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हिमाचल में सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन:धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, शिमला, मंडी, सोलन और कुल्लू में सड़कों पर उतरे लोग

देश की राजधानी दिल्ली में चल रहे आंदोलन के समर्थन में आज (सोमवार को) हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में भी छात्र, युवा और सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन किए। पर्यावरणविद् एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में शिमला, सोलन और कुल्लू सहित विभिन्न स्थानों पर रैलियां और धरने आयोजित किए गए। प्रदर्शनकारियों ने सोनम वांगचुक की रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और एनटीए को रद्द करने की मांग की। इन मांगों के पूरा नहीं होने पर आंदोलन को उग्र करने की भी चेतावनी दी गई। सोलन में भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र, युवा, किसान और मजदूरों ने प्रदर्शन किया। सीटू, एसएफआई और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने चिल्ड्रन पार्क से पुराने विश्राम गृह तक रोष रैली निकाली। हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। पेपर लीख से लाखों युवा परेशान: मोहित सीटू के जिला महासचिव मोहित वर्मा ने कहा कि पिछले एक महीने से देशभर में पेपर लीक के मामले सामने आ रहे हैं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को जबरन हटाया गया। उनके समर्थन में ही देशभर के विभिन्न संगठनों ने विरोध प्रदर्शन आयोजित किए हैं। शिमला के शेर-ए-पंजाब के पास प्रदर्शन शिमला में शेर-ए-पंजाब के समीप युवाओं ने धरना देकर ‘सोनम वांगचुक जिंदाबाद’ और ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’ के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि छात्रों और युवाओं की आवाज को दबाया नहीं जाना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। कुल्लू में डीसी ऑफिस के बाहर धरना कुल्लू में भी डीसी ऑफिस के बाहर भी सीटू और सीपीआई(एम) कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक से युवाओं का भविष्य संकट में है। उन्होंने सोनम वांगचुक की रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों और युवाओं की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में सुधार समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

चूरू में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का फूटा आक्रोश:बाल विकास अधिकारी से लगाई गुहार, कार्यालय के सामने किया प्रदर्शन

चूरू में ग्रामीण और शहरी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा सहायिकाओं ने सोमवार दोपहर बाल विकास अधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी लंबित मांगों को लेकर बाल विकास अधिकारी को एक ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संजू प्रजापत ने बताया कि वे वर्षों से महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत निष्ठापूर्वक कार्य कर रही हैं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे 18 जुलाई 2026 को जयपुर में जारी सहमति पत्र से पूरी तरह सहमत नहीं हैं।
उनका कहना है कि उनकी न्यायोचित मांगों का अब तक संतोषजनक समाधान नहीं हुआ है। इसलिए, जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उन्हें अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखने की अनुमति दी जाए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने प्रशासन से आग्रह किया कि वे उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लें और उनकी आवाज को राज्य सरकार तक पहुंचाकर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करें।
इस प्रदर्शन के दौरान गायत्री देवी, पूनम शर्मा, भारती शर्मा, मोनू, माया, सुमित्रा, लक्ष्मी गोस्वामी, मंजू, उषा, कमला, आशा शर्मा, विमला जाट, अनिता, संतोष, सरोज, किरण स्वामी, माया सैनी, सुनीता मीणा, कृष्णा राजपुरोहित, जुलेखा, नीलम पारीक, पार्वती और सरिता सहित कई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं मौजूद रही।

इंजेक्शन लगाने पर नीला पड़ा शरीर,मुंह से निकलने लगा झाग:7 दिन से बुखार से पीड़ित महिला की मौत; परिजनों का इलाज में लापरवाही का आरोप

