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मोहर्रम के जुलूस में हमले का प्रदर्शन, VIDEO:उज्जैन में क्रेन पर वैन लटकाई और विस्फोट से उड़ा दिया, लिखा- ले फिर आ गए

उज्जैन के पास बड़नगर में मोहर्रम के जुलूस के दौरान एक वैन (टाटा मैजिक) में किए गए विस्फोट का वीडियो सामने आया है। घटना 23 जून की रात की बताई जा रही है। बड़नगर के अडान मोहल्ले से निकले जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। जुलूस में एक वैन को क्रेन की मदद से करीब 40 फीट ऊंचाई पर लटकाया गया। वैन पर दो युवक खड़े होकर लाल झंडे लहराते रहे। इसके बाद वैन में विस्फोट कर उसे उड़ा दिया गया। जिस वैन में ब्लास्ट किया गया, उस पर ‘ले फिर आ गए’ लिखा था। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और गुरुवार शाम तक कार्रवाई की जाएगी। घटनाक्रम की तीन तस्वीरें देखिए… ‘परवेज एडिट्स_2.0’ पर वीडियो शेयर किए थे एक इंस्टाग्राम आईडी ‘परवेज एडिट्स_2.0’ पर इस घटना के वीडियो शेयर किए गए थे। वीडियो में कार में विस्फोट के अलावा युवकों के अलग-अलग प्रदर्शन भी दिखाई दे रहे हैं। कुछ वीडियो में अलग-अलग तरह के विस्फोट नजर आते हैं। वहीं, हुसैनी अखाड़ा शाहजलालपुरा के कार्यक्रम में भी एक युवक को लटकाकर कई तरह के प्रदर्शन किए गए। शिवानंद गिरी बोले- ऐसा करने की इजाजत कैसे मिली वीडियो वायरल होने के बाद हरिद्वार के संत स्वामी शिवानंद गिरी ने इस पर आपत्ति जताई। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ऐसा लगता है जैसे संदेश दिया जा रहा हो कि “हम काफिरों की गाड़ियों को इसी तरह उड़ा देंगे।” हिंदू जागरण मंच के रितेश माहेश्वरी ने बताया कि मोहर्रम के जुलूस के दौरान एक बड़ी क्रेन पर एक वैन लटकाई गई थी, जिस पर कई आपत्तिजनक पोस्टर लगाए गए थे। उन्होंने कहा कि सकल हिंदू समाज की मांग है कि जिला प्रशासन स्पष्ट करे कि इस तरह की गतिविधि की अनुमति दी गई थी या नहीं। इस घटनाक्रम से जुड़े कई फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर भी अपलोड किए गए हैं। टीआई बोले- पूछताछ कर जल्द कार्रवाई करेंगे बड़नगर थाना प्रभारी कमलेश सिंगार ने बताया कि मामले की जानकारी मिल गई है। आयोजकों से पूछताछ कर जांच की जा रही है। जल्द कार्रवाई की जाएगी। ये खबर भी पढ़ें- शाजापुर में मोहर्रम जुलूस में मारपीट, लाठी-डंडों से युवकों ने एक-दूसरे पर हमला किया शाजापुर जिले के मक्सी थाना क्षेत्र के ग्राम झोकर में मोहर्रम के जुलूस के दौरान हुई मारपीट का एक वीडियो गुरुवार को सामने आया है। इस वीडियो में कुछ युवक एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला करते हुए दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह घटना 23 जून की रात की है। पढ़ें पूरी खबर…

हनुमानगढ़ में 2 बदमाश गिरफ्तार:रावतसर में गांजा समेत और टिब्बी में प्रतिबंधित कैप्सूल समेत दबोचा

