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वॉशिंगटन सुंदर तीसरे वनडे से बाहर:हर्ष दुबे को टीम में मिली जगह, इंग्लैंड के खिलाफ तीसरा मुकाबला कल

इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले तीसरे और आखिरी वनडे मैच के लिए ऑलराउंडर हर्ष दुबे को भारतीय टीम में शामिल किया गया है। उन्हें वॉशिंगटन सुंदर की जगह टीम में शामिल किया गया है। सुंदर दूसरे वनडे के दौरान चोटिल हो गए थे, जिसके कारण वह सीरीज से बाहर हो गए हैं। भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरा वनडे कल लॉर्ड्स में खेला जाएगा। हर्ष दुबे ने 13 जून 2026 को अफगानिस्तान के खिलाफ धर्मशाला में अपना वनडे इंटरनेशनल डेब्यू किया। इस मैच में उन्होंने 5 ओवर में 47 रन देकर 3 विकेट लिए। सुंदर को कार्डिफ वनडे में लगी चोट सीरीज के दूसरे वनडे मैच के दौरान सुंदर के दाहिने हैमस्ट्रिंग में चोट लग गई थी। भारतीय टीम मैनेजमेंट और मेडिकल स्टाफ अब वॉशिंगटन सुंदर की चोट पर नजर रखे हुए है। सुंदर की चोट की गंभीरता का पता लगाने के लिए जल्द ही उनके स्कैन कराए जाएंगे। इसके साथ ही उनकी चोट के आगे के मैनेजमेंट और रिकवरी के लिए विशेषज्ञों (स्पेशलिस्ट) की सलाह ली जाएगी। बल्लेबाजी कोच ने पहले ही जताई थी चिंता दूसरे वनडे के बाद भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने भी सुंदर की चोट को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि रन लेते समय उनकी हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी और चोट गंभीर लग रही है। तीसरे वनडे के लिए भारतीय टीम का अपडेटेड स्क्वॉड शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), अक्षर पटेल, शिवम दुबे, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बरार, प्रिंस यादव और हर्ष दुबे। ————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… BCCI ने रोहित शर्मा के संन्यास की अटकलें खारिज कीं:कहा- लॉर्ड्स ODI के बाद भी खेलते रहेंगे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के संन्यास को लेकर चल रही अटकलों को खारिज कर दिया है। BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि रविवार को लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ होने वाला तीसरा वनडे रोहित शर्मा का आखिरी इंटरनेशनल मैच नहीं होगा। पूरी खबर…

रिकवरी एजेंटों से परेशान युवक ने सुसाइड किया:परिजन बोले- दोबारा आने की धमकी देकर गए थे, 1 लाख का लोन था

ब्यावर शहर के जामा मस्जिद लोहारन चौपड़ क्षेत्र में कर्ज के दबाव में एक युवक के आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। परिजनों ने दो निजी वित्तीय संस्थाओं के रिकवरी एजेंटों पर लगातार वसूली का दबाव बनाने, धक्का-मुक्की करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने बीएनएस की धारा 108 व 115(2) के तहत एफआईआर दर्ज कर दोनों आरोपित एजेंटों को हिरासत में ले लिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, साथ ही प्रशासन ने परिजनों की कुछ मांगों पर सहमति और अन्य पर आश्वासन दिया है। करीब एक लाख रुपए का लिया था लोन परिजनों के मुताबिक जफर (32) ने क्रेडिट एक्सीस ग्रामीण लिमिटेड से 70 हजार रुपए का समूह लोन तथा मुथूट फाइनेंस से करीब 30 हजार रुपए का पर्सनल लोन लिया था। लोन कब लिया गया और कितनी किश्तें बकाया थीं, इसकी जानकारी परिवार को नहीं है। रिकवरी एजेंटों पर गंभीर आरोप जफर के भतीजे मोहम्मद साजिद का आरोप है कि दोनों संस्थाओं के रिकवरी एजेंट बिना किसी लिखित नोटिस या पूर्व सूचना के घर पहुंच जाते थे और फोन कर भुगतान का दबाव बनाते थे। उनका कहना है कि शुक्रवार को क्रेडिट एक्सीस ग्रामीण लिमिटेड का रिकवरी एजेंट रामकिशोर घर पहुंचा और मृतक के पिता सलीम खान के सामने जफर के साथ कथित धक्का-मुक्की कर दोबारा आने की धमकी देकर चला गया। इससे एक दिन पहले गुरुवार को मुथूट फाइनेंस का रिकवरी एजेंट दाऊद भी कथित रूप से जफर के साथ अभद्र व्यवहार और धक्का-मुक्की कर चुका था। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में अब तक कोई ऑडियो, वीडियो या सीसीटीवी फुटेज सामने नहीं आया है। पुलिस भी इन आरोपों की जांच कर रही है। तनाव के बीच उठाया कथित आत्मघाती कदम परिजनों के अनुसार जफर सामान्य व्यवहार कर रहा था, लेकिन पिछले कुछ समय से आर्थिक दबाव के कारण मानसिक तनाव और अवसाद में था। उनका कहना है कि शुक्रवार रात कथित घटना के बाद वह घर के अंदर गया और दुपट्टे से फंदा लगाकर कथित आत्महत्या का प्रयास किया। गंभीर हालत में उसे राजकीय अमृत कौर अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ मृतक जफर हुसैन वेल्डिंग का काम करता था और वह परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसके परिवार में पत्नी, छह और चार साल की दो बेटियां, चार माह का एक बेटा तथा वृद्ध माता-पिता हैं, जो पूरी तरह उसी पर आश्रित थे। परिजनों के अनुसार आर्थिक तंगी के कारण परिवार पहले से ही मुश्किल दौर से गुजर रहा था।

