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मानसरोवर में डुबकी नहीं, बाल्टी से हो रहा स्नान:2018 से चीनी रोक बरकरार; कैलाश परिक्रमा में टॉयलेट की कमी से बढ़ी मुश्किलें

कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को पवित्र मानसरोवर झील में डुबकी लगाने की अनुमति नहीं है। चीनी प्रशासन ने मानसरोवर झील को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए झील में उतरकर स्नान करने पर प्रतिबंध लगा रखा है। ऐसे में श्रद्धालु झील से बाल्टी में पानी निकालकर स्नान कर धार्मिक परंपरा निभाते हैं। वहीं कैलाश परिक्रमा के दौरान डेरापुक और झुंझुपुई में शौचालयों की कमी से यात्रियों, खासकर महिलाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हर यात्री को मिलती है एक बाल्टी कैलाश पर्वत के दर्शन के बाद मानसरोवर झील में डुबकी लगाना सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा मानी जाती है। लेकिन वर्ष 2018 के बाद चीनी प्रशासन ने झील में उतरकर स्नान करने पर रोक लगा दी। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला मानसरोवर झील को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए लिया गया है। इस वर्ष भी यात्रा पर गए श्रद्धालुओं को शुरुआत में ही एक-एक बाल्टी दी गई। श्रद्धालुओं ने उसी बाल्टी से मानसरोवर का जल निकालकर स्नान किया और धार्मिक परंपरा पूरी की। परिक्रमा के दो पड़ावों पर टॉयलेट की दिक्कत यात्रा पूरी कर लौटे श्रद्धालुओं ने बताया कि भारत की ओर से कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) की व्यवस्थाएं अच्छी रहीं, लेकिन कैलाश परिक्रमा के दौरान डेरापुक और झुंझुपुई में शौचालयों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। यात्री भूपेश पंत ने बताया कि परिक्रमा के दौरान टॉयलेट नहीं होने से काफी दिक्कत हुई। ‘जीवन में एक बार कैलाश जरूर जाना चाहिए’ कर्नाटक के बेंगलुरु से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर पहुंचे शैलेश सुमन और उनकी पत्नी रीना सुमन ने यात्रा को जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बताया। मूल रूप से झारखंड निवासी दंपती ने कहा कि पूरी यात्रा भक्तिमय माहौल में सकुशल संपन्न हुई। उन्होंने कहा कि KMVN, ITBP, SSB, भारतीय सेना और चीन की ओर की व्यवस्थाएं संतोषजनक रहीं। मानसरोवर में स्नान और पूजा-अर्चना के बाद वे पवित्र जल भी अपने साथ भारत लेकर लौटे। हालांकि उन्होंने बताया कि कैलाश परिक्रमा के दौरान डेरापुक और झुंझुपुई में शौचालयों की संख्या कम है और उनकी स्वच्छता भी बेहतर नहीं है। इसका सबसे ज्यादा असर महिला यात्रियों पर पड़ता है। दंपती ने कहा कि खराब मौसम के कारण भूस्खलन से सड़कें बाधित हुईं, जिससे उन्हें दो दिन अतिरिक्त रुकना पड़ा। लेकिन BRO, भारतीय सेना और अन्य एजेंसियों ने युद्ध स्तर पर काम करते हुए 24 घंटे के भीतर कई स्थानों पर सड़कें बहाल कर दीं, जिसके लिए वे उनके आभारी हैं। शैलेश सुमन ने कहा कि जीवन में हर सनातनी को कम से कम एक बार कैलाश मानसरोवर की यात्रा जरूर करनी चाहिए। यह भगवान शिव का पवित्र धाम है। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि कैलाश यात्रा पर विभिन्न राज्यों की ओर से दी जाने वाली सब्सिडी को पूरे देश में एक समान किया जाए, ताकि सभी श्रद्धालुओं को बराबर लाभ मिल सके। चीन से बात कर सुविधाएं बढ़ाए भारत सरकार यात्रियों ने मांग की है कि भारत सरकार इस मुद्दे को चीनी प्रशासन के सामने उठाए, ताकि परिक्रमा मार्ग पर पर्याप्त और स्वच्छ शौचालयों की व्यवस्था हो सके। उनका कहना है कि कैलाश मानसरोवर जैसी विश्वप्रसिद्ध धार्मिक यात्रा में श्रद्धालुओं को बुनियादी सुविधाएं मिलनी चाहिए, ताकि यात्रा और अधिक सुगम व सुरक्षित बन सके। कुल दूरी और ट्रेक- अब कितना आसान हुआ सफर इस बार कैलाश मानसरोवर यात्रा की कुल दूरी 1738 किलोमीटर हो गई है। इसमें लगभग 1690 किलोमीटर यात्रा वाहन से और सिर्फ 38 किलोमीटर पैदल ट्रेक है। साल 2019 से पहले यात्रियों को धारचूला से लिपुलेख दर्रे तक 60 किलोमीटर से ज्यादा पैदल चलना पड़ता था। रास्ते में ऑक्सीजन की कमी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यात्रा काफी चुनौतीपूर्ण होती थी। अब भारत और चीन दोनों तरफ सड़क बनने के बाद यह यात्रा काफी आसान हो गई है। सीमावर्ती क्षेत्र तक वाहन पहुंचने लगे हैं, जिससे बुजुर्ग और पहली बार यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी यह यात्रा पहले की तुलना में ज्यादा सुलभ हो गई है। 5 साल बाद फिर शुरू हुई कैलाश यात्रा कोविड-19 महामारी और भारत-चीन सीमा तनाव के कारण पांच साल तक बंद रहने के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर शुरू हुई है। पहला दल दिल्ली से 4 जुलाई की शाम टनकपुर पहुंचा था और 5 जुलाई को धारचूला के लिए रवाना हुआ। इसके बाद गुंजी में मेडिकल जांच और अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के बाद 10 जुलाई को तिब्बत (चीन) में प्रवेश किया। अब तक चार दल रवाना हो चुके हैं, जिनमें पहला दल यात्रा पूरी कर भारत लौट आया है। ————— ये खबर भी पढ़ें : भारत से कैलाश पर्वत दर्शन के लिए करना होगा इंतजार: 2 माह बाद जारी होंगे परमिट; व्यू पॉइंट पर हर दिन बदलता रहता है मौसम तिब्बत स्थित पवित्र कैलाश पर्वत के भारत से दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं को अभी करीब दो महीने और इंतजार करना होगा। फिलहाल इनर लाइन परमिट (ILP) जारी नहीं किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि सितंबर के आसपास परमिट शुरू होने पर आदि कैलाश और ओम पर्वत आने वाले श्रद्धालु 17 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित ओल्ड लिपुलेख (ओल्ड लिपुपास) जाकर भारत की सीमा से कैलाश पर्वत के दर्शन कर सकेंगे। पढ़ें पूरी खबर…

