीं चाहते कि उनका प्यारा तोता उड़ जाए। लेकिन उन्होंने खाद-बीज का घपला करने वालों के तोते उड़ा रखे हैं। मंत्रीजी की महत्वकांक्षाएं ऊंची रहीं, गाहे-बगाहे वे व्यक्त भी करते रहे। लेकिन पार्टी-संगठन उनके लिए सबसे ऊपर है। तो कह सकते हैं कि महत्वकांक्षा के मर्ज को वे तोते की तरह पाल रहे हैं। बाकी उनका पालतू तोता है बड़ा भाग्यवान। मंत्रीजी से फुरसत मिलती है तो विधायक भतीजे का प्यार बरसने लगता है। 3. चलते-चलते.. पाकीजा में कैफी आजमी साहब ने बहुत खूबसूरत गीत लिखा। गीत था- चलते चलते यूं ही कोई मिल गया था। अगर आजमी साहब झुंझुनूं की सड़कों पर चलते तो उन्हें चलते-चलते खंभा जरूर मिल जाता। शहर के चूरू बाइपास पर सड़क के बीचों बीच खंभा है। सड़क के बीच खंभा देख आजमी साहब आनंद बख्शी की तरह लिखने लगते- चलते चलते यूं ही रुक जाता हूं मैं। सड़क के साइड में तो खंभा हर जगह होता है। बात तो तब है जब खंभा सड़क के बीचों बीच हो। चलने वाले का सिर जब तक खंभे से न टकराए, तब तक कैसे पता चलेगा कि गांव में बिजली भी है। वैसे खंभे को लेकर जनप्रतिनिधि व्यंजना में बात करते हैं। कहते हैं कि मेरा कार्यकाल तो 6 महीने पहले ही खत्म हो चुका। मैं तो निवर्तमान हूं। उनकी बात सुनकर लगता है कि अब तक स्कूल में काल गलत पढ़ाए गए। भूत-भविष्य तो ठीक है, लेकिन वर्तमान में निवर्तमान भी होता है। लोगों का कहना है कि बार-बार उन्होंने गुहार लगाई। लेकिन ठेकेदार नक्शे से टस से मस नहीं हुआ। यकीनन वह भी उस स्कूल से पास-आउट होगा जिसमें बोर्ड पर ध्येय वाक्य लिखा जाता था- राह में कोई बाधा आए, रुकना नहीं। किसी की कोई गलती नहीं। खंभा ही जिद्दी है जो इतनी मजम्मत के बाद भी बेशर्मी से खड़ा है। सड़क भी कुछ कम नहीं। बनते वक्त ही उसे कहना चाहिए था- जरा सा झूम लूं मैं, जरा सा घूम लूं मैं। खैर, गांव में सेल्फी पॉइंट की कमी थी, अब प्रदर्शन के बहाने लोग उस कमी को पूरा कर रहे हैं। इनपुट सहयोग- सुनील स्वामी (सुजानगढ़, चूरू), इम्तियाज भाटी (झुंझुनूं), राघवेंद्र गुर्जर (दौसा)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।

जालोर में नदी में पलटी जीप,चित्तौड़गढ़ में 3 की मौत:पाली सहित कई जिलों में 2 इंच से ज्यादा बारिश; राजस्थान में अतिभारी बरसात की चेतावनी

राजस्थान में झमाझम बारिश का दौर जारी है। आज भी 7 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। जैसलमेर को छोड़कर अन्य जिलों में यलो अलर्ट है। कोटा में मंगलवार सुबह तेज बारिश हुई। वहीं, जालोर, पाली में नदी-नाले उफान पर हैं। सोमवार को जोधपुर, पाली, जालोर, बाड़मेर में सोमवार को 3 इंच तक पानी बरसा। जोधपुर में तेज बारिश के बाद हाईवे पर पानी भर गया। चित्तौड़गढ़ में बिजली गिरने से एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत हो गई। जालोर में नदी में जीप पलट गई। मौसम विभाग ने राज्य