हनुमानगढ़ जिले में पुलिस ने 2 अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई की। इस दौरान 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके कब्जे से गांजा व प्रतिबंधित कैप्सूल जब्त किए गए। पहली कार्रवाई रावतसर थाना पुलिस ने की। उपनिरीक्षक मुकेश अपनी टीम के साथ गश्त पर थे, तभी वेयर हाउस चौराहे के पास एक गली में संदिग्ध गतिविधि के आधार पर एक व्यक्ति की तलाशी ली गई। तलाशी में उसके पास से 626 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी अशोक कुमार (55), निवासी रावतसर, को मौके से गिरफ्तार कर लिया। इसी तरह टिब्बी थाना पुलिस की टीम ने गश्त के दौरान वार्ड नंबर 22 निवासी वीर देवेंद्र उर्फ बिंदी (36) को पकड़ा। उसके कब्जे से 150 प्रतिबंधित प्रीगाबालिन कैप्सूल बरामद किए गए। आरोपी के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

कालिका माता मंदिर की गौशाला में घुसा कोबरा:पुजारी ने सुरक्षित किया रेस्क्यू, दुर्ग के जंगल में छोड़ा

चित्तौड़गढ़ दुर्ग स्थित प्रसिद्ध कालिका माता मंदिर में गुरुवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने कुछ देर के लिए मंदिर परिसर में मौजूद लोगों की चिंता बढ़ा दी। मंदिर की गौशाला में अचानक एक बड़ा कोबरा सांप घुस आया। उस समय वहां रोज की तरह गायों की देखभाल और सेवा का काम चल रहा था। जैसे ही गौशाला में सांप दिखा, वहां मौजूद गायें असहज हो गईं और सेवादारों के साथ मंदिर में आए श्रद्धालु भी सतर्क हो गए। मंदिर के पुजारी लाल सिंह ने बिना देर किए मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और समझदारी दिखाते हुए कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू किया। गौशाला में दिखा कोबरा, बढ़ गई चिंता जानकारी के अनुसार कालिका माता मंदिर परिसर की गौशाला में सुबह नियमित सेवा काम चल रहा था। इसी दौरान वहां एक लंबा कोबरा सांप रेंगता हुआ दिखाई दिया। गौशाला में सांप दिखते ही वहां मौजूद लोगों ने तुरंत मंदिर के पुजारी लाल सिंह को सूचना दी। गौशाला में बड़ी संख्या में गायें मौजूद थीं, इसलिए सभी को यह डर था कि कहीं सांप किसी गाय या वहां काम कर रहे व्यक्ति को नुकसान न पहुंचा दे। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही भी बनी रहती है, इसलिए हालात को संभालना जरूरी था। आमतौर पर ऐसे मामलों में वन विभाग या स्नेक कैचर को बुलाया जाता है, लेकिन ऐसी प्रक्रिया में समय लग सकता था। इसी वजह से मौके की गंभीरता को देखते हुए पुजारी लाल सिंह ने खुद आगे आकर सांप को काबू करने का फैसला किया। पुजारी लाल सिंह ने खुद संभाला मोर्चा प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पुजारी लाल सिंह मौके पर पहुंचे तो उन्होंने सबसे पहले गौशाला के आसपास मौजूद लोगों को दूर रहने के लिए कहा। इसके बाद उन्होंने काफी सावधानी और धैर्य के साथ कोबरा सांप को काबू में करने की कोशिश शुरू की। सांप लगातार फन उठाकर बचने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुजारी ने बिना घबराए उसे नियंत्रित रखा। कुछ मिनटों की मशक्कत के बाद उन्होंने कोबरा को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। मंदिर परिसर में मौजूद लोगों ने भी राहत की सांस ली। सुरक्षित स्थान पर छोड़ा गया कोबरा कोबरा को पकड़ने के बाद पुजारी लाल सिंह ने उसे मंदिर परिसर या आबादी वाले इलाके में रखने की जगह दुर्ग क्षेत्र के ही एक सुनसान और सुरक्षित जंगली हिस्से में ले जाकर छोड़ दिया।

बूंदी में 31 करोड़ के विकास कार्यों का शिलान्यास:लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे, 25 किसान विश्राम गृह भी बनेंगे

