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दोहरे हत्याकांड में हाईकोर्ट ने बदली फांसी की सजा:आटा-साटा को लेकर हुए विवाद में किया था हमला; ट्रायल कोर्ट ने सुनाई थी मौत की सजा

जालोर के बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड में राजस्थान हाईकोर्ट ने दोषी ठहराए दो भाइयों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की ओर से सुनाई गई मौत की सजा को उम्रकैद में बदला है। हाईकोर्ट ने कहा- मामला गंभीर और जघन्य होने के बावजूद रेयरेस्ट ऑफ रेयर की कसौटी पर खरा नहीं उतरता। जस्टिस विनीत कुमार माथुर व जस्टिस चंद्रशेखर शर्मा की डिवीजन बेंच ने यह फैसला दिया। हालांकि दोनों आरोपियों की दोषसिद्धि को बरकरार रखा है। 9 दिसंबर 2025 को सुनाई थी सजा अपीलार्थी की ओर से बताया- मामले के अनुसार जालोर जिले के रामसीन थाना क्षेत्र में आटा-साटा विवाह को लेकर हुए विवाद के बाद पहाड़ सिंह और डूंगर सिंह ने इंद्रा कंवर और हरि सिंह पर कुल्हाड़ी से हमला किया था। हमले में दोनों की मौत हो गई थी। इसके बाद आरोपियों ने मौके पर मौजूद अन्य लोगों पर भी हमला किया था। पुलिस के हस्तक्षेप के दौरान एक पुलिस अधिकारी को भी निशाना बनाया गया था। इस मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायालय भीनमाल ने 9 दिसंबर 2025 को दोनों आरोपियों को हत्या सहित विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराते हुए हत्या के मामले में मौत की सजा सुनाई थी। मौत की सजा की पुष्टि के लिए मामला हाईकोर्ट भेजा गया था, जबकि आरोपियों ने भी फैसले को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, मेडिकल और वैज्ञानिक सबूतों के आधार पर अपराध साबित किया है। हालांकि मृत्युदंड के लिए रेयरेस्ट ऑफ रेयर सिद्धांत को देखते हुए कोर्ट ने फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया। ये था मामला जानकारी के अनुसार- पीड़ित परिवार की ओर से पैरवी करने वाले एडवोकेट पृथ्वीसिंह चौहान ने बताया- 3 मार्च 2023 को मोदरा पुलिस चौकी क्षेत्र के रहने वाले डूंगरसिंह पुत्र परबतसिंह, पहाड़सिंह पुत्र परबतसिंह गांव में खेती करते थे। दोनों की शादी नहीं हुई थी। इनकी बहन की शादी भाभी के पीहर में हुई थी। खुद की शादी के लिए भाई की लड़की को आटा-साटा में देने की जिद करने लगे। बड़ा भाई रतन सिंह देशावर में बिजनेस कर रहा था। रतन सिंह की पत्नी इंद्रा कंवर ने खुद की बेटी आटा-साटा में देने से मना कर दिया। इस पर भाभी इंद्रा और देवर डूंगरसिंह व पहाड़सिंह के बीच बहस हो गई। झगड़ा करने के दौरान इंदिरा कंवर पर दोनों भाइयों पहाड़ सिंह और डूंगरसिंह ने मिलकर कुल्हाड़ी से वार किया था, जिससे उसकी मौका स्थल पर मौत हो गई। बच्चों को भी मारने करने का प्रयास किया। इस दौरान पड़ोसी हरिसिंह बीच-बचाव करने आए। उन पर भी आरोपियों ने कुल्हाड़ी से वार किया। इससे उसकी भी मौत हो गई। चिल्लाने की आवाज सुनकर पास में मौजूद पुलिस चौकी से सहायक पुलिस निरीक्षक सुरेंद्रसिंह राव मौके पर पहुंचे। उन्होंने बच्चों को बचाया और दोनों आरोपियों को पकड़ा था।

NOC में देरी पर मेडिकल-एजुकेशन सचिव को किया तलब:28 जुलाई को होगी दोबारा पेशी; वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होना होगा

