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पत्नी प्रेग्नेंट,खर्चे के रुपए नहीं थे तो ज्वेलर को लूटा:हाथ तोड़ दिए थे, चुराए गए चांदी के गहनों को पिघलाकर बनाई सिल्ली; 3 गिरफ्तार

पत्नी प्रेग्नेंट थी और पैसों की तंगी थी। ऐसे में खर्चे के रुपयों और जल्द अमीर बनने के लिए बदमाश ने साथियों के साथ मिलकर ज्वेलर से कैश सहित 37 लाख रुपए के गहने लूट लिए। पुलिस ने सोमवार को 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया। मामला जयपुर के खोरा बीसल थाना इलाके का है। 3 जुलाई को हुई लूट की वारदात के दौरान आरोपियों ने हमला कर ज्वेलर के हाथ तोड़ दिए थे। डीसीपी (वेस्ट) प्रशांत किरण ने बताया- लूट मामले में मास्टर माइंड कमलेश कुमार बाज्या (27) निवासी बुगालिया (कालवाड़), अशोक मीणा उर्फ गोलू (21) निवासी बुगालिया और विशाल मीणा (20) निवासी बिचपडी (हरमाड़ा) को अरेस्ट किया है। फरार आरोपी जितेंद्र शर्मा (22) निवासी बिचपडी की तलाश कर रहे हैं। गिरफ्तार तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चांदी के गहनों को पिघलाकर बनाई सिल्ली बरामद कर ली है। वारदात में इस्तेमाल की गई रेंटल कार भी जब्त कर ली है। पैसों की तंगी के कारण वारदात की पुलिस जांच में सामने आया है कि मास्टर माइंड कमलेश के खिलाफ करीब 24 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पिछले कुछ साल से उसने क्राइम करना बंद कर रखा था। पत्नी के प्रेग्नेंट होने के कारण वह पैसों की तंगी से जूझ रहा है। जल्द अमीर बनने के लिए उसने दोबारा अपराध की राह चुनी। उसके दोस्त जितेंद्र ने खोरा बीसल के नांगल लाड़ी गांव निवासी ज्वेलर शंकर लाल शर्मा (45) के बारे में बताया था कि वह रात को दुकान से माल (ज्वेलरी-कैश) लेकर घर जाता है। शंकर की ज्वेलरी शॉप घर से करीब 2.5 किलोमीटर दूर नागल लाड़ी ग्रिड पर है। दोनों ने मिलकर वारदात करने की प्लानिंग की। 3 जुलाई को चौमूं इलाके से 5 हजार रुपए में स्विफ्ट डिजायर कार किराए पर ली। अपने दो साथियों अशोक और विशाल को वारदात में शामिल कर ज्वेलर के निकलने से करीब एक घंटे पहले शॉप के बाहर रेकी करने लगे। सुनसान जगह पर लाठी-डंडों से किया हमला फिर ज्वेलर के घर के रास्ते में मौजूद ग्राउंड में कार खड़ी कर इंतजार करने लगे। अंधेरा होते ही नंबर प्लेट पर काला कपड़ा बांध दिया। ज्वेलर के बाइक पर निकलते ही बदमाश उसके पीछे लग गए। सुनसान जगह पर कार आगे लगाकर बाइक सवार ज्वेलर पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इसके बाद ज्वेलरी से भरे बैग को लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने 1 हजार से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले। फुटेज के आधार पर करीब 1300 किलोमीटर पीछा कर बदमाशों को पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों ने मामले के शांत होने के बाद चांदी की सिल्ली का बंटवारा करना बताया है। हमला कर लहूलुहान किया दरअसल, ज्वेलर शंकर लाल रोज की तरह 3 जुलाई को रात करीब 8 बजे शॉप बंद कर ज्वेलरी बैग में भरकर बाइक से घर लौट रहे थे। शॉप से करीब 800 मीटर दूर पहुंचते ही पीछे से सफेद कलर की स्विफ्ट डिजायर कार उनके आगे रुकी थी। कार सवार नकाबपोश चार बदमाशों ने ज्वेलर पर हमला कर दिया था। उन्हें लहूलुहान कर जमीन पर गिरा दिया था। इसके बाद शंकर का गहने-कैश से भरा बैग छीनकर फरार हो गए थे। शंकर के सिर और नाक पर गंभीर चोट लगी थी। हमले में दोनों हाथों में फ्रैक्चर हुआ था। लूटे गए बैग में करीब 35 लाख के सोने-चांदी के गहने और 1.50 लाख रुपए रखे थे। … यह खबर भी पढ़ें… जयपुर में ज्वेलर्स से 35 लाख की लूट:कार से आए नकाबपोश बदमाशों ने किया हमला; सिर-नाक में गंभीर चोट, हाथों में फ्रैक्चर जयपुर में एक ज्वेलर्स से 35 लाख के गहने-कैश बदमाशों ने लूट लिए। यह वारदात खोरा बीसल क्षेत्र के नांगल लाड़ी ग्रिड पर शुक्रवार रात करीब 8:15 बजे हुई। कार से आए नकाबपोश चार-पांच बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। (पूरी खबर पढ़ें)

सरकारी स्कूल में शराब पीकर आया हेडमास्टर:रसोई में खुद के लिए खाना बनाने का दबाव डाला; APO किया

