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दो बाइक की जोरदार टक्कर में 4 लोग घायल:पिता-बेटे की हालत गंभीर, खेड़ा बस स्टैंड के पास हुआ हादसा

डूंगरपुर जिले के सादर थाना क्षेत्र में खेड़ा बस स्टैंड के पास में बाइकों में जोरदार भिड़ंत हो गई। इस हादसे में एक ही परिवार के पति-पत्नी और बेटे सहित कुल 4 लोग घायल हो गए। सभी घायलों को डूंगरपुर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर रूप से घायल पति और बेटे को उच्च केंद्र रेफर कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार भाटपुर निवासी गटू कटारा अपने बेटे सोहन और पत्नी ललिता के साथ डूंगरपुर से अपने दामड़ी स्थित दूसरे घर जा रहे थे।
वहीं, पालोदा निवासी दिनेश मालीवाड अपनी बाइक पर अपने घर से अहमदाबाद की ओर जा रहे थे। तभी खेड़ा बस स्टैंड के निकट दोनों बाइकों के बीच टक्कर हो गई। पिता-बेटे को किया रेफर
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी चारों घायलों को तुरंत डूंगरपुर अस्पताल पहुंचाया। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने गट्टू और सोहन की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। पालोदा निवासी दिनेश का उपचार फिलहाल जिला अस्पताल में ही चल रहा है।

जोधपुर में टेंपो ट्रैवलर और क्रेटा कार की भिड़ंत:महाराष्ट्र से घूमने आए स्टूडेंट की मौत, एक गंभीर रूप से घायल; जैसलमेर जा रहे थे

जोधपुर में टेंपो ट्रैवलर और क्रेटा कार की आपस में टक्कर हो गई। हादसे में महाराष्ट्र के एक स्टूडेंट की मौत हो गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों वाहनों को कब्जे में लिया। महाराष्ट्र से स्टूडेंट्स ट्रैवल कंपनी के जरिए जैसलमेर घूमने जा रहे थे। यह हादसा सोमवार सुबह 5:30 बजे केरू-जैसलमेर रोड पर हुआ। हादसे में गंभीर रूप से घायल स्टूडेंट को मथुरादास माथुर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। राजीव गांधी नगर थाना अधिकारी रविंद्र पाल सिंह राजपुरोहित ने बताया- साहिल जाधव (20) पुत्र नंदकिशोर (निवासी पनवेल, जिला रायगढ़, महाराष्ट्र) की हादसे में मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। जोधपुर घूमने के बाद सभी स्टूडेंट्स जैसलमेर जा रहे थे। पुलिस हादसे की जांच कर रही है। सभी स्टूडेंट्स 19 से 25 साल के करीब के हैं। वे बांद्रा टर्मिनस से ट्रेन के जरिए आज सुबह 4:30 बजे के करीब जोधपुर पहुंचे थे। यहां से वे टूर एंड ट्रैवल्स कंपनी की गाड़ी लेकर रवाना हुए थे। गाड़ी में ड्राइवर समेत 13 लोग सवार थे, तभी जैसलमेर रोड पर हादसा हो गया। हादसे के बाद पुलिस ने घायल और मृतक के परिजनों को सूचना दे दी है। उनके आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, घटना के बाद मृतक के साथी भी काफी घबराए हुए हैं। इनमें से एक स्टूडेंट को गंभीर चोट लगी है, जबकि बाकी अन्य को मामूली चोटें आई हैं।

युवक ने रेजर से गले और पेट पर किए वार:शराब के नशे में खुद को किया घायल, अस्पताल में इलाज जारी

