ब्रेकिंग न्यूज़
डिस्कॉम एईएन ने पदभार संभाला

किशनगंज| बिजली निगम कार्यालय सीसवाली से स्थानांतरण होकर एईएन राधेश्याम मीणा द्वारा शुक्रवार को किशनगंज कार्यालय मैं पदभार ग्रहण किया। इस दौरान उनका कर्मचारियों ने तिलक माल्यार्पण कर मीणा का स्वागत किया। इस दौरान पूर्व में कार्यरत एईएन सतपाल मीणा द्वारा नवनियुक्त एईएन राधेश्याम मीणा को सभी औपचारिकताएं पूरी पदभार संभलाया लाया गया। साथ ही पूर्व के एईएन सतपाल मीणा का स्थानांतरण होने पर बिजली निगम के कर्मचारियों द्वारा साफा बंधन तिलक एवं माल्यार्पण कर विदाई दी गई। जानकारी अनुसार तकरीबन 12 वर्ष पूर्व कस्बे के बिजली निगम कार्यालय में जेईएन के पद पर रहकर अपनी सेवा सेवाएं दे चुके हैं।

देशभर में 1.27 करोड़ बेडरोल चोरी:AC कोच बने ‘लॉस्ट एंड फाउंड’; उत्तर-पश्चिम रेलवे में 4 साल में 13.84 करोड़ का बेडरोल गायब, जयपुर मंडल ज्यादा प्रभावित

ट्रेन के एसी कोच में यात्रियों को मिलने वाला तौलिया, बेडशीट, तकिए का कवर और कंबल अब रेलवे के लिए सुविधा से ज्यादा आर्थिक बोझ बनते जा रहे हैं। उत्तर पश्चिम रेलवे के आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2022 से मई 2026 के बीच देशभर में 1.27 करोड़ से अधिक लिनेन चोरी हो गए, जिनकी अनुमानित कीमत 104.51 करोड़ रुपए है। वहीं, उत्तर पश्चिम रेलवे (एनडब्ल्यूआर) को 2022-23 से 2025-26 के बीच लिनेन चोरी से 13.84 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। सबसे ज्यादा नुकसान जयपुर मंडल में दर्ज किया गया है। वहीं, देशभर के मंडलों में बीकानेर मंडल लिनेन चोरी के मामले में पहले और जोधपुर मंडल टॉप-5 में है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार 2025-26 में चोरी का रिकॉर्ड टूटा। जयपुर से गुजरती हैं दिल्ली, मुंबई सहित कई प्रमुख ट्रेनें जयपुर मंडल उत्तर पश्चिम रेलवे का सबसे व्यस्त मंडल है, जहां से दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, कोलकाता, चेन्नई और बेंगलुरु सहित कई प्रमुख लंबी दूरी की एसी ट्रेनें गुजरती हैं। 2025-26 में अकेले जयपुर मंडल से 2.04 करोड़ रुपए की बेडशीट, 1.29 करोड़ रुपए के फेस टॉवल, 35.50 लाख रुपए के पिलो कवर और 69.90 लाख रुपए के कंबल चोरी हुए। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लिनेन चोरी करने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सूत्रों के अनुसार रेलवे अब बेडरोल वितरण प्रणाली में बदलाव, गंतव्य स्टेशन से पहले लिनेन वापस लेने और सेकंड व थर्ड एसी में फेस टॉवल के स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था लागू करने जैसे विकल्पों पर विचार कर रहा है।

बसवाड़ा के कुंदन मीणा का नीट में चयन, खुशियां मनाई

बड़ाखेड़ा. बसवाड़ा के गांव पाली के कुंदन मीणा ने नीट में पहले ही प्रयास में सफलता पाई। कुंदन को ऑल इंडिया रैंक 9486 मिली। ऑल इंडिया एसटी वर्ग में 65वीं रैंक भी हासिल की।
कुंदन के पिता धनराज मीणा अध्यापक हैं। कुंदन की शुरुआती पढ़ाई गांव के स्कूल में हुई। कक्षा 6 में उनका चयन जवाहर नवोदय विद्यालय, सीतापुरा में हुआ। वहीं आगे की पढ़ाई पूरी की। बचपन से डॉक्टर बनने का सपना था। अनुशासन रखा। मेहनत की। आत्मविश्वास बनाए रखा। इसी दम पर नीट जैसी कठिन परीक्षा में पहले प्रयास में सफलता मिली। गांव लौटने पर कुंदन को श्याम मीणा, धनराज मीणा, राजेन्द्र मीणा, दिनेश, प्रधान मीणा ने माला पहनाकर खुशियां मनाई।