पंजाब- शादी के ढाई महीने बाद NRI दूल्हे की मौत:दुल्हन ने दवाइयां खाते पकड़ा था, पूछने पर कहा- जिम में चोट लगी, इसलिए खाता हूं

‘अगर हमें पता होता कि दूल्हा कैंसर का मरीज है, तो हम कभी अपनी बेटी की शादी नहीं करते। इतनी बड़ी बात लड़के के परिजनों ने हमसे छिपाई।’ ये कहना है होशियारपुर की रहने वाली युवती की मां का, जिसके पति की कैंसर से शादी के ढाई महीने बाद ही मौत हो गई। मां ने कहा कि बेटी को पढ़ाई के लिए कनाडा भेजा था, जहां पढ़ाई के बाद उसे नौकरी भी मिल गई। इसी बीच अमेरिका में रहने वाले एक NRI परिवार की ओर से रिश्ता आया। हमें लगा कि बेटी के लिए अच्छा रिश्ता मिल गया है, क्योंकि हमारे पति और लड़के के पिता भी पंजाब पुलिस में हैं। लेकिन यहीं से उनकी खुशियों पर ग्रहण लगना शुरू हो गया। बेटी ने शादी के 20 दिन बाद जब पति को रोज दवाइयां खाते देखा, उसने पूछा, लेकिन दामाद ने कहा कि उसे जिम में चोट लग गई थी। लेकिन जब इवाइयों के नाम ऑनलाइन चेक किए, तो पता चला कि वे कैंसर की दवाइयां थीं। इसके बाद परिवार ने ससुराल पक्ष से सवाल किया, लेकिन उन्होंने बीमारी से इनकार कर दिया। कुछ दिनों बाद युवक की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बाद में मिले दस्तावेजों से परिवार का दावा है कि युवक की दो बार ब्रेन ट्यूमर की सर्जरी भी हो चुकी थी…पढ़ें पूरी रिपोर्ट…. लड़की की मां ने ये बड़ी बातें बताईं… महिला आयोग के समन के बाद पेश नहीं हुआ परिवार परिवार के अनुसार, पंजाब राज्य महिला आयोग ने मामले की सुनवाई करते हुए लड़के वालों को समन जारी कर तलब किया था। लड़के वाले किसी हादसे का हवाला देकर आयोग के सामने पेश नहीं हुए। आयोग ने जांच प्रभावित होने की आशंका जताते हुए पासपोर्ट से संबंधित कानूनी कार्रवाई के निर्देश भी दिए थे। हालांकि पुलिस ने अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। CM भगवंत मान से स्वतंत्र जांच की मांग पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मामले की स्वतंत्र एजेंसी से तय समय में जांच कराने की मांग की है। परिवार की मांग है कि महिला आयोग के आदेशों का सख्ती से पालन कराया जाए और मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो। परिवार ने यह भी आशंका जताई है कि लड़के का पिता विदेश जा सकता है। इसलिए उन्होंने कानूनी प्रक्रिया के तहत पासपोर्ट से जुड़े जरूरी कदम उठाने की मांग की है। ************** ये खबर भी पढ़ें: ₹30 लाख लगाकर पत्नी को कनाडा भेजा,पहुंचते ही तलाक दिया: लुधियाना में कॉन्ट्रैक्ट मैरिज की, पति को PR दिलाने का वादा; एयरपोर्ट तक लेने नहीं आई लुधियाना की जशनवीर कौर और परमिंदर सिंह की शादी साढ़े चार साल पहले सिख रीति रिवाज के हिसाब से हुई। शादी के वक्त दोनों परिवारों में 30 लाख रुपए में समझौता हुआ कि लड़की कनाडा जाएगी और उसका पूरा खर्च ससुराल पक्ष उठाएगा। (पढ़ें पूरी खबर)

