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सीनियर टीचर भर्ती एग्जाम दूसरे दिन भी जारी:पहली पारी में 66.85 प्रतिशत रही उपस्थिति; 18 जुलाई तक होंगे

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से आयोजित सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा दूसरे दिन भी 27 जिलों में हो रही है। इसके लिए प्रदेश में 1221 सेंटर बनाए गए हैं। परीक्षाएं 18 जुलाई तक चलेगी। पहली पारी में 3 लाख 35 हजार 268 में से 2 लाख 24 हजार 119 कैंडिडेट्स शामिल हुए, उपस्थिति प्रतिशत 66.85 प्रतिशत रहा। दूसरी पारी की परीक्षा तीन बजे से शुरू होगी। इस साल की सबसे बड़ी परीक्षाओं में से एक इस एग्जाम के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। मेटल डिटेक्टर से जांच के बाद ही एंट्री दी गई। अजमेर में 15 हजार 920 कैंडिडेट्स रजिस्टर्ड है। पहले 6,500, फिर 10,537 और अब 9,651 पदों पर भर्ती RPSC की अपील- दलालों और ठगों से रहें सावधान 1. किसी के बहकावे में न आएं RPSC ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा पास कराने का दावा करने वाले किसी भी दलाल, बिचौलिए (मीडिएटर) या ठग के झांसे में न आएं। 2. पैसे मांगने पर तुरंत यहां शिकायत करें अगर कोई भी व्यक्ति आपसे परीक्षा पास कराने के नाम पर पैसे (रिश्वत) मांगता है या कोई लालच देता है, तो सबूत के साथ तुरंत पुलिस, जांच एजेंसी या आयोग के कंट्रोल रूम नंबरों पर शिकायत करें, कंट्रोल रूम नंबर: 0145-2635200, 2635212 और 2635255 3. नकल या गड़बड़ी की तो भुगतनी होगी कड़ी सजा अगर कोई भी अभ्यर्थी परीक्षा में नकल करते हुए या किसी भी तरह की गड़बड़ी में शामिल पाया गया तो नए कानून (राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2022) के तहत बहुत सख्त कार्रवाई होगी। आरोपी को उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा हो सकती है। 10 करोड़ रुपए तक का जुर्माना लग सकता है। आरोपी की घर-जमीन (चल-अचल संपत्ति) जब्त की जा सकती है। जानिए- किस जिले में कितने सेंटर बनाए अलग-अलग सब्जेक्ट की परीक्षाओं को चार ग्रुप में बांटा 12 जुलाई को ये एग्जाम हुआ 13 जुलाई को ये एग्जाम हो रहा आने वाले दिनों में ये होंगे पढें ये खबर भी…. प्रश्नपत्र की गाड़ी के पीछे-पीछे एग्जाम सेंटर में घुसे अभ्यर्थी:हाथों में बंधे धागे काटे, दुपट्टे उतरवाए; 27 जिलों में हुई सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा

कूलर में स्प्रे कर परिवार को किया बेहोश:कायमनगर में 2 घरों से लाखों के गहने और नकदी की पार