गणेशोत्सव एवं अन्नपूर्णा गणेश मंदिर प्रबंधन को लेकर फिर गहराया विवाद

टोंक | श्री अन्नपूर्णा गणेशजी, बालाजी प्रन्यास समिति और श्री आनंदम् संस्था के बीच गणेश मंदिर परिसर के प्रबंधन और 2026 के गणेश महोत्सव के आयोजन अधिकार को लेकर विवाद फिर सामने आया है। विवाद का एक प्रमुख बिंदु मंदिर के मुख्य द्वार के पास बनी भोजनशाला, संत आश्रम और विश्राम गृह की चाबियों को लेकर है। प्रन्यास समिति के संरक्षक कैलाशपुरी ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता में आरोप लगाया कि 3 अगस्त 2025 को दोनों पक्षों के बीच हुए लिखित समझौते का पालन नहीं किया जा रहा। कैलाशपुरी के अनुसार समझौते में तय हुआ था कि 2026 का गणेश महोत्सव प्रन्यास समिति के तत्वावधान में होगा और परिसर में बने निर्माणों की चाबियां समिति को सौंपी जाएंगी। उन्होंने कहा कि अब तक चाबियां नहीं दी गईं। उनका आरोप है कि आनंदम् संस्था इस वर्ष भी स्वयं महोत्सव कराने की तैयारी कर रही है। कैलाशपुरी ने कहा कि समाधान नहीं होने पर आमरण अनशन का विकल्प भी अपनाया जा सकता है। कैलाशपुरी ने यह भी कहा कि समझौते के तहत जरूरत पड़ने पर आनंदम् संस्था से सहयोग लिया जा सकता था, लेकिन आयोजन का अधिकार प्रन्यास समिति के पास रहना था। उन्होंने दावा किया कि मंदिर परिसर की सजावट और अन्य व्यवस्थाएं भी समिति की ओर से किए जाने पर सहमति बनी थी। समिति ने आरोप लगाया कि आनंदम् संस्था गणेश महोत्सव के नाम पर चंदा एकत्र करती है, लेकिन उसका हिसाब समिति को नहीं दिया जाता। प्रन्यास समिति के मीडिया प्रभारी प्रेम रघुवंशी ने कहा कि संस्था का उद्देश्य मंदिर परिसर पर नियंत्रण स्थापित करना है। उन्होंने कैलाशपुरी पर मंदिर संपत्ति हड़पने के आरोपों को निराधार बताया और कहा कि कैलाशपुरी परिवार की 16वीं पीढ़ी मंदिर सेवा से जुड़ी है। वहीं आनंदम् संस्था के महामंत्री राजेश मूमिया ने प्रन्यास समिति के आरोपों को खारिज किया। मूमिया ने कहा कि 2025 का समझौता केवल उसी वर्ष के आयोजन तक सीमित था। उन्होंने दावा किया कि भोजनशाला और अन्य निर्माण जनसहयोग से हुए हैं और संस्था केवल उनकी देखरेख कर रही है। उनके अनुसार चाबियां किसी व्यक्ति को नहीं दी जा सकतीं और आवश्यकता होने पर केवल सरकार को सौंपी जा सकती हैं। मूमिया ने यह भी कहा कि सोरण रोड स्थित नगर परिषद की भूमि पर कथित अतिक्रमण को प्रशासन ने संस्था की शिकायत पर हटाया था। उन्होंने वन विभाग के केटल गार्ड कक्ष का ताला तोड़कर कब्जा करने और सुरक्षा दीवार तोड़कर दुकान संचालित कराने जैसे आरोप भी लगाए। दोनों पक्षों के दावों के बीच मंदिर परिसर के प्रबंधन, निर्माणों के नियंत्रण और महोत्सव आयोजन अधिकार को लेकर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

गुरु पूर्णिमा मनाने की जिम्मेदारी तय की

करवर. खेड़ी गांव स्थित खेमजी महाराज मंदिर ट्रस्ट समिति की देखरेख में खेड़ी, सहण, शिवपुरा, नोहरा, शिवदानपुरा, हरनापुर और बिहारीपुरा के पंचों की बैठक हुई, जिसमें गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनाने के लिए जिम्मेदारियां तय की गईं। महोत्सव की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया। गुरु पूजन और महाप्रसादी की तैयारी पर चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट समिति अध्यक्ष शिवप्रसाद विजयवर्गीय ने की। समिति का आय-व्यय विवरण प्रस्तुत किया। पदाधिकारियों ने बताया कि 28 जुलाई को भजन संध्या और जागरण होगा।

