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पूर्व-IAS संजय दीक्षित के खिलाफ सीबीआई में दर्ज एफआईआर रद्द:हाईकोर्ट ने 17 साल पुरानी एफआईआर रद्द की; हिस्ट्रीशीटर का चरित्र सत्यापन किया था

राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच ने पूर्व आईएएस संजय दीक्षित और रणजीत सिंह के खिलाफ दर्ज करीब 17 साल पुरानी एफआईआर को रद्द कर दिया है। यह आदेश जस्टिस अनूप ढंढ की अदालत ने संजय दीक्षित और रणजीत सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। दीक्षित ने रणजीत सिंह के पासपोर्ट के लिए उनका चरित्र सत्यापन किया था। इस मामले में प्रहलाद गुर्जर ने साल 2009 में पासपोर्ट कार्यालय में शिकायत की थी कि रणजीत सिंह को जारी पासपोर्ट अवैध है, उसके खिलाफ कई केस दर्ज हैं। हाईकोर्ट के आदेश से दर्ज हुई थी एफआईआर पासपोर्ट कार्यालय ने प्रहलाद गुर्जर के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया था। इस पर गुर्जर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इसके आधार पर हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 13 जनवरी 2010 में सीबीआई को मामला सौंप दिया था। सीबीआई ने 29 जनवरी 2010 को एफआईआर दर्ज की। खंडपीठ ने 10 नवंबर 2010 को एकलपीठ का आदेश रद्द कर मामले पर पुन: सुनवाई का आदेश दिया। सत्यापन वापस लेने की सूचना दे दी थी दीक्षित की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता माधव मित्र और अधिवक्ता जया मित्र ने कोर्ट को बताया कि जैसे ही प्रार्थी को रणजीत सिंह के आपराधिक रिकॉर्ड और उसकी गिरफ्तारी की जानकारी मिली, उसने सत्यापन वापस लेने की पुलिस को सूचना दे दी। वहीं रणजीत सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुराग शर्मा ने कोर्ट को बताया- प्रहलाद गुर्जर की जिस याचिका के आधार पर सीबीआई को जांच सौंपी गई, वह बिना आदेश के ही समाप्त हो चुकी है। ऐसे में एफआईआर को रद्द किया जाए। सीबीआई की ओर से अधिवक्ता जगमोहन शर्मा ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि दीक्षित ने हिस्ट्रीशीटर रहे व्यक्ति के चरित्र का सत्यापन किया और रणजीत सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया। सीबीआई ने इस मामले में जांच कर ली, लेकिन कोर्ट ने चार्जशीट को अंतिम रूप देने से इनकार कर दिया गया था।

होटल की लिफ्ट में फंसे कांग्रेस सांसद शशि थरूर:14 मिनट के बाद रेस्क्यू टीम ने निकाला, मुस्कुराते हुए थरूर बोले- हम ठीक हैं