चूरू के सदर थाना क्षेत्र के कायमनगर में रविवार रात चोरों के एक संगठित गिरोह ने 2 मकानों में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने परिवार के सदस्यों को बेहोश कर लाखों रुपए के नगदी और जेवरात चुरा लिए। चोर पहले मकानों की चारदीवारी फांदकर अंदर दाखिल हुए। इसके बाद उन्होंने लोहे की जाली का गेट तोड़कर घर में प्रवेश किया। आरोप है कि घर के भीतर सो रहे परिवार के लोगों को गहरी नींद में रखने के लिए कूलर में बेहोश करने वाला स्प्रे किया गया था। महिलाओं के पहने हुए गहने भी उतार ले गए
परिवार के सदस्य बेखबर होकर सोते रहे और चोरों ने आराम से पूरे घर की तलाशी ली। बदमाशों ने सबसे पहले महिलाओं के कानों में पहनी बालियां और गले में पहने सोने के आभूषण उतारे। इसके बाद जिन कमरों में परिवार के अन्य सदस्य सो रहे थे, उनके दरवाजों को बाहर से कुंदा लगाकर बंद कर दिया, ताकि कोई जागने पर बाहर नहीं निकल सके। तीसरे मकान में भी की चोरी की कोशिश
चोरों ने अलमारियों के ताले और गेट तोड़कर नकदी व जेवरात समेट लिए। जानकारी के अनुसार, नूरजहां के मकान से करीब 40 हजार रुपए नकद और सोने-चांदी के गहने चोरी हुए। वहीं, मोहम्मद आतिफ के घर से करीब 50 हजार रुपए नकद और जेवर चुरा लिए गए। गिरोह ने एक अन्य मकान में भी घुसने का प्रयास किया, लेकिन वहां चोरी की वारदात नहीं हो सकी। सुबह सामान बिखरा और अलमारियों ताले टूटे मिले
सुबह जब परिवार के लोगों की आंख खुली तो कमरों के दरवाजे बाहर से बंद मिले। किसी तरह बाहर निकलने पर घरों का सामान बिखरा पड़ा था और अलमारियां टूटी हुई मिलीं।
सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ ही बदमाशों की तलाश में जुट गई है।

मांगें अनसुनी तो टंकी पर चढ़े 3 ग्रामीण:PM आवास में अनियमितता का आरोप, 2022 से अटके वाटर वर्क्स का विरोध

हनुमानगढ़ के टिब्बी उपखंड स्थित डबली कलां गांव में सोमवार को प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित अनियमितताओं और साल 2022 से स्वीकृत डीबीएल वाटर वर्क्स का निर्माण शुरू नहीं होने के विरोध में तीन ग्रामीण पानी की ऊंची टंकी पर चढ़ गए। घटना से गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत और ज्ञापन देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। टंकी पर चढ़कर किया विरोध प्रदर्शन प्रदर्शन करने वालों में राजू बारूपाल, नानकराम और पालाराम शामिल हैं। तीनों ग्रामीण पानी की ऊंची टंकी पर चढ़ गए, जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी भी मौके के लिए रवाना हो गए। PM आवास योजना में पात्रों की अनदेखी का आरोप प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में वास्तविक पात्र परिवारों को नजरअंदाज कर अपात्र लोगों को लाभार्थी सूची में शामिल किया गया है। उनका कहना है कि कई जरूरतमंद परिवार आज भी पक्के मकान से वंचित हैं, जबकि नियमों के विपरीत अन्य लोगों को योजना का लाभ दिया गया। 2022 से स्वीकृत वाटर वर्क्स शुरू कराने की मांग ग्रामीणों ने वर्ष 2022 में स्वीकृत 13 डीबीएल वाटर वर्क्स निर्माण कार्य को जल्द शुरू कराने की भी मांग उठाई। उनका कहना है कि स्वीकृति मिलने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से क्षेत्र के लोगों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से दोनों मांगों को लेकर प्रशासन के समक्ष गुहार लगा रहे हैं। करीब एक सप्ताह पहले विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी भी दी गई थी कि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। मांगों पर सुनवाई नहीं होने के बाद सोमवार को तीनों ग्रामीण टंकी पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन करने लगे। अब प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति पर सबकी नजर बनी हुई है।

अलवर में भी थमे हजारों ट्रकों के पहिए:VLTD और परमिट को लेकर प्रदर्शन; बाजार की दुकानें भी कराईं बंद

