ब्रेकिंग न्यूज़
पाली के डिस्ट्रिक्ट क्लब में बॉक्स क्रिकेट एरिना शुरू:रूफ टॉप रेस्टोरेंट का कलेक्टर ने किया शिलान्यास

पाली शहर के डिस्ट्रिक्ट क्लब में सोमवार शाम को विकास कार्यों और नई सुविधाओं की शुरुआत के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जिला कलेक्टर एवं क्लब अध्यक्ष डॉ. रविंद्र गोस्वामी ने नवनिर्मित बॉक्स क्रिकेट एरिना का उद्घाटन किया। इस दौरान प्रस्तावित रूफटॉप रेस्टोरेंट का शिलान्यास (भूमि पूजन) और डिस्ट्रिक्ट क्लब के ब्रोशर का विमोचन भी किया गया। समारोह में जिला कलेक्टर गोस्वामी ने कहा कि डिस्ट्रिक्ट क्लब केवल मनोरंजन का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण संस्थान है। उन्होंने कहा कि क्लब में विकसित हो रही आधुनिक सुविधाएं सदस्यों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराएंगी और नई पीढ़ी को खेल एवं सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। क्लब सचिव पुनीत मुथा ने अतिथियों और सदस्यों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी सदस्यों की जरूरतों के अनुरूप नए विकास कार्य किए जाएंगे। कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलेक्टर बजरंग सिंह चौहान, पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा, पूर्व सभापति प्रदीप हिंगड़, एसीबी के एएसपी देरावर सिंह सोढ़ा, क्लब के पूर्व सचिव सुरेंद्र पारख, राजेंद्र सुराणा, क्लब के डायरेक्टर विवेक मेहता, राजेश पाटनेचा, सुमित कवाड़, लवकेश कोठारी, हर्ष लोढ़ा, प्रशांत मुथा, ऋषि बोहरा, विमल मूंदड़ा, अंकित पारख, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष यशपालसिंह कुम्पावत, शेरसिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया।

सांवलिया सेठ के भंडार से निकले 10.11 करोड़ रुपए:पहले चरण की गिनती पूरी, अंतिम दिन होगी सोने-चांदी की भेंट की तौल

मेवाड़ के कृष्णधाम श्री सांवलियाजी मंदिर में चतुर्दशी के मौके पर सोमवार को भंडार खोला गया। पहले ही राउंड में दानपात्र से निकली राशि की काउंटिंग 10 करोड़ 11 लाख 83 हजार रुपए तक पहुंच गई। पूरे दिन बैंक कर्मियों और मंदिर मंडल के कर्मचारियों ने मिलकर काउंटिंग की। अब मंगलवार को अमावस्या होने के कारण काउंटिंग नहीं होगी। इसके बाद 15 जुलाई, बुधवार को बाकी राशि की काउंटिंग का काम आगे बढ़ेगा। अभी चेक, ऑनलाइन मिले दान और सोने-चांदी के चढ़ावे का हिसाब भी बाकी है, जिसे आखिरी दिन पूरा किया जाएगा। सुबह आरती के बाद शुरू हुई काउंटिंग श्री सांवलियाजी मंदिर में तय परंपरा के अनुसार चतुर्दशी पर भंडार खोला गया। दिन की शुरुआत मंदिर में पूजा-अर्चना से हुई। बाद में राजभोग आरती की गई। इसके बाद दानपात्र खोले गए और उनमें से निकली राशि की काउंटिंग शुरू की गई। बैंक कर्मियों और मंदिर मंडल के कर्मचारियों ने पूरे दिन मिलकर नोटों और सिक्कों की गिनती की। शाम तक पहले राउंड की काउंटिंग पूरी होने पर कुल 10 करोड़ 11 लाख 83 हजार रुपए सामने आए। पहले ही दिन 10 करोड़ रुपए से ज्यादा की काउंटिंग होने से श्रद्धालुओं में भी चर्चा का विषय बना रहा। मंगलवार को नहीं होगी काउंटिंग मंदिर मंडल के अनुसार मंगलवार को अमावस्या होने की वजह से भंडार की काउंटिंग नहीं की जाएगी। इस दिन मंदिर की धार्मिक परंपराओं के अनुसार अन्य व्यवस्थाएं रहेंगी। इसलिए काउंटिंग का काम एक दिन के लिए रोका जाएगा। अब अगला राउंड 15 जुलाई, बुधवार को होगा। उसी दिन फिर से दानपात्र में निकली बाकी राशि की काउंटिंग शुरू की जाएगी। काउंटिंग पूरी होने के बाद ही इस बार भंडार में कुल कितना दान आया, इसकी अंतिम तस्वीर सामने आएगी। अभी चेक, ऑनलाइन दान और चढ़ावे का हिसाब बाकी पहले राउंड में सिर्फ दानपात्र से निकली नकद राशि की काउंटिंग की गई है। इसके अलावा मंदिर को श्रद्धालुओं की ओर से चेक और ऑनलाइन माध्यम से भी बड़ी संख्या में दान मिलता है। वहीं सोने-चांदी के आभूषण और अन्य कीमती चढ़ावे भी अलग से जमा होते हैं। इन सभी की काउंटिंग और वजन का काम आखिरी दिन किया जाएगा। इसके बाद मंदिर मंडल भंडार का अंतिम आंकड़ा जारी करेगा। हर महीने होने वाली इस काउंटिंग पर श्रद्धालुओं के साथ-साथ पूरे मेवाड़ की नजर रहती है, क्योंकि सांवलियाजी मंदिर देश के प्रमुख आस्था केंद्रों में शामिल है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार दान अर्पित करते हैं।

