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एसी पाइप से घर में घुसी मॉनिटर लिजार्ड:बच्चों ने देखा तो परिवार को दी जानकारी, सुरक्षित रेस्क्यू कर छोड़ी

जैसलमेर के पास अमर सागर गांव में पंचायत भवन के पास स्थित अजय माली के घर में एसी पाइप के छेद से एक मॉनिटर लिजार्ड (गोह) कमरे के अंदर घुस गई। दोपहर में कमरे में गए बच्चों ने एसी की इनडोर यूनिट के पास गोह को देखा और तुरंत परिजनों को बताया। परिवार ने वन्यजीव प्रेमी प्रेम चौधरी को बुलाया। उन्होंने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद गोह को सुरक्षित बाहर निकालकर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया। एसी पाइप के रास्ते कमरे में पहुंची गोह अमर सागर गांव में पंचायत भवन के पास स्थित अजय माली के घर में लगी एसी की आउटडोर यूनिट से इनडोर यूनिट तक आने वाले पाइप के छेद (होल) के रास्ते मॉनिटर लिजार्ड (गोह) कमरे के अंदर पहुंच गई। वह एसी की इनडोर यूनिट तक चली गई। बच्चों ने देखा तो परिवार को दी जानकारी दोपहर के समय जब परिवार के बच्चे कमरे में गए, तो उनकी नजर एसी की इनडोर यूनिट के पास रेंग रही गोह पर पड़ी। बच्चों ने तुरंत चिल्लाकर घर के बड़े सदस्यों को इसकी जानकारी दी। कमरे में इतनी बड़ी गोह को देखकर पूरा परिवार डर गया। राहत की बात यह रही कि उस समय कमरे में कोई सो नहीं रहा था, जिससे कोई अनहोनी नहीं हुई। प्रेम चौधरी ने एसी खोलकर किया रेस्क्यू मामले की जानकारी मिलते ही क्षेत्र के वन्यजीव प्रेमी प्रेम चौधरी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पहले परिवार के लोगों को शांत रहने के लिए कहा। गोह एसी की इनडोर यूनिट के अंदर बने प्लास्टिक के हिस्से में छिप गई थी। इसके बाद प्रेम चौधरी ने एसी की इनडोर यूनिट का पूरा प्लास्टिक पैनल सावधानी से खोला। आधे घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाली प्रेम चौधरी ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद गोह को बिना किसी चोट पहुंचाए सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद अजय माली के परिवार और मोहल्ले के लोगों ने राहत की सांस ली। वन्यजीव के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए गोह को सुरक्षित उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।

चलते ई-रिक्शा को बंद करने वाले चाइनीज एप बैन:बदमाश ब्लूटूथ के जरिए बैटरी ऑफ कर देते थे; इलेक्ट्रिक कार-स्कूटर को खतरा नहीं