राजा हत्याकांड-सुप्रीम कोर्ट ने सोनम को सरेंडर की सलाह दी:पूछा-गिरफ्तारी का कारण नहीं बताने का मुद्दा पहले क्यों नहीं उठाया; जमानत पर फैसला 23 को

इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड की आरोपी सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट ने सरेंडर करने की सलाह दी है। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने कहा कि या तो वह मेघालय सरकार की अपील पर मामले के गुण-दोष को देखते हुए फैसला करेगी या फिर सोनम को समर्पण करने का निर्देश देकर जांच एजेंसियों को आगे पूछताछ का अवसर देगी। सुप्रीम कोर्ट उस याचिका पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें निचली अदालत द्वारा सोनम को दी गई जमानत और मेघालय हाईकोर्ट के उसे बरकरार रखने के आदेश को चुनौती दी गई है। मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी। सोनम के वकील को दिए दो विकल्प मंगलवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सोनम के वकील से कहा कि यदि वे चाहें तो अदालत मेघालय सरकार की अपील पर उनकी दलीलें सुनकर अंतिम आदेश पारित कर सकती है। दूसरा विकल्प यह है कि सोनम फिलहाल आत्मसमर्पण करे ताकि जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर सकें और इस दौरान जमानत के मुद्दे पर भी विचार किया जा सके। सोनम के कानूनी तर्कों पर भी उठाए सवाल सुप्रीम कोर्ट ने वारदात के बाद सोनम के व्यवहार और कानूनी तर्कों पर भी सवाल उठाए। अदालत ने पूछा कि गिरफ्तारी के समय कारण नहीं बताए जाने का मुद्दा पहले क्यों नहीं उठाया गया? इस पर सोनम के वकील ने निर्देश लेने के लिए समय मांगा और कहा कि वे गुरुवार तक अपना जवाब दाखिल करेंगे। वहीं, मेघालय सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सोनम की जमानत का विरोध करते हुए कहा कि उसने पुलिस के सामने स्वेच्छा से आत्मसमर्पण किया था। ऐसे में बाद में यह कहना कि गिरफ्तारी के कारण नहीं बताए गए, कानूनी रूप से स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने अदालत को बताया कि गिरफ्तारी मेमो में यदि कोई कमी है तो वह केवल लिपिकीय त्रुटि (क्लेरिकल मिस्टेक) है। जो आरोपी स्वयं पुलिस के सामने उपस्थित होकर समर्पण करता है, वह गिरफ्तारी की प्रक्रिया से जुड़े तकनीकी आधारों पर राहत नहीं मांग सकता। रंगे हाथ पकड़े जाने पर कारण बताना जरूरी नहीं मेहता ने दलील दी कि कानून के तहत कुछ परिस्थितियों में गिरफ्तारी के कारण अलग से बताने की आवश्यकता नहीं होती। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति रंगे हाथों पकड़ा जाता है या पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करता है, तो बाद में यह तर्क नहीं दिया जा सकता कि उसे गिरफ्तारी के कारण नहीं बताए गए। अब अगली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट सोनम रघुवंशी की जमानत और मेघालय सरकार की अपील पर आगे की कार्रवाई को लेकर निर्णय करेगा। मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… टाइपिंग की गलती से गिरफ्तारी अवैध कैसे इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हनीमून मर्डर केस में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। अदालत ने संकेत दिए कि वह इस कानूनी सवाल को बड़ी बेंच के पास भेज सकती है कि क्या गिरफ्तारी मेमो में केवल टाइपिंग की गलती (टाइपो) होने से गिरफ्तारी अवैध मानी जा सकती है और आरोपी को जमानत मिल सकती है। पढे़ं पूरी खबर… राजा हत्याकांड में फिर उठी CBI जांच की मांग राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में उसके भाई विपिन रघुवंशी एक बार फिर सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब एक लड़की से जुड़े मामले में सीबीआई जांच हो सकती है, तो लड़के के मामले में क्यों नहीं? ये मामला भी बेहद चर्चित है। दूसरे राज्य का भी एंगल जुड़ा है। राजा रघुवंशी हत्याकांड की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए। पढ़ें पूरी खबर…