राजस्थान हाईकोर्ट ने फार्मेसी कॉलेज को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने में हो रही देरी को लेकर राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने मेडिकल शिक्षा विभाग के सचिव को 28 जुलाई को दोपहर 2 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होकर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। मामला पाली जिले के खुडाला फालना स्थित एडवेंट कॉलेज ऑफ फार्मेसी से जुड़ा है। कॉलेज की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश मुकेश राजपुरोहित ने सचिव को व्यक्तिगत रूप से वीसी के जरिए पेश होने का आदेश दिया है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता श्रेयांश मरर्डिया ने कोर्ट को बताया कि हाईकोर्ट ने 30 अक्टूबर 2025 को पूर्व में दिए आदेश में ग्लोबल फार्मेसी कॉलेज बनाम राजस्थान सरकार एवं अन्य मामले के फैसले के आधार पर याचिका का निस्तारण किया था। इसके बावजूद राज्य सरकार ने अब तक कॉलेज को एनओसी जारी नहीं किया है। इस पर कोर्ट ने मेडिकल शिक्षा विभाग के सचिव को अगली सुनवाई में एनओसी की स्थिति से अवगत कराने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी।

जोधपुर आएंगी स्वास्थ्य-परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल:जेएनवीयू स्नातक स्तर के नए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी; पढ़ें शहर की प्रमुख खबरें

जोधपुर में आचार्य भगवंत श्रीमद् विजय चिदानंद सुरीश्वर महाराज के 24 जुलाई को गुलाब नगर में चातुर्मास प्रवेश की निमंत्रण पत्रिका का विमोचन किया गया। सरकारी विद्यालयों को सर्वश्रेष्ठ बनाने की जोधपुर शहर विधायक अतुल भंसाली की ‘विधायक शिक्षा का साथी’ योजना के द्वितीय सत्र का शुभारम्भ मंगलवार को राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय सरदारपुरा जोधपुर में किया गया। वहीं, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य अनुप्रिया पटेल रविवार को जोधपुर आएंगी। लाइव ब्लॉग में पढ़ें शहर की प्रमुख खबरें…

प्रसूता को गलत खून चढ़ाने में चार को माना दोषी:दो रेजिडेंट डॉक्टर समेत लैब टैक्निशियन और नर्सिंगकर्मी के नाम; कमेटी तय करेगी क्या होगा एक्शन

