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PTI के बेटे ने सुसाइड से पहले बनाया वीडियो:बोला- मेरी मौत के जिम्मेदारों को सजा देना, ASI ने भी परेशान किया

डूंगरपुर जिले के साबला थाना इलाके के धाणी कटारा गांव में रविवार को सुसाइड से पहले युवक ने वीडियो बनाया। साथ ही 2 पेज का सुसाइड नोट भी लिखा। इस 1 मिनट के वीडियो और सुसाइड नोट में उसने अपनी मौत के जिम्मेदार लोगों के नाम लिये है। साथ ही एक ASI पर भी आरोपियों से मिलीभगत का आरोप लगाया है। युवक के पिता PTI है और जैसलमेर में पोस्टेड है। दरअसल धाणी कटारा गांव में कीर्ति कुमार (29) पुत्र दलीप्रसाद कटारा ने रविवार को फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया था। इससे पहले उसने अपना अंतिम वीडियो बनाया। इस 1 मिनट में वीडियो में उसने कहा कि वह गांव के ही पड़ोसी मुरलीधर, उसकी पत्नी और बेटे की प्रताड़ना से परेशान होकर सुसाइड कर रहा है। उसने आरोप लगाया कि इन लोगों ने उस पर एक्सीडेंट का झूठा मुकदमा और XUV गाड़ी जलाने का झूठा आरोप लगाया था, जिससे उसे मानसिक ठेस पहुंची। ASI तखतसिंह ने इन सभी से मिलभगत कर परेशान किया। उनको कड़ी से कड़ी सजा दो। घर के पास फंदे पर लटका मिला था
कीर्ति अपने घर के पास ही फंदे पर पेड़ से लटका हुआ मिला था। लोगों ने उसे तुरंत फंदे से नीचे उतारा और आसपुर अस्पताल लेकर गए। जहां डॉक्टर ने जांच के बाद हालत गंभीर होने पर रेफर कर दिया था। पुलिस जीप से उसे तुरंत डूंगरपुर अस्पताल लेकर पहुंचे था। डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया था। 1 मिनट का वीडियो, 2 पेज का सुसाइड नोट
वही घटना को लेकर परिजनों ने 1 मिनट का वीडियो और 2 पेज का एक सुसाइड नोट पुलिस को सौंपा है। ये वीडियो कीर्ति कुमार ने सुसाइड से पहले बनाया। जिसमें कीर्ति ने कहा ​”मैं आत्महत्या करने जा रहा हूं, उसका कारण मुरलीधर कटारा, उसकी पत्नी लक्ष्मी और बेटा सुनील कटारा है। जिसने मेरे पर एक्सीडेंट का झूठा मुकदमा लगवाया और XUV गाड़ी जलाने के झूठे आरोप लगाए। मुझे प्रताड़ित किया। मेरा मानसिक रूप से परेशान कर ठेस पहुंचाई है। जिस कारण से मैं आत्महत्या करने जा रहा हूं। ASI पर भी लगाए गंभीर आरोप
इसमें ASI तखतसिंह का भी हाथ है। उसने भी उन सबको सबको सपोर्ट किया। उसने गलत काम करने में इन लोगों का सपोर्ट किया। मैं इसलिए आत्महत्या कर रहा हूं। मुझे एसपी साहब पर भरोसा है। मुझे न्याय मिले और आए दिन मेरे घर वालों को भी ये परेशान करते हैं और झूठा मुकदमा भी भविष्य में कर सकते हैं।” 4 महीने पहले हुई थी शादी
सुसाइड नोट ने कीर्ति कुमार ने लिखा है कि उसकी शादी 4 महीने पहले हुई है। लेकिन शादी के बाद से पड़ोसी से लड़ाई झगड़े और गाली-गलौज की वजह से पति-पत्नी दोनों परेशान है। उनका पुराना और नया घर भी पास में है। आरोपी भी पास में ही रहते है। इसलिए आए दिन परेशान करते रहते है। जानबूझकर लड़ाई करते है, फिर से झूठा मुकदमा करने व फंसाने की कोशिश करते है। इस वीडियो के बाद कीर्ति कुमार ने फंदे पर लटक कर जान दे दी। घटना के बाद परिवार के लोग मौत को लेकर आरोप लगा रहे थे। पुलिस ने वीडियो और सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

