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24 साल देश की सेवा कर लौटे फौजी, किया स्वागत:सीकर में नायब सूबेदार राजेंद्र रोलानिया पर लोगों ने बरसाए फूल

भारतीय सेना से रिटायर होकर आए नायब सूबेदार राजेंद्र रोलानिया का सीकर में स्वागत किया गया। सीकर में जयपुर रोड स्थित रामदेव विहार कॉलोनी में रोलानिया का ग्रामीणों और स्थानीय निवासियों ने गुरुवार को फूल बरसाकर स्वागत किया। नायब सूबेदार राजेंद्र रोलानियां गुरुवार को सेना से 24 साल की नौकरी के बाद रिटायर हुए। पैतृक गांव नीमेड़ा से बड़ी संख्या में आए ग्रामीणों और परिजनों ने स्वागत में विशाल रैली निकाली। यह रैली झुंझुनूं बाइपास से शुरू होकर जयपुर रोड स्थित रामदेव विहार कॉलोनी तक पहुंची। रैली के दौरान युवाओं ने डीजे पर देशभक्ति गानों के साथ तिरंगा हाथों में थामकर भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाए। जगह-जगह किया स्वागत नायब सूबेदार राजेंद्र सूबेदार पर रास्तेभर में जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा की। बड़ी संख्या में मौजूद बुजुर्गों, युवाओं और महिलाओं ने फूल-मालाएं और साफा पहनाकर स्वागत किया। रामदेव विहार कॉलोनी पहुंचने पर सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा- सेना से रिटायरमेंट होने के बाद भी एक सैनिक हमेशा समाज के लिए प्रेरणा होता है। राजेंद्र रोलानियां ने 24 साल तक देश की जो सेवा की है, उस पर लोगों को गर्व है। सम्मान समारोह के दौरान रिटायर्ड प्रिंसिपल रामचंद्र रोलानियां, रिटायर्ड एक्सईएन भोलाराम, सतवीर खटकड़, रामेश्वर डकरवाल, गोपाल गुरल्या, सुखदेव रोलनियां, सरदार बगड़िया, बनवारी रोलानियां, शंकर बाजिया और श्रवण शर्मा आदि ग्रामीण, पूर्व सैनिक और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

बांसवाड़ा में विवाहिता का सड़ा-गला शव मिला:सात दिन से थीं लापता, घर से दो किमी दूर फंदे पर लटकी मिली बॉडी

बांसवाड़ा शहर के सदर थाना क्षेत्र के बोरखड़िया पाड़ा झुपेल में सात दिन से लापता 23 साल की विवाहिता का शव घर से करीब दो किलोमीटर दूर जंगल में नीम के पेड़ से लटका मिला। शव पूरी तरह सड़-गल चुका था, जिससे पहचान मुश्किल हो गई। बाद में परिजनों ने कपड़ों के आधार पर उसकी शिनाख्त लीला पत्नी परमेश मईड़ा के रूप में की। सदर थाना के एएसआई कांतिलाल हाड़ा ने बताया कि महिला पिछले शुक्रवार से बिना बताए घर से लापता थी। जंगल में शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव पूरी तरह सड़ चुका था और चेहरा पहचान में नहीं आ रहा था। परिजनों ने कपड़ों से उसकी पहचान की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि महिला ने अपनी ही साड़ी का फंदा बनाकर नीम के पेड़ से फांसी लगाई थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मॉर्च्युरी में रखवाया, जहां पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। तीन मासूम बेटियों के सिर से उठा मां का साया मृतका लीला अपने पीछे तीन छोटी-छोटी बेटियों को छोड़ गई है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। वहीं, पीहर पक्ष ने महिला की मौत को लेकर गंभीर शंका जताई है। मृतका के पिता रामजी पुत्र हुका, निवासी कुल्लरखेड़ी (थाना आबापुरा) ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि लीला का पति परमेश आए दिन उससे लड़ाई-झगड़ा और मारपीट करता था। पहले भी कई बार उसके साथ मारपीट की जा चुकी थी। करीब 15 दिन पहले भी उसके साथ मारपीट हुई थी। उन्होंने पति और ससुराल के कुछ अन्य लोगों पर भी शंका जताई है। घरेलू विवाद के एंगल से जांच में जुटी पुलिस सदर थाना पुलिस ने मामले में मर्ग दर्ज कर हर पहलू से जांच शुरू कर दी है। एएसआई कांतिलाल हाड़ा ने बताया कि पीहर पक्ष की रिपोर्ट के आधार पर घरेलू विवाद और प्रताड़ना के एंगल से भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही महिला की मौत की परिस्थितियां पूरी तरह स्पष्ट हो सकेंगी।