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला गुरुवार को बूंदी जिले के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे कापरेन में 31.11 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास करेंगे।
साथ ही राज्य बजट 2026-27 के तहत जिले में स्वीकृत 25 किसान विश्राम स्थलों की सौगात भी किसानों को मिलेगी। लोकसभा अध्यक्ष शाम 5 बजे जयपुर से कापरेन पहुंचेंगे। रघुनाथ धर्मशाला परिसर में आयोजित समारोह में वे आईटीआई भवन, ड्रेनेज एवं सौंदर्यीकरण कार्य, नंदीशाला और पुलियाओं सहित विभिन्न विकास कार्यों की आधारशिला रखेंगे। इन सभी कार्यों की कुल लागत 31.11 करोड़ रुपए है। अरनेठा में लोगों से करेंगे सीधा संवाद
इसके बाद वे शाम 7:30 बजे बिरला अरनेठा पहुंचेंगे। यहां वे ‘ग्राम संपर्क संवाद’ कार्यक्रम में भाग लेंगे, जहां वे क्षेत्रवासियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुनेंगे। राजस्थान सरकार की बजट घोषणा 2026-27 के अंतर्गत कोटा और बूंदी जिले में किसान विश्राम स्थलों के निर्माण को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। बूंदी जिले में कुल 25 किसान विश्राम स्थल बनाए जाएंगे, जिनमें से प्रत्येक पर 6 लाख रुपए खर्च होंगे।
इन विश्राम स्थलों से किसानों को मंडियों और प्रमुख मार्गों पर आवागमन के दौरान बैठने, विश्राम करने तथा शौचालय-पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाएं मिलेंगी। यह सुविधा उन्हें तेज धूप और बारिश से भी राहत देगी। किसान विश्राम गृह रात को रूक सकेंगे किसान
बूंदी जिले में ये किसान विश्राम स्थल गुढ़ानाथावतान, दौलाडा, लोईचा, धनेश्वर, माटून्दा, रायथल, खटखड़ (बूंदी मंडी क्षेत्र); झालीजी का बरना, इन्द्रगढ़, जयस्थल, जैतपुर, केशवरायपाटन, रोटेदा, बलवन, चरडाना, करवर, कैथूदा (केशवरायपाटन क्षेत्र); तथा देई, रजलावता, ठीकरदा, डोकून, पेंच की बावड़ी, मैंड़ी, आलोद और हिण्डोली (देई-सुमेरगंज क्षेत्र) में बनाए जाएंगे।
इन स्थलों पर किसान रात को सुरक्षित रुक सकेंगे, जिससे दूरदराज से आने वाले किसानों को अपनी फसल चोरी होने का डर भी कम होगा।

30 मिनट में बन गया जन्म प्रमाण पत्र:शहरी सेवा शिविरों में लोगों ने उठाया फायदा

डीडवाना-कुचामन जिले में लाडनूं नगरपालिका परिसर में आयोजित शहरी सेवा शिविर में कई नागरिकों को मौके पर ही प्रमाण-पत्र जारी किए गए।
अशोक चंद और उम्मेद चौहान ने जन्म पंजीयन के लिए आवेदन किया, जिसके बाद अधिकारियों ने मात्र 30 मिनट के भीतर उनके जन्म प्रमाण-पत्र जारी कर दिए। इसी शिविर में जाहिर खान को भी विवाह प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया गया। इन त्वरित सेवाओं से लाभार्थियों को सरकारी कार्यों के लिए लगने वाले समय और परेशानी से राहत मिली है। सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने से मिली राहत
तत्काल राहत मिलने पर लाभार्थियों ने राज्य सरकार और शिविर में कार्यरत अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि इतनी कम समयावधि में प्रमाण-पत्र मिलना उनके लिए एक सुखद अनुभव रहा, जबकि पहले ऐसे कार्यों के लिए कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। लाभार्थियों ने इस पहल को नगरीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए बेहद उपयोगी बताया। उनका कहना था कि शहरी सेवा शिविरों के माध्यम से आमजन को समय के साथ-साथ अनावश्यक परेशानियों से भी राहत मिल रही है।