कोटा के रावतभाटा इलाके में रविवार रात 10 बजे 7 दिनों से बुखार से पीड़ित एक महिला मरीज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि इंजेक्शन लगाए जाने के बाद महिला के मुंह से झाग निकलने लगे और उसका शरीर नीला पड़ गया। गंभीर हालत में उसे कोटा के अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दी है और मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। आज (सोमवार) कोटा न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमॉर्टम करवाया जा रहा है। मृतका ललिता रावत (34) न्यू मार्केट रावतभाटा की निवासी थी। पिछले 7 दिन से बुखार से पीड़ित थी। ड्रिप चढ़ाने के बाद महिला को लगने लगी ठंड पति हिम्मत सिंह ने बताया कि ललिता की 7 दिन से तबीयत खराब थी। उसे बुखार आया था। रावतभाटा सरकारी हॉस्पिटल में दो दिन ड्रिप चढ़वाई थी। इसके बाद उसकी तबीयत थोड़ी ठीक हो गई थी। लेकिन दो दिन बाद वापस से बुखार आ गया। 19 जुलाई रविवार को फिर से रावतभाटा सरकारी हॉस्पिटल में दिखाया। ड्यूटी डॉक्टर ने जांच लिखी और सुबह के वक्त ड्रिप चढ़ाई। इससे ललिता को थोड़ा आराम मिला। शाम को फिर बुलाया। रविवार होने के चलते हॉस्पिटल में डॉक्टर नहीं था। शाम 7 बजे करीब फिर से एक ड्रिप चढ़ाई। ड्रिप चढ़ाने के कुछ देर बाद ललिता का शरीर वाइब्रेट ( धूजने) होने लगा और ठंड लगने लगी। स्टाफ को बुलाकर ड्रिप बंद करवाई। ललिता को ठंड लग रही थी। इस बारें में हॉस्पिटल स्टाफ को बताया, इसके बाद स्टाफ ने एक इंजेक्शन लगाया। जिससे ललिता का शरीर वाइब्रेट होना बंद हुआ। इंजेक्शन लगाया तो महिला के मुंह से निकलने लगा झाग उन्होंने आगे बताया कि कुछ देर बाद स्टाफ ने कूल्हे पर इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगाने के बाद से ही ललिला को चक्कर आने लगे, मुंह खराब हो गया। उसे मुंह से बोला नहीं जा रहा था। वो पसीना-पसीना हो गई और मुंह से झाग निकलने लगा। इस दौरान शरीर नीला पड़ गया। ज्यादा तकलीफ होता देख रविवार रात 10 बजे उसे कोटा रेफर कर दिया गया। उसे तुरंत एंबुलेंस की मदद से कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल लेकर आए, जहां डॉक्टर ने चेक कर मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि ललिता के पहले कोई बीमारी नहीं थी। रावतभाटा के सरकारी अस्पताल में इलाज में लापरवाही के चलते ललिता की मौत हुई है। कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस को लिखित में शिकायत दी है। डॉक्टर और स्टाफ का नाम पता नहीं है। हिम्मत सिंह ने बताया वह सिलाई का काम करते हैं। उनके दो बच्चे 14 साल व 12 साल के हैं। पिछले सात दिन से महिला थी बीमार रावतभाटा थाना ASI शांतिलाल बुनकर ने बताया कि महिला 7 दिन से बीमार थी। पति ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिकायत दी है। डॉक्टर और स्टाफ कौन थे। इस बारे में अभी जानकारी नहीं है। मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमॉर्टम करवाया जा रहा है। परिजनों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जाएगी।

उदयपुर में सरकारी स्कूल की छत गिरने का डर:बच्चों को बचाने कमरों में कांटे बिछाए; टीचर बोले- अधिकारियों को बताया लेकिन कुछ नहीं हुआ

