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गलत बिलिंग रोकने के लिए सत्यापन अपने पास रखा:5.99 लाख उपभोक्ताओं पर पानी के 340 करोड़ रुपए बाकी, 4 करोड़ में निजी फर्म को बिलिंग का ठेका

राजधानी जयपुर में पानी की बिलिंग व्यवस्था अब एक साल के लिए निजी फर्म के हवाले होगी। बेंगलुरु की रूद्र इंटरप्राइजेज को मीटर रीडिंग, बिल तैयार करने, बिल प्रिंटिंग, बिल वितरण और एमआईएस रिपोर्ट तैयार करने का ठेका दिया है। इसके लिए फर्म को 4 करोड़ रुपए का भुगतान किया जाएगा। यदि एजेंसी का काम संतोषजनक रहा तो ठेके की अवधि छह माह बढ़ाने पर भी विचार किया जाएगा। हालांकि बिलिंग का काम निजी एजेंसी को सौंपने के बावजूद विभाग ने मीटर रीडिंग पर नियंत्रण अपने पास रखा है। निर्देश दिए गए हैं कि निजी एजेंसी को केवल विभाग की ओर से सत्यापित मीटर रीडिंग का ही रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जाएगा। जिन क्षेत्रों में विभागीय कर्मचारी पहले से मीटर रीडिंग कर रहे हैं, वहां उनका कार्य पूर्ववत जारी रहेगा और ऐसे मामलों में निजी एजेंसी को मीटर रीडिंग के नाम पर अलग से कोई भुगतान नहीं होगा। चयनित एजेंसी पहले दो माह में शहर के सभी चालू और बंद मीटरों का भौतिक सत्यापन करेगी, इसके बाद ही नियमित बिलिंग शुरू होगी। बिलिंग से पहले मीटर रीडिंग का सत्यापन होगा जयपुर में 5.99 लाख जल उपभोक्ता हैं। शहर की प्रतिदिन पानी की मांग 8200 लाख लीटर है, जबकि जलदाय विभाग 7500 लाख लीटर पानी की ही आपूर्ति कर पा रहा है। यानी रोजाना करीब 700 लाख लीटर पानी की कमी बनी हुई है। उपभोक्ताओं पर विभाग का करीब 340 करोड़ रुपए बकाया भी लंबित है। पिछले कुछ वर्षों से गलत मीटर रीडिंग, औसत बिल और बिल वितरण में गड़बड़ी की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। बिलिंग का कार्य रूद्र इंटरप्राइजेज, बेंगलुरु को सौंपा है। एजेंसी एक वर्ष तक कार्य करेगी और काम संतोषजनक रहने पर छह माह का एक्सटेंशन देने पर विचार किया जाएगा। साथ ही बिलिंग से पहले मीटर रीडिंग का विभागीय सत्यापन अनिवार्य रहेगा।
-अजय सिंह राठौड़, एडिशनल चीफ इंजीनियर, जयपुर सर्किल

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