दिल्ली समेत कई शहरों में ई-रिक्शा चालकों के लिए परेशानी बने 7 एप को सरकार ने एप स्टोर से हटाने के आदेश दिए हैं। इनमें BAT-BMS, स्मार्ट BMS, लॉसिजी और इपोच ली-आयन शामिल हैं। आईटी मंत्रालय ने इसकी जानकारी शुक्रवार को दी। हालांकि, ये एप प्ले स्टोर पर अब भी मौजूद हैं। हाल ही में शिकायतें मिली थीं कि कुछ लोग इन एप से ब्लूटूथ के जरिए ई-रिक्शा की बैटरी को बंद कर चलते ई-रिक्शा को रोक देते थे। इससे चालकों को काफी परेशानी हो रही थी। इन घटनाओं के वीडियो भी वायरल हुए। दरअसल, कुछ ई-रिक्शा की लीथियम बैटरियों का ब्लूटूथ मैनेजमेंट सिस्टम बिना पासवर्ड या कमजोर सुरक्षा के था, इसलिए एप उससे कनेक्ट हो गया। हालांकि, कारों के बैटरी सिस्टम में मजबूत सुरक्षा और एन्क्रिप्शन होता है, इसलिए कोई सामान्य एप उनसे कनेक्ट नहीं हो सकता। वीडियो में देखें एप से कैसे ई-रिक्शा रोके जा रहे 8 सवाल-जवाब में समझें एप और बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम कैसे काम करता है? सवाल 1: सोशल मीडिया पर वायरल BAT-BMS एप क्या है? जवाब: ‘BAT-BMS’ रियल टाइम बैटरी मैनेजमेंट टूल है। इसे चीनी कंपनी ‘शेन्जेन ग्रेनर्जी टेक्नोलॉजी’ ने डेवलप किया है। इसका मुख्य काम ब्लूटूथ-इनेबल्ड लीथियम बैटरी की निगरानी करना है। यह एप बैटरी की ओवरऑल जानकारियां डिस्प्ले करता है। यानी, यह बैटरी का डिजिटल डैशबोर्ड जैसा है। सवाल 2: यह एप कैसे काम करता है और लोग इससे चलते हुए ई-रिक्शा कैसे रोक पा रहे हैं? जवाब: ई-रिक्शा की बैटरी में चार्जिंग, टेमप्रेचर, वोल्टेज और उसकी हेल्थ पर नजर रखने के लिए ब्लूटूथ वाला बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम लगाया जाता है। ड्राइवर या मैकेनिक BAT-BMS एप के जरिए इस सिस्टम से कनेक्ट हो जाते हैं और बैटरी की जानकारी देख सकते हैं। जरूरत पड़ने पर उसकी सेटिंग्स मैनेज कर सकते हैं। यह 10 से 15 मीटर के दायरे में कनेक्ट हो सकता है। बदमाश इसी का फायदा उठा रहे हैं। सवाल 3: क्या देश के सभी ई-रिक्शा या इलेक्ट्रिक वाहन इस एप के जरिए रोके जा सकते हैं? जवाब: सोशल मीडिया पर यह वायरल हो रहा है। हकीकत में सभी ई-व्हीकल इसके जोखिम में नहीं हैं। यह एप केवल उन्हीं वाहनों पर असर डालता है जो कुछ खास शर्तों को पूरा करते हैं। सवाल 4: कौन से ई-रिक्शा इस एप के प्रभाव से पूरी तरह सुरक्षित हैं? जवाब: भारत में अभी बड़ी संख्या में ई-रिक्शा पुरानी लेड-एसिड बैटरियों पर चलते हैं, जिनमें ब्लूटूथ या डिजिटल मैनेजमेंट सिस्टम नहीं होता। इसलिए ये इन एप से पूरी तरह सुरक्षित हैं। इसके अलावा, जिन लीथियम बैटरियों के ब्लूटूथ सिस्टम में मैन्युफैक्चरर या डीलर ने मजबूत पासवर्ड सेट किया है, उन्हें भी इस एप के जरिए एक्सेस नहीं किया जा सकता। सवाल 5: चीनी कंपनी ने ये एप किस उद्देश्य से बनाए थे? क्या ये ई-रिक्शा के लिए थे? जवाब: नहीं, कंपनी ने इन एप को ई-रिक्शा को कंट्रोल करने के लिए नहीं बनाया था। इसका मुख्य उद्देश्य सौर ऊर्जा उपकरणों और नावों या जहाजों की बैटरी में लगी लीथियम बैटरियों की सेहत पर नजर रखना था। इन एप का डिस्चार्ज ऑन/ऑफ फीचर सुरक्षा और रखरखाव के लिहाज से दिया गया था, ताकि जरूरत पड़ने पर बैटरी ओनर पावर कट कर सके। लेकिन भारत में इसका इस्तेमाल ई-रिक्शा की बैटरियों को रिमोटली बंद करने के लिए किया जाने लगा। सवाल 6: इससे ई-रिक्शा चालकों और सड़क सुरक्षा पर क्या असर पड़ रहा है? जवाब: लोगों का मानना है कि ई-रिक्शा की धीमी चाल के कारण ट्रैफिक जाम होता है। इससे परेशान होकर लोग इन्हें एप से बंद कर रहे हैं। कुछ लोग ऐसा मसखरी करने के लिए कर रहे हैं। यह चालकों के लिए मुसीबत बन गया है। सवाल 7: सुरक्षा की इस बड़ी चूक के लिए असल में जिम्मेदार कौन है? जवाब: स्थानीय स्तर पर बैटरी असेंबल करने वाले, डीलर्स और कुछ लो-कॉस्ट वाले लीथियम बैटरी मेकर्स जिम्मेदार हैं। भारत में सस्ते ई-रिक्शा पार्ट्स के बाजार में कई ऐसी लीथियम बैटरियां बेची जा रही हैं, जिनके ब्लूटूथ बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम को बिना किसी पासवर्ड के खुला छोड़ दिया जाता है। यह ठीक वैसा ही है जैसे किसी ने अपने घर का मुख्य दरवाजा खुला छोड़ दिया हो और कोई भी अंदर आ जाए। सवाल 8: इस सुरक्षा खामी को ठीक करने का क्या उपाय है? जवाब: वाहनों के डीलर्स और निर्माताओं को तय करना होगा कि वे वाहनों की बैटरी के मैनेजमेंट सिस्टम में मजबूत और यूनिक पासवर्ड सेट करें। इससे बाहरी व्यक्ति एप के जरिए बैटरी से कनेक्ट नहीं हो पाएगा। इसके अलावा, जिन ड्राइवरों के पास पहले से ऐसी बैटरियां हैं, वे डीलर के पास जाकर अपनी बैटरी के बीएमएस सेटिंग्स में पासवर्ड लॉक लगवा सकते हैं। ई-रिक्शा चालकों के लिए जरूरी टिप्स: ————————- ये खबर भी पढ़ें… पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर फैसला 2-3 महीनों में: सरकार बोली- ईरान जंग में खरीदा महंगा कच्चा तेल ही प्रोसेस हो रहा, ₹74,781 करोड़ घाटा हुआ केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को कहा कि देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम होंगी या नहीं, इस पर फैसला अगले दो-तीन महीनों में ही लिया जा सकता है। अभी कुछ भी कहना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान जंग के समय जब दुनिया में कच्चे तेल के दाम आसमान छू रहे थे, तब भारतीय तेल कंपनियों ने महंगे दामों पर कच्चा तेल खरीदा। रिफाइनरियां अभी उसी महंगे स्टॉक को प्रोसेस कर रही हैं। पूरी खबर पढ़ें…