जयपुर में कल 4 घंटे बिजली रहेगी बंद:सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक रहेगा शटडाउन, गोविंददेवजी मंदिर समेत ये इलाके होंगे प्रभावित

जयपुर में बिजली उपभोक्ताओं को कल (मंगलवार) चार घंटे की बिजली कटौती का सामना करना पड़ेगा। विद्युत रखरखाव और तकनीकी कार्यों के चलते सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित शटडाउन किया जाएगा। इस दौरान गोविंददेवजी मंदिर क्षेत्र सहित शहर के 30 से अधिक इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं से आवश्यक कार्य पहले ही निपटाने की अपील की है। ये इलाके होंगे प्रभावित… चौक, चांदनी चौक, सिटी पैलेस, जंतर-मंतर, आतिश मार्केट, शार्दुल सिंह की नाल, चीनी की बुर्ज, गोविन्द देवजी मंदिर, प्रकाश बैंड, जनता मार्केट, सब्जी मंडी ग्लोब ट्रांसपोर्ट, रामप्रकाश सिनेमा, खवास जी का रास्ता, बक्सी हेमराज की गली, कामा हाउस, बादल महल, बड़ी चौपड़, माणक चौक, फूटा खुर्रा, फूलो का खंदा, जगन्नाथ शाह का रास्ता, रामगंज बाजार, द पैलेस स्कूल, सिटी पैलेस, लाडली जी, धाभाई जी का खुर्रा, गांधी पथ, गुरु जम्भेश्वर नगर ए और आसपास का प्रभावित क्षेत्र ।

कार में नाबालिग के साथ रेप:मासूम को बेहोशी की हालत में फेंक कर फरार हुआ; आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

बाड़मेर में एक नाबालिग लड़की को कार में सुनसान जगह ले जाकर दरिंदगी करने का मामला सामने आया है। वारदात के बाद आरोपी पीड़िता को बेहोशी की हालत में वहीं छोड़कर फरार हो गया। इस दौरान गिरने से पीड़िता के सिर पर गंभीर चोट भी आई है। पुलिस ने पॉक्सो और रेप का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश में शुरू कर दी है। घटना 11 जुलाई की शाम की है। ASP नितेश आर्य के अनुसार, 16 साल की नाबालिग पीड़िता ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि वह अपने घर के बाहर खड़ी थी। इसी दौरान पड़ोसी गांव का एक युवक ईको कार लेकर वहां पहुंचा और उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ बिठा लिया। रेप के बाद पीड़िता को फेंककर फरार हुआ
आरोपी नाबालिग को एक सुनसान इलाके में ले गया, जहां उसके साथ रेप किया। वारदात के बाद जब पीड़िता बेहोश हो गई, तो आरोपी उसे वहीं फेंक कर मौके से फरार हो गया। इस दौरान नाबालिग के सिर में गंभीर चोट आई। कुछ घंटों बाद जब उसे होश आया, तो उसने किसी तरह अपने परिजनों से संपर्क किया और आपबीती सुनाई। परिजनों ने लहूलुहान और घायल स्थिति में उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट के आधार पर रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। महिला अपराध अनुसंधान सेल के एएसपी मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर पीड़िता के शुरुआती बयान दर्ज कर लिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार को पीड़िता का मेडिकल मुआयना करवाया जाएगा और इसके साथ ही अदालत में भी बयान दर्ज कराए जाएंगे। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।