ब्यावर में सोमवार सुबह 10 बजे हेडमास्टर शराब के नशे में स्कूल पहुंच गया। रसोई में पहले खुद के लिए खाना बनाने का दबाव डाला। बच्चों के लिए खाना बाद में बनाने को कहा। मामला ब्यावर के जवाजा के निकट राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल शिवनाथपुरा का है। हेडमास्टर मुकेश कुंडिया के नशे में स्कूल आने का पता चलने पर ग्रामीण और पेरेंट्स भी वहां पहुंच गए। उन्होंने इसका विरोध किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मुकेश कुंडिया आए दिन शराब पीकर आता है। मामले में हेडमास्टर को एपीओ कर दिया गया है। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही है। वहीं, हेडमास्टर मुकेश का कहना है कि मैं बीमार हूं। लंबे समय से डिप्रेशन की दवा ले रहा हूं। ऐसे में मैंने दवाई ली थी। गामीणों का आरोप निराधार है। मेडिकल रिपोर्ट में शराब की पुष्टि हुई पेरेंट्स ने बताया कि हेडमास्टर मुकेश कुंडिया शराब के नशे में था। वह किचन में गया और वहां खाना बना रही महिला को पहले खुद के लिए खाना बनाने की कहने लगा। घटना की सूचना मिलने पर तहसीलदार हनुत सिंह मौके पर पहुंचे। पूरे मामले की जानकारी लेकर स्थिति का जायजा लिया। मुकेश कुंडिया को जांच के लिए ब्यावर के अमृतकौर अस्पताल भेजा गया। जिला शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार शर्मा के निर्देश पर उनका मेडिकल कराया गया। जिला शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार शर्मा ने बताया- मेडिकल रिपोर्ट में शराब की पुष्टि हुई है। इसके आधार पर आरोपी हेडमास्टर को एपीओ किया गया है। आगे की जांच जारी है। (इनपुट- महेन्द्रसिंह रावत, जवाजा) … यह खबर भी पढ़ें… स्कूल में मीट बनाने वाला हेडमास्टर सस्पेंड:जांच अधिकारी से रसोइया बोला- सब्जी बनाई थी, नॉनवेज की जगह आलू-गोभी की सब्जी रखी

22 करोड़ का मंदिर दान घोटाला,अध्यक्ष बोले- फर्जी रिपोर्ट बनाई:1100 पन्नों का पूरा रिकॉर्ड सौंप दिया था, एकतरफा कार्रवाई की

