भीलवाड़ा MGH से रेफर प्रसूता की उदयपुर में मौत:परिजन बोले- ऑपरेशन के समय पेट में गंदा पानी रहने से संक्रमण फैला
भीलवाड़ा के महात्मा गांधी हॉस्पिटल में सीजेरियन डिलीवरी के बाद एक और प्रसूता की मौत का मामला सामने आया है। भीलवाड़ा से गंभीर हालत में उदयपुर रेफर की गई 19 साल की ज्योति कुमारी की 13 जुलाई को उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई। ज्योति कुमारी जहाजपुर क्षेत्र के रघुनाथपुरा रावत खेड़ा गांव की रहने वाली थी। डिलीवरी के लिए उसे भीलवाड़ा के महात्मा गांधी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। सिजेरियन ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ी परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए एसपी को लिखित शिकायत दी है। मृतका ज्योति कुमारी कीर के पति फोरूलाल कीर ने बताया कि 7 जुलाई को उन्होंने ज्योति को भीलवाड़ा के महात्मा गांधी हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। 8 जुलाई की सुबह उसका सीजेरियन ऑपरेशन हुआ, जिसमें एक बच्ची का जन्म हुआ। बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है। परिवार के अनुसार ऑपरेशन के बाद शुरुआत में ज्योति की हालत सामान्य थी, लेकिन 9 जुलाई की रात अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे तेज सिरदर्द होने लगा और कुछ ही देर में वह बेहोश हो गई। उदयपुर में बताया ऑपरेशन के दौरान पेट में रहा गंदा पानी इसके बाद ज्योति को मेडिकल आईसीयू में भर्ती किया गया। हालत लगातार बिगड़ने पर 10 जुलाई की सुबह डॉक्टरों ने उसे उदयपुर रेफर कर दिया। परिजन उसी दिन उसे लेकर उदयपुर पहुंचे, जहां दोपहर करीब 2 बजे आरएनटी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि उदयपुर में भर्ती के दौरान वहां के चिकित्सा कर्मियों ने उन्हें बताया कि ऑपरेशन के समय पेट में संक्रमण वाला द्रव (गंदा पानी) मौजूद था। इसी वजह से संक्रमण पूरे शरीर में फैल गया और उसकी हालत बेहद गंभीर हो गई। तीन दिन इलाज चलने के बाद दम तोड़ा उदयपुर में कई जांचों के बाद डॉक्टरों ने ज्योति की हालत बेहद गंभीर बताई। वह तीन दिन तक जिंदगी और मौत से लड़ती रही। आखिरकार 13 जुलाई को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इधर, ज्योति की नवजात बच्ची अब उसकी बुआ काली देवी की देखरेख में है। परिवार का आरोप है कि इलाज के दौरान उन्हें पूरी जानकारी नहीं दी गई। अब उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

