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जगन्नाथ पुरी के राजा दिब्यसिंह की ISKCON से अपील:गलत समय पर रथयात्रा न निकालें; मंदिर प्रशासन का दावा- भारत से बाहर 70 शहरों में मनमर्जी चलाई

पुरी के गजपति महाराज और श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रबंधन समिति (SJTMC) के अध्यक्ष दिब्यसिंह देब ने ISKCON से अपील की है कि वह गलत समय पर रथयात्रा न निकाले। इस्कॉन यात्रा का आयोजन ऐसी तारीखों पर कर रहा है, जो शास्त्रों के अनुसार नहीं हैं। इससे भक्तों की भावनाएं आहत हो रही हैं। उन्होंने मायापुर में ISKCON की गवर्निंग बॉडी कमीशन (GBC) के चेयरमैन श्री मधुसेविता दास प्रभु के नाम लिखे पत्र में अक्टूबर 2025 में लिए उस फैसले पर दोबारा विचार करने कहा है, जिसके तहत विदेशों में अलग-अलग समय पर रथ यात्रा निकाली जा रही है। एक दिन पहले ही केन्या की राजधानी नैरोबी में ISKCON ने रथयात्रा निकाली। 21 जून को लंदन में, 14 जून को न्यूयॉर्क सिटी में और 5 जुलाई को सिडनी में रथयात्रा निकाली गई। गौरतलब है कि इस साल, स्नान पूर्णिमा 29 जून को थी और मुख्य रथयात्रा 16 जुलाई को होगी। रथयात्रा हिंदू कैंलेंडर के मुताबिक हमेशा आषाढ़ शुक्ल द्वितीया तिथि पर होती है। इधर, पुरी में तीनों रथों के निर्माण का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। यहां बढ़ई, सहायक और पेंटर समेत करीब 220 कारीगर दिन-रात रथ तैयार करने में जुटे हैं। गजपति ने गलत तिथि पर स्नान यात्रा की लिस्ट भेजी ISKCON ने पहले पुरी मंदिर को भरोसा दिलाया था कि स्नान यात्रा ज्येष्ठ पूर्णिमा तिथि पर मनाई जाएगी, लेकिन वे दुनिया भर के कई शहरों में अलग-अलग तारीखों पर इस त्योहार का आयोजन कर रहे हैं। इस साल, स्नान पूर्णिमा 29 जून को थी। अपनी बात के समर्थन में, देब ने 1 मई के बाद की गई स्नान यात्राओं की एक लिस्ट भी भेजी है। दिब्यसिंह ने यह भी लिखा है कि ISKCON से अनुरोध है कि वह यह सुनिश्चित करें कि दुनिया भर के सभी ISKCON मंदिर स्नान यात्रा केवल ज्येष्ठ पूर्णिमा तिथि पर ही मनाए। मध्य प्रदेश में प्रस्तावित रथयात्राओं पर भी जताई आपत्ति गजपति महाराज ने उज्जैन स्थित ISKCON मंदिर की ओर से 16 से 25 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश के 66 स्थानों पर रथयात्रा आयोजित करने की योजना पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि धार्मिक ग्रंथों के अनुसार रथ यात्रा केवल आषाढ़ शुक्ल द्वितीया से शुरू होने वाला 9 दिवसीय उत्सव है। उन्होंने कहा कि महर्षि वेदव्यास रचित स्कंद पुराण में भी भगवान जगन्नाथ ने स्वयं स्नान यात्रा और रथयात्रा की निर्धारित तिथि बताई हैं। ऐसे में मनमानी तिथियों पर आयोजित करना प्राचीन परंपराओं और शास्त्रों के विपरीत है। ISKCON का तर्क- विदेशों में हर जगह एक ही दिन आयोजन संभव नहीं पुरी मंदिर की पिछली आपत्तियों का जवाब देते हुए ISKCON ने कहा था कि हर देश में जलवायु परिस्थितियों, सरकारी नियमों और स्थानीय सांस्कृतिक कारकों बड़ा असर डालते हैं। इसके कारण शास्त्रों में बताई गई तारीख पर रथयात्रा आयोजित करना हमेशा संभव नहीं होता है। इस्कॉन ने पुरी मंदिर को बताया था- “रूस में वहां का मौसम, सरकार और स्थानीय संस्कृति अक्सर शास्त्रों में बताई गई तारीखों पर रथयात्रा निकालने के अनुकूल नहीं होती है।” भास्कर नॉलेज… रथयात्रा को लेकर विवाद नया नहीं है। 2024 और 2025 में भी पुरी के गजपति महाराजा ने ISKCON से अनुरोध किया था कि विदेशों में भी पुरी के धार्मिक पंचांग के अनुसार रथयात्रा आयोजित की जाए। 2026 में यह विवाद इसलिए ज्यादा चर्चा में आया क्योंकि कई देशों में रथयात्रा पुरी की तिथि से कई हफ्ते पहले आयोजित की गई, जिसके बाद औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई गई। ————————– ये खबर भी पढ़ें… पुरी रथयात्रा: 200 से ज्यादा लोग 58 दिनों में तैयार करते हैं रथ, जानिए यात्रा के बाद क्या होता है इन रथों का हर साल भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के 45 फीट ऊंचे तीनों रथ 200 से ज्यादा लोग सिर्फ 58 दिनों में तैयार करते हैं। ये रथ 5 तरह की खास लकड़ियों से पूरी तरह हाथों से बनाए जाते हैं। शुरुआत अक्षय तृतीया से हो जाती है और गुंडिचा यात्रा के दो दिन पहले रथ बन कर तैयार हो जाते हैं। यात्रा खत्म होने के बाद रथों को तोड़ दिया जाता है। पढ़ें पूरी खबर…