पोस्टमार्टम से पहले धरना, रखीं कई मांगें घटना के बाद परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर मोर्चरी के बाहर धरना शुरू कर दिया। उन्होंने प्रशासन के समक्ष दोनों आरोपित रिकवरी एजेंटों की गिरफ्तारी, मृतक के परिवार को कर्ज से मुक्ति, पत्नी को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता या आशा सहयोगिनी के रूप में रोजगार तथा आश्रित परिवार को आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा देने की मांग रखी। प्रशासनिक अधिकारियों ने कुछ मांगों पर सहमति जताई, जबकि अन्य मांगों पर आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हो गए। शाम को पोस्टमार्टम, अधिकारियों ने संभाला मोर्चा शनिवार शाम करीब साढ़े पांच बजे पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मोर्चरी के बाहर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। मौके पर सिटी थानाधिकारी आशुतोष पाण्डे, तहसीलदार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी लगातार परिजनों से वार्ता करते रहे। एफआईआर दर्ज, दोनों एजेंट हिरासत में परिजनों का आरोप है कि घटना वाली रात कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने विरोध जताया। बाद में शनिवार दोपहर ब्यावर सिटी थाने में एफआईआर संख्या 279/26 दर्ज की गई। पुलिस ने मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 (आत्महत्या का दुष्प्रेरण) और 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) के तहत दर्ज किया है। दोनों आरोपित रिकवरी एजेंटों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बैंक का पक्ष आना बाकी मामले में संबंधित वित्तीय संस्थाओं का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई अधिकारी उपलब्ध नहीं मिला। अब तक किसी भी संस्था की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि संबंधित रिकवरी एजेंट सीधे संस्थाओं के कर्मचारी थे या आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से कार्यरत थे। सामाजिक संगठनों ने दिया समर्थन धरने के दौरान मुस्लिम नौजवान समिति के सदर मोहम्मद साजिद और उनके साथियों ने परिजनों का समर्थन किया। हालांकि, किसी संगठन की ओर से प्रशासन को अलग से ज्ञापन नहीं सौंपा गया।

सुप्रीम कोर्ट बोला- गाली देना हर बार अश्लीलता नहीं होती:अभद्र भाषा और अश्लीलता अलग, मां की गाली भी हर मामले में क्राइम नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि गाली-गलौज या अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना हमेशा अश्लीलता के दायरे में नहीं आता है। शुक्रवार को जस्टिस संजय करोल और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कहा कि कोई शब्द तभी अश्लील माना जाएगा, जब वह कामुकता को बढ़ावा देने वाला हो या लोगों को भ्रष्ट करने की प्रवृत्ति रखता हो। कोर्ट ने यह टिप्पणी तमिलनाडु के एक मामले में सुनवाई के दौरान की। आरोपी मणि को जमीन विवाद के दौरान मां की गाली देने के लिए अश्लीलता के आरोप में दोषी ठहराया गया था। जमीन के विवाद में गाली-गलौज और जातिसूचक शब्द बोले थे अगस्त 2017 में जमीन विवाद को लेकर आरोपी ने शिकायतकर्ता के साथ गाली-गलौज की थी। पीड़ित का आरोप था कि आरोपी ने जातिसूचक शब्दों भी कहे। बाद में घर से हथियार लाकर हमला कर दिया, जिससे उसकी नाक की हड्डी टूट गई थी। निचली अदालत ने उसे अश्लीलता, गंभीर चोट और धमकी के लिए दोषी माना था। सुप्रीम कोर्ट ने अश्लीलता और आपराधिक धमकी (IPC की धारा 506) के आरोपों से आरोपी को बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि गाली देने से किसी को परेशानी हुई, यह साबित नहीं हुआ। हालांकि, शिकायतकर्ता को गंभीर चोट पहुंचाने (IPC की धारा 326) के मामले में उसकी सजा बरकरार रखी गई है। आरोपी की उम्र करीब 70 साल होने और स्वास्थ्य स्थितियों को देखते हुए कोर्ट ने उसकी सजा को घटाकर ‘कोर्ट उठने तक की कैद’ कर दिया है। साथ ही, उसे 2 महीने के भीतर 50,000 रुपए का जुर्माना भरने का निर्देश दिया गया है। पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट में वकील ने CJI का नाम लेकर अपशब्द कहे थे 10 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक वकील ने हंगामा किया। सीजेआई सूर्यकांत को अपशब्द कहे और फाइल भी फेंकी। इस दौरान सीजेआई कोर्ट रूम में मौजूद नहीं थे। यह घटना जस्टिस केवी विश्वनाथन, जस्टिस आलोक अराधे की बेंच के सामने हुई। हंगामे के बाद कोर्ट के आदेश पर सिक्योरिटी ने वकील को तुरंत बाहर निकाल दिया। जब उस याचिकाकर्ता वकील ने अभद्रता शुरू की, तब कोर्ट रूम में कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया। दिल्ली पुलिस वकील को पूछताछ के लिए ले गई है। सुप्रीम कोर्ट में अभद्रता के मामले सुप्रीम कोर्ट में कभी-कभार किसी वकील द्वारा बहस के दौरान ऊंची आवाज, तीखी बहस या अनुचित टिप्पणी के मामले सामने आए हैं, लेकिन CJI पर शारीरिक हमला या कोर्ट रूम के अंदर गंभीर अभद्रता जैसी घटनाएं सार्वजनिक रिकॉर्ड में मिलती ही नहीं हैं। CJI से अभद्रता की अबतक केवल 2 घटनाओं का जिक्र मिलता है… 1999 – CJI एएस आनंद पर एडवोकेट नंदलाल बलवानी ने जूता फेंका: तत्कालीन CJI एएस आनंद की बेंच के सामने एक वकील ने नारेबाजी की और कोर्ट रूम में जूता फेंका। सुप्रीम कोर्ट ने इसे गंभीर आपराधिक अवमानना माना और उन्हें 4 महीने की जेल और जुर्माने की सजा सुनाई। 1999 में सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट रूम में फोटोग्राफी या वीडियो रिकॉर्डिंग की अनुमति नहीं थी। उस समय कोर्ट की कार्यवाही का लाइव प्रसारण भी नहीं होता था। इसलिए घटना का विवरण केवल न्यायालय के आदेश और खबरों में दर्ज है। 6 अक्टूबर 2025 – CJI बीआर गवई के कोर्ट रूम में जूता फेंकने की घटना एक वकील ने सुनवाई के दौरान CJI बीआर गवई की ओर जूता फेंका और नारे लगाए। जूता CJI को नहीं लगा। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत आरोपी को हिरासत में ले लिया। इसके बाद बार काउंसिल ने भी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की। बाहर जाते वक्त वकील ने नारा लगाया- सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान। घटना के बाद CJI ने अदालत में मौजूद वकीलों से अपनी दलीलें जारी रखने को कहा। उन्होंने कहा कि इस सबसे परेशान न हों। मैं भी परेशान नहीं हूं, इन चीजों से मुझे फर्क नहीं पड़ता। पढ़ें पूरी खबर… ये खबर भी पढ़ें… 9 साल जेल में बंद हत्या के आरोपी को जमानत:सुप्रीम कोर्ट बोला- घटना के समय किशोर था, आरोप लगा; केस में देरी उसकी गलती नहीं सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को 9 साल से जेल में बंद हत्या के आरोपी को जमानत दे दी। कोर्ट ने कहा कि ट्रायल में असाधारण देरी ने हमारी न्यायिक अंतरात्मा को झकझोर दिया है। ऐसे मामलों की सुनवाई में तेजी लाना अदालतों की संवैधानिक जिम्मेदारी है। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की बेंच ने कहा, याचिकाकर्ता घटना के समय किशोर था। अब तक 9 साल बीते गए। इस स्पीड से ट्रायल पूरा होने में अभी और समय लगेगा। पूरी खबर पढ़ें…