में 9 जुलाई तक भारी से अतिभारी बारिश का दौर जारी रहने का अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खड़ी में बने डिप्रेशन सिस्टम और मानसून ट्रफ के दक्षिण-पश्चिम से होकर गुजरने के कारण राजस्थान में अच्छी बारिश हो रहा है। राजस्थान के मौसम की PHOTOS… गर्मी-बारिश के बड़े अपडेट्स मंदिर के बाहर नदी की तरह पानी, बिजली गिरी: जालोर, चित्तौड़गढ़, पाली सहित कई जिलों में लगातार बारिश से परेशानी बढ़ी रही है। चित्तौड़गढ़ तेज बारिश के बीच बिजली गिरने से एक बच्चे सहित तीन लोगों की मौत हो गई। पाली जिले में बेडा नदी उफान पर है। जालोर के सुंधा माता मंदिर के सामने पानी नदी के वेग में बह रहा है। पाली-जोधपुर में झमाझम बरसात: पिछले 24 घंटे में पाली के देसुरी में 82MM, मारवाड़ जं. में 25, रोहट में 28, रानी में 25 मिमी बारिश हुई। वहीं, जोधपुर के झंवर में 53, लूणी में 44, कुड़ी भगतासनी में 23, शेखला में 18 एमएम पानी बरसा। सीकर, झुंझुनूं, प्रतापगढ़ राजसमंद में भी दो इंच तक बरसात रिकॉर्ड हुई। इनके अलावा दौसा, सिरोही, बांसवाड़ा, उदयपुर, अलवर समेत अन्य कई जिलों में भी हल्की बारिश हुई। कोटा-उदयपुर संभाग में ऑरेंज अलर्ट: मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया- पूर्वी भारत में बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन सिस्टम आगे बढ़कर दक्षिण-पूर्वी झारखंड तक आ गया है और लगातार पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके चलते राजस्थान के कोटा, उदयपुर, जोधपुर संभाग के एरिया में 9 जुलाई तक भारी से अतिभारी बारिश देखने को मिल सकती है। दिन में तेज गर्मी-उमस: पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर, गंगानगर, चूरू में तेज गर्मी, उमस रही। जैसलमेर में अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, लेकिन यहां शाम होने के बाद मौसम में बदलाव हुआ और हल्की बारिश ने गर्मी से राहत दी।

सरकारी स्कूलों में पर्ची का खेल, कहां गए 503 करोड़?:राजस्थान में बच्चों की जान खतरे में, मरम्मत के नाम पर फर्जीवाड़ा

राजस्थान के 20 हजार से ज्यादा सरकारी स्कूलों की बिल्डिंग की मरम्मत के लिए जारी 503 करोड़ के बजट में हुए करोड़ों के फर्जीवाड़े का खुलासा आपने पार्ट-1 में पढ़ा (लिंक सबसे आखिरी में)। आज पार्ट-2 में पढ़िए- जिम्मेदारों की कौनसी लापरवाहियों के चलते ये हुआ। भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि अफसरों ने ज्यादातर स्कूलों का फिजिकल सर्वे ही नहीं किया। बगैर किसी आकलन के सभी स्कूलों में लगभग एक जैसे काम कराने के जनरल शेड्यूल (निर्माण लागात की रेट सूची) बनाए गए। कई स्कूलों के मुखिया को जी-शेड्यूल की कॉपी नहीं दी गई, जिसके चलते ठेकेदारों ने मनमाने तरीके से काम किए। अधिकारियों ने बिना उस काम को मौके पर चेक किए ही NOC जारी कर दी। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… ठेकेदारों को पर्चियों पर लिखकर बताए अलग काम दौसा जिले के अतिरिक्त जिला समन्वयक समग्र शिक्षा (ADPC) कार्यालय ने 4 दिसंबर 2025 को 1010 स्कूलों में एक ही टेंडर में प्रति स्कूल 1 लाख 96 हजार रुपए के हिसाब से कुल 19 करोड़ 79 लाख 60 हजार रुपए के स्कूल वाइज टेंडर निकाले थे। कई ठेकेदारों को बल्क में ये काम मिले थे। पड़ताल में सामने आया कि स्कूलों में क्या काम होगा, इसे सार्वजनिक ही नहीं किया गया। समसा के इंजीनियर (JEN) विजय सिंह से जी-शेड्यूल की जानकारी मांगी तो उन्होंने एक पीडीएफ भेजी। उस पीडीएफ में 26 तरह के काम दर्शाए गए। चौंकाने वाली बात ये है कि जर्जर हो चुके ज्यादातर स्कूलों में ऐसे कार्यों की जरूरत तक नहीं थी। बिना स्कूल की जरूरत या उसका सर्वे किए जी-शेड्यूल तय किए गए। पड़ताल में सामने आया कि दौसा जिले में ठेकेदारों को पर्चियों पर काम लिखकर दिए गए। भास्कर के पास इस बदले गए जी शेड्यूल की हेंड रिटन पर्ची हैं, जो ठेकेदारों को भेजी गई थी। एजुकेशन का काम देखने वाले अफसरों को बिल्डिंग सुधारने का जिम्मा डीडवाना-कुचामन जिले में बिल्डिंगों की मरम्मत का जिम्मा ऐसे विभाग और अफसरों को दिया गया, जिनका इनसे संबंध नहीं है। शिक्षा विभाग में बिल्डिंग निर्माण के लिए अलग से विभाग बना हुआ है- समग्र शिक्षा अभियान (समसा)। प्रदेश के कई जिलों में काम इसी एजेंसी को सौंपा गया। कुछ जिलों में पंचायत समितियों को भी नोडल एजेंसी बनाया गया। डीडवाना-कुचामन में दो ब्लॉक कुचामन और मौलासर के लिए टेंडर सीबीईओ स्तर से निकाले गए थे। सीबीईओ का काम शिक्षा और स्कूल संचालनों को देखना होता है। मौलासर सीबीईओ ने 154 स्कूलों में तो कुचामन सीबीईओ ने 229 स्कूलों के लिए प्रत्येक स्कूल में एक लाख 96 हजार रुपए के रिपेयर खर्च के हिसाब से टेंडर किए थे। कलेक्टर ने बनाया था एजेंसी कुचामन सीबीईओ बीएल खोखर ने बताया कि हमें तो तत्कालीन जिला कलेक्टर डॉक्टर महेंद्र खगड़ावत ने ही कार्यकारी एजेंसी बनाया था, इसके आदेश जारी हुए थे। हमने ये टेंडर किए और काम करवाए। 229 स्कूलों में से हमने 225 स्कूलों में काम पूरे करवाए हैं, तीन बिल्डिंग ज्यादा डैमेज थी और एक नई थी तो उनमे काम नहीं करवाया गया। मौलासर सीबीईओ रामचंद्र ने बताया कि 154 में से हमने 225 स्कूलों में काम पूरे करवाए हैं। जिला कलेक्टर को इसके लिए मना भी किया था। अब उन्होंने हमें क्यों कार्यकारी एजेंसी बनाया, ये तो वहीं बता सकते हैं। टेंडर 116 स्कूल का, काम हुआ 39 स्कूलों में अजमेर जिले में समसा एडीपीसी के अतिरिक्त इन सभी ब्लॉक में संबंधित पंचायत समिति कार्यालयों को भी कार्यकारी एजेंसी बनाया गया था। उन्होंने भी पंचायत समिति वार टेंडर किए। लेकिन कई पंचायत समितियों में आधे स्कूलों में काम नहीं हुआ। सरकारी आंकड़ों में दावा है….