झारसुगुड़ा में पति बाइक पर बांधकर लाया पत्नी का शव:परिजन का आरोप- स्वास्थ्य केंद्र ने घंटों इंतजार करवाया, न शव वाहन दिया, न एंबुलेंस

ओडिशा के झारसुगुड़ा में एक व्यक्ति पत्नी के शव को बाइक पर लाने मजबूर हो गया। लाइकेरा ब्लॉक के उडियापाली गांव में रहने वाले नरेश छत्रिया की पत्नी जमुना की मौत मुद्रजोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हो गई थी। नरेश जमुना की तबीयत बिगड़ने पर उसे डॉक्टर के पास ले गया था। लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। नरेश ने शव को घर ले जाने के लिए एंबुलेंस मांगी, लेकिन काफी इंतजार के बाद भी उसे शव वाहन नहीं मिला। मजबूरन नरेश, अपने पड़ोसी की बाइक पर पत्नी के शव को रखकर घर लेकर आया। मुंद्राजोर CHC से लेकर ओडियापाली गांव की दूरी लगभग 5 किमी है। शनिवार 4 जुलाई को हुए इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें नरेश पत्नी के शरीर को चादर से ढंककर बाइक पर लेकर जाता दिख रहा है। पहले देखिए इस घटना की एक तस्वीर… नरेश ने पत्नी का पोस्टमॉर्टम नहीं करवाया, भोज देना पड़ता लोग बोले- दाना माझी की याद ताजा हो गई नरेश छत्रिया की घटना को देखकर इसकी तुलना दाना माझी की घटना से की जा रही है। दरअसल आज से ठीक 10 साल पहले अगस्त 2016 में ओडिशा के कालाहांडी में दाना माझी अपनी पत्नी के शव को कंधे पर उठाकर 10 किमी तक पैदल चले थे। उनके साथ छोटी सी बेटी भी थी। इस घटना की तस्वीरें और वीडियो पूरे देश में वायरल हो गए। इसे गरीबी, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और शव-वाहन व्यवस्था की विफलता बताया गया था। घटना के बाद ओडिशा सरकार ने जांच के आदेश दिए। शव-परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए महाप्रयाण योजना जैसी मुफ्त शव-वाहन सेवाएं भी शुरू की गई थीं। ———————- ओडिशा से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… अप्रैल में बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा था शख्स: कंधे पर लेकर 3km पैदल चला; बैंक कर्मचारियों ने कहा था- जिसका खाता उसे लेकर आओ ओडिशा के क्योंझर में अप्रैल 2026 में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया था। आदिवासी जीतू मुंडा अपनी मरी हुई बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंच गया। जीतू अपनी बहन कलारा मुंडा के खाते से 20 हजार रुपए निकालना चाहता था, इसके लिए वह कई बार बैंक भी गया। लेकिन कर्मचारी खाता धारक को साथ लाने कहा करते थे। पढ़ें पूरी खबर…

