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आज 10 जिलों में बारिश की संभावना:कोटा सहित 3 जिलों में झमाझम बरसात; 21 जुलाई से फिर एक्टिव होगा मानसून

राजस्थान में मानसून अब भी ब्रेक पर है। शनिवार को 10 जिलों में बारिश की संभावना है, लेकिन तेज बरसात का अलर्ट नहीं है। राज्य में अब तक सामान्य से 21 फीसदी कम बरसात हुई है। मौसम विभाग के अनुसार 21 जुलाई से मानसून एक्टिविटी फिर से शुरू हो सकती है। इस दिन 20 से ज्यादा जिलों में तेज बारिश का यलो अलर्ट है। वहीं, बीते 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश डूंगरपुर, कोटा और अलवर में हुई है। हालांकि, गर्मी-उमस का दौर जारी है। श्रीगंगानगर सहित 4 जिलों में अब भी दिन का तापमान 40 डिग्री के ऊपर है। अब तक बारिश की स्थिति गर्मी-बारिश के बड़े अपडेट्स आज कहां हो सकती है बारिश: मौसम विभाग के अनुसार 18 जुलाई को बाड़मेर बालोतरा, जालोर, सिरोही, उदयपुर, सलूंबर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, बारां,झालावाड़ को बारिश की संभावना है। शुक्रवार को डूंगरपुर में 12.5 एमएम (mm) और कोटा में 16.6 एमएम बारिश हुई। अलवर में भी देर शाम तेज बारिश हुई। आगे कैसा रहेगा मानसून: मौसम केंद्र के अनुसार, कमजोर मानसून के चलते अगले तीन से चार दिन तक कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि, 21 जुलाई से मानसून फिर से एक्टिव हो सकता है। राज्य में 22-23 जुलाई से पश्चिमी और मध्य भागों में भी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। 23 से 26 जुलाई के बीच बीकानेर और जोधपुर संभाग के कई इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। श्रीगंगानगर फिर सबसे गर्म: श्रीगंगानगर में पारा शुक्रवार को ये 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया। वहीं, चूरू में तापमान 41.1, बीकानेर में 40.2 डिग्री सेल्सियस रहा। अब राजस्थान में बारिश से की PHOTOS ये शहर सबसे ज्यादा गर्म आगे कैसा रहेगा मौसम राजस्थान के बड़े शहरों में कैसा रहा मौसम जयपुर: राजधानी में बीते करीब 12 दिन से बारिश नहीं हुई है। मानसून ब्रेक से गर्मी-उमस भी बढ़ रही है। शुक्रवार को भी दिन का तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं न्यूनतम पारा 29.8 डिग्री सेल्सियस रहा। ये सामान्य से करीब तीन डिग्री सेल्सियस अधिक है। सीकर: जिले में शुक्रवार को सुबह से बादल छाए रहे और फिर दोपहर में तीखी धूप रही। दिन में गर्मी-उमस रही। पिछले साल के मुकाबले इस बार सीकर जिले में 17 जुलाई तक औसत से 40 % से भी कम बारिश हुई है। शुक्रवार को दिन का तापमान 39.0 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28.9 डिग्री रहा। अलवर: जिले में शुक्रवार को सुबह से मौसम का मिजाज बदलता रहा। सुबह आसमान में बादल छाए रहे, लेकिन दोपहर में तेज धूप निकलने से गर्मी रही। अधिकतम तापमान करीब 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रात करीब 8 बजे हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक जिले में बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई है। जोधपुर: जिले में शुक्रवार को गर्मी का असर बना रहा। शहर का अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.5 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 29.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 2.1 डिग्री अधिक है। उदयपुर:लेकसिटी में अधिकतम तापमान 34.9 और न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री से. दर्ज किया गया। दिनभर तेज धूप और शाम के समय हल्के बादल रहे। जिले में बीते एक हफ्ते से बारिश नहीं हुई है। इस कारण तापमान भी बढ़ रहा है। पिछले सात दिनों में अधिकतम तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया है। कोटा: शुक्रवार को दोपहर बाद मौसम ने करवट ली और शहर में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया। करीब दो सप्ताह बाद हुई बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अजमेर: शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 36.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन में गर्मी का असर रहा। अगले 24 घंटों में आंशिक बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।

