ब्रेकिंग न्यूज़
राजस्थान में 76 नई नगरपालिकाओं का गठन:15 साल का सबसे बड़ा विस्तार, 684 नए पद मंजूर; जयपुर-झुंझुनूं में सबसे ज्यादा 7-7 निकाय

राजस्थान में तेजी से बढ़ रहे कस्बोंं और शहरी क्षेत्रों के लिए राज्य सरकार ने नगरीय विकास को गति देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में 76 नई नगरपालिकाओं के गठन को मंजूरी दे दी गई। साथ ही राज्य में नगरीय निकायों की संख्या 309 से बढ़कर 385 हो गई है। नई नगरपालिकाओं के संचालन और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए स्वायत्त शासन विभाग में 684 नए पद भी बनाए गए हैं। पिछले तीन सालों में विभाग में पहली बार भर्ती की मंजूरी मिली है। जबकि इतनी बड़ी संख्या में पदों का सृजन पिछले 15 सालों में पहली बार हुआ है। नई नगरपालिकाओं में सबसे अधिक 7-7 निकाय जयपुर और झुंझुनूं जिलों में बनाए गए हैं। राज्य सरकार का यह फैसला भाजपा सरकार के मौजूदा कार्यकाल में स्थानीय निकायों के विस्तार का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि इससे नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों में तेजी आएगी। जयपुर जिले में ये बनी नगर पालिकाएं जयपुर जिले में वाटिका, जमवारामगढ़, फागी, दूदू, कानोता, खेजरोली और कालाडेरा को नगर पालिका का दर्जा दिया गया है। इसके अलावा दौसा, अलवर और टोंक में चार-चार नई नगरपालिकाएं गठित की गई हैं। वहीं बालोतरा, बाड़मेर और अजमेर में तीन-तीन नई नगरपालिकाओं का गठन किया गया है। इसके अलावा अन्य कई जिलों में भी नए नगरीय निकाय बनाए गए हैं। 684 नए पदों पर होगी भर्ती नई नगरपालिकाओं के गठन के साथ सरकार ने इनके प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दिया है। स्वायत्त शासन विभाग में 684 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इन पदों पर भर्ती होने से नई नगरपालिकाओं में प्रशासनिक कार्यों का संचालन सुचारू रूप से हो सकेगा। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे। झुंझुनूं में ये बनी नगर पालिकाएं इन जिलोंं में भी बनीं 76 नगर पालिकाओं में ये पद किए स्वीकृत सरकार ने प्रदेश की 76 नवगठित नगर पालिकाओं में प्रशासनिक कामकाज के लिए 684 नए पदों के सृजन को प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी दी है। प्रत्येक नगर पालिका में एक-एक अधिशासी अधिकारी (चतुर्थ), सहायक राजस्व निरीक्षक, कनिष्ठ अभियंता (सिविल), कनिष्ठ लेखाकार, ठोस कचरा प्रबंधक (स्वास्थ्य निरीक्षक), वरिष्ठ प्रारूपकार और वरिष्ठ सहायक का पद स्वीकृत किया गया है। वहीं दो-दो कनिष्ठ सहायकों के पद सृजित किए गए हैं। सरकार ने इसके साथ ही पहले से गठित 6 नगर पालिकाओं में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, चौकीदार, सफाई जमादार और सफाई कर्मचारियों के कार्य आउटसोर्सिंग के माध्यम से कराने की पहले स्वीकृति तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी है। इन छह निकायों के लिए पहले स्वीकृत 54 पदों से संबंधित व्यवस्था भी समाप्त कर दी गई है।

मोहर्रम पर जयपुर में हाई अलर्ट:3 हजार पुलिसकर्मी तैनात, ट्रैफिक डायवर्जन और परकोटे में कई मार्गों पर वाहनों की एंट्री बंद

