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दस महीने पहले बनाए पुल में दरार की जांच शुरू:जनसुनवाई में शिकायत आई तो कलेक्टर मौके पर गए थे, अब काम के क्वालिटी की जांच

उदयपुर के नयागांव क्षेत्र में तीन पट्टा मोड से सरेरा जाने वाले रास्ते पर तालाब के पानी से गुजरने के लिए पुराने पुल पर बनाए नए पुल में दस महीने में ही दरार आ गई। मामला कलेक्टर की जनसुनवाई में आया तो कलेक्टर मौका देखकर आए और वहीं से जांच के आदेश दिए। अब जिला परिषद की एक टीम ने इस पुल निर्माण में क्वालिटी की जांच शुरू की। असल में ग्रामीणों से लेकर जनप्रतिनिधियों ने इस बात की शिकायत थी कि सरेरा ग्राम पंचायत में डाडमिया पुल के निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया और उसका सीधा तौर पर पुल को नुकसान पहुंचा और आठ महीने में ही पुल में दरार आ गई। नयागांव में 11 जून को ​उदयपुर कलेक्टर गौरव अग्रवाल की जनसुनवाई थी। इस दौरान इस पुल का विषय उठाने वाले लोगों ने जनसुनवाई में कलेक्टर को ​पूरी स्थिति बताई। उन्होंने कहा कि दरारें बढ़ रही है कभी पुल ढह जाए तो हादसा हो जाएगा। जनसुनवाई खत्म होने के बाद कलेक्टर अग्रवाल वहां से पुल देखने मौके पर पहुंच गए। वहां से उन्होंने जिला परिषद को इसकी जांच कराने के निर्देश दिए। इसी क्रम में जिला परिषद उदयपुर से एक तकनीकी टीम जांच के लिए मौके पर पहुंची। टीम ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता का जायजा लिया और कोर कटिंग मशीन का उपयोग करते हुए तीन अलग-अलग स्थानों से कंक्रीट और अन्य सामग्री के नमूने इकट्ठा किए। उदयपुर जिला परिषद की इस जांच टीम में आशीष धाकड़, प्रियंका चपलोत, धर्मेश लोहार और हेमंत चौबीसा भी शामिल थे। मौके पर ग्राम पंचायत सरेरा के रोजगार सहायक नरेश लबाना, वार्ड पंच मनीष भगोरा, समाजसेवी शंकर परमार सहित गांव के अन्य ग्रामीण भी उपस्थित रहे और उन्होंने टीम को पुल में आई दरार बताई।

बारां में मोहर्रम को लेकर निकाला फ्लैग मार्च:रूट निरीक्षण कर की शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील

बारां में मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के उद्देश्य से बुधवार शाम को जिला प्रशासन और पुलिस ने शहर में फ्लैग मार्च निकाला। इस दौरान अधिकारियों ने मोहर्रम जुलूस के निर्धारित मार्ग का निरीक्षण किया और आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। फ्लैग मार्च का नेतृत्व जिला कलेक्टर बालमुकुंद असावा और एसपी अभिषेक अंदासु ने किया। अधिकारियों ने जुलूस मार्ग पर सुरक्षा, यातायात, बिजली और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों का भी दौरा कर विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। शांति, भाईचारे और कानून व्यवस्था बनाए रखने का दिया संदेश
फ्लैग मार्च में एएसपी डॉ. कमल जांगिड़, डीएसपी रोहिताश सिंह देवंदा, सीआई हीरालाल पुनिया सहित पुलिस विभाग के अधिकारी, बड़ी संख्या में पुलिस बल और विद्युत निगम के अधिकारी शामिल थे। यह मार्च शहर के प्रताप चौक से शुरू होकर धर्मादा चौराहा, सर्राफा बाजार, मीट मार्केट, सब्जी मंडी और इंद्रा मार्केट से होते हुए वापस प्रताप चौक पर समाप्त हुआ। इस दौरान पुलिस बल ने लोगों को शांति, भाईचारे और कानून व्यवस्था बनाए रखने का संदेश दिया। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि मोहर्रम पर्व के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जुलूस मार्ग पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा और विशेष निगरानी रखी जाएगी। अधिकारियों ने आमजन से पर्व को आपसी सौहार्द और शांति के साथ मनाने की अपील की।