ब्रेस्ट कैंसर के हर साल 15000 नए मरीज:पुरुष को दिखाने में शर्म, सिर्फ 7 महिला डॉक्टर, चौथी स्टेज में इलाज… झिझक तोड़नी होगी, क्योंकि हर साल 6000 मौतें

ब्रेस्ट कैंसर को लेकर प्रतिदिन 41 नए मरीज आ रहे हैं। इनमें ज्यादातर कैंसर के फैलाव के बाद मेडिकल कॉलेजों में पहुंच रहे हैं। जयपुर स्थित स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट तक पहुंचते-पहुंचते कई मरीज चौथी स्टेज में जिंदगी-मौत से जूझ रहे हैं। इनमें ज्यादातर ग्रामीण महिलाएं हैं, जो पुरुष डॉक्टरों को अपनी तकलीफ बताने में शर्माती हैं, झिझकती हैं, बीमारी को छिपाती हैं। इसी का नतीजा है कि हर साल औसतन 6 हजार महिलाओं की ब्रेस्ट कैंसर से मौत हो रही है।
आंकड़ों की पड़ताल में चौंकाने वाली बात देखिए! प्रदेश के 33 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सिर्फ 7 महिला डॉक्टर (एसएमएस मेडिकल कॉलेज व स्टेट कैंसर इंस्टिट्यूट में 3, इनमें 2 गायनी ऑन्को सर्जरी व 1 रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, 2 बीकानेर मेडिकल कॉलेज, उदयपुर व जोधपुर मेडिकल कॉलेज में 1-1 रेडिएशन ऑन्को) ही हैं। हालांकि, जोधपुर में एक एडहॉक पर। जिला अस्पताल या सीएचसी में एक भी नहीं। कुल कैंसर रोग विशेषज्ञों (महिला-पुरुष) की स्थिति भी दयनीय है। कुल स्वीकृत 99 पदों में केवल 25 कार्यरत हैं। मेडिकल ऑन्कोलॉजी में केवल 10% पद भरे हैं। राजधानी के एसएमएस मेडिकल कॉलेज व स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में सर्वाधिक 10 डॉक्टर हैं। राजमेस के 25 मेडिकल कॉलेजों सहित प्रदेश की 718 सीएचसी और 37 जिला अस्पतालों में कैंसर के इलाज की कोई कारगर व्यवस्था नहीं है। जहां भी गिने-चुने विशेषज्ञ हैं, उनमें कोई ऐसा नहीं है, जो ब्रेस्ट कैंसर के लिए समर्पित हो। ये फैकल्टी सभी तरह के कैंसर को देख रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक हर साल 15 हजार नए केस आ रहे हैं। ऐसे में हर जिले में ब्रेस्ट कैंसर के लिए अलग सेंटर की जरूरत है, वहां मेडिकल कॉलेजों में भी अलग से कोई व्यवस्था ही नहीं है। यहां सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि ब्रेस्ट कैंसर को पहचानने और रोकने की सबसे पहली कड़ी है- कैंसर की स्क्रीनिंग। इसी में सबसे बड़ा धोखा हो रहा है। बिना अल्ट्रासाउंड और रिपोर्टिंग के कैंसर वैन चल रही है। केवल आंकड़े बढ़ाए जा रहे हैं। सालभर पहले कैंसर स्क्रीनिंग का नंबर 55 लाख तक था, जो अब 1.38 करोड़ को पार कर चुका है। लेकिन न तो फैकल्टी बढ़ पाई और ना ही जिलास्तर तक इलाज की सुविधाएं। शुरुआती स्क्रीनिंग में अगर महिला डॉक्टर होंगी तो महिलाएं बिना झिझक के जांच करा सकती हैं। राजस्थान में ब्रेस्ट कैंसर का अंधकार गहराता जा रहा है… सिस्टम-सरकार को अनदेखी का ग्रहण हटाना होगा स्वास्थ्य विभाग व कैंसर रजिस्ट्री की रिपोर्टों के अनुसार- वर्ष 2023 से 2026 के बीच ब्रेस्ट कैंसर से हर साल औसतन 6000 महिलाओं की मृत्यु हुई। 2021 में 5690 और 2022 में 6002 मौतें हुईं। 2023 में 6330, वर्ष 2024 में 6674 और वर्ष 2025 में 6752 महिलाओं की मृत्यु हुई। इतना डरावना आंकड़ा क्यों? इसका जवाब नीचे दिए आंकड़ों में पढ़िए… तस्वीर अंधकारमय; मेडिकल कॉलेज आखिरी उम्मीद, वहां भी अंधेरा कायम 22 पदों में 10 पद भरे। मेडिकल 2, सर्जरी 3, थेरेपी 5