झालावाड़ जिले के बकानी थाना क्षेत्र के कुशलपुरा गांव में रविवार रात एक युवक ने कथित तौर पर शराब के नशे में रेजर से अपने गले और पेट पर कई वार कर खुद को गंभीर रूप से घायल कर लिया। खून से लथपथ हालत में वह अपनी बुआ के घर पहुंचा, जहां परिजनों की नजर पड़ने पर उसे पहले बकानी के सरकारी अस्पताल और बाद में गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया। पुलिस ने मामले की सूचना मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है और घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। नशे में खुद को किया घायल प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कुशलपुरा निवासी दयानंद पुत्र मांगीलाल तंवर ने शराब के नशे में अपने गले और पेट पर रेजर से कई बार वार किए। घटना के बाद वह अपनी बुआ के घर पहुंच गया। परिजनों ने देखा तो मच गई अफरा-तफरी रात करीब 8 बजे जब दयानंद सो रहा था, तब उसकी बुआ के बेटे ने उसके शरीर से खून बहता देखा। यह देखकर परिवार में अफरा-तफरी मच गई। परिजन तत्काल उसे बकानी के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर बकानी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे झालावाड़ के जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार जारी है और उसकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस कर रही कारणों की जांच अस्पताल सूत्रों के अनुसार, घटना की सूचना संबंधित पुलिस थाने को दे दी गई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि युवक ने यह कदम किन परिस्थितियों में या किस वजह से उठाया। पुलिस अस्पताल पहुंचकर युवक और उसके परिजनों के बयान दर्ज करेगी। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारण सामने आ सकेंगे।

वीएमओयू में जुलाई सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू:डीईबी आईडी से 31 तक कर सकते है ऑनलाइन आवेदन

वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (वीएमओयू), कोटा ने जुलाई 2026 सत्र के लिए ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा और प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है। बांगड़ कॉलेज डीडवाना स्थित अध्ययन केंद्र की मुख्य समन्वयक डॉ. मनीषा गोदारा ने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी एबीसी आईडी के माध्यम से बनी डीईबी आईडी से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने आवेदकों को सलाह दी कि वे आवेदन से पहले अपनी डीईबी आईडी में दर्ज नाम, माता-पिता का नाम, जन्म तिथि, मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी का शैक्षणिक दस्तावेजों से मिलान अवश्य कर लें। ज्योतिष और मनरेगा सर्टिफिकेट कोर्स भी है उपलब्ध
विश्वविद्यालय कई स्नातक पाठ्यक्रम जैसे बीए, बीएससी, बीजे और बीएलआईएस प्रदान करता है। स्नातकोत्तर स्तर पर अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, पुलिस प्रशासन, हिंदी, इतिहास, अंग्रेजी, संस्कृत, शिक्षा, राजस्थानी, समाजशास्त्र, भूगोल, एमकॉम, एमबीए और एमएससी (गणित एवं कंप्यूटर विज्ञान) जैसे पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं।
इसके अलावा योग, मास कम्युनिकेशन, पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान, पर्यटन, जलग्रहण प्रबंधन और कंप्यूटर अकाउंटिंग एंड मैनेजमेंट जैसे डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। फलित ज्योतिष और महात्मा गांधी नरेगा जैसे प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम भी उपलब्ध हैं। ऑनलाइन अध्ययन सामग्री चुनने पर मिलेगी फीस में छूट
अध्ययन केंद्र के समन्वयक डॉ. चेनाराम ने बताया कि विश्वविद्यालय की दूरस्थ शिक्षा प्रणाली गांवों, कस्बों, नौकरीपेशा लोगों और अन्य विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का एक बेहतर विकल्प है। उन्होंने यह भी बताया कि नियमित विद्यार्थी एक ही सत्र में अपनी नियमित पढ़ाई के साथ अतिरिक्त डिग्री, डिप्लोमा या प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम में भी प्रवेश ले सकते हैं। सरकार की दूरस्थ बालिका शिक्षा योजना के तहत पात्र छात्राओं को शुल्क पुनर्भरण की सुविधा मिलेगी। जो विद्यार्थी ऑनलाइन अध्ययन सामग्री का विकल्प चुनते हैं, उन्हें शुल्क में 15 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
इसके अलावा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के पात्र विद्यार्थियों के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा शुल्क पुनर्भरण का भी प्रावधान है।

VLTD डिवाइस नहीं मिलने से थमा ट्रांसपोर्ट कारोबार:30 हजार से ज्यादा ट्रक खड़े, 8 जुलाई को जयपुर में धरना; हड़ताल की चेतावनी