गलत बिलिंग रोकने के लिए सत्यापन अपने पास रखा:5.99 लाख उपभोक्ताओं पर पानी के 340 करोड़ रुपए बाकी, 4 करोड़ में निजी फर्म को बिलिंग का ठेका

राजधानी जयपुर में पानी की बिलिंग व्यवस्था अब एक साल के लिए निजी फर्म के हवाले होगी। बेंगलुरु की रूद्र इंटरप्राइजेज को मीटर रीडिंग, बिल तैयार करने, बिल प्रिंटिंग, बिल वितरण और एमआईएस रिपोर्ट तैयार करने का ठेका दिया है। इसके लिए फर्म को 4 करोड़ रुपए का भुगतान किया जाएगा। यदि एजेंसी का काम संतोषजनक रहा तो ठेके की अवधि छह माह बढ़ाने पर भी विचार किया जाएगा। हालांकि बिलिंग का काम निजी एजेंसी को सौंपने के बावजूद विभाग ने मीटर रीडिंग पर नियंत्रण अपने पास रखा है। निर्देश दिए गए हैं कि निजी एजेंसी को केवल विभाग की ओर से सत्यापित मीटर रीडिंग का ही रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जाएगा। जिन क्षेत्रों में विभागीय कर्मचारी पहले से मीटर रीडिंग कर रहे हैं, वहां उनका कार्य पूर्ववत जारी रहेगा और ऐसे मामलों में निजी एजेंसी को मीटर रीडिंग के नाम पर अलग से कोई भुगतान नहीं होगा। चयनित एजेंसी पहले दो माह में शहर के सभी चालू और बंद मीटरों का भौतिक सत्यापन करेगी, इसके बाद ही नियमित बिलिंग शुरू होगी। बिलिंग से पहले मीटर रीडिंग का सत्यापन होगा जयपुर में 5.99 लाख जल उपभोक्ता हैं। शहर की प्रतिदिन पानी की मांग 8200 लाख लीटर है, जबकि जलदाय विभाग 7500 लाख लीटर पानी की ही आपूर्ति कर पा रहा है। यानी रोजाना करीब 700 लाख लीटर पानी की कमी बनी हुई है। उपभोक्ताओं पर विभाग का करीब 340 करोड़ रुपए बकाया भी लंबित है। पिछले कुछ वर्षों से गलत मीटर रीडिंग, औसत बिल और बिल वितरण में गड़बड़ी की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। बिलिंग का कार्य रूद्र इंटरप्राइजेज, बेंगलुरु को सौंपा है। एजेंसी एक वर्ष तक कार्य करेगी और काम संतोषजनक रहने पर छह माह का एक्सटेंशन देने पर विचार किया जाएगा। साथ ही बिलिंग से पहले मीटर रीडिंग का विभागीय सत्यापन अनिवार्य रहेगा।
-अजय सिंह राठौड़, एडिशनल चीफ इंजीनियर, जयपुर सर्किल

नारी जन जागृति संस्थान के स्थापना दिवस गौशाला छप्पन भोग आज, रक्तदान कल

ब्यावर |नारी जन जागृति संस्थान अपने 8वें स्थापना दिवस पर शनिवार को मसूदा रोड स्थित गौशाला में सुबह 7 बजे संस्थान की ओर से गौ माताओं के लिए 56 भोग का आयोजन होगा। संस्थान की ओर से 19 जुलाई को सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक रेड आर्मी की ओर से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित होगा।

भाटों का खेड़ा तक सड़क स्वीकृत

जखाणा पुलिया से भाटों का खेड़ा तक सड़क मार्ग स्वीकृत होने पर छावनी बोरदा और भाटों का खेड़ा के ग्रामीणों में खुशी का माहौल रहा। ग्रामीणों ने मिठाई बांटी। आतिशबाजी कर खुशी मनाई। ग्रामीणों ने बताया कि आजादी के बाद से इस मार्ग के निर्माण का इंतजार था। सड़क नहीं होने से ग्रामीणों को वर्षों तक परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के मौसम में किसी के बीमार होने पर मरीज को चारपाई पर ले जाना पड़ता था। सड़क स्वीकृत होने से अब ग्रामीणों को आवागमन में राहत मिलने की उम्मीद जगी है। इस दौरान नारायण सिंह, पप्पू सिंह, कुलदीप योगी, सोनू जैन, पप्पू प्रजापत, गोपाल बैरागी, हेमराज मीणा, नरेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, पृथ्वीराज सिंह और भंवर सिंह मौजूद रहे।