वैश्विक रेस में पिछड़ा उदयपुर, जयपुर टॉप-10 में शामिल:दो साल पहले जो शहर एशिया में नंबर-1 था, अब दुनिया में 12वें और एशिया में 8वें स्थान पर खिसका

ग्लोबल टूरिज्म के मंच पर राजस्थान के दो सबसे खूबसूरत शहरों उदयपुर और जयपुर को रैंक मिली है। अमेरिकी ट्रैवल मैगजीन ‘ट्रैवल + लीजर’ के प्रतिष्ठित वर्ल्ड्स बेस्ट अवॉर्ड्स-2026 की ताजा रैंकिंग में लेकसिटी उदयपुर को बड़ा झटका लगा है। पिंकसिटी जयपुर ने एशिया के टॉप शहरों में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराते हुए 10वां स्थान हासिल किया है। उदयपुर 2024 में दुनिया का दूसरा सबसे खूबसूरत और एशिया का सर्वश्रेष्ठ शहर बना था, वह इस बार बड़ी गिरावट के साथ दुनिया में 12वें स्थान पर फिसल गया है। वहीं, एशिया के बेस्ट शहरों की लिस्ट में उदयपुर अब खिसककर 8वें पायदान पर आ गया है। इस वैश्विक सर्वे में दुनिया भर के 6 लाख 61 हजार से अधिक पाठकों ने ऑनलाइन वोटिंग और रिव्यू के जरिए भाग लिया। यह चयन मुख्य रूप से शहरों की कला-संस्कृति, ऐतिहासिक बनावट, स्थानीय लोगों का पर्यटकों के प्रति दोस्ताना व्यवहार, वर्ल्ड क्लास होटल, खान-पान और बेहतरीन शॉपिंग के अनुभवों के आधार पर किया जाता है। उदयपुर का स्कोर इस बार 89.91 रहा। ‘ओवर टूरिज्म’ के कारण घटी लेकसिटी की रैंकिंग होटल एक्सपर्ट्स के अनुसार, लेकसिटी की रैंकिंग घटने की सबसे बड़ी वजह शहर पर बढ़ता ‘ओवर टूरिज्म’ का दबाव रहा। पर्यटन सीजन में क्षमता से ज्यादा सैलानियों के आने से ट्रैफिक, जाम और पार्किंग की बड़ी समस्याएं खड़ी हुईं। साथ ही झीलों के आसपास बढ़ते अतिक्रमण, साफ-सफाई की कमी और बुनियादी पर्यटक सुविधाओं के विस्तार की धीमी रफ्तार ने उदयपुर की रैंकिंग को नीचे धकेल दिया। जयपुर को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट का भी दर्जा दूसरी तरफ, पिंक सिटी जयपुर ने सैलानियों को अपनी बेहतरीन व्यवस्थाओं से खासा प्रभावित किया है। जयपुर के टॉप-10 में बने रहने की सबसे बड़ी वजह इसकी शानदार और व्यवस्थित टाउन प्लानिंग रही, जिसके कारण इसे यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा भी मिला हुआ है। पर्यटकों को जयपुर की सड़कों और शाही माहौल ने किया आकर्षित दिल्ली और मुंबई की व्यस्त भूलभुलैया के मुकाबले पर्यटकों को जयपुर की सड़कें और यहां का शाही माहौल ज्यादा आरामदायक लगा। इसके अलावा जयपुर का हस्तशिल्प, रत्न-आभूषणों का बाजार और कपड़ा उद्योग पूरी दुनिया के खरीदारों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। जयपुर के शाही होटलों ने पूरी लिस्ट पर जमाया कब्जा होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की बात करें तो राजस्थान के इन दोनों शहरों ने भारत की लाज बचाए रखी है। भारत के सर्वश्रेष्ठ रिसॉर्ट्स की लिस्ट में उदयपुर के ‘द लीला पैलेस’ ने 97.91 अंकों के साथ देश में दूसरा स्थान और वैश्विक स्तर पर 88वीं रैंक हासिल की। वहीं जयपुर के शाही होटलों ने तो पूरी लिस्ट पर कब्जा जमा लिया। ‘रामबाग पैलेस’ देश का तीसरा सबसे बेहतरीन रिसॉर्ट महाराजाओं के पूर्व महल ‘रामबाग पैलेस जयपुर’ को देश का तीसरा सबसे बेहतरीन रिसॉर्ट चुना गया। अरावली की वादियों के बीच स्थित ‘द ओबेरॉय राजविलास’ चौथे और आलीशान ‘द लीला पैलेस जयपुर’ पांचवें पायदान पर रहे। इनके अलावा ऐतिहासिक ‘द राज पैलेस’ और 18 एकड़ में फैले ‘जय महल पैलेस’ ने भी जयपुर की मेहमाननवाजी को दुनिया में सर्वश्रेष्ठ बनाया है। दुनिया के टॉप-10 शहरों में ‘सैन मिगुएल डी अलेंदे’ का पहला स्थान दुनिया के टॉप-10 शहरों में इस बार मेक्सिको के ‘सैन मिगुएल डी अलेंदे’ ने दुनिया में पहला स्थान हासिल किया है। इसके बाद जापान का क्योटो दूसरे, थाईलैंड का चियांग माई तीसरे, वियतनाम का होई अन चौथे और मेक्सिको का ओक्साका पांचवें स्थान पर रहा। दुनिया के बाकी टॉप शहरों में थाईलैंड का बैंकॉक छठे, इजराइल का जेरूसलम सातवें, कंबोडिया का सिएम रीप आठवें, मेक्सिको सिटी नौवें और जापान का टोक्यो दसवें स्थान पर काबिज रहे।

