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अलवर जिले में पति-पत्नी को सरियों से पीटा:महिला के हाथ में फ्रैक्चर हो गया, गांव में अवैध शराब बेचने पर टोका था

अलवर के बगड़ तिराहा थाना क्षेत्र के बहाला गांव में कच्ची शराब बेचने का विरोध करने पर एक दंपति पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों ने दंपति को सरियों से पीटा, जिससे महिला का हाथ टूट गया और उसका पति गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों को लहूलुहान हालत में अलवर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बिजली ठीक करने गया था पीड़ित, वहीं बिक रही थी शराब जानकारी के अनुसार, बहाला निवासी प्रवीण जाटव शुक्रवार रात करीब 11 बजे गांव में बिजली गुल होने पर पड़ोस के पोल पर लाइट ठीक करने गया था। उसी दौरान वहां पड़ोसी बिट्टू अवैध रूप से कच्ची शराब बेच रहा था। प्रवीण ने सार्वजनिक स्थान पर शराब बेचने का विरोध किया। शोर सुनकर बचाने आई पत्नी को भी नहीं छोड़ा मना करने पर आरोपी बिट्टू तैश में आ गया। उसने तुरंत अपने बेटे चीकू और अन्य परिजनों को मौके पर बुला लिया। आरोप है कि सभी ने लाठी और लोहे के सरियों से प्रवीण पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। प्रवीण की चीख-पुकार सुनकर उसकी पत्नी मानबाई बीच-बचाव करने दौड़ी, तो आरोपियों ने उसे भी नहीं बख्शा। सरिए के वार से मानबाई का हाथ फ्रैक्चर हो गया। आरोपी अवैध रूप से बेचते हैं शराब अस्पताल में भर्ती पीड़ित प्रवीण ने बताया कि आरोपी लंबे समय से गांव में अवैध रूप से कच्ची शराब का धंधा कर रहे हैं। इससे गांव का माहौल खराब हो रहा है। पुलिस को पहले भी कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों के हौसले बुलंद हैं। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची और घायलों के बयान दर्ज किए। बगड़ तिराहा थाना पुलिस के अनुसार, पीड़ित पक्ष की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।

मौलाना ने श्रीकृष्ण को नमाजी बताया, धीरेंद्र शास्त्री बोले-घरवापसी करो:दोबारा ऐसा कहा तो तुम्हारे दरवाजे पर गीता पाठ करेंगे; हमारी पूजा पद्धति से छेड़छाड़ न करें