सरकारी-अस्पताल में गार्ड ने मरीज के परिजन की कॉलर पकड़ी:वार्ड से बाहर निकाल दिया, हंगामे के बीच सुपरवाइजर कमरे में सोता रहा

अलवर के जिला अस्पताल में गुरुवार देर रात हंगामा हो गया। इस दौरान अस्पताल के गार्ड्स ने मरीजों के अटेंडेंट्स के साथ बदसलूकी की। एक युवक की कॉलर पकड़ी और गले की चेन खींच ली। जबरन वार्ड से बाहर धकेल दिया। इस दौरान अस्पताल परिसर में जमकर तीखी नोकझोंक और ड्रामा हुआ। इतने हंगामे के बावजूद पूरी व्यवस्था संभालने वाले नाइट सुपरवाइजर रमेश चंद कमरे की कुंदी बंद कर गहरी नींद में सोते रहे। बाद में ड्यूटी डॉक्टर ने मौके पर पहुंचकर सुपरवाइजर को जगाया। मामला शांत कराया। कॉलर पकड़ी और धक्का देकर बाहर निकाला’ जाड़ला (कठूमर) निवासी सोनू ने बताया- मेरी मां की आंतों में इन्फेक्शन होने के कारण उन्हें तीन दिन पहले हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। मैं वार्ड में अपनी मां के पास बैठा था, तभी गार्ड्स आए और अटेंडेंट्स को बाहर निकालने लगे। मेरे विरोध करने पर गार्ड्स ने कॉलर पकड़ ली। खींचते हुए वार्ड से बाहर कर दिया, इससे हंगामा बढ़ गया। अजरका निवासी सतेंद्र कुमार ने बताया- मेरी पत्नी ब्रेन हेमरेज की शिकार है और अस्पताल में भर्ती हैं। वार्ड में पत्नी को ड्रिप (बोतल) चढ़ रही थी। मैं पास ही रखी टेबल पर बैठा था। इसी दौरान दो गार्ड्स आए और बदतमीजी करते हुए धक्का देकर वार्ड से बाहर निकाल दिया। नाइट सुपर सोते रहे, ड्यूटी डॉक्टर ने संभाला मोर्चा हंगामे के दौरान जब अस्पताल प्रशासन की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब नाइट सुपरवाइजर रमेश चंद जाट अपने कमरे का गेट बंद कर सोते रहे। शोर-शराबा सुनकर मौके पर पहुंचे ड्यूटी डॉक्टर ने पहले तो सो रहे नाइट सुपर के कमरे का दरवाजा पीटकर उन्हें जगाया। इसके बाद डॉक्टर ने सूझबूझ दिखाते हुए गार्ड्स और पीड़ित परिजनों से समझाइश की और मामले को शांत कराया। पीएमओ बोले- मामले की जांच करवाएंगे प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण शर्मा से बात की गई तो मामला संज्ञान में आया। उन्होंने पूरी घटना को गंभीरता से लेते हुए कहा- मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जैसलमेर-फलोदी बॉर्डर पर मैन टू मैन सर्वे:एसपी बोले- एजेंसियों का सहयोग करें; बाहरी मजदूर और फेरीवालों के डॉक्युमेंट्स जाचेंगे

भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे राजस्थान के संवेदनशील सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा को अभेद्य बनाने और अवैध घुसपैठ पर लगाम कसने के लिए प्रशासन और खुफिया एजेंसियों ने ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत अब तक का सबसे बड़ा मैन-टू-मैन सर्वे शुरू किया है। इस अभियान के तहत बॉर्डर से 50 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले हर एक नागरिक का गहनता से घर-घर जाकर वेरिफिकेशन किया जाएगा। जिसकी शुरुआत पिछले शनिवार को फलोदी के 15 किमी क्षेत्र से हो चुकी है। इस संवेदनशील और प्रतिबंधित क्षेत्र में बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे बाहरी मजदूरों और फेरीवालों पर सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर है। हालांकि, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जैसलमेर के एसपी अभिषेक शिवहरे ने स्पष्ट किया है कि बॉर्डर से सटे इलाकों में सुरक्षा को चाक-चौबंद रखना और इस तरह की जांच करना एक निरंतर चलने वाली सामान्य प्रक्रिया है, जिसके तहत हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। फलोदी से हुई शुरुआत, 50 किमी तक बढ़ेगा दायरा बॉर्डर से सटे 15 किलोमीटर के दायरे में बसे लोगों के सर्वे का काम फलोदी जिले में गत शनिवार 20 जून से शुरू हो चुका है। फिलहाल शुरुआती चरण में 15 किमी के दायरे को ही रखा गया है, लेकिन इसके पूरा होते ही जैसलमेर सहित पूरे सरहदी बेल्ट में 50 किमी तक बसे गांवों व ढाणियों में यह काम तेज किया जाएगा। बॉर्डर के इस पूरे क्षेत्र को अलग-अलग सेक्टरों में बांटा गया है, जहां राजस्व, पुलिस और खुफिया एजेंसियों की संयुक्त टीमें तैनात की गई हैं। ऑपरेशन क्लीन अभियान सीमावर्ती जिले जैसलमेर और फलोदी में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरी तरह कमर कस ली है। जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन क्लीन’ के पहले चरण में संदिग्ध भवनों, होटलों और नए निर्माणों के व्यापक सर्वे के बाद अब प्रशासन ने सबसे बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। इसके तहत भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे 50 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले हर एक नागरिक की गहनता से जांच की जाएगी और उनकी विस्तृत सूचियां तैयार की जाएंगी। बिना पुलिस वेरिफिकेशन मजदूर रखने पर होगी कार्रवाई पिछले कुछ समय में जैसलमेर के सीमावर्ती इलाकों में बाहरी मजदूरों, फेरीवालों और संदिग्ध रूप से रह रहे लोगों की आवाजाही तेजी से बढ़ी है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य उन लोगों की पहचान करना है जो बिना किसी वैध दस्तावेज के इस प्रतिबंधित क्षेत्र में रह रहे हैं। बिना वैध पहचान पत्र के पाए जाने या पहचान छुपाने वाले व्यक्ति को तुरंत हिरासत में लिया जाएगा। इसके अलावा स्थानीय निवासियों और नियोक्ताओं को पाबंद किया गया है कि वे अपने घरों, खेतों या व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में किसी भी बाहरी व्यक्ति या मजदूर को रखने से पहले उसकी सूचना स्थानीय पुलिस थाने में अनिवार्य रूप से दें। ऐसा न करने वाले मकान मालिकों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एजेंसियों का सपोर्ट करे आमजन सरहद पर बढ़ती इस प्रशासनिक हलचल और सुरक्षा घेरे को लेकर जैसलमेर के एसपी अभिषेक शिवहरे ने बताया कि बॉर्डर से सटे इलाकों में सुरक्षा और नागरिक सत्यापन एक निरंतर प्रक्रिया है, जो नियमित रूप से चलती रहती है। इसका उद्देश्य सीमा सुरक्षा को मजबूत बनाए रखना और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लगाना है। आमजन को भी सुरक्षा एजेंसियों का सहयोग करना चाहिए।

जोधपुर में सूखा बीतेगा जून, 29 तक छाए रहेंगे बादल:अगले 6 दिन बारिश का कोई अलर्ट नहीं, एक डिग्री तक गिरा तापमान

जोधपुर में लगातार गर्मी का असर बना हुआ है। हालांकि गुरुवार सुबह बादल छाए रहे और ठंडी हवा का दौर चला। लेकिन, कुछ देर बाद दोबारा मौसम बदला और धूप निकली। इधर, लगातार चल रही ठंडी हवा से तापमान भी 1 डिग्री गिरकर 40 से 39 डिग्री तक पहुंच गया। इधर, मौसम विभाग के अनुसार जून महीना भी इस बार सूखा बीतने वाला है। सुबह छाए बादल, ठंडी हवा चली गुरुवार को भी सुबह अचानक मौसम बदला। बादल छाए रहे और ठंडी हवा का दौर चला। ऐसे में तापमान में भी हल्की गिरावट देखी गई। लेकिन, शहर में गर्मी का असर इसके बाद भी बना हुआ है। जानें-अगले 6 दिन कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अुसार आने वाले 6 दिनों में आंधी-बारिश का अलर्ट नहीं है। अगले पांच दिन यानी 29 जून तक बादल छाए रहेंगे। वहीं 30 जून को आसमान साफ रहेगा। तापमान भी 40 डिग्री तक रहने की उम्मीद है। ऐसे में साफ है कि जून महीना भी इस बार सूखा बीतने वाला है।