जोधपुर में एक प्रसूता को उम्मेद हॉस्पिटल में गलत ब्लड चढ़ाने के मामले में कमेटी ने मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल को रिपोर्ट सौंप दी है। इस रिपोर्ट में दो रेजिडेंट डॉक्टर समेत चार लोगों को दोषी माना है। हालांकि अब ये रिपोर्ट अनुशासन कमेटी को दी गई है। ये कमेटी तय करेगी कि किस पर क्या एक्शन होगा। इससे पहले कमेटी की ओर से सौंपी रिपोर्ट में नाम नहीं थे। ओ पॉजिटिव की जगह चढ़ा दिया था बी-पॉजिटिव ब्लड दरअसल, मामला 13 जुलाई का है। धापू नाम की महिला की 11 जुलाई को बावड़ी में नॉर्मल डिलीवरी हुई थी। खून की कमी के चलते उसे उम्मेद अस्पताल रेफर किया गया था। यहां 11 जुलाई को उसे O-पॉजिटिव ब्लड चढ़ाया गया, लेकिन 12 जुलाई को जब दोबारा ब्लड चढ़ाया तो वह O पॉजिटिव की जगह बी पॉजिटिव चढ़ा दिया था। इसकी वजह से उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और यूरिन बंद हो गया। इसके बाद किडनी में इन्फेक्शन हो गया। इस पर उसे 13 जुलाई को महात्मा गांधी हॉस्पिटल रेफर किया गया, जहां अब भी उसका डायलिसिस चल रहा है। उम्मेद हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट डॉ. मोहन मकवाना ने बताया- हमने रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंगकर्मी और लैब टेक्नीशियन के नाम है। कमेटी जो भी एक्शन लेने के लिए कहेगी, वह हम लेंगे। मामला सामने आने के बाद बनाई थी कमेटी, माना- बिना जांच किए खून चढ़ाया इधर, ये मामला सामने आने के बाद उम्मेद हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट डॉ. मोहन मकवाना की ओर से पांच डॉक्टर्स की टीम बनाई गई थी। इस टीम में डॉ. रिजवाना शाहीन, डॉ. नीलम मीणा, डॉ. हरगोविंद मीणा, डॉ. सुरेंद्र सिंह राठौड़ और डॉ. गोविंद पटेल शामिल थे। इसके बाद टीम ने शुक्रवार को ही ये रिपोर्ट डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा को सौंप दी थी। कमेटी ने माना था- बिना जांच किए गलत खून चढ़ाया गया। इसमें माना कि बिना क्रॉस चेक किए खून चढ़ाया गया, लेकिन, इस रिपोर्ट में किसी का नाम नहीं होने की वजह से डॉ. बीएस जोधा ने इस लापरवाही में शामिल रेजिडेंट डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन और नर्सिंग स्टाफ के नाम मांगे थे। इस पर दोबारा मंगलवार को इन नाम के साथ ये रिपोर्ट सौंपी गई। अब ये रिपोर्ट मेडिकल कॉलेज की अनुशासन कमेटी को सौंपी गई है। अनुशासन कमेटी तय करेगी कि किस पर क्या एक्शन होगा। एक ही नाम की दो महिला होने की वजह से हुई गफलत प्रांरभिक जांच में सामने आया कि जिस दिन ये घटनाक्रम हुआ, उस दिन धापू नाम की दो महिलाएं हॉस्पिटल में एडमिट थी। इतना ही नहीं इनके पति के नाम भी एक ही थे। ऐसे में धापू जिसे B पॉजिटिव खून चढ़ाना था। उसके बदले बावड़ी से आई धापू को ये गलत खून चढ़ा दिया और तबीय​त बिगड़ गई।
ये खबर भी पढ़ें… गलत ब्लड से यूरिन बंद हुआ,प्रसूता की किडनी में इन्फेक्शन:उम्मेद हॉस्पिटल में O+ की जगह B+ ब्लड चढ़ाया; परिजन बोले-खून चढ़ाते ही कंपकपी छूटने लगी जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में एक प्रसूता को गलत ब्लड चढ़ाने का मामला सामने आया है। जोधपुर जिले के डावरा बावड़ी निवासी धापू भील (24) को सामान्य प्रसव के बाद एनीमिया व अन्य कारणों से उम्मेद अस्पताल रेफर किया गया था। (यहां पढ़ें पूरी खबर) दो दिन में पांच प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ी,एक वेंटिलेटर पर:3 प्रसूता आईसीयू में; कमेटी ने माना- बिना जांचें गलत खून चढ़ाया था प्रसूता को जोधपुर में एक बार फिर से प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। उम्मेद हॉस्पिटल में दो दिन में पांच प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने पर भर्ती करवाया गया है। इनमें 3 प्रसूता आईसीयू में है और एक वेंटिलेटर पर। (यहां पढ़ें पूरी खबर)

हाईकोर्ट ने ओआईसी से पूछा-फाइल कहां है, बोला नहीं है:कोर्ट नाराज, कहा-अधिकारी न्यायालय को गंभीरता से नहीं ले रहे