भगवान श्रीकृष्ण को लेकर यूपी के मौलाना जर्जिस अंसारी के आपत्तिजनक बयान पर बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी नाराजगी जताई है। पं. धीरेंद्र ने हैदराबाद के शमशाबाद में चल रही हनुमत कथा के दौरान 17 जुलाई को अंसारी को ‘घरवापसी’ की सलाह दी। कहा- दोबारा ऐसा बयान दिया तो उनके दरवाजे पर भगवद्गीता का पाठ करेंगे। पं. धीरेंद्र ने कहा कि हर धर्म को अपनी आस्था तक सीमित रहना चाहिए। दूसरे धर्म की मान्यताओं पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। सबसे पहले पढ़िए जर्जिस का वो बयान जिस पर विवाद है यूपी में इटावा के रहने वाले मौलाना जर्जिस अंसारी ने कहा था- भगवान श्रीकृष्ण धर्म से मुस्लिम थे और दिन में 5 बार नमाज पढ़ा करते थे। यकीन ना आए तो श्रीमद्भागवत गीता का छठा अध्याय का दसवां मंत्र देख लीजिए… योगी युञ्जीत सततमात्मानं रहसि स्थितः। एकाकी यतचित्तात्मा निराशीरपरिग्रहः॥ मौलाना ने दावा किया- ‘श्लोक में कृष्ण जी अर्जुन से कह रहे हैं कि हे अर्जुन! ईश्वर की जब पूजा करो तो पूरे शरीर का योग करो। योगी, यूपी वाला नहीं। योगी युञ्जीत सततमात्मानं, पूरे शरीर का योग करो। यानी पूजा सिर्फ खड़े होकर नहीं, पूरे शरीर के साथ होनी चाहिए और पूरे शरीर का योग होना चाहिए। आज हिंदू धर्म में चले जाइए, सिर्फ ऐसे हाथ उठाएंगे, ‘ओम नमः शिवाय’, बस हो गई पूजा। ये हिंदू-मुस्लिम अगर ये अपनी किताबें पढ़ लें, योगी जी बड़े भक्त बनते हैं राम के… अगर हमारी किताबें पढ़ लें, तो यकीन मानिए इस्लाम से मोहब्बत करने लगेंगे। क्योंकि इस्लाम सिर्फ मुसलमानों का धर्म नहीं, ये उनका भी धर्म है। इसी दीन और इसी धर्म को रामचंद्र जी ने भी पेश किया है, कृष्ण जी ने भी पेश किया है। ये सिर्फ मुसलमानों का नहीं है। अब पढ़िए इस पर धीरेंद्र शास्त्री ने मौलाना को क्या कहा? धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि मौलाना जर्जिस अंसारी बयान से से उन्हें दुख पहुंचा है। भारत में जन्म लेने वाले सभी लोगों की सांस्कृतिक जड़ें एक हैं। उन्होंने फिल्म ‘अमर अकबर एंथनी’ का उदाहरण देते हुए भी अपनी बात रखी और कहा कि अलग-अलग आस्था रखने के बावजूद लोगों की सांस्कृतिक विरासत एक है। भगवान श्रीकृष्ण पर टिप्पणी को लेकर इंदौर में विरोध भय्यू महाराज की पत्नी ने मौलाना पर FIR की मांग की इंदौर के दिवंगत संत भय्यू महाराज की पत्नी डॉ. आयुषी देशमुख ने भगवान श्रीकृष्ण पर की गई अमर्यादित टिप्पणी को लेकर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने मौलाना जर्जिस अंसारी के खिलाफ FIR दर्ज करने के लिए एक आवेदन भी दिया है। ‘अपमानजनक टिप्पणी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो’ डॉ. आयुषी ने कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति हिंदू धर्म या भगवान के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करेगा तो उसका विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा- सरकार को ऐसा कानून बनाना चाहिए, जिसमें किसी भी धर्म के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो।

पुष्कर मेले में पहली बार होगी 60KM की घुड़सवारी:घोड़ों की हार्ट बीट और फिटनेस की जांच की जाएगी; महिलाएं दौड़ाएंगी बैलगाड़ी

