ब्रेकिंग न्यूज़
पाली कलेक्ट्रेट के बाहर 'पिंक' धरना जारी:आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका बोलीं-स्थायी करो, मानदेय बढ़ाओ

पाली कलेक्ट्रेट के बाहर सोमवार को पिंक साड़ी पहने सैकड़ों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाएं धरने पर डटी रहीं। जिलेभर से यहां बड़ी तादाद में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाएं पहुंचीं और धरने में शामिल हुई। इस दौरान स्थायी करने, मानदेय बढ़ाने और ग्रेच्युटी देने की मांगें दोहराई गई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं ने जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा- जब तक मांगों का समाधान नहीं होगा तब तक धरना जारी रहेगा। ये हैं प्रमुख मांगें इसके अलावा महिला पर्यवेक्षकों के आरक्षित पदों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से भरने, 1 हजार नए पद सृजित करने और 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए ग्रीष्मकालीन अवकाश 30 जून तक करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई।

बूंदी में स्मार्ट मीटर के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन:कलेक्ट्रेट घेरने निकले कार्यकर्ताओं पर पानी की बौछार, चांदना बोले- लोगों को ठगना चाहता है बिजली विभाग

बूंदी में स्मार्ट मीटर लगाने के विरोध में सोमवार को किसानों और कांग्रेस समर्थकों ने ‘हुंकार जन आंदोलन’ किया। इस दौरान प्रशासन ने पानी की बौछार कर लोगों को रोकने का प्रयास किया। इससे पहले आजाद पार्क में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता इकट्ठा हुए और जिला कलेक्टर ऑफिस के घेराव के लिए लिए कूच कर दिया। रैली में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता, जिला और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के सदस्य और महिला कांग्रेस कमेटी की कार्यकर्ता शामिल थे। प्रदर्शनकारियों को अहिंसा सर्किल पर रोका प्रदर्शनकारियों को पुलिस प्रशासन ने अहिंसा सर्किल पर रोक दिया। इस दौरान अशोक चांदना ने बिजली विभाग के अधिकारियों से स्मार्ट मीटर को लेकर वार्ता की। वार्ता सफल नहीं होने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और प्रदर्शन तेज कर दिया। जब कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने का प्रयास किया, तो पुलिस प्रशासन ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। चांदना बोले- किसानों की मांगों को अनसुना नहीं कर सकते पूर्व मंत्री और हिंडोली विधायक अशोक चांदना ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसानों की मांगों को अनसुना नहीं किया जा सकता। स्मार्ट मीटर से किसानों को आर्थिक और तकनीकी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों के साथ लगातार भाजपा सरकार धोखा कर रही है। स्मार्ट मीटर की योजना लाकर किसानों के बिल के बोझ को बढ़ा दिया गया है। जिससे किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। केंद्र सरकार ने युवाओं का भविष्य बिगड़ने की कोशिश किया-आज कई युवा साइबर फ्रॉड के चंगुल में बसता जा रहा है, लेकिन उसे बचाने का कोई भी प्लान सरकार के पास नहीं है। चांदना ने घोषणा की कि वे इस मुद्दे को विधानसभा में उठाएंगे और स्मार्ट मीटर के खिलाफ राजस्थान में एक बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे। कांग्रेस पार्टी हमेशा किसानों के साथ खड़ी है। किसान और नेता प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को रोका जाए और किसानों की चिंताओं पर खुलकर चर्चा कर समाधान निकाला जाए, ताकि उन्हें आर्थिक बोझ न झेलना पड़े। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार की बिजली नीतियों और भाजपा पर भी सवाल उठाए। रैली शांतिपूर्ण रही, हालांकि पुलिस ने हालात पर नजर बनाए रखी और मौके से कुछ लोगों को हिरासत में लिया।

कोटपूतली में दिशा बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा:सांसद बोले-हर व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ, विकास योजनाओं पर चर्चा