लोहावट से परीक्षा केंद्र फलोदी ट्रांसफर करने का विरोध:स्टूडेंट्स ने किया प्रदर्शन, बोले-35 किलोमीटर आने-जाने में होगी परेशानी

जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय द्वारा लोहावट के एक निजी महाविद्यालय का परीक्षा केंद्र फलोदी ट्रांसफर करने के विरोध में सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। छात्रों ने उपखंड मुख्यालय पर तहसीलदार के माध्यम से कुलगुरु को ज्ञापन सौंपकर परीक्षा केंद्र को पुनः लोहावट में बहाल करने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। लोहावट से हटाकर फलोदी किया परीक्षा केंद्र ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कुछ दिन पहले यूनिवर्सिटी की उड़नदस्ता टीम परीक्षा निरीक्षण के लिए कॉलेज पहुंची थी। कॉलेज प्रबंधन का दावा है कि निरीक्षण के दौरान कोई नकल सामग्री या परीक्षा संबंधी अनियमितता नहीं पाई गई। हालांकि, टीम के सदस्य प्रोफेसर गौरव जैन पर कथित रूप से सामूहिक नकल का प्रकरण बनाकर यूनिवर्सिटी को भेजने का आरोप है, जिसके आधार पर परीक्षा केंद्र लोहावट से हटाकर फलोदी कर दिया गया। 35 किलोमीटर दूर होने से स्टूडेंट्स को परेशानी छात्र-छात्राओं का कहना है कि परीक्षा केंद्र 35 किलोमीटर दूर स्थानांतरित होने से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। प्रदर्शन में शामिल छात्रा कोमल ने बताया कि कई परीक्षार्थी पहले से ही दूरदराज के क्षेत्रों से लोहावट परीक्षा देने आते थे। अब उन्हें और अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे समय और आर्थिक बोझ दोनों बढ़ेंगे। कॉलेज प्रबंधन ने कुलगुरु प्रो. पी.के. शर्मा को दिए ज्ञापन में प्रोफेसर गौरव जैन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रबंधन का कहना है कि भूगोल की प्रायोगिक परीक्षा के दौरान प्रोफेसर जैन ने कथित रूप से विद्यार्थियों से परीक्षा में उत्तीर्ण कराने के नाम पर धनराशि की मांग की थी। महाविद्यालय के अनुसार, छात्रों को पैसे न देने की सलाह देने के बाद प्रोफेसर ने महाविद्यालय के प्रति द्वेषपूर्ण रवैया अपनाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। निष्पक्ष जांच की मांग स्टूडेंट्स का कहना है कि कॉलेज प्रबंधन ने यह भी बताया कि उसने पूरे परीक्षा केंद्र के सीसीटीवी फुटेज विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराए हैं, जिनमें किसी प्रकार की अनियमितता दिखाई नहीं देती। प्रबंधन ने कुलगुरु से मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषी पाए जाने पर संबंधित प्रोफेसर के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है। छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने एक बार फिर परीक्षा केंद्र को पुनः लोहावट में बहाल करने की मांग दोहराई है।