मोहर्रम के अवसर पर आज जयपुर शहर में निकलने वाले ताजिया जुलूसों को लेकर पुलिस और जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था लागू की है। परकोटा क्षेत्र में कई मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी, जबकि भारी वाहनों के शहर में प्रवेश पर भी रोक रहेगी। वहीं, पूरे शहर में करीब 3 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। आमजन से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने और पुलिस के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। संजय सर्किल, अजमेरी गेट, न्यू गेट, सांगानेरी गेट, घाट गेट, गलता गेट और रामगढ़ मोड़ से परकोटे में सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। अन्य क्षेत्रों से आने वाले यातायात को आवश्यकता अनुसार वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया जाएगा। भारी वाहनों की एंट्री पर रहेगी रोक आज रोड नंबर-14 वीकेआई, कालवाड़ पुलिया, सिरसी पुलिया, 200 फीट अजमेर रोड, न्यू सांगानेर मोड़, गोपालपुरा मोड़, ट्रांसपोर्ट नगर चौराहा, धोबीघाट, रामगढ़ मोड़, गलता गेट चौराहा और आमेर तिराहे सहित कई प्रमुख प्रवेश मार्गों से शहर में भारी मालवाहक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इन बाजारों में पार्किंग रहेगी प्रतिबंधित ताजिया जुलूस के दौरान चौड़ा रास्ता, बड़ी चौपड़, बापू बाजार, जौहरी बाजार, हवामहल बाजार, सुभाष चौक, माउंट रोड, रामगंज बाजार, घाट गेट बाजार, चार दरवाजा, चांदपोल बाजार, छोटी चौपड़, त्रिपोलिया बाजार, गणगौरी बाजार, गोपीनाथ मार्ग, इंदिरा बाजार, किशनपोल बाजार, खजाने वालों का रास्ता, एमआई रोड और एमडी रोड सहित कई प्रमुख बाजारों और मार्गों पर पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। कर्बला तक निकलेगा ताजिया जुलूस आज दोपहर बाद विभिन्न क्षेत्रों से ताजिए बड़ी चौपड़ पहुंचेंगे। यहां से जुलूस हवामहल बाजार, चांदी की टकसाल, सुभाष चौक, जोरावर सिंह गेट और रामगढ़ मोड़ होते हुए कर्बला जाएगा। इस दौरान दोपहर से देर रात तक परकोटे के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर वाहनों की एंट्री बंद रहेगी और ट्रैफिक को डायवर्ट किया जाएगा। 3 हजार पुलिसकर्मी, ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी पुलिस मुख्यालय के निर्देशों पर राजधानी जयपुर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। एडिशनल कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर राजीव पचार ने बताया कि शहर के भीतर और बाहरी क्षेत्रों में करीब 3 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए इंटेलिजेंस के जवान सादा वर्दी में मौजूद रहेंगे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) और इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (ERT) को भी तैनात किया गया है। लाइसेंसधारी ताजियों को ही जुलूस की अनुमति जिला प्रशासन और पुलिस ने शांति समिति तथा सीएलजी सदस्यों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल लाइसेंसधारी ताजियों को ही जुलूस के रूप में निकाला जाएगा। जुलूस के मार्ग पर बिजली, पानी और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित विभागों को भी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई मोहर्रम के दौरान अभय कमांड सेंटर, शहरभर में लगे सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन कैमरों से हर गतिविधि की निगरानी की जाएगी। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। पुलिस की साइबर सेल सोशल मीडिया पर विशेष नजर रखेगी और अफवाह फैलाने या भ्रामक सूचनाओं के जरिए कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आमजन से अपील यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोहर्रम के दौरान जारी ट्रैफिक डायवर्जन का पालन करें, प्रतिबंधित मार्गों पर वाहन लेकर न जाएं और भीड़भाड़ से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें, ताकि जुलूस शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके।

मृत्युभोज में घी के मालपुए नहीं बनवाने पर हुक्का-पानी बंद:43 परिवारों को दुकानों से राशन नहीं मिल रहा, कुएं से पानी नहीं दे रहे