सीमेंट ब्रिक्स की दीवार गिरी, महिला-मजदूर की मौत:मलबे में दबकर 2 अन्य गंभीर घायल; ब्रह्मसर की टाइल्स फैक्ट्री में हुआ हादसा

जैसलमेर के ब्रह्मसर गांव में गुरुवार को श्रीगंभीर टाइल्स फैक्ट्री में सीमेंट ब्रिक्स (सीमेंट की ईंटों) की दीवार वहां काम कर रही 3 महिला मजदूरों पर गिर गई। तीनों मलबे में दब गईं। हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई जबकि दो अन्य गंभीर घायल हैं। घायलों का इलाज जवाहिर हॉस्पिटल में चल रहा है। जानकारी के अनुसार- सीमेंट की भारी-भरकम ईंटों की कई कतारें अचानक गिरी। महिला मजदूर ईंटों के नीचे दबीं तो दूसरे साथी दौड़कर पहुंचे और ईंटें हटाकर तीनों को बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें जवाहिर हॉस्पिटल पहुंचाया। जहां प्यारी देवी (40) पत्नी जीवन राम मेघवाल को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। जबकि मलबे से निकाली गई अन्य दो महिलाओं प्रेमी देवी (50) पत्नी छगना राम मेघवाल और इंद्री (52) पत्नी डाला राम मेघवाल का डॉक्टरों की देखरेख में इलाज शुरू किया। तीनों महिलाएं ब्रह्मसर गांव की हैं। सदर थाना पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। ईंटें भरते समय हुआ हादसा सदर थाना प्रभारी बाबूराम डेलू ने बताया- महिलाएं ट्रैक्टर-ट्रॉली में सीमेंट की बनी ईंटों को भर रही थीं। उन पर ईंटों की करीब चार से पांच बड़ी लाइनें गिर पड़ीं। घटना के समय वहां लगभग 10 मजदूर अलग-अलग कामों में लगे हुए थे। सदर थाना पुलिस को जैसे ही हादसे की खबर मिली, थाना प्रभारी बाबूराम डेलू के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम तुरंत अस्पताल और घटना की जगह पर पहुंची। पुलिस ने शव को अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाया। इसके बाद कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए डॉक्टरों की टीम से शव का पोस्टमॉर्टम करवाया। शव परिवार को सौंप दिया गया। सदर थाना प्रभारी बाबूराम डेलू ने बताया- पुलिस ने दोनों घायलों के इलाज के लिए जरूरी कागजात तैयार करवा दिए हैं। फैक्ट्री में सुरक्षा के इंतजामों की कमी को लेकर भी गहराई से जांच की जा रही है।

बाइक गड्ढे में गिरने से युवक घायल, मौके पर अनशन:नगर परिषद अधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़ा, अस्पताल जाने से इनकार

सिरोही नगर परिषद के सामने एक नाले पर बने गड्ढे में बाइक फंसने से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। खून से लथपथ हालत में वह मौके पर ही अनशन पर बैठ गया और नगर परिषद के अधिकारियों को बुलाने की मांग करने लगा। यह घटना बस स्टैंड से सदर बाजार की ओर जाते समय हुई। युवक अपनी बाइक पर सवार था और अचानक नाले के ऊपर बने गड्ढे में बाइक फंस गई, जिससे वह नीचे गिरकर चोटिल हो गया। इसके बाद वह मौके पर ही अनशन पर बैठ गया। घायल अवस्था में भी युवक ने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया। उसने जोर देकर कहा कि जब तक नगर परिषद के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर नहीं आते, वह वहां से नहीं हटेगा। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे समझाने और अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी बात पर अड़ा रहा। लोग उसे समझाते रहे पर वह नहीं माना। स्थानीय लोगों ने बताया कि बस स्टैंड से फैजाबाद गेट होते हुए सदर बाजार तक जाने वाले रास्ते पर थोड़ी-थोड़ी दूरी पर ऐसे कई गड्ढे हैं, जिनसे अक्सर बाइक फिसलती है या लोगों को ठोकर लगती है। उनका आरोप है कि इन गड्ढों को ठीक करने की बजाय कुछ लोग उनमें कचरा डालकर चले जाते हैं।