स्थाई लोक अदालत ने हाउसिंग-बोर्ड पर लगाया 42हजार का जुर्माना:सफल बोलीदाता को 2 महीने में दुकानों का पट्टा देने के निर्देश, बोली के बाद हाउसिंग बोर्ड ने नीलामी कर दी थी रद्द

जयपुर महानगर प्रथम की स्थाई लोक अदालत ने नीलामी में सफल बोलीदाता के पक्ष में दुकानों की सेल डीड (विक्रय पत्र) निष्पादित नहीं करने पर हाउसिंग बोर्ड पर 42 हजार रुपए का जुर्माना लगाया हैं। साथ ही हाउसिंग बोर्ड को 2 महीने में दोनों दुकानों को परिवादी के नाम ट्रांसफर करने का निर्देश भी दिया है। यह आदेश अध्यक्ष मनोज कुमार सहारिया और सदस्य बलदेवराज बेनीवाल की बैंच ने अलवर निवासी प्रवीण कुमार शर्मा के परिवाद को निस्तारित करते हुए दिए। परिवाद में कहा गया था कि हाउसिंग बोर्ड ने जयपुर के मानसरोवर में दो कॉमर्शियल दुकानों की नीलामी की सूचना 7 जनवरी 2025 जारी की थी। तय समय पर परिवादी नीलामी प्रक्रिया में शामिल हुआ, उसने बेस प्राइस से ज्यादा की बोली लगाई, नीलामी में उसके अलावा कोई ओर बोलीदाता नहीं होने से उसके पक्ष में बोली स्वीकार हुई। नीलामी की शर्तों की पालना में परिवादी ने पोस्ट इवेन्ट राशि 11.79 लाख रुपए जमा भी करवा दिए। लेकिन उसके पक्ष में दुकानों की सेल डीड नहीं करवाई गई। परिवादी को करीब 5 महीने बाद 20 मई 2025 को सूचना दी गई कि नीलामी में एक मात्र बोलीदाता होने के चलते नीलामी को ही रद्द कर दिया गया है। बोर्ड को रेवेन्यू का नुकसान से बचाया
जवाब में हाउसिंग बोर्ड की ओर से कहा गया कि नीलामी प्रक्रिया में एक ही बोलीदाता होने से प्रतिस्पर्धा नहीं हो सकी। ऐसे में हाउसिंग बोर्ड के 28 जनवरी 2014 के आदेश के बिंदू संख्या-13 में नीलामी समिति को मिले अधिकारों का प्रयोग करते हुए नियमानुसार नीलामी को निरस्त किया गया। इसमें हाउसिंग बोर्ड ने कोई गैर कानूनी और नियम विरूद्ध कार्य नहीं किया हैं, बल्कि बोर्ड को राजस्व हानि से बचाने के लिए नियमानुसार नीलामी को निरस्त किया हैं। नीलामी निरस्त करना अवैध-मनमाना
आदेश में स्थाई लोक अदालत ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड की 16 सितंबर 2019 की अधिसूचना में स्पष्ट प्रावधान है कि एकल बोलीदाता होने के आधार पर नीलामी निरस्त नहीं की जाएगी। वहीं बोर्ड के 13 और 17 जनवरी 2025 के आदेश भी इस अधिसूचना की पुष्टि करते हैं। ऐसे में बोर्ड का यह फैसला अपने ही आदेशों व अधिसूचना के विरूद्ध हैं। बोर्ड ने 28 जनवरी 2014 के आदेशों के तहत नीलामी रद्द की। जबकि उसके बाद की अधिसूचना और आदेश इसके खिलाफ हैं। ऐसे में पहले के आदेश को बाद के आदेशों पर वरीयता नहीं दी जा सकती हैं। इसलिए हाउसिंग बोर्ड का नीलामी को निरस्त करना अवैध, अनुचित और मनमाना कृत्य हैं।