स्पोर्ट्स अपडेट:वर्ल्ड कप फाइनल स्लावको विंसिक रेफरी होंगे; फीफा अध्यक्ष का 57,700 मील का सफर

फीफा वर्ल्ड कप 2026 फाइनल में अर्जेंटीना और स्पेन के बीच मुकाबले की जिम्मेदारी स्लोवेनिया के रेफरी स्लावको विंसिक संभालेंगे। छह साल पहले 2020 में बोस्निया में एक कथित वेश्यावृत्ति गिरोह पर पुलिस छापे के दौरान उन्हें हिरासत में लिया गया था। हालांकि जांच में उनके खिलाफ किसी तरह की आपराधिक संलिप्तता नहीं मिली और बाद में उन्हें क्लीन चिट दे दी गई। विंसिक ने कहा था कि वह कारोबारी बैठक के लिए बोस्निया गए थे और लंच का निमंत्रण स्वीकार करना उनकी सबसे बड़ी गलती साबित हुआ। विवादों को पीछे छोड़ने के बाद उन्होंने लगातार बड़े टूर्नामेंट में रेफरिंग की और अब फीफा ने उन्हें अर्जेंटीना- स्पेन फाइनल की जिम्मेदारी सौंपी है। यह मौजूदा वर्ल्ड कप में उनका चौथा और करियर का सबसे बड़ा मुकाबला होगा।
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फीफा अध्यक्ष का 57,700 मील का सफर फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने 2026 वर्ल्ड कप के दौरान अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में अब तक करीब 57,700 मील (92,860 किमी) की हवाई यात्रा की है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कतर एयरवेज के संचालित लग्जरी Gulfstream G650ER विमान से यात्रा की। टूर्नामेंट खत्म होने तक वे 104 में से लगभग आधे मैचों में मौजूद रहेंगे। 2026 वर्ल्ड कप पहली बार 48 टीमों के साथ खेला जा रहा है, जिसमें रिकॉर्ड 104 मुकाबले हो रहे हैं। इन्फेंटिनो ने तीनों मेजबान देशों में 40 से ज्यादा मैचों में हिस्सा लिया है। उनकी कुल हवाई यात्रा पृथ्वी के भूमध्य रेखा के लगभग ढाई चक्कर लगाने के बराबर है।

ट्रक के फ्यूल टैंक से टकराई बाइक,हाईवे पर फैला डीजल:अनूपगढ़ जा रहे दंपती की मौत, भाई के रेस्टोरेंट के उद्घाटन के लिए आई थी महिला