तारानगर जैन मंदिर चोरी: 72 घंटे में खुलासा:13 बेशकीमती अष्टधातु मूर्तियां बरामद करने के प्रयास जारी, अंतरराज्यीय गिरोह के 3 सदस्य गिरफ्तार

चूरू के तारानगर स्थित 1200 साल पुराने जैन मंदिर से 13 अष्टधातु मूर्तियों की चोरी के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने महज 72 घंटे में खुलासा कर दिया। इस मामले में अंतरराज्यीय गिरोह के तीन शातिर आरोपियों को उत्तर प्रदेश के मथुरा और दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया कि गिरोह का 76 वर्षीय सदस्य धार्मिक व्यक्ति बनकर मंदिरों में रुकता और रेकी करता था, जिसके बाद साथी चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है और चोरी गई मूर्तियों की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। धार्मिक स्थल से चोरी के बाद बनी विशेष टीम धार्मिक भावनाओं से जुड़े इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी निश्चय प्रसाद एम के निर्देश पर तारानगर थानाधिकारी सतपाल बिश्नोई और एएसआई सुमेर सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय आसूचना के आधार पर जांच शुरू की। अर्टिगा कार से मिला गिरोह का सुराग जांच के दौरान वारदात में प्रयुक्त अर्टिगा कार की पहचान की गई। इसके बाद मथुरा परिवहन कार्यालय से वाहन मालिक की जानकारी जुटाई गई, जिससे आरोपियों तक पहुंचने का रास्ता खुला। पुलिस ने मथुरा और दिल्ली में दबिश देकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। श्रद्धालु बनकर करता था मंदिरों की रेकी गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मथुरा निवासी इसराइल भटियारा (54), विनोद कुमार शर्मा उर्फ लॉलीपॉप तथा भजनपुरा (दिल्ली) निवासी नित्यानंद बासनी (76) के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि नित्यानंद खुद को कैंसर पीड़ित और धार्मिक प्रवृत्ति का व्यक्ति बताकर बड़े मंदिरों में पूजा के समय ठहरता था। वह मंदिर के खुलने-बंद होने का समय, सुरक्षा व्यवस्था और मूर्तियों की स्थिति की रेकी करता था। इसके बाद अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देता था। रिमांड पर पूछताछ, फरार आरोपियों की तलाश जारी गिरफ्तार तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। उनसे गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी की गई बेशकीमती अष्टधातु मूर्तियों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। पुलिस की विशेष टीम उत्तर प्रदेश और दिल्ली में संभावित ठिकानों पर दबिश देकर फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। खुलासे पर जैन समाज और व्यापारियों ने किया सम्मान चोरी के मामले का 72 घंटे में खुलासा होने पर गुरुवार को तारानगर व्यापार मंडल, अग्रवाल महासभा, तेरापंथी महिला मंडल और जैन समाज के लोगों ने पुलिस टीम का साफा पहनाकर, माल्यार्पण कर और मिठाई खिलाकर सम्मान किया। इस दौरान स्थानीय व्यापारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

कृषि अधिकारी के क्वार्टर से जूते-कपड़े-चार्जर तक ले गए चोर:बोले-छुट्‌टी पर जयपुर गया था, एक महीने में कॉलोनी में तीसरी चोरी

पाली में कृषि विभाग के एक अधिकारी के सरकारी क्वार्टर का दिनदहाड़े ताला तोड़कर चोर सामान चोरी कर ले गए। चोर घर से जूते, कपड़े, मोबाइल चार्जर, ट्रॉली बैग, प्रेस, पानी की मोटर और 12 हजार रुपए नकद तक ले गए। घटना के समय अधिकारी जयपुर छुट्टी पर गए हुए थे। कोतवाली थानाधिकारी रविंद्र सिंह खिंची ने बताया कि लोढ़ा स्कूल पैकेज कॉलोनी के सरकारी क्वार्टर में रहने वाले कृषि विभाग के कृषि अधिकारी अभिषेक जितरवाल ने 1 जुलाई को रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि वे मोहर्रम की छुट्टी पर जयपुर गए हुए थे। इसी दौरान 26 जून की दोपहर चोर क्वार्टर का पिछला दरवाजा तोड़कर अंदर घुस गए। चोर क्वार्टर से ट्रॉली बैग, तीन घड़ियां, तीन पंखे, प्रेस, पानी की मोटर, कपड़े, जूते, मोबाइल चार्जर सहित घर में रखे 12 हजार रुपए नकद चोरी कर ले गए। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एक महीने में कॉलोनी में तीसरी चोरी कृषि अधिकारी अभिषेक जितरवाल ने बताया कि उनके मोहल्ले में पिछले एक महीने में यह तीसरी चोरी की वारदात है। इससे पहले चोर कृषि अधिकारी राजेश मीणा के घर से पानी की मोटर और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दीपक सिंह के घर से बर्तन व गैस सिलेंडर तक चोरी कर ले गए थे। लगातार हो रही चोरियों से कॉलोनी के लोगों में दहशत का माहौल है।