महालेखाकार ने उठाए सवाल:ऊर्जा सलाहकार की नियुक्ति पर ऑडिट का ‘करंट’: पद था नहीं, विज्ञापन भी नहीं निकाला… और नियुक्ति दे दी

ऊर्जा विभाग में ऊर्जा सलाहकार के पद पर हुई नियुक्ति अब ऑडिट की जांच के घेरे में आ गई है। महालेखाकार (ऑडिट) ने ऊर्जा विभाग को प्राइमरी ऑब्जेक्शन मेमो जारी कर नियुक्ति प्रक्रिया की वैधता, पारदर्शिता और नियमों के पालन पर जवाब मांगा है। ऑडिट में पूछा है कि जब विभाग में ऊर्जा सलाहकार का कोई स्वीकृत नियमित पद ही नहीं था तो नियुक्ति किस आधार पर की गई। महालेखाकार द्वारा सीनियर डिप्टी सेक्रेटरी (एनर्जी) को भेजे गए मेमो में राजस्थान सिविल सर्विस रूल्स-2013 का हवाला देते हुए पद सृजन की सक्षम प्राधिकारी से मंजूरी और वित्त विभाग की स्वीकृति संबंधी जानकारी मांगी गई है। हालांकि विभाग में इस बात की भी चर्चा है कि क्या डिस्कॉम्स के पास कोई योग्य अधिकारी नहीं हैं ? जो जयपुर डिस्कॉम के एक्स एमडी नवीन अरोड़ा को नियुक्ति दी गई है। आपत्ति… पद का दायित्व, कार्यक्षेत्र स्पष्ट किए बिना दी नियुक्ति ऊर्जा विभाग का तर्क: विभाग अपने जवाब में यह बताने की तैयारी कर रहा है कि ऊर्जा सलाहकार के रूप में नियुक्त नवीन अरोड़ा अनुभवी टेक्नोक्रेट हैं और उनकी विशेषज्ञता का लाभ बिजली कंपनियों, घाटा कम करने की योजनाओं तथा केंद्र और राज्य सरकार की ऊर्जा परियोजनाओं को मिल रहा है। विभाग यह भी तर्क दे सकता है कि पूर्व में भी विशेषज्ञ सलाहकारों की नियुक्तियां की जाती रही हैं। ऑडिट में दूसरी आपत्ति यह है कि पद के अधिकार, दायित्व और कार्यक्षेत्र स्पष्ट किए बिना नियुक्ति कर दी गई। ऑडिट में पूछा गया कि पद के लिए विज्ञापन जारी क्यों नहीं किया और आवेदन आमंत्रित किए बिना सीधे नामांकन के आधार पर चयन क्यों हुआ। अनुभव के आधार पर नियुक्ति की गई, उसका मूल्यांकन किस प्रक्रिया से किया गया। ये कोई स्वीकृत पद नहीं है। अनुभव के आधार पर ऊर्जा सलाहकार लगाया गया है। इससे पहले भी सरकारों में ऊर्जा सलाहकार लगाए जाते रहे हैं। इसकी वित्त विभाग से स्वीकृत ली हुई है। ये सलाहकार अनुभवी होते हैं, इसलिए समय समय पर ये सरकारों को सलाह देते हैं। -हीरालाल नागर, ऊर्जा मंत्री, राजस्थान

जान से मारने की नीयत से मारपीट का मामला दर्ज

सादुलपुर | रतनपुरा के एक होटल पर चिमनपुरा के युवक के साथ जान से मारने की नीयत से मारपीट को लेकर मामला दर्ज हुआ। पुलिस के अनुसार अनिल पुत्र राजेंद्र जाट निवासी चिमनपुरा ने रिपोर्ट दी कि 11 जुलाई की रात सुरेंद्र जाट निवासी रतनपुरा ने फोन कर किसी काम का हवाला देकर उसे अपने गांव के एक होटल पर बुलाया। वह वहां पर पहुंचा तो सुरेंद्र सहित विक्रम निवासी रतनपुरा, राजेश उर्फ राजन, अंतर सिंह उर्फ सोनू निवासी देवीपुरा, विजय पूनिया निवासी झाड़सर, अनिल श्योराण निवासी ओजरिया, राजवीर कस्वा व तीन- चार अन्य लोगों ने उसके साथ लोहे के पाइपों, लाठियों से मारपीट की।