MP-राजस्थान में मानसून फिर एक्टिव:जम्मू-कश्मीर में बाढ़ से दो दिन में 23 मौतें; गुवाहाटी में लैंडस्लाइड, असम बाढ़ से 1.7 लाख लोग प्रभावित

जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश से हालात गंभीर बने हुए हैं। पिछले दो दिनों में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है। पुंछ और राजौरी के बाढ़ प्रभावित इलाकों में सात लोग अब भी लापता हैं। लगातार बारिश के कारण राहत और बचाव अभियान प्रभावित हुआ। सोमवार को भारी बारिश के बाद असम के गुवाहाटी में लैंडस्लाइड हुई। इसके बाद नेशनल हाईवे-715 का एक हिस्सा पानी में डूब गया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य के 12 जिलों में 1.70 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। एमपी के लगभग 90% हिस्से में अगले 4 दिन यानी 23 जुलाई तक हल्की बारिश का दौर बना रहेगा। राजस्थान में दो हफ्ते बाद मानसून एक बार फिर एक्टिव होने से जयपुर समेत 33 जिलों में बारिश का अलर्ट है। देशभर के मौसम से जुड़ी तस्वीरें…

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पंजाब कांग्रेस की मीटिंग से पहले चन्नी का VIDEO वायरल:राहुल गांधी-प्रियंका गांधी ने ध्यान नहीं दिया; चुनाव में 'रियल बॉस' का फैसला आज