झारसुगुड़ा में पति बाइक पर बांधकर लाया पत्नी का शव:परिजन का आरोप- स्वास्थ्य केंद्र ने घंटों इंतजार करवाया, न शव वाहन दिया, न एंबुलेंस

ओडिशा के झारसुगुड़ा में एक व्यक्ति पत्नी के शव को बाइक पर लाने मजबूर हो गया। लाइकेरा ब्लॉक के उडियापाली गांव में रहने वाले नरेश छत्रिया की पत्नी जमुना की मौत मुद्रजोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हो गई थी। नरेश जमुना की तबीयत बिगड़ने पर उसे डॉक्टर के पास ले गया था। लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। नरेश ने शव को घर ले जाने के लिए एंबुलेंस मांगी, लेकिन काफी इंतजार के बाद भी उसे शव वाहन नहीं मिला। मजबूरन नरेश, अपने पड़ोसी की बाइक पर पत्नी के शव को रखकर घर लेकर आया। मुंद्राजोर CHC से लेकर ओडियापाली गांव की दूरी लगभग 5 किमी है। शनिवार 4 जुलाई को हुए इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें नरेश पत्नी के शरीर को चादर से ढंककर बाइक पर लेकर जाता दिख रहा है। पहले देखिए इस घटना की एक तस्वीर… नरेश ने पत्नी का पोस्टमॉर्टम नहीं करवाया, भोज देना पड़ता लोग बोले- दाना माझी की याद ताजा हो गई नरेश छत्रिया की घटना को देखकर इसकी तुलना दाना माझी की घटना से की जा रही है। दरअसल आज से ठीक 10 साल पहले अगस्त 2016 में ओडिशा के कालाहांडी में दाना माझी अपनी पत्नी के शव को कंधे पर उठाकर 10 किमी तक पैदल चले थे। उनके साथ छोटी सी बेटी भी थी। इस घटना की तस्वीरें और वीडियो पूरे देश में वायरल हो गए। इसे गरीबी, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और शव-वाहन व्यवस्था की विफलता बताया गया था। घटना के बाद ओडिशा सरकार ने जांच के आदेश दिए। शव-परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए महाप्रयाण योजना जैसी मुफ्त शव-वाहन सेवाएं भी शुरू की गई थीं। ———————- ओडिशा से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… अप्रैल में बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा था शख्स: कंधे पर लेकर 3km पैदल चला; बैंक कर्मचारियों ने कहा था- जिसका खाता उसे लेकर आओ ओडिशा के क्योंझर में अप्रैल 2026 में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया था। आदिवासी जीतू मुंडा अपनी मरी हुई बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंच गया। जीतू अपनी बहन कलारा मुंडा के खाते से 20 हजार रुपए निकालना चाहता था, इसके लिए वह कई बार बैंक भी गया। लेकिन कर्मचारी खाता धारक को साथ लाने कहा करते थे। पढ़ें पूरी खबर…

खैरथल-तिजारा में चिटफंड धोखाधड़ी मामला, ईडी ने मांगे सबूत:सभी पीड़ितों को समन जारी, एफआईआर और बैंक डिटेल्स जमा करानी होगी