फर्जी-बॉस, फर्जी-नियामक संस्थाओं के नाम पर साइबर-ठगी का नया जाल:राजस्थान पुलिस ने जारी की एडवाइजरी, ZIP फाइल और तत्काल भुगतान के दबाव से बचने की अपील

डिजिटल युग में साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीकों से लोगों और संस्थानों को निशाना बना रहे हैं। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आमजन और विभिन्न संस्थानों के कर्मचारियों को आगाह करते हुए बताया है कि इन दिनों साइबर ठग ‘फर्जी बॉस’ (Fake Boss) और ‘फर्जी नियामक संस्था’ (Fake Regulatory Body) बनकर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की कोशिश कर रहे हैं। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) वीके सिंह ने बताया कि साइबर अपराधी खुद को किसी वरिष्ठ अधिकारी, कंपनी प्रमुख, बैंकिंग या नियामक संस्था का प्रतिनिधि बताकर ईमेल, व्हाट्सएप संदेश या फोन कॉल करते हैं। इसके बाद वे कर्मचारियों, विशेषकर वित्त विभाग से जुड़े कार्मिकों पर तत्काल भुगतान या गोपनीय वित्तीय लेन-देन का दबाव बनाते हैं। पुलिस के अनुसार अपराधी पहले किसी ZIP फाइल, संदिग्ध लिंक या सॉफ्टवेयर को डाउनलोड करवाते हैं। फाइल खुलते ही मालवेयर सिस्टम या व्हाट्सएप वेब तक पहुंच बनाकर महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कर लेता है। इसके बाद अधिकारी के नाम से संदेश भेजकर खातों में धनराशि ट्रांसफर कराने का प्रयास किया जाता है। इन संकेतों को न करें नजरअंदाज साइबर क्राइम शाखा ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति या संस्था तत्काल भुगतान, गोपनीय लेन-देन या दबावपूर्ण निर्देश दे रही हो, अनजान स्रोत से ZIP फाइल या सॉफ्टवेयर भेजा गया हो, संदिग्ध ईमेल आईडी या मोबाइल नंबर का उपयोग किया गया हो अथवा किसी नियामक संस्था के नाम से असामान्य संदेश प्राप्त हो रहे हों, तो तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए। सुरक्षा के लिए अपनाएं ये उपाय राजस्थान पुलिस ने सलाह दी है कि किसी भी भुगतान संबंधी निर्देश की स्वतंत्र रूप से फोन कॉल या व्यक्तिगत संपर्क के माध्यम से पुष्टि अवश्य करें। अज्ञात स्रोतों से प्राप्त लिंक, फाइल या सॉफ्टवेयर को कभी डाउनलोड न करें। साथ ही यह भी ध्यान रखें कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) या अन्य नियामक संस्थाएं व्हाट्सएप के माध्यम से ZIP फाइल या सॉफ्टवेयर नहीं भेजती हैं। इसके अलावा व्हाट्सएप वेब और लिंक्ड डिवाइस की नियमित जांच करें, एंटीवायरस एवं सुरक्षा सॉफ्टवेयर को अपडेट रखें तथा वित्तीय लेन-देन में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) का उपयोग अनिवार्य रूप से करें। संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत करें शिकायत राजस्थान पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि इस प्रकार की कोई घटना घटित होती है या साइबर ठग धोखाधड़ी का प्रयास करते हैं तो तुरंत निकटतम पुलिस थाना, साइबर पुलिस थाना, साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 और 9257510100 पर सूचना दें। पुलिस ने कहा है कि सतर्कता ही साइबर सुरक्षा का सबसे बड़ा हथियार है। किसी भी संदिग्ध लिंक, फाइल या वित्तीय निर्देश पर बिना पुष्टि किए भरोसा न करें।

आज 5 घंटों के लिए बंद हो जाएंगे पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर के कपाट, भगवान जगन्नाथ करेंगे देवी रुक्मणी का हरण

पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर में होने वाली ये रस्में बहुत पुरानी हैं। इनकी अलग पौराणिक मान्यताएं हैं। प्रशासन ने इन रस्मों को लेकर पहले से ही गाइडलाइन जारी की हुई है। साथ ही श्रद्धालुओं से खास अपील भी की है।