पंजाब कांग्रेस की आज(21 जुलाई) को दिल्ली में प्रभारी भूपेश बघेल से मीटिंग से पहले बागी गुट के नेता पूर्व CM व सांसद चरणजीत चन्नी का एक वीडियो वायरल हुआ है। यह वीडियो नई दिल्ली में संसद परिसर का है। वीडियो में दिख रहा है कि कांग्रेस के सीनियर नेताओं की तरफ से चन्नी को पूरी तरह इग्नोर किया गया है। वीडियो में राहुल गांधी प्रियंका गांधी से बात कर रहे हैं। उनके साथ पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल भी मौजूद हैं। इसी दौरान चरणजीत चन्नी आते हैं लेकिन वह राहुल गांधी के पास नहीं आते। वह पीछे की तरफ मंडराते रहते हैं। फिर आखिर में अमृतसर से सांसद गुरजीत औजला के साथ खड़े हो जाते हैं। हालांकि इस दौरान राहुल गांधी व प्रियंका गांधी चन्नी की तरफ देखते तक नहीं हैं। आखिर में चन्नी सांसद औजला के साथ बात करने लगते हैं। माना जा रहा है कि ये वीडियो सोमवार, 20 जुलाई को मानसून सेशन के पहले दिन का है लेकिन इसकी औपचारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं दिल्ली मीटिंग में आज फैसला होगा कि पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का ‘रीयल बॉस’ कौन होगा। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने दिल्ली में इंदिरा भवन में सीनियर नेताओं की मीटिंग बुलाई है। जिसमें प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व CM व सांसद चरणजीत चन्नी, नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, सुखजिंदर रंधावा भी शामिल हैं। खास बात ये है कि पंजाब कांग्रेस में चुनाव से पहले चन्नी और वड़िंग की गुटबाजी के बीच यह पहली बार होगा, जब दोनों नेता एक ही जगह आमने-सामने बैठे होंगे। मीटिंग का एजेंडा विधानसभा चुनाव की तैयारियों का है, लेकिन कांग्रेस सूत्रों की माने तो इसमें सभी नेताओं को उनकी हद बता दी जाएगी। चूंकि कांग्रेस हाईकमान पहले ही साफ कर चुका है कि राजा वड़िंग को प्रधान पद से नहीं हटाया जाएगा। ऐसे में संगठन की जिम्मेदारी उनके पास ही रह सकती है। बागी चन्नी गुट को भी हाईकमान टिकट वितरण में भूमिका और बहुमत मिलने की सूरत में चरणजीत चन्नी के नाम पर सीएम चेहरे के तौर पर विचार करने का भरोसा देकर खुश कर सकता है। जानिए, आज दिल्ली में क्या-क्या हो सकता है… 1. सबसे पहले तय होगा- चुनाव में कांग्रेस का ‘रीयल बॉस’ कौन?
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी और हाईकमान चुनाव से पहले संगठन में कोई बड़ा बदलाव नहीं चाहते। ऐसे में प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के पास ही संगठन की कमान रहेगी। चुनावी अभियान, संगठन और कमेटियों के बीच तालमेल की जिम्मेदारी भी उनके पास रहने के संकेत हैं। यानी चुनाव तक पार्टी की ओवरऑल कमांड वड़िंग के हाथ में रह सकती है। 2. चन्नी को कैसे मनाएगा हाईकमान?
वड़िंग को संगठन की कमान मिलने की स्थिति में हाईकमान चन्नी गुट को साधने की कोशिश करेगा। सूत्रों के मुताबिक टिकट वितरण में चरणजीत सिंह चन्नी की भूमिका बढ़ाई जा सकती है। साथ ही बहुमत मिलने की स्थिति में मुख्यमंत्री चेहरे के तौर पर उनके नाम पर विचार का भरोसा भी दिया जा सकता है, ताकि दोनों गुटों के बीच राजनीतिक संतुलन बना रहे। 3. पहली बार आमने-सामने… वड़िंग-चन्नी की बॉडी लैंग्वेज पर सबसे ज्यादा नजर
गुटबाजी खुलकर सामने आने के बाद पहली बार राजा वड़िंग और चरणजीत सिंह चन्नी एक ही बैठक में बैठेंगे। चन्नी समर्थक पहले सार्वजनिक तौर पर वड़िंग के नेतृत्व पर सवाल उठा चुके हैं। ऐसे में बैठक के दौरान दोनों नेताओं का रुख और बैठक के बाद उनकी बॉडी लैंग्वेज तक पर नजर रहेगी। यही तय करेगा कि अंदरूनी टकराव खत्म हुआ या सिर्फ टाल दिया गया। 4. CM चेहरा अभी क्यों नहीं?
बैठक में संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल नेताओं को स्पष्ट संदेश दे सकते हैं कि फिलहाल पार्टी का लक्ष्य चुनाव जीतना है। मुख्यमंत्री चेहरे की बहस चुनाव के बाद या उचित समय पर होगी। अभी सभी नेताओं को अपनी-अपनी जिम्मेदारियों पर फोकस करने और सार्वजनिक बयानबाजी से बचने को कहा जाएगा। हाईकमान का मानना है कि अभी CM चेहरे का ऐलान करने से संगठन से ज्यादा व्यक्तियों की चर्चा शुरू हो जाएगी। इसलिए फिलहाल पूरा फोकस चुनावी तैयारी पर रहेगा। 5. आखिरी चेतावनी- नहीं माने तो एक्शन
बैठक में हाईकमान नेताओं को साफ संदेश दे सकता है कि चुनाव से पहले अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होगी। अगर बैठक के बाद भी सार्वजनिक बयानबाजी, गुटबाजी या नेतृत्व पर सवाल उठे तो संबंधित नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। कांग्रेस चुनाव से पहले ‘वन कमांड, वन मैसेज’ की रणनीति पर आगे बढ़ना चाहती है। 6. आखिर कांग्रेस का पूरा गेम प्लान क्या है?
हाईकमान की रणनीति संगठन और चुनावी राजनीति के बीच संतुलन बनाने की है। संगठन की कमान राजा वड़िंग के पास रखने के साथ चन्नी को टिकट वितरण और भविष्य के नेतृत्व में अहम हिस्सेदारी देकर दोनों गुटों को साथ रखने की कोशिश होगी। मकसद साफ है- चुनाव से पहले नेतृत्व की लड़ाई खत्म कर पूरी पार्टी को एक कमांड के तहत मैदान में उतारना है, यानी हाईकमान का फॉर्मूला साफ है—’कमान एक के हाथ, सम्मान सभी के साथ।’ ************ ये खबर भी पढ़ें: कांग्रेस हाईकमान पंजाब प्रधान बदलने को राजी था: सिंगला पर चन्नी भी सहमत थे, अचानक वड़िंग की वापसी क्यों; चन्नी ने मीटिंग में क्या कहा पंजाब कांग्रेस में टूट के खतरे के बीच नए खुलासे सामने आए हैं। कांग्रेस हाईकमान पूर्व सांसद विजयइंदर सिंगला को प्रधान बनाने वाला था। चन्नी को कैंपेन कमेटी का प्रमुख बनाना था। खुद चन्नी भी इसके लिए राजी थे। इसकी वजह ये थी कि विजयइंदर सिंगला हिंदू नेता हैं और पंजाब सिख स्टेट होने के नाते पहले भी कांग्रेस सुनील जाखड़ को सीएम बनाने से इनकार कर चुकी है। ऐसी सूरत में चन्नी ही सबसे बड़े दावेदार होते। (पढ़ें पूरी खबर)