राजस्थान में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) अनिवार्य होने के बाद भी ट्रांसपोर्टरों को यह डिवाइस नहीं मिल रही है। ट्रांसपोर्ट संगठनों का दावा है कि इसके कारण 30 से 35 हजार ट्रक फिटनेस और परमिट की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं। इससे हजारों वाहन खड़े हैं और ट्रांसपोर्ट कारोबार पर बड़ा असर पड़ रहा है। विश्वकर्मा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने सरकार और परिवहन विभाग पर व्यवस्था नहीं होने का आरोप लगाया है। संगठन का कहना है कि वे व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जब डिवाइस ही उपलब्ध नहीं है तो वाहन मालिक नियमों का पालन कैसे करें। इसी मांग को लेकर 8 जुलाई को जयपुर के शहीद स्मारक पर धरना दिया जाएगा। समाधान नहीं होने पर पूरे राजस्थान में अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है। कब से लागू हुआ नियम केंद्र सरकार ने AIS-140 मानकों के तहत कई श्रेणी के वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाने का नियम बनाया। इसके बाद राजस्थान परिवहन विभाग ने भी साल 2022 से इस व्यवस्था को लागू करने की प्रक्रिया शुरू की। इसके तहत अधिकृत कंपनियों के माध्यम से वाहनों में डिवाइस लगाने और उसे विभाग के पोर्टल से जोड़ने की व्यवस्था की गई। ट्रांसपोर्टरों का आरोप- डिवाइस नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी विश्वकर्मा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश चौधरी ने बताया- राज्य सरकार ने कॉमर्शियल ट्रकों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस अनिवार्य कर दिया है। नए नियमों के अनुसार जिस कंपनी का ट्रक है, उसी कंपनी के अधिकृत डिवाइस को लगाना जरूरी है। उनका आरोप है कि इससे कुछ कंपनियों तक ही व्यवस्था सीमित हो गई है। उन्होंने कहा कि जो डिवाइस पहले करीब तीन हजार रुपये में मिल जाती थी, अब उसकी कीमत 25 से 30 हजार रुपये तक वसूली जा रही है। उनका आरोप है कि बाजार में डिवाइस की कमी होने का फायदा उठाया जा रहा है। इससे वाहन मालिकों का खर्च कई गुना बढ़ गया है और फिटनेस प्रमाण पत्र भी जारी नहीं हो पा रहे हैं। 30 से 35 हजार ट्रक खड़े होने का दावा
जगदीश चौधरी ने बताया- राजस्थान में अधिकृत कंपनियों के पास पर्याप्त संख्या में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस उपलब्ध नहीं हैं। इसके कारण करीब 30 से 35 हजार ट्रक राज्य से बाहर खड़े हैं। यदि ये वाहन बिना जरूरी प्रक्रिया पूरी किए राजस्थान आते हैं तो ई-डिटेक्शन के जरिए चालान हो सकता है। साथ ही नेशनल परमिट और फिटनेस की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो पा रही है। हम नियम के खिलाफ नहीं, व्यवस्था ठीक करने की मांग कर रहे हैं ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन का कहना है कि दूसरे राज्यों में बड़ी संख्या में कंपनियां यह डिवाइस उपलब्ध करा रही हैं, जबकि राजस्थान में केवल 17 कंपनियां ही अधिकृत हैं। उनका कहना है कि सरकार ऐसी व्यवस्था करे जिससे सभी वाहन मालिकों को आसानी से डिवाइस मिल सके और परमिट व फिटनेस का काम समय पर हो सके। 8 जुलाई को जयपुर में धरना
एसोसिएशन ने बताया कि इस मुद्दे पर पूरे राजस्थान में संघर्ष समितियां बनाई गई हैं। सभी ट्रांसपोर्ट कारोबारी 8 जुलाई को जयपुर के शहीद स्मारक पर शांतिपूर्ण धरना देंगे। यदि इसके बाद भी परिवहन विभाग और सरकार ने समाधान नहीं निकाला तो पूरे राजस्थान में अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। उनका कहना है कि इससे प्रदेश में माल परिवहन व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।

मूंग के दाने से भी छोटी भगवान जगन्नाथ की मूर्ति:दुनिया का सबसे छोटा रथ बनाने का दावा, शिल्पकार ने 36 घंटे में तैयार किया