उदयपुर की वल्लभनगर तहसील के एक सरकारी स्कूल का भवन इतना जर्जर हो चुका है कि छत के कभी भी गिरने की संभावना बनी हुई है। हादसे की आशंका को लेकर स्कूल स्टाफ ने कमरों और बरामदे में कांटेदार झाड़ियां बिछा दी हैं। ताकि कोई बच्चा गलती से भी कमरों मे न चला जाए। मामला माल की टूस पंचायत के फलेट गांव के सरकारी मिडिल स्कूल का है। इसकी हालत बेहद चिताजनक बनी हुई है। स्कूल स्टाफ का कहना है कि छुट्टी के बाद भी बच्चे खेलने के लिए आते-रहते हैं। उस वक्त उन्हें रोकने-टोकने वाला कोई नहीं होता। स्कूल में दो ही रूम ठीक हालत में है। इनमें सभी 8 क्लास संचालित होती हैं। कक्षा पहली से 5वीं तक एक रूम में और कक्षा 6 से 8वीं तक दूसरे रूम में चलती हैं। कई बार अधिकारियों को बता चुके, कुछ नहीं हुआ: शिक्षक स्कूल के शिक्षक देवेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया- कमरे और बरामदों की छत से प्लास्टर पूरी तरह झड़ चुका है। छत में लगे सरिए जंग से गल चुके हैं। तेज बारिश में छत के गिरने का डर लगा रहता है। इसलिए हम पहले ही हादसे से सतर्क हैं। बच्चों को भी जर्जर कमरे वाले एरिया में जाने से मना कर दिया है। स्कूल में करीब 60 बच्चे हैं और 4 लोगों का स्टाफ है। शिक्षक ने बताया- हमने कई बार अपने शिक्षा अधिकारियों को इस बारे में अवगत कराया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। एनएसयूआई नेता बोले-क्या बड़े हादसे का इंतजार? वल्लभनगर निवासी और एनएसयूआई जिला देहात सचिव पूरण कुमार मेघवाल ने बताया कि क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार​ किया जा रहा है। पहले भी जर्जर भवन गिरने से बच्चों की मौतें हो चुके हैं तो सरकार को मानूसन से पहले ही जर्जर भवनों की सुध लेनी चाहिए थी।

हिस्ट्रीशीटर के अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर:लूट के मामले में कार्रवाई; दिव्यांग पिता ने कहा- मकान मेरे नाम, बेटे से कोई संबंध नहीं

डीडवाना-कुचामन जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस और नगर परिषद ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए सोमवार को हिस्ट्रीशीटर दिनेश स्वामी के मकान पर बुलडोजर चलाया। टीम ने 19 गज अवैध अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान मकान के आगे बने अवैध हिस्से, मुख्य गेट की दीवार, बाथरूम, शौचालय और पानी की हौद को तोड़ दिया गया। परिजनों के विरोध के बावजूद भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासन ने कार्रवाई शांतिपूर्वक पूरी कर ली। यह कार्रवाई हाल ही में महिलाओं से लूट की दो वारदातों में दिनेश स्वामी की गिरफ्तारी के बाद की गई। जिला कलेक्टर अवधेश मीणा और पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान के निर्देश पर आरोपी की संपत्तियों की जांच कराई गई थी। जांच में रेलवे स्टेशन के पास स्थित मकान का निर्माण पट्टे में स्वीकृत सीमा से 19 गज अधिक पाया गया, जिसे नगर परिषद ने सार्वजनिक रास्ते की भूमि पर अतिक्रमण माना। नगर परिषद ने 17 जुलाई को नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद पुलिस वृत्ताधिकारी जेठूसिंह के नेतृत्व में संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। कार्रवाई में लाडनूं वृत्ताधिकारी जितेंद्र सिंह चारण, थाना अधिकारी रितु कुमारी, थाना अधिकारी मनसीराम, नगर परिषद आयुक्त जितेंद्र चौकीदार सहित पुलिस और नगर परिषद के अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। बुलडोजर और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की सहायता से अवैध निर्माण को हटाया गया। कार्रवाई के दौरान दिनेश स्वामी के पिता भंवरलाल स्वामी सहित अन्य परिजनों ने विरोध जताया। भंवरलाल स्वामी ने दावा किया कि मकान उनके नाम पर है और उनका दिनेश स्वामी से कोई संबंध नहीं है। दिनेश की मां और बहन ने भी कार्रवाई का विरोध किया, लेकिन पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए परिजनों को घर के अंदर भेज दिया और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया पूरी की। पुलिस के अनुसार दिनेश स्वामी डीडवाना थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में 25 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। हाल ही में उसे महिलाओं से लूट की दो वारदातों के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद प्रशासन ने उसकी संपत्तियों की जांच कर अवैध निर्माण के खिलाफ यह कार्रवाई की।