केरलम के तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर एक होटल की लिफ्ट में फंस गए। घटना शुक्रवार शाम को हुई जब थरूर रोटरी क्लब ऑफ त्रिवेंद्रम ईस्ट के इंस्टॉलेशन इवेंट में शामिल होने पहुंचे थे। लिफ्ट में फंसे कांग्रेस सांसद को निकालने के लिए फायर और रेस्क्यू सर्विस के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और हाइड्रोलिक स्प्रेडर का इस्तेमाल करके लिफ्ट का दरवाजा खोला और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। फायर स्टेशन के अधिकारियों के अनुसार, शाम 7:37 बजे सूचना मिली कि होटल की लिफ्ट में शशि थरूर फंस गए हैं। इसके तुरंत बाद बचाव दल मौके पर पहुंच गया। रेस्क्यू की तस्वीर.. बाहर आते ही मुस्कुराकर बोले थरूर- शुक्रिया, हम ठीक हैं शुरुआत में होटल स्टाफ और लिफ्ट मैकेनिकों ने लिफ्ट खोलने की कोशिश की, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद रेस्क्यू टीम ने स्प्रेडर की मदद ली। शाम 7:51 बजे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बताया गया कि लिफ्ट अपने निर्धारित फ्लोर तक पूरी तरह नहीं पहुंची थी, जिसके कारण उसके दरवाजे नहीं खुल सके। लिफ्ट से बाहर निकलने के बाद शशि थरूर मुस्कुराते हुए दिखाई दिए। उन्होंने फायर एंड रेस्क्यू कर्मियों का धन्यवाद करते हुए कहा, “आप सभी का धन्यवाद। आपने बहुत अच्छा काम किया।” लिफ्ट में थरूर के साथ 7 लोग फंसे थे तिरुवनंतपुरम के पीएमजी इलाके में रोटरी क्लब का इवेंट था। जब थरूर लिफ्ट से जा रहे थे तो वह छठी मंजिल पर जाकर रुक गई। थरूर के साथ लिफ्ट में कुल 7 लोग फंसे थे। रेस्क्यू ऑफिसर जितेश कुमार कहते हैं, “जब हम मौके पर पहुंचे, तो पता चला कि लिफ्ट के अंदर सांसद थरूर भी शामिल हैं। पहले तो हम लिफ्ट की चाबी से लिफ्ट नहीं खोल पाए। बाद में स्प्रैडर मंगाया। हाइड्रोलिक स्प्रेडर क्या है… हाइड्रोलिक स्प्रेडर एक हाइड्रोलिक दबाव से चलने वाला स्पेशल रेस्क्यू टूल है। इसका इस्तेमाल फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीमें उन हालात में करती हैं, जहां किसी व्यक्ति को फंसे हुए स्थान से सुरक्षित निकालना होता है। इसके आगे दो मजबूत धातु के जबड़े होते हैं। हाइड्रोलिक दबाव की मदद से ये जबड़े धीरे-धीरे फैलते हैं। इससे लिफ्ट का दरवाजा, गाड़ी का दरवाजा, धातु की चादर जैसी चीजों के बीच सुरक्षित जगह बनाई जाती है, ताकि अंदर फंसा व्यक्ति निकल सके। आमतौर पर इसका इस्तेमाल लिफ्ट का दरवाजा बंद होने पर, सड़क दुर्घटना में कार के दरवाजे जाम हो जाएं, इमारत गिरने के बाद मलबे में फंसे लोगों को निकालना हो और इंडस्ट्रियल हादसों में मेटल के ढांचे खोलने के लिए किया जाता है। —————————— ये खबर भी पढ़ें… संसद परिसर में सीढ़ियों से गिरे सांसद शशि थरूर: अखिलेश यादव और सांसदों ने संभाला, गंभीर चोट नहीं आई फरवरी 2026 में भी बजट सत्र के दौरान संसद परिसर में कांग्रेस सांसद शशि थरूर सीढ़ियों से उतरते समय फिसलकर गिर पड़े थे। मौके पर मौजूद सांसदों और कर्मचारियों ने तुरंत उनकी मदद की थी। कांग्रेस सांसद शशि थरूर मोबाइल फोन पर बात करते हुए संसद भवन परिसर में सीढ़ियों से उतर रहे थे, तभी उनका पैर फिसल गया और वे गिर पड़े। इस दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और अन्य सांसदों ने तुरंत आगे बढ़कर उन्हें संभाला। पढ़ें पूरी खबर…

भाजपा बोली- महाराष्ट्र में NCP के दोनों गुट मिल जाएं:फिर NDA में शामिल हों; केंद्रीय कैबिनेट में दो पद का भी ऑफर