खैरथल-तिजारा के गांव मातौर में नवअंश इंडिया निधि लिमिटेड चिटफंड धोखाधड़ी मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की भी एंट्री हो गई है। भारत सरकार के क्षेत्रीय कार्यालय, ईडी जयपुर ने मामले की जांच के तहत परिवादी सत्यवीर चौधरी, राजकुमार, धर्मेंद्र चौधरी सहित कई पीड़ित जमाकर्ताओं को समन जारी किए हैं। सभी को महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। शिकायतकर्ताओं से मांगे सबूत
शिकायतकर्ताओं के वकील प्रताप सैन ने बताया- ईडी ने समन में पीड़ितों से पैन कार्ड और आधार कार्ड सहित पहचान एवं पते के प्रमाण, नवअंश ग्रुप एवं उसके निदेशकों के खिलाफ दर्ज शिकायत या एफआईआर की प्रति, स्वयं एवं परिवार के सदस्यों के नाम पर संचालित सभी बैंक खातों का विवरण तथा नवअंश इंडिया निधि लिमिटेड और सिंदुरिया माइक्रोफाइनेंस फाउंडेशन के निदेशकों एवं एजेंटों के माध्यम से खुलवाए गए एफडी, बचत खाते, ऋण खाते सहित अन्य बैंक खातों की जानकारी मांगी है। करोड़ों के गबन का लगा आरोप
दरअसल, मामला 29 सितंबर 2025 का है। खैरथल थाने में दर्ज इस मामले में नवअंश इंडिया निधि लिमिटेड के संचालकों पर आम जनता से करोड़ों रुपए जमा कराकर गबन करने और फरार होने का आरोप है। पुलिस जांच में आरोप प्रमाणित पाए गए थे। इसके बाद पीड़ितों ने खैरथल थाने में मामला दर्ज कराया और लगातार सरकार, प्रशासन तथा जांच एजेंसियों से कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपे। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी वर्षों की मेहनत की जमा पूंजी फंस गई है, जिससे अनेक परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहे हैं। 10 लोगों को आरोपी बनाया, एक की हुई मौत
मामले में पुलिस की जांच के दौरान 10 लोगों को आरोपी बनाया गया। इनमें एजेंट दिनेश कुमार की मृत्यु हो चुकी है, जबकि शेष 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। इनमें उमराव, दाताराम, सतपाल और पुरण फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि जयपाल, नरेश, जिलेसिंह, वेंकटेश्वर प्रसाद और प्रेम कुमार जमानत पर रिहा हो चुके हैं। पीड़ित पक्ष की ओर से अधिवक्ता प्रताप सैन न्यायालय में पैरवी कर रहे हैं। सक्षम प्राधिकारी की कार्यशैली पर उठे सवाल
पीड़ित ग्रामीणों का आरोप है कि 11 फरवरी 2026 को रजिस्ट्रार सहकारी समितियां, जयपुर एवं रजिस्ट्रार कंपनियां, जयपुर द्वारा सब रजिस्ट्रार सहकारी समिति, खैरथल को सक्षम प्राधिकारी नियुक्त किए जाने के बावजूद दावों के निस्तारण की प्रक्रिया अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ सकी। कई लोगों के आवेदन स्वीकार नहीं किए गए और सुनवाई भी समय पर नहीं हुई। उनका कहना है कि बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिले हैं। ये भी पढ़ें- मामा-भांजे ने फाइनेंस कंपनी बनाई, करोड़ों रुपए लेकर फरार:गुस्साए पीड़ितों ने घर में तोड़फोड़ की, बाइक फूंकी; बोले-मेहनत कर एक-एक पैसा जोड़ा था साल 2010… खैरथल-तिजारा का मातौर गांव मामा-भांजे ने नवअंश इंडिया निधि लिमिटेड के नाम से फाइनेंस कंपनी बनाई। खुद का ऑफिस खोला और लोगों को रकम पर साल का 24% तक ब्याज देने का झांसा दिया। बॉन्ड, पासबुक और रसीदें भी छपवाईं। पहले कुछ साल ब्याज के साथ रुपए लौटाकर विश्वास जीता। इसके बाद लोग झांसे में आकर मेहनत से कमाई हुई मोटी रकम FD (फिक्स्ड डिपॉजिट) और RD (रिकरिंग डिपॉजिट) में जमा कराने लगे। 15 साल में निवेश के नाम पर जमा किए गए करोड़ों रुपए लेकर मामा-भांजा फरार हो गए। (पढ़ें पूरी खबर)