राजस्थान में सितंबर-नवंबर के बीच हो सकते हैं पंचायत-निकाय चुनाव:हाईकोर्ट ने 31 जुलाई तक कराने को कहा था; सरकार ने मांगा समय

राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव सितंबर से नवंबर के बीच होंगे। इसके संकेत हाईकोर्ट में सरकार की ओर से लगाए गए चुनाव टालने के प्रार्थना पत्र में मिलते हैं। सरकार ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र लगाकर 31 जुलाई तक चुनाव कराने की समय सीमा को बढ़ाने की मांग की है। सरकार ने प्रार्थना पत्र में ओबीसी आयोग और राज्य निर्वाचन आयोग के साथ हुए पत्राचार की डिटेल देते हुए कोर्ट से चुनाव टालने की मांग की है। सरकार ने कहा कि अभी तक ओबीसी आयोग से राजनीतिक आरक्षण की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। प्रदेश में ओबीसी की जनसंख्या 50 प्रतिशत है। ऐसे में उनके राजनीतिक आरक्षण का निर्धारण किए बिना चुनाव कराना उचित नहीं होगा। इसलिए चुनाव कराने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए। चुनाव प्रक्रिया में 90 दिन का समय लगेगा सरकार ने निर्वाचन आयोग द्वारा पंचायतीराज विभाग को लिखे पत्र का हवाला देते हुए कहा- राज्य निर्वाचन आयोग का कहना है कि सरकार से आरक्षण अनुसार जानकारी मिलने के बाद निर्वाचन आयोग को चुनाव प्रक्रिया पूरी करने में करीब 90 दिन का समय लगेगा। आयोग ने नगरीय निकायों के चुनाव दो चरणों में कराने के लिए 40 दिन और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव चार चरणों में कराने के लिए 50 दिन का समय मांगा है। सरकार के इस जवाब से पता चलता है कि अगर सरकार 31 अगस्त तक आरक्षणवार विवरण राज्य निर्वाचन आयोग को सौंप देती है तो आयोग सितंबर से नवंबर तक पंचायत-निकाय चुनाव करा लेगा। कोर्ट ने दिए थे 31 जुलाई तक चुनाव कराने के आदेश राजस्थान हाईकोर्ट ने पहले आयोग और सरकार को 15 अप्रेल तक प्रदेश में निकाय-पंचायत चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सरकार और आयोग ने अदालत में प्रार्थना पत्र लगाकर चुनाव टालने की अपील की थी। प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने समय देते हुए 31 जुलाई तक हर हाल में चुनाव कराने के लिए कहा था। वहीं, ओबीसी आयोग को भी 20 जून तक अपनी रिपोर्ट देने के लिए बोला था। 14 जुलाई को अवमानना याचिका पर सुनवाई सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा कोर्ट की तय समय सीमा में चुनाव नहीं कराने पर याचिकाकर्ता पूर्व विधायक संयम लोढ़ा और गिर्राज सिंह देवंदा ने दोनों के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की है। इस पर मंगलवार को जस्टिस इंद्रजीत सिंह की खंडपीठ सुनवाई करेगी। … ये खबर भी पढ़िए… राजस्थान में 31 जुलाई तक नहीं होंगे निकाय-पंचायत चुनाव:आयोग ने कहा- 90 दिन का समय लगेगा, जानें- ओबीसी आयोग कब सौंपेगा रिपोर्ट

​हाईकोर्ट ने कहा- भारत-पाक बॉर्डर पर हर-प्रॉपर्टी की होगी जांच:सीमा से सटे धार्मिक स्थल-निर्माणों पर सुनाया फैसला; जिला स्तर पर बनेगी कमेटी