उदयपुर के रहने वाले अंतरराष्ट्रीय शिल्पकार डॉ. इकबाल सक्का ने भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के मौके पर दुनिया का सबसे छोटा सोने-चांदी का रथ बनाया है। यह अनोखा रथ न सिर्फ कला का बेजोड़ नमूना है, बल्कि यह देश में कौमी एकता और भाईचारे का बड़ा संदेश भी दे रहा है। डॉ. सक्का 211 वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं। इस रथ की साइज महज 1 गुना 1 सेंटीमीटर है। डॉ. सक्का ने इस बेहद छोटे रथ को पुरी के विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर में भेंट करने का फैसला किया है। श्री जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट कमेटी को बाकायदा एक चिट्ठी भी लिख दी है। जैसे ही वहां से मंजूरी मिलेगी, वे पुरी जाकर इस रथ को सौंप देंगे। मूंग के दाने से भी छोटी भगवान जगन्नाथ की मूर्ति
डॉ. सक्का ने बताया- रथ में चांदी का महज एक सेंटीमीटर का मंदिर और एक मिलीमीटर का कलश बनाया है। मंदिर के ऊपर केसरिया रंग का झंडा भी लगाया गया है, जिस पर बहुत ही बारीकी से ‘ॐ’ लिखा हुआ है। रथ के अंदर भगवान जगन्नाथ की जो मूर्ति विराजमान है, वह मूंग के दाने से भी छोटी है। चांदी से बनी इस मूर्ति को खुली आंखों से ठीक से देख पाना भी नामुमकिन है, इसे देखने के लिए लेंस की मदद लेनी पड़ती है। भगवान के इस रथ को आगे खींचते हुए दिखाने के लिए चांदी का एक सेंटीमीटर का छोटा सा घोड़ा भी बनाया गया है। 36 घंटे की कड़ी मेहनत से तैयार हुआ अनोखा रथ
डॉ. सक्का ने बताया- रथ में 7 ग्राम चांदी और 300 मिलीग्राम सोने का इस्तेमाल किया है। रथ को आकार देने के लिए लगातार 36 घंटे तक कड़ी मेहनत करनी पड़ी, तब जाकर यह कलाकृति पूरी तरह तैयार हो सकी। भुवनेश्वर के कलाकार का रिकॉर्ड तोड़ा
डॉ. इकबाल सक्का ने बताया- रथ ने एक पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। इससे पहले ओडिशा के भुवनेश्वर के एक कलाकार ने 3 गुणा 2 सेंटीमीटर का रथ बनाया था, जो इंटरनेशनल बुक में दर्ज है। अब मैंने ने महज 1 गुणा 1 सेंटीमीटर का रथ बनाकर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का दावा पेश किया है।

जयपुर में बारिश से सड़कें धंसी, 10-फीट गहरे गड्‌ढे हुए:कार गिरी, क्रेन से निकालना पड़ा; रास्ता बंद होने से ट्रैफिक हुआ प्रभावित