कोटपूतली में जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेंद्र सिंह की अध्यक्षता में सोमवार शाम को जिला कलेक्टर सभागार में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुंडावर विधायक ललित यादव, जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सांसद बोले-विकास कार्यों की निगरानी होगी सुनिश्चित सांसद राव राजेन्द्र सिंह ने बताया-दिशा बैठक का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना और विकास कार्यों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे योजनाओं की वास्तविक और अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही सभी विकास कार्यों को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करें। पेयजल और बिजली व्यवस्था को लेकर दिए निर्देश बैठक में पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सांसद ने जलदाय विभाग को आमजन को किसी भी प्रकार की पेयजल समस्या का सामना न करने देने के निर्देश दिए। विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। सार्वजनिक निर्माण विभाग की समीक्षा करते हुए सांसद ने क्षेत्र में स्वीकृत एवं प्रगतिरत सड़क निर्माण कार्यों, उनकी गुणवत्ता, प्रगति और कार्यदायी एजेंसियों की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने एनएचएआई को निर्देश दिए कि एनएच-48 पर आमजन की सुविधा के अनुसार ओवरब्रिज, फ्लाइओवर, अंडरपास, फुटब्रिज और कट्स का निर्माण किया जाए। विकास योजनाओं की प्रगति पर हुई चर्चा इसके अतिरिक्त, बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, बैंकिंग, स्वच्छता, आवास, उद्योग, पशुपालन, राजीविका तथा महिला एवं बाल विकास विभागों की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। शिक्षा विभाग को विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं सुदृढ़ करने, कृषि विभाग को मृदा परीक्षण एवं फसल बीमा योजनाओं के प्रति किसानों को जागरूक करने तथा एलडीएम को बैंकिंग एवं जनधन योजनाओं का लाभ अधिकाधिक पात्र लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। पीएम आवास योजना (ग्रामीण), स्वामित्व योजना, विश्वकर्मा योजना, स्वनिधि योजना, वीबी-ग्राम, श्रम कार्ड, एनएफएसए, उद्योग एवं राजीविका सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई। विधायक समेत कई अधिकारी रहे मौजूद मुंडावर विधायक ललित यादव ने बैठक में अपने क्षेत्र की समस्याओं और विकास संबंधी सुझाव प्रस्तुत किए। इस अवसर पर एसडीएम कोटपूतली योगेश देवल, अलवर सरस डेयरी के चेयरमैन नितिन सांगवान, एसीईओ जयपुर ब्रजमोहन गुप्ता एवं साधना शर्मा सहित कई अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।

प्रतापगढ़ में मिड डे मील रसोइयों का प्रदर्शन:9 मांग रखीं, कहा- 2400 की जगह 9000 किया जाए मानदेय

प्रतापगढ़ में मिड डे मील रसोइया संघ ने अपनी नौ सूत्रीय मांगों को लेकर मिनी सचिवालय पर प्रदर्शन किया। रसोइयों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर के सहायक को ज्ञापन सौंपा, जिसमें मानदेय वृद्धि और नियमितीकरण की प्रमुख मांगें शामिल थीं। कहा-हर महीने मिल रहा 2400 का मानदेय संघ के जिला अध्यक्ष कालूराम मईडा ने बताया कि सरकारी विद्यालयों में मिड डे मील योजना के तहत रसोइये पिछले 22 वर्षों से बच्चों के लिए भोजन बना रहे हैं। इसके बदले में उन्हें प्रति माह मात्र 2400 रुपए का मानदेय मिलता है, जो वर्तमान दौर में बहुत कम है। प्रतिमाह 9000 रुपए देने की मांग रसोइयों की प्रमुख मांगों में प्रति माह 9000 रुपए मानदेय प्रदान करना, राशन सामग्री खरीदने का अधिकार देना और मानदेय का भुगतान व्यक्तिगत बैंक खातों में करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने प्रत्येक 25 विद्यार्थियों पर एक रसोइये की नियुक्ति की भी मांग की है। आज बड़ी संख्या में रसोइये संघ के बैनर तले मिनी सचिवालय पहुंचे और जमकर नारेबाजी की। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे अपना आंदोलन तेज करेंगे।

प्राइवेट स्कूल संचालक बोले-सरकार दखल कम करे:RTE का बकाया भुगतान मांगा; कलेक्टर को दिया CM के नाम ज्ञापन