श्रीगंगानगर में तेज रफ्तार बाइक सामने से आ रहे ट्रक के फ्यूल टैंक से टकरा गई। हादसे में बाइक सवार दंपती की मौत हो गई। वहीं ट्रक के क्षतिग्रस्त टैंक से फ्यूल हाईवे पर फैल गया। घटना अनूपगढ़ थाना क्षेत्र स्थित नेशनल हाईवे-911 पर संधू ढाबे के पास की है। एएसआई सलीम पठान ने बताया- शनिवार दोपहर 1:30 बजे सूचना मिली कि थाना क्षेत्र स्थित संधू ढाबे के आगे एक बाइक का एक्सीडेंट हो गया है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और बाइक सवार दंपती को अनूपगढ़ के जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने पति गुरदीप राम निवासी पदमपुर और पत्नी सोना देवी का प्राथमिक उपचार कर बीकानेर रेफर कर दिया। अनूपगढ़ से 10 किलोमीटर आगे पतरोड़ा के पास पति गुरदीप राम (43) की मौत हो गई। वहीं सोना देवी (39) ने बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। फ्यूल टैंक हुआ क्षतिग्रस्त पुलिस ने बताया- टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रक का फ्यूल टैंक क्षतिग्रस्त हो गया। जिसमें से फ्यूल बाहर निकलने लगा। इस पर ड्राइवर ने उसे प्लास्टिक की कैन में भरा। पत्नी के साथ ससुराल में रेस्टोरेंट के उद्घाटन के लिए आया था मृतक महिला सोना देवी के भाई जगदेव सिंह निवासी अनूपगढ़ ने बताया-बहन सोना देवी और जीजा गुरदीप राम 6 दिन पहले रेस्टोरेंट के उद्घाटन के लिए अनूपगढ़ आए थे। शनिवार को जीजा ने कहा कि गांव 6 पी में कोई परिचित रहता है। उससे मिलकर आते हैं। ऐसे में लौटते समय अनूपगढ़ से 4 किलोमीटर पहले दोपहर 1:15 बजे बीकानेर की ओर से आ रहे ट्रक से उनकी टक्कर हो गई। ट्रक और क्षतिग्रस्त बाइक को किया जब्त एएसआई सलीम पठान ने बताया- शवों को अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। परिजनों की रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल ट्रक और क्षतिग्रस्त बाइक को जब्त कर लिया है। गुरमीत राम मजदूरी करता था। गुरमीत और सोना के 2 बेटे और एक बेटी है। … यह खबर भी पढ़ें पति के सामने पत्नी को ट्रक ने कुचला:सड़क पर बिखरे शव के टुकड़े; स्कूटी पर डॉक्टर के जा रहा था दंपती पाली में नेशनल हाईवे पर स्कूटी सवार दंपती को ट्रेलर ने टक्कर मार दी, बैलेंस बिगड़ने के कारण पति सड़क किनारे, वहीं पत्नी हाईवे के बीचों-बीच गिरी। पीछे से आ रहा ट्रक पति के सामने महिला को रौंदते हुए निकल गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई और शव क्षत-विक्षत हो गया। (पढ़ें पूरी खबर)

कॉमनवेल्थ गेम्स में चानू और लवलीना होंगी भारत की ध्वजवाहक:भारतीय ओलिंपिक संघ ने की घोषणा, दोनों खिलाड़ी हैं ओलिंपिक मेडलिस्ट

ओलंपिक मेडलिस्ट मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के उद्घाटन समारोह में भारत की ध्वजवाहक होंगी। भारतीय ओलंपिक संघ ने शनिवार को इसकी घोषणा की। इस मल्टी-स्पोर्ट इवेंट का उद्घाटन समारोह 23 जुलाई को आयोजित किया जाएगा। IOA अध्यक्ष पीटी उषा ने कहा कि दोनों खिलाड़ियों का यह सम्मान मिलना गर्व की बात है। फिलहाल दोनों खिलाड़ी यूनाइटेड किंगडम में ट्रेनिंग कर रही हैं। चानू ने टोक्यो ओलिंपिक में सिल्वर जीता था मीराबाई चानू 8 अगस्त को 32 साल की हो जाएंगी। वे करीब एक दशक से भारत की प्रमुख वेटलिफ्टर हैं। उन्होंने 2021 टोक्यो ओलंपिक में सिल्वर और 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था। हालांकि वे 2024 पेरिस ओलंपिक में पदक नहीं जीत सकीं, लेकिन ग्लासगो में वे भारत की बड़ी उम्मीद हैं। लवलीना ने टोक्यो में ब्रॉन्ज जीता था लवलीना बोरगोहेन ने टोक्यो ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इसके बाद उन्होंने 2023 वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड और 2023 हांगझू एशियाई खेलों में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। ग्लासगो में होने वाले इन खेलों में लवलीना को भारत की प्रमुख पदक दावेदारों में से एक माना जा रहा है। 2022 में सिंधु और मनप्रीत ध्वजवाहक थे बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 के उद्घाटन समारोह में भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु और पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह भारतीय दल के ध्वजवाहक थे। वहीं समापन समारोह में विश्व चैंपियन मुक्केबाज निखत जरीन और टेबल टेनिस के दिग्गज शरत कमल ने तिरंगा थामकर भारतीय दल की अगुआई की। ——————–
कॉमनवेल्थ गेम्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…
कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लेंगे भारत के 125 खिलाड़ी स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 23 जुलाई से शुरू होने वाले 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भारत ने अपने 125 एथलीटों के दल की घोषणा कर दी है। ESPN की रिपोर्ट के मुताबिक, इस दल में 77 पुरुष और 48 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। भारतीय खिलाड़ी कुल 13 खेल विधाओं में अपनी चुनौती पेश करेंगे। पढ़ें पूरी खबर…

राजस्थान में खतरनाक वायरस से बच्ची की मौत!:गुजरात में चल रहा था इलाज, अलर्ट के बाद डूंगरपुर में 353 लोगों की स्क्रीनिंग