त्रिपुरा DGP ऑफिस में मृत मिले, सुसाइड की आशंका:1994 बैच के IPS, UP के रहने वाले थे; 1984 के सिख विरोधी दंगों की जांच की थी

यूपी के रहने वाले त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग धनखड़ का शव मिला है। सोमवार सुबह वह पुलिस मुख्यालय में अचेत मिले। अधिकारियों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, अनुराग धनखड़ ने सुसाइड किया है। उनका शव फिलहाल अगरतला के गोविंद बल्लभ पंत अस्पताल में रखा गया है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर जांच कर रही हैं। अनुराग धनखड़ 1994 बैच के IPS अफसर थे और बागपत के रहने वाले थे। इन्होंने 1984 के सिख विरोधी दंगों की जांच की थी। 25 साल पहले बागपत आए थे अनुराग धनखड़ अनुराग धनखड़ बागपत शहर से करीब 7 किलोमीटर दूर बिहारीपुर गांव के रहने वाले थे। वह करीब 25 साल पहले आखिरी बार गांव आए थे। गांव में उनका पैतृक मकान है, लेकिन गेट पर ताला लगा है। गांववालों ने बताया कि उनके परिवार का कोई सदस्य अब यहां नहीं रहता। गांव के प्राइमरी स्कूल में पढ़े थे अनुराग अनुराग के बड़े भाई रमेश कुमार नेवी से रिटायर हैं। जबकि, छोटे भाई रवि कुमार किसान हैं। अनुराग ने 5वीं तक की पढ़ाई गांव के प्राइमरी स्कूल से की थी। फिर 12वीं सरूरपुर इंटर कॉलेज से किया। इसके बाद बड़ौत डिग्री कॉलेज से ग्रेजुएशन किया था। डीजीपी अनुराग धनखड़ के मित्र रमेश कुमार ने बताया- हम दोनों 12वीं तक साथ में पढ़े हैं। अनुराग वॉलीबॉल के अच्छे खिलाड़ी थे। ग्रेजुएशन के बाद वह दिल्ली चले गए थे। —————————— ये खबर भी पढ़ें- बांकेबिहारी मंदिर में महिला सिपाही ने श्रद्धालु को पीटा, धक्का लगने पर भड़की, लाइन से खींचकर थप्पड़े जड़े मथुरा के बांके बिहारी मंदिर में महिला सिपाही ने एक श्रद्धालु युवक की जमकर पिटाई कर दी। वजह इतनी थी कि भीड़ बढ़ने पर धक्का-मुक्की हो गई और सिपाही को धक्का लग गया। इस पर महिला सिपाही भड़क गई। गुस्से में उसने दर्शन के लिए लाइन में लगे युवक की टी-शर्ट पकड़कर उसे लाइन से बाहर खींच लिया और ताबड़तोड़ थप्पड़ बरसाने लगी। 25 सेकेंड में उसने युवक को 8 थप्पड़ जड़ दिए। पढ़ें पूरी खबर

श्रमिकों को 'लेबर चौक' पर नहीं करना पड़ेगा इंतजार:मोबाइल से मिलेगा काम, एप पर रजिस्ट्रेशन करने ही काम देने वाले खुद कॉन्टेक्ट करेंगे