नागौर के प्रसिद्ध संत श्री चतुरदासजी महाराज मंदिर (बुटाटी धाम) में 22.74 करोड़ रुपए के दान में घोटाले को लेकर मंदिर समिति सामने आई है। मंदिर समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने जांच रिपोर्ट को फर्जी बताया है। उन्होंने एसडीएम और जांच समिति पर राजनीतिक दुर्भावना में एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जांच समिति में पूरा कोरम मौजूद नहीं था और उनका पक्ष सुने बिना रिपोर्ट तैयार कर दी है। दरअसल, 29 जनवरी 2026 को तत्कालीन कलेक्टर अरुण कुमार पुरोहित ने 13 सदस्यीय समिति बनाई थी। पिछले महीने 23 जून को कमेटी ने जांच रिपोर्ट कलेक्टर देवेंद्र कुमार को सौंपी। इसके अनुसार, 2023-24 और 2024-25 में 15.16 करोड़ का गबन सामने आया। वहीं 2025-26 के रिकॉर्ड जांच दल को उपलब्ध नहीं कराने पर प्रतिकूल अनुमान पर 7.58 करोड़ का गबन जोड़ते हुए कुल 22.74 करोड़ रुपए के कथित गबन का आकलन किया गया। रिपोर्ट में अध्यक्ष समेत 11 वर्तमान और पूर्व सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के साथ निजी संपत्तियां कुर्क करने की सिफारिश की गई। 5 पॉइंट्स में पढ़िए अध्यक्ष का जवाब… 1. सुनवाई का मौका नहीं मिला: अध्यक्ष ने बताया कि 30 अप्रैल को नोटिस मिलने से पहले ही जांच से जुड़े दस्तावेज जब्त कर लिए गए थे। इसके बाद उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) के कैंसर पीड़ित होने और ऑपरेशन के कारण जवाब देने के लिए समय मांगा गया था। 2. 1100 पन्नों के दस्तावेज सौंपे: उन्होंने दावा किया कि 23 जून को बिल, वाउचर और बैंक खातों की डिटेल सहित करीब 1100 पन्नों का पूरा रिकॉर्ड जांच समिति को सौंप दिया गया था, जिसकी रसीद भी उनके पास है। इसके बावजूद 26 जून को हुई समिति की बैठक में उन्हें शामिल नहीं होने दिया गया और गार्ड ने उन्हें बाहर ही रोक दिया। 3. बैठक में 13 में से सिर्फ 6 सदस्य मौजूद थे: देवेंद्र सिंह ने कहा कि 13 सदस्यीय जांच समिति की बैठक में केवल 6 सदस्य ही मौजूद थे। बड़ी बात यह है कि वित्तीय मामलों की जांच के लिए जरूरी अकाउंट्स एक्सपर्ट भी बैठक में नहीं था। ऐसे में 22 करोड़ की गड़बड़ी का यह आंकड़ा किस आधार पर तैयार किया गया, इसमें एकतरफा कार्रवाई की आशंका है। 4. निर्माण कार्य और एटीएम किराया रिकॉर्ड में दर्ज: भोजनशाला निर्माण के आरोपों पर उन्होंने कहा कि यह काम पुरानी समिति के समझौते के तहत ही हुआ था, उनके कार्यकाल में केवल अधूरा काम पूरा कराया गया। इसमें भामाशाहों से 46 लाख रुपए का सहयोग मिला था और बाकी राशि नियमों के तहत खर्च की गई। वहीं एसबीआई के एटीएम का किराया भी सीधे बैंक खाते में आता है, जिसका पूरा रिकॉर्ड मौजूद है। 5. फर्जी रसीदें नहीं काटी, स्थानीय होटल मालिक विरोधी हुए: उन्होंने फर्जी रसीदों के आरोपों को गलत बताया और कहा कि रसीद बुकों का प्रिंटिंग रिकॉर्ड और एंट्री रजिस्टर पूरी तरह सुरक्षित है। आरोप लगाया कि मंदिर में मुफ्त भोजनशाला शुरू होने से कुछ स्थानीय होटल और गेस्ट हाउस संचालक उनके विरोधी हो गए हैं। भोजनशाला शुरू होने के पहले दिन उन पर हमला भी हुआ था, जिसकी रिपोर्ट सीसीटीवी फुटेज के साथ कुचेरा थाने में दर्ज है। अब पढ़िए- जांच रिपोर्ट के अनुसार कैसे हुआ 22 करोड़ का घोटाला? 2.60 करोड़ के जेवर का रिकॉर्ड नहीं: पुरानी समिति के पास 36 किलो चांदी, 250 ग्राम सोना था। नई समिति ने कार्यभार ग्रहण करते समय 35.5 किलो चांदी, 280 ग्राम सोना बताया। वर्तमान में 2.60 करोड़ मूल्य की संपत्ति है, लेकिन रिकॉर्ड में दर्ज ही नहीं है। ग्राम विकास में 1.28 करोड़ का खेल: 2024-25 में ग्राम विकास पर 31.37 लाख खर्च दर्शाए गए, न ठेकेदारों का रिकॉर्ड न भौतिक प्रमाण। कंप्यूटर, फर्नीचर के नाम पर 97.48 लाख बिना बिल, वर्क ऑर्डर के खर्च दिखाए। 82.41 लाख के सीसीटीवी का खर्च: सीसीटीवी कैमरों पर 82.41 लाख खर्च किए गए, लेकिन कोई निविदा नहीं मिली। एम जंक्शन सर्विसेज के नाम 58.14 लाख का भुगतान दर्ज। वाउचर रानाबाई ट्रेडर्स के नाम मिले। इसे भी गड़बड़ी माना गया। दान पेटी और खातों में लाखों का अंतर: दान पेटी की आय ऑडिट रिपोर्ट और रोकड़ बही में अलग-अलग दर्ज मिली। 2023-24 और 2024-25 की आय में अंतर। ग्राम सेवा सहकारी बैंक खाते में 3.40 लाख, ग्रामीण बैंक खाते में 1.75 लाख रुपए का अंतर मिला। रसोई में 49.49 लाख का फर्जी खर्च: भोजनशाला निर्माण पर 49.49 लाख खर्च दिखाए, जबकि ग्राउंड फ्लोर का पूरा निर्माण एक भामाशाह ने कराया था। समिति ने फर्जी बिल लगा मंदिर निधि से राशि निकाल ली। रसोई खर्च 1 साल में 335 प्रतिशत बढ़ गए। गौशाला में भी अनियमितता: सुलभ कॉम्प्लेक्स से प्राप्त 18.12 लाख का किराया मुख्य लेखा पुस्तकों में दर्ज नहीं। गौशाला रखरखाव के नाम पर 17.87 लाख खर्च दिखाए, जबकि समिति ने राशि मिलने से इनकार किया। सुरक्षा व्यवस्था में 31.33 लाख रुपए खर्च दर्शाए गए। कलेक्टर बोले- हम कार्रवाई नहीं कर सकते जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने बताया कि पूरा मामला कोर्ट में है, इसके कारण पूरे मामले की जांच की जा रही है। जो भी रिपोर्ट आई है, वो भी सर्व समिति की ओर से आई है। रिपोर्ट में वाउचर नहीं है, बिल नहीं है, ऐसे में जांच रिपोर्ट पेश की है। फिलहाल कमेटी जांच कर सकती है, लेकिन वो किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं कर सकती। उन्होंने कहा- आज मंदिर समिति ने मुलाकात की है, उनकी ओर से की गई मांग पर उच्च अधिकारियों और उच्च कमेटी से जांच करवाई जाएगी। हालांकि जांच कमेटी की बैठक में सभी जरूरी सदस्य मौजूद थे। ऐसे में बैठक तय प्रक्रिया के तहत ही हुई थी। …….. बुटाटी धाम विवाद से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… राजस्थान में भी मंदिर दान घोटाला, 22 करोड़ का गबन:चढ़ावा, सोने-चांदी का भी रिकॉर्ड नहीं, भामाशाहों ने जो बनवाया, उसे समिति खर्च में जोड़ा राजस्थान में भी अयोध्या के राम मंदिर दान चोरी जैसा मामला सामने आया है। मामला नागौर के बुटाटी स्थित करीब 500 साल पुराने संत श्री चतुरदासजी महाराज मंदिर से जुड़ा है। पूरी खबर पढ़िए