महाराष्ट्र में एनसीपी के दो गुट (सुनेत्रा पवार गुट और शरद पवार गुट) आपस में विलय कर सकते हैं। उन्हें साथ आने का ऑफर NDA की तरफ से मिला है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार संसद में महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन विधेयक से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक ला सकती है। इसके लिए सदन में दो-तिहाई बहुमत चाहिए। इसलिए एनडीए के पार्टी नेतृत्व ने सुझाव दिया है कि नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुट आपस में फिर से मिल जाएं और एनडीए की सहयोगी पार्टी बन जाएं। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा ने NCP के दोनों गुटों के बीच सत्ता का संतुलन बनाने के लिए केंद्रीय कैबिनेट में दो पद देने का भी ऑफर दिया है। शरद गुट और सुनेत्रा गुट के एक साथ आने में 5 चैलेंज… उधर शरद गुट की भाजपा-कांग्रेस दोनों से बातचीत उधर महाराष्ट्र में NCP (शरद गुट) पार्टी कांग्रेस और भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए दोनों से बातचीत को तैयार है। सूत्रों के मुताबिक, NCP (SP) के 8 लोकसभा सांसद और 10 विधायक पार्टी के भविष्य को लेकर दो धड़ों में बंटे हुए हैं। दावा है कि कुछ सांसद और विधायक NDA में शामिल होने के पक्ष में हैं, जबकि कुछ कांग्रेस के साथ विलय चाहते हैं। शरद पवार कांग्रेस में विलय के लिए तभी तैयार होंगे, जब सुप्रिया सुले को पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी मिले। इसमें महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष पद पर पवार समर्थक, सुप्रिया सुले को कांग्रेस का उपाध्यक्ष बनाने और कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) में पर्याप्त प्रतिनिधित्व जैसी मांगें शामिल बताई गई हैं। दूसरी ओर, एक अन्य सूत्र का दावा है कि पार्टी का एक प्रभावशाली धड़ा भाजपा और NDA के साथ जाने का समर्थक है। बातचीत में सुप्रिया सुले के लिए केंद्रीय मंत्री पद और पवार समर्थकों के लिए दो मंत्री पद की चर्चा भी होने का दावा किया गया है। हालांकि, इस पर किसी पक्ष की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ‘परिसीमन बिल’ के चलते मोदी सरकार को संख्या बल की जरूरत NCP के NDA में शामिल होने से मोदी सरकार संसद में दो तिहाई बहुमत के और करीब आ जाएगी, जो संविधान संशोधन विधेयक पास करने के लिए अहम है। सरकार महिला आरक्षण कानून लागू करने और परिसीमन विधेयक के जरिए संसद और राज्य विधानसभाओं की संख्या बढ़ाने वाले संविधान संशोधन विधेयक पास कराने के लिए जरूरी संख्या जुटानी की कोशिश कर रही है। अप्रैल में राज्यसभा के विशेष सत्र में सरकार की यह कोशिशें नाकाम हो गई थीं। इसके बाद से विपक्ष की चार पार्टियों के 37 लोकसभा और राज्यसभा सांसद सत्ता पक्ष में शामिल हो चुके हैं। अप्रैल के मुकाबले दोनों सदनों में सरकार का समर्थन बढ़ा है, लेकिन दो-तिहाई बहुमत से अब भी पीछे है… लोकसभा: दो-तिहाई आंकड़े से 42 वोट पीछे राज्यसभा: दो-तिहाई बहुमत से 11 वोट पीछे ——————————— ये खबर भी पढ़ें… NDA का मिशन 360, अब DMK-NCP-सपा में सेंध की तैयारी:लोकसभा में दो-तिहाई का आंकड़ा पाने अब 41 सांसदों की जरूरत भाजपा के शीर्ष रणनीतिकार सियासी तस्वीर बदलने के लिए ‘मिशन 360’ में जुटे हैं। 17 अप्रैल को महिला आरक्षण व परिसीमन से जुड़े बिल पर लोकसभा में झटका लगने के बाद ही भाजपा ने संसद में दो-तिहाई बहुमत जुटाने की रणनीति तेज कर दी थी। पूरी खबर पढ़ें…