सिंगल फर्मों को भी ठेके जारी अजमेर की पीसांगन पंचायत समिति में कई काम ऐसे मिले, जहां टेंडर में सिर्फ एक ही फर्म ने भाग लिया और उसे मामूली रेट पर ठेके दे दिए गए। गोविंदगढ़ और पिचौलिया पंचायतों में करीब 29.14 लाख रुपए के काम एक ही फर्म, मैसर्स एमडीआर कंस्ट्रक्शंस एंड सप्लायर्स को दिए गए। संचालक का कहना है कि कई स्कूलों ने काम कराने से मना कर दिया, इसलिए सभी काम पूरे नहीं हो सके। काम का पेमेंट हो गया है। पीसांगन पंचायत समिति ने मैसर्स भड़ाना कंस्ट्रक्शन को 74.81 लाख रुपए और मैसर्स टीकमचंद कुमावत कॉन्ट्रेक्टर को 28.69 लाख रुपए के कार्य जारी किए। टीकमचंद कुमावत ने बताया कि उन्हें केवल मोजेक टाइल्स लगाने का निर्देश दिया गया था, लेकिन कई स्कूलों ने काम नहीं कराया। काम का पेमेंट हो गया। 4 लेवल पर बरती एक से एक बड़ी लापरवाही? 1. जल्दबाजी में सभी स्कूलों के एक जैसे जी-शेड्यूल : जिला कलेक्टर ने समसा और पंचायत समितियों को कार्यकारी एजेंसियां बनाया था। ऐसे में इन डिपार्टमेंट के टेक्निकल ऑफिसर्स को सभी स्कूलों का सर्वे कर जी- शेड्यूल एस्टीमेट बनाने थे। यानी स्कूल की बिल्डिंग मजबूत करने के लिए कहां-कहां मरम्मत की जरूरत है। इसके बाद ही टेंडर जारी करने थे। बिना स्कूल की जरूरत जाने और भौतिक सत्यापन किए बगैर ही एक जैसे जी-शेड्यूल बना दिए गए। 2. जल्दबाजी में टेंडर : समसा और पंचायत समितियों को वर्क ऑर्डर जारी करने थे। जल्दबाजी में टेंडर जारी किए। इसके चलते कई जगहों पर सिंगल फर्मों की बिड मिली और उन्हें टेंडर जारी कर दिए गए। 3. मॉनिटरिंग में कमी : फर्म को स्कूल में जी-शेड्यूल अनुसार अपना काम पूरा करना था। स्कूल हेड और स्थानीय सरपंच से उसे वेरिफाई करवाना था। कई स्कूलों में इन लोगों को जी शेड्यूल ही नहीं दिखाए गए। इससे मॉनिटरिंग नहीं हुई। जहां स्कूल हेड ने सवाल जवाब किए उन्हें मौखिक ही काम बता दिए गए। 4. इंस्पेक्शन की कमी : कॉन्ट्रेक्टर फर्मों को लोकल लेवल के तीन अलग-अलग डिपार्टमेंट के टेक्निकल अधिकारियों (एईएन) से काम को वेरिफाई करवाकर बिल पर साइन करवाने थे। इसके बाद संबंधित एसडीएम की तरफ से भी बिल वेरिफाई होना था। अगर ये अधिकारी मौके पर जाते तो अधूरे काम पर कहीं तो आपत्ति दर्ज होती। फर्मों को नोटिस जारी होते। लेकिन जाहिर है अधिकतर जगहों पर ये काम कागजों में ही पूरा कर दिया गया, यही वजह है कि 31 मार्च 2026 से पहले-पहले बिल पास हो गए। जिम्मेदार अफसरों से सवाल-जवाब सवाल : जल्दबाजी में जी-शेड्यूल बनाए गए, कई स्कूलों में जिस काम की जरूरत नहीं थी वो भी जी-शेड्यूल में दिखाए? जवाब : सभी कार्यों का एस्टीमेट बनाने से लेकर, टेंडर करना और कार्य पूरा होने के बाद भुगतान तक की प्रक्रिया पिछले साल 31 मार्च तक पूरी की जानी थी। हमें महज 90 दिन मिल पाए थे, ऐसे में समसा को जितने कार्यों के लिए एजेंसी बनाया गया था, उसमे से अधिकांश कार्य पूरे करवा दिए हैं। समय कम होने से कुछ काम रह भी गए हैं। इसमें प्रत्येक स्कूल वार उस स्कूल की जरुरत के हिसाब से ही जी शेड्यूल तैयार करना था और इन दो लाख रुपए से बिल्डिंग को रिपेयर करना था। सवाल : जी-शेड्यूल में जो तय हुआ था, उसके अनुसार काम नहीं हुए, वेरिफिकेशन