डूंगरपुर की 6 साल की बच्ची की गुजरात में मौत हो गई। मासूम की मौत चांदीपुरा वायरस से होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि रिपोर्ट आने के बाद ही बच्ची की मौत का कारण सामने आ पाएगा। गुजरात सरकार की सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। धंबोला के रतनपुरा गांव में 353 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। जानकारी के अनुसार बच्ची के गुजरात के हिम्मतनगर सिविल अस्पताल में 15 जुलाई को सैंपल लिए गए। उसी दिन बच्ची की मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव लेकर गांव आ गए, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को भनक तक नहीं लगी। हिम्मतनगर अस्पताल ने सैंपल लेने की सूचना गुजरात सरकार को दी, जिस पर गुजरात स्वास्थ्य विभाग ने मरीज डूंगरपुर का होने से राजस्थान स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। स्वास्थ्य विभाग जयपुर से 18 जुलाई को डूंगरपुर सीएमएचओ ऑफिस को सूचना मिलने पर टीम अलर्ट हुई। संक्रमण रोकने के लिए विशेष अभियान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. अलंकार गुप्ता ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार गांव में जांच कर रही हैं। संक्रमण रोकने के लिए गांव में फॉगिंग कराई गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से ग्रामीणों को घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, पानी जमा नहीं होने देने और मच्छरों और सैंडफ्लाइज (रेतीली मक्खी) से बचाव की सलाह दी गई है।
ग्राफिक में समझे, कैसे करें बचाव…

सरकारी स्कूल में टीचर ने छात्रा को कमरे में बुलाया:कहा- अकेले आओगी, तब ही कॉपी मिलेगी; आरोपी का ट्रांसफर

भीलवाड़ा में एक सरकारी स्कूल में टीचर ने छात्रा को अकेले कमरे में बुलाया। डर से छात्रा स्कूल नहीं गई। घरवालों ने पूछा तो उसने आपबीती बताई। शनिवार को परिजनों स्कूल में जाकर हंगामा किया। शिकायत के बाद टीचर का ट्रांसफर कर दिया। पुलिस को दी शिकायत में छात्रा (17) ने बताया कि 16 जुलाई को दोपहर 12 बजे टीचर उनकी क्लास में आए और स्टूडेंट्स की कॉपियां जांचने लगे। सभी छात्रों की कॉपियां वापस कर दी गईं, लेकिन उसकी कॉपी अपने पास रख ली। आरोप है कि टीचर ने छात्रा से कहा कि वह अकेले कमरे में आए, तभी उसकी कॉपी लौटाई जाएगी। छात्रा ने बताया कि वह अपनी दो साथी स्टूडेंट्स के साथ कॉपी लेने पहुंची तो टीचर ने कहा कि वह अकेले आएगी, तभी कॉपी मिलेगी। इसके बाद वह बिना कॉपी लिए घर लौट गई। डर के कारण स्कूल नहीं गई
छात्रा का कहना है कि घटना के बाद वह डर गई और 17 जुलाई को स्कूल नहीं गई। उसने आरोप लगाया कि टीचर की इस हरकत से वह मानसिक तनाव में है और खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। बच्ची को घर में सहमा हुआ देखकर परिजनों ने कारण पूछा तो छात्रा ने आपबीती बताई, जिसके बाद शनिवार को परिजन और ग्रामीण स्कूल पहुंचे और हंगामा किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश कर मामला शांत कराया। जांच कमेटी गठित, टीचर का ट्रांसफर
प्रिंसिपल का कहना है कि मामले में जांच कमेटी बना दी है। आरोपी टीचर का मुख्यालय चेंज कर दिया गया। फिलहाल मामले की जांच चल रही है। मामले में आरोपी टीचर से भी संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन बंद आया। वहीं संबंधित थानाधिकारी का कहना है कि छात्रा की शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पंजाब-चंडीगढ़ दिनभर, 10 बड़ी खबरें:PM मोदी के पोस्टर फाड़े; रिटायर्ड IPS की कोठी में युवती की लाश; नशे में पुलिसकर्मी का ड्रामा