अलवर जिले में सोमवार को हजारों ट्रकों का चक्का जाम रहा। राजस्थान ट्रक ट्रांसपोर्ट संघर्ष समिति के आह्वान पर ‘अलवर जिला ट्रांसपोर्ट ओनर्स एसोसिएशन’ ने भी इस हड़ताल का पूर्ण समर्थन किया। व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) और नेशनल परमिट संबंधी समस्याओं के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। अ ट्रांसपोर्ट नगर में ट्रांसपोर्टरों ने राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए रैली निकाली और बाजार की दुकानों को भी बंद कराया। हड़ताल के मद्देनजर रविवार रात से ही ट्रकों को खड़ा कर दिया गया था। प्रदर्शन से जुड़ी PHOTOS… 14 जून से बंद हैं नेशनल परमिट यूनियन के अध्यक्ष सुरेश मेहता ने बताया -केंद्र सरकार ने करीब तीन वर्ष पहले कमर्शियल वाहनों में वीएलटीडी और पैनिक बटन अनिवार्य किए थे। इसके लिए अधिकृत वेंडर द्वारा फिटमेंट प्रमाण पत्र जारी किया जाता है, जिसके बिना नेशनल परमिट नहीं बनता। उनका आरोप है कि राजस्थान में अब तक वेंडर्स को यह प्रमाण पत्र जारी करने के लिए अधिकृत नहीं किया गया है। इसके चलते 14 जून से नेशनल परमिट जारी होने पूरी तरह बंद हो गए हैं। अब बिना परमिट मजबूरी में चलने वाले वाहनों से टोल प्लाजा पर 10 हजार रुपए तक का भारी-भरकम जुर्माना वसूला जा रहा है, जिससे ट्रांसपोर्टर बर्बाद हो रहे हैं। आवश्यक सेवाओं को हड़ताल से छूट यूनियन अध्यक्ष सुरेश मेहता ने कहा कि सरकार से कई बार मांग रखने के बावजूद इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला गया है। इसी वजह से वे परिवहन मंत्री प्रेमचंद बैरवा सहित सरकार का विरोध कर रहे हैं। वहीं, गगन अनेजा ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो इस आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। राहत की बात यह है कि हड़ताल के दौरान आमजन की सुविधा का ध्यान रखा गया है। सुरेश मेहता ने बताया कि दूध, सब्जी, दवाइयों और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को इस चक्का जाम से पूरी तरह छूट दी गई है। इस प्रदर्शन में इमरत दीन, परमजीत सिंह गोगिया, पंकज अनेजा, संदीप मित्तल, गगनदीप अनेजा, समसू खान, प्रेम गांधी, सतीश शर्मा, संदीप गुप्ता और अशोक अरोड़ा सहित बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्टर और चालक शामिल हुए।

भाजपा के पूर्व पार्षद के बेटे की मौत, दो घायल:दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर; जेब में मिले आधार कार्ड से पहचान

अजमेर शहर में दो बाइकों की टक्कर में बीजेपी के पूर्व पार्षद के बेटे की मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और तीनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल अन्य दो युवक जेएलएन हॉस्पिटल में भर्ती है। हादसा हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाने का है। पुलिस के अनुसार रीजनल कॉलेज गेट के पास न्यू चौपाटी मार्ग पर रविवार देर रात हादसा हुआ, जिसमें कुंदन नगर निवासी भाजपा के पूर्व पार्षद अनिल मकवाना के बेटे देवांश मकवाना (23) की मौत हो गई। वहीं दूसरी बाइक पर सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। मोबाइल और आधार कार्ड से पहचान के बाद पूर्व पार्षद को बेटे की मौत की सूचना दी गई। दोनों क्षतिग्रस्त बाइकों को जब्त कर लिया गया है। मृतक के भाई संस्कार मकवाना ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। दोनों बाइकों की आमने-सामने की टक्कर पुलिस के अनुसार- पूर्व पार्षद के बेटे देवांश होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई पूरी कर चुका था। वह रविवार रात बाइक लेकर घर से निकला था। न्यू चौपाटी मार्ग पर सामने से आ रही दूसरी बाइक से आमने-सामने की टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और तीनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीर तत्काल जेएलएन हॉस्पिटल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद देवांश को मृत घोषित कर दिया, जबकि दूसरी बाइक पर सवार दोनों घायलों का उपचार जारी है। पूर्व पार्षद के परिवार को हॉस्पिटल से मिली सूचना पूर्व पार्षद के बेटे की जेब में मिले मोबाइल और आधार कार्ड से हॉस्पिटल में मौजूद सुरक्षा गार्ड ने परिवार को सूचना दी। परिवार और दोस्त हॉस्पिटल पहुंचे। देवांश के दोस्त चंद्रभान ने बताया कि हॉस्पिटल से सूचना मिलने के बाद वे मौके पर पहुंचे और पुलिस को भी जानकारी दी।