पुष्कर पशु मेले में पहली बार अरावली की तलहटी में एंड्योरेंस राइडिंग (एक लंबी दूरी की घुड़सवारी) होगी। इसमें घोड़े और राइडर 60 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे, जिसमें 20-20 किलोमीटर के तीन लूप होंगे। हर 20 किलोमीटर पर घोड़ों की हार्ट बीट, डिहाइड्रेशन और फिटनेस की जांच की जाएगी। राइडर का भी स्टेमिना देखा जाएगा। मेडिकल अनफिट होने पर घोड़े को राइडिंग से बाहर कर दिया जाएगा। इसके अलावा रेवाल चाल (घोड़ों की एक विशेष चाल) और महिला किसानों की बैलगाड़ी परेड भी पर्यटकों व टूरिस्ट को आकर्षित करेगी। पशुपालन विभाग की ओर से गाय और ऊंटों को लेकर हर साल की तरह इस साल भी कई प्रतियोगिताएं होंगी। एडिशनल डायरेक्टर डॉ. नवीन परिहार ने बताया- पहली बार पुष्कर मेले में एंड्योरेंस राइडिंग होगी। इसमें घोड़े की सहनशक्ति और राइडर के तालमेल व हेल्थ की परीक्षा देखने को मिलेगी। ये एक लंबी दूरी की घुड़सवारी प्रतियोगिता है, जिसमें घुड़सवार और उनका घोड़ा 60 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे। इस 60 किलोमीटर की दूरी में 20-20 किलोमीटर के तीन लूप होंगे। हर 20 किलोमीटर पर तय दूरी के बाद, घोड़ों की हार्ट बीट, डिहाइड्रेशन और फिटनेस की जांच की जाएगी। इस राइडिंग के निर्णायक कमेटी में मेंबर रह चुके लोगों को बुलाकर ट्रैक फाइनल कर दिया गया है। राइडिंग के 20-20 किलोमीटर के तीन पड़ाव होंगे राइडिंग मोतीसर रोड पर पुराने हेलीपैड से शुरू होगी और अरावली की तलहटी के कच्चे रास्तों को ट्रैक का रूप देने की तैयारी की जाएगी। सबसे बड़ा लूप पिचोलिया की गोचर भूमि पर बनाया जाएगा। राइडिंग के 20-20 किलोमीटर के तीन पड़ाव होंगे और समापन मोतीसर रोड पर ही होगा। महिला किसानों की बैलगाड़ी परेड डॉ. परिहार ने बताया- साल 2026 को संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से महिला किसान वर्ष घोषित किया गया है। इसी थीम पर पुष्कर मेले में बैलगाड़ी चलाने वाली महिला किसानों को बुलाया जाएगा। इस दौरान महिला किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए समापन के दिन बैलगाड़ियों की परेड निकाली जाएगी। रेवाल चाल व ट्रिक राइडिंग होगी खास डॉ. परिहार ने बताया-रेवाल चाल भी पहली बार होगी। इसमें मारवाड़ी घोड़े की रफ्तार और सहनशीलता देख सकेंगे। ये एक किलोमीटर की होगी। इसमें शर्त यह होती है कि इसमें राइडर व हॉर्स को थकान नहीं होनी चाहिए नहीं तो बाहर कर दिया जाएगा। इसके अलावा ट्रिक राइडिंग भी होंगी। इसमें राइडर एक या एक से ज्यादा भी हो सकेंगे। इसके अलावा घोडे़ की ओर से कई प्रकार के करतब भी दिखाए जाएंगे। गाय-भैंस की संख्या बढ़ाने की कोशिश डॉ. परिहार ने बताया कि पुष्कर पशु मेले में भैंस और गोवंश की संख्या काफी कम रहती है। इस बार इनकी संख्या बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए राजस्थान के अन्य जिलों व आसपास के राज्यों में भी पशुपालकों से संपर्क किया जा रहा है ताकि वे अपने पशु लेकर मेले में आएं।
हजारों पशु एवं लाखों श्रद्धालु आते हैं मेले में पुष्कर पशु मेले में हजारों ऊंट, घोड़े समेत अलग-अलग प्रजाति के पशु आते हैं। वहीं पशुपालकों के बीच करोड़ों रुपयों का लेन-देन होता है। लाखों श्रद्धालु सरोवर में स्नान और मंदिरों के दर्शन करते हैं। अनेक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं, जिसमें राजस्थानी लोक कलाकारों के साथ-साथ कई अंतराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकारों को भी आमंत्रित किया जाता है। मेले के दौरान देशी-विदेशी पर्यटकों के बीच ग्रामीण खेलकूद प्रतियोगिता आयोजित की जाती है। पशुओं की भी कई रोमांचक प्रतियोगिता होती है, इनमें ऊंट दौड़, ऊंट का नृत्य, नाचने वाली घोड़ियों की प्रतियोगिता और सर्वश्रेष्ठ नस्ल के घोड़ों व दुधारू गायों का प्रदर्शन शामिल है। इसके अलावा पशुओं के स्वास्थ्य और सौंदर्य की भी प्रतियोगिताएं होती हैं।

अलवर में आज और कल हल्की बारिश के आसार:20-22 जुलाई को बिजली गिरने का अलर्ट जारी, IMD ने दी खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह

अलवर में आज और कल हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। शुक्रवार रात शहर के कुछ इलाकों में करीब 20 मिनट तक अच्छी बारिश हुई, जबकि कई क्षेत्रों में बूंद तक नही गिरी। देर रात हुई बारिश से लोगों को दिन-भर की उमस से राहत मिली। इन दिनों जिले का मौसम लगातार करवट ले रहा है। कभी घने बादल छा जाते हैं तो कभी तेज धूप निकल जाती है, जिससे उमस और गर्मी का असर बढ़ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार शनिवार को जिले में सामान्यतः बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 18 और 19 जुलाई को भी बादल छाए रहने और हल्की बारिश के आसार हैं। वहीं 20 से 22 जुलाई के बीच गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। इस बार जिले में मानसून की बारिश सामान्य से काफी कम हुई है। पिछले वर्ष की तुलना में अब तक आधी भी बारिश नहीं होने से किसानों के साथ-साथ प्रकृति प्रेमियों की चिंता भी बढ़ गई है। अच्छी बारिश होने पर सरिस्का, सिलीसेढ़ झील, बालाकिला और वाटरफॉल जैसे पर्यटन स्थलों पर बड़ी संख्या में लोग घूमने पहुंचते हैं। वहीं नदियों, बांधों और जलाशयों में पानी भरने का इंतजार भी लोगों को है। अब सभी की नजरें मानसून के फिर से सक्रिय होने और अच्छी बारिश पर टिकी हैं।

जयपुर में पर्यटकों के सामने लेपर्ड ने किया शिकार:10 महीने की मादा शावक ने खरगोश को दबोचा; जबड़े में दबाकर इधर-उधर घूमती रही

जयपुर के झालाना लेपर्ड रिजर्व में सफारी के दौरान पर्यटकों को रोमांचक नजारा देखने को मिला। लेपर्ड फ्लोरा की मादा शावक के सामने एक जंगली खरगोश घास में छिपकर बैठा था। मादा शावक भी घात लगाकर बैठी थी, मौका देखते ही शावक ने झपट्‌टा मारकर खरगोश को जबड़े में दबोच लिया। इस पल को पर्यटकों ने अपने कैमरे में कैद कर लिया। यह रोमांचक घटनाक्रम रिजर्व के रूट नंबर-1 और रूट नंबर-2 के बीच शनिवार सुबह देखने को मिला। दरअसल, इन दिनों लेपर्ड फ्लोरा अपने दोनों शावकों को जंगल में शिकार करने की बारीकियां सिखा रही है। लेपर्ड फ्लोरा की मादा शावक के PHOTOS मौका देखते ही छलांग लगाकर मुंह में दबोचा गाइड सीपी सैनी ने बताया कि फ्लोरा की मादा शावक ने जंगली खरगोश का शिकार किया है। शावक घास खा रहे खरगोश पर कुछ देर तक नजर रखे हुए थी। जैसे ही खरगोश हल्का-सा बाहर निकला, तुरंत शावक ने छलांग लगा दी और खरगोश को दबोच लिया। शिकार को मुंह में दबाकर कुछ देर तक इधर-उधर घूमती रही। इसके बाद जंगल में चली गई। इस दौरान वहां मौजूद पर्यटकों ने इस पूरे दृश्य कैमरे में कैद कर लिया किया। शिकार की बारीकियां सिखा रही लेपर्ड फ्लोरा सीपी सैनी ने बताया कि फ्लोरा इन दिनों अपने दोनों शावकों को शिकार करने की बारीकियां सिखा रही है। मां की निगरानी में शावक शिकार का अभ्यास कर रहे हैं। देश-दुनिया से वन्यप्रेमी आते झालाना लेपर्ड रिजर्व देश-दुनिया के वन्यजीव प्रेमियों के बीच लेपर्ड साइटिंग के लिए अपनी अलग पहचान बना चुका है। यहां अक्सर पर्यटकों को लेपर्ड और उनके शावकों की गतिविधियां देखने का मौका मिलता है। फ्लोरा और उसके शावकों की मौजूदगी इन दिनों पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है।

कैलाश मानसरोवर यात्रा का चौथा दल धारचूला में फंसा:भूस्खलन से 18 सड़कें बंद; केदारनाथ मार्ग पर भी पत्थर गिरे, पैदल यात्रा जारी