नमस्कार, पंजाब में आज की सबसे बड़ी खबर PM मोदी के दौरे के बाद हुए विवाद से जुड़ी रही। चंडीगढ़ में पीएम के पोस्टर फाड़ दिए गए, जबकि जांलधर में पूर्व विधायक शीतल अंगुराल का डीएसपी से भिड़ने का वीडियो सामने आया है। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें… इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. PM मोदी के पोस्टर फाड़े, DSP से भिड़े BJP नेता अंगुराल PM मोदी के चंडीगढ़-पंजाब दौरे के बाद दो विवाद सामने आए। एक तो शुक्रवार रात पीएम के पोस्टर फाड़ दिए गए। सभी पोस्टर एक ही तरीके से फाड़े गए हैं। जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो लगी थी, वहां फोटो में गर्दन के नीचे का हिस्सा फाड़ दिया गया। मामले में भाजपा ने इसे किसी शरारती तत्व का काम बताया। उधर, जालंधर में पीएम की रैली के दौरान पूर्व विधायक शीतल अंगुराल के पंजाब पुलिस के डीएसपी से भिड़ने का वीडियो सामने आया। शीतल अंगुराल ने पुलिस पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, पूर्व सांसदों और पूर्व मंत्रियों को जानबूझकर परेशान का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पुलिस कमिश्नर के साथ तय प्रोटोकॉल के बावजूद डीएसपी ने उनके वीआईपी वाहनों (टेंपो ट्रैवलर्स) को आयोजन स्थल तक जाने से रोक दिया। इतना ही नहीं उनके पास भी फाड़ दिए गए। इसके चलते कई बुजुर्ग नेताओं को रामा मंडी फ्लाईओवर से पैदल ही कार्यक्रम स्थल तक पहुंचना पड़ा। (पढ़ें पूरी खबर) 2. जस्टिस सूर्यकांत बोले- सरकार कोर्ट की डिमांड को माइंड में रखें भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत आज शनिवार को चंडीगढ़ पहुंचे। यहां सीजेआई ने सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत परिसर में करीब 40 करोड़ रुपए की लागत से तैयार मल्टीलेवल पार्किंग का उद्घाटन किया। इससे आने वाले वकीलों और आम लोगों को पार्किंग की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जस्टिस सूर्यकांत ने कहा- मैंने कटारिया जी को कहा था कि मैं आम भाषा में बात करूंगा। कटारिया जी ने अपने भाषण में कहा कि मैं हिसार में पैदा हुआ लेकिन प्रैक्टिस में मैंने यहां की। ये स्वाभाविक है कि मेरे लिए आपके बीच शामिल होना औपचारिक कर्तव्य ही नहीं है बल्कि मेरे लिए पर्सनल मोमेंट है। दिल से जुड़ी बात है। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा- इन्फ्रास्ट्रक्चर किसी भी शहर की रीढ़ की हड्‌डी है। बेसिक सुविधाएं न हों तो वह शहर आगे कैसे बढ़े, यही मुश्किल हो जाता है। उन्होंने पंजाब-हरियाणा सरकार के लिए भी संदेश जारी कर कहा कि उन्हें कोर्ट की डिमांड को माइंड में रखनी चाहिए।(पढ़ें पूरी खबर) 3. अमेरिका का वॉन्टेड पंजाब पुलिस का SHO अरेस्ट होशियारपुर के टांडा थाना SHO गुरिन्द्रजीत सिंह नागरा को पुलिस ने अरेस्ट कर सस्पेंड कर दिया है। अमेरिकी एजेंसी FBI ने ऑपरेशन हार्ड बॉल के तहत नागरा को एक परिवार से 4 करोड़ रुपए मांगने के आरोप में वॉन्टेड बनाया था। केस में नाम आने के बाद SHO को लाइन हाजिर भी किया गया था। पुलिस की जांच में नागरा के खाते में 16 लाख रुपए का रिकॉर्ड मिला। वहीं, फिरौती मांगने के भी सबूत सामने आए। FBI द्वारा चलाए गए ऑपरेशन हार्ड बॉल में लॉरेंस और जग्गू भगवानपुरिया जैसे गैंगस्टरों के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में नागरा का नाम भी फिरौती मांगने में आया था। DIG नवीन सिंगला ने नागरा को लाइन हाजिर कर SP विनीत अहलावत को जांच सौंपी थी। जांच के बाद शुक्रवार देर रात इंस्पेक्टर नागरा के खिलाफ एक्सटॉर्शन और करप्शन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। 10 जुलाई को अमेरिका और कनाडा की जांच एजेंसियों ने जॉइंट आपरेशन में अमेरिका, कनाडा और यूरोप में गैंगस्टर नेटवर्क की जांच की। इसी दौरान जब कैलिफोर्निया में गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के नेटवर्क के खिलाफ चल रही जांच के दौरान भारतीय पुलिस अधिकारी के नाम का जिक्र सामने आया। (पढ़ें पूरी खबर) 4. कांग्रेस में कलह, रंधावा बोले- वड़िंग अपमान करते हैं, मैं उन्हें छोटा भाई मानता हूं
पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी कलह अब पूरी तरह खुल चुकी है। पूर्व उपमुख्यमंत्री और गुरदासपुर से मौजूदा सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने अपनी ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के खिलाफ सीधे मोर्चा खोल दिया है। एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में रंधावा ने राजा वड़िंग पर वरिष्ठ नेताओं को नजरअंदाज करने और सार्वजनिक रूप से अपमानित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा- वड़िंग को मैं अपना छोटा भाई और लीडर मानता हूं, लेकिन वह सार्वजनिक मंचों से मुझे अपमानित कर देते हैं। इसके अलावा उन्होंने कादियां में प्रताप सिंह बाजवा के साथ हुई पुलिस बदसलूकी को बाजवा के अहंकार और गलतफहमी का नतीजा करार दिया। उन्होंने कहा- बाजवा अगर हमें भी साथ ले लेते तो पुलिस वाले आगे-आगे दौड़ते। बदसलूकी करने की हिम्मत ही नहीं होती। रंधावा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर भी पंजाब में प्राइमरी डेमोक्रेसी को खत्म करने और गैंगस्टरों को संरक्षण देने के आरोप लगाए। (पढ़ें पूरी खबर) 5. निहंग की अश्लील फोटो वायरल, पहली बार सामने आए, बोले-हां तस्वीर मेरी निहंग विक्की थॉमस और निहंग जसदीप सिंह के बीच कंट्रोवर्सी थमने का नाम नहीं ले रही। विक्की थॉमस द्वारा उनकी अश्लील फोटो रिलीज करने के बाद निहंग जसदीप सिंह पहली बार सामने आया और उसने अश्लील फोटो की बात स्वीकार की। हालांकि, अश्लील वीडियो के दावे पर जसदीप सिंह का कहना है कि विक्की थॉमस जो वीडियो की बात कर रहा है, वह गलत है। उसका कहना है कि एक भी वीडियो साबित कर दे। अगर उसके पास 100 वीडियो हैं, तो कर दे जारी। जब एक कर दी, तो वो भी कर दे। जसदीप सिंह निहंग ने निहंग विक्की थॉमस को सीधा चैलेंज किया है कि वो उसका बाणा उतारने की बात कर रहा था, तो वो आकर देख ले। उसे सब पता लग जाएगा। जसदीप सिंह ने विक्की थॉमस के निहंग होने पर ही सवाल खड़े कर दिए। जसदीप सिंह ने कहा कि विक्की थॉमस