राजस्थान हाईकोर्ट ने विधवा महिला की फैमिली पेंशन से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के अधिकारियों के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि जिस तरीके से विभाग का अधिकारी बिना तैयारी के कोर्ट में पेश हुआ, उससे साफ लगता है कि राज्य के अधिकारी न्यायालय की कार्यवाही को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। यह टिप्पणी जस्टिस गणेश राम मीणा की अदालत ने गंगा देवी की याचिका पर सुनवाई करते हुए की। दरअसल, शनिवार को वकीलों के कार्य बहिष्कार के कारण सरकारी वकील की अनुपस्थिति में पेंशन एवं पेंशन कल्याण विभाग के एएओ और मामले के ऑफिसर इन चार्ज (OIC) हमीर सिंह कोर्ट में पेश हुए। सुनवाई के दौरान जब कोर्ट ने उनसे विभाग की ओर से दाखिल जवाब और याचिकाकर्ता के दावे से जुड़े सरकारी आदेशों, अधिसूचनाओं के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि उनके पास इनमें से कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं है। कोर्ट ने इसके बाद अधिकारी से पूछा कि क्या उन्होंने OIC के कर्तव्यों और राज्य सरकार की लिटिगेशन पॉलिसी पढ़ी है। इस पर अधिकारी ने स्वीकार किया कि उन्होंने कभी लिटिगेशन पॉलिसी नहीं देखी। इस पर अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह विभागीय लापरवाही का स्पष्ट उदाहरण है। कोर्ट ने कहा- यह स्थिति स्वीकार्य नहीं हाईकोर्ट ने कहा कि यह मामला किसी सामान्य विवाद का नहीं, बल्कि एक विधवा की फैमिली पेंशन का है। ऐसे संवेदनशील मामले में भी विभाग का अधिकारी बिना आवश्यक रिकॉर्ड और जानकारी के अदालत में उपस्थित हुआ, जो स्वीकार्य नहीं है। अदालत ने कहा कि यदि किसी कारण से सरकारी वकील अदालत में मौजूद नहीं हों, तो संबंधित OIC को पूरी केस फाइल, सभी आवश्यक आदेश, अधिसूचनाएं और मामले के तथ्यों की पूरी जानकारी के साथ उपस्थित होना चाहिए। साथ ही जवाब समय पर दाखिल किया जाना चाहिए, ताकि न्यायिक प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो। मुख्य सचिव और विभाग को भेजा आदेश हाईकोर्ट ने कहा कि मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव और निदेशक, पेंशन और पेंशन कल्याण विभाग को आदेश की कॉपी भेजने के निर्देश देते हुए कहा कि सरकार सभी विभागों के OIC को उनकी जिम्मेदारियों के संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो। मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त 2026 को होगी।

हादसे का शिकार होते बचा एयर इंडिया का विमान:पैसेंजर्स ने बताया- हवा में डगमगाने लगा था प्लेन, दिल्ली की जगह हरियाणा पहुंच गया था

ओडिशा के भुवनेश्वर से दिल्ली आ रहा एयर इंडिया का एक विमान मंगलवार को हादसे का शिकार होते बच गया। पैंसेंजर्स ने बताया कि एयर इंडिया की भुवनेश्वर-दिल्ली फ्लाइट नं. IX1058 ने दोपहर 3.30 बजे उड़ान भरी थी। लेकिन करीब 30 मिनट बाद ही प्लेन हवा में डगमगाने लगा। इस दौरान फ्लाइट में बैठे 150 से ज्यादा पैसेंजर डर गए। पैसेंजर्स ने यह भी आरोप लगाया कि पायलट ने मुश्किल से प्लेन को संभाला। उसने प्लेन की स्पीड बढ़ा दी। फ्लाइट दिल्ली की बजाय हरियाणा के चरखी दादरी की तरफ चली गई थी। बाद में उसे घुमाकर वापस दिल्ली एयरपोर्ट पर लाया गया। फ्लाइट आधे घंटे पहले ही दिल्ली पहुंच गई थी। हालांकि, एयर इंडिया की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। आधे घंटे पहले ही पहुंच गई थी दिल्ली हरियाणा के कुरुक्षेत्र में रहने वाले स्पर्श सिंगल ने बताया कि वे प्राइवेट बैंक में सेल्समैन हैं। वे 14 जुलाई को भगवान श्री जगन्नाथ की यात्रा में शामिल होने के लिए पुरी गए थे। यहां भगवान के दर्शन और यात्रा में शामिल होने के बाद आज मंगलवार को वापस आ रहे थे। दोपहर करीब साढ़े 3 बजे उनकी भुवनेश्वर से दिल्ली की फ्लाइट (IX1058) थी। शुरुआत में सबकुछ ठीकठाक रहा, लेकिन करीब आधे घंटे बाद फ्लाइट में हलचल होने लगी। प्लेन जोर से हिलने लगा। प्लेन में पैसेंजर्स की चीख-पुकार मच गई थी। वहीं, एक महिला तो बेहोश हो गई थी। इसी दौरान पायलट ने प्लेन संभालने के लिए उसकी स्पीड बढ़ा दी थी। इसी के चलते फ्लाइट आधे घंटे पहले ही दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड हो गई थी। हम लोगों ने दिल्ली एयरपोर्ट पर अधिकारियों से बात करने की कोशिश की, लेकिन हमें कोई जवाब नहीं मिला। —————- ये खबर भी पढ़ें… 30 हजार फीट पर प्लेन की खिड़की टूटी:पैसेंजर का सिर-कंधा बाहर निकले, पत्नी ने बचाया, दोनों पैर पकड़े रही ग्रीस के आकाश में 30 हजार फीट की ऊंचाई पर एक फ्लाइट की खिड़की टूट जाने से बड़ा हादसा टल गया। उस खिड़की के नजदीक बैठे 61 साल के पैसेंजर का सिर और कंधे खिड़की से बाहर निकल गए। पास बैठी पत्नी ने बचाया। जैसे ही वह विंडो से बाहर निकलने लगे, उनकी पत्नी ने जोर से दोनों पैर पकड़ लिए। पूरी खबर पढ़ें…