डिस्कॉम एईएन ने पदभार संभाला

किशनगंज| बिजली निगम कार्यालय सीसवाली से स्थानांतरण होकर एईएन राधेश्याम मीणा द्वारा शुक्रवार को किशनगंज कार्यालय मैं पदभार ग्रहण किया। इस दौरान उनका कर्मचारियों ने तिलक माल्यार्पण कर मीणा का स्वागत किया। इस दौरान पूर्व में कार्यरत एईएन सतपाल मीणा द्वारा नवनियुक्त एईएन राधेश्याम मीणा को सभी औपचारिकताएं पूरी पदभार संभलाया लाया गया। साथ ही पूर्व के एईएन सतपाल मीणा का स्थानांतरण होने पर बिजली निगम के कर्मचारियों द्वारा साफा बंधन तिलक एवं माल्यार्पण कर विदाई दी गई। जानकारी अनुसार तकरीबन 12 वर्ष पूर्व कस्बे के बिजली निगम कार्यालय में जेईएन के पद पर रहकर अपनी सेवा सेवाएं दे चुके हैं।

55 डॉक्टर व 100 से अधिक नर्सिंग स्टाफ को दो माह से वेतन नहीं मिला

चूरू सहित राज्य के कई मेडिकल कॉलेज में दो महीनों से डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को वेतन नहीं मिला। इसके चलते जिले के ग्रुप-2 के 55 डॉक्टर और 100 से अधिक नर्सिंग स्टाफ परेशान हैं। प्रभावित डॉक्टरों ने शुक्रवार को बैठक की और अस्पताल अधीक्षक से मिल कर अपनी पीड़ा बताई तो उन्होंनेतीन-चार दिन में वेतन भुगतान होने का आश्वासन दिया। डॉक्टरों का कहना है कि जिला स्तर पर उनके वेतन भुगतान को लेकर कार्रवाई कर दी गई है, लेकिन उच्च स्तर पर मामला पेंडिंग है। इधर, अस्पताल अधीक्षक डॉ. दीपक चौधरी का कहना है कि बजट/फाइल का मामला उच्च स्तर (जयपुर) पर अटका है। हमने स्थानीय स्तर से सारी प्रक्रिया पूरी कर दी है। अगले तीन-चार दिन में वेतन का भुगतान हो जाने की पूरी उम्मीद है।