ट्रैक्टर पलटा, नगर परिषद कर्मचारी की मौत:खेत में जाते समय हादसा, नीचे दब गया ड्राइवर

चूरू में रविवार शाम एक ट्रैक्टर पलटने से 35 वर्षीय ड्राइवर की मौत हो गई। यह हादसा सदर थाना क्षेत्र के ढाणी मुनीम जी गांव में खेत जाते समय हुआ। गंभीर रूप से घायल युवक को डीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान विक्रम सिंह उर्फ अनिल कुमार (35) के रूप में हुई है, जो नगरपरिषद में दमकल ड्राइवर के पद पर कार्यरत था। हादसे की सूचना मिलने पर अस्पताल चौकी से पुलिस मौके पर पहुंची और शव को मॉर्च्युरी में रखवाया। संतुलन बिगड़ने से पलटा ट्रैक्टर
सोमवार दोपहर मृतक के पिता अशोक कुमार ने सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनका बेटा विक्रम सिंह उर्फ अनिल कुमार बुगाला हाल हाउसिंग बोर्ड निवासी था और रविवार शाम ढाणी मुनीम जी की रोही में स्थित खेत में ट्रैक्टर लेकर जा रहा था। रास्ते में संतुलन बिगड़ने से ट्रैक्टर पलट गया, जिसके नीचे दबने से विक्रम सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। सदर थाना के एएसआई सुरेंद्र रेडू ने बताया कि मृतक के पिता की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

पेपर-लीक के विरोध में जयपुर की सड़कों पर उतरे स्टूडेंट्स:NSUI ने निकाली 'रन अगेंस्ट पेपर लीक' मैराथन; जूली बोले- मेहनत का फल कोई और ले जाता है

प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों के विरोध में जयपुर में आज स्टूडेंट्स सड़क पर उतर आए। राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत ‘रन अगेंस्ट पेपर लीक’ नाम से 5 किलोमीटर मैराथन का आयोजन किया। इस दौरान पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती परीक्षाओं की मांग करते हुए पेपर लीक जैसी घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई गई। इस अवसर पर NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़, राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, विधायक मनीष यादव और विधायक शिखा मील बराला सहित कई जनप्रतिनिधि और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। मैराथन से प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने की मांग की मैराथन की शुरुआत राजस्थान विश्वविद्यालय के मेन गेट से हुई। प्रतिभागी अल्बर्ट हॉल तक दौड़े और वहां से वापस राजस्थान विश्वविद्यालय पहुंचकर मैराथन का समापन हुआ। पूरे मार्ग में छात्र-छात्राएं और NSUI कार्यकर्ता हाथों में बैनर और संदेश लिखी तख्तियां लेकर दौड़ते नजर आए। प्रतिभागियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग की। जूली बोले- मेहनत का फल कोई और ले जाता है नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि देशभर के छात्रों में पेपर लीक को लेकर भारी आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक और भ्रष्टाचार के कारण उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर छात्रों की आवाज़ को मजबूत करने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है।

जाखड़ बोले- ये परीक्षा का मुद्दा नहीं. बल्कि युवाओं के भविष्य का सवाल वहीं, NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं के सपनों को तोड़ा है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य और देश की प्रतिभा के साथ अन्याय है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित होने तक संगठन का आंदोलन जारी रहेगा। मैराथन के विजेताओं का सम्मान कार्यक्रम के समापन पर मैराथन के विजेताओं को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। NSUI ने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के माध्यम से देशभर में छात्रों की आवाज़ को मजबूती से उठाते हुए शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग लगातार जारी रखी जाएगी।

रोपवे में फंसे यात्री, एनडीआरएफ-एसडीआरएफ ने किया रेस्क्यू:रस्से और चेयर के जरिए सुरक्षित उतारा, नीमचमाता रोपवे पर किया मॉक ड्रिल