अब निर्माण और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को काम की तलाश में घंटों लेबर चौक पर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। श्रम विभाग के नए ‘श्रम सेतु’ और ‘लेबर चौक’ ऐप के जरिए श्रमिक घर बैठे अपना रजिस्ट्रेशन कर रोजगार के अवसर हासिल कर सकेंगे। नियोक्ता (काम देने वाला) मोबाइल पर ही अपनी जरूरत के मुताबिक राजमिस्त्री, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, बढ़ई, वेल्डर समेत अन्य कुशल और अकुशल श्रमिक खोजकर उनसे सीधे संपर्क कर सकेंगे। इससे रोजगार मिलने की प्रक्रिया तेज, आसान और पारदर्शी होगी। दौसा जिले के 79,889 रजिस्टर्ड श्रमिकों को इन ऐप का सीधा फायदा मिलेगा। पहले जानें… कैसे मिलेगा फायदा एप पर सीधे जुड़ेंगे श्रमिक और काम देने वाले लोग श्रम कल्याण अधिकारी विकास शर्मा ने बताया – एप पर श्रमिक अपनी कार्यकुशलता, अनुभव और विशेषज्ञता की पूरी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। वहीं, काम देने वाले लोग अपनी जरूरत के अनुसार ऑनलाइन श्रमिकों की मांग दर्ज करेंगे। इसके बाद दोनों पक्ष काम की प्रकृति, मजदूरी, समय और अन्य शर्तों पर सीधे बातचीत कर सकेंगे। इससे रोजगार की प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान, पारदर्शी और सुविधाजनक हो जाएगी। 79,889 श्रमिकों को मिलेगा फायदा, एप पर मिलेंगी ज्यादातर सेवाएं विकास शर्मा ने बताया- श्रम विभाग में दौसा जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के कुल 79,889 श्रमिक रजिस्टर्ड हैं। अब इन श्रमिकों को रजिस्ट्रेशन कराने, श्रमिक कार्ड डाउनलोड करने या अन्य सेवाओं के लिए श्रम विभाग के कार्यालय और ई-मित्र केंद्रों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अधिकांश सेवाएं मोबाइल एप के जरिए ही मिल जाएंगी। साथ ही दोनों एप की जानकारी अधिक से अधिक श्रमिकों तक पहुंचाने के लिए विभाग विशेष अभियान चला रहा है। शहर के विभिन्न लेबर चौकों के अलावा लालसोट के जमात चौखटी और सिकंदरा चौराहा पर जागरूकता शिविर लगाए गए हैं, जहां श्रमिकों के मोबाइल में एप डाउनलोड कर मौके पर ही उनका रजिस्ट्रेशन भी कराया जा रहा है। मुफ्त रजिस्ट्रेशन, कई तरह के श्रमिक जुड़ सकेंगे श्रम निरीक्षक विक्रम सिंह ने बताया – ‘श्रम सेतु’ एप पर निर्माण श्रमिकों का पंजीयन पूरी तरह निशुल्क है। इसके जरिए श्रमिक पंजीयन करा सकते हैं, श्रमिक कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं और अपने आवेदन की स्थिति भी देख सकते हैं। वहीं ‘लेबर चौक’ एप के माध्यम से कोई भी व्यक्ति अपनी जरूरत के अनुसार ऑनलाइन श्रमिक खोजकर उनसे सीधे संपर्क कर सकता है और मजदूरी सहित अन्य शर्तें तय कर सकता है। इन दोनों एप पर राजमिस्त्री, बढ़ई, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, माली, पेंटर, वेल्डर सहित विभिन्न प्रकार के कुशल और अकुशल श्रमिक पंजीयन करा सकेंगे। दोनों एप हिंदी और अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इनका आसानी से उपयोग कर सकें।

शराब की दुकान में घुसा लेपर्ड,3 लोगों पर किया हमला:बचने के लिए सड़क पर दौड़े लोग, 5 घंटे तक रही दहशत

टोंक के टोडारायसिंह आज सुबह लेपर्ड शराब की दुकान में घुस गया। लेपर्ड ने 3 लोगों पर हमला किया। आखिरकार सेल्समैन ने लेपर्ड को दुकान में बंद किया। जयपुर से पहुंची टीम ने 5 घंटे बाद लेपर्ड का रेस्क्यू किया। जानकारी के अनुसार, टोडारायसिंह कस्बे में सुबह 8:45 बजे वन मित्र राकेश को लोगों ने सूचना दी थी कि झाड़ियों में लेपर्ड नजर आया है। राकेश झाड़ियों के पास गए तो लेपर्ड ने उन पर हमला कर दिया। इसके बाद 400 मीटर दूर स्थित शराब की दुकान की ओर गया। देखें लेपर्ड के हमले की तस्वीरें… सेल्समैन ने जैसे-तैसे अपनी जान बचाई लेपर्ड ने दुकान के बाहर बैठे फतेह लाल कोली (40) पर हमला कर दिया। इसके बाद वह सीधे ठेके के अंदर घुस गया और सेल्समैन संजय गुर्जर (25) पर हमला कर दिया। संजय गुर्जर ने जैसे-तैसे अपनी जान बचाई। सेल्समैन ने लेपर्ड को दुकान में बंद कर दिया। दोपहर 2 बजे जयपुर से पहुंची टीम ने लेपर्ड का रेस्क्यू किया। घटना के बाद लोगों ने तीनों घायलों को हॉस्पिटल पहुंचाया। राकेश को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्‌टी दे दी गई। संजय गुर्जर और फतेह लाल कोली को रेफर कर दिया।