रिफाइनरी में इंटरव्यू देना था, एक्सीडेंट ने पहुंचा दिया अस्पताल:घायल बोला-होश आया तब लोग चिल्ला रहे थे; स्कॉर्पियो-डंपर की टक्कर में 5 की मौत

‘मेरा सोमवार को पचपदरा रिफाइनरी में हेल्पर के पद के लिए इंटरव्यू होना था। इसके लिए मैं शुक्रवार शाम को अपने गांव से पचपदरा आ गया था। यहां मैं दोस्तों के घर रुका था। रविवार सुबह हम जोधपुर में भोमिया जी के दर्शन करने गए थे। लौटते समय हादसा हो गया और मैं हॉस्पिटल पहुंच गया।’ यह कहना है बालोतरा के गोल गांव निवासी हेमाराम का। हेमाराम रविवार रात करीब 11:30 बजे बालोतरा में स्कॉर्पियो के डंपर में घुस जाने से घायल हो गया था। बाड़मेर-जोधपुर नेशनल हाईवे पर पचपदरा थाना क्षेत्र के भाडिंयावास गांव में हुए हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई। इनमें बालोतरा के कानोड गांव निवासी रेवांताराम (26) पुत्र गेनाराम जाट, स्वरूपाराम (27) पुत्र मेहराराम जाट, भरत (25) पुत्र बन्नाराम जाट, किशन (27) पुत्र शेराराम जाट और भावेश पुत्र कलाराम जाट थे। वहीं तीन घायलों हेमाराम, बाबू और मुकेश का इलाज जोधपुर के एमडीएम हॉस्पिटल में चल रहा है। छुट्‌टी के कारण घूमने का बनाया था प्लान हेमाराम ने बताया- स्वरूपाराम और रेवांताराम रिफाइनरी में काम करते थे। रिफाइनरी में शनिवार को हाफ डे रहता है। वहीं रविवार को छुट्टी रहती है। ऐसे में सभी ने रविवार सुबह जोधपुर में भोमिया जी के दर्शन करने जाने का प्लान बनाया। दर्शन करने के बाद सभी गांव के लिए निकले थे। मैं और मुकेश स्कॉर्पियो में पीछे की सीट पर सो रहे थे। स्वरूपाराम गाड़ी ड्राइव कर रहा था और रेवांताराम उसके पास बैठा था। बाकी चार लोग बीच वाली सीट पर बैठे थे। अचानक डंपर से स्कॉर्पियो टकरा गई। जब मुझे होश आया तो लोगों के चिल्लाने की आवाज आ रही थी। लोगों ने कार से हमें बाहर निकाला और हॉस्पिटल पहुंचाया। एक्सीडेंट में इनकी हुई मौत… कॉम्पिटिशन एग्जाम की तैयारी कर रहे हेमाराम के भाई खेमराज ने बताया- मैंने भाई को भी रिफाइनरी में जॉब लगाने के लिए उसके दोस्तों से कहा था। घायल बाबू और मुकेश चचेरे भाई हैं। परिजनों ने बताया- बाबू और मुकेश, दोनों जोधपुर में रहकर कॉम्पिटिशन एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं। दोनों को घूमने के लिए जोधपुर से गाड़ी में बैठाया था। … एक्सीडेंट की यह खबर भी पढ़ें… तेज रफ्तार स्कॉर्पियो डंपर में घुसी, 5 की मौत, VIDEO:जोधपुर में मंदिर से दर्शन कर घर लौट रहे थे, गाड़ी के अंदर बुरी तरह फंसे शव बालोतरा में भीषण सड़क हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई। 3 लोग गंभीर घायल हैं। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो आगे चल रहे डंपर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कॉर्पियो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। (पूरी खबर पढ़ें)

PTI के बेटे ने सुसाइड से पहले बनाया वीडियो:बोला- मेरी मौत के जिम्मेदारों को सजा देना, ASI ने भी परेशान किया