उदयपुर के नीमचमाता रोपवे पर सोमवार सुबह स्टेशन से मंदिर जा रही ट्रॉली बीच रास्ते में हवा में अटक गई। करीब 50 फीट ऊंचाई पर चार यात्री फंसने की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस, पुलिस और रोपवे की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची। संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत यात्रियों को रस्सियों और विशेष चेयर की मदद से सुरक्षित नीचे उतारकर एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, बाद में स्पष्ट हुआ कि यह वास्तविक हादसा नहीं बल्कि आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए आयोजित प्रशासनिक मॉक ड्रिल थी। इस दौरान रोपवे में फंसने की स्थिति में रेस्क्यू प्रक्रिया का सफल प्रदर्शन किया गया। 50 फीट ऊंचाई पर रोपवे में फंसे यात्री प्रशा​सनिक मॉक ड्रिल के तहत आज सुबह साढ़े आठ बजे बाद कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि नीमत माता स्थित रोप-वे में मंदिर जाते वक्त ट्राली केबिन बीच में ही अटक गए है और उनमें करीब चार यात्री हैं। यह रोपवे स्टेशन से करीब 200 मीटर की दूरी पर थे और नीचे जमीन से करीब 50 फीट ऊंचाई पर यात्री केबिन में फंसे हुए थे। ये रोप-वे 430 मीटर तक की यात्री यात्रा करते है। इसमें वे फतहसागर के सामने देवाली छोर से रोपवे में रवाना होते और पहाड़ी के टॉप पर स्थित नीमचमाता मंदिर जाकर माता के दर्शन करते और ऊपर से उदयपुर का नजारा देखते है। एनडीआरएफ-एसडीआरएफ ने किया रेस्क्यू इसके बाद मौके पर एनडीआरएफ 6 बटालियन बड़ौदा की टीम, ​एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस, स्थानीय पुलिस पहुंची। सभी टीमों ने वहां पर दामोदर रोपवे की तकनीकी टीम के साथ मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। सबसे पहले नीमचमाता मंदिर से नीचे के स्टेशन की तरफ जहां केबिन रुक गए थे उससे पहले के टावर से एक तकनीकी कर्मचारी पहुंचा और वहां से वह उस केबिन तक पहुंचा। इसके बाद नीचे से टीमों ने रस्सों के जरिए चेयर पहुंचाई। केबिन से रोपवे स्टाफ ने एक-एक कर यात्री को चेयर के जरिए नीचे भेजा। नीचे धीरे-धीरे रस्से को ढील दी और चेयर नीचे आई। नीचे की तरफ एनडीआरएफ, ​एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस की टीमों ने जाल बिछा रखा था। जैसे ही पहला यात्री नीचे आया उसे पानी पिलाया और उसके बाद उसे स्ट्रेच पर लिटाकर सीधे एंबूलेंस तक ले गए और वहां से अस्पताल पहुंचाया। इस तरह यात्रियों को नीचे सुरक्षित उतारा गया। मॉक ड्रिल के दौरान एनडीआरएफ 6 बटालियन बड़ौदा की टीम जो इन दिनों उदयपुर आई हुई हैं उसके इंस्पेक्टर रंजीत पटेल, ​एसडीआरएफ उदयपुर के इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह चुंडावत, सिविल डिफेंस उदयपुर के इंस्पेक्टर रवि शर्मा, अंबामाता थानाधिकारी दलपत सिंह, फतहपुरा पुलिस चौकी से बजरंग सिंह, दामोदर रोपवे के महाप्रबंधक एम.के. बैग और स्थानीय प्रबंधक मनु जोशी आदि शामिल थे। रोपवे में अटक जाए तो ये सावधानी रखे यात्री अब तस्वीरों में देखें पूरा रेस्क्यू ऑपरेशन…

विनिता कोका बनी बांगड़ कॉलेज की नई प्रिंसिपल:महेंद्रसिंह राजपुरोहित का सोजत ट्रांसफर, विधायक-प्रिंसिपल में चल रहा था विवाद

आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा जयपुर ने 16 सरकारी कॉलेजों के प्रिंसिपल के तबादलों की सूची जारी की है। इस सूची में पाली के बांगड़ कॉलेज के प्रिंसिपल महेंद्रसिंह राजपुरोहित का नाम भी शामिल है। उनका ट्रांसफर बांगड़ कॉलेज से सोजत सरकारी कॉलेज में प्रिंसिपल पद पर किया गया है। वहीं पाली के भंसाली गर्ल्स कॉलेज की प्रिंसिपल विनिता कोका को बांगड़ कॉलेज का नया प्रिंसिपल बनाया गया है। पाली विधायक भीमराज भाटी और बांगड़ कॉलेज प्रिंसिपल के बीच पिछले कुछ समय से चल रहे विवाद के बीच हुए इस तबादले को उसी घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। पिछले कई दिनों से चल रही थी बयानबाजी पाली विधायक भीमराज भाटी और बांगड़ कॉलेज के प्रिंसिपल महेंद्रसिंह राजपुरोहित के बीच पिछले कुछ दिनों से बयानबाजी चल रही थी। इसकी शुरुआत बाड़सा रिसोर्ट में कांग्रेस के एक कार्यक्रम के दौरान हुई थी। कार्यक्रम में विधायक भीमराज भाटी ने बांगड़ कॉलेज प्रिंसिपल को लेकर टिप्पणी की थी। इसके बाद राजपुरोहित समाज की ओर से सूरजपोल पर विधायक का पूतला फूंककर विरोध जताया गया था। एनएसयूआई ने भी किया था विरोध प्रदर्शन इसके बाद एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने भी कलेक्ट्रेट के सामने बांगड़ कॉलेज प्रिंसिपल का पूतला फूंककर विरोध प्रदर्शन किया था। वहीं विधायक भीमराज भाटी ने एक वीडियो जारी कर कहा था कि उन्होंने कॉलेज प्रिंसिपल पर जो आरोप लगाए हैं, वे सही हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि उनके पास आरोपों से जुड़े सबूत मौजूद हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें सार्वजनिक भी किया जाएगा।

श्रीगंगानगर में हजारों लोग सड़कों पर उतरे:नरसिंहपुरा में प्रस्तावित कचरा प्लांट का विरोध, बड़ा आंदोलन करने की तैयारी

श्रीगंगानगर जिले के नरसिंहपुरा बारानी-मांझूवास में कचरा प्लांट लगाने के विरोध में सोमवार को हजारों ग्रामीणों ने विशाल आक्रोश रैली निकाली। मांझूवास से शुरू हुई यह रैली 6 किलोमीटर दूर नरसिंहपुरा बारानी स्थित गौशाला पहुंची। रैली में करीब 2 हजार लोग शामिल हुए, जिसमें बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं भी बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरीं। प्रदर्शनकारियों ने कहा- अधिकारी अभी भी सोए हुए हैं। अगर समय रहते कचरा प्लांट का प्रस्ताव वापस नहीं लिया गया तो यह छोटी आक्रोश रैली जल्द ही बड़े आंदोलन का रूप ले लेगी। ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट से उनके खेतों, पशुओं और पूरे इलाके के पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचेगा। रैली में शामिल ग्रामीणों ने नारेबाजी की और प्रशासन से मांग की कि गांव के पास कचरा प्लांट न लगाया जाए। उन्होंने कहा- हमारी जमीन, पानी और हवा सब खतरे में है। कचरा प्लांट से बदबू, मक्खी-मच्छर और प्रदूषण फैलेगा, जिससे हमारे बच्चों और पशुओं की सेहत बिगड़ जाएगी और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होगी। यह पहला मौका नहीं है जब ग्रामीण कचरा प्लांट के विरोध में सड़क पर उतरे हैं। पहले भी लोगों ने कई बार बैठकें कीं और प्रशासन को ज्ञापन सौंपे थे। लेकिन प्रशासन की तरफ से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। कुछ दिन पहले इसके विरोध में ग्रामीणों ने गांव के सरकारी स्कूल भी बंद करवाए थे। रैली के आयोजकों ने बताया कि अगर जिला प्रशासन ने उनकी मांगों को नजरअंदाज किया तो वे और बड़ा आंदोलन छेड़ने को तैयार हैं। इसमें धरना-प्रदर्शन, घेराव और उच्चाधिकारियों तक डेलिगेशन भेजने की योजना है। ग्रामीणों का आरोप है कि कचरा प्लांट गांव की उपजाऊ जमीन के पास लगाया जा रहा है, जबकि वैकल्पिक जगहों पर इसे शिफ्ट किया जा सकता है।