जल संसाधन विभाग कार्यालय की नीलामी के आदेश:उदयपुर कोर्ट ने 19.53 लाख बकाया पर दिया फैसला, 14-16 जुलाई को होगी नीलामी

उदयपुर स्थित कमर्शियल कोर्ट ने करीब 19.53 लाख रुपए की डिक्री राशि, ब्याज और वाद व्यय का भुगतान नहीं होने पर जल संसाधन विभाग के खंड द्वितीय, पुनर्वास कॉलोनी, सागवाड़ा स्थित कार्यालय भवन की सार्वजनिक नीलामी के आदेश जारी किए हैं। यह कार्रवाई एससीएल इंफ्राबिल्ड लिमिटेड द्वारा दायर वसूली प्रकरण में की जा रही है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि नीलामी से पहले विभाग पूरी बकाया राशि और नीलामी संबंधी खर्च जमा करा देता है तो नीलामी की कार्रवाई रोक दी जाएगी। 14 से 16 जुलाई तक होगी सार्वजनिक नीलामी कोर्ट के आदेशानुसार कार्यालय भवन की सार्वजनिक नीलामी 14, 15 और 16 जुलाई को प्रतिदिन दोपहर 3 बजे आयोजित की जाएगी। डिक्रीधारक के पक्ष में बकाया राशि की वसूली के लिए विभाग की संपत्ति नीलाम की जाएगी।

सफल बोलीदाता के लिए तय की गईं शर्तें कोर्ट ने नीलामी की विस्तृत शर्तें भी निर्धारित की हैं। सफल बोलीदाता को नीलामी के तुरंत बाद कुल बोली राशि का 25 प्रतिशत जमा कराना होगा, जबकि शेष राशि निर्धारित अवधि में जमा करनी होगी। समय पर भुगतान नहीं होने की स्थिति में संपत्ति की दोबारा नीलामी की जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई होगी। सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा होंगे आदेश कोर्ट ने नीलामी आदेश की प्रतियां जल संसाधन विभाग के सागवाड़ा कार्यालय सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि इच्छुक खरीदार तय तिथि और समय पर नीलामी प्रक्रिया में भाग ले सकें। लोडेश्वर बांध परियोजना से जुड़ा है मामला जल संसाधन विभाग के एईएन मोहित पाटीदार ने बताया कि वर्ष 2013 में लोडेश्वर बांध की ऊंचाई बढ़ाने के लिए टेंडर जारी किए गए थे। कार्य का ठेका एससीएल इंफ्राबिल्ड लिमिटेड को मिला था, लेकिन कंपनी ने बीच में काम रोक दिया। इसके बाद मामला कोर्ट पहुंचा। अब कमर्शियल कोर्ट ने विभाग को कंपनी की बकाया राशि, उस पर देय ब्याज और वाद व्यय का भुगतान करने के आदेश दिए हैं। भुगतान नहीं होने पर कार्यालय भवन की नीलामी की कार्रवाई की जा रही है।

प्रागपुरा जीएसएस अध्यक्ष उपेन्द्र सिंह शेखावत राज्य स्तर पर सम्मानित:सहकारिता में नवाचार के लिए मिला सम्मान, सर्वश्रेष्ठ अध्यक्ष अवॉर्ड मिला