अजमेर की हाई-सिक्योरिटी जेल में पप्पू गुर्जर की तबीयत बिगड़ी:खाना खाने के बाद सीने में दर्द की शिकायत; डॉक्टर ने किया चेकअप

अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद पप्पू गुर्जर की तबीयत अचानक बिगड़ गई। खाना खाने के बाद पप्पू ने सीने में दर्द की शिकायत की। इस पर जेल के डॉक्टर ने उसका चेकअप किया। जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ ने बताया- रविवार शाम को पप्पू का प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद ऐहतियातन जवाहरलाल नेहरू अस्पताल भेजा गया। जहां उसकी जांच की गई। पप्पू गुर्जर को पुलिस की भारी सुरक्षा के बीच अस्पताल में रात 10:45 बजे लाया गया। बता दें कि पप्पू गुर्जर डकैत जगन गुर्जर का भाई है। जांच व उपचार के बाद उसे जेल शिफ्ट कर दिया गया। 29 जून को अजमेर जेल में हुई थी जगन गुर्जर की हत्या 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई थी। भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर का टॉवल (तौलिए) से गला दबाकर मर्डर किया था। जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार 1 जुलाई को धौलपुर के डांग स्थित भवुतीपुरा गांव के श्मशान में हुआ। जगन गुर्जर की हत्या से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… डकैत जगन गुर्जर की सेल तक कैसे पहुंचा हत्यारा?:जेल में दोनों की अलग-अलग सेल थी; मिलने के लिए आपसी सहमति थी जरूरी छावनी बना डकैत जगन का गांव,9 थानों की पुलिस तैनात:धौलपुर में हुआ अंतिम संस्कार, STF की सुरक्षा में तीनों भाइयों को लाया गया जगन गुर्जर की 3 मिनट में थम गई थीं सांसें:सुसाइड दिखाने की कोशिश; 13 फीट ऊंचे पंखे पर मिला गमछा, CCTV पर टूथपेस्ट लगाया

सिक्किम के राज्यपाल माथुर बोले-यूपी के अखबारों में मेरे कार्टून:सभी की मेहनत से 300 पार की; जनता दल तोड़ने की बात पर भैंरोसिंह शेखावत नाराज हुए