राजस्थान हाईकोर्ट ने भारत-पाक सीमा से सटे 0 से 50 किलोमीटर क्षेत्र स्थित धार्मिक स्थल और अन्य निर्माणों से जुड़े मामलों में फैसला सुनाते हुए कहा- राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोच्च है। हाईकोर्ट ने याचिकाएं खारिज करते हुए निर्दे​श ​दिए कि प्रत्येक संपत्ति की अलग-अलग जांच की जाएगी। नेशनल सिक्योरिटी से जुड़ा मामला होने के कारण इस मामले की सुनवाई सोमवार को बंद कमरे में हुई। हाईकोर्ट ने हर प्रॉपर्टी की जांच के निर्देश देते हुए इसके लिए कमेटी गठित करने के भी आदेश दिए। कमेटी में कलेक्टर, एसपी समेत सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के प्रतिनिधि शामिल रहेंगे। समिति राष्ट्रीय सुरक्षा, भूमि के स्वामित्व, वैध अनुमतियों और अन्य सहायक तथ्यों की जांच कर रिपोर्ट देगी। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने आदेश में कहा- सीमा क्षेत्र में स्थित प्रत्येक संपत्ति की परिस्थितियां अलग-अलग हैं, इसलिए सभी मामलों का एक जैसा निर्णय नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने माना- पक्ष रखने का भी अवसर दिया कोर्ट ने कहा- जिन मामलों में भूमि के स्वामित्व, कब्जे, निर्माण की वैधता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े प्रश्न हैं, उनकी जांच सक्षम प्राधिकारी द्वारा करना आवश्यक है। हाईकोर्ट ने माना- संबंधित पक्षों को कारण बताओ नोटिस जारी किए थे। अपना पक्ष रखने का अवसर भी दिया गया था। ऐसे में सीधे रिट याचिका दायर करने के बजाय उन्हें वैधानिक प्रक्रिया अपनानी चाहिए थी। कोर्ट ने कहा- राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत लागू रहते हैं, लेकिन परिस्थितियों के अनुसार उनमें आवश्यक लचीलापन रखा जा सकता है। कोर्ट ने कहा- सक्षम प्राधिकारी कानून के अनुरूप अंतिम निर्णय लेगा। सीमा क्षेत्र में सार्वजनिक हित और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा सर्वोपरि है, इसलिए ऐसे मामलों में संतुलित और तथ्य आधारित निर्णय आवश्यक है। क्या है पूरा मामला? केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर सुरक्षा एजेंसियों ने सीमावर्ती इलाकों का सर्वे किया था। इसमें सामने आया कि भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे 0 से 50 किलोमीटर के संवेदनशील सुरक्षा दायरे में पिछले कुछ वर्षों में जिला कलेक्टर की बिना अनुमति के कई मदरसे, मस्जिदें, दरगाह और अन्य निर्माण खड़े कर लिए गए। गोचर (चरागाह), ओरण और सरकारी जमीनों पर हुए इस अवैध कब्जे को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा माना गया। इसके बाद प्रशासन ने इन अवैध ढांचों को हटाने के लिए नोटिस जारी किए, जिसे स्थानीय समितियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। अब हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए इन याचिकाओं को खारिज कर दिया है। यह था ‘ऑपरेशन क्लीन’ सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध अतिक्रमण को पूरी तरह साफ करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय और राजस्थान स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त अभियान शुरू किया, जिसे ‘ऑपरेशन क्लीन’ (या ऑपरेशन क्लीन स्वीप) नाम दिया गया। इसका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास 50 किलोमीटर के दायरे (BSF के बढ़े हुए अधिकार क्षेत्र) में मौजूद सभी अवैध, संदिग्ध और बिना अनुमति वाले ढांचों को हटाकर देश की सीमा को सुरक्षित करना है। कहां-कहां और क्या-क्या हुई कार्रवाई?

जज ने कहा- 'ना मंदिर, ना मस्जिद…राष्ट्र प्रधान रहे':हाईकोर्ट में फैसला सुनाते हुए बोले- राष्ट्र सुरक्षा सर्वोपरि; बॉर्डर पर हर प्रॉपर्टी की होगी जांच