4 युवतियां लापता, दो लड़कियों का मोबाइल बंद:एक कॉलेज गई थी, दूसरी लाइब्रेरी से वापस नहीं लौटी, दो घर से बिना बताए निकली

सीकर में 4 अलग-अलग युवतियों के लापता होने का मामला सामने आया है। एक युवती कॉलेज तो दूसरी लाइब्रेरी गई थी। लेकिन दोनों ही वापस नहीं लौटी। जिनका अब मोबाइल भी स्विच ऑफ है। वहीं 2 युवतियां घर से बिना बताए कहीं पर चली गई। उनका भी कुछ पता नहीं चल पाया है। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है और संभावित स्थानों के साथ CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। कॉलेज गई युवती वापस नहीं लौटी पहले केस में 18 साल की युवती के पिता ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि उनकी बेटी 30 जून की सुबह 9 बजे के करीब घर पर बोलकर गई कि वह कॉलेज जा रही है। लेकिन वह वापस नहीं लौटी। इसके बाद उसकी आस-पड़ोस और रिश्तेदारी में भी काफी तलाश की गई, लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया। लाइब्रेरी गई थी, अब तक घर नहीं आई दूसरे केस में 22 साल की युवती के पिता ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि उनकी 22 साल की बेटी 2 जुलाई की सुबह करीब 10 बजे लाइब्रेरी जाने की बात कहकर घर से निकली थी। जो अब तक वापस नहीं लौटी। इसके अतिरिक्त सीकर जिले में 21 साल की युवती 2 जुलाई की सुबह करीब 4 बजे घर से बिना बताए कहीं पर चली गई। 20 साल की युवती 30 जून की सुबह 11 बजे के करीब घर से बिना बताए कहीं चली गई। फिलहाल सभी मामलों में पुलिस युवतियों की तलाश कर रही है।

राजा मर्डर-सोनम रघुवंशी की जमानत पर रोक नहीं:सुप्रीम कोर्ट बोला-टाइपिंग की गलती को बनाया आधार, रिहाई न हुई होती तो बेल रद्द कर देते

इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत बरकरार रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा- हमें हाईकोर्ट के फैसले पर कुछ आपत्तियां हैं लेकिन सोनम जेल से बाहर आ चुकी है, इसलिए हम उसकी जमानत पर रोक नहीं लगाएंगे। इसके साथ ही कोर्ट ने मेघालय सरकार की उस याचिका पर नोटिस जारी कर दिया है, जिसमें हाईकोर्ट के जमानत आदेश को चुनौती दी गई है। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की अवकाशकालीन पीठ ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई की। इस दौरान मेघालय सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा- यह सुनियोजित हत्या का मामला है। सोनम ने 4 साथियों के साथ मिलकर पति राजा रघुवंशी की हत्या की, फिर शव को खाई में फेंक दिया था। घटना के बाद वह भाग निकली, बाद में उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार की गई। सॉलिसिटर जनरल बोले- टाइपिंग की गलती से बदली धारा सॉलिसिटर जनरल मेहता ने कोर्ट के सामने कहा- गिरफ्तारी से जुड़े दस्तावेजों में हत्या से संबंधित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) की जगह गलती से धारा 403(1) लिख दी गई थी। यह टाइपो एरर है। हाईकोर्ट ने इसी आधार पर जमानत दी है। मजिस्ट्रेट ने आरोपी को गिरफ्तारी के आधार समझाए थे। ट्रांजिट रिमांड देते समय भी इसका रिकॉर्ड मौजूद है। उन्होंने कहा- पहले इसी मामले में जमानत मेरिट के आधार पर खारिज हो चुकी थी। बाद में इस तकनीकी गलती को आधार बनाकर राहत दे दी गई, जबकि सुप्रीम कोर्ट स्पष्ट कर चुका है कि ऐसी लिपिकीय गलती, जिससे आरोपी को कोई वास्तविक नुकसान न हुआ हो, जमानत का आधार नहीं बन सकती। कोर्ट ने पूछा- गलत धारा लिखने के कारण जमानत देना सही? जस्टिस सुंदरेश ने सोनम की तरफ से पेश वकील से पूछा कि गिरफ्तारी के आधार पहले ही बताए जा चुके थे। शुरुआती जमानत याचिकाओं में यह मुद्दा कभी नहीं उठाया गया। फिर अचानक इसी तकनीकी आधार पर जमानत कैसे मांगी गई? क्या केवल गलत धारा लिखे जाने के कारण हाईकोर्ट का जमानत देना सही फैसला था? इस पर सोनम के वकील ने दावा किया कि सोनम को कभी गिरफ्तारी के आधार नहीं बताए गए। तब जस्टिस सुंदरेश ने कहा- यदि ऐसा था तो यह आपत्ति पहले क्यों नहीं उठाई गई? कोर्ट ने कहा- अगर सोनम रिहा नहीं हुई होती तो हम जमानत पर रोक लगा देते। यदि आवश्यक है तो राज्य सरकार कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है। अब पढ़िए, कैसे रची गई थी मर्डर की साजिश ? 11 मई 2025 को इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की शादी सोनम रघुवंशी से हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद दोनों हनीमून मनाने के लिए मेघालय गए। वहां पहुंचने के कुछ ही दिनों बाद 23 मई 2025 को दोनों अचानक लापता हो गए। जिसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की। 3 जून 2025 को पुलिस ने मेघालय की एक गहरी खाई से राजा रघुवंशी का शव बरामद किया। इसके बाद जब जांच एजेंसियों ने मामले की गहन तफ्तीश शुरू की, तो हनीमून की आड़ में रची गई हत्या की साजिश का खुलासा हुआ। पुलिस ने इस मामले में शामिल कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान कड़ियों को जोड़ा गया तो राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम रघुवंशी की भूमिका भी मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सामने आई। इसके बाद पुलिस ने उसे आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल, सोनम जमानत पर है। सोनम ने कहा था- नेपाल नहीं भागी, शिलॉन्ग में ही हूं इससे पहले 15 जून को सोनम रघुवंशी ने कहा था कि वह नेपाल नहीं भागी है। उसने कहा था- मेरे बारे में झूठी बातें फैलाई जा रही हैं। जनता से यही कहना चाहती हूं कि किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें। सोनम ने एक निजी चैनल से बातचीत में यह बयान दिया था। इसके साथ ही सोनम ने जांच में सहयोग देने की बात भी कही थी। उसने कहा था- मैंने हमेशा कोर्ट की कार्यवाही में पूरा सहयोग किया है। आगे भी करती रहूंगी। मेरा अभी इंदौर जाने का कोई प्लान नहीं है। दरअसल, राजा रघुवंशी के बड़े भाई विपिन रघुवंशी ने आरोप लगाया था कि सशर्त जमानत पर जेल से रिहा होने के बाद सोनम देश छोड़कर नेपाल भाग गई है। उन्होंने मामले की CBI जांच कराने की भी मांग की थी। सोनम से सवाल और जवाब… सवाल: क्या आप जमानत के बाद कोर्ट की सभी शर्तों का पालन कर रही हैं? सोनम रघुवंशी: हां, मुझे न्यायालय से जो भी जमानत की शर्तें मिली हैं, मैंने हमेशा उनका पूरी तरह पालन किया है और मैं उस दायरे को कभी नहीं तोड़ूंगी। सवाल: जमानत के बाद से आप कहां रह रही हैं, अपने खर्चे कैसे चला रही हैं? सोनम रघुवंशी: वर्तमान में शिलॉन्ग में ही रह रही हूं। शिलॉन्ग से बाहर बिल्कुल नहीं गई हूं। रही बात खर्चों की, तो उसके बारे में मैं कुछ नहीं बताना चाहती। वह मेरा निजी मामला है। सुरक्षा कारणों की वजह से शिलॉन्ग के भीतर अपने सटीक रहने के स्थान को सार्वजनिक नहीं कर सकती। सवाल: आप शिलॉन्ग छोड़ने की प्लानिंग कर रही हैं, आपका इंदौर जाने का कोई विचार है ? सोनम रघुवंशी: नहीं, मेरा अभी इंदौर जाने का कोई विचार नहीं है, क्योंकि मेरा मामला अभी यहीं चल रहा है। जब तक यह पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता, मैं कहीं नहीं जाऊंगी। अभी मामले की सुनवाई चल रही है। लोग मेरे बारे में पूरी तरह झूठ बोल रहे हैं। सवाल: पहले दिन से ही जनता की राय आपके खिलाफ दिखाई दे रही है, आपकी खुद की क्या राय है ? सोनम रघुवंशी: मेरा मामला अभी न्यायालय में सुनवाई के चरण में है, इसलिए मैं इस विषय पर अभी और कुछ नहीं बोलना चाहूंगी। सवाल: कोर्ट की कार्यवाही में सहयोग करने के अपने कमिटमेंट को लेकर आप क्या कहना चाहेंगी? सोनम रघुवंशी: हां, मैंने हमेशा कोर्ट की हर कार्यवाही में पूरा सहयोग किया है। आगे भी करती रहूंगी। मुझे जो भी शर्तें दी गई थीं, उनका पालन कर रही हूं। मेरे मन में अपने न्याय तंत्र के लिए हमेशा से बहुत सम्मान रहा है और आगे भी रहेगा। मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… 1. राजा रघुवंशी हत्याकांड में फिर उठी CBI जांच की मांग राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में राजा के भाई विपिन रघुवंशी एक बार फिर सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब एक लड़की से जुड़े मामले में सीबीआई जांच हो सकती है, तो लड़के के मामले में क्यों नहीं। ये मामला भी बेहद चर्चित है। दूसरे राज्य का भी एंगल जुड़ा है। राजा रघुवंशी हत्याकांड की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए। पढ़ें पूरी खबर… 2. हनीमून पर मर्डर की आरोपी सोनम रघुवंशी जेल से रिहा इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी मर्डर केस में आरोपी सोनम रघुवंशी जेल से बाहर आ गई है। शिलॉन्ग कोर्ट ने उसकी जमानत मंजूर कर ली। इसके बाद सोनम के पिता देवी सिंह खुद शिलॉन्ग पहुंचे और जमानत भर दी। देवी सिंह ने स्थानीय होटल संचालक की तरफ से जमानत भरी थी। पढ़ें पूरी खबर…