जालोर के प्राइवेट स्कूल संचालकों ने कहा है कि सरकार राज संबल और शिक्षा संबल कार्यक्रमों के जरिए प्रशासनिक हस्तक्षेप बढ़ा रही है। जिला निजी विद्यालय संघ के सदस्य संचालक सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और सीएम के नाम कलेक्टर को ज्ञापन देकर मांगें रखीं। संघ के किशोर सिंह ने बताया- प्राइवेट स्कूलों पर राज संबल और शिक्षा संबल कार्यक्रम का बोझ डाला जा रहा है। इनके जरिए प्रशासन का हस्तक्षेप बढ़ गया है। बार-बार चेकिंग भी की जाती है। प्राइवेट स्कूल राज्य की शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। हमें प्रशासनिक और प्रबंधकीय स्वायत्तता हासिल है। शिक्षा संबल कार्यक्रम के जरिए बार-बार चेकिंग, रिपोर्टिंग और दूसरी प्रशासनिक प्रक्रियाओं का गैरजरूरी दबाव बनाया जा रहा है। इससे स्कूलों में पढ़ाई का माहौल प्रभावित हो रहा है। RTE का बकाया भुगतान मांगा संघ ने राइट टू एजुकेशन (आरटीई) के तहत स्कूलों को सरकार की ओर से मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि का समय पर भुगतान तय करने की मांग की है। साथ ही निजी स्कूलों की प्रशासनिक स्वायत्तता बनाए रखने और अनावश्यक निरीक्षण और हस्तक्षेप पर रोक लगाने की मांग की है। साथ ही राजस्थान गैर-सरकारी शैक्षणिक संस्थाएं अधिनियम, 1993 की भावना के अनुरूप कार्यवाही करने की अपील की है। संघ ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्दी ही सकारात्मक फैसला नहीं लिया तो प्रदेशभर के निजी स्कूल चरण बद्ध आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

अलवर के शकील ने चीन में लहराया तिरंगा:ब्रॉन्ज मेडल जीतकर लौटे भारत, कोच को दिया सफलता का श्रेय, बोले- गुरु की सीख बनी जीत की ताकत

चीन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर लौटे अलवर के खिलाड़ी शकील का जोरदार स्वागत किया गया। शकील ने अपनी सफलता का श्रेय कोच सबल प्रताप को देते हुए कहा कि उनके सिखाए हुए गुर ही प्रतियोगिता में काम आए। उन्होंने विश्वास जताया कि आगे भी कड़ी मेहनत कर देश और प्रदेश के लिए इससे बड़े पदक जीतने का प्रयास करेंगे। दरअसल, चीन के ओरदोस शहर में आयोजित अंडर-23 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शकील ने भारत का प्रतिनिधित्व किया है। ब्रॉन्ज मेडल (कांस्य पदक) जीतने वाले अलवर के खिलाड़ी का इंदिरा गांधी स्टेडियम में अभिनंदन किया गया। शकील ने 800 मीटर दौड़ को 1 मिनट 48.78 सेकेंड में पूरा कर सफलता हासिल की। शकील ने अपने कोच को दिया सफलता का श्रेय अलवर पहुंचने पर शकील ने कहा कि उसने 2017 में खेल शुरू किया था। सबसे पहले कोच सबल प्रताप सिंह के मागर्दशन में दौड़ना सीखा। उनके सिखाए गुर की बदौलत चीन तक सफर सम्मान से पूरा किया। आगे भी देश के लिए बड़े मेडल लाने का भरसक प्रयास रहेगा। एथलेटिक्स में मेहनत और लगन से आगे बढ़े खिलाड़ी अपने शिष्य का अभिनंदन करते हुए कोच सबल प्रताप ने कहा कि शकील गरीब परिवार से निकला है। एथलेटिक्स में मेहनत और लगन से आने वाले खिलाड़ी सफल हुए हैं। अलवर के खिलाड़ियों जैसा अनुशासन कहीं नहीं है। उससे दूसरे खिलाड़यों का भी मनोबल बढ़ता है। यह बड़ी उपलब्धि है। दूसरे खिलाड़ी भी आगे रहेंगे। यह शकील का लगातार दूसरा एशियाई पदक है, जिससे उन्होंने साबित कर दिया कि उनकी पुरानी कामयाबी कोई इत्तेफाक नहीं थी। इससे पहले भी वे चीन में ही आयोजित अंडर-18 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुके हैं। खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों ने एक-दूसरे को खिलाई मिठाई जिला एथलेटिक्स संघ (अलवर) के सचिव धारा यादव ने बताया कि शकील की ऐतिहासिक उपलब्धि से जिले के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में खुशी है। खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों ने मैदान पर एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जश्न मनाया गया। अलवर पहुंचने पर निकलेगा विजय जुलूस सचिव धारा यादव ने बताया- मेडलवीर शकील के अलवर लौटने पर जिला एथलेटिक्स संघ और खेल प्रेमियों द्वारा उनका ऐतिहासिक स्वागत किया जाएगा। शकील के अभिनंदन में डीजे, फूल-मालाओं के साथ शहर में स्वागत जुलूस निकाला गया।