की जिम्मेदारी किसकी थी? जवाब : नहीं, जी शेड्यूल के अनुसार ही काम हुआ होगा, उसी के अनुसार बिल बना होगा। जिसमें कुछ क्वांटिटी में कई बार सेविंग रह जाती है और कुछ क्वांटिटी में एक्सेस भी हो जाता है। तो जो एक्सेस है, उसकी पावर के हिसाब से संबंधित अधिकारी ने अप्रूवल देकर काम करवाया होगा। फिर उसका वेरिफिकेशन इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की एजेंसी ने किया गया होगा। तो ऐसा भी नहीं है कि जी-शेड्यूल के बराबर काम नहीं हुआ। सवाल : डीडवाना-कुचामन जिले में ब्लॉक स्तर के शिक्षा अधिकारियों (सीबीईओ) को ही टेंडर की जिम्मेदारी सौंप दी गई? जवाब : इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं हैं। हालांकि सीबीईओ लेवल को ये टेंडर करने का अधिकार नहीं हैं और न ही पावर है। …. पार्ट-1 की खबर यहां पढ़ें सरकारी स्कूलों में 503 करोड़ के फंड में फर्जीवाड़ा : छतों की दरारों में रंग भरकर छोड़ा, 5 जिलों 20 स्कूलों में पहुंचा रिपोर्टर, सामने आया सच झालावाड़ के पिपलोदी में स्कूल की छत गिरने से 7 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हुई थी। सबक लेते हुए सरकार ने 503 करोड़ का बजट जारी किया। लेकिन जिम्मेदारों की नाक के नीचे ऐसा फर्जीवाड़ा हुआ, जिसने हजारों मासूमों की जिंदगी को फिर से खतरे में डाल दिया है…(CLICK कर पूरा पढ़ें)

4-माह की मासूम से दुष्कर्म,सजा सुनाते जज की आंखें नम:फैसले में कविता लिखी- अरे शर्म करो मर्द, समझो उस लड़की का दर्द

चार माह की मासूम से दुष्कर्म के मामले में जोधपुर जिला विशेष न्यायालय (पॉक्सो) के न्यायाधीश डॉ. दुष्यंत दत्त ने आरोपी को आजीवन जेल की सजा सुनाई है। आरोपी पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। सोमवार को सजा सुनाते हुए जज की आंखें नम हो गई। उन्होंने फैसले में क्या यही है मर्द की पहचान….शर्म करो मर्द कविता की पंक्तियां भी लिखीं। कोर्ट ने पीड़ित के पुनर्वास के लिए 15 लाख की प्रतिकर राशि एफडी के रूप में बालिग होने तक जमा कराने तथा उस पर मिलने वाला मासिक ब्याज पीड़ित की माता को देने के आदेश दिए हैं। सबसे पहले जानिए- क्या है मामला 14 मार्च 2025 को पीड़िता के माता-पिता फैक्ट्री में मजदूरी पर गए थे और चार माह की बालिका कमरे में अकेली थी। इसी दौरान आरोपी कमरे में घुसा और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद लोगों ने आरोपी को मौके पर पकड़ लिया। पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद जांच पूरी कर कोर्ट में चार्जशीट पेश की। सरकारी एडवोकेट नरपत चौधरी ने सुनवाई में कई सबूत कोर्ट को दिए। कोर्ट ने मूलतः बिहार और वर्तमान में जोधपुर ग्रामीण क्षेत्र निवासी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। ऐसे अपराधी के लिए ‘पशुवत’ शब्द का प्रयोग भी उचित नहीं- जज न्यायाधीश डॉ. दुष्यंत दत्त ने 66 पेज के जजमेंट में कहा कि यह घटना समाज के लिए अत्यंत चिंताजनक और अंतर्मन को झकझोर देने वाली है। उन्होंने लिखा कि- जिस देश में कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर पूजा जाता है, वहां इस प्रकार की घटना अत्यंत पीड़ादायक है। न्यायालय ने यह भी कहा कि ऐसे