जालोर में आज भी बारिश की संभावना:भाद्राजून में कल रात 11 बजे से बिजली कटौती, लोंग परेशान

जालोर के आहोर क्षेत्र में प्री-मानसून की पहली बारिश दर्ज हुई है। बीती रात आहोर में करीब 13 एमएम बारिश होने से मौसम सुहावना हो गया और लोगों को तेज गर्मी से हल्की राहत मिली। वहीं जिले के बाकी इलाकों में सुबह से घने बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार रात तक जालोर जिले में मानसून की एंट्री हो सकती है। सुबह से बादल, बाकी इलाकों को बारिश का इंतजार आहोर में हुई बारिश के बाद जालोर जिले के दूसरे क्षेत्रों में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। जिला मुख्यालय सहित कई इलाकों में सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए हुए हैं, जिससे धूप का असर कम हुआ है। हालांकि, जिले के बाकी हिस्सों में सुबह से खबर लिखे जाने तक कहीं भी बारिश नहीं हुई है। लोग अब भी अच्छी बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। आज रात हो सकती है मानसून की एंट्री मौसम विभाग के अनुसार जालोर जिले के लिए आने वाले कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं। विभाग ने संभावना जताई है कि आज (शुक्रवार) रात तक जालोर जिले में मानसून की एंट्री हो सकती है। मानसून आने के साथ ही जिले में अच्छी बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद है, जिससे तापमान में और गिरावट आएगी। भाद्राजून में रात 11 बजे से बिजली कटौती एक तरफ लोग उमस से परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ बिजली कटौती ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। भाद्राजून क्षेत्र में गुरुवार रात 11 बजे से ही बिजली गुल है। विधुत विभाग के अनुसार देर रात लाइन में अचानक बड़ा तकनीकी फॉल्ट आ गया था। पूरी रात फॉल्ट ठीक करने में जुटी रही टीम पूरी रात और शुक्रवार सुबह तक विभाग की टीमें फॉल्ट को तलाशने और उसे ठीक करने में जुटी रहीं, लेकिन काफी मशक्कत के बाद भी सफलता नहीं मिल सकी। लंबे पावर कट के कारण लोग रात भर सो नहीं पाए। उमस से बचने के लिए लोग घरों के बाहर बैठकर गत्ते और कपड़ों से हवा करते हुए नजर आए।

कोटा में परिवार सो रहा था,मकान में घुसा ब्लैक कोबरा:अचानक 5 फीट लंबे सांप को देख मची अफरा-तफरी, स्नेक कैचर ने किया रेस्क्यू