वसुंधरा के बयान पर सचिन पायलट ने दी प्रतिक्रिया:कहा- जब पद छुड़वा दिया जाता है तो सुर बदल जाते हैं

राजस्थान विधानसभा के 75 साल पूरे होने पर साल भर चलने वाले कार्यक्रमों के उद्घाटन के मौके पर वसुंधरा राजे ने कहा था-सामाजिक रिश्तों को राजनीति के कारण खराब नहीं करना चाहिए। उनके इस बयान पर पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने प्रतिक्रिया दी। उन्होने कहा- कोई व्यक्ति पद पर होता है तो उसके सुर अलग होते हैं, जब पद छूट जाता है या छुड़वा दिया जाता हैं तो सुर बदल जाते हैं। सचिन पायलट शुक्रवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र टोंक पहुंचे थे। जयपुर कोटा नेशनल हाईवे के पास सोहेला कट कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने सवालों के जवाब दिए। विरोध भी हो तो मजबूती से हो पायलट ने वसुंधरा राजे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा- मैं मानता हूं कि राजनीति में व्यक्ति को अपने आचरण और भाषा से उदाहरण पेश करना चाहिए। अगर विरोध हो तो भी जमकर होना चाहिए। मजबूती से होना चाहिए। लेकिन विरोध सैद्धांतिक और वैचारिक होना चाहिए। लेकिन आज की राजनीति व्यक्तिगत टीका-टिप्पणी करने, सोशल मीडिया पर भला-बुरा कहने की हो गई है। इससे लोकतंत्र में और समाज में अच्छा मैसेज नहीं जा रहा। प्रदेश में हेल्थ व्यवस्था चरमराई कोटा समेत अन्य जगह प्रसूताओं की मौतों के सवाल पर पायलट बोले- प्रदेश में स्वास्थ्य की व्यवस्था चरमरा गई है। किसी की जवाबदेही नहीं है। इतनी महिलाओं की जान चली गई लेकिन किसी पर कोई एक्शन नहीं लिया गया। उन्होंने कहा- छोटे-मोटे अधिकारियों के ट्रांसफर कर रहे हैं लेकिन बीकानेर-कोटा की ही बात नहीं, कहीं भी चले जाएं, पूरे प्रदेश में ही स्वास्थ्य व्यवस्था का कोई धणी-धोरी नहीं है। दुख की बात है कि सरकार का रवैया गैर जिम्मेदाराना है। मौतों पर जांच बैठानी चाहिए। जनता का विश्वास टूट चुका है। सरकार शिक्षा, चिकित्सा और कानून व्यवस्था तीनों मोर्चों पर पूरी तरह फेल हो गई है। टैक्सपेयर के पैसे से विज्ञापन छपवाने, अपनी बढ़ाई करने, अपनी पीठ थपथपाने में सरकार लगी हुई है। जबकि शिक्षा और चिकित्सा दोनों डिपार्टमेंट पूरी तरह ध्वस्त हैं। इन मुद्दों पर भी बोले सचिन पायलट BSS सुप्रीमो नरेश मीणा की जमानत खारिज होने के मामले में पायलट ने कहा- न्याय पालिका का सम्मान करना चाहिए। मुझे लगता कि सबका भरोसा न्याय पालिका पर होना चाहिए। यह खबर भी पढ़ें वसुंधरा बोलीं- राजनीति के लिए सामाजिक रिश्ते खराब न करें:मेरे खिलाफ चुनाव लड़े अबरार अहमद की मौत पर कांग्रेस कार्यालय गई थी पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने कहा- सामाजिक रिश्तों को राजनीति के कारण खराब नहीं करना चाहिए। राजनीति से अलग भी हमारे सामाजिक रिश्ते होते हैं। विधानसभा सदन से बाहर आने पर बहुत सी बातें ऐसी होती हैं, जिन पर हम साथ बैठ सकते हैं। लेकिन अब सदन के भीतर अमर्यादित आचरण के छींटे लगने लगे हैं और भाषा का स्तर बहुत गिर चुका है। (पढ़ें पूरी खबर)