आर्थिक तंगी की मार झेल रहे परिवार ने मृत्युभोज में ‘घी के मालपुए’ नहीं बनवाए। सादा खाना खिलाया। इससे समाज के लोग इतने नाराज हुए कि इनका हुक्का-पानी बंद करने का फरमान सुना दिया। इस गरीब परिवार का समर्थन करने वाले 42 अन्य परिवारों पर भी यही तुगलकी फरमान लागू किया गया। अब परिवारों को न दुकानदार राशन दे रहा है, न ही कुएं से पानी नहीं भरने दिया जा रहा है। पंचों की बंदिशें यहीं नहीं रुकीं। पीड़ित परिवारों के घरों में मेहमानों के आने और उनके किसी रिश्तेदारी में जाने पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है। पंचों के फरमान की अनदेखी करने पर 11 हजार रुपए और पूरे समाज को सामूहिक भोजन (जीमण) का दंड भुगतना होगा। यह पूरा मामला सिरोही के बरलूट थाना इलाके के मंडवारिया गांव का है। पीड़ित परिवारों ने अब जिला कलेक्टर से शिकायत की है। अब सिलसिलेवार समझते हैं पूरा मामला… सादा भोजन नागवार गुजरा, पंचों ने समाज से बाहर किया पीड़ित परिवारों ने बताया कि गांव में 5 जून को सदाराम पुत्र बलवाजी का निधन हो गया था। 17 जून को हुए मृत्युभोज में परिवार की माली हालत ठीक न होने के कारण घी के मालपुआ नहीं बनाए जा सके। बेहद सादा भोजन कराया गया। इस बात से समाज के एक दर्जन से अधिक पंच इस कदर नाराज हुए कि उन्होंने अगले ही दिन 18 जून को फरमान सुनाकर इस परिवार सहित कुल 43 समर्थक परिवारों को समाज से बाहर कर दिया। जीना हुआ दूभर, बच्चे भूखे सोने को मजबूर बहिष्कार की मार झेल रहे परिवारों का जीना मुश्किल हो गया है। गांव के दुकानदार उन्हें राशन का सामान नहीं दे रहे हैं। खेत मालिक उन्हें मजदूरी पर नहीं रख रहे हैं। हद तो यह है कि इन परिवारों को गांव के सार्वजनिक कुएं से पानी तक भरने नहीं दिया जा रहा है। राशन न मिलने के कारण घरों में बच्चे भूखे सो रहे हैं। थाने में सुनवाई नहीं, अब कलेक्टर से गुहार पीड़ितों ने 20 जून को बरलूट थाने में नामजद रिपोर्ट दी थी। आरोप है कि पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे परेशान होकर गुरुवार को सभी 43 परिवारों के लोग सिरोही कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई।
उधर, बरलूट थाने के जांच अधिकारी रमेश कुमार ने कहा- परिवाद हमारे पास आया है। जांच चल रही है। यह मामला कोई पुरानी रंजिश का लग रहा है। शादी-ब्याह और रिश्तों पर भी पहरा पीड़ित गोपाल बताते हैं- मेरी बुआ की लड़की की 20 जून को शादी थी। पंचों के डर से मैं शादी में नहीं गया। फरमान है कि यदि कोई जाएगा तो उसे 11 हजार रुपए और पूरे समाज को सामूहिक भोजन (जिम) का दंड देना होगा।
अन्य पीड़ित भोगीलाल ने बताया- मेरे भाई दिनेश की 24 जून को शादी थी। ननिहाल वालों ने दंड और मालपुए की मांग के डर से पीले चावल (निमंत्रण) लेने से ही इनकार कर दिया। इसके चलते शादी में कोई शामिल नहीं हुआ। पीड़ितों की जुबानी…. तेजाराम ने कहा- पंचों ने कहा कि हमने सादा भोजन खिलाकर समाज की नाक कटा दी। अब गांव में हमसे कोई बात नहीं करता। कुएं से पानी नहीं लेने दे रहे। गोपाल ने कहा- पंचों के फरमान का ऐसा डर है कि मैं बुआ की लड़की की शादी तक में नहीं गया। भोगीलाल कहते हैं- मेरे भाई की शादी में कोई रिश्तेदार नहीं आया। ननिहाल वालों ने डर से पीले चावल (निमंत्रण) लेने से ही इनकार कर दिया। कमला देवी ने कहा- हमारी बहू-बेटियों से गांव में कोई बोलता तक नहीं। घी के मालपुआ नहीं बनाए तो क्या हम इंसान नहीं रहे? ये कैसा इंसाफ है? राजस्थान में ‘पंच-पटेलों’ के कुछ ऐसे फैसले, जिनके आगे तालिबानी सजा भी कम पड़ जाए… —— राजस्थान में तुगलकी फरमान की ये खबरें भी पढ़िए…