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोपरि है और आस्था के नाम पर बॉर्डर पर कानून और नियमों का उल्लंघन स्वीकार नहीं किया जा सकता। जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास बने धार्मिक स्थलों को हटाने के लिए जारी नोटिसों को चुनौती देने वाली याचिकाओं को सोमवार को खारिज करते हुए यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने माना कि सीमावर्ती इलाकों में बिना सक्षम अनुमति के बनाए गए धार्मिक ढांचे कानून के दायरे में अवैध निर्माण की श्रेणी में आते हैं। हाईकोर्ट ने हर प्रॉपर्टी की जांच के निर्देश देते हुए इसके लिए कमेटी गठित करने के भी आदेश दिए। कमेटी में कलेक्टर, एसपी समेत सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के प्रतिनिधि शामिल रहेंगे। यह कमेटी हर मामले की अलग से जांच करेगी और सुरक्षा के लिहाज से जरूरी होने पर निर्माणों को हटाने या ढहाने का फैसला ले सकेगी। जस्टिस समीर जैन ने फैसला सुनाते समय कविता भी पढ़ीं। उन्होंने कहा- ना मंदिर, ना मस्जिद, ना कोई दीवार बड़ी होती है, जब मातृभूमि की रक्षा की बारी खड़ी होती है। जो भूमि है राष्ट्र की, वह पहले राष्ट्र की ही रहेगी, जहां सुरक्षा का प्रश्न उठे, वहां राष्ट्र प्रधान रहे। सीमा क्षेत्र में बने ढांचों की होगी जांच
हाईकोर्ट ने भारत-पाकिस्तान सीमा से 0 से 50 किलोमीटर के दायरे में आने वाले ऐसे निर्माणों की जांच के लिए विशेष कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। इस कमेटी में संबंधित जिले के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (SP) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के अधिकारी शामिल होंगे। कमेटी प्रत्येक मामले की अलग-अलग जांच करेगी और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं, सरकारी जमीन पर कब्जे तथा अन्य तथ्यों के आधार पर निर्णय लेगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित निर्माणों को हटाने या ध्वस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकेगी। सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं
जस्टिस समीर जैन की अदालत ने जैसलमेर के रामगढ़ स्थित पीर मोहम्मद शाह जिलानी दरगाह समिति समेत अन्य याचिकाकर्ताओं की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों की संवेदनशीलता को देखते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में विशेष सतर्कता जरूरी है। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस कार्रवाई को किसी धर्म या समुदाय से जोड़कर देखना उचित नहीं है। कानून सभी नागरिकों और संस्थाओं पर समान रूप से लागू होता है। हाईकोर्ट ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के उस फैसले का भी उल्लेख किया, जिसके तहत सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए BSF के अधिकार क्षेत्र को सीमा से 50 किलोमीटर तक बढ़ाया गया है। सर्वे के बाद जारी हुए थे नोटिस
केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों का सर्वे किया था। इसमें सामने आया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे संवेदनशील क्षेत्रों में कुछ धार्मिक स्थलों और अन्य निर्माणों का निर्माण बिना जिला प्रशासन की अनुमति के किया गया है। इनमें से कई निर्माण गोचर, ओरण और सरकारी जमीनों पर पाए गए। प्रशासन ने इन्हें हटाने के लिए नोटिस जारी किए थे, जिन्हें संबंधित समितियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। क्या है पूरा मामला? केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर सुरक्षा एजेंसियों ने सीमावर्ती इलाकों का सर्वे किया था। इसमें सामने आया कि भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे 0 से 50 किलोमीटर के संवेदनशील सुरक्षा दायरे में पिछले कुछ वर्षों में जिला कलेक्टर की बिना अनुमति के कई मदरसे, मस्जिदें, दरगाह और अन्य निर्माण खड़े कर लिए गए। गोचर (चरागाह), ओरण और सरकारी जमीनों पर हुए इस अवैध कब्जे को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा माना गया। इसके बाद प्रशासन ने इन अवैध ढांचों को हटाने के लिए नोटिस जारी किए, जिसे स्थानीय समितियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। अब हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए इन याचिकाओं को खारिज कर दिया है। यह था ‘ऑपरेशन क्लीन’ सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध अतिक्रमण को पूरी तरह साफ करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय और राजस्थान स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त अभियान शुरू किया, जिसे ‘ऑपरेशन क्लीन’ (या ऑपरेशन क्लीन स्वीप) नाम दिया गया। इसका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास 50 किलोमीटर के दायरे (BSF के बढ़े हुए अधिकार क्षेत्र) में मौजूद सभी अवैध, संदिग्ध और बिना अनुमति वाले ढांचों को हटाकर देश की सीमा को सुरक्षित करना है। कहां-कहां और क्या-क्या हुई कार्रवाई? जून 2026 में प्रशासन ने भारी पुलिस बल और सुरक्षा बलों की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर बड़ी कार्रवाई की। बाड़मेर जिला: बाड़मेर के सीमावर्ती इलाकों जैसे गडरारोड, मुनाबाओ, रामसर, बीजराड़, सेड़वा और बाखासर में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाए गए थे। यहां सेड़वा और गडरा रोड में 6 से अधिक अवैध धार्मिक ढांचों और मदरसों को ध्वस्त किया गया था। बाखासर के देम्बा में अवैध दुकानें और मलाणा गांव में भारत-पाक सीमा के पास बनी एक अवैध मस्जिद को ढहाया गया था। सेड़वा के भालगांव में दोनों समुदायों से जुड़े अवैध ढांचों पर बुलडोजर चला था। जैसलमेर जिला: जैसलमेर के सीमावर्ती इलाकों में भी सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माणों को हटाया था। नोख थाना क्षेत्र के मालासर गांव के पास बने अवैध मदरसे ‘रहमानिया’ और एक मस्जिद को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया था। प्रशासन ने दोनों जिलों में 300 से अधिक अवैध कब्जाधारियों को नोटिस जारी किए थे।