अपराधी के लिए ‘पशुवत’ शब्द का प्रयोग भी उचित नहीं है, क्योंकि पशु भी अपने स्वाभाविक नियमों के विपरीत ऐसा अमानवीय कृत्य नहीं करते। जज ने फैसले में कवियत्री हीना जैन की पंक्तियां लिखीं… महिला जज ने भी सजा सुनाते हुए कविता लिखी थी तीन महीने पहले टोंक में मूक-बधिर युवती से रेप करने वाले को महिला जज ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके साथ ही 1.25 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया था। स्पेशल जज (अनुसूचित जाति-जनजाति) आरती माहेश्वरी ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए कविता भी लिखी थी।

2 करोड़ का प्लॉट बेचने के 2 महीने बाद हत्या:झज्जर में दोस्त संग डेडबॉडी मिली; साथ रहने वाले दो गायब, इन्होंने एक्सीडेंट बताया था

झज्जर में मिली दो लाशों के मामले में खुलासा हुआ है। मंगलवार को पोस्टमॉर्टम के लिए पहुंचे इरशाद (40) के भाई हकीकत ने सतीश और सिकंदर पर शक जताया है। उनका कहना है कि दोनों इनके साथ ही रहते थे। 6 जुलाई को सतीश ने फोन कर पहले दोनों के एक्सीडेंट की सूचना दी थी। बाद में वह और सिकंदर अस्पताल भी पहुंचे, लेकिन कुछ देर बाद वहां से चले गए। अब दोनों गायब हैं। इनके खिलाफ शिकायत दी है। यह भी सामने आया है कि कामिल (50) ने दो महीने पहले ही मेरठ में 2 करोड़ रुपए में प्लॉट बेचा था। वो 4 जुलाई को इरशाद के साथ ब्लैक स्कॉर्पियो में राजस्थान के नीमराना के लिए निकला था। कामिल प्रॉपर्टी का काम करता था। कामिल उसके साथ मुंशी का काम संभालता था। पहले जानिए, डबल मर्डर का पूरा घटनाक्रम… 6 जुलाई को आया एक्सीडेंट का फोन इरशाद के भाई हकीकत ने बताया कि कामिल के तीन बेटे और तीन बेटियां हैं। उसके 2 बेटों की शादी हो चुकी है। वहीं इरशाद के परिवार में तीन बेटियां हैं। 20 साल से दोनों साथ ही थे। इस कारण पारिवारिक रिश्ता बन गया था। 6 जुलाई को सतीश ने कामिल के बेटे को फोन कर कहा था कि कामिल और इरशाद का एक्सीडेंट हो गया है। हकीकत ने आगे बताया- सूचना मिलने के बाद परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। सतीश और सिकंदर अस्पताल भी आए थे, लेकिन कुछ देर बाद वहां से चले गए। उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं थी और कामिल का कारोबार भी अच्छी तरह चल रहा था। इसलिए उन्हें सतीश और सिकंदर पर शक है। पुलिस दोनों से पूछताछ भी कर चुकी है। SHO बोले- गिरफ्तारी के लिए टीमें लगीं सदर थाना SHO परमजीत ने बताया- दोनों मृतकों का आज बोर्ड की तरफ से पोस्टमॉर्टम कराया गया। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए हमारी टीमें लगी हुई हैं। जो मौके पर ड्रम मिला है, वह ज्यादा बड़ा नहीं था। शवों को जलाने की कोशिश के एंगल पर भी जांच कर रहे हैं। दोनों के मोबाइल भी गायब हैं। —————- यह खबर भी पढ़ें… झज्जर में डबल मर्डर में बड़ा खुलासा:यूपी के रहने वाले थे दोनों, राजस्थान में PG चलाते थे; नीले ड्रम में शव जलाने की कोशिश झज्जर में गुरुग्राम रोड पर सोमवार सुबह सहवाग इंटरनेशनल स्कूल के पास मिले अर्धनग्न शवों की पहचान हो गई। दोनों यूपी के मुजफ्फरनगर के रहने वाले थे और राजस्थान के नीमराना में एक PG चलाते थे। (पूरी खबर पढ़ें)