ब्लैक सूट..काले चश्मे में विंबलडन देखने पहुंचे वैभव सूर्यवंशी:बोले- जो सामने मिला, पहनकर आ गया; युवराज ने कहा- वो भारतीय क्रिकेट का एडवांस्ड वर्जन

भारतीय क्रिकेट टीम के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पहली बार विंबलडन के सेंटर कोर्ट पर पुरुष सिंग्ल्स फाइनल देखने पहुंचे। ब्लैक सूट और आंखों पर काला चश्मा लगाए उनका अंदाज किसी हॉलीवुड स्टार से कम नहीं लग रहा था। उनके ‘जेंटलमैन’ लुक ने सोशल मीडिया पर भी फैंस का ध्यान खींच लिया। जब वैभव से उनके स्टाइलिश लुक और फैशन एक्सपेरिमेंट के बारे में पूछा गया। उन्होंने अपने ही अंदाज में हंसते हुए जवाब दिया, “जल्दी-जल्दी में जो सामने मिला, डालकर आ गया हूं।” उनके इस मजेदार जवाब ने फैंस का दिल जीत लिया। वैभव के साथ भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज युवराज सिंह और ओपनर अभिषेक शर्मा भी मौजूद थे। वैभव ने अपने इस शानदार लुक का श्रेय भी अभिषेक शर्मा को देते हुए कहा कि ये सब सारा अरेंजमेंट अभिषेक भइया ने कराया है। युवराज सिंह ने वैभव सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट का नया अवतार बताया। उन्होंने कहा कि वैभव ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से बेहद कम उम्र में अलग पहचान बनाई है। युवराज कहा, ‘वैभव भारतीय क्रिकेट का सबसे ‘एडवांस्ड वर्जन’ हैं।’ अभिषेक शर्मा को बनाएंगे टेनिस में ‘डबल्स’ मैच पार्टनर रिपोर्टर ने जब वैभव सूर्यवंशी से पूछा कि अगर उन्हें टेनिस में ‘डबल्स’ मैच खेलने का मौका मिले तो वह अपने पार्टनर के तौर पर किसे चुनेंगे? इस पर वैभव ने बिना एक पल गंवाए अभिषेक शर्मा का नाम लिया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं निश्चित रूप से अभिषेक भैया को ही चुनूंगा। वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मेरे ओपनिंग पार्टनर भी हैं।” वैभव के इस जवाब ने दोनों खिलाड़ियों के बीच शानदार तालमेल और मैदान के बाहर भी उनकी अच्छी बॉन्डिंग की झलक दिखाई। राफेल नडाल और नोवाक जोकोविच हैं वैभव को पसंद टेनिस को लेकर वैभव सूर्यवंशी ने बताया कि वह पिछले 4-5 सालों से इस खेल को काफी करीब से फॉलो कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब भी उन्हें समय मिलता है, वह दुनिया के बड़े टेनिस टूर्नामेंट और दिग्गज खिलाड़ियों के मुकाबले देखना नहीं भूलते। वैभव ने कहा, “जब मैंने टेनिस देखना शुरू किया था, तब मैं राफेल नडाल और नोवाक जोकोविच को बहुत देखता था।” नई पीढ़ी के खिलाड़ियों पर बात करते हुए उन्होंने स्पेन के स्टार टेनिस खिलाड़ी कार्लोस अल्काराज को अपना पसंदीदा बताया। वैभव ने कहा, “मौजूदा जनरेशन में मुझे कार्लोस अल्काराज का खेल सबसे ज्यादा पसंद है।” वैभव ने यानिक सि‍नर के जीतने की कि थी भविष्यवाणी