उत्तराखंड में लगातार बारिश का असर अब प्रमुख तीर्थ यात्राओं पर दिखने लगा है। पिथौरागढ़ में कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर भूस्खलन होने से चौथा दल धारचूला में ही रुक गया है, जबकि जिले की 18 सड़कें बंद हैं। वहीं रुद्रप्रयाग में केदारनाथ पैदल मार्ग पर भी कई जगह भूस्खलन हुआ, हालांकि प्रशासन ने रास्ता साफ कर पैदल यात्रा फिर शुरू करा दी है। पिथौरागढ़ जिले में गर्भाधार के पास पहाड़ी दरकने से कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें आ गईं। इसके चलते वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई। इसी कारण कैलाश मानसरोवर यात्रा का चौथा दल धारचूला में रोक दिया गया है। सड़क खुलने के बाद ही श्रद्धालुओं को गुंजी के लिए रवाना किया जाएगा। जानिए पूरा मामला 1. 18 सड़कें बंद, थल-मुनस्यारी मार्ग 5 घंटे बाद खुला
भारी बारिश के बाद कैलाश मानसरोवर मार्ग समेत जिले की 18 सड़कें मलबा आने से बंद हो गईं। इनमें तवाघाट-गुंजी, मुवानी-आलम दारमा, सोबला-उमचिया, बंगापानी-जाराजिबली और होकरा-नामिक जैसे प्रमुख मार्ग शामिल हैं। वहीं थल-मुनस्यारी सड़क पर शुक्रवार रात मलबा गिरने से करीब पांच घंटे तक यातायात ठप रहा। सड़क सुबह करीब 10 बजे खुलने के बाद आवाजाही फिर शुरू हो सकी। 2. 15 दिन से बारिश बनी आफत
पिछले 15 दिनों से सीमांत जिले में लगातार बारिश से हालात बिगड़े हुए हैं। धारचूला और मुनस्यारी क्षेत्र में कई सड़कें, पैदल रास्ते और पुल प्रभावित हैं, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 3. मलबा हटाने में जुटीं बीआरओ और प्रशासन की टीमें
जिला आपदा प्रबंधन विभाग और बीआरओ की टीमें कैलाश मानसरोवर मार्ग समेत अन्य प्रभावित सड़कों से मलबा हटाने में जुटी हैं। मौसम अनुकूल रहने पर बंद मार्गों पर जल्द यातायात बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। कैलाश यात्रा का पहला दल लौटा कैलाश मानसरोवर यात्रा का पहला दल दर्शन कर सकुशल भारत लौट आया है। शनिवार सुबह लिपुलेख दर्रे पर टेकओवर प्रक्रिया के बाद चीनी अधिकारियों ने यात्रियों को भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के हवाले किया। पहले दल में 49 में से 48 यात्री कैलाश मानसरोवर पहुंचे थे। इनके साथ एक डॉक्टर और तीन किचन स्टाफ भी शामिल थे। लौटने के बाद दल गुंजी होते हुए बुंदी के लिए रवाना हुआ। उधर, तीसरे दल ने शनिवार सुबह लिपुलेख दर्रे से चीन में प्रवेश किया, जबकि दूसरा दल फिलहाल कैलाश परिक्रमा पर है। वहीं चौथा दल सड़क की स्थिति सामान्य होने के बाद धारचूला से गुंजी के लिए रवाना किया जाएगा। केदारनाथ यात्रा पर भी बारिश का असर रुद्रप्रयाग में लगातार बारिश के बीच गौरीकुंड-चीड़बासा पैदल मार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाएं हुईं। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने कुछ समय के लिए यात्रा रोकी, लेकिन मलबा हटाने के बाद पैदल यात्रा फिर से शुरू करा दी गई। फिलहाल चीड़बासा में कुछ बड़े पत्थर हटाने का काम जारी है, इसलिए घोड़े-खच्चरों का संचालन अभी बंद रखा गया है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि केदारनाथ धाम की यात्रा फिलहाल सुचारु रूप से जारी है। मानसून को देखते हुए जिले के सभी कंट्रोल रूम समन्वित तरीके से काम कर रहे हैं। नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और मौसम विभाग के अलर्ट के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि भूस्खलन संभावित स्थानों पर जेसीबी मशीनें पहले से तैनात हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में मार्ग को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके। यात्रियों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कई नदियां खतरे के निशान के करीब लगातार बारिश के बीच उत्तराखंड की प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गंगा, भागीरथी, अलकनंदा, मंदाकिनी, पिंडर, सरयू और काली नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई हैं। यदि अगले एक-दो दिन तक बारिश जारी रही तो कई स्थानों पर जलस्तर खतरे के स्तर तक पहुंच सकता है। फिलहाल ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर 337.88 मीटर है, जबकि खतरे का स्तर 340.50 मीटर है। वहीं हरिद्वार में गंगा 290.70 मीटर पर बह रही है, जो खतरे के निशान 294 मीटर से नीचे है। इन जगहों पर प्रशासन की सबसे ज्यादा नजर बाढ़ की आशंका को देखते हुए श्रीनगर, ऋषिकेश, हरिद्वार और रामनगर को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। भीमगौड़ा बैराज (हरिद्वार) से 36,183 क्यूसेक और वीरभद्र बैराज (ऋषिकेश) से 41,989 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं मनेरी, जोशियाड़ा, इछाड़ी, आसन और व्यासी डैम से भी नियंत्रित जल निकासी जारी है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने निचले इलाकों के लोगों और प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी है। —————– ये खबर भी पढ़ें : उत्तराखंड में आज बारिश का ऑरेंज अलर्ट: 4 जिलों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी; देहरादून और चंपावत में स्कूल बंद रहेंगे उत्तराखंड में आज बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, 4 जिलों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। खराब मौसम को देखते हुए देहरादून और चंपावत में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है। पढ़ें पूरी खबर…