जिले में 231 पुलिसकर्मियों की 58 टीमों ने 293 जगह एक साथ दबिश दी, 89 बदमाश पकड़े

पुलिस ने जिले में सक्रिय बदमाशों व आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ एरिया डोमिनेशन अभियान चलाया। एसपी निश्चय प्रसाद एम ने बताया कि अभियान के जरिए या तो अपराधी अपराध छोड़ दे, या फिर चूरू छोड़ दे का संदेश दिया गया। अभियान के तहत 15 और 16 जुलाई को पूरे जिले में एक साथ 293 संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। इस दौरान 29 हिस्ट्रीशीटरों की चैकिंग की गई और अलग-अलग मामलों में वांछित व सक्रिय 89 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई को लेकर एएसपी सुनील कुमार, रिछपाल सिंह, सतपाल सिंह के सुपरविजन में सभी एसएचओ ने पहले लंबे समय तक खुफिया इनपुट जुटाए। इसके बाद एक साथ दबिश दी गई। बीकानेर रेंज आईजी के निर्देशानुसार जिले में टॉप-10 सक्रिय अपराधियों, इनामी बदमाशों, हार्डकोर अपराधी व तस्करों के खिलाफ यह विशेष अभियान चलाया गया। पकड़े गए अपराधियों से पूछताछ की जा रही है, जिससे कई अन्य वारदातों के खुलासे और फरार मुल्जिमों की गिरफ्तारी होने की पूरी संभावना है। -निश्चय प्रसाद एम, एसपी, चूरू

देशभर में 1.27 करोड़ बेडरोल चोरी:AC कोच बने ‘लॉस्ट एंड फाउंड’; उत्तर-पश्चिम रेलवे में 4 साल में 13.84 करोड़ का बेडरोल गायब, जयपुर मंडल ज्यादा प्रभावित

ट्रेन के एसी कोच में यात्रियों को मिलने वाला तौलिया, बेडशीट, तकिए का कवर और कंबल अब रेलवे के लिए सुविधा से ज्यादा आर्थिक बोझ बनते जा रहे हैं। उत्तर पश्चिम रेलवे के आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2022 से मई 2026 के बीच देशभर में 1.27 करोड़ से अधिक लिनेन चोरी हो गए, जिनकी अनुमानित कीमत 104.51 करोड़ रुपए है। वहीं, उत्तर पश्चिम रेलवे (एनडब्ल्यूआर) को 2022-23 से 2025-26 के बीच लिनेन चोरी से 13.84 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। सबसे ज्यादा नुकसान जयपुर मंडल में दर्ज किया गया है। वहीं, देशभर के मंडलों में बीकानेर मंडल लिनेन चोरी के मामले में पहले और जोधपुर मंडल टॉप-5 में है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार 2025-26 में चोरी का रिकॉर्ड टूटा। जयपुर से गुजरती हैं दिल्ली, मुंबई सहित कई प्रमुख ट्रेनें जयपुर मंडल उत्तर पश्चिम रेलवे का सबसे व्यस्त मंडल है, जहां से दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, कोलकाता, चेन्नई और बेंगलुरु सहित कई प्रमुख लंबी दूरी की एसी ट्रेनें गुजरती हैं। 2025-26 में अकेले जयपुर मंडल से 2.04 करोड़ रुपए की बेडशीट, 1.29 करोड़ रुपए के फेस टॉवल, 35.50 लाख रुपए के पिलो कवर और 69.90 लाख रुपए के कंबल चोरी हुए। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लिनेन चोरी करने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सूत्रों के अनुसार रेलवे अब बेडरोल वितरण प्रणाली में बदलाव, गंतव्य स्टेशन से पहले लिनेन वापस लेने और सेकंड व थर्ड एसी में फेस टॉवल के स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था लागू करने जैसे विकल्पों पर विचार कर रहा है।

रेडक्रॉस भवन में डॉक्टरों का सम्मान 21 को

बूंदी. इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से 21 जुलाई को शाम 5 बजे रेडक्रॉस भवन में चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले डॉक्टरों के सम्मान में अभिनंदन समारोह और अंगदान जागरूकता कार्यक्रम किया जाएगा। इसका उद्घाटन रेडक्रॉस सोसायटी के प्रदेशाध्यक्ष राजेशकृष्ण बिरला करेंगे, जबकि कलेक्टर हरफूल सिंह यादव इसकी अध्यक्षता करेंगे। राजकीय मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र कुमार मुख्य वक्ता होंगे।