तेज-बारिश से बीसलपुर-बांध में हुई एक सेमी पानी की आवक:बांध का जलस्तर 313.55 आरएल मीटर, देवली में 24 घंटे में 22 एम एम बारिश

जिले में बीते 24 घंटे में भराव क्षेत्र समेत जिले के कई जगह हुई तेज बारिश के चलते बीसलपुर बांध में भी पानी की एक सेंटीमीटर आवक हुई है। इसके चलते बांध का जलस्तर गुरुवार को घटा नहीं है। गुरुवार को भी बांध का जल स्तर बुधवार की तरह 313.55 आर एल मीटर बना हुआ है। जबकि 17 मार्च से नहरें बंद होने के बाद टोंक, जयपुर और अजमेर में पेयजल के लिए बांध से की जा रही सप्लाई के कारण रोजाना एवरेज एक सेंटीमीटर बांध खाली हो रहा था, लेकिन बीते 24 घंटे में बांध के भराव क्षेत्र में हुई बारिश के चलते बांध में पानी आया है। तेज बारिश के कारण हुई आवक दो दिन से बांध का जल स्तर 314.55 आर एल मीटर पर स्थिर है। बीसलपुर बांध परियोजना एएनएन दिनेश बैरवा का कहना है कि बीते 24 घंटे में बांध के भराव क्षेत्र वाले इलाके में तेज बारिश हुई थी, इससे बांध में पानी की आवक बनी हुई है। बीसलपुर बांध के रेन गेज सेंटर पर गुरुवार सुबह 8 बजे तक पिछले 24 घंटे में 19 एमएम बारिश दर्ज की गई। बांध का जलस्तर 314.55 आर एल मीटर बीसलपुर बांध परियोजना के AEN दिनेश कुमार बैरवा ने बताया- दो दिन से बांध का जलस्तर 314.55 आर एल मीटर बना हुआ है। यानि कि करीब एक सेमी पानी बांध में गुरुवार सुबह 8 बजे तक आ गया है। अभी भी हल्के बादल छाए हुए हैं। दोपहर बाद मौसम बदलने में बाद बारिश हो सकती है। कई जगह बारिश हुई उधर के अन्य कस्बों और शहरी क्षेत्रों में भी कई तेज तो कई मध्यम गति की बारिश हुई है। इसमें सबसे ज्यादा बारिश जिले में पनवाड़ रेन गेज पर 22 MM दर्ज की गई ही। 24 घंटे में नासिरदा में पांच, लांबाहरिसिंह में 9 में, माशी डेम पर 3 एम एम बारिश हुई हैं।

मारपीट के 10 दिन बाद युवक की मौत:4 नामजद आरोपियों पर हत्या का आरोप, हमला कर की थी लूटपाट

धौलपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में मारपीट के बाद इलाज के दौरान एक युवक की मौत का मामला सामने आया है। मृतक के परिजनों ने 4 नामजद लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक के छोटे भाई पवन पुत्र हजारीलाल ने बताया कि उनका बड़ा भाई रामवीर उर्फ बल्लो (43) टेम्पो चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता था। आरोप है कि 14 जून की रात करीब 8:45 बजे रामवीर भीकाकापुरा गांव से धौलपुर लौट रहा था। हमला कर कैश-मोबाइल लूटा था
इसी दौरान बिछिया गांव के पास मोड़ पर कुछ लोगों ने उसे नाम लेकर रोका और लाठी-डंडों व सरियों से हमला कर दिया। परिजनों के अनुसार हमले में रामवीर के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। आरोपियों ने उसके पास से नकदी, मोबाइल फोन, ईयरफोन और चश्मा भी छीन लिया। इलाज के दौरान तोड़ा दम
घायल अवस्था में घर पहुंचने के बाद रामवीर का उपचार कराया गया। सिर का सीटी स्कैन कराने पर गंभीर चोट की पुष्टि हुई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत बिगड़ने पर 24 जून को उसे जयपुर रेफर किया गया, लेकिन एसएमएस अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आरोपी पहले भी मांगते थे शराब के लिए पैसे
परिजनों का आरोप है कि रामवीर की मौत मारपीट में आई गंभीर चोटों के कारण हुई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी पहले भी शराब के लिए पैसे मांगते थे और इसी विवाद के चलते इस घटना को अंजाम दिया गया।
पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इस पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है।