मदनी का दावा-दुनिया में इस्लाम सबसे तेजी से फैल रहा:लखनऊ में कहा- सबको कुरान पढ़ाइए; यह कत्ल की बात नहीं करता

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि सभी लोगों को बुलाइए और उन्हें कुरान पढ़ाइए। उन्हें बताइए कि कुरान क्या कहता है? कुरान कहीं भी कत्ल या नफरत की बात नहीं करता। इस्लाम मोहब्बत का मजहब है, इसीलिए आज यह पूरी दुनिया में सबसे तेजी से फैल रहा है। दुनियाभर के पढ़े-लिखे लोगों ने भी इस्लाम के तेजी से फैलने की बात स्वीकार की है। वह लखनऊ में शनिवार को अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित हिंदू-मुस्लिम इत्तेहाद कॉन्फ्रेंस (हिंदू-मुस्लिम एकता सम्मेलन) को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन उनकी संस्था जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने किया। सम्मेलन में देशभर के विभिन्न संगठनों, समुदायों के प्रतिनिधि और शिक्षाविद शामिल हुए। सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने संबोधित किया। उन्होंने कहा, “मैंने बचपन में अजान सीखी थी, लेकिन कोर्ट की व्यस्तताओं के बीच उसे भूल गई। अब मैं उसे फिर से सीखना चाहती हूं।” 3 तस्वीरें देखिए- पढ़िए मौलाना मदनी की कही 5 बड़ी बातें 1- इस देश में मुसलमान का विरोध बहुत पहले से हो रहा है। मौजूदा सरपरस्ती (सरकार) मस्जिद को मुसलमान की बरकत समझती है। इसीलिए बुलडोजर चलाती है। जो इस्लाम का केंद्र मस्जिद को समझते हैं, वही इसका विरोध करते हैं। 2- मस्जिद से अजान दी जाती है। ये लोग अजान का मतलब नहीं समझते। अजान में अल्लाहु अकबर कहा जाता है, जिसका मतलब है- अल्लाह सबसे बड़ा है। वह भी कहते हैं कि ओम सबसे बड़ा है। हम कहते हैं कि अल्लाह सबसे बड़ा है। अजान का दूसरा अल्फाज ईश्वर है। वह एक है, उसका कोई साथी नहीं है। 3- आजम खान एक सियासी व्यक्ति हैं। लेकिन, जिस शख्स के नाम पर यूनिवर्सिटी है, मौलाना मोहम्मद अली जौहर, उन्होंने देश और समाज के हित में बहुत काम किया है। इसलिए हम चाहते हैं कि मौलाना मोहम्मद अली जौहर के नाम से यूनिवर्सिटी हमेशा रहे। वहां जो किया जा रहा है, वह गलत है, गलत है, गलत है। 4- हम प्यार-मोहब्बत का पैगाम देने आए हैं। इस धरती पर जो नफरत की आग लगी है, उस पर प्यार-मोहब्बत का पानी नहीं छिड़का जाएगा तो आग और भड़केगी। नफरत की सियासत करना इस देश की जड़ को कमजोर करना है, मुल्क को बर्बाद करना है। 5- जो लोग छात्रों का विरोध कर रहे हैं, उससे छात्रों का बहुत नुकसान हो रहा है। जो पेपर लीक हो रहा है, छात्रों के लिए बहुत नुकसानदेह है। सरकार को इस तरह की चीजों पर ध्यान देना चाहिए। करीब 32 लाख बच्चों का मकसद बर्बाद हो गया। सम्मेलन के मुख्य अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