घुमंतू परिवारों को ग्रामीण सेवा शिविर में मिले पट्टे:योजनाओं का लाभ दिया, लोगों की समस्याओं का मौके पर किया समाधान

ग्राम पंचायत पचपदरा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिला। इस दौरान वर्षों से आवासीय पट्टों का इंतजार कर रहे घुमंतू परिवारों को पट्टे सौंपे गए। शिविर में राजस्व, पंचायत, सामाजिक सुरक्षा और अन्य विभागों से संबंधित मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। दो शिविरों में पंचायत समिति में सबसे ज्यादा पट्टे दिए ग्राम पंचायत पचपदरा ने पिछले छह माह में आयोजित दो ग्रामीण सेवा शिविरों में पंचायत समिति क्षेत्र में सर्वाधिक पट्टे जारी करने का रिकॉर्ड बनाया है। पंचायत प्रशासन पात्र और जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राजस्व विभाग ने शिविर में 22 खातेदारों के विभाजन मामलों का एक ही हस्ताक्षर में निस्तारण किया। वर्षों से लंबित इन मामलों के समाधान से संबंधित परिवारों को सुविधा मिली। शिविर प्रभारी एवं उपखंड अधिकारी राजेश विश्नोई, एसीओ हीरालाल कलबी और तहसीलदार कुलदीप कछवाह ने शिविर में प्राप्त आवेदनों की सुनवाई की। शिविर में विधायक अरुण चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से इस प्रकार के शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। ये रहे मौजूद इस अवसर पर ग्राम पंचायत प्रशासक पूजा राठौड़, डालाराम प्रजापत, जिला अध्यक्ष भरत मोदी, मंडल अध्यक्ष राकेश चोपड़ा, अमित सिंह राठौड़, अतिरिक्त विकास अधिकारी कान सिंह, सहायक विकास अधिकारी रावताराम,सहायक अभियंता भगवानाराम पटेल, ग्राम विकास अधिकारी किशोर शर्मा, पटवारी श्याम पुनिया, नवरतन सोनी,कनिष्ट सहायक गुडी जाखड़, पवन पंवार तथा विनीत सिंह सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

ट्रेन की चपेट में आने से सफाई कर्मचारी की मौत:नाले में पड़ा मिला शव; भाई बोला- फाइनेंसरों से परेशान था

बाड़मेर शहर में सोमवार दोपहर ट्रेन की चपेट में आने से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद युवक का शव रेलवे ट्रैक के पास नाले के कीचड़ में जा गिरा। सूचना पर जीआरपी, आरपीएफ और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से शव को बाहर निकालकर जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। घटना सोमवार दोपहर करीब 3 बजे बीएनसी होटल के सामने हुई। कोतवाली थाना पुलिस के एसआई पुरखाराम ने बताया कि जोधपुर से बाड़मेर आ रही पैसेंजर ट्रेन की चपेट में बापू कॉलोनी निवासी गौरीशंकर (39) पुत्र किशोरीलाल आ गए। टक्कर के बाद उनका शव ट्रैक से सटे नाले के कीचड़ में जा गिरा। सूचना पर ट्रेन रोकी गई, लेकिन शुरुआत में युवक दिखाई नहीं दिया। इसके बाद जीआरपी और आरपीएफ ने मौके पर पहुंचकर सर्च अभियान चलाया, जिसमें नाले से शव बरामद हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने बताया कि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। भाई ने कहा- फाइनेंसरों से परेशान थे
मृतक के भाई मोहनलाल ने आरोप लगाया कि गौरीशंकर ने कुछ फाइनेंसरों से रुपए उधार लिए थे और पिछले कुछ समय से वे लगातार उन्हें परेशान कर रहे थे। उनके अनुसार, इसी वजह से गौरीशंकर मानसिक तनाव में थे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित फाइनेंसरों की पहचान उन्हें नहीं है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के कारण क्लियर हो सकेंगे।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने दी हड़ताल की चेतावनी:बोलीं- न सरकारी कर्मचारी का दर्जा मिला न ढंग की सैलरी; परिवार चलाना मुश्किल हुआ