बारिश की कमी से खरीफ फसलों पर संकट गहराया, बुवाई नहीं होने से किसान चिंतित

उपखंड क्षेत्र में मानसून की रफ्तार थमने और बारिश की लंबी खेंच से खरीफ फसलों पर संकट बढ़ गया है। कई दिनों से तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण खेतों की नमी तेजी से घट रही है। बारिश पर निर्भर किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। कई किसान खेत तैयार कर बुवाई के लिए इंतजार कर रहे हैं। तहसील कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार 10 जून से 17 जुलाई तक ब्लॉक क्षेत्र में केवल 40 मिमी बारिश दर्ज हुई है। पिछले साल इसी अवधि में 286 मिमी बारिश हुई थी। इस साल मानसून की शुरुआत में कुछ स्थानों पर बारिश हुई थी, जिसके बाद किसानों ने बुवाई शुरू कर दी। इसके बाद बारिश रुक गई। कई खेतों में मिट्टी में दरारें दिखने लगी हैं। धान की फसल पर सबसे अधिक खतरा बताया जा रहा है। जिन किसानों ने धान की नर्सरी या रोपाई शुरू की है, वहां पौधे पीले पड़ने और सूखने लगे हैं। शुरुआती चरण में लगातार पानी की जरूरत के कारण धान की बढ़वार रुकने से उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है। सोयाबीन क्षेत्र की प्रमुख फसल है। पहले हुई बारिश के दौरान कई किसानों ने बुवाई कर दी थी, लेकिन अब नमी की कमी से पौधों का विकास धीमा हो गया है। बारिश नहीं होने पर पौधे छोटे रह सकते हैं और फलियां कम लगने से प्रति हेक्टेयर उत्पादन घट सकता है। उड़द और मूंग जैसी दलहनी फसलों में भी पीलेपन और वृद्धि रुकने की शिकायतें सामने आ रही हैं। मक्का और तिल की फसलें भी असिंचित क्षेत्रों में कमजोर पड़ रही हैं। कृषि विभाग के अनुसार जुलाई का दूसरा और तीसरा सप्ताह खरीफ फसलों के लिए अहम होता है। सूखा लंबा खिंचने पर दोबारा बुवाई या अतिरिक्त सिंचाई से लागत बढ़ सकती है।
^बारिश के नही होने से पूर्व में बुवाई की गई फसल सूखने लगी है। धान की बुवाई व रोपाई पर भी असर हो रहा है। जल्द बारिश हो तो किसानों की फसलों को जीवनदान मिल सकता है। पंकज मीणा, सहायक कृषि अधिकारी, किशनगंज

बसवाड़ा के कुंदन मीणा का नीट में चयन, खुशियां मनाई

बड़ाखेड़ा. बसवाड़ा के गांव पाली के कुंदन मीणा ने नीट में पहले ही प्रयास में सफलता पाई। कुंदन को ऑल इंडिया रैंक 9486 मिली। ऑल इंडिया एसटी वर्ग में 65वीं रैंक भी हासिल की।
कुंदन के पिता धनराज मीणा अध्यापक हैं। कुंदन की शुरुआती पढ़ाई गांव के स्कूल में हुई। कक्षा 6 में उनका चयन जवाहर नवोदय विद्यालय, सीतापुरा में हुआ। वहीं आगे की पढ़ाई पूरी की। बचपन से डॉक्टर बनने का सपना था। अनुशासन रखा। मेहनत की। आत्मविश्वास बनाए रखा। इसी दम पर नीट जैसी कठिन परीक्षा में पहले प्रयास में सफलता मिली। गांव लौटने पर कुंदन को श्याम मीणा, धनराज मीणा, राजेन्द्र मीणा, दिनेश, प्रधान मीणा ने माला पहनाकर खुशियां मनाई।