हाईकोर्ट ने जैसलमेर दरगाह मामले में सरकार से मांगा जवाब:ध्वस्तीकरण नोटिस के खिलाफ लगी थी याचिका, अब 29 जून को होगी अगली सुनवाई

राजस्थान हाईकोर्ट ने जैसलमेर जिले के रामगढ़ स्थित पीर मोहम्मद शाह जिलानी दरगाह को लेकर सरकार से जवाब मांगा है। दरगाह के ध्वस्तीकरण नोटिस के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने जवाब पेश करने के आदेश दिए हैं। सरकार ने जवाब पेश करने के लिए हाईकोर्ट से समय मांगा है। अवकाशकालीन पीठ के न्यायाधीश जस्टिस बलजिंदरसिंह संधू ने मामले की अगली सुनवाई 29 जून को निर्धारित की है। पीठ ने याचिकाकर्ता को नोटिस का जवाब देने की स्वतंत्रता भी प्रदान की है। या​चिका में कहा-200 साल पुरानी दरगाह याचिका में बताया गया है कि यह दरगाह करीब 200 साल पुरानी है और लंबे समय से धार्मिक गतिविधियों का केंद्र रही है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और हर साल आयोजित होने वाले उर्स कार्यक्रम को भी स्थानीय प्रशासन अनुमति देता रहा है। याचिकाकर्ता ने यह भी जानकारी दी कि दरगाह के पास स्थित कब्रिस्तान को देखते हुए ग्राम पंचायत ने 2021 में तीन बीघा भूमि आवंटित करने का प्रस्ताव पारित किया था, जो अब तक पेंडिंग है। सरकार ने जवाब के लिए समय मांगा दरगाह समिति का आरोप है कि जून 2026 में सीमा क्षेत्रों में अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई के बाद जारी किया गया। यह नोटिस सुप्रीम कोर्ट द्वारा संरचनाओं के ध्वस्तीकरण संबंधी निर्धारित प्रक्रिया और दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं है। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ने जवाब दाखिल करने के लिए न्यायालय से समय मांगा।

बांसवाड़ा में जुल्फिकार का जुलूस-निकला, मुकामी ताजियों को दी सलामी:अकीदतमंदों ने चांदी के ताजिए चढ़ाए, हैरतअंगेज करतब दिखाए