पीएम आवास के पास राहुल, प्रियंका धरने पर बैठे:कहा- प्रधानमंत्री इस्तीफा दें, पुलिस फोर्स पहुंची; कई कांग्रेसी नेता हिरासत में लिए गए

कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर मंगलवार को 32वें दिन प्रदर्शन जारी है। इस बीच कांग्रेस भी धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर पीएम आवास के पास धरना दे रही है। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई कांग्रेसी नारेबाजी कर रहे हैं। हालांकि यह सिक्योरिटी सेंसेटिव जोन है, यहां प्रदर्शन की परमिशन नहीं होती है। इसलिए पुलिस फोर्स कांग्रेसियों को हटाने पहुंच गई है। लेकिन कांग्रेसियों ने अपने हाथ बांध लिए। कांग्रेस ने इस प्रदर्शन के लिए बहुत गुपचुप ढंग से तैयारी की थी। इसकी खबर किसी को भी नहीं दी गई। इधर, अचानक हुए इस प्रदर्शन को लेकर हरकत में आई पुलिस ने चरणजीत सिंह चन्नी समेत कई कांग्रेसी नेताओं को हिरासत में ले लिया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता शिफ्ट करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि मेदांता उनके इलाज के लिए डॉक्टरों का एक पैनल बनाएगा। कोर्ट ने यह आदेश उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो की याचिका पर दिया है। सोनम 28 जून से भूख हड़ताल पर हैं। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद 18 जुलाई को पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से उठाकर सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। सोनम की पत्नी ने कोर्ट में याचिका लगाकर उन्हें पसंद के अस्पताल में शिफ्ट कराने की मांग की थी। दोपहर 12 बजे तक हजारों की संख्या में आंदोलनकारी धरने वाली जगह पर पहुंच गए हैं। सुबह कांग्रेस सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने इन्हें नाश्ता बांटा। आज सुबह जब सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस पहुंची तो CJP समर्थकों ने ‘दिल्ली पुलिस हाय-हाय’ के नारे लगाए। दिल्ली पुलिस ने सोमवार शाम जंतर-मंतर से प्रदर्शनकारियों को हटा दिया था, लेकिन देर रात वे फिर जमा हो गए। प्रदर्शन की तस्वीरें… आज के बड़े अपडेट्स जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से जुड़े अपडेट के लिए ब्लॉग से गुजर जाएं…

भास्कर अपडेट्स:दिल्ली में 11वीं के छात्र की चाकू मारकर हत्या, दो आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली के कालकाजी इलाके में 11वीं कक्षा के छात्र सैयद हुसैन की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, पार्क के पास छात्रों के बीच हुए विवाद के बाद दो से तीन लोगों ने 19 साल के सैयद पर हमला किया। घायल छात्र को एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। मामले की जांच जारी है।

