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निगम के पूर्व चेयरमैन के मामा की हाथ-पैर बांधकर हत्या:80 साल के दिनेश अग्रवाल घर में अकेले रहते थे, पूर्व CMHO के चचेरे भाई थे

अलवर शहर में बुजुर्ग दिनेश चंद अग्रवाल की घर में बेरहमी से हत्या कर दी गई। बदमाशों ने बुजुर्ग के हाथ-पैर और मुंह बांधकर वारदात को अंजाम दिया और घर में लूटपाट की। यह वारदात गुरुवार शाम करीब 7 बजे खदाना मोहल्ले में हुई। दिनेश चंद अग्रवाल (80) नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन अजय अग्रवाल के सगे मामा और पूर्व सीएमएचओ (CMHO) डॉ. सुबोध अग्रवाल के चचेरे भाई थे। बुजुर्ग की हत्या की खबर फैलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। दिनेश चंद का एक बेटा विकास अग्रवाल हैं, वे एमआर हैं। वे स्कीम चार में रहते हैं। पिता खदाना मोहल्ले के मकान में अकेले रहते थे। रोजाना खाना खाने आते थे बेटे के घर, नहीं पहुंचे तो किया फोन मृतक की पुत्रवधू रीमा अग्रवाल ने बताया- मेरे ससुर दिनेश चंद अग्रवाल खदाना मोहल्ले वाले मकान में अकेले रहते थे। वे स्वाभिमानी थे और बुढ़ापे में भी अपना सारा काम खुद करते थे। वे रोजाना दोपहर और रात का खाना खाने के लिए खदाना मोहल्ले से स्कीम नंबर 4 स्थित बेटे के घर आते थे। जब वे काफी देर तक गुरुवार को खाना खाने नहीं पहुंचे तो बेटे विकास ने फोन किया। उनका लैंड लाइन नंबर बंद आया। इसके बाद बेटा खदाना मोहल्ले वाले घर आया तो घर में पिता मृत पड़े मिले। पूरा सामान बिखरा हुआ मिला। पिता के हाथ पैर और मुंह भी बंधा हुआ था। चारपाई पर बंधा मिला शव परिजनों ने बताया कि देर शाम करीब साढ़े 7 बजे घर के अंदर दाखिल हुए तो उनके होश उड़ गए। कमरे में चारपाई पर दिनेश चंद अग्रवाल का शव पड़ा था। बदमाशों ने उनके हाथ, पैर और मुंह को कपड़ों से कसकर बांध रखा था, ताकि वे चिल्ला न सकें। पूरे घर की अलमारियां टूटी हुई थीं और सारा सामान बिखरा पड़ा था। लाख-डेढ़ लाख कैश रखते थे पास, बदमाशों को लग गई थी भनक! घटना की सूचना मिलते ही पूर्व चेयरमैन अजय अग्रवाल मौके पर पहुंचे और तुरंत अलवर एसपी को मामले की जानकारी दी। अजय अग्रवाल ने बताया- दिनेश जी रिश्ते में मेरे सगे मामा थे। वे बेहद स्वाभिमानी व्यक्ति थे। बुढ़ापे में भी वे बैंक से नए नोट लाकर जरूरतमंदों को देने का छोटा-मोटा काम करते थे। उनके पास हमेशा लाख-डेढ़ लाख रुपए कैश रहता था। ऐसा लगता है कि किसी नजदीकी या बदमाश को इस कैश की भनक लग गई थी। इसी वजह से बदमाशों ने रेकी कर घर में प्रवेश किया और उनकी हत्या कर दी। पुलिस जांच में जुटी सूचना मिलते ही अलवर पुलिस के मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर साक्ष्य जुटाने आसपास के लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि बदमाशों का सुराग लगाया जा सके।

हाईकोर्ट ने PTI भर्ती-2022 में नियुक्ति रोकने से किया इनकार:स्थायी डिबार आदेश पूर्व प्रभाव से लागू नहीं होगा, सत्यापन कर दें नियुक्ति