ऑनलाइन गोल्ड ट्रेडिंग के नाम पर 12.09 करोड़ की ठगी:फाइनेंस कंपनी की महिला डायरेक्टर को मुंबई से दबोचा; अन्य राज्यों के पीड़ितों की भी तलाश

राजस्थान स्टेट साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ऑनलाइन गोल्ड ट्रेडिंग के नाम पर 12 करोड़ 9 लाख 65 हजार 512 रुपए की साइबर ठगी का खुलासा किया है। मामले में पुलिस ने एक फर्जी फाइनेंस कंपनी गोल्डन लीजेंड लीजिंग एंड फाइनेंस लिमिटेड (GLLFL) की निदेशक दिव्या सिंह कुशवाहा को मुंबई से गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि फर्जी गोल्ड ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के लिए यूज किए जा रहे वर्चुअल मर्चेंट खातों के संचालन में कंपनी की अहम भूमिका थी। मामले में मुख्य आरोपी जयंता रॉय सहित अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। वहीं पुलिस ठगी के शिकार हुए अन्य राज्यों के पीड़ित लोगों की भी तलाश कर रही है। भारी मुनाफे का झांसा देकर कराया निवेश एडीजी साइबर क्राइम संजय अग्रवाल ने बताया कि स्टेट साइबर क्राइम पुलिस थाना जयपुर में 9 दिसंबर 2025 को दर्ज मामले में परिवादी ने शिकायत दी थी कि उसे वाट्सएप के माध्यम से गोल्ड ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर फर्जी वेबसाइट पर निवेश कराया गया। इसके बाद विभिन्न बैंक खातों और वर्चुअल मर्चेंट खातों में 12.09 करोड़ रुपए से ज्यादा जमा करवाकर उसके साथ धोखाधड़ी की गई। करोड़ों रुपए लेने के बाद भी नहीं लौटाई निवेश की राशि एडीजी ने बताया कि जब पीड़ित ने अपनी रकम निकालने का प्रयास किया तो आयकर, प्रोसेसिंग फीस, अकाउंट अनफ्रीज शुल्क और अन्य चार्ज के नाम पर पीड़ित को बार-बार अतिरिक्त रकम जमा करानी पड़ी। करोड़ों रुपए लेने के बावजूद न तो निवेश की राशि लौटाई गई और न ही निकासी की अनुमति दी गई। वित्तीय जांच में खुला बड़ा साइबर नेटवर्क स्टेट साइबर क्राइम पुलिस थाना जयपुर की टीम ने तकनीकी और वित्तीय साक्ष्यों की गहन जांच की। जांच में सामने आया कि साइबर ठगी में यूज किया गया वर्चुअल मर्चेंट खाता प्राइम इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को उपलब्ध कराया गया था, जिसका संचालन गोल्डन लीजेंड लीजिंग एंड फाइनेंस लिमिटेड (GLLFL) के माध्यम से किया जा रहा था। पुलिस जांच में ऑनबोर्डिंग, केवाईसी, ड्यू डिलिजेंस, रिस्क मॉनिटरिंग और फ्रॉड डिटेक्शन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं मिलीं। साथ ही इन खातों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (1930) पर देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज होने की पुष्टि भी हुई। मुंबई से महिला निदेशक गिरफ्तार मामले में पहले आरोपी इकबाल अहमद के खिलाफ जांच पूरी कर कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया जा चुका है। आगे की जांच में GLLFL के निदेशकों की भूमिका सामने आने पर साइबर थाना जयपुर की टीम ने मुंबई पहुंचकर कंपनी की निदेशक दिव्या सिंह कुशवाहा को गिरफ्तार किया। पुलिस ने कोर्ट के जरिए आरोपी महिला को 5 दिन के रिमांड पर लिया है। इस दौरान मनी ट्रेल, फरार आरोपियों की भूमिका, डिजिटल सबूतों और साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ की जा रही है। अन्य राज्यों के पीड़ितों की भी तलाश राजस्थान पुलिस अब इस साइबर नेटवर्क में यूज किए गए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और अन्य डिजिटल सबूतों का विश्लेषण कर गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान में जुटी है। साथ ही राजस्थान सहित अन्य राज्यों में इस गिरोह से ठगी के शिकार हुए पीड़ित लोगों की भी पहचान की जा रही है। इन अधिकारियों की रही अहम भूमिका थानाधिकारी गजेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम में अनुसंधान अधिकारी पुलिस निरीक्षक अमृता सिंह, उप निरीक्षक मुकेश कुमार और कॉन्स्टेबल बोदूराम की विशेष भूमिका रही। डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।