श्रीगंगानगर में बदमाशों- पुलिस में मुठभेड़:पंजाब बॉर्डर के नजदीक भागते हुए पुल से नीचे गिरे; 3 पिस्टल, कारतूस और कार बरामद

श्रीगंगानगर में पंजाब बॉर्डर के नजदीक धींगतानिया पुल पर पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में 5 बदमाश भागते हुए पुल से नीचे गिर गए। घायल बदमाशों को सादुलशहर के सरकारी हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां से उन्हें श्रीगंगानगर रेफर कर दिया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से 3 पिस्टल, एक दर्जन कारतूस और एक कार भी बरामद की है। एसपी हरीशंकर के निर्देश पर ASP दीपक शर्मा के सुपरविजन में AGTF प्रभारी रामविलास बिश्नोई, DST प्रभारी जयकुमार भादू और CI मलकीयत सिंह की टीम ने यह कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार- गिरफ्तार किए गए बदमाश खेरूवाला और छापावाली में हाल ही में हुई फायरिंग की घटना के आरोपी हैं। ये बदमाश हत्या, हत्या के प्रयास और डकैती जैसे गंभीर मामलों में वांटेड थे। पुलिस का कहना है कि ये बदमाश अब फिर से किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस ने इन्हें पहले ही पकड़ लिया। जिला पुलिस जल्द ही पूरे मामले का खुलासा करेगी है। फिलहाल घायल बदमाशों को इलाज के लिए श्रीगंगानगर रेफर कर दिया गया है। SP हरीशंकर ने कहा- अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी। पंजाब बॉर्डर क्षेत्र में नाकेबंदी और गश्त बढ़ा दी गई है, ताकि कोई भी बदमाश आसानी से भाग न सके। पूरे मामले का जल्द ही खुलासा किया जाएगा।

मदन राठौड़ बोले-डोटासरा दूसरों को भी खुद जैसा समझते हैं:'गहलोत के सामने टीचर्स ने कबूल की थी ट्रांसफर में करप्शन की बात'

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा- गोविंद सिंह डोटासरा जब शिक्षा मंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष थे तब उस वक्त के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने टीचर से पूछा था कि ट्रांसफर में भ्रष्टाचार हो रहा है तो सभी ने एक सुर में भ्रष्टाचार होने की बात स्वीकार की थी। ऐसे में जो व्यक्ति जैसा होता है वह दूसरों के बारे में भी वैसा ही सोचता है। शुक्रवार को दौसा रेलवे स्टेशन के उद्घाटन कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात करते हुए राठौड़ ने कहा- हमारी सरकार में किसी भी प्रकार का कोई भ्रष्टाचार नहीं है। जरूरतमंद को उसकी आवश्यकता के अनुरूप निकटतम स्थान पर पारदर्शी तरीके से लगाने का काम हमारी सरकार कर रही है। इसमें कहीं कोई भ्रष्टाचार नहीं है। चहेतों को खुश करने के लिए बनाए थे अव्यवस्थित वार्ड निकाय और पंचायत चुनाव को लेकर हाईकोर्ट द्वारा फटकार लगाने के सवाल पर कहा- कांग्रेस शासन के वक्त एक वार्ड 400 और दूसरा 8 हजार वोटर्स का बना दिया गया था। अपने चहेतों को खुश करने के लिए अव्यवस्थित वार्ड बना दिए थे, लेकिन हमारी सरकार ने पापुलेशन के आधार पर जनसंख्या का इक्वल डिस्ट्रीब्यूशन करके वार्डो का पुनर्गठन किया है। उन्होंने कहा कि अब ओबीसी आयोग की रिपोर्ट आने में देरी हुई है तो वह निर्वाचन आयोग और ओबीसी कमिशन के बीच का मामला है। हम तो राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ता हैं, जिस दिन अधिसूचना जारी हो जाएगी चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। जहां कांग्रेस के लोग डर की बात करते हैं तो आज तक हुए 78 चुनाव में से 62 चुनाव जीते हैं तो फिर वो मुह डर की बात करते हैं। केजरीवाल का नकाब उतर गया दिल्ली में चल रहे प्रोटेस्ट को लेकर कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी कोई राजनीतिक दल नहीं है और उसे कोई मानता भी नहीं है। वहीं दिल्ली में आमरण अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को समझा दिया गया है, शायद वो मान भी गए है। अरविंद केजरीवाल राजनीति चमकाने के लिए बीच में आ गए। इससे जनता के सामने उनका नकाब उतर गया है।