राजस्थान हाईकोर्ट ने पीटीआई ग्रेड-3 भर्ती 2022 के अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने कहा- भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी स्थायी डिबार आदेश को पूर्व प्रभाव से लागू कर उम्मीदवारों की नियुक्ति नहीं रोकी जा सकती। जस्टिस कुलदीप माथुर की बेंच ने राज्य सरकार और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (आरएसएसबी) को निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा- अभ्यर्थियों के वर्तमान शैक्षणिक दस्तावेजों का सत्यापन किया जाए और दस्तावेज सही पाए जाने पर मेरिट के अनुसार नियुक्ति दी जाए। ये था पूरा मामला याचिकाकर्ताओं की वर्ष 2018 की पीटीआई भर्ती में प्रस्तुत बी.पी.एड. डिग्रियां सत्यापन में वास्तविक नहीं पाई गई थीं। इसके कारण उन्हें नियुक्ति नहीं मिली थी। इसके बाद उन्होंने मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों से नई बी.पी.एड. डिग्रियां हासिल कीं और वर्ष 2022 की भर्ती परीक्षा में चयनित हो गए। हालांकि साल 2024 में उन्हें भविष्य की सभी आरएसएसबी परीक्षाओं से स्थायी रूप से डिबार कर दिया गया था। कोर्ट ने पाया कि डिबार करने से पहले अभ्यर्थियों को सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन भी नहीं हुआ। इसलिए यह डिबार आदेश वर्ष 2022 की भर्ती पर लागू नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने चार माह के भीतर दस्तावेजों का सत्यापन पूरा कर योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने के निर्देश दिए हैं।

जयपुर में एक साथ दबोचे गए 313 बदमाश:अपार्टमेंट से 3 युवतियों समेत 94 संदिग्ध हिरासत में, बिना वेरिफिकेशन के रह रहे थे