प्रागपुरा ग्राम सेवा सहकारी समिति (जीएसएस) के अध्यक्ष उपेन्द्र सिंह शेखावत को राज्य स्तरीय “सर्वश्रेष्ठ अध्यक्ष अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया है। ये सम्मान सहकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट नेतृत्व, पारदर्शी कार्यशैली और नवाचारों के माध्यम से किसानों के हित में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए मिला है। ये प्रतिष्ठित सम्मान राजस्थान स्टेट कॉपरेटिव बैंक और सहकारिता विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय किसानों सम्मान दिवस समारोह में प्रदान किया गया। समारोह में सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक, राजस्थान स्टेट कॉपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक रणजीत सिंह चूंडावत, संयुक्त रजिस्ट्रार भोमाराम और निर्वाचन संयुक्त रजिस्ट्रार इंद्राज मीणा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने उपेन्द्र सिंह शेखावत को ट्रॉफी, प्रशस्ति-पत्र और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। प्रशस्ति-पत्र में उपेन्द्र सिंह शेखावत के सहकारिता क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान, अनुकरणीय सेवाओं तथा प्रभावी एवं पारदर्शी कार्यप्रणाली की सराहना की गई है। प्रागपुरा ग्राम सेवा सहकारी समिति ने किसानों के हित में कई नवाचार लागू किए हैं, जिनमें किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराना, ब्याज मुक्त ऋण, कॉमन सर्विस सेंटर, आधुनिक ड्रोन तकनीक, कस्टम हायरिंग सेंटर और सहकार सुपर बाजार जैसी सुविधाओं का सफल संचालन शामिल है। किसानों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के इन प्रयासों को राज्य स्तर पर विशेष रूप से सराहा गया। सम्मान प्राप्त करने के बाद उपेन्द्र सिंह शेखावत ने इसे समिति के संचालक मंडल, कर्मचारियों, सदस्य किसानों और क्षेत्रवासियों को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि ये सम्मान उनके लिए नई जिम्मेदारी और प्रेरणा है। उन्होंने ये भी कहा कि सहकारिता केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि किसानों की आर्थिक उन्नति और ग्रामीण विकास का मजबूत आधार है। शेखावत ने भविष्य में भी किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नवाचार और पारदर्शिता के साथ कार्य जारी रखने का संकल्प लिया। इस राज्य स्तरीय सम्मान मिलने पर प्रागपुरा सहित पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक एवं सहकारी संगठनों के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और किसानों ने उपेन्द्र सिंह शेखावत को बधाई दी है और इसे क्षेत्र की सहकारिता व्यवस्था के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है।

साइबर ठगी में देश का पहला अनूठा मामला:साइबर ठगी के पैसे गोल्ड लोन में जमा कर बनाते थे 'सफेद'; सिस्टम की खामियां उजागर