विंबलडन पुरुष एकल फाइनल से पहले जब वैभव सूर्यवंशी से विजेता को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने बेझिझक यानिक सिनर पर भरोसा जताया। वैभव ने कहा, “सिनर ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाया है। मुझे पूरी उम्मीद है कि वही फाइनल जीतकर चैंपियन बनेंगे।” उनकी यह भविष्यवाणी आखिरकार सही साबित हुई। फाइनल में यानिक सिनर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम कर लिया। उनके अनुमान के सच होने के बाद सोशल मीडिया पर फैंस भी उनकी सटीक भविष्यवाणी की चर्चा करते नजर आए। युवराज सिंह ने वैभव को टर्मिनेटर- 6 बताया पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह ने क्रिकेट की नई पीढ़ी के बदलाव को समझाने के लिए हॉलीवुड की मशहूर ‘टर्मिनेटर’ फिल्म सीरीज का उदाहरण दिया। उन्होंने खुद को ‘टर्मिनेटर’, अपने शिष्य अभिषेक शर्मा को ‘टर्मिनेटर-4’ और 15 साल वैभव सूर्यवंशी को ‘टर्मिनेटर-6’ बताया। युवराज ने कहा कि हर नई पीढ़ी पिछली पीढ़ी से ज्यादा विकसित, निडर और विस्फोटक होती जा रही है। उनके मुताबिक, मौजूदा युवा खिलाड़ी खेल को नई सोच और अलग अंदाज के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। युवराज बोले- अब वैभव के साथ काम करना चाहूंगा विंबलडन पुरुष सिंग्ल्स फाइनल के दौरान युवराज सिंह, अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी एक साथ नजर आए। इस मौके पर युवराज ने टेनिस और क्रिकेट की तुलना करते हुए कहा कि जिस तरह यानिक सिनर और कार्लोस अल्काराज टेनिस के भविष्य को नई दिशा दे रहे हैं, उसी तरह क्रिकेट में अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी नई सोच और आक्रामकता के साथ खेल को बदल रहे हैं। युवराज ने कहा, “मैंने अभिषेक के साथ काफी समय तक काम किया है। अब मैं वैभव के साथ भी समय बिताना चाहूंगा। उसके सामने शानदार करियर है। वह बेहद गंभीर खिलाड़ी है और मुझे पूरा भरोसा है कि वह बहुत आगे जाएगा।” जिम्बाब्वे दौरे पर खेलते हुए दिखाई देंगे वैभव सूर्यवंशी वैभव सूर्यवंशी को भारत के लिए इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में डेब्यू करने का मौका मिला था। वैभव ने सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया था। सचिन ने 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ 16 साल 205 दिन की उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू किया था। वहीं, वैभव ने 15 साल 99 दिन की उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू किया। हालांकि, वे बल्ले से अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके। उन्हें तीन मैचों में खेलने का मौका मिला और आखिरी मैच में बाहर कर दिया गया। अब वे जिम्बाब्वे दौरे पर खेलते हुए दिखाई देंगे।