बांसवाड़ा में मोहर्रम के अवसर पर गुरुवार रात 9वीं के मौके पर शहर में पारंपरिक जुल्फिकार का जुलूस अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। नमाज-ए-इशा के बाद पृथ्वीगंज मस्जिद में सिंधीवाड़ा पंच की ओर से जुल्फिकार बांधने की रस्म अदा की गई। रस्म पूरी होने के बाद अकीदतमंदों ने मन्नतें पूरी होने पर जुल्फिकार पर चांदी से बने विभिन्न प्रतीक चढ़ाए। जुलूस में युवाओं ने हैरतअंगेज करतब दिखाए, जबकि ढोल-ताशों की गूंज के बीच मातम करते हुए अकीदतमंद शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरे। जुल्फिकार पर चढ़ाए चांदी के ताजिए जुल्फिकार बांधने की रस्म गोरी परिवार और सिंधीवाड़ा पंच के सदस्यों की ओर से कराई गई। इसके बाद जुल्फिकार पर चांदी के ताजिए, नींबू, हाथ, जुबान, आंखें और गुलाब के फूलों के सेहरे चढ़ाए गए। सबसे पहले पृथ्वीगंज मस्जिद स्थित मुकामी ताजिए को सलामी दी गई, जिसके बाद अकीदतमंदों ने उसकी परिक्रमा की। शहर के प्रमुख मार्गों से निकला जुलूस जुल्फिकार का जुलूस पृथ्वीगंज मस्जिद से तेलीवाड़ा, कस्टम चौराहा, पुराना बस स्टैंड, गांधी मूर्ति और पीपली चौक होते हुए जामा मस्जिद पहुंचा, जहां मुकामी ताजिए को सलामी दी गई। इसके बाद कंधारवाड़ी, मकरानीवाड़ा और गोरख इमली पहुंचकर भी मुकामी ताजियों को सलामी अर्पित की गई। देर रात पृथ्वीगंज, गोरख इमली, कंधारवाड़ी और मकरानीवाड़ा के मुकामी एवं मन्नती ताजियों का मुकाम उठाया गया, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होकर पुनः अपने-अपने स्थानों पर पहुंचे। युवाओं ने दिखाए करतब, मस्जिदों में हुई इबादत जुलूस के दौरान मुस्लिम समाज के युवाओं ने हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया। वहीं शहर में कई स्थानों पर सबीलें लगाकर शर्बत और पानी का वितरण किया गया। रात में मस्जिदों में कलाम-ए-पाक की तिलावत, नमाज और हजरत इमाम हुसैन की शहादत पर तकरीर हुई। गुरुवार को समाज के लोगों ने 9वीं का रोजा रखा और शाम को मगरिब की अजान के साथ रोजा इफ्तार किया। मन्नत पूरी होने पर चढ़ाते हैं चांदी के प्रतीक सिंधीवाड़ा पंच के रईस भाई ने बताया कि अकीदतमंद हर वर्ष मन्नत पूरी होने पर जुल्फिकार पर चांदी के नींबू, हाथ, पैर, ताजिए, मकान, गाड़ी, लड़का, लड़की और बच्चों के झूले जैसे प्रतीक चढ़ाते हैं। दसवीं के दिन इन चांदी के प्रतीकों को उतार लिया जाता है और अगले वर्ष कम हदिए में संबंधित श्रद्धालुओं को वापस दे दिया जाता है। हुसैनी चौक निवासी सादिक खान ने मन्नत पूरी होने पर चांदी से बना लड़का चढ़ाया, जबकि राजतालाब निवासी इकबाल खान ने चांदी से बनी आंखें अर्पित कीं। खास बात यह है कि वर्षों से हिंदू समाज के लोग भी अपनी मन्नत पूरी होने पर चांदी के नींबू सहित अन्य प्रतीक चढ़ाते आ रहे हैं, जो शहर में सर्वधर्म समभाव की मिसाल माना जाता है।

खेती में पानी का संकट बढ़ा तो शुरू की नर्सरी:सालाना 20 लाख रुपए की कमाई, ताऊ से काम सीखकर बनाई पहचान