जोधपुर मारवाड़ इंटरनेशल कंनवेंशन सेंटर में सर प्रताप विधि महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव का आयोजन रविवार शाम करीब 6 बजे शुरू हुआ। समारोह में सिक्किम के राज्यपाल ओमप्रकाश माथुर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इसमें राजनीतिक अनुभव साझा करते हुए माथुर ने कहा- मैं जब 2016 में उत्तरप्रदेश के प्रभारी बनकर गया तो किसी ने विश्वास नहीं किया कि भाजपा इतनी सीटें जीत सकती है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में सरकार बनाने के लिए जनता दल को भी तोड़ने का काम किया गया। माथुर ने कहा- साल 2016 में मैं उत्तर प्रदेश चला गया। जहां नेता बदलना हो, वहां मेरे जैसे हथियार को या मेरे जैसे औजार टूल को भेजा जाता था। वहां विधानसभा में हमारी पार्टी की 46 सीट थी। तब मेरे मित्र भी कहने लगे, आपने बहुत मजे ले लिए। राजस्थान कर दिया, गुजरात कर दिया, अब यूपी पता लगेगा। मैंने जब 245 का नारा दिया तो शुरू-शुरू में सारे अखबारों में मेरे कार्टून छपे। राजस्थान का कोई शेख चला आ रहा है, 46 से सीधा 245 टारगेट कर रहा है, लेकिन तब मैंने सभी कार्यकर्ताओं को समझाया, धमकाया। बाद में सबकी मेहनत से तीन सौ पांच सीटें जीत गए। जनता दल को तोड़ने की बात पर नाराज हुए थे भैंरोसिंह शेखावत ओमप्रकाश माथुर ने समारोह में उपस्थित विद्यार्थियों को इच्छाशक्ति और संकल्प का महत्व बताते हुए कहा- मुझे आज आपके बीच में एक घटना बताने की याद आ गई। 1990 से पहले राजनीतिक में चला गया था, लेकिन हमारे पास राजस्थान में सभी 200 स्थान के कैंडिडेट नहीं थे। जब पहला चुनाव हुआ तो मुझे लगा कि 80 सीट ऐसी हैं, जिन पर हमारे पास लोग ही नहीं है। 1990 में मिलीजुली सरकार बनी। हमें 74 सीटें मिली और 56 सीटों पर जनता दल जीती। अब मेरे दिमाग आया, मैं नया-नया गया था। क्यों नहीं जनता दल को तोड़ा जाए। भैंरोसिंह शेखावत पहले तो बहुत नाराज हुए। अरे क्या तोड़ते हो, कैसे-कैसे लोगों को लाओगे। मैंने कहा- किसी न किसी को तो लाएंगे, तभी तो आगे बढ़ेंगे। फिर धीरे-धीरे तय हुआ कि जनता दल को तोड़ा जाए। फिर जनता दल-डी बनाया। 1992 में ढांचा तो गया तो हमारी सरकार भंग हुई। पांच सरकारें भंग हुई उस समय। राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हिमाचल। 1993 में वापस चुनाव आए। मुख्यमंत्री भैंरोसिंह ने श्रीगंगानगर और बाली दो जगह से चुनाव लड़ा। जब बाली में भैंरोसिंह प्रचार करने गए तो पीतापुर से धानमंडी आठ किलोमीटर जाने को दो घंटे लगे फोर व्हील गाड़ी में। मैं गाड़ी ड्राइव कर रहा था और पूरे रास्ते में पत्थर में मैंने गाड़ी कुदाई तो पूरे रास्ते उन्होंने गालियां बोलीं। कहां फंसा दिया पत्थरों में, कहां फंसा दिया भाट्टो में, क्योंकि वे उबड़-खाबड़ रास्ते थे। फिर बाली आते-आते सभा हुई। उन्होंने कहा कि भाट्टो (पत्थरों) में फंसा दिया। मैं सीट खाली करूंगा। जीत को प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाया हमने उनको जिताने को प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाया है। चुनाव परिणाम आए तो गंगानगर में भैंरोसिंह तीसरे नंबर पर रहे, बाली से जीते और फिर 92 में मुख्यमंत्री बन गए। उस समय ना तो उत्तर प्रदेश में सरकार बनी, ना मध्य प्रदेश में बनी, ना हिमाचल में बनी, ना दिल्ली में बनी। सिर्फ राजस्थान की सरकार रिपीट हुई। उसमें चार कम पड़ गए। फिर हम 10 निर्दलीय ले आए तो काम करने की इच्छा शक्ति होनी चाहिए। हमको कुछ नहीं लेना कि संस्था का नाम हो गया, बहुत अच्छा। संस्था के पदाधइकारी तो कुछ नहीं लेना लेकिन संस्था आने वाले बच्चों को और कैसे अच्छा पढ़ा सके और कैसे गुणवत्ता पैदा हो। देखिए इच्छा शक्ति से कहीं कमी नहीं आने वाली। संस्था का विस्तार नहीं होने पर लगाई फटकार माथुर ने संस्था को लेकर कहा कि गिरीश आप तीन बार से अध्यक्ष हो, लेकिन संस्था का कैंपस से बाहर विस्तार नहीं हुआ। संस्था का सभी के सहयोग से विस्तार करना चाहिए। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि मदद के लिए लोगों के पास जाने पर वजन भी कुछ कम होगा। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 15 लाख रुपए संस्था को देने की घोषणा की। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल आदि शामिल हुए। इस अवसर पर विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर ससम्मानित भी किया गया।