भीलवाड़ा MGH से रेफर प्रसूता की उदयपुर में मौत:परिजन बोले- ऑपरेशन के समय पेट में गंदा पानी रहने से संक्रमण फैला

भीलवाड़ा के महात्मा गांधी हॉस्पिटल में सीजेरियन डिलीवरी के बाद एक और प्रसूता की मौत का मामला सामने आया है। भीलवाड़ा से गंभीर हालत में उदयपुर रेफर की गई 19 साल की ज्योति कुमारी की 13 जुलाई को उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई। ज्योति कुमारी जहाजपुर क्षेत्र के रघुनाथपुरा रावत खेड़ा गांव की रहने वाली थी। डिलीवरी के लिए उसे भीलवाड़ा के महात्मा गांधी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। सिजेरियन ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ी परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए एसपी को लिखित शिकायत दी है। मृतका ज्योति कुमारी कीर के पति फोरूलाल कीर ने बताया कि 7 जुलाई को उन्होंने ज्योति को भीलवाड़ा के महात्मा गांधी हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। 8 जुलाई की सुबह उसका सीजेरियन ऑपरेशन हुआ, जिसमें एक बच्ची का जन्म हुआ। बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है। परिवार के अनुसार ऑपरेशन के बाद शुरुआत में ज्योति की हालत सामान्य थी, लेकिन 9 जुलाई की रात अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे तेज सिरदर्द होने लगा और कुछ ही देर में वह बेहोश हो गई। उदयपुर में बताया ऑपरेशन के दौरान पेट में रहा गंदा पानी इसके बाद ज्योति को मेडिकल आईसीयू में भर्ती किया गया। हालत लगातार बिगड़ने पर 10 जुलाई की सुबह डॉक्टरों ने उसे उदयपुर रेफर कर दिया। परिजन उसी दिन उसे लेकर उदयपुर पहुंचे, जहां दोपहर करीब 2 बजे आरएनटी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि उदयपुर में भर्ती के दौरान वहां के चिकित्सा कर्मियों ने उन्हें बताया कि ऑपरेशन के समय पेट में संक्रमण वाला द्रव (गंदा पानी) मौजूद था। इसी वजह से संक्रमण पूरे शरीर में फैल गया और उसकी हालत बेहद गंभीर हो गई। तीन दिन इलाज चलने के बाद दम तोड़ा उदयपुर में कई जांचों के बाद डॉक्टरों ने ज्योति की हालत बेहद गंभीर बताई। वह तीन दिन तक जिंदगी और मौत से लड़ती रही। आखिरकार 13 जुलाई को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इधर, ज्योति की नवजात बच्ची अब उसकी बुआ काली देवी की देखरेख में है। परिवार का आरोप है कि इलाज के दौरान उन्हें पूरी जानकारी नहीं दी गई। अब उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

कोटा के सीमलिया में आठ घंटे में दो मर्डर:खेत की बाड़ और शराब के विवाद में बुजुर्ग व युवक की हत्या, आधे घंटे में दबोचे आरोपी