बीकानेर साइबर ठगों ने अब ठगी के काले धन को सफेद बनाने का ऐसा तरीका खोज लिया था, जिसे पकड़ना पुलिस और बैंकिंग एजेंसियों के लिए भी आसान नहीं था। बीकानेर साइबर थाना पुलिस ने देश में पहली बार ऐसे अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का खुलासा किया है, जो साइबर ठगी की रकम को गोल्ड लोन अकाउंट में जमा कर उसे वैध बैंकिंग लेनदेन में बदल देता था। पुलिस ने इस मामले में बज्जू थाना क्षेत्र के मिठड़िया निवासी 35 वर्षीय सुनील ज्याणी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से साइबर अपराध में प्रयुक्त एक स्विफ्ट कार और तीन महंगे मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। ऐसे करते थे पूरा फ्रॉड बीकानेर एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया- जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य सबसे पहले अपने या भोले-भाले लोगों के नाम पर मणप्पुरम फाइनेंस से गोल्ड लोन लेते थे। इसके लिए सोना गिरवी रखकर लाखों रुपए का वैध लोन बैंक खाते में प्राप्त किया जाता था। इसके बाद देशभर में सक्रिय गिरोह के अन्य सदस्य लोगों को डिजिटल अरेस्ट, पुलिस या सरकारी एजेंसी का डर दिखाकर अथवा इन्वेस्टमेंट के नाम पर करोड़ों रुपए की साइबर ठगी करते थे। ठगी की रकम सीधे आरोपियों के बैंक खातों में रखने के बजाय उसे मणप्पुरम फाइनेंस के ऑनलाइन गोल्ड लोन (OGL) अकाउंट में जमा कर दिया जाता था। इस रकम से तुरंत गोल्ड लोन की किस्त या पूरा लोन चुका दिया जाता था। लोन क्लोज होने के बाद गिरवी रखा सोना वापस मिल जाता था या उसी सोने पर दोबारा नया लोन ले लिया जाता था। इस पूरी प्रक्रिया में साइबर ठगी का पैसा बैंकिंग सिस्टम में वैध लेनदेन जैसा दिखाई देने लगता था। जब तक पीड़ित शिकायत करता और पुलिस बैंक खाते फ्रीज करवाती, तब तक पैसा गोल्ड लोन रिपेमेंट के रूप में सिस्टम में समायोजित हो चुका होता था। यही वजह थी कि ठगी की रकम का ट्रैक पकड़ना बेहद मुश्किल हो जाता था। 56 ग्राम सोने पर छह बार लिया लोन पूछताछ में सामने आया कि आरोपी सुनील ज्याणी ने 56 ग्राम सोना गिरवी रखकर छह बार गोल्ड लोन लिया। इन गोल्ड लोन खातों में साइबर ठगी के करीब 25 लाख रुपए जमा करवाए गए और बाद में यह राशि अपने लिंक बैंक खाते में प्राप्त कर ली। आरोपी और उसके साथी इस काम के बदले कमीशन लेते थे। सिस्टम की ये खामी सामने आई एसपी मृदुल ने बतायाा- सिस्टम की खामी ये है कि आमतौर पर साइबर ठगी की जो राशि है, वो किसी सामान्य एकाउंट में होती है तो उस पर लियन लगता है। वो खाता सीज हो जाता है। वहीं गोल्ड लोन एजेंसी के एकाउंट्स ट्रेडिंग एकाउंट होते हैं, उन पर किसी तरह का लियन या फिर फ्रीज करने का विकल्प नहीं होता। इसी सिस्टम की खामी का फायदा उठाकर बीकानेर के युवक ने तरीका अपनाया। पहले गोल्ड लोन लेता और फिर साइबर ठगी के रुपए इस खाते में ट्रांसफर करवा लेता। डिजिटल अरेस्ट से डेढ़ करोड़ और इन्वेस्टमेंट के नाम पर 5 लाख की ठगी जांच में सामने आया कि आरोपी ने छत्तीसगढ़ के एक व्यक्ति से इन्वेस्टमेंट के नाम पर करीब 5 लाख रुपए की ठगी की। इसके अलावा एक वृद्ध महिला को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर करीब 1.50 करोड़ रुपए की साइबर ठगी को अंजाम दिया। आरोपी के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में साइबर अपराध के कई मामले दर्ज हैं। शराब कारोबार की आड़ में चला रहा था नेटवर्क पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पार्टनरशिप में बीकानेर शहर में चार और कोलायत क्षेत्र में तीन, कुल सात शराब की दुकानों का संचालन करता है। उसने ‘मातेश्वरी’ नाम से फर्म का बैंक खाता खुलवा रखा था, जिसमें साइबर ठगी से जुड़ी राशि भी प्राप्त की जाती थी। पुलिस अब उसके साझेदारों और उनसे जुड़े बैंक खातों का भी विश्लेषण कर रही है। पुलिस की अपील बीकानेर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने नाम से बैंक या गोल्ड लोन अकाउंट न खुलवाएं। ऐसा करने पर आपका खाता साइबर ठगी की रकम को ठिकाने लगाने का माध्यम बन सकता है और आप कानूनी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

नागदा पेयजल परियोजना से केबल चोरी का खुलासा:दो महिलाओं सहित चार आरोपी गिरफ्तार, केबल बरामद

बारां की अंता थाना पुलिस ने नागदा-अन्ता-बलदेवपुरा पेयजल परियोजना के फिल्टर प्लांट से केबल चोरी के मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में दो महिलाओं सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की गई केबल बरामद कर ली गई है और वारदात में इस्तेमाल की गई दो बाइकें भी जब्त की गई हैं। पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि 26 जून को नागदा स्थित 7.5 एमएलडी फिल्टर प्लांट से अज्ञात बदमाशों द्वारा केबल चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. कमल जांगिड़ और वृत्ताधिकारी पुष्पेन्द्र सिंह आढ़ा के निर्देशन में थानाधिकारी भूपेश शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। जांच के दौरान, पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर दो संदिग्ध बाइकों की पहचान की गई। नाकाबंदी के दौरान इन दोनों बाइक सवारों को पकड़ा गया, जिनकी पहचान कपिल और रोकी उर्फ चोटिया के रूप में हुई। आगे की जांच में दो महिलाओं प्रेमपति और दीचा की संलिप्तता भी सामने आई, जिन्हें बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में चारों आरोपियों ने पेयजल परियोजना के फिल्टर प्लांट से केबल चोरी करने की बात स्वीकार की। आरोपियों ने बताया कि वे पहले कबाड़ बीनने के बहाने गांवों में घूमकर रेकी करते थे और मौका मिलने पर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।