जनगणना 2027: 29 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में पहला चरण पूरा:तमिलनाडु और त्रिपुरा में सेल्फ-एन्यूमरेशन शुरू; CM विजय जोसेफ ने रजिस्ट्रेशन किया

भारत की जनगणना 2027 के पहले चरण का कार्य देश के 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पूरा हो गया है। वहीं, शुक्रवार से तमिलनाडु और त्रिपुरा में जनगणना के पहले चरण के तहत हाउसलिस्टिंग एवं हाउसिंग सेंसस (HLO) के लिए ऑनलाइन सेल्फ-एन्यूमरेशन यानी सेल्फ रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है। तमिलनाडु CM सी जोसेफ विजय ने भी सचिवालय में अपनी जानकारी पोर्टल में दर्ज की। दोनों राज्यों में 31 जुलाई तक पोर्टल खुला रहेगा। इसके बाद 1 अगस्त से 30 अगस्त तक जनगणनाकर्मी घर-घर जाकर हाउसलिस्टिंग और जनगणना करेंगे। मंत्रालय का कहना है कि जो परिवार ऑनलाइन सेल्फ-एन्यूमरेशन पूरा करेंगे, वे अपने जनरेट किए गए सेल्फ-एन्यूमरेशन आईडी को नोट करके रखें। जब जनगणनाकर्मी उनके घर आएं तो वह नंबर उनसे शेयर कर दें, ताकि प्रक्रिया पूरी की जा सके। जनगणना 2027 पहली बार डिजिटल मोडेम में कराई जा रही है। इसके लिए विशेष मोबाइल एप के जरिए डेटा संग्रह किया जा रहा है, हालांकि घर-घर जाकर गणना की व्यवस्था भी जारी रहेगी। केरलम-नगालैंड में 30 जुलाई तक चलेगा हाउसलिंस्टिंग वर्क इस बीच, केरलम और नगालैंड में हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस का फील्ड सर्वे जारी है। यह 30 जुलाई तक चलेगा। जिन परिवारों ने सेल्फ-एन्यूमरेशन का विकल्प नहीं चुना है, उन्हें गणनाकर्मी घर-घर जाकर कवर करेंगे। हाउसलिस्टिंग एवं हाउसिंग सेंसस के दौरान घर-परिवार का विवरण, सुविधाएं और संपत्तियों से जुड़ी जानकारी 33 सवालों के जरिए इकट्‌ठा की जा रही है। गृह मंत्रालय का कहना है कि जनगणना अधिनियम 1948 के तहत जुटाई सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रहेंगी। इनका इस्तेमाल केवल स्टेटेटिक एनालिसिस और डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए किया जाएगा।

3000 जिलेटिन छड़ और 7500 मीटर डेटोनेटिंग कॉर्ड जब्त:सरमथुरा पुलिस ने वोल्वो से पकड़ी विस्फोटक सामग्री, ड्राइवर फरार