खजुराहो-औरंगाबाद देश में सबसे आगे, जोधपुर टॉप-10 में पहुंचा:33 मापदंडों को अपनाया, फिर भी रैंक में 12वें नंबर पर फिसला उदयपुर एयरपोर्ट

एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) के जनवरी से जून 2026 के कस्टमर सेटिस्फेक्शन सर्वे (सीएसएस) ने उदयपुर के महाराणा प्रताप एयरपोर्ट डबोक प्रबंधन के सामने अजीब स्थिति पैदा कर दी है। एक तरफ एयरपोर्ट प्रबंधन का दावा है कि वह एएआई के मुताबिक स्वच्छता, सुरक्षा, बैगेज डिलीवरी स्पीड और स्टाफ व्यवहार जैसे सभी 33 प्रमुख मापदंडों पर पूरी तरह खरा उतरा है, वहीं दूसरी तरफ देशव्यापी रैंकिंग में डबोक एयरपोर्ट कई सालों के अपने शानदार रिकॉर्ड (टॉप-3) को गंवाते हुए पहली बार टॉप-10 से बाहर हो गया है। अब 4.86 स्कोर के साथ 12वें स्थान पर खिसक गया है। हैरानी की बात यह है कि एयरपोर्ट पर यात्रियों की सुविधाएं लगातार बढ़ी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट के पीछे कोई वास्तविक कमी नहीं, बल्कि डेटा रिपोर्टिंग की चूक हो सकती है। आशंका है कि एयरपोर्ट प्रबंधन द्वारा सर्वे से संबंधित फाइनल फीडबैक रिपोर्ट भेजने में तकनीकी या प्रशासनिक गलती हुई, जिससे कागजों पर स्कोर 4.86 रह गया। वर्तमान में चल रहे 887 करोड़ रुपए के नए इंटीग्रेटेड टर्मिनल विस्तार कार्य के बीच यह ताजा रैंकिंग प्रबंधन के लिए डेटा प्रबंधन और सर्विस डिलीवरी दोनों मोर्चों पर बड़ी चेतावनी है। ताजा सर्वे में मध्य प्रदेश के खजुराहो और महाराष्ट्र के औरंगाबाद एयरपोर्ट ने 4.98 स्कोर के साथ संयुक्त रूप से देश में पहला स्थान हासिल किया है। जोधपुर ने टॉप-10 में पहुंचकर चौंका दिया है। ग्राउंड रियलिटी… एयरपोर्ट पर तीन साल से सुविधाएं बढ़ती जा रहीं निदेशक सावरमल सिंगारिया के अनुसार एयरपोर्ट पर तीन वर्षों से बुनियादी ढांचे व कमर्शियल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। 4 नए वीआईपी लाउंज तैयार किए हैं और यात्रियों की थकान मिटाने के लिए इलेक्ट्रिक मसाज पार्लर की नई सुविधा शुरू हुई है। आधुनिक रेस्त्रां, ब्रांडेड कपड़े और मेवाड़ी हस्तशिल्प (हैंडीक्राफ्ट) की नई दुकानें खोली गई हैं। चेक-इन काउंटर्स की व्यवस्था में सुधार कर अब 600 से ज्यादा यात्रियों के बैठने के लिए कुर्सी-सोफों की व्यवस्था भी है। 3 साल तक के बच्चों के लिए परिसर में निशुल्क चिल्ड्रन पार्क भी खोला गया है। प्रदेश में जोधपुर ने पछाड़ा, किशनगढ़ भी नजदीक सर्वे में राजस्थान के हवाई अड्डों में प्रतिस्पर्धा रही। जोधपुर एयरपोर्ट 4.88 स्कोर के साथ देश में 10वें स्थान पर रहा। उसने पहली बार उदयपुर को पीछे छोड़ते हुए टॉप-10 में जगह बनाई है। उदयपुर के लिए चिंता यह भी है कि किशनगढ़ एयरपोर्ट भी 4.85 स्कोर के साथ 13वें स्थान पर आ गया है, जो उदयपुर से 0.01 अंक पीछे है।