कोटा शहर के नया गांव इलाके में शुक्रवार सुबह एक मकान में करीब 5 फीट लंबा ब्लैक कोबरा सांप घुस आया। उस समय परिवार के सभी सदस्य घर में सो रहे थे। सुबह जब मकान मालिक रामेश्वर प्रसाद सोनी की नींद खुली तो उनकी नजर अचानक कमरे में अलमारी के पीछे बैठे ब्लैक कोबरा पर पड़ी। जहरीले सांप को देखते ही वह घबरा गए और तुरंत परिवार के अन्य सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद उन्होंने पड़ोसियों को सूचना दी और स्नेक कैचर गोविंद शर्मा को मौके पर बुलाया। सूचना मिलते ही स्नेक कैचर गोविंद शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने सावधानीपूर्वक पूरे कमरे का निरीक्षण किया और अलमारी के पीछे छिपे ब्लैक कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू किया। काफी मशक्कत के बाद सांप को बिना किसी नुकसान के पकड़ लिया गया। समय रहते रेस्क्यू होने से बड़ा हादसा टल गया। पहले देखिए, घटना से जुड़ी PHOTO’S रेस्क्यू के बाद लाड़पुरा के जंगल में सांप को सुरक्षित छोड़ा स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने बताया कि ब्लैक कोबरा करीब 5 फीट लंबा था। परिवार में छोटे-छोटे बच्चे होने के कारण स्थिति गंभीर हो सकती थी, लेकिन समय रहते सूचना मिलने से बड़ा हादसा टल गया। रेस्क्यू के बाद सांप को उसके प्राकृतिक आवास लाड़पुरा के जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। गनीमत रही कि इस पूरी घटना में किसी भी सदस्य को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। घर में सांप दिखाई दे तो उसे पकड़ने का प्रयास ना करें स्नेक कैचर ने लोगों से अपील की कि घर में सांप दिखाई देने पर घबराएं नहीं, उसे पकड़ने का प्रयास न करें और तुरंत प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम या वन्यजीव विशेषज्ञ को सूचना दें।

आंगनबाड़ी के पद खाली, 6 जुलाई तक करें आवेदन:10 बाल विकास परियोजनाओं में होगी भर्ती, 12वीं पास होना जरूरी

महिला एवं बाल विकास विभाग ने झुंझुनू में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक महिला उम्मीदवार 6 जुलाई 2026 तक आवेदन जमा करा सकती हैं। भर्ती जिले की 10 बाल विकास परियोजनाओं के तहत होगी। पनिदेशक बृजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि सभी आवेदन ऑफलाइन माध्यम से संबंधित सीडीपीओ (CDPO) कार्यालय में जमा करने होंगे। जिले में कुल 47 पद खाली जिले में कुल 47 पदों पर भर्ती की जाएगी। इनमें 8 पद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के और 39 पद सहायिका के हैं। यह नियुक्तियां मंडावा, बुहाना, सूरजगढ़, सिंघाना, उदयपुरवाटी, नवलगढ़, खेतड़ी, पिलानी, झुंझुनू और अलसीसर सीडीपीओ क्षेत्रों के अंतर्गत की जाएंगी। यह रहे आवेदन के लिए जरूरी नियम आवेदिका की आयु 18 से 35 साल के बीच होनी चाहिए। उम्मीदवार का कम से कम 12वीं पास होना जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए संबंधित राजस्व ग्राम और शहरी क्षेत्र की महिलाओं के लिए संबंधित वार्ड का स्थानीय निवासी होना जरूरी है। उम्मीदवारों की वरीयता सूची उनके शैक्षणिक डाक्यूमेंट्स, डिप्लोमा और कार्य अनुभव के अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी

जयपुर-दुबई के लिए 20 जुलाई से नई फ्लाइट:रोजाना दोपहर 1.45 बजे भरेगी उड़ान, चार महीने बाद पैसेंजर को मिलेगी राहत

जयपुर से दुबई ट्रैवल करने वाले पैसेंजर्स के लिए राहत भरी खबर है। लगभग चार महीने से प्रभावित दुबई एयर कनेक्टिविटी अब फिर मजबूत होने जा रही है। 20 जुलाई से स्पाइसजेट जयपुर और दुबई के बीच अपनी नियमित सीधी फ्लाइट शुरू करेगी। इसके साथ ही पैसेंजर्स को जयपुर से दुबई के लिए एक और डेली फ्लाइट का विकल्प उपलब्ध हो जाएगा, जिससे पर्यटन, व्यापार और प्रवासी भारतीयों को बड़ी सुविधा मिलेगी। स्पाइसजेट एयरलाइंस की फ्लाइट SG – 5157 हर दिन दोपहर 1 बजकर 45 मिनट पर जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरेगी और दोपहर 3 बजकर 45 मिनट पर दुबई पहुंचेगी। वहीं वापसी में फ्लाइट SG – 5158 दुबई से सुबह 7 बजकर 35 मिनट पर रवाना होगी और दोपहर 12 बजकर 45 मिनट पर जयपुर पहुंचेगी। एयरलाइन की ओर से दुबई फ्लाइट का संचालन रोजाना किया जाएगा। इससे जयपुर से दुबई जाने वाले पैसेंजर्स को ज्यादा विकल्प मिलेंगे और दोनों शहरों के बीच ट्रैवल पहले की मुकाबले में ज्यादा सुविधाजनक हो जाएगा। ट्रैवल का समय और खर्च दोनों बढ़ गए थे दरअसल, पिछले करीब चार महीने से अमेरिका, इजरायल और ईरान युद्ध की वजह से जयपुर से दुबई की सीधी उड़ानों का संचालन प्रभावित था। इससे संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले प्रवासी भारतीयों, पर्यटकों और व्यावसायिक पैसेंजर्स को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई पैसेंजर्स को दिल्ली, मुंबई या अन्य शहरों से कनेक्टिंग फ्लाइट लेकर दुबई जाना पड़ रहा था, जिससे उनके ट्रैवल का समय और खर्च दोनों बढ़ रहे थे। जयपुर एयरपोर्ट की इंटरनेशनल कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी ऐसे में स्पाइसजेट एयरलाइंस की यह नई सेवा शुरू होने से न केवल इंटरनेशनल पैसेंजर्स को राहत मिलेगी। बल्कि, जयपुर एयरपोर्ट की इंटरनेशनल कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी। बता दें कि दुबई राजस्थान के पैसेंजर्स के लिए सबसे बिजी इंटरनेशनल डेस्टिनेशंस में से एक है। बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय, कारोबारी और पर्यटक इस रूट पर नियमित ट्रेवल करते हैं। पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा एविएशन क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि दुबई रूट पर नियमित उड़ानों की बहाली से पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, पैसेंजर्स को अब ज्यादा सुविधाजनक समय और बेहतर विकल्प उपलब्ध होंगे।