जोधपुर में एक घंटे में साफ किया तालाब:170 लोगों ने मिलकर चलाया अभियान; शहरवासियों से अपील: कचरा तालाब में न डालें

स्वच्छ और हरित जोधपुर के तहत रविवार को 170 लोगों ने मिलकर महज एक घंटे में रातानाडा गणेश मंदिर तालाब को साफ किया। नगर निगम जोधपुर, स्वच्छ भारत मिशन, श्री गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा, जोधपुर और ग्रीन जोधपुर संस्था के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अभियान में शामिल लोगों ने पूरे परिसर की भी सफाई की। शहरवासियों ने मिलकर बदली तस्वीर दरअसल, तालाब में काफी गंदगी थी। वहीं तालाब के आस-पास भी झाड़ियां और कचरा फैला था। मशीन से भी इस काम में कई देर लग सकती थी। ऐसे में सभी ने मिलकर महज 1 घंटे में पूरे तालाब की तस्वीर बदल दी। इस अवसर पर नगर निगम और पर्यावरण संस्थाओं ने शहरवासियों से अपील की कि पूजा सामग्री, निर्माल्य, प्लास्टिक अथवा अन्य कचरा तालाबों एवं जलाशयों में न डालें। अभियान के सफल आयोजन पर नगर निगम जोधपुर एक दशक से पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रहे पंडित जीवराज श्रीमाली, श्री गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा, ग्रीन जोधपुर संस्था तथा सभी 170 श्रमवीरों के प्रति शहरवासियों ने आभार व्यक्त किया। ये रहे मौजूद अभियान में नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ नगर निगम जोधपुर के ब्रांड एम्बेसडर पंडित जीवराज श्रीमाली, स्वच्छ भारत मिशन, नगर निगम जोधपुर के प्रभारी पदम सिंह कच्छवाह, श्री गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा और ग्रीन जोधपुर संस्था के सेवादारों सहित शहर के अनेक पर्यावरण प्रेमियों ने श्रमदान किया। इस दौरान सुखविंदर सिंह सलूजा, शंकर सिंह राजपुरोहित, विष्णु प्रजापत, कुलदीप, सिद्धार्थ राजपुरोहित, नलिनी, शारदा, संतोष, जगदीश सिंह, संजय चौहान, गजेंद्र परिहार, राम सिंह खींची, दिनेश कुमार, कृष्ण कुमार शाक्य, दिनेश शाक्य, देवेंद्र कुमार शाक्य, तरुण गोयल, कुलदीप सिंह, मोहम्मद अकरम शेख, हरीश गहलोत, हरीश चंद्र सांखला, रितिका सोलंकी, हेमंत माथुर, अजय पुरोहित, अंकुर प्रजापति, सुनील नाथ सहित अनेक स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

सोजत में रात में आधे घंटे मूसलाधार बारिश:मुख्य बाजार में भरा पानी, गर्मी-उमस से मिली राहत, किसानों के चेहरे पर लौटी रौनक

सोजत में रविवार रात को मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया। रात 9 बजे तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई, जो करीब आधे घंटे तक जारी रही। इस बारिश से शहर के मुख्य बाजारों और विभिन्न स्थानों पर भारी मात्रा में पानी बहने लगा। दिनभर तेज गर्मी और उमस से परेशान नागरिकों को इस बारिश से काफी राहत मिली। गर्मी के कारण दोपहर में शहर का मुख्य बाजार सुनसान नजर आ रहा था। शाम करीब 8 बजे शहर के आसमान पर काले बादल छाने लगे। इसके बाद रात 9 बजे तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर शुरू हुआ। दुकानों और मकानों की छतों पर लगे पाइपों से पानी तेजी से बहने लगा। लोगों ने बहते पानी के नीचे नहाने का आनंद लिया, वहीं मुख्य बाजार में छोटे बच्चे पानी में खेलते नजर आए। किसानों का मानना है कि पिछले तीन दिनों में हुई दो बारिश के बाद खेत अब फसल के लिए तैयार हो गए हैं।