178 यूनिट रक्तदान, 201 पौधे लगा याद किया श्रीमाली को:प्रो. विजय श्रीमाली की पुण्यतिथि पर उदयपुर में कार्यक्रम; युवाओं ने दिखाया उत्साह

उदयपुर में शिक्षाविद, समाजसेवी और महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर के पूर्व कुलपति प्रो. विजय श्रीमाली की 8वीं पुण्यतिथि पर मंगलवार को टाइगर हिल स्थित संस्कार भवन में प्रो. विजय श्रीमाली फाउंडेशन की ओर से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में युवाओं, महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने हिस्सा लेते हुए 178 यूनिट रक्तदान किया। साथ ही 201 पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। शिविर में आरएनटी मेडिकल कॉलेज की रक्तदान इकाई की टीम ने रक्त संग्रह किया। रक्तदान करने वाले सभी रक्तवीरों को प्रशस्ति प्रमाण-पत्र देकर उनका सम्मान और हौसला बढ़ाया गया। संस्कार भवन ट्रस्ट के अध्यक्ष रविंद्र श्रीमाली ने कहा- प्रो. विजय श्रीमाली ने पूरा जीवन शिक्षा, विद्यार्थियों के मार्गदर्शन और समाजसेवा के लिए समर्पित किया। उन्होंने सुखाड़िया विश्वविद्यालय में प्राध्यापक से लेकर अजमेर स्थित महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के कुलपति तक का गौरवपूर्ण सफर तय किया। उनका व्यक्तित्व शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में आज भी प्रेरणा का स्रोत है। प्रो. विजय श्रीमाली फाउंडेशन के अध्यक्ष जतिन श्रीमाली ने कहा- अस्पतालों में रक्त की कमी गंभीर चुनौती बनी हुई है। ऐसे में रक्तदान शिविर जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि पुण्यतिथि पर आयोजित यह शिविर प्रो. विजय श्रीमाली को सच्ची श्रद्धांजलि देने के साथ मानव सेवा की भावना को आगे बढ़ाने का माध्यम बना। आयोजन के तहत संस्कार भवन और नटराज किड्स प्लैनेट स्कूल परिसर में 201 पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने रक्तदान को महादान बताते हुए कहा कि किसी जरूरतमंद को जीवनदान देने से बड़ी सेवा कोई नहीं हो सकती। इस अवसर पर विधायक ताराचंद जैन, विधायक दीप्ति माहेश्वरी, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, प्रेमशंकर बोहरा, ओमशंकर श्रीमाली, रामकृपा शर्मा, दीपक शर्मा, प्रो. कैलाश सोडाणी, आई.वी. त्रिवेदी, अतुल चंडालिया, पृथ्वी सिंह चौहान, वसीम खान, पंकज शर्मा आदि मौजूद रहे।