राजस्थान-20 से ज्यादा शहरों में ATS के छापे, एक गिरफ्तार:28 हिरासत में, पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी से कनेक्शन की आशंका

एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) की टीमों ने शुक्रवार सुबह राजस्थान के 20 से ज्यादा शहरों में छापेमारी की है। रेड पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी से जुड़े लोगों को पकड़ने के लिए की गई है। छापेमारी में 28 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। बाड़मेर से एक युवक को भी गिरफ्तार किया गया है। एटीएस का दावा है कि भट्टी सोशल मीडिया प्लेटाफॉर्म के जरिए ऑनलाइन गेम, पैसों और गैंगस्टर ग्लैमर का लालच देकर युवाओं से दोस्ती करता है। फिर उनसे संवेदनशील जगहों की फोटो मंगवाता है। भट्टी के चंगुल में ज्यादातर भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे जिलों के युवा फंस रहे हैं। जयपुर में भी छापेमारी, 20 साल का युवक गिरफ्तार जानकारी के अनुसार एटीएस ने राजधानी में भी अलग-अलग एरिया में छापेमारी की है। जयपुर से भी कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। वहीं, बाड़मेर के गागरिया गांव से हिरासत में लिए गए बशीर (20) पुत्र आमद खान को हिरासत में लिया था। रामसर थाने में पूछताछ के बाद एटीएस की सूचना पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। दावा है कि बशीर शहजाद भट्टी से लगतार संपर्क में था। भट्टी को फॉलो करने वाले रडार पर सूत्रों के अनुसार लंबे समय से एटीएस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भट्‌टी को फॉलो करने वालों पर नजर रख रही है। शुक्रवार को हुई छापेमारी में ऐसे ही संदिग्धों को हिरासत में लेने की जानकारी है। इन लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट व दूसरी ऑनालाइन एक्विटविटी की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसियों के अनुसार भट्टी का नेटवर्क राजस्थान के साथ हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और यूपी में भी है। राजस्थान में भट्टी के स्लीपर सेल एक्टिव होने की आशंका बीते करीब छह महीने से सुरक्ष एजेंसियां राजस्थान में शहजाद भट्टी के नेटवर्क को खंगालने की कोशिश कर रही हैं। इस साल जैसलमेर, श्रीगंगानगर, बाड़मेर, बीकानेर सहित कई बॉर्डर वाले जिलों से भट्‌टी से जुड़े लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। आशंका है कि आतंकवादी के स्लीपर सेल राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में एक्टिव है। इन्हें हवाला के जरिए पैसा पहुंचाया जा रहा है। इस पैसे का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों के लिए हो रहा है। कौन है पाकिस्तानी डॉन और आतंकी भट्‌टी हेरोइन, हथियार भी भारत भेज रहा है भट्टी श्रीगंगागनर में करीब दो महीने पहले पुलिस ने 10 लोगों को हिरासत में लिया था। कार्रवाई के बाद श्रीगंगानगर एसपी हरीशंकर ने बताया कि शहजाद भट्टी पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हेरोइन, विदेशी पिस्टल, आरडीएक्स भारत भेज रहा है। वह उन युवाओं को टारगेट कर रहा है, जो शॉर्टकट से पैसा कमाना चाहते हैं। सोशल मीडिया पर संपर्क बनाकर उन्हें धीरे-धीरे अपने गिरोह में शामिल कर रहा है। राजस्थान में धमाकों की प्लानिंग कर रहा था आतंकी मार्च 2026 में हरियाणा के अंबाला से सुरक्षा एजेंसियों ने तीन आतंकियों को पकड़ा था। उन्होंने पूछताछ में बताया था कि शहजाद भट्टी राजस्थान में धमाकों की तैयारी कर रहा था। इसके लिए उसने हनुमानगढ़ में इम्प्रोवाइज एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) भी पहुंचा दी थी। आरडीएक्स पहुंचने में देरी से आतंकी साजिश नाकाम हो गई। ये आरडीएक्स ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से भेजा गया था। पिछले कुछ महीने में 10 से ज्यादा आरोपियों को पकड़ा …. राजस्थान में आतंकवादियों से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… महिला आतंकी के पिता बोले-ऐसी बेटी की जरूरत नहीं:बबीता इंटरनेट पर आत्मघाती हमले की जानकारी करती थी सर्च; ‘दुनिया धोखेबाज’ नाम से था फेसबुक अकाउंट जयपुर से गिरफ्तार जैश-ए-मोहम्मद की कथित महिला स्लीपर सेल बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा से पूछताछ में कई बड़े खुलासे हुए हैं। बबीता करीब दो साल से आतंकी संगठन के संपर्क में थी। पूरी खबर पढ़िए…