सरकारी बागवान रहे ताऊ से पेड़-पौधों और गार्डनिंग का हुनर सीखा। कम जमीन और पानी के संकट के कारण खेती के बजाय नर्सरी का रास्ता चुना। करीब 10 साल पहले दो बीघा जमीन से शुरू की गई नर्सरी आज 30 से ज्यादा वैरायटी के पौधों तक पहुंच गई है। अब सालभर में एक लाख से ज्यादा पौधे बेचकर नर्सरी और गार्डन डेवलपमेंट के काम से 20 लाख रुपए से ज्यादा की कमाई कर रहे हैं। खुद ज्यादा पढ़ाई नहीं कर पाए, लेकिन बेटे को एग्रीकल्चर के क्षेत्र में आगे बढ़ा रहे हैं। किसान का मानना है कि आने वाला समय खेती और इससे जुड़े व्यवसायों का है, जिसमें युवाओं के लिए बेहतर अवसर हैं। म्हारे देस की खेती में आज बात नागौर के किसान की… नागौर के रियांबड़ी के किसान घनश्याम माली (45) ने परंपरागत खेती से अलग रास्ता चुनकर अपनी पहचान बनाई है। घनश्याम 8वीं तक पढ़े हैं, लेकिन खेती और पौधों के क्षेत्र में वर्षों का अनुभव उन्हें सफल उद्यमी बना चुका है। उनके पिता रतनालाल (70) किसान हैं। घनश्याम का एक भाई है। घनश्याम के एक बेटा और चार बेटियां हैं, जिनमें दो बेटियों की शादी हो चुकी है। बेटे लक्की ने एग्रीकल्चर सब्जेक्ट से 12वीं पास की है और अब एग्रीकल्चर में बीएससी कर रहा है। घनश्याम का मानना है कि आने वाला समय कृषि और उससे जुड़े व्यवसायों का है, इसलिए वे अपने बच्चों को भी इसी क्षेत्र में आगे बढ़ा रहे हैं। अजमेर में ताऊ से सीखा बागवानी का काम घनश्याम माली के ताऊ सत्यनारायण अजमेर नगर परिषद में बागवान के पद पर कार्यरत थे। बचपन से ही पेड़-पौधों के बीच पले-बढ़े घनश्याम कुछ नया करना चाहते थे। इलाके में पानी की कमी के कारण खेती लगातार मुश्किल होती जा रही थी। ऐसे में वे साल 2006 में अजमेर चले गए और ताऊ के साथ रहकर बागवानी का काम सीखना शुरू किया। वहां सात साल तक उन्होंने घास लगाने, पौधों की देखभाल, गार्डन डिजाइनिंग, पेड़ों की कटिंग-छंटाई और रखरखाव जैसे काम सीखे। गार्डन डेवलप करने से शुरुआत, फिर शुरू की अपनी नर्सरी घनश्याम ने विभिन्न शहरों में गार्डन डेवलपमेंट का काम किया। इसका उन्हें 20 साल का अनुभव है। अनुभव बढ़ने के बाद करीब 10 साल पहले उन्होंने अपनी नर्सरी शुरू की। आज उनकी दो बीघा में फैली नर्सरी में 30 से ज्यादा किस्मों के फलदार, फूलदार, सजावटी और छायादार पौधे तैयार किए जाते हैं। वे कई पौधे खुद बीज और ग्राफ्टिंग तकनीक से तैयार करते हैं, जबकि कुछ विशेष किस्मों के पौधे उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और पुणे (महाराष्ट्र) से मंगवाते हैं। सालभर में 1 लाख से ज्यादा पौधे बेचते हैं घनश्याम माली के अनुसार, नर्सरी से हर साल एक लाख से ज्यादा पौधे बिकते हैं। वे केवल पौधे ही नहीं बेचते, बल्कि घर, फार्म हाउस, होटल, स्कूल और सरकारी परिसरों के लिए गार्डन डेवलपमेंट का काम भी करते हैं। इसके लिए क्षेत्रफल और डिजाइन के अनुसार अलग-अलग कमाई होती है। नागौर के अलावा अजमेर, पाली, सीकर, कुचामन, बीकानेर और आसपास के कई जिलों में वे गार्डन तैयार कर चुके हैं। छोटा पौधा, बड़ी कमाई का फॉर्मूला घनश्याम बताते हैं कि नर्सरी का व्यवसाय कम जमीन में अधिक आय देने वाला काम है। उदाहरण के तौर पर पांच फीट का पौधा करीब 50 रुपए में बिक जाता है। यदि एक साथ 1000 पौधे भी बिक जाएं तो अच्छी आय हो जाती है। उनके अनुसार, फसलों की खेती में मौसम, कीट और रोगों का जोखिम बना रहता है, जबकि नर्सरी व्यवसाय में सही देखभाल के साथ नुकसान की आशंका कम रहती है। नौकरी से बेहतर है हुनर को कारोबार बनाना घनश्याम का मानना है कि जिस काम की जानकारी हो, उसे नौकरी की बजाय व्यवसाय के रूप में किया जाए तो ज्यादा सफलता मिल सकती है। वे कहते हैं कि शुरुआत से खेती और पौधों के बीच रहने के कारण यह काम उन्हें सहज लगा। इसी अनुभव को उन्होंने रोजगार में बदला और आज सालाना करीब 20 लाख रुपए तक की आय कर रहे हैं। उनका कहना है कि युवा यदि आधुनिक खेती, नर्सरी और बागवानी को अपनाएं तो कम जमीन में भी अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। इनपुट सहयोग : विशनाराम सैनी, रियांबड़ी, नागौर — खेती-किसानी से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… जीएसटी अधिकारी कर रहे ऑर्गेनिक खेती, 10 लाख की कमाई:घर की छत पर उगाई सब्जियां; डार्क जोन में बनवाया 70 लाख लीटर क्षमता का तालाब बाजार में मिलने वाली ज्यादातर सब्जियां केमिकल खाद से उगाई जा रही हैं। ऐसे में आपकी थाली में शुद्ध खाना अब जरूरत भी है और चुनौती भी। पूरी खबर पढ़िए