जयपुर शहर में रविवार देर रात हुई करीब 2 इंच बारिश से जगह-जगह सड़कें धंस गई हैं। मानसरोवर और गोपालपुरा बाइपास पर 10 फीट तक गहरे गड्‌ढे हो गए। मानसरोवर में शिप्रापथ से गुर्जर की थड़ी, शांति नगर को जोड़ने वाले मार्ग पर द्रव्यवती नदी के किनारे दो जगह सड़क धंस गई। एक जगह तो सड़क का करीब 20 फीट चौड़ा हिस्सा जमीन में समा गया। इस गड्ढे से 50 मीटर दूर भी सड़क धंस गई। पानी बहने से मिट्टी का कटाव हो गया और द्रव्यवती नदी के किनारे बनी बाउंड्रीवॉल से लगती सड़क पर बड़ा गड्ढा हो गया। गोपालपुरा बाइपास पर गंगा-जमुना पेट्रोल पंप के सामने फुटपाथ के पास सड़क धंस गई। इससे वहां खड़ी इनोवा कार गड्‌ढे में गिर गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने रात को सड़क के किनारे बैरिकेडिंग करके रास्ता बंद कर दिया था। क्रेन के जरिए गाड़ी को बाहर निकाला गया। गोपालपुरा बाइपास पर रिद्धि-सिद्धि चौराहे के नजदीक परमहंस धाम के सामने आज सुबह सड़क धंस गई। यहां ड्रेनेज लाइन टूटने से सड़क पर 8 फीट चौड़ा और 10 फीट तक गहरा गड्ढा हो गया। नगर निगम की टीम ने मलबा और मिट्टी के कट्टे डालकर उसे भरवाने का काम शुरू करवाया है। सड़कें धंसने से ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ। अब देखिए, सड़क धंसने की PHOTOS… रोड पर पेड़ गिरने से ट्रैफिक प्रभावित जयपुर शहर और उसके आसपास के कई इलाकों में रविवार देर रात से अलसुबह तक मध्यम से तेज बरसात हुई। जयपुर में बरसात के बाद स्टेच्यू सर्किल के पास एक पेड़ गिर गया। इस कारण सोमवार सुबह यहां ट्रैफिक संचालन प्रभावित रहा। जयपुर में देर रात से आज सुबह 8 बजे तक सबसे ज्यादा बारिश फागी-दूदू के बीच मौजमाबाद में 82MM दर्ज हुई। सांगानेर में 69MM, जोबनेर में 58, फागी में 54, जालसू में 52, चाकसू में 46, जेएलएन मार्ग पर 44.5, जयपुर शहर में कलेक्ट्रेट के आसपास 33, तूंगा में 28, कालवाड़ में 25, किशनगढ़-रेनवाल में 22, कोटखावदा में 20 और फुलेरा में 17MM बरसात दर्ज हुई। मानसून की पहली बारिश में धंस गई थी टोंक रोड इससे पहले, 3 जुलाई को जयपुर में लालकोठी के पास टोंक रोड अचानक धंस गई। सड़क पर करीब 20 फीट चौड़ा और 10 फीट गहरा गड्ढा बन गया था। JDA के जोन-ए के अधिशासी अभियंता (XEN) दीपक अग्रवाल ने बताया था- टोंक रोड पर पहले सीवरेज लाइन और गैस लाइन बिछाने का काम किया गया था। इस दौरान लाइन के लिए बनाया गया डक्ट तकनीकी मानकों के अनुरूप सही तरीके से फिट नहीं किया गया था। मानसून की पहली बारिश में पानी रिसकर अंदर चला गया, जिससे नीचे की मिट्टी कमजोर हो गई और सड़क धंस गई। (पूरी खबर पढ़ें) … यह खबर भी पढ़ें… जोधपुर में तेज बारिश, सीकर पानी-पानी:जयपुर में पेड़ टूटे, कई जिलों में 2 इंच पानी बरसा; 5 दिन भारी बरसात की चेतावनी

कोटा में मादा पैंथर ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ा:शिकार के लिए लगाए फंदे में फंसी, रातभर संघर्ष करती रही; वन विभाग ने बढ़ाई पेट्रोलिंग