डूंगरपुर जिले के साबला थाना इलाके के धाणी कटारा गांव में रविवार को सुसाइड से पहले युवक ने वीडियो बनाया। साथ ही 2 पेज का सुसाइड नोट भी लिखा। इस 1 मिनट के वीडियो और सुसाइड नोट में उसने अपनी मौत के जिम्मेदार लोगों के नाम लिये है। साथ ही एक ASI पर भी आरोपियों से मिलीभगत का आरोप लगाया है। युवक के पिता PTI है और जैसलमेर में पोस्टेड है। दरअसल धाणी कटारा गांव में कीर्ति कुमार (29) पुत्र दलीप्रसाद कटारा ने रविवार को फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया था। इससे पहले उसने अपना अंतिम वीडियो बनाया। इस 1 मिनट में वीडियो में उसने कहा कि वह गांव के ही पड़ोसी मुरलीधर, उसकी पत्नी और बेटे की प्रताड़ना से परेशान होकर सुसाइड कर रहा है। उसने आरोप लगाया कि इन लोगों ने उस पर एक्सीडेंट का झूठा मुकदमा और XUV गाड़ी जलाने का झूठा आरोप लगाया था, जिससे उसे मानसिक ठेस पहुंची। ASI तखतसिंह ने इन सभी से मिलभगत कर परेशान किया। उनको कड़ी से कड़ी सजा दो। घर के पास फंदे पर लटका मिला था
कीर्ति अपने घर के पास ही फंदे पर पेड़ से लटका हुआ मिला था। लोगों ने उसे तुरंत फंदे से नीचे उतारा और आसपुर अस्पताल लेकर गए। जहां डॉक्टर ने जांच के बाद हालत गंभीर होने पर रेफर कर दिया था। पुलिस जीप से उसे तुरंत डूंगरपुर अस्पताल लेकर पहुंचे था। डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया था। 1 मिनट का वीडियो, 2 पेज का सुसाइड नोट
वही घटना को लेकर परिजनों ने 1 मिनट का वीडियो और 2 पेज का एक सुसाइड नोट पुलिस को सौंपा है। ये वीडियो कीर्ति कुमार ने सुसाइड से पहले बनाया। जिसमें कीर्ति ने कहा ​”मैं आत्महत्या करने जा रहा हूं, उसका कारण मुरलीधर कटारा, उसकी पत्नी लक्ष्मी और बेटा सुनील कटारा है। जिसने मेरे पर एक्सीडेंट का झूठा मुकदमा लगवाया और XUV गाड़ी जलाने के झूठे आरोप लगाए। मुझे प्रताड़ित किया। मेरा मानसिक रूप से परेशान कर ठेस पहुंचाई है। जिस कारण से मैं आत्महत्या करने जा रहा हूं। ASI पर भी लगाए गंभीर आरोप
इसमें ASI तखतसिंह का भी हाथ है। उसने भी उन सबको सबको सपोर्ट किया। उसने गलत काम करने में इन लोगों का सपोर्ट किया। मैं इसलिए आत्महत्या कर रहा हूं। मुझे एसपी साहब पर भरोसा है। मुझे न्याय मिले और आए दिन मेरे घर वालों को भी ये परेशान करते हैं और झूठा मुकदमा भी भविष्य में कर सकते हैं।” 4 महीने पहले हुई थी शादी
सुसाइड नोट ने कीर्ति कुमार ने लिखा है कि उसकी शादी 4 महीने पहले हुई है। लेकिन शादी के बाद से पड़ोसी से लड़ाई झगड़े और गाली-गलौज की वजह से पति-पत्नी दोनों परेशान है। उनका पुराना और नया घर भी पास में है। आरोपी भी पास में ही रहते है। इसलिए आए दिन परेशान करते रहते है। जानबूझकर लड़ाई करते है, फिर से झूठा मुकदमा करने व फंसाने की कोशिश करते है। इस वीडियो के बाद कीर्ति कुमार ने फंदे पर लटक कर जान दे दी। घटना के बाद परिवार के लोग मौत को लेकर आरोप लगा रहे थे। पुलिस ने वीडियो और सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

कोटा में ससुराल पहुंचकर दामाद बोला-मैं जहर खाकर आया हूं:पहले हंगामा किया, फिर जेब से निकाली शीशी; इलाज के दौरान तोड़ा दम

कोटा में अपनी पत्नी को लेने ससुराल पहुंचे एक दामाद ने पहले तो जमकर हंगामा किया, फिर अपनी जेब से एक शीशी निकालकर खुद के जहर खाकर आने की बात बताई। यह सुनते ही ससुराल वालों के होश उड़ गए। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और युवक को जैसे-तैसे अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में इलाज के दौरान युवक ने दम तोड़ दिया। यह घटना आरकेपुरम थाना क्षेत्र के बोराबास भील बस्ती की है। पप्पू लाल (31) चेचट थाना क्षेत्र के खनी गांव का रहने वाला था। पेशे से मजदूरी करता था। पुलिस ने मर्ग दर्ज करके जांच शुरु कर दी है। बच्चों की जिद पर पत्नी को लेने ससुराल पहुंचा था पति आरकेपुरम थाना ASI लक्ष्मी नारायण ने बताया- पप्पू लाल की शादी 8 साल पहले हुई थी और उसके 4 बच्चे हैं। पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। पप्पू अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता था। आपसी अनबन के बाद पत्नी अपने 2 बच्चों को लेकर मायके (बोराबास स्थित भेरूपुरा भील बस्ती) आ गई थी, जबकि दो बच्चों को पप्पू के पास ही छोड़ आई थी। खुद पप्पू ही उन्हें बोराबास छोड़कर आया था। रविवार शाम करीब 7 बजे पप्पू लाल बच्चों की जिद पर पत्नी को वापस लेने अपने ससुराल बोराबास पहुंचा। वह शराब के नशे में था और वहां हंगामा करने लगा। ससुराल वालों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माना। जेब से जहर की शीशी निकालकर दी ASI लक्ष्मी नारायण ने बताया- रात करीब 10 बजे अचानक पप्पू लाल की तबीयत बिगड़ने लगी। उसने ससुराल वालों को बताया- वह पहले से ही जहर खाकर आया था और उसने अपनी जेब से जहर की शीशी निकालकर दिखाई। हालत गंभीर होने पर उसे तुरंत इलाज के लिए न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। जहां रात करीब 2 बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पप्पू के पिता मोहन लाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिस पर पुलिस ने मर्ग दर्ज कर लिया है। पुलिस शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर मामले की गहनता से जांच कर रही है।

पुलिस पर फायर करने वाले बदमाश बाजार में लंगड़ाते रहे:2 व्यापारियों को गोली मारी थी, सीन रिक्रिएट करवाया; उसी दुकान पर ले गए जहां से रैकी की थी