धर्मेंद्र-प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सड़कों पर उतरे कांग्रेसी:जयपुर में प्रदर्शन के बाद गहलोत-डोटासरा सहित कई नेता पुलिस हिरासत में; प्रदेशभर में हुआ विरोध-प्रदर्शन

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर राजस्थान में कांग्रेस ने मंगलवार को प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और शिक्षा व्यवस्था समेत अलग-अलग मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार को घेरा। राजधानी जयपुर में अंबेडकर सर्किल पर आयोजित प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी शामिल हुए। वहीं, प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। धरने के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और कांग्रेस नेताओं को पुलिस बस में लेकर विद्याधर नगर थाने ले गई। प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा- देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार का रवैया निराशाजनक रहा है। उन्होंने कहा- छात्रों और युवाओं से जुड़े मामलों में लगातार विवाद सामने आने के बावजूद सरकार प्रभावी कदम उठाने में असफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया- शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही के बजाय केंद्र सरकार विपक्ष के सवालों से बच रही है। पहले देखें कांग्रेस के प्रदर्शन की PHOTOS डोटासरा बोले- मंत्री के इस्तीफा नहीं देने तक विरोध जारी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- जब तक छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय नहीं होती और केंद्रीय शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देते। तब तक पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेगी। 40 मिनट प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया कांग्रेसी कार्यकर्ता शाम को अंबेडकर सर्किल पर धरने पर बैठ गए। जहां लगभग 40 मिनट के धरने के बाद पुलिस प्रशासन ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा समेत दो दर्जन से ज्यादा कांग्रेसी नेताओं को हिरासत में ले लिया। इस दौरान कांग्रेसी नेता पुलिस की बस के सामने आ गए और कांग्रेस के सीनियर नेताओं की गिरफ्तारी का विरोध करने लगे। इस दौरान पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर कांग्रेसी नेताओं को खदेड़ा और कांग्रेसी नेताओं को लेकर विद्याधर नगर थाने पहुंची। पूरे राजस्थान में हुआ प्रदर्शन बता दें कि कांग्रेस की ओर से यह विरोध जयपुर के साथ प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर एक साथ हुआ। स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई। जयपुर के अंबेडकर सर्किल पर बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, विधायक, पूर्व विधायक, विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रतिनिधि और कार्यकर्ता एकत्रित हुए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की।

नीट पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन:पीएम मोदी का पुतला फूंका; धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से मंगलवार शाम कांग्रेस कार्यालय के सामने नीट पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। शाम 7 बजे हुए इस प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक होने से लाखों मेधावी छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। बोले- छात्रों के भविष्य के साथ हुआ खिलवाड़ प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द होने से देशभर के छात्रों में भारी नाराजगी है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कई राज्यों में छात्र निराश होकर आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हुए हैं, लेकिन केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही के कारण देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए हैं। उच्च स्तरीय जांच की मांग कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नीट पेपर लीक मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्रों को न्याय दिलाने के लिए पारदर्शी जांच जरूरी है। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद प्रदर्शन में जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मोहम्मद सलीम नागौरी, मोहन मेघवाल, भैराराम मकवाना, रामलाल बिश्नोई, गिरिराज, डॉ. नवल किशोर जोशी, लीलाधर कनौजिया, यश जोशी, बबलू व्यास, गोरधन जयपाल, मोहम्मद अली, गोपाल गोगलु, अशोक मेघवाल, प्रकाश सैन, अब्दुल मजीद एडवोकेट और ओम प्रकाश सहित बड़ी संख्या में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।