जयपुर पुलिस आयुक्तालय (कमिश्नरेट) ने गुरुवार को अपराधियों के खिलाफ बड़ा ‘एरिया डॉमिनेशन’ अभियान चलाते हुए पूरे शहर में कार्रवाई की। अभियान के तहत हार्डकोर अपराधियों, गैंग के सदस्यों, हिस्ट्रीशीटरों और वांछित बदमाशों पर एक साथ शिकंजा कसा गया। पुलिस ने 313 बदमाशों (अपराधियों) को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक सक्रिय गैंग के सदस्य को भी दबोचने में सफलता मिली है। पुलिस टीमों ने जयपुर उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम के सभी थाना क्षेत्रों में एक साथ मोर्चा संभाला। इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन जांच की गई, अपराधियों के ठिकानों पर दबिश दी गई, हिस्ट्रीशीटरों का भौतिक सत्यापन किया गया और संवेदनशील इलाकों में विशेष गश्त (पेट्रोलिंग) की गई। पुलिस की इस अचानक हुई कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मच गया। 14 मामले दर्ज, अवैध शराब और हथियार जब्त पुलिस ने अलग-अलग थानों में कुल 14 नए मामले दर्ज किए। इनमें आबकारी अधिनियम (Excise Act) के तहत 10, आर्म्स एक्ट (हथियार कानून) के तहत 1, एनडीपीएस एक्ट (नशीले पदार्थ) के तहत 1 और आरएनसी एक्ट (RNC Act) के तहत 2 प्रकरण शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 173 पव्वे अवैध शराब भी जब्त की है। 54 बदमाशों पर निरोधात्मक कार्रवाई, वारंटियों की धरपकड़ पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत 54 व्यक्तियों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की। इसके अलावा, लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 12 स्थायी वारंटों का निस्तारण किया गया और 10 गिरफ्तारी वारंट तामील करवाकर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने खुद हार्डकोर अपराधियों, गैंग के सदस्यों और हिस्ट्रीशीटरों के ठिकानों पर जाकर उनका भौतिक सत्यापन किया और उनकी वर्तमान गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए। जयपुर पुलिस ने इस अभियान के दौरान अवैध शराब, मादक पदार्थों, अवैध हथियारों और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ चौतरफा कार्रवाई की। जिन थाना क्षेत्रों में अपराधियों की सक्रियता चिह्नित की गई थी, वहां विशेष टीमें बनाकर लगातार दबिश दी गई। खोह नागोरियान थाना क्षेत्र में बड़ा सर्च अभियान खोह नागोरियान थाना क्षेत्र में भी पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की। पुलिस आयुक्त (कमिश्नर) सचिन मित्तल और डीसीपी (पूर्व) रंजिता शर्मा के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आलोक सिंघल तथा एसीपी विनोद शर्मा के सुपरविजन में थाना प्रभारी प्रकाशराम के नेतृत्व में 12 पुलिस टीमों ने सुबह पांच बजे से सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। गिरनार अपार्टमेंट से 3 युवतियों समेत 94 संदिग्ध हिरासत में स्विगी, जोमैटो, ओला और उबर जैसी कंपनियों के गिग वर्कर्स (डिलीवरी बॉयज/राइडर्स) के साथ लगातार हो रही चोरी, लूट, छीना-झपटी और मारपीट की घटनाओं को देखते हुए आवासन मंडल की ‘गिरनार अपार्टमेंट सोसायटी’ में विशेष तलाशी अभियान चलाया गया। यहां बिना रेंट एग्रीमेंट (किरायानामा) और बिना पुलिस वेरिफिकेशन (सत्यापन) के रह रहे 3 युवतियों सहित कुल 94 संदिग्ध व्यक्तियों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत गिरफ्तार कर पाबंद किया गया। 20 संदिग्ध वाहन जब्त सर्च ऑपरेशन के दौरान बिना नंबर प्लेट और अवैध रूप से संचालित किए जा रहे 20 संदिग्ध वाहनों को मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) एवं अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत जब्त किया गया। अवैध शराब बेचने वाली तीन महिलाओं समेत चार गिरफ्तार हाल ही में चलाए गए इस विशेष अभियान के दौरान आबकारी अधिनियम के तहत भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की गई। इस कार्रवाई में तीन महिलाओं सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ चार अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। जुआ खेलते चार आरोपी गिरफ्तार राजस्थान सार्वजनिक द्यूत (जुआ) अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 13,380 रुपये की जुआ राशि जब्त की है। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं।

टोंक में 11वीं की छात्रा ने किया सुसाइड:कमरे में फंदे पर लटका मिली बॉडी, कारणों का नहीं चल पाया पता

पुरानी टोंक थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम एक 17 वर्षीय 11वीं छात्रा ने अपने घर में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। सुसाइड के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। मां चाय के लिए बुलाने गई तो हुआ खुलासा
परिजनों के अनुसार, छात्रा ने अपने घर की पहली मंजिल पर स्थित कमरे में गई थी। शाम करीब 4 बजे उसकी मां चाय लेकर उसे बुलाने पहुंचीं तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। कई बार आवाज देने और कुंडी खटखटाने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर निकाला
सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो छात्रा दुपट्टे के फंदे से पंखे पर लटकी मिली। उसे तुरंत सआदत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। देर शाम मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

निगम की बैठक में जमीन से जुड़े 22 केस अप्रूव:3 के कागजों में कमी मिली, जनसुनवाई भी की गई; पढ़ें जोधपुर की प्रमुख खबरें