डकैत जगन गुर्जर की हत्या करने वाला विष्णु जाट गिरफ्तार:बोला- वह मुझसे कपड़े धुलवाता था, कमेंट भी करता था; झगड़े के कारण मार डाला

अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी विष्णु सिंह जाट को शुक्रवार सुबह 10.30 बजे प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया। हथियारबंद जवान जेल से कड़ी सुरक्षा में उसे लेकर सिविल लाइन थाना पहुंचे। प्रारंभिक पूछताछ में विष्णु ने बताया कि जेल के अंदर जगन गुर्जर का दबदबा था। उसे जेल में सभी जग्गू दादा कहते थे। जगन मुझ पर भी काफी दबाव रखता था। मुझसे अंडर गारमेंट्स धुलवाता था। मुझ पर टिप्पणियां भी करता था। थाने लाते समय विष्णु ने कहा कि उसका जगन के साथ झगड़ा हो गया था। इसी के चलते उसने हत्या की वारदात को अंजाम दिया। अजमेर उत्तर सीओ शिवम जोशी ने बताया- हाई सिक्योरिटी जेल में बंद जगन गुर्जर की 29 जून को हत्या हो गई थी। पुलिस विष्णु से हत्या का कारण, वारदात को कैसे अंजाम दिया सहित अन्य बिंदुओं पर पूछताछ करेगी। ये सवाल पूछेगी पुलिस पुलिस सूत्रों के अनुसार, पुलिस विष्णु से हर एंगल पर पूछताछ करेगी। उसने जगन गुर्जर की हत्या क्यों की? जब उसने जगन का गला दबाया तो जगन ने संघर्ष क्यों नहीं किया? क्या उसे पहले कुछ नशीला पदार्थ दिया गया था या और कोई कारण थे? वह इस हत्या की प्लानिंग कब से कर रहा था, इसमें और कोई भी शामिल है या नहीं? रेडियो चलने से जेल स्टाफ ने नहीं सुनी आवाज पुलिस सूत्रों के अनुसार, जिस ब्लॉक में जगन गुर्जर बंद था, वहां दो जेल प्रहरी की ड्यूटी थी। पुलिस ने उन दोनों के बयान भी दर्ज किए हैं। एक जेल प्रहरी एक महीने पहले ही हाई सिक्योरिटी जेल में आया था। पूछताछ में स्टाफ ने बताया कि ब्लॉक के अंदर दोनों तरफ रेडियो चल रहे थे। अगर जगन गुर्जर हत्या के वक्त चिल्लाया भी होगा तो उन्हें रेडियो चलने के कारण आवाज नहीं आई थी। घटना के दिन जब दोपहर 3 बजे जेल खुली, उसके बाद उन्हें हत्या के बारे में पता चला था। 29 जून को अजमेर जेल में हुई थी हत्या 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई थी। भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर का टॉवल (तौलिए) से गला दबाकर मर्डर किया था। जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार 1 जुलाई को धौलपुर के डांग स्थित भवुतीपुरा गांव में हुआ। … जगन गुर्जर की हत्या से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… डकैत जगन गुर्जर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा:पकड़ कर दो बार दबाया गया गला, बचने के लिए संघर्ष तक नहीं किया डकैत जगन गुर्जर की सेल तक कैसे पहुंचा हत्यारा?:जेल में दोनों की अलग-अलग सेल थी; मिलने के लिए आपसी सहमति थी जरूरी छावनी बना डकैत जगन का गांव,9 थानों की पुलिस तैनात:धौलपुर में हुआ अंतिम संस्कार, STF की सुरक्षा में तीनों भाइयों को लाया गया जगन गुर्जर की 3 मिनट में थम गई थीं सांसें:सुसाइड दिखाने की कोशिश; 13 फीट ऊंचे पंखे पर मिला गमछा, CCTV पर टूथपेस्ट लगाया अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या:कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी ने तौलिए से गला घोंटा, साथ में लूडो खेला था