भरतपुर में बर्तन व्यापारी पर फायरिंग करने वालों की पुलिस ने भरे बाजार परेड निकाली। इसके साथ ही, आरोपियों से सीन रिक्रिएट भी करवाया। दोनों लगभग 50 मीटर तक लंगड़ाते हुए चले। आरोपियों को बाजार से गुजरते हुए राहगीर देखते रहे। यही वो आरोपी हैं जिन्होंने पुलिस की पिस्टल छीनकर थानाधिकारी पर फायर किया था। पुलिस दोनों को व्यापारी की दुकान के पास भी ले गई, जहां उन्होंने रैकी की थी। मामले की जांच कर रहे IO पवन यादव ने बताया- 4 जुलाई को हुए व्यापारी हत्याकांड में बलराम और प्रवीण आरोपी हैं। दोनों को 12 बजे घटनास्थल पर ले जाकर सीन रिक्रिएट कराया गया है। यही दोनों आरोपी पुलिस की पिस्टल छीनकर चिकसाना थाना अधिकारी ब्रजेश मीणा पर फायरिंग करने की घटना में भी शामिल थे। उस मामले की जांच जारी है। अब देखें बदमाशों की तस्वीरें… दो व्यापारियों को मारी थी गोली बुलंदशहर में छिपे थे दो आरोपी 8 जुलाई को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान आरोपी महेश को गिरफ्तार कर लिया था। महेश के पैर में गोली लगी थी। 9 जुलाई को पुलिस को मिली थी कि आरोपी प्रवीण और बलराम उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर में छुपे हुए हैं। पुलिस ने बुलंदशहर में दबिश दी और, दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। SHO पर भी किया था फायर जब पुलिस की टीमें दोनों आरोपियों को भरतपुर लेकर आ रही थी तो, उस समय आरोपी प्रवीण ने चिकसाना थाना इलाके में टॉयलेट जाने का बहाना बनाया। जैसे ही पुलिस ने गाड़ियों को रोका तो, प्रवीण ने एक पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर चिकसाना थाना अधिकारी ब्रजेश मीणा के ऊपर दो फायर किए। एक गोली थाना अधिकरी के बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। एक आरोपी को भेजा गया जेल फायरिंग करने के बाद दोनों आरोपियों ने भागने की कोशिश कि जवाबी कार्रवाई में प्रवीण के पैर में गोली लगी। वहीं बलराम के गिरने के कारण पैर में चोट आई। पुलिस ने महेश को जेल भेज दिया है। आज प्रवीण और बलराम को कोर्ट में पेश किया गया है। व्यापारियों पर फायरिंग की ये खबर भी पढ़े बदमाश ने पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनी, SHO को गोली मारी:बुलेटप्रूफ जैकेट से बची जान; व्यापारी की हत्या कर हुए थे फरार भरतपुर पुलिस पर उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर में बदमाश ने पिस्टल छीनकर फायरिंग कर दी। एक गोली SHO के मारी, हालांकि बुलेटप्रूफ जैकेट पहनने के कारण जान बच गई। पूरी खबर पढ़ें…

'किडनी ट्रांसप्लांट कराओ या जहर दे दो':5 प्रसूताओं के परिवारों ने सरकार से लगाई गुहार, 70 दिन से डायलिसिस पर जिंदगी; 48 घंटे का अल्टीमेटम