श्रीगंगानगर में कचरे के पहाड़ पर तीन पंचायतें आमने-सामने:ग्रामीण बोले- 22 जुलाई तक डंपिंग बंद न हुई तो अनिश्चितकालीन धरना देंगे

श्रीगंगानगर में ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। 6 जेड में कचरा डालने का विरोध कर रहे ग्रामीणों ने 22 जुलाई तक डंपिंग बंद नहीं होने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी है। मामला इसलिए भी उलझ गया है क्योंकि प्रशासन अब तक प्लांट के लिए कई जगहों के नाम बदल चुका है, लेकिन कहीं भी काम शुरू नहीं हुआ। वहीं 6 जेड, नेतेवाला और मांझूवास-नरसिंहपुरा क्षेत्र की ग्राम पंचायतें अपने-अपने इलाके में कचरा प्लांट लगाने का विरोध कर रही हैं। ऐसे में प्लांट की जगह तय नहीं हो पा रही है और फिलहाल कचरा 6 जेड में ही डाला जा रहा है। हाईकोर्ट के आदेश नहीं मानने का आरोप
प्रदर्शन के दौरान साहूवाला के पूर्व सरपंच जगतार सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन राजस्थान हाईकोर्ट के आदेशों की भी अनदेखी कर रहा है। उन्होंने बताया कि जोधपुर हाईकोर्ट ने 31 मार्च तक कचरा प्लांट का काम शुरू करने और उसकी रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे, लेकिन आज तक न तो प्लांट का काम शुरू हुआ और न ही कोई रिपोर्ट पेश की गई। 6 जेड में आज भी पहले की तरह कचरे का पहाड़ खड़ा है। उन्होंने साफ कहा कि अब ग्रामीण 6 जेड में कचरा नहीं डालने देंगे। हर बार बदली जगह, लेकिन प्लांट कहीं नहीं बना
ग्रामीणों ने जोधपुर हाईकोर्ट की ओर से राजकुमार सैनी बनाम सरकार मामले में दिए गए आदेशों की पालना कराने की मांग की। उनका आरोप है कि नगर परिषद हर बार हाईकोर्ट में झूठे शपथ-पत्र दाखिल कर रही है। पहले पांच साल तक नेतेवाला में कचरा प्लांट लगाने की बात कही गई। इसके बाद चक 1 बी छोटी, सूरतगढ़, लालगढ़ और अब नरसिंहपुरा-मांझूवास का नाम सामने आया, लेकिन किसी भी जगह प्लांट का काम शुरू नहीं हुआ। तीन पंचायतों के विरोध से मामला और उलझा
अब मामला और उलझ गया है, क्योंकि नेतेवाला, चक 1 जी, 6 जेड और मांझूवास-नरसिंहपुरा बारानी क्षेत्र की तीनों ग्राम पंचायतें अपने-अपने इलाके में कचरा प्लांट लगाने का विरोध कर रही हैं। हाल ही में प्रशासन ने हाईकोर्ट में बताया था कि नरसिंहपुरा-मांझूवास में जमीन चिन्हित कर ली गई है और जल्द प्लांट लगाया जाएगा, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि इस दिशा में भी अब तक कोई काम नहीं हुआ। पांच साल से आश्वासन, अब आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों का कहना है कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट को लेकर पिछले पांच साल से उन्हें सिर्फ आश्वासन मिल रहे हैं। हर बार प्लांट के लिए नई जगह का नाम सामने आता है, लेकिन कचरा लगातार 6 जेड में ही डाला जा रहा है। उनका कहना है कि अब उनका धैर्य जवाब दे चुका है और जब तक 6 जेड में कचरा डालना पूरी तरह बंद नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा।