ने तो बाणा ही नहीं पहना है। वो तो बाणे वाला ही नहीं है। जो इसने सिखों की सिर पर चढ़ाई है, वो उसे दोगुनी तीगुनी करके मोड़नी पड़ेगी। (पढ़ें पूरी खबर) 6. मार्शल आर्ट क्लास से 4 साल का बच्चा किडनैप, कार में बैठा ले गए लुधियाना में एक 4 साल के बच्चे को कुछ बदमाश मार्शल आर्ट क्लास से जबरन उठाकर ले गए। बच्चे की मां ने आरोप लगाया कि उसके पति और ससुराल वालों ने बेटे का किडनैप कर लिया। पति के साथ उनका तलाक का केस चल रहा है। मां मोनालिका ने बताया कि वह हर रोज की तरह वीरवार शाम को करीब सवा छह बजे अपने बेटे को सुंदर नगर स्थित ‘द ग्रेट इंडियन मार्शल आर्ट स्कूल’ में ट्रेनिंग के लिए छोड़कर आई थी। थोड़ी देर बाद ही पता चला कि बेटे को कोई कार में बिठाकर साथ ले गया। पूरी वारदात पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसमें दो युवक बच्चे को गोद में उठाकर कार में ले जाते दिखाई दे रहे हैं। बेटे के लापता होने के बाद मां ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पुलिस से बच्चे को सुरक्षित वापस लाने की गुहार लगाई। मामला सामने आने पर पति करण बावा ने कहा कि मैंने कोई किडनैपिंग नहीं किया है। पत्नी के घरवालों की तरफ से ही कॉल कर कहा गया था कि बच्चे को ले जाओ। वहीं, मामला बढ़ने पर पुलिस ने मां की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। (पढ़ें पूरी खबर) 7. कोठी में युवती का शव मिला, परिजन बोले- हत्या हुई चंडीगढ़ के सेक्टर-10 स्थित एक कोठी में काम करने वाली 18 साल की युवती का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर सेक्टर-16 स्थित सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। मृतका की पहचान तप्ती के नाम से हुई, जो उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के गांव संतरी की रहने वाली थी और करीब एक सप्ताह पहले ही सेक्टर-10 की एक कोठी में घरेलू काम के लिए रखी गई थी। परिजनों के अनुसार, उसे 24 घंटे वहीं रहकर काम करना था और इसके लिए 20 हजार रुपए मासिक वेतन तय किया गया था। मृतका के जीजा विकास ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 11 बजे तप्ती ने अपनी बहन प्रियंका को फोन कर कहा था कि उसका वहां मन नहीं लग रहा और उसे परेशान किया जा रहा है। परिवार के मुताबिक, प्रियंका ने उसे सलाह दी कि अगर वहां दिक्कत है तो सुबह काम छोड़कर घर लौट आए। हालांकि तप्ती ने पूरी बात नहीं बताई और कुछ देर बाद फोन काट दिया। इसके बाद परिवार ने कई बार उससे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसका मोबाइल बंद मिला। जिससे परिजनों को हत्या का शक है। (पढ़ें पूरी खबर) 8. सरकारी गाड़ी के ड्राइवरों ने बीच सड़क 2 घंटे किया ड्रामा चंडीगढ़ के सेक्टर-39 स्थित मलोया लाइट पॉइंट के पास पंजाब सरकार इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट और चंडीगढ़ पुलिस की सरकारी गाड़ियां आपस में टकरा गईं। हादसे के बाद दोनों वाहनों के ड्राइवर बीच सड़क पर ही आमने-सामने आ गए और एक-दूसरे पर लापरवाही से वाहन चलाने का आरोप लगाने लगे और तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों ड्राइवर अपनी-अपनी गलती मानने को तैयार नहीं हुए। सबसे बड़ी बात यह रही कि हादसे के बाद दोनों सरकारी गाड़ियों को सड़क से हटाने के बजाय वहीं खड़ा रखा गया। करीब दो घंटे तक दोनों के बीच नोकझोंक चलती रही, जिससे मलोया लाइट पॉइंट जैसे व्यस्त मार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और दफ्तरों व अन्य कामों के लिए निकले लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। मौके पर मौजूद लोगों ने दोनों ड्राइवरों से कई बार गाड़ियां साइड में लगाने की अपील की, ताकि ट्रैफिक सामान्य हो सके, लेकिन विवाद के चलते काफी देर तक स्थिति जस की तस बनी रही। इस दौरान राहगीरों ने पूरे घटनाक्रम के वीडियो भी अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किए। करीब दो घंटे तक चले इस विवाद ने न सिर्फ ट्रैफिक व्यवस्था को प्रभावित किया, बल्कि सड़क पर मौजूद लोगों के लिए भी परेशानी का कारण बन गया। (पढ़ें पूरी खबर) 9. नशे में झूमता ​मिला पुलिसकर्मी, जूता भी नहीं पहन पाया कपूरथला के गांव हमीरा में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने नशे के खिलाफ चल रही मुहिम पर ही सवाल खड़े कर दिए। जिस पुलिस से लोगों को नशे के कारोबार पर लगाम लगाने की उम्मीद होती है, उसी में तैनात एक पुलिसकर्मी कथित तौर पर नशे की हालत में लोगों के हत्थे चढ़ गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मौके से एक सिरिंज (इंजेक्शन) मिला है। पुलिसकर्मी की पहचान जतिंदरपाल के रूप में हुई है, जो कमिश्नरेट पुलिस जालंधर में तैनात है। वीडियो वायरल होते ही मामला एसएसपी कपूरथला के संज्ञान में पहुंचा। इसके बाद थाना सुभानपुर पुलिस ने बिना देरी किए आरोपी पुलिसकर्मी को हिरासत में ले लिया।एसपी (डी) हरिंदर सिंह ने बताया कि जतिंदरपाल का डोप टेस्ट कराया जा रहा है और वायरल वीडियो में सिरिंज मिलने के दावे की भी गहन जांच की जा रही है। (पढ़ें पूरी खबर) खबर जरा हटके… 10. PGI के बाहर से 1 लाख रुपए चोरी, बहन की सर्जरी टली चंडीगढ़ में बहन की जान बचाने के लिए रिश्तेदारों और परिचितों से उधार लेकर जुटाए गए एक लाख रुपए उस समय चोरी हो गए, जब भाई पीजीआई के इमरजेंसी वार्ड के बाहर रात में सो गया। इस घटना के बाद न सिर्फ परिवार पर आर्थिक संकट और गहरा गया, बल्कि बहन की सर्जरी भी टालनी पड़ी। पीड़ित गौरव अपनी 23 वर्षीय बहन पूजा का इलाज कराने के लिए पीजीआई लेकर आया था। पूजा ब्रेन हेमरेज से पीड़ित है और डॉक्टरों ने उसकी जल्द सर्जरी करने की सलाह दी थी। इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ गौरव ने रिश्तेदारों और परिचितों से उधार लेकर करीब डेढ़ लाख रुपए जुटाए थे। इनमें से एक लाख रुपए वह अपने पास नकद लेकर चल रहा था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गौरव के बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इमरजेंसी परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि चोरी करने वाले की पहचान की जा सके। (पढ़ें पूरी खबर) (कल शाम 6 बजे फिर होगी मुलाकात)