जैसलमेर में अपनी पुरानी मांगों को लेकर जैसलमेर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने सोमवार को काम बंद कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ के बैनर तले जुटीं महिलाओं ने शहर के मंगलसिंह पार्क से जिला कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला। कलेक्ट्रेट पहुंचकर महिलाओं ने दफ्तर का घेराव किया और जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान महिलाओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए और चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक पूरे राजस्थान के केंद्रों पर तालाबंदी और हड़ताल जारी रहेगी। घर चलाना हुआ मुश्किल महिमा भाटिया, जिलाध्यक्ष, अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ शाखा जैसलमेर ने कहा कि सरकार ने चुनाव के समय अपने घोषणा पत्र में कई बड़े वादे किए थे, लेकिन आज तक उन्हें पूरा नहीं किया गया। संघ की जिलाध्यक्ष महिमा भाटिया ने बताया कि 1 जुलाई से पूरे राजस्थान में आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की गई है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि उन्हें न तो सम्मानजनक मानदेय (सैलरी) मिल रहा है और न ही सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया गया है। इसके अलावा रिटायरमेंट पर मिलने वाली 10 लाख रुपए की आर्थिक मदद और पेंशन जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं दी जा रही हैं। बढ़ती महंगाई के कारण इतने कम पैसों में परिवार चलाना बेहद मुश्किल हो गया है। दूसरे विभागों का भी काम, पर सुविधा कुछ नहीं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उनसे उनके मूल विभाग के अलावा दूसरे सरकारी विभागों के अतिरिक्त काम भी लगातार करवाए जाते हैं। इसके बावजूद न तो उनका मानदेय बढ़ाया जाता है और न ही कोई दूसरी सहूलियत मिलती है। पूर्व विधायक सांग सिंह भाटी का मिला समर्थन प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक सांग सिंह भाटी भी मौके पर पहुंचे और महिलाओं की मांगों को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि चुनाव हो या पंचायती राज का कोई काम, इन महिलाओं पर सबसे ज्यादा काम का दबाव रहता है। उन्होंने कलेक्टर से भी इस बारे में बात की और भरोसा दिया कि अगर कार्यकर्ताओं का कोई ग्रुप मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मिलने जयपुर जाएगा, तो वे खुद उनके साथ चलेंगे। आंगनवाड़ी संघ ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों पर कोई अच्छा फैसला नहीं लिया, तो यह आंदोलन और उग्र होगा।

अलवर में किराये की कार विवाद में युवक का अपहरण:पुलिस की नाकाबंदी को तोड़ भाग निकले बदमाश; पीछा कर एक को दबोचा

अलवर में किराये की कार के विवाद में कार से आए बदमाश दिनदहाड़े युवक का अपहरण कर ले गए। दो युवक स्विफ्ट कार में उसे जबरन बैठाकर रामगढ़ की ओर ले गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस कंट्रोल रूम ने पूरे जिले में अलर्ट जारी कर जगह-जगह नाकाबंदी करवाई। वारदात के बाद बदमाश बगड़ तिराहा थाना क्षेत्र में पुलिस की नाकाबंदी तोड़कर भाग निकले, लेकिन पुलिस लगातार उनका पीछा करती रही। रामगढ़ थाना पुलिस ने पहले से नाकाबंदी कर रखी थी, जहां करीब 2 बजे स्विफ्ट कार को रोक लिया गया। पुलिस ने पीड़ित युवक रोहित को सकुशल मुक्त कराया, एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दूसरा आरोपी मौके से फरार हो गया। वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट कार भी जब्त कर ली गई। घटना अलवर शहर में जीडी कॉलेज के पास सोमवार दोपहर करीब 1 बजे की है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है और अपहरण के पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। आरोपियों से किराये पर ली गई कार का दुर्घटना में हुआ था नुकसान प्रारंभिक जांच में सामने आया कि रोहित ने आरोपियों से किराये पर कार ली थी, जिसका दुर्घटना में नुकसान हो गया था। नुकसान की भरपाई नहीं करने पर दोनों आरोपियों ने उसे अगवा कर लिया। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है और पूरे मामले की जांच जारी है।