नरेश मीणा को फिर जेल जाना होगा:हाईकोर्ट की शर्तों के उल्लंघन पर SC-ST कोर्ट ने रद्द की जमानत; SDM को मारा था थप्पड़

SDM को थप्पड़ मारने वाले नरेश मीणा को फिर जेल जाना होगा। टोंक के SC-ST कोर्ट ने SDM थप्पड़कांड केस में नरेश मीणा को हाईकोर्ट से मिली जमानत को सोमवार को रद्द कर दिया। जज आरती माहेश्वरी ने माना कि हाईकोर्ट ने नरेश मीणा को सशर्त जमानत दी थी, लेकिन उन्होंने जेल से बाहर आने के बाद उन शर्तों का पालन नहीं किया। अब नरेश मीणा की गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी होगा। दरअसल, झालावाड़ स्कूल हादसे में 7 बच्चों की मौत के बाद नरेश मीणा धरने पर बैठे थे। इस पर पुलिस ने उनको गिरफ्तार किया था। नगरफोर्ट थाना पुलिस ने इसी को आधार बनाकर नरेश मीणा की जमानत रद्द करने के लिए कोर्ट में एप्लिकेशन लगाई थी। नरेश मीणा बोले- बीजेपी जॉइन कर लेता तो सब सही हो जाता
हाईकोर्ट से मिली जमानत रद्द होने पर नरेश मीणा ने कहा- मैं कोर्ट के फैसले का सम्मान करता हूं। फैसले की कॉपी आने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। लेकिन यह तो सच है कि मैं बीजेपी जॉइन कर लेता तो सब सही हो जाता। उन्होंने कहा- बड़े-बड़े गुनाह करके बीजेपी में जाने वाले सभी नेता पाक साफ हो जाते हैं। मैं जनता के हक के लिए कानून के दायरे में संघर्ष कर रहा हूं, यह बीजेपी को सहन नहीं हो रहा है। कोर्ट को गुमराह कर रही है पुलिस
नरेश मीणा ने कहा- नगर फोर्ट थाना पुलिस ने झालावाड़ स्कूल हादसे में जान गंवाने वाले 7 बच्चों के परिजनों से मिलने जाने के दौरान हुई मेरी गिरफ्तारी को हाईकोर्ट की जमानत का उल्लंघन मानकर टोंक SC-ST कोर्ट प्रार्थना पत्र पेश किया। उन्होंने कहा- अगर पुलिस पीड़ित परिवार से मिलने जाने पर ही हाईकोर्ट की जमानत का उल्लंघन मानकर कोर्ट को गुमराह करेगी तो फिर संविधान की परिभाषा ही बदल जाएगी। मुझे लगता है कि सिस्टम पर सत्ता का दबाव था। बीजेपी अहंकारी, गरीब, असहाय, मजदूर, किसान, युवा वर्ग के खिलाफ है। SDM को खरोंच तक नहीं आई, जानलेवा हमले का मामला दर्ज किया
नरेश मीणा ने कहा- सरकार और पुलिस की तानाशाही इस बात को दर्शाती है कि देवली-उनियारा सीट पर उपचुनाव के दौरान समरावता गांव में मतदान के बहिष्कार होने के बाद भी SDM अमित चौधरी ने जबरन वोट दिलाया। मैंने गुस्से में आकर महज एक थप्पड़ मारा था और उसके एक खरोंच तक नहीं आई, लेकिन मेरे ऊपर जानलेवा हमले का मामला दर्ज किया गया था। सरकार ने सिस्टम पर दबाव बनाकर 9 महीने तक जमानत नहीं होने दी। अब सिलसिलेवार समझिए क्या था पूरा मामला… पढ़ें थप्पड़कांड से जुड़ी ये खबर भी… थप्पड़कांड पर नरेश मीणा बोले-आवेश में आकर घटना हुई,अफसोस है:25 साल से राजनीति में हूं, बड़ा पद नहीं मिलने से निराश था DM को थप्पड़ मारने वाले नरेश मीणा ने कहा- वह घटना (थप्पड़कांड और समरावत हिंसा) जो हुई थी, वह तात्कालिक थी। पूरी खबर पढ़ें…