9 साल जेल में बंद हत्या के आरोपी को जमानत:सुप्रीम कोर्ट बोला- घटना के समय किशोर था, आरोप लगा; केस में देरी उसकी गलती नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को 9 साल से जेल में बंद हत्या के आरोपी को जमानत दे दी। कोर्ट ने कहा कि ट्रायल में असाधारण देरी ने हमारी न्यायिक अंतरात्मा को झकझोर दिया है। ऐसे मामलों की सुनवाई में तेजी लाना अदालतों की संवैधानिक जिम्मेदारी है। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की बेंच ने कहा, याचिकाकर्ता घटना के समय किशोर था। अब तक 9 साल बीते गए। इस स्पीड से ट्रायल पूरा होने में अभी और समय लगेगा। कोर्ट ने कहा- बिना ट्रायल में प्रगति के किसी व्यक्ति को अनिश्चितकाल तक जेल में रखना, त्वरित सुनवाई (स्पीडी ट्रायल) और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन है। त्वरित सुनवाई का अधिकार संविधान के आर्टिकल 21 से सीधे जुड़ा है और विशेष रूप से लंबे समय से हिरासत में बंद लोगों के मामलों में इसकी रक्षा की जानी चाहिए। कोर्ट के 2 बड़े कमेंट; कहा- बेल नियम है, जेल अपवाद आरोपी बोला- ट्रायल घोंघे की चाल से चल रहा आरोपी लियाकत अली की शिकायत थी कि ट्रायल ‘घोंघे की चाल’ से चल रहा है और इसमें उसकी कोई गलती नहीं है। हालांकि 2024 में उसकी जमानत याचिका पर अंतिम फैसला हो चुका था, लेकिन उसके बाद भी मुकदमे में कोई खास प्रगति नहीं हुई। अब तक अभियोजन पक्ष के 30 में से केवल 12 गवाहों की ही गवाही हो सकी है। सुप्रीम कोर्ट ने लियाकत अली की अपील स्वीकार करते हुए कहा कि वह अनुच्छेद 32 के तहत अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर उसे जमानत दे रहा है। हालांकि, जमानत की शर्तें संबंधित ट्रायल कोर्ट तय करेगा। संविधान का आर्टिकल 21 क्या है संविधान का आर्टिकल 21 कहता है कि हर व्यक्ति को जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार देता है। आसान भाषा में समझें तो सरकार या पुलिस किसी व्यक्ति की जान या आजादी तब तक नहीं छीन सकती, जब तक कि कानून में निर्धारित प्रक्रिया का पालन न किया जाए। आर्टिकल 21 के तहत सुप्रीम कोर्ट ने कई अधिकार शामिल किए हैं इस मामले में आर्टिकल 21 क्यों लागू हुआ? सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 9 साल से अधिक समय तक ट्रायल पूरा न होना आरोपी के त्वरित सुनवाई के अधिकार का उल्लंघन है। इसलिए अदालत ने माना कि यह आर्टिकल 2 के तहत मिले जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हनन है और आरोपी को जमानत दी। —————————– ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला- गाली देना हर बार अश्लीलता नहीं होती: अभद्र भाषा और अश्लीलता अलग सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि गाली-गलौज या अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना हमेशा अश्लीलता के दायरे में नहीं आता है। शुक्रवार को जस्टिस संजय करोल और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कहा कि कोई शब्द तभी अश्लील माना जाएगा, जब वह कामुकता को बढ़ावा देने वाला हो या लोगों को भ्रष्ट करने की प्रवृत्ति रखता हो। पूरी खबर पढ़ें…