कोटा मेडिकल कॉलेज में लगभग 70 दिन से भर्ती किडनी फेलियर से पीड़ित पांच महिलाओं के परिवारों ने सरकार से न्याय की गुहार लगाई है। परिवारों का आरोप है कि अस्पताल की लापरवाही और कथित नकली दवाओं के कारण महिलाओं की दोनों किडनियां खराब हो गईं। उन्होंने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि सरकार सभी मरीजों का किडनी ट्रांसप्लांट कराए, अन्यथा “जहर दे दे”। इस पर प्रसुताओं के भी साइन हैं। अस्पताल की लापरवाही का दर्द हम क्यों झेलें प्रसुताओं का कहना है कि हर दूसरे दिन डायलिसिस से तंग आ चुके हैं, इससे शारीरिक और मानसिक कष्ट हो रहा है। वर्तमान में रागिनी मीणा, आरती चौबदार, पिंकी, सुशीला और धन्नी सुमन अस्पताल में भर्ती हैं। सभी पांचों पेशेंटस की किडनी फेल हो चुकी है। जीवन भर अब डायलिसिस पर रहना पडे़गा। ऐसे में उनका तो जीना ही मुश्किल हो गया है। लापरवाही हमारी नहीं थी, लापरवाही अस्पताल के स्तर पर हुई है लेकिन सजा हमारी पेशेंट और पूरे परिवार भुगत रहे हैं। जहर का इंजेक्शन दे दो अस्पताल में भर्ती धन्नी के पति मोहनलाल ने बताया कि चार मई को उनकी पत्नी को अस्पताल में डिलीवरी के लिए भर्ती किया था। सीजेरियन के बाद किडनी फेल हो गई। आज सत्तर दिन हो गए हैं अस्पताल में भर्ती रहते हुए। हर दो तीन दिन में डायलिसिस हो रही है। मोहन ने बताया- अब तो धन्नी बाई डायलिसिस के नाम से भी डरती है, तकलीफ होती है बार बार डायलिसिस करवाने में, इसलिए खुद उसने ही कह दिया कि मुझे तो जहर का इंजेक्शन दे दो। हम तो सरकार से यही मांग कर रहे हैं कि सरकारी अस्पताल में ये सब हुआ तो सरकार की हमारे लिए जिम्मेदारी बनती है। 70 दिन से डायलिसिस पर जिंदगी पेशेंट के किडनी ट्रांसप्लांट करवाओ। अस्पताल में भर्ती रागिनी के भाई विकास ने बताया कि सत्तर दिन हमारे पेशेंट को भी हो गए हैं। दोनों किडनी फेल है और डायलिसिस पर ही जीवन भर रहना पडेगा। ये सजा हम क्यों भुगते। सरकार को हमने अल्टीमेटम दे दिया है हमारे पेशेंट भी अब नहीं चाहते कि बार बार डायलिसिस के भरोसे रहे। जीवनभर का बोझ बन गया है डायलिसिस, इसलिए किडनी ट्रांसप्लांट करवाई जाए नहीं तो अब सभी पेशेंट डायलिसिस ही नहीं करवाएगी और अस्पताल में बिना डायलिसिस के ही रहेंगी। पांचों महिलाओं के किडनी ट्रांसप्लांट की मांग, 48 घंटे का अल्टीमेटम प्रसुताओं के परिजनों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर साफ कहा कि यदि 48 घंटे में ट्रांसप्लांट पर फैसला नहीं हुआ तो मरीज डायलिसिस करवाना बंद कर देंगे और अस्पताल के अंदर ही दम तोडे़गे। उनका कहना है कि लगातार डायलिसिस से उन्हें असहनीय शारीरिक और मानसिक पीड़ा हो रही है, जबकि उनके परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। अस्पताल में वर्तमान में रागिनी मीणा, आरती चौबदार, पिंकी, सुशीला और धन्नी सुमन भर्ती हैं। ज्ञापन में बताया कि 4 मई से 8 मई के बीच सभी प्रसुताएं भर्ती हुई थी। अस्पताल की लापरवाही और कथित नकली दवाओं के कारण उनकी दोनों किडनियां फेल हो गईं। पिछले 70 दिनों से वे अस्पताल में भर्ती हैं और केवल डायलिसिस के सहारे जीवन जी रही हैं। — इस मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… कोटा के सरकारी हॉस्पिटल में अब एक नवजात की मौत:डिलीवरी के बाद एक और महिला की किडनी में इंफेक्शन, डॉक्टरों ने निजी अस्पताल ले जाने को कहा सीलन-फंगस वाले वार्ड में भर्ती थीं गर्भवती महिलाएं:कोटा के सरकारी हॉस्पिटल में 2 मौत, कई की हालत गंभीर, दवाओं के सैंपल लिए मरीजों से मिलने पहुंचे विधायक लिफ्ट में फंसे:कोटा के सरकारी हॉस्पिटल में 6 महिलाओं की तबीयत बिगड़ी, एक की मौत सरकारी हॉस्पिटल में डिलीवरी के बाद 48-घंटे में दूसरी मौत:परिजन ने शव लेने से किया था मना, धरने पर बैठे लोग; बोले-दोषियों पर कार्रवाई हो

'किडनी ट्रांसप्लांट कराओ या जहर दे दो':5 प्रसूताओं के परिवारों ने सरकार से लगाई गुहार, 70 दिन से डायलिसिस पर जिंदगी; 48 घंटे का अल्टीमेटम