कोटा के मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के बफर एरिया में शिकार के लगाए गए फंदे में फंसकर मादा पैंथर ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। शनिवार रात को मादा पैंथर फंदे में फंसी थी, जिससे बाहर निकलने के लिए वह रातभर संघर्ष करती रही। आखिरकार रविवार सुबह उसका शव बरामद हुआ। विभाग ने मादा पैंथर का पोस्टमॉर्टम करवाया है। वन विभाग ने पूरे इलाके में पेट्रोलिंग और कॉम्बिंग बढ़ा दी गई है। मुख्य वन संरक्षक (CCF) सुगनाराम जाट ने बताया- मादा पैंथर की उम्र करीब 3-4 साल थी और बोराबास रेंज के बफर एरिया में उसका लगातार मूवमेंट रहता था। संभवतः किसी शिकारी ने जंगली सूअर या अन्य जानवरों को पकड़ने के लिए क्लच वायर या जीआई (GI) वायर का यह मजबूत फंदा लगा रखा था, जिसकी चपेट में यह पैंथर आ गई। सिटी एसपी ने देखा मादा पैंथर का शव CCF सुगनाराम जाट ने बताया- मादा पैंथर शनिवार रात को शिकारी के फंदे में फंस गई थी। उसने फंदे से बाहर निकलने की काफी कोशिश की होगी, लेकिन इसी जद्दोजहद में फंदा और टाइट हो गया, जिससे उसकी मौत हो गई। रविवार सुबह करीब 6 बजे कोटा सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम चंबल सफारी के लिए गई थीं। चंबल की कराइयों में उन्होंने पैंथर का शव देखा, जिसके बाद उन्होंने वन विभाग को इसकी सूचना दी। पैर, छाती और गले में फंसा था क्लच वायर सुगनाराम जाट ने बताया- रविवार को प्रोटोकॉल के तहत मादा पैंथर का पोस्टमॉर्टम करवाया गया है। हालांकि, मौत के असली कारणों का पता रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा, लेकिन शुरुआती जांच में सामने आया है कि पैर, छाती और गले में फंदा फंसने और दम घुटने से पैंथर की मौत हुई है। मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के उप वन संरक्षक मुथु एस. ने बताया- मामले में अज्ञात शिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। यह शिकारी फंदा किसने लगाया था, इसकी जांच की जा रही है। सुरक्षा के लिहाज से इलाके में पेट्रोलिंग-कॉम्बिंग बढ़ा दी गई है। बता दें कि मुकंदरा में इस समय 100 से ज्यादा पैंथर हैं।

ट्रेन के आगे कूदा युवक, सिर कटकर अलग गिरा:शरीर और सिर अलग होकर ट्रैक पर पड़े रहे, 50 मिनट तक रुकी रही ट्रेन

जालोर और जागनाथ रेलवे स्टेशन के बीच सोमवार सुबह करीब 8:30 बजे भक्त की कोठि-चेन्नई एक्सप्रेस (20626) के आगे कूदकर एक युवक ने आत्महत्या कर ली। ट्रेन की चपेट में आते ही उसका सिर धड़ से अलग हो गया। हादसा इतना दर्दनाक था कि रेलवे ट्रैक पर सिर और धड़ अलग-अलग पड़े रहे। हादसे के बाद ट्रेन करीब 50 मिनट तक मौके पर खड़ी रही। सूचना मिलते ही जीआरपी और कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ट्रैक से सिर और धड़ को हटाकर कब्जे में लिया और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया।
जीआरपी के गजेसिंह ने बताया कि युवक के पास मिले दस्तावेजों के आधार पर उसकी पहचान जालोर जिले के सेवड़ी गांव निवासी कृष्ण राम (40) पुत्र पीराराम देवासी के रूप में हुई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि कृष्ण राम हैदराबाद में हार्डवेयर का काम करता था। कुछ समय पहले वह अपने घर जालोर आया था। फिलहाल पुलिस आत्महत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी है और पूरे मामले की जांच कर रही है। जालोर स्टेशन पार करते ही ट्रेन के आगे कूदा युवक ट्रेन में सफर कर रहे एक यात्री ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 8:30 बजे भक्त की कोठि-चेन्नई एक्सप्रेस (20626) जालोर रेलवे स्टेशन से रवाना हुई। कुछ दूरी चलने के बाद बागरा स्टेशन से पहले एक युवक रेलवे ट्रैक के पास खड़ा था। ट्रेन नजदीक आते ही उसने अपना बैग ट्रैक के पास रखा और ट्रेन के आगे कूद गया। हादसे में ट्रेन से उसका सिर धड़ से अलग हो गया। घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी और कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को रेलवे ट्रैक से हटाया। इसके बाद करीब 50 मिनट बाद ट्रेन को दोबारा रवाना किया गया। पुलिस ने घटनास्थल से जरूरी जानकारी जुटाकर जांच शुरू कर दी है। मॉर्च्युरी में रखवाया शव पुलिस ने शव को जालोर जिला हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया है और परिजनों को सूचना दे दी है। परिजनों के पहुंचने के बाद युवक का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा।

जोधपुर में भैरूजी चौराहे की पुलिया पर भरा पानी,बस फंसी,VIDEO:करीब 10 यात्री आधे घंटे तक फंसे रहे, धक्का देकर बाहर निकाला; सड़कें भी डूबी