पीएम बोले- 28 साल के युवा इतिहास रच रहे:राहुल पर तंज, 56 साल के युवा की बात नहीं कर रहा; पीछे खड़े रिजिजू हंसने लगे

पीएम मोदी ने मानसून सत्र के पहले दिन मीडिया ब्रीफिंग में राहुल गांधी की उम्र को लेकर तंज कसा। पीएम भारत के पहले प्राइवेट रॉकेट ‘विक्रम-1’ को ऑर्बिट में भेजने वाली कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस का जिक्र कर रहे थे। मोदी ने कहा- देश के युवा आज इतिहास रच रहे हैं। नए-नए स्टार्टअप अंतरिक्ष तक पहुंचे हैं। मुझे बताया गया कि स्काईरूट कंपनी की जिस टीम ने यह कारनामा कर दिखाया है। उनकी औसत उम्र 28 साल है। हालांकि मैं किसी 56 साल के युवा की बात नहीं कर रहा। पीएम का इतना कहते ही पीछे खड़े संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू हंसने लगे। पीएम ने राहुल का नाम लिए बिना तंज कसा। दरअसल राहुल की उम्र 56 साल ही है। मोदी-राहुल के बीच 56 इंच बनाम 56 साल पीएम मोदी और राहुल गांधी के बीच 56 इंच बनाम 56 साल की टकरार लंबे वक्त से चल रही है। दरअसल 2014 में पीएम ने 56 इंच की छाती की बात कही थी। इस पर राहुल कई बार कह चुके हैं, पीएम की 56 इंच की छाती काम नहीं आई। राहुल के 56 इंच की छाती पर पिछले बयान… 1. 2 फरवरी 2026 – संसद परिसर, नई दिल्ली पूर्व सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक का हवाला देते हुए राहुल गांधी ने चीन के मुद्दे पर कहा: “जब चीन हमारे सामने आगे बढ़ रहा था, तब 56 इंच के सीने का क्या हुआ?” 2. 7 सितंबर 2024 – अमेरिका (डैलस, टेक्सास) भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा: “56 इंच का सीना खाली भाषणों से नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार देने और देश को जोड़ने से बनता है।” उन्होंने मोदी सरकार पर युवाओं और बेरोजगारी के मुद्दे पर निशाना साधा। 3. लोकसभा चुनाव 2024 प्रचार (अप्रैल–मई 2024) कई चुनावी रैलियों में राहुल गांधी ने कहा: “56 इंच का सीना महंगाई और बेरोजगारी नहीं रोक पाया।” यह टिप्पणी उन्होंने अलग-अलग चुनावी सभाओं में कई बार दोहराई। 4. भारत जोड़ो न्याय यात्रा (2024) यात्रा के दौरान विभिन्न सभाओं में राहुल गांधी ने कहा: “देश को 56 इंच का सीना नहीं, न्याय और रोजगार चाहिए।” उन्होंने इसे बेरोजगारी, महंगाई और सामाजिक न्याय के मुद्दों से जोड़ा। 56 की उम्र के बावजूद राहुल युवाओं में फेमस, 4 तस्वीरें… ———————— ये खबर भी पढ़ें… चढ़ावा चोरी, पेपर लीक को लेकर संसद में हंगामा: खड़गे बोले- जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज से बच्चों की आवाज दबा रही सरकार मानसून सत्र के पहले दिन राज्यसभा में नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाया गया। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- जंतर-मंतर पर बच्चे इकठ्ठा हुए, उनकी आवाज को दबाया जा रहा। सरकार ने उन पर लाठीचार्ज किया। पूरी खबर पढ़ें…