भू उपयोग परिवर्तन के पेंडिंग आवेदन के निस्तारण को लेकर गुरुवार को नगर निगम आयुक्त राहुल जैन की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में 22 प्रकरणों को अप्रूव किया गया। आयुक्त राहुल जैन ने बताया कि शहर के विभिन्न जोन में भू उपयोग परिवर्तन के लंबित आवेदनों के निस्तारण के लिए पिछले डेढ़ महीने में तीन बैठक आयोजित की जा चुकी है। इसी कड़ी में गुरुवार को बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में कुल 25 मामले रखे गए थे। इनमें से अधिकांश प्रकरण चौपासनी हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र से संबंधित थे। सभी प्रकरणों पर समिति सदस्यों ने विस्तृत चर्चा की , जिसके बाद 22 मामलों को स्वीकृति दी गई , वहीं तीन प्रकरणों को आवश्यक डॉक्यूमेंट की कमी के चलने अप्रूव नहीं किया गया था। आयुक्त ने बताया कि आगामी दो सप्ताह के भीतर उपयोग परिवर्तन समिति की एक और बैठक आयोजित की जाएगी , ताकि जल्द से जल्द लंबित प्रकरणों का निस्तारण किया जा सके। बैठक में मौजूद हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों के साथ हाउसिंग बोर्ड की फाइलों को निगम में ट्रांसफर करने की भी चर्चा की गई। बैठक में उपायुक्त अर्चना व्यास, एसटीपी जोन भूपेंद्र सिंह, निगम एसटीपी मनीष कुमार, डीटीपी गौतम माथुर , एटीपी आयुष, विधि अधिकारी मोहर सिंह सहित सभी संबंधित लिपिक मौजूद रहे। नगर निगम में हुई जनसुनवाई वहीं, दूसरी तरफ नगर निगम में गुरुवार को दोपहर 3 से शाम 4 बजे तक जनसुनवाई हुई। इसमें आयुक्त राहुल जैन ने 50 से ज्यादा लोगों की समस्या सुनी और निस्तारण को लेकर आश्वासन दिया। आयुक्त राहुल जैन ने मौके पर ही अधिकारियों को समस्याओं के निस्तारण को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। आवेदकों ने बताया कि नगर निगम से जुड़े विभिन्न कार्यों को लेकर आमजन अपनी समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं और जनसुनवाई के माध्यम से उन शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया जा रहा है। आगे पढ़ें शहर की प्रमुख खबरें…

हाईकोर्ट ने पूछा-किसानों की उपज खरीदने की क्या व्यवस्था है?:सरकार से एमएसपी पर मांगा जवाब; 12 अगस्त को होगी अगली सुनवाई