धौलपुर जिले की सरमथुरा थाना पुलिस ने अवैध विस्फोटक सामग्री के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एक वोल्वो वाहन से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त की। कार्रवाई के दौरान वाहन ड्राइवर पुलिस को देखकर जंगल की ओर फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देश पर खुद्दिरा पुल, नादनपुर रोड पर नाकाबंदी की गई थी। इस दौरान पुलिस ने संदिग्ध वोल्वो को रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देखते ही ड्राइवर ने वाहन को पीछे मोड़ा और बाद में उसे छोड़कर उबड़-खाबड़ रास्ते से जंगल की ओर भाग निकला। वाहन की तलाशी लेने पर पुलिस को 3000 जिलेटिन छड़ (15 कट्टे), 7500 मीटर डेटोनेटिंग कॉर्ड (5 कट्टे), 366 मीटर सेफ्टी फ्यूज (काली बत्ती) और 10 डेटोनेटर (सिल्वर टोपी) मिले। पुलिस ने एक मोबाइल फोन और वोल्वो वाहन भी जब्त किया है। सरमथुरा पुलिस ने विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फरार ड्राइवर और वाहन मालिक की तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी कैलाशचंद के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

NEET में झुंझुनूं के स्टूडेंट्स ने हासिल की सफलता:सच हुआ डॉक्टर बनने का सपना, पेपर लीक के टेंशन को पछाड़कर बने विजेता

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार देर रात NEET UG 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया। झुंझुनूं के प्रतिभावान स्टूडेंट्स ने कठिन चुनौतियों और परीक्षा की अनिश्चितताओं को पीछे छोड़ते हुए शानदार सफलता हासिल की है। इन बच्चों की मेहनत ने न केवल उनके परिवारों का सिर गर्व से ऊंचा किया है, बल्कि जिले के लिए भी नई मिसाल पेश की है। अब पढ़िए संघर्ष और सफलता की कहानियां… ​नीट में शाहीना बानो, भवानी शंक, सौम्या और तरन्नुम खान ने अपने जुनून, संघर्ष, मेहनत और लगातार घंटो पढ़ाई से सफलता हासिल की है। संघर्ष और दृढ़ संकल्प की मिसाल ​शाहीना ने बताया- इस बार की NEET परीक्षा उनके लिए एक चुनौतीपूर्ण सफर रही। तीन मई को हुई पहली परीक्षा में उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 672 अंक हासिल किए थे, लेकिन पेपर लीक होने के कारण परीक्षा रद्द कर दी गई। शाहीना ने बताया कि इस खबर से उनका मनोबल टूट गया था, लेकिन परिवार ने उन्हें इस कठिन समय में अटूट समर्थन दिया। हिम्मत हारने के बजाय, शाहीना ने फिर से तैयारी शुरू की और सीकर जाकर एक महीने तक कड़ी मेहनत की। इसके बाद, री-नीट (re-NEET) परीक्षा में भी उन्होंने अपनी काबिलियत साबित करते हुए 600 अंक हासिल किए और 10,000 के भीतर रैंक सुरक्षित की। ​सफलता का जिक्र करते हुए छलके आंसू ​अपनी सफलता का श्रेय पिता को देते हुए शाहीना भावुक हो गईं। उन्होंने कहा- उनके डॉक्टर बनने का सपना उनके पिता का सपना है। परिवार का अटूट साथ ही उनकी सफलता की असली वजह है। शाहीना ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा- “मैं आज जो कुछ भी हूं, सिर्फ अपने परिवार की वजह से हूं।” शाहीना के पिता आरिफ और अन्य परिजन भी इस उपलब्धि पर भावुक नजर आए, उनकी आंखों में बेटी की सफलता पर गर्व के आंसू थे। सकारात्मक सोच सबसे बड़ी ताकत ​झुंझुनूं के भवानी शंकर और सौम्या ने अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता का लोहा मनवाया है। भवानी ने 662 अंक प्राप्त कर 789वीं ऑल इंडिया रैंक (AIR) हासिल की है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को देते हुए कहा- सकारात्मक दृष्टिकोण ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रही। वहीं, सौम्या ने 661 अंकों के साथ 837वीं ऑल इंडिया रैंक (AIR) प्राप्त कर जिले का मान बढ़ाया है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अपने परिवार के अटूट समर्थन को दिया। ​तरन्नुम खान ने माता-पिता को सफलता का श्रेय दिया ​झुंझुनूं की बेटी तरन्नुम खान ने नीट यूजी में सफलता हासिल कर अपने परिवार और खानदान का नाम रोशन किया है। यह सफलता उनके लिए एक भावुक पल है। तरन्नुम ने बताया- उनके दादा मरहूम नेताजी अलीमद्दीन खान पहाड़ियांन का सपना था कि डॉक्टर बने। पिता याकूब खान पहाड़ियांन ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा- उनके परिवार के लिए यह गौरव का क्षण है कि उनके खानदान डॉक्टर बनने जा रही है।