कोटा मेडिकल कॉलेज में लगभग 70 दिन से भर्ती किडनी फेलियर से पीड़ित पांच महिलाओं के परिवारों ने सरकार से न्याय की गुहार लगाई है। परिवारों का आरोप है कि अस्पताल की लापरवाही और कथित नकली दवाओं के कारण महिलाओं की दोनों किडनियां खराब हो गईं। उन्होंने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि सरकार सभी मरीजों का किडनी ट्रांसप्लांट कराए, अन्यथा “जहर दे दे”। इस पर प्रसुताओं के भी साइन हैं। अस्पताल की लापरवाही का दर्द हम क्यों झेलें प्रसुताओं का कहना है कि हर दूसरे दिन डायलिसिस से तंग आ चुके हैं, इससे शारीरिक और मानसिक कष्ट हो रहा है। वर्तमान में रागिनी मीणा, आरती चौबदार, पिंकी, सुशीला और धन्नी सुमन अस्पताल में भर्ती हैं। सभी पांचों पेशेंटस की किडनी फेल हो चुकी है। जीवन भर अब डायलिसिस पर रहना पडे़गा। ऐसे में उनका तो जीना ही मुश्किल हो गया है। लापरवाही हमारी नहीं थी, लापरवाही अस्पताल के स्तर पर हुई है लेकिन सजा हमारी पेशेंट और पूरे परिवार भुगत रहे हैं। जहर का इंजेक्शन दे दो अस्पताल में भर्ती धन्नी के पति मोहनलाल ने बताया कि चार मई को उनकी पत्नी को अस्पताल में डिलीवरी के लिए भर्ती किया था। सीजेरियन के बाद किडनी फेल हो गई। आज सत्तर दिन हो गए हैं अस्पताल में भर्ती रहते हुए। हर दो तीन दिन में डायलिसिस हो रही है। मोहन ने बताया- अब तो धन्नी बाई डायलिसिस के नाम से भी डरती है, तकलीफ होती है बार बार डायलिसिस करवाने में, इसलिए खुद उसने ही कह दिया कि मुझे तो जहर का इंजेक्शन दे दो। हम तो सरकार से यही मांग कर रहे हैं कि सरकारी अस्पताल में ये सब हुआ तो सरकार की हमारे लिए जिम्मेदारी बनती है। 70 दिन से डायलिसिस पर जिंदगी पेशेंट के किडनी ट्रांसप्लांट करवाओ। अस्पताल में भर्ती रागिनी के भाई विकास ने बताया कि सत्तर दिन हमारे पेशेंट को भी हो गए हैं। दोनों किडनी फेल है और डायलिसिस पर ही जीवन भर रहना पडेगा। ये सजा हम क्यों भुगते। सरकार को हमने अल्टीमेटम दे दिया है हमारे पेशेंट भी अब नहीं चाहते कि बार बार डायलिसिस के भरोसे रहे। जीवनभर का बोझ बन गया है डायलिसिस, इसलिए किडनी ट्रांसप्लांट करवाई जाए नहीं तो अब सभी पेशेंट डायलिसिस ही नहीं करवाएगी और अस्पताल में बिना डायलिसिस के ही रहेंगी। पांचों महिलाओं के किडनी ट्रांसप्लांट की मांग, 48 घंटे का अल्टीमेटम प्रसुताओं के परिजनों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर साफ कहा कि यदि 48 घंटे में ट्रांसप्लांट पर फैसला नहीं हुआ तो मरीज डायलिसिस करवाना बंद कर देंगे और अस्पताल के अंदर ही दम तोडे़गे। उनका कहना है कि लगातार डायलिसिस से उन्हें असहनीय शारीरिक और मानसिक पीड़ा हो रही है, जबकि उनके परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। अस्पताल में वर्तमान में रागिनी मीणा, आरती चौबदार, पिंकी, सुशीला और धन्नी सुमन भर्ती हैं। ज्ञापन में बताया कि 4 मई से 8 मई के बीच सभी प्रसुताएं भर्ती हुई थी। अस्पताल की लापरवाही और कथित नकली दवाओं के कारण उनकी दोनों किडनियां फेल हो गईं। पिछले 70 दिनों से वे अस्पताल में भर्ती हैं और केवल डायलिसिस के सहारे जीवन जी रही हैं। — कोटा के सरकारी हॉस्पिटल में अब एक नवजात की मौत:डिलीवरी के बाद एक और महिला की किडनी में इंफेक्शन, डॉक्टरों ने निजी अस्पताल ले जाने को कहा … इस मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… कोटा में सीजेरियन डिलीवरी के बाद एक और मौत:2 की किडनी फेल, रातभर रोती रही मरीज; प्रिंसिपल के पोस्टर पर काला रंग पोता कोटा में जेके लोन हॉस्पिटल में भी सीजेरियन डिलीवरी के बाद एक महिला की मौत हो गई थी। जबकि 5 महिलाओं की किडनी फेल हो गई थी। इससे पहले, कोटा मेडिकल कॉलेज के न्यू हॉस्पिटल में 2 महिलाओं की मौत और 6 की किडनी फेल हो गई थी। (पूरी खबर पढ़ें)

गाय को राष्ट्रमाता दर्जा देने की मांग:सलूंबर में हुई बैठक, 27 जुलाई को राष्ट्रपति के नाम देंगे ज्ञापन

सलूम्बर में गो सम्मान आह्वान अभियान के तहत एक बैठक हुई। संघ कार्यालय में हुई बैठक में 27 जुलाई को जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति और केंद्र सरकार को गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने और गोसंरक्षण के संबंध में ज्ञापन सौंपने के प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों पर चर्चा की गई। कार्यकर्ताओं की भूमिका पर चर्चा की बैठक में अभियान की रूपरेखा, जनसंपर्क कार्यक्रम, संगठनात्मक जिम्मेदारियों का निर्धारण और विभिन्न तहसीलों व नगरों में कार्यकर्ताओं की भूमिका पर विस्तृत चर्चा हुई। इसका उद्देश्य अधिकाधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करना है। अभियान से जुड़े पदाधिकारियों ने बताया कि 27 जुलाई का कार्यक्रम केवल ज्ञापन सौंपने तक सीमित नहीं रहेगा। इसे गोसंरक्षण और भारतीय संस्कृति के प्रति जनजागरण के एक बड़े अभियान के रूप में देखा जा रहा है। इस अवसर पर अभियान के पोस्टर का विमोचन भी किया गया। कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे पोस्टर के माध्यम से गांव-गांव और शहर-शहर अभियान का संदेश पहुंचाएंगे और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ेंगे। अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया बैठक में तहसील, खंड, नगर और जिला स्तर के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे। सभी ने अपने विचार साझा किए और अभियान को जन-जन तक पहुंचाने, गोभक्तों तथा सनातन समाज के लोगों को जोड़ने का आह्वान किया। इसका लक्ष्य 27 जुलाई के ज्ञापन कार्यक्रम को सफल बनाना है। वक्ताओं ने बताया कि प्रत्येक कार्यकर्ता अपने क्षेत्र में घर-घर संपर्क करेगा। इसका उद्देश्य समाज के हर वर्ग को अभियान से जोड़ना है, ताकि गोसंरक्षण और गोसम्मान की मांग को व्यापक जनसमर्थन मिल सके। बैठक का समापन “गोमाता का सम्मान – राष्ट्र का सम्मान” के उद्घोष के साथ हुआ। उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने अभियान को सफल बनाने और समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।