स्कूल हॉल में फंदे पर लटका मिला युवक:रिकॉर्ड रूम में लगी आग, डीवीआर जला; धुंआ उठता देख किया फायर बिग्रेड को कॉल

पाली शहर के टैगोर नगर स्थित एक निजी स्कूल में गुरुवार सुबह स्कूल परिसर से धुआं उठता दिखाई दिया। पड़ोसियों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। मौके पर पहुंची ब्रिगेड टीम ने रिकॉर्ड रूम में लगी आग बुझाई, लेकिन इसी दौरान स्कूल के हॉल में एक युवक फंदे पर लटका मिला। पुलिस ने शव को बांगड़ हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाकर जांच शुरू कर दी है। धुआं उठता देख लोगों ने बुलाया फायर ब्रिगेड जानकारी के अनुसार, स्कूल से धुआं उठता देख आसपास के लोगों ने फायर ब्रिगेड और डिस्कॉम को सूचना दी। जिसके बाद एहतियात के तौर पर स्कूल की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। सूचना मिलते ही दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे। जांच करने पर पता चला कि स्कूल के रिकॉर्ड रूम में आग लगी हुई है। इसके बाद टीम ने तुरंत आग बुझाने का काम शुरू किया और कुछ देर की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। लेकिन तब तक रिकॉर्ड रूम में रखा सामान और वहां लगा डीवीआर जल चुका था। आग बुझाने के दौरान जब दमकलकर्मी स्कूल के हॉल की तरफ पहुंचे, तो उनकी नजर हॉल में लगी लोहे की रैली पर पड़ी। वहां एक युवक फंदे से लटका हुआ मिला। युवक को इस हालत में देखकर दमकलकर्मियों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर कोतवाली थाने के एएसआई जगदीश कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मृतक की पहचान टैगोर नगर स्थित सरस्वती स्कूल के पास रहने वाले राघवेन्द्र (30) पुत्र एसएन शर्मा के रूप में हुई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर बांगड़ हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया और मामले की जांच शुरू कर दी। रात को स्कूल में रुकने की कही थी बात प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि राघवेंद्र पहले इसी स्कूल में शिक्षक था। बाद में उसे ऑफिस कार्य में लगाया गया था। वह पिछले छह-सात साल से स्कूल में काम कर रहा था। पुलिस के अनुसार, बुधवार रात करीब 8:30 से 9 बजे के बीच राघवेंद्र दोबारा स्कूल पहुंचा था। उसने स्कूल स्टाफ से कहा था कि वह रात में स्कूल में ही रुकेगा और वहीं सोएगा। गुरुवार सुबह जब पत्नी ने कई बार फोन किया तो राघवेंद्र ने कॉल रिसीव नहीं की। इसके बाद पत्नी स्कूल पहुंची। वहां पहुंचने पर उसने स्कूल परिसर से धुआं उठता देखा और आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। 4 बहनों का इकलौता भाई, पिता का पहले हो चुका निधन राघवेंद्र 4 बहनों का इकलौता भाई था। उसके दो छोटे बच्चे हैं। परिवार टैगोर नगर क्षेत्र में ही रहता है। परिजनों के अनुसार, राघवेंद्र के पिता बैंक से रिटायर थे और उनका पहले ही निधन हो चुका है। घटना की सूचना मिलने पर मृतक की मां और पत्नी मौके पर पहुंचीं। बेटे और पति का शव देखकर दोनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें संभाला। पुलिस कई पहलुओं से कर रही जांच पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि राघवेंद्र ने फंदा क्यों लगाया। साथ ही रिकॉर्ड रूम में आग कैसे लगी, यह हादसा था या किसी ने जानबूझकर आग लगाई, इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।