15.24 करोड़ की लागत से बदला डीग रेलवे स्टेशन:पीएम मोदी ने किया लोकार्पण, यात्रियों को मिलेगी बेहतर और सुगम यात्रा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के 75 पुनर्विकसित अमृत भारत रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण किया। राजस्थान के आठ स्टेशनों में शामिल डीग रेलवे स्टेशन का करीब 15.24 करोड़ रुपए की लागत से पुनर्विकास किया गया है। आधुनिक यात्री सुविधाओं, दिव्यांग अनुकूल व्यवस्थाओं और स्थानीय स्थापत्य की झलक से सुसज्जित यह स्टेशन अब क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और आवागमन को नई गति देने के साथ यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव उपलब्ध कराएगा। लोकार्पण समारोह में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी डीग में आयोजित लोकार्पण समारोह में राजस्थान सरकार के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बैडम मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम में डीग-कुम्हेर विधायक डॉ. शैलेश सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष शिवानी राहीमा, स्वतंत्रता सेनानी हुकम चंद सैनी और रामजी लाल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। मंडल रेल प्रबंधक गगन गोयल, अपर मंडल रेल प्रबंधक गिरीश कुमार गुप्ता, रेलवे एवं जिला प्रशासन के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, मीडिया कर्मी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे। यात्रियों को मिली आधुनिक सुविधाओं की सौगात पुनर्विकसित डीग रेलवे स्टेशन पर नया स्टेशन भवन, विस्तृत सर्कुलेटिंग एरिया, आधुनिक प्रतीक्षालय, स्वच्छ शौचालय, डिजिटल यात्री सूचना प्रणाली, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग और फुट ओवरब्रिज जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। इसके साथ ही पेयजल, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली और मोबाइल चार्जिंग पॉइंट जैसी आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे यात्रियों को अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित यात्रा अनुभव मिलेगा। स्थानीय विरासत के अनुरूप हुआ सौंदर्यीकरण स्टेशन के पुनर्विकास में डीग की स्थानीय संस्कृति और स्थापत्य कला को विशेष महत्व दिया गया है। स्टेशन भवन के फसाड और सौंदर्यीकरण में क्षेत्रीय विरासत की झलक दिखाई देती है, जिससे स्टेशन को आधुनिकता के साथ स्थानीय पहचान भी मिली है। दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष व्यवस्था स्टेशन को सभी यात्रियों के लिए सुगम बनाने के उद्देश्य से रैंप, टैक्टाइल पाथ, व्हीलचेयर, दिव्यांग अनुकूल शौचालय, लो-हाइट टिकट काउंटर और सुगम प्रवेश मार्ग जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। इन व्यवस्थाओं से दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों को यात्रा के दौरान अधिक सुविधा मिलेगी।
पर्यटन, व्यापार और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पुनर्विकसित डीग रेलवे स्टेशन क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन, कृषि गतिविधियों, रोजगार और क्षेत्रीय संपर्क को नई मजबूती देगा। आधुनिक स्टेशन बनने से यात्रियों की आवाजाही आसान होगी और डीग को रेल नेटवर्क के माध्यम से विकास की नई संभावनाएं मिलेंगी।