राजस्थान हाईकोर्ट ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लेकर केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा कि केवल एमएसपी घोषित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सरकार को प्रभावी खरीद व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी, खासकर तब जब किसानों को खुले बाजार में समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा हो। जस्टिस मुन्नूरी लक्ष्मण और जस्टिस अनुरूप सिंघी की खंडपीठ ने ये निर्देश भारतीय किसान संघ, राजस्थान प्रांत की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। खंडपीठ ने राज्य और केंद्र सरकार को प्रदेश में एमएसपी वाली फसलों के सभी सरकारी खरीद केंद्रों, नामित खरीद एजेंसियों और उनकी कार्यप्रणाली का पूरा ब्योरा पेश करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 12 अगस्त को होगी कोर्ट ने यह भी पूछा है कि जिन क्षेत्रों में किसानों को एमएसपी (MSP) नहीं मिल रही है, वहां खरीद की क्या व्यवस्था की गई है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 12 अगस्त को होगी। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि मंडी अधिनियम के तहत किसानों की उपज को एमएसपी से कम दाम पर बिकने से रोकना मंडी समितियों का वैधानिक दायित्व है। इसके बावजूद, प्रदेश की कई मंडियों में फसलें समर्थन मूल्य से काफी कम दाम पर बिक रही हैं। इस स्थिति पर कड़ा संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकार से तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की है और किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए एक प्रभावी खरीद तंत्र सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। याचिका में क्या कहा गया? भारतीय किसान संघ की ओर से अधिवक्ता रमनदीप सिंह खरलिया ने अदालत को बताया कि ‘राजस्थान कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1961’ की धारा 9(2)(xii) के तहत मंडी समितियों का यह वैधानिक दायित्व है कि वे किसानों की उपज को सरकार द्वारा घोषित एमएसपी से कम मूल्य पर बिकने से रोकें। इसके बावजूद, प्रदेश की मंडियों में कई फसलों की नीलामी समर्थन मूल्य से नीचे हो रही है। याचिका में यह भी रेखांकित किया गया कि ‘राजस्थान कृषि उपज मंडी नियम, 1963’ के नियम 64(3) के तहत होने वाली खुली नीलामी में एमएसपी को आधार मूल्य (बेस प्राइस) नहीं बनाया जाता। इसके कारण किसानों को घोषित समर्थन मूल्य का वास्तविक लाभ नहीं मिल पाता और कानून का मूल उद्देश्य ही प्रभावित होता है। कोर्ट ने सरकारों से क्या पूछा? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार की व्यवस्था के अनुसार गेहूं और धान की खरीद भारतीय खाद्य निगम (FCI) तथा अन्य फसलों की खरीद नैफेड (NAFED) व सीसीआई (CCI) सहित अन्य नामित एजेंसियों के माध्यम से की जाती है। ऐसे में राज्य सरकार यह स्पष्ट करे कि राजस्थान में इन एजेंसियों के कितने खरीद केंद्र संचालित हैं और किसानों को एमएसपी दिलाने के लिए उनकी वास्तविक धरातलीय व्यवस्था क्या है। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार यह स्पष्ट नहीं कर सकी कि जिन क्षेत्रों में किसानों को एमएसपी नहीं मिल पा रही है, वहां प्रभावी सरकारी खरीद व्यवस्था कैसे उपलब्ध कराई जा रही है। इस पर नाराजगी जताते हुए अदालत ने केंद्र और राज्य सरकार दोनों से विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है।

इंडियन-ऑयल की पाइपलाइन में तेल चोरी के लिए लगाया वाल्व:40 फीट लंबा पाइप बिछाया, प्रेशर कम मिला तो पहुंची टीम