शहरी-शिविर के बीच आयुक्त छुट्टी पर, कलेक्टर ने थमाया नोटिस:यूआईटी सचिव विवेक व्यास को दिया अतिरिक्त प्रभार, आगामी आदेशों तक संभालेंगे कार्यभार

बाड़मेर नगर परिषद आयुक्त शहरी सेवा शिविर के बीच में अचानक बिना सूचना छुट्टी पर चले गए। 3 दिनों से बिना सूचना मुख्यालय से बाहर है, इसके चलते शिविर के काम प्रभावित हो रहा था। इस लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल ने आयुक्त भगवत सिंह परमार को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जवाब-तलब किया है। कलेक्टर ने यूआईटी सचिव विवेक व्यास को बाड़मेर नगर परिषद आयुक्त का अतिरिक्त पद भार दिया है। दरअसल, बाड़मेर समेत राजस्थान भर में शहरी सेवा शिविर चल रहे है। इसमें शहर के भूखंडों के पट्‌टे, विवाह पंजीयन समेत आम लोगों से जुड़े काम किए जा रहे है। सरकार के महत्वपूर्ण शिविर में बाड़मेर नगर परिषद आयुक्त बिना सूचना छुट्‌टी पर जाना गंभीर लापरवाही दर्शाता है। एक वीक बाद होगे शिविर में आने वालों के काम आयुक्त परिहार तीन दिनों से अवकाश पर है वहीं आगामी चार दिनों तक प्रशासनिक अवकाश होने के कारण शिविर में आने वाले लोगों का काम अब एक सप्ताह बाद ही होगा। ऐसे में अपने काम के लिए शिविर में आने वाले लोगों को कोई राहत नहीं मिल पा रही है। जनता के काम न अटके और शिविर सुचारू रूप से चलता रहे इसके लिए कलेक्टर ने तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था की है। यूआईटी सचिव व्यास को दिया अतिरिक्त कार्यभार जारी आदेशों के अनुसार नगर विकास न्यास बाड़मेर के सचिव और आरएएस अधिकारी विवेक व्यास को अपने वर्तमान पद के साथ-साथ नगर परिषद आयुक्त पद का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। व्यास अग्रिम आदेशों तक यह अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालेंगे। ताकि शिविर सुचारू रूप से संचालित हो सके।

डूंगरपुर के डायालाल कुम्हार बने पहले अध्यक्ष:कुवैत में राजस्थान फाउंडेशन चैप्टर का गठन

कुवैत में राजस्थान फाउंडेशन के चैप्टर का गठन किया गया है। डूंगरपुर जिले की गलियाकोट तहसील के गरियाता गांव निवासी समाजसेवी डायालाल कुम्हार को इसका पहला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति मुख्यमंत्री एवं राजस्थान फाउंडेशन के अध्यक्ष की ओर से की गई है। राजस्थान सरकार ने विदेशों में रह रहे राजस्थानियों को राज्य से जोड़ने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है। इसी कड़ी में राजस्थान फाउंडेशन के कुवैत चैप्टर का गठन किया गया है। डायालाल कुम्हार (प्रजापति) डूंगरपुर जिले की गलियाकोट तहसील के गरियाता गांव के मूल निवासी हैं और कुवैत में एक प्रतिष्ठित प्रवासी समाजसेवी के रूप में जाने जाते हैं। प्रवासी समुदाय की मदद के लिए हुआ है गठन
राजस्थान फाउंडेशन का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर में बसे राजस्थानियों और राज्य सरकार के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करना है। कुवैत चैप्टर के गठन से वहां रह रहे प्रवासी राजस्थानियों को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, निवेश संभावनाओं, स्टार्टअप, उद्यमिता कार्यक्रमों, पर्यटन, शिक्षा और कौशल विकास जैसी पहलों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा। यह चैप्टर प्रवासी राजस्थानियों को राज्य में निवेश, उद्योग स्थापना, रोजगार सृजन, सामाजिक विकास परियोजनाओं और परोपकारी कार्यों में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करेगा। यह मंच प्रवासी समुदाय को आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग भी उपलब्ध कराएगा। राजस्थान दर्पण एसोसिएशन (आरडीए) कुवैत के महासचिव सतीश पंचाल ने इस नियुक्ति का स्वागत करते हुए कहा कि डायालाल कुम्हार का अनुभव, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक समर्पण कुवैत में बसे राजस्थानियों को एक सशक्त मंच प्रदान करेगा।
उन्होंने इसे प्रवासी राजस्थानी समाज के लिए ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि कुवैत चैप्टर राजस्थान सरकार, प्रवासी समुदाय, निवेशकों और युवा पेशेवरों के बीच प्रभावी सेतु का कार्य करेगा।