LPG टैंकर टोल से टकराया, धमाके के बाद आग लगी:कौशांबी में ड्राइवर जिंदा जला, सिर्फ हडि्डयां बचीं; 16 बाइकें और 2 कारें जलकर राख

यूपी के कौशांबी में शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे एक LPG टैंकर बेकाबू होकर टोल प्लाजा से टकरा गया। टक्कर के बाद तेज धमाका हुआ और टैंकर में आग लग गई। हादसे में टैंकर चालक की जिंदा जलकर मौत हो गई। उसका शव पूरी तरह जल गया और कंकाल का कुछ हिस्सा ही बरामद हो सका। वहीं, पांच टोल कर्मचारी भी झुलस गए। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक टैंकर पूरी तरह जल चुका था। टोल प्लाजा के यार्ड में खड़ी 16 बाइकें और दो कारें भी आग की चपेट में आकर जल गईं। आग बुझने के बाद जब टीम टैंकर के अंदर पहुंची तो चालक की हड्डियां मिलीं। इससे पहले सूचना मिली थी कि चालक टैंकर से कूदकर अपनी जान बचाने में सफल हो गया है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। आग की ऊंची लपटों को देखकर टोल प्लाजा के दोनों ओर बसों और कारों की लंबी कतारें लग गईं। करीब 2 किलोमीटर दूर से धुएं का गुबार और आग की लपटें दिखाई दे रही थीं। यह हादसा जिला मुख्यालय से करीब 16 किलोमीटर दूर कोखराज थाना क्षेत्र के सिहोरी टोल प्लाजा पर हुआ। हादसे की तस्वीरें देखिए- अब सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला समझ लीजिए- टोल प्लाजा के यार्ड में खड़ी 16 बाइकें और 2 कारें जलीं टोल कर्मचारी संजय निर्मल ने बताया- हादसे से 10 मिनट हल्की-फुल्की बारिश हुई थी। पता नहीं अचानक क्या हुआ कि पूरी गाड़ी एकदम धड़ाम से गिर गई। उसके बाद गैस लीक होने लगी। अचानक आग भड़क गई। आग प्लाजा सटे यार्ड और टॉयलेट तक फैल गई। यार्ड में खड़ी 16 से ज्यादा बाइकें और 2 कारें जलकर राख हो गईं। यार्ड में टोल कर्मचारी अपनी गाड़ियां पार्क करते हैं। इस दौरान पास में बने टॉयलेट में बैठे सुपरवाइजर आलोक पांडे भी बुरी तरह झुलस गए हैं। एसपी सत्यनारायण प्रजापत ने बताया- कोखराज टोल प्लाजा के पास आग की सूचना मिलते ही तुरंत जिले की सभी फायर ब्रिगेड की गाड़ियों और सिविल पुलिस बल को मौके पर रवाना किया गया। सुरक्षा को देखते हुए ट्रैफिक रुकवाया गया। उसके बाद फायर ब्रिगेड ने आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। ट्रैफिक को अब धीरे-धीरे सामान्य किया जा रहा है। ———————- ये खबर भी पढ़िए-
यूपी में 48 घंटे में आएगा मानसून:32 शहरों में बारिश का अलर्ट, 38 जिलों में हीटवेव चलेगी, पारा 44°C पार यूपी में मानसून अगले 24 से 48 घंटों के अंदर एंट्री कर सकता है। मौसम विभाग (IMD) का कहना है कि प्रदेश में मानसून के लिए अनुकूल मौसमी सिस्टम तैयार हो गया है। मानसून 1-2 दिनों में यानी 28 जून तक बिहार बॉर्डर से गोरखपुर-महराजगंज के रास्ते प्रदेश में एंट्री कर सकता है। 29 जून तक लखनऊ पहुंच सकता है। 1-2 जुलाई तक पूरे यूपी में छा सकता है। पूरी खबर पढ़िए