कांग्रेस नेता की मौत…20 घंटे बाद मां भी चल बसी:अस्थमा अटैक से बेटे ने तोड़ा दम; एक ही चिता पर अंतिम संस्कार देख रो पड़े लोग

मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में कांग्रेस नेता नरेंद्र जैन की मौत का गम उनकी 102 वर्षीय मां राजूबाई सहन नहीं कर सकीं। बेटे के निधन के करीब 20 घंटे बाद मां का भी निधन हो गया। इसके बाद मां और बेटे की अंतिम यात्रा एक साथ निकाली गई। दोनों का अंतिम संस्कार भी एक ही चिता पर किया गया। इसे देख लोगों की आंखें नम हो गईं। जानकारी के मुताबिक, मक्सी के जैन परिवार के सदस्य और पूर्व नगर परिषद उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन (60) की रविवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई। कुछ देर बाद अस्थमा अटैक से उनकी मौत हो गई। मृतक के छोटे भाई सुरेंद्र जैन ने बताया कि नरेंद्र जैन के बेटे शुभम जैन रायपुर के एक निजी अस्पताल में कार्यरत हैं। घटना के समय वह शहर से बाहर थे। इसी कारण परिवार ने अंतिम संस्कार सोमवार को करने का फैसला किया। तब तक नरेंद्र जैन का पार्थिव शरीर घर पर रखा गया। ये तस्वीरें देखिए… बेटे के जाने का सदमा नहीं सह सकीं 102 वर्षीय मां नरेंद्र जैन की मां राजूबाई वेदमूथा बेटे की मौत के बाद गहरे सदमे में थीं। बेटे के निधन का दुख उन्हें भीतर तक तोड़ चुका था। सोमवार तड़के परिवार अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटा था। इसी दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। सुरेंद्र जैन ने बताया कि सुबह करीब 5 बजे उन्होंने घर पर अंतिम सांस ली। बेटे की मौत के करीब 20 घंटे बाद मां के निधन से परिवार शोक में डूब गया। इसके बाद दोनों की अंतिम यात्रा एक साथ निकालने का फैसला किया गया। मां और बेटे की अर्थियां एक साथ निकलीं सोमवार को घर से मां और बेटे की अर्थियां एक साथ निकलीं। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में परिजन, समाजजन, स्थानीय लोग और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल हुए। मां-बेटे की एक साथ उठी अर्थियां देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। एक ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कार सोमवार दोपहर मक्सी मुक्ति धाम में मां और बेटे का अंतिम संस्कार किया गया। दोनों को एक ही चिता पर मुखाग्नि दी गई। कुछ ही घंटों के अंतराल में एक ही परिवार की दो पीढ़ियों की विदाई ने पूरे नगर को भावुक कर दिया। परिवार में 6 बेटे, पांचवें नंबर पर थे नरेंद्र परिजनों ने बताया कि राजूबाई के 6 बेटे हैं। इनमें नरेंद्र जैन पांचवें नंबर पर थे। नरेंद्र जैन वर्ष 2008 से 2013 तक कांग्रेस पार्टी से मक्सी नगर परिषद के उपाध्यक्ष रहे। वे सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहने के साथ वर्तमान में जैन समाज के उपाध्यक्ष भी थे। …………………………………. ये खबर भी पढ़ें… बेटे की मौत…10 मिनट बाद मां ने भी तोड़ा दम मध्यप्रदेश के छतरपुर में 6 साल के बेटे की मौत का सदमा मां बर्दाश्त नहीं कर सकी। जिला अस्पताल पहुंचने से पहले मां की गोद में लेटे मासूम के शरीर में हलचल बंद हुई। बेटे की मौत के करीब 10 मिनट बाद मां रजिया खातून भी सीट पर टिकी ऐसी शांत हुई कि फिर नहीं उठी। पढ़ें पूरी खबर…

कोटा में ससुराल पहुंचकर दामाद बोला-मैं जहर खाकर आया हूं:पहले हंगामा किया, फिर जेब से निकाली शीशी; इलाज के दौरान तोड़ा दम