जोधपुर शहर में सुबह से ही मौसम बदला हुआ है। सुबह करीब 11 बजे अचानक बादल छाए और अंधेरा हो गया। इसके बाद आंधी के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई। शहर के भैरूजी चौराहे की खतरनाक पुलिया पर पानी भर गया। इस पानी के बीच में सवारियों से भरी एक बस फंस गई। बस में करीब 10 यात्री सवार थे। सभी करीब आधे घंटे तक बीच पानी में फंसे रहे। इसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से बस को धक्का देकर बाहर निकाला। फोटो में देखें पूरा घटनाक्रम… पहले फंसी पिकअप, ट्रैक्टर से बाहर निकाला लोग रोकते रहे लेकिन नहीं माना ड्राइवर पानी में बस उतारता ड्राइवर बस को निकालने के लिए ट्रैक्टर बुलाया लेकिन रस्सा टूटा लोगों ने धक्का देकर बाहर निकाला

भैरूजी चौराहे पर की बैरिकेडिंग, पिकअप फंसी थी, फिर भी बस उतारी दरअसल, सुबह से ही शहर में बारिश का दौर चल रहा है। शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई थी। ऐसे में खतरनाक पुलिया पर भी पानी भर गया। ऐसे में गाड़ियों को वहां जाने से रोकने के लिए बैरिकेड लगाए गए ताकि लोग वहां नहीं जा सके। ऐसे में एक पिकअप ड्राइवर ने खतरनाक पुलिया पर पिकअप उतार ​दी। इसके बाद वह फंस गया, हालांकि ट्रैक्टर की मदद से उसे निकाला। इतने में सिटी बस ड्राइवर आया और पिकअप फंसे होने के बाद भी उसे पानी में उतार दिया। इस दौरान लोगों ने उसे रोकने की भी कोशिश की, लेकिन नहीं माना। पानी में उतरते ही यात्रियों से भरी बस खतरनाक पुलिया के बीच फंस गई। ट्रैक्टर को बुलाया लेकिन रस्सा टूट गया, धक्का देकर बाहर निकाला इस पर कंडक्टर बार-बार बस को बाहर निकालने की गुहार लगाता रहा। वहां मौजूद लोगों ने ट्रैक्टर बुलाया। लेकिन, जब रस्सा बांधकर बस को बाहर निकालने का प्रयास किया तो रस्सा टूट गया। इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने धक्का दिया और बड़ी मशक्कत के बाद बस को बाहर निकाला। इस दौरान सिटी बस में मौजूद यात्री करीब आधे घंटे तक खतरनाक पुलिया के बीच पानी में फंसे रहे। यहां पढ़ें बारिश से जुड़े बड़े अपडेट्स शहर की सड़कों पर भरा पानी: शहर में बारिश के चलते जलभराव की स्थिति हो गई। प्रतापनगर में सड़कों पर पानी जमा हो गया और कारों के टायर तक डूब गए। शहर में एक घंटे हुई तेज बारिश के चलते शहर में जलभराव की स्थिति बन गई। ऐसे में कारों के टायर तक डूब गए। ग्रामीण इलाकों में भी बारिश:शहर के आस-पास सटे ग्रामीण इलाकों लूणी और डांगियावास में भी तेज बारिश के चलते स्कूल, स्टेशन और हाईवे पर पानी भर गया। लूणी रेलवे स्टेशन पर यात्री बारिश से बचने के लिए टीन शेड के नीचे खड़े हो गए। मौसम विभाग का अलर्ट:पिछले दिनों लगातार बदल रहे मौसम और बारिश की वजह से अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। अनुमान है कि अगले 24 घंटे में मानसून जोधपुर में एंट्री कर सकता है। आगे क्या: इस पूरे सप्ताह आंधी-बारिश का येलो अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार जोधपुर शहर में पूरा सप्ताह आंधी-बारिश का दौर चलेगा। विभाग के अनुसार 12 जुलाई तक ​आंधी-बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। देखिए, जोधपुर शहर में बारिश की PHOTOS