टोंक के इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) की अंडरग्राउंड पाइपलाइन में सेंध लगाकर क्रूड ऑयल चोरी की कोशिश का मामला सामने आया है। बदमाशों ने पाइपलाइन में छेद कर वाल्व लगाया। वाल्व से करीब 40 फीट लंबी पाइपलाइन कनेक्ट कर ली। मामला पचेवर थाना क्षेत्र में लड़ी गांव का है। कंपनी के इंजीनियर्स को तकनीकी जांच में ऑयल प्रेशर कम मिला। इसके बाद कंपनी की टीम ने पाइपलाइन को चेक करना शुरू किया। इस दौरान एक खेत में खुदाई के निशान मिले। गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे वहां खुदाई करवाई गई तो IOCL की पाइपलाइन में तेल चोरी के लिए अवैध वाल्व और 40 फीट लंबी अलग पाइपलाइन बिछी मिली। फिलहाल पुलिस और IOCL की टीम मामले की जांच कर रही है। सेंधमारी में शामिल लोगों की तलाश की जा रही है। अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पहले देखिए, घटना से जुड़ी PHOTOS… पढ़िए… पूरा घटनाक्रम 1. खेत में मिले खुदाई के निशान मालपुरा एएसपी पुष्पेंद्र सिंह सोलंकी ने बताया- पचेवर थाना क्षेत्र से गुजर रही IOCL की अंडरग्राउंड पाइपलाइन में 1 जून को तकनीकी जांच के दौरान ऑयल प्रेशर कम होने का पता चला। इसके बाद कंपनी की टीम लगातार पाइपलाइन की जांच करती रही। 8 जुलाई को लड़ी गांव में जांच के दौरान एक खेत में खुदाई के निशान दिखाई दिए। इसकी जानकारी कंपनी के उच्चाधिकारियों के साथ पुलिस को भी दी गई। 2. 40 फीट लंबी पाइपलाइन बिछा रखी थी 9 जुलाई को दोपहर में IOCL की टीम के साथ मालपुरा एएसपी पुष्पेंद्र सिंह सोलंकी और डीएसपी आशीष प्रजापत भी मौके पर पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में दोपहर करीब 3 बजे संदिग्ध जगह पर खुदाई करवाई गई। वहां पाइपलाइन में अवैध वाल्व लगा मिला। तेल चोरी के लिए करीब सवा इंच के पाइप की 40 फीट लंबी लाइन भी बिछाई गई थी। यह देखकर कंपनी के इंजीनियर भी हैरान रह गए। टीम के अनुसार, ऑयल चोरी के लिए पाइपलाइन को आगे ले जाने का प्लान था। अवैध पाइपलाइन के आगे का सिरा जमीन में दबा हुआ था। पूरी लाइन को करीब तीन फीट की खुदाई कर जमीन में दबाया गया था। 4. खेत मालिक ने कहा- उसे जानकारी नहीं पुलिस ने खेत मालिक हरजीलाल बैरवा से पूछताछ की। हरजीलाल ने मामले की जानकारी होने से इनकार करते हुए कहा कि मैं खेत से दूर रहता हूं। वहां कम ही आना-जाना होता है। फिलहाल पुलिस और IOCL के अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि पाइपलाइन में सेंधमारी किसने की, अवैध कनेक्शन कब लगाया गया और इसमें कितने लोग शामिल हैं। मौके से मिले सबूतों और तकनीकी जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इनपुट : दीपांशु पाराशर, डिग्गी … तेल चोरी से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… IOCL पाइपलाइन से ऑयल चोरी की साजिश नाकाम:लाखों खर्च कर लगाया वाल्व, फिर भी नहीं चुरा पाए तेल, प्लानिंग फेल तो पकड़े गए 4 बदमाश ऑयल चुराने के लिए पुलिसकर्मी का खेत किराए पर लिया:गोदाम में भी सुरंग खोदने की थी तैयारी, बना रहे थे डेढ़ लाख लीटर का टैंक कमरे में गड्‌ढा खोदकर IOCL की पाइपलाइन से क्रूड-ऑयल चोरी:किराये पर खेत लेकर बनाए थे दो रूम; CCTV कैमरों से करते थे निगरानी

सीकर की शोभा वाली ढाणी में भरा बरसाती पानी:रानोली जाने का संपर्क कटा, रेलवे पुलिया की ऊंचाई बनी परेशानी का कारण

सीकर के रानोली इलाके में हुई बारिश का पानी भरने से शोभावाली ढाणी वासियों का रानोली जाने वाले रास्ते से संपर्क कट गया है। बरसाती पानी जमा होने की वजह से पूरी ढाणी के लोग परेशान है। रानोली के रास्ते से ढाणी में जाने वाले रास्ते में 3-3 फीट पानी भर गया है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले 3 दिन से मरीजों और स्कूली बच्चों को भी रास्ते में जमे पानी से निकलना पड़ रहा है। रानोली बस स्टैंड क्षेत्र का पूरा बरसाती पानी रेलवे लाइन और सड़क किनारे से होकर सीधे खेतों और घरों में घुस रहा है। शोभावाली ढाणी का मुख्य रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। छोटे स्कूली बच्चों का स्कूल जाना बंद हो गया है। ग्रामीण ने बताया कि हर साल बरसाती दिनों में ये समस्या खड़ी हो जाती है, क्योंकि इस रास्ते के पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। सबसे बड़ी समस्या रेलवे पुलिया को लेकर सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे की पुलिया ग्राउंड लेवल से करीब 2 फीट ऊंची बनाई गई और पानी निकासी के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। इसके चलते बरसाती पानी का बहाव रुक गया है और पूरा बरसाती पानी आबादी व खेतों में भर गया है। हाल ही में बनी नई पुलिया में भी जल निकासी की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई है, इससे समस्या बढ़ गई है। वहीं, रेलवे पुलिया का निर्माण कार्य भी अब तक अधूरा पड़ा हुआ है। बरसाती पानी के खेतों में भरने से किसानों की फसल, पशुओं का चारा पूरी तरह खराब हो गया है। ढाणी के बरसाती पानी की निकासी नहीं होने की वजह से पशुपालकों की परेशानी बढ़ गई है। गाय, भैंस घंटों पानी के बीच खड़े रहने को मजबूर हैं और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। शोभावाली ढाणी में नई ब्लॉक सड़क और नाला बन रहा है, पानी भरने के कारण कई जगह से सड़क धंसने लगी है। लगातार जलभराव के कारण रेलवे पटरियों के सहारे की मिट्टी का कटाव हो रहा है।