कोटा ग्रामीण के सीमलिया थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक बुजुर्ग और युवक का मर्डर हो गया। पहली घटना शाम करीब 6 बजे मंडोला गांव में हुई, जहां खेत की बाड़ को लेकर शुरू हुआ विवाद जानलेवा बन गया। मंडोला गांव के रिटायर्ड शिक्षक बद्रीलाल मीणा (65) अपने खेत पर मौजूद थे। चार साल पहले सेवानिवृत्त होने के बाद वे खेती-किसानी कर रहे थे। इसी दौरान पड़ोसी खेत मालिक और ज्वेलरी कारोबारी अंकुर उर्फ सारंगी से कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि अंकुर ने बद्रीलाल पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल बद्रीलाल को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वारदात की सूचना मिलते ही सीमलिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को आधे घंटे के भीतर डिटेन कर लिया। दो भाइयों के बीच खूनी संघर्ष वहीं, दूसरी घटना शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे मोतिकुआ गांव में सामने आई। यहां शराब के नशे में दो भाइयों के बीच शुरू हुई बहस खूनी संघर्ष में बदल गई। हेमराज लश्करी और उसके भाई राजू लश्करी (45) साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान दोनों के बीच कहासुनी हुई और गुस्से में आए हेमराज ने लकड़ी से राजू पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर हालत में राजू को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। कोटा ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर ने दोनों मामलों में विशेष टीमों का गठन किया। इस मामले में भी सीमलिया थाना पुलिस ने तेजी दिखाते हुए आरोपी हेमराज को घटना के करीब आधे घंटे के भीतर हिरासत में ले लिया। आज हो सकता है दोनों मर्डर का खुलासा एसपी ने बताया कि दोनों आरोपियों को डिटेन कर लिया गया है और सीमलिया थाना पुलिस अग्रिम अनुसंधान में जुटी हुई है। एसपी सुजीत शंकर आज दोनों हत्याकांडों का खुलासा कर सकते हैं।

कोटा के बॉयज हॉस्टल में घुसा मगरमच्छ, VIDEO:मेस में खाना बना रहे कर्मचारी जान बचाकर भागे; स्टूडेंट्स में दहशत फैल गई

कोटा के बोरखेड़ा इलाके में शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे कोरल पार्क के एक बॉयज हॉस्टल में मगरमच्छ घुस गया। हॉस्टल के मेस में खाना बना रहा कुक डरकर भाग गया। वहीं पूरे हॉस्टल में दहशत मच गई। हॉस्टल कर्मचारियों के अनुसार शुक्रवार दोपहर जब करीब चार फीट लंबा मगरमच्छ हॉस्टल की बेसमेंट स्थित मेस में घुस आया। मेस में खाना बना रहे कुक और कर्मचारियों ने जैसे ही मगरमच्छ को देखा, वे जान बचाकर बाहर भाग निकले। घटना से हॉस्टल में रहने वाले कोचिंग छात्रों में भी दहशत फैल गई। मगरमच्छ की एंट्री सीसीटीवी में कैद मगरमच्छ की पूरी एंट्री मेस में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि मगरमच्छ सीढ़ियों से होते हुए धीरे-धीरे मेस के अंदर पहुंच गया। मगरमच्छ को देखकर वहां मौजूद लोग घबरा गए और कुछ ही समय में पूरे हॉस्टल में हड़कंप मच गया। पकड़ने की कोशिश पर घबरा गया मगरमच्छ घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में छात्र मौके पर इकट्ठा हो गए। कुछ छात्रों ने खुद ही मगरमच्छ को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन इससे मगरमच्छ और घबरा गया और मेस के भीतर इधर-उधर भागने लगा। इससे काफी देर तक हॉस्टल परिसर में तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। नाले से निकलकर हॉस्टल में घुसा बताया जा रहा है कि हॉस्टल के पास से एक बड़ा नाला गुजरता है। आशंका है कि मगरमच्छ उसी नाले से निकलकर हॉस्टल में पहुंच गया। हॉस्टल प्रशासन ने तत्काल वन विभाग को सूचना दी। सूचना पर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू किया। वनकर्मी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया और बाद में उसे चंबल नदी में छोड़ दिया। घटना के बाद छात्रों और हॉस्टल स्टाफ ने राहत की सांस ली।