भास्कर अपडेट्स:दिल्ली के घर में आग लगी, महिला और दो बेटियों की मौत

दिल्ली के लोधी रोड इलाके में मंगलवार को एक बिल्डिंग में आग लग गई। हादसे में महिला और उसकी दो बेटियों समेत तीन लोगों की मौत हो गई। दिल्ली फायर सर्विसेज ने कहा कि उसे सुबह 10:21 बजे सूचना मिली। आग ने इमारत की तीसरी मंजिल पर स्थित एक घर को अपनी चपेट में ले लिया। तीसरी मंजिल पर तीन शव मिले, जिनमें एक महिला और उसकी दो बेटियों के शव थे। उन्होंने कहा कि सुबह 11.10 बजे आग पर काबू पा लिया गया। आग लगने का कारण भी तत्काल पता नहीं चल पाया है। आज की अन्य बड़ी खबरें… उद्धव की शिवसेना की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को राजी, 6 सांसदों के शिंदे गुट में जाने को दी है चुनौती सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उद्धव ठाकरे की शिवसेना की उस याचिका पर जल्द सुनवाई के लिए सहमति दे दी है, जिसमें पार्टी के 6 सांसदों के एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने को चुनौती दी गई है। शिवसेना (UBT) की ओर से वरिष्ठ वकील देवदत्त कामत ने कोर्ट में कहा कि लोकसभा अध्यक्ष का फैसला मौजूदा संसद सत्र को प्रभावित करने के उद्देश्य से लिया गया है। इसलिए मामले की तत्काल सुनवाई जरूरी है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले को जल्द सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा। हालांकि, सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं की गई है। 22 जून को उद्धव के 9 लोकसभा सांसदों में से बागी 6 सांसद शिंदे गुट में शामिल हो गए थे। गाजियाबाद के पास कोयले से लदी मालगाड़ी पटरी से उतरी, 53 ट्रेनें प्रभावित गाजियाबाद के साहिबाबाद इलाके में मंगलवार सुबह करीब 2:36 बजे कोयले से लदी एक मालगाड़ी के छह डिब्बे पटरी से उतर गए। इससे व्यस्त गाजियाबाद-नई दिल्ली रूट पर रेल यातायात बाधित हुआ और 53 ट्रेनें प्रभावित हुईं। घटना में किसी के हताहत होने या घायल होने की खबर नहीं है। डिब्बे पटरी से उतरने के कारण कोयला पटरियों पर फैल गया। इस रुकावट के बाद लंबी दूरी की 24 ट्रेनों का रूट बदलकर उन्हें दिल्ली-नई दिल्ली रूट से भेजा गया है। कुल 16 पैसेंजर ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं, जबकि पांच पैसेंजर सेवाओं को आंशिक रूप से रद्द किया गया है। मुरादाबाद डिविज़न और नॉर्थ सेंट्रल रेलवे के ज़रिए आनंद विहार की ओर जाने वाली आठ ट्रेनों के संचालन में भी बदलाव किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि पटरी से उतरने की इस घटना से कुल 53 ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। ओडिशा के अंगुल में बस पलटी, 20 लोग घायल, 6 की हालत गंभीर ओडिशा के अंगुल में नेशनल हाईवे-149 पर ओएसआरटीसी की जगन्नाथ एक्सप्रेस बस पलट गई। हादसे में बस में सवार 38 यात्रियों में से 20 से अधिक लोग घायल हो गए, जबकि 6 की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को इलाज के लिए आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। दिल्ली के हरि नगर में बिल्डिंग की पार्किंग में आग लगी, 2 गैस सिलेंडर फटे, 8 लोग सुरक्षित निकाले गए दिल्ली के हरि नगर में मंगलवार सुबह एक बिल्डिंग की पार्किंग में आग लग गई। आग के दौरान दो गैस सिलेंडर फट गए, जिससे 4 गाड़ियां जल गईं। दिल्ली फायर सर्विस के मुताबिक, दमकलकर्मियों ने मौके से आठ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। दिल्ली में 11वीं के छात्र की चाकू मारकर हत्या, दो आरोपी गिरफ्तार दिल्ली के कालकाजी इलाके में 11वीं कक्षा के छात्र सैयद हुसैन की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, पार्क के पास छात्रों के बीच हुए विवाद के बाद दो से तीन लोगों ने 19 साल के सैयद पर हमला किया। घायल छात्र को एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। मामले की जांच जारी है। तमिलनाडु सीएम विजय को धमकी देने वाले डीएमके विधायक गिरफ्तार, कहा था- हड्डियां तोड़ देंगे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और टीवीके प्रमुख विजय को सार्वजनिक मंच से हड्डियां तोड़ने की धमकी देने के आरोप में डीएमके विधायक मार्कंडेयन को गिरफ्तार कर लिया गया। तूतुकुडी में सभा के दौरान विधायक ने यह भड़काऊ भाषण दिया था, जिसके बाद ये वायरल हुआ था। टीवीके कार्यकर्ताओं की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने दुष्कर्म के दोषी की सजा घटाई, कहा- सुधार की संभावना सुप्रीम कोर्ट ने 2016 के दुष्कर्म मामले में दोषी व्यक्ति की सजा उम्रकैद से घटाकर 20 साल कर दी। कोर्ट ने सोमवार को कहा कि अपराध के समय उसकी उम्र 25 साल थी, इसलिए उसके सुधरने की संभावना है। सजा में छूट का लाभ भी मिलेगा। जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने कहा कि दोषी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। जेल में उसका आचरण भी अच्छा रहा है। राज्य सरकार ने ऐसा कोई रिकॉर्ड पेश नहीं किया, जिससे लगे कि सुधार संभव नहीं। ट्रायल कोर्ट ने उसे पूरी उम्र तक कठोर कारावास की सजा दी थी। पीड़िता को 25 हजार रुपए जुर्माना देने का आदेश भी था। दिल्ली हाई कोर्ट ने इसे बरकरार रखा था। मामले में आरोप था कि पीड़िता ने रात में दिल्ली रेलवे स्टेशन से रिक्शा लिया। चालक ने घर छोड़ने के बजाय उसे सुनसान जगह ले जाकर दुष्कर्म किया। 7 सितंबर 2016 को एफआईआर दर्ज हुई। बेंच ने कहा, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक बदलाव के बावजूद पितृसत्तात्मक सोच से बाहर निकलने की कोशिशों के बीच ऐसी घटनाएं जारी हैं।