खैरथल कॉलेज में बीए फर्स्ट ईयर की मेरिट लिस्ट जारी:29 जून तक करवाना होगा डाॅक्यूमेंट वेरिफिकेशन, दूसरी वेटिंग लिस्ट भी जारी

खैरथल काॅलेज में बी.ए. फर्स्ट ईयर के पहले सेमेस्टर में एडमिशन के लिए दूसरी मेरिट लिस्ट और वेटिंग लिस्ट जारी कर दी गई है। इन सूचियों में शामिल, जिन छात्रों ने अभी तक डाॅक्यूमेंट वेरिफिकेशन और शुल्क जमा नहीं करवाया है, उन्हें 29 जून तक अपने दस्तावेज जमा करवाकर ई-मित्र पर शुल्क जमा करवाना होगा। शुल्क जमा करवा चुके विद्यार्थियों के लिए प्रवेश की दूसरी लिस्ट 30 जून को जारी की जाएगी। कक्षाएं 1 जुलाई से शुरू होंगी।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर केजरीवाल बोले- महापाप हुआ:संजय राउत ने पूछा- उद्धव की दान की चांदी की ईंट कहां गई; 8 आरोपी गिरफ्तार

राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर मचे बवाल के बीच दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को रामलला के दर्शन किए। कहा- जिन्होंने महापाप किया, उन्हें कड़ी सजा मिले। FIR दिखावा है। बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। इस बीच, मामले में शिवसेना उद्धव गुट की एंट्री हो गई है। राज्यसभा सांसद संजय राउत ने ‘X’ पर पूछा- राम मंदिर के लिए उद्धव ने 1 करोड़ रुपए और 4 किलो चांदी की ईंट दान की थी। इतने सालों बाद भी ट्रस्ट की ओर से रसीद नहीं मिली है। आखिर ईंट कहां गई? अब जवाबदेही तय करने का समय आ गया है! इससे पहले, मामले में मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के करीबी रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत 8 आरोपियों को गुरुवार देर रात गिरफ्तार किया गया। पुलिस आज सभी को कोर्ट में पेश कर रिमांड मांगेगी। दरअसल, गुरुवार देर शाम ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर 8 लोगों के खिलाफ पहली FIR दर्ज की गई। हालांकि, FIR में चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा समेत अन्य बड़े पदाधिकारियों के नाम नहीं हैं। चोरी का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया। यूपी सरकार ने 13 जून को SIT बनाई। SIT ने 23 जून को एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (गृह) संजय प्रसाद को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी। राम मंदिर से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

मोहर्रम आज, ट्रैफिक व्यवस्था में रहेगा बदलाव:जुलूस मार्ग पर वाहन पार्क नहीं करने की अपील, घंटाघर, जगदीश चौक एरिया में रहेगी भीड़

उदयपुर में मुस्लिम समुदाय की ओर से शुक्रवार को मोहर्रम पर्व पर ताजियों के जुलूस निकाले जाएंगे। इसे लेकर घंटाघर, जगदीश चौक, गणगौर घाट पर बड़ी संख्या में समुदाय के ​लोग एकत्रित होने की संभावना है। जिसके मद्देनजर ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया गया है। एएसपी उमेश ओझा ने बताया कि दोपहर 12 बजे से जुलूस समाप्ति तक लोगों से अपील है कि वे जुलूस मार्ग पर अपने वाहनों की पार्किंग नहीं करें और ट्रैफिक पुलिस का पूरा सहयोग करें। ट्रेफिक टायवर्जन हाथीपोल से चांदपोल की तरफ जाने वाले चार पहिया वाहन झरिया मार्ग टी प्वाइंट शिक्षा भवन, काला किवाड़, आयुर्वेदिक चौराहा की तरफ से जा सकेंगे। एंबुलेंस, फायरब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं पर ये व्यवस्था लागू नहीं है। नो पार्किंग में खड़े वाहनों को ट्रेफिक पुलिस द्वारा क्रेन से लिफ्ट कर लिया जाएगा।