कोर्ट की सख्ती पर निगम ने किया श्रमिक को भुगतान:चेक जमा कराया; लेबर कोर्ट ने की थी टिप्पणी- लोगों को कीड़े-मकोड़े समझता है निगम

लेबर कोर्ट की सख्ती के बाद जयपुर नगर निगम ने अपने यहां कार्यरत रहे श्रमिक को करीब 8 साल बाद हक के पैसे का पुनर्भुगतान कर दिया। जयपुर महानगर द्वितीय की लेबर कोर्ट-प्रथम के जज दिनेश कुमार गुप्ता ने बुधवार को श्रमिक रामकरण के मामले में सुनवाई करते हुए निगम की कार्यशैली पर कड़ी टिप्पणियां की थी। कोर्ट ने गुरुवार को निगम कमिश्नर अथवा उनके प्रतिनिधि को कोर्ट में उपस्थित होने के लिए कहा था। इसके बाद निगम अधिकारी 2.12 लाख रुपए का चेक लेकर कोर्ट पहुंचे। श्रमिक के अधिवक्ता राकेश बागड़ा ने बताया- श्रमिक रामकरण की 30 जून 2015 को रिटायरमेंट की उम्र पूरी हो गई थी। इसके बावजूद रामकरण से 31 मार्च 2016 तक ड्यूटी करवाई गई। वहीं, इसके बदले भुगतान किए गए वेतन-भत्तों की राशि श्रमिक की सेवानिवृत्ति के समय उपार्जित अवकाश (अर्न लीव) के भुगतान में से कटौती करके वसूल कर ली गई। इसे श्रमिक की ओर से लेबर कोर्ट में चुनौती दी गई थी। निगम की राजा-महाराजाओं की मानसिकता कोर्ट ने निगम की कार्यशैली पर टिप्पणी करते हुए कहा था- लोगों के साथ लोकसेवकों का इस तरह का गुलामी जैसा व्यवहार लोकतंत्र को शीर्षासन की मुद्रा में लाने का प्रयास है। ऐसी स्थिति में आमजन में व्यवस्था के प्रति असंतोष उत्पन्न होता है और समाज में अराजकता की स्थिति पैदा होती है। कोर्ट ने कहा था- शासन-प्रशासन में बैठे लोकसेवकों का इस तरह का निंदनीय और असंवेदनशील व्यवहार, नागरिकों को कीड़े-मकोड़े और खुद को राजा-महाराजा समझने की मानसिकता को दर्शाता है। ‘काम के बदले दिए वेतन’ की वसूली समझ से परे कोर्ट ने कहा- हम काम के बदले दिए गए वेतन की राशि की वसूली किए जाने के पीछे की वजह को समझने में पूरी तरह से असफल हैं। यह और भी तकलीफदायक है कि निगम अपने द्वारा की गई इस कार्रवाई को जायज ठहराने का प्रयास कर रहा है। यह होना चाहिए था कि श्रमिक ने जब 26 मार्च 2018 को लिखित में प्रार्थना पत्र दिया था। उसी समय उसकी कटौती की राशि तुरंत लौटाई जाती। साथ ही दोषी अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती।
यह खबर भी पढ़ें… कोर्ट बोला-लोगों को कीड़े-मकोड़े, खुद को राजा समझता है नगर-निगम:कर्मचारी के रिटायरमेंट पर मिले रुपयों से सैलरी काटने पर जताई नाराजगी, कमिश्नर से मांगा जवाब जयपुर नगर निगम में कार्यरत श्रमिक (लेबर) को काम के बदले दिए गए वेतन की राशि उसके रिटायरमेंट बेनिफिट (सेवानिवृत्ति परिलाभों) से काटने के मामले में लेबर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। (पूरी खबर पढ़ें)