सिक्किम की निर्माणाधीन टनल पर लैंडस्लाइड, 27 मजदूर फंसे:मलबे से सुरंग बंद, रेस्क्यू करने गए कुछ वर्कर्स बेहोश; गैस लीक की आशंका

सिक्किम में सोमवार को एक टनल पर लैंडस्लाइड होने से उसका एंट्री गेट बंद हो गया, जिससे अंदर मौजूद 27 मजदूर फंस गए। नामची जिले के मामरिंग में बन रही समरदुंग सुरंग में निर्माण कार्य चल रहा था। जिला कलेक्टर अनुपा तामलिंग ने बताया कि सुरंग में फंसे मजदूरों की सही संख्या 27 से कम या ज्यादा भी हो सकती है। सुरंग के अंदर गैस होने की वजह से राहत और बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आ रही हैं। कई बचावकर्मियों को अंदर जाने के दौरान चक्कर आए और कुछ बेहोश भी हो गए, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित हुआ। लैंडस्लाइड से जुड़ी 4 तस्वीरें… बंगाल से स्पेशल रेस्क्यू टीम लाई गई जिला अधिकारी तमलिंग ने बताया कि दोपहर करीब 3:40 बजे प्रशासन को हादसे की खबर मिली, जिसके बाद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं। सुरंग में पटेल इंजीनियरिंग के 21 और एनएचपीसी के 6 समेत कुल 27 मजदूर फंसे होने की आशंका है। पश्चिम बंगाल से भी गैस-रोधी उपकरणों के साथ एक स्पेशल रेस्क्यू टीम लाई गई है। अधिकारियों के मुताबिक, सुरंग में मीथेन गैस, कम जगह और खराब रोशनी के कारण बचाव अभियान में काफी मुश्किलें आ रही हैं। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालना है। एंबुलेंस को तैयार रखा गया है और गैस मास्क पहनकर बचाव दल मजदूरों तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है। यह टनल तीस्ता स्टेज-6 हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट के लिए पटेल इंजीनियरिंग कंपनी बना रही थी।

17 कब्रिस्तानों में नए निर्माण पर तत्काल रोक के निर्देश:हाईकोर्ट ने कहा- किसी तरह का अवैध निर्माण नहीं होगा; चार सप्ताह बाद होगी सुनवाई

राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर ने शहर के 17 कब्रिस्तानों में किसी भी प्रकार का नया अवैध निर्माण नहीं होने के निर्देश दिए। कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी संबंधित विभागों और वक्फ समितियों को निर्देश दिया है कि सभी पक्ष संयुक्त रूप से इसकी निगरानी और पालन सुनिश्चित करें। न्यायाधीश डॉ पुष्पेन्द्रसिंह भाटी व न्यायाधीश प्रवीर भटनागर की खंडपीठ मोहिनुद्दीन की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई की। चार सप्ताह बाद होगी सुनवाई याचिका में मारवाड़ वेलफेयर एंड एजुकेशन सोसायटी की ओर से कब्रिस्तान में पार्किंग के लिए 30 मार्च 2024 को जारी निविदा को निरस्त करने, वक्फ संपत्ति में हस्तक्षेप रोकने तथा सोजती गेट स्थित तकिया चांद शाह संपत्ति से किराया वसूली पर रोक लगाने की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान नगर निगम की ओर से 19 नवंबर 2025 के आदेश की पालना के लिए अतिरिक्त समय मांगा। हाईकोर्ट ने आग्रह स्वीकार करते हुए चार सप्ताह का समय दिया। साथ ही अंतरिम आवेदन का निस्तारण करते हुए स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक 17 कब्रिस्तानों में किसी भी प्रकार का नया अवैध निर्माण नहीं होना चाहिए। मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।