डिप्टी-सीएम बैरवा के नाम से कॉल कर अफसर को धमकाया:दो बार खुद का ट्रांसफर करवाया, सरकारी अस्पताल के नर्सिंग ऑफिसर का कारनामा

अजमेर में डिप्टी सीएम सीएम प्रेमचंद बैरवा के नाम से फर्जी कॉल कर ट्रांसफर करवाने का मामला सामने आया है। सरकारी हॉस्पिटल के एक नर्सिंग ऑफिसर ने वॉइस मॉडिफिकेशन एप के जरिए आवाज, नंबर और प्रोफाइल बदलकर अपना तबादला करवा लिया। फर्जी कॉल कर विभागीय अधिकारियों पर दबाव भी बनाया। पुलिस के पास मौखिक शिकायत पहुंची है, लेकिन फिलहाल लिखित शिकायत नहीं होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं पुलिस अधीक्षक का कहना है कि लिखित शिकायत मिलने के बाद संबंधित व्यक्ति पर कार्रवाई की जाएगी। जेएलएन हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे ने कहा कि डिप्टी सीएम के नाम से किशनगढ़ में एक नर्सिंग ऑफिसर का अजमेर में ट्रांसफर की सिफारिश के लिए कॉल आया था। जिसे हमने यहां पोस्टिंग दे दी थी। आरोप है कि नर्सिंग ऑफिसर ने वॉइस मॉडिफिकेशन एप के जरिए आवाज, नंबर और प्रोफाइल बदलकर खुद को उप मुख्यमंत्री बताते हुए न केवल विभागीय अफसर को हड़काया, बल्कि दो बार स्वयं का तबादला भी करवा लिया। बताया जाता है कि नर्सिंग ऑफिसर पहले अजमेर के सेलेलाइट हॉस्पिटल में कार्यरत था, जिसकी शिकायत मिलने पर नेताओं ने उसका दूसरे जिले में ट्रांसफर करने की बात कही। ऐसे में नर्सिंग ऑफिसर वापिस अजमेर के जेएलएन ट्रांसफर कराकर आ गया। इसके बाद किशनगढ़ ट्रांसफर करवा लिया, अब फिर से ऑफिसर ने अजमेर ट्रांसफर करवा लिया है। नेता के पीए को धमकाने पर हुआ खुलासा मामले का खुलासा तब हुआ, जब नर्सिंग ऑफिसर ने पहले ट्रांसफर कराने वाले नेता के निजी सहायक को रुतबा जताने की कोशिश की। पड़ताल में सारे घटनाक्रम और जालसाजी की परतें खुलती चली गई। ये मामला डिप्टी सीएम तक पहुंच गया है। अब इस मामले में कार्रवाई का इंतजार है। बता दें कि नर्सिंग ऑफिसर पूर्व में अजमेर में पोस्टेड था और बाद में उसका तबादला किशनगढ़ कर दिया। अब उसका वापस तबादला अजमेर कर दिया है और वर्तमान में उसे अजमेर में पोस्टिंग दे दी गई है।

'संविधान हत्या दिवस' पर पीएम मोदी से लेकर सीएम योगी ने किया ट्वीट, इमरजेंसी को बताया काला इतिहास

पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और यूपी के सीएम योगी समेत बीजेपी के कई मुख्यमंत्रियों और नेताओं ने इमरजेंसी की 51वीं बरसी पर कांग्रेस पर निशाना साधा है और आपातकाल को संविधान की हत्या करार दिया।