खिंवादी का सरकारी-स्कूल शहीद ऋषिराज के नाम से जाना जाएगा:पहली पुण्यतिथि पर रक्तदान, प्रतिमा भी लगेगी; बच्चों ने सुनी शहीद की कहानियां

पाली जिले के सुमेरपुर तहसील के खिंवादी गांव में गुरुवार को शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट ऋषि राजसिंह के प्रथम बलिदान दिवस मनाया गया। इस दौरान खिवांदी में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 100 युवाओं ने ब्लड डोनेट किया। इस मौके गांव के स्कूल का नामकरण शहीद ऋषिराज सिंह राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय खिवांदी किया गया। फ्लाइट लेफ्टिनेंट ऋषि राज सिंह का 9 जुलाई 2025 को चूरू के भानुदा के पास जेगुआर विमान क्रेश होने से शहीद हो गए थे। शहीद की प्रतिमा लगाने का प्रस्ताव
समारोह में बलिदानी योद्धा फ्लाइट लेफ्टिनेंट ऋषिराज सिंह के जीवन एवं उनके बलिदान पर चर्चा की गई। विद्यालय के छात्र-छात्राओं को शहीद के जीवन से प्रेरणा लेने के लिए प्रेरित किया गया। इस मौके शहीद के पिता जसवंत सिंह देवड़ा, माता एवं दादी का सम्मान किया गया। विद्यालय नामकरण की पट्टिका का अनावरण हुआ। कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने विधायक कोष से 10 लाख रुपए से सामुदायिक भवन तथा शहीद की प्रतिमा स्थापना का प्रस्ताव आगे बढ़ाने की घोषणा की। ब्रिगेडियर प्रताप सिंह राणावत ने कहा कि ऋषिराज सिंह का बलिदान युवाओं के लिए राष्ट्रसेवा की प्रेरणा है। समारोह में एएसपी चैन सिंह महेचा, सुमेरपुर एसडीएम कालूराम कुम्हार, सीओ जितेंद्र सिंह राठौड़, सीओ सुमेर सिंह राठौड़, सुमेरपुर सदर थाना अधिकारी भगाराम मीणा, पूर्व सरपंच रुपाराम देवासी, कुंदन सिंह बलाना सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम में मंत्री जोराराम कुमावत, राज्यमंत्री ओटाराम देवासी, मानवेंद्र सिंह जसोल, पूर्व सांसद पुष्प जैन, किसान नेता जयेन्द्र सिंह गलथनी, सरस डेयरी अध्यक्ष प्रताप सिंह बिठियां, ब्रिगेडियर प्रताप सिंह राणावत, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल गजेंद्र सिंह राठौड़, शिक्षा विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी, समारोह में बलिदानी योद्धा के साथी वायु सेना के अधिकारी तथा खिवांदी गांव के ग्रामीण मौजूद रहे। इस मौके सभी ने दो मिनट का मौन रखकर शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट ऋषि राज सिंह को श्रद्धाजंलि दी।