मां से झगड़ रही थी चाची, भतीजे ने चाकू घोंपा:आंतें तक डैमेज हुई; गंभीर हालत में जिला हॉस्पिटल में इलाज जारी

बांसवाड़ा में मां से झगड़ रही चाची पर भतीजे ने जानलेवा हमला कर दिया। चाची के पेट में चाकू घोंप दिया, जिससे महिला की आंतें तक डैमेज हो गई। दोनों परिवारों की महिलाओं के बीच हुए मामूली विवाद के बाद आरोपी युवक आवेश में आ गया, जिसके बाद वारदात को अंजाम दिया। फिलहाल महिला का जिला हॉस्पिटल में इलाज जारी है, जहां उसकी हालत गंभीर है। ताई और चाची में हुई थी कहासुनी
पीड़िता सीमा नीनामा के बेटे राकेश ने बताया कि घर में उसकी मां और ताई (बड़ी मां) के बीच किसी बात पर कहासुनी हो गई थी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि ताई का बेटा रितेश पुत्र शंकर निनामा गुस्से में वहां पहुंच गया। आरोपी युवक एक धारदार चाकू लेकर आया और बिना सोचे-समझे सीधे अपनी चाची (सीमा) के पेट में चाकू घोंप दिया। चाकू का वार इतना जोरदार था कि महिला लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ी। वारदात के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आरोपी फरार हो गया। ​घटना के तुरंत बाद परिजनों ने गंभीर रूप से घायल सीमा को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां महिला का इलाज जारी है। भूंगड़ा थानाधिकारी देवीलाल ने बताया- चाकू से जानलेवा हमला करने की घटना की रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुरानी रंजिश को लेकर भी जांच कर रहे हैं।

मेडिकल स्टोर पर इलाज के दौरान युवक की मौत:भाई बोला- गलत इंजेक्शन लगाने से जान गई, डॉक्टर फरार

बाड़मेर में मेडिकल स्टोर पर इलाज के दौरान एक युवक की ज्यादा तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। इस दौरान झोलाछाप डॉक्टर वहां से भाग गया। परिजनों ने गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। घटना बाड़मेर शहर के थार हॉस्पिटल के पास की गली हरियाणा नागल मेडिकल स्टोर पर शाम करीब 8 बजे की है। पुलिस ने परिजनों से समझाइश करने के बाद शव को जिला हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में शिफ्ट करवाया है। पुलिस के अनुसार- कलाराम (35) पुत्र शिवजीराम निवासी जोगियों की दड़ी की रविवार शाम को तबीयत बिगड़ने के बाद भाई और परिजन उसको हरियाणा नागल मेडिकल स्टोर लेकर पहुंचे। वहां पर झोलाछाप डॉक्टर इलाज करने लगा। इस दौरान उसकी मौत हुई है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों और लोगों से समझाइश की। इसके बाद शव को बाड़मेर हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। मृतक के काकाई भाई राणाराम कालबेलिया ने बताया- मेरे भाई को मेडिकल स्टोर पर लेकर आया था। गलत इंजेक्शन लगाने से भाई कलाराम की डेथ हो गई। यहां से डॉक्टर भाग गया। घर से हम सलामत यहां पर लेकर आए थे। हमने झोलाछाप इंजेक्शन लगाने वाले को रोकने का प्रयास किया। लेकिन वो यहां से भाग गया। कोतवाली थाने के सीआई मनोज कुमार ने बताया- युवक बीमार था, इलाज के लिए यहां पर लेकर आए थे। परिजनों से समझाइश कर शव को हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। परिजन जैसी रिपोर्ट देंगे, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।