कोटा में अपनी पत्नी को लेने ससुराल पहुंचे एक दामाद ने पहले तो जमकर हंगामा किया, फिर अपनी जेब से एक शीशी निकालकर खुद के जहर खाकर आने की बात बताई। यह सुनते ही ससुराल वालों के होश उड़ गए। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और युवक को जैसे-तैसे अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में इलाज के दौरान युवक ने दम तोड़ दिया। यह घटना आरकेपुरम थाना क्षेत्र के बोराबास भील बस्ती की है। पप्पू लाल (31) चेचट थाना क्षेत्र के खनी गांव का रहने वाला था। पेशे से मजदूरी करता था। पुलिस ने मर्ग दर्ज करके जांच शुरु कर दी है। बच्चों की जिद पर पत्नी को लेने ससुराल पहुंचा था पति आरकेपुरम थाना ASI लक्ष्मी नारायण ने बताया- पप्पू लाल की शादी 8 साल पहले हुई थी और उसके 4 बच्चे हैं। पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। पप्पू अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता था। आपसी अनबन के बाद पत्नी अपने 2 बच्चों को लेकर मायके (बोराबास स्थित भेरूपुरा भील बस्ती) आ गई थी, जबकि दो बच्चों को पप्पू के पास ही छोड़ आई थी। खुद पप्पू ही उन्हें बोराबास छोड़कर आया था। रविवार शाम करीब 7 बजे पप्पू लाल बच्चों की जिद पर पत्नी को वापस लेने अपने ससुराल बोराबास पहुंचा। वह शराब के नशे में था और वहां हंगामा करने लगा। ससुराल वालों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माना। जेब से जहर की शीशी निकालकर दी ASI लक्ष्मी नारायण ने बताया- रात करीब 10 बजे अचानक पप्पू लाल की तबीयत बिगड़ने लगी। उसने ससुराल वालों को बताया- वह पहले से ही जहर खाकर आया था और उसने अपनी जेब से जहर की शीशी निकालकर दिखाई। हालत गंभीर होने पर उसे तुरंत इलाज के लिए न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। जहां रात करीब 2 बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पप्पू के पिता मोहन लाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिस पर पुलिस ने मर्ग दर्ज कर लिया है। पुलिस शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर मामले की गहनता से जांच कर रही है।

खतरे में फुटबॉलर्स का दिमाग; हेडर मारने से सिकुड़ा ब्रेन:स्टडी में खुलासा, आम लोगों की तुलना में डिप्रेशन-एंग्जायटी की आशंका 25% ज्यादा

फुटबॉल खेलना न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहतरीन माना जाता है। लेकिन, एक नई स्टडी ने इस खूबसूरत खेल से जुड़े एक डराने वाले सच को उजागर किया है। रिसर्च में यह बात सामने आई है कि पूर्व पेशेवर फुटबॉल खिलाड़ियों में अपनी मिड-लाइफ (30 से 60 वर्ष की आयु) में डिप्रेशन, एंग्जायटी (चिंता) और सोचने-समझने की क्षमता में कमी जैसी गंभीर समस्याएं आम लोगों की तुलना में कहीं ज्यादा पाई जाती हैं। इंपीरियल कॉलेज ऑफ लंदन द्वारा की गई इस अहम स्टडी के नतीजे हाल ही में अल्जाइमर एसोसिएशन इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में पेश किए गए। इस रिसर्च में 30 से 60 साल की उम्र के 124 पूर्व पेशेवर खिलाड़ियों के दिमाग का परीक्षण किया गया। इनमें मशहूर इंग्लिश प्रीमियर लीग, चैम्पियनशिप और विमंस सुपर लीग के पूर्व खिलाड़ी शामिल थे। परीक्षण के नतीजों ने सबको चौंका दिया। 31 प्रतिशत पूर्व फुटबॉलरों में गंभीर डिप्रेशन के लक्षण पाए गए। यह आंकड़ा उन सामान्य वयस्कों की तुलना में 22 प्रतिशत अधिक है, जिन्होंने कभी भी ‘कॉन्टैक्ट स्पोर्ट्स’ नहीं खेला। वहीं, एंग्जायटी के मामले में भी 42 फीसदी पूर्व खिलाड़ियों में इसके गंभीर लक्षण दिखे, जबकि आम लोगों में यह आंकड़ा महज 25 फीसदी था। वैज्ञानिकों ने जब इन खिलाड़ियों के दिमाग की स्कैनिंग की, तो पाया कि उनके मस्तिष्क के कई महत्वपूर्ण हिस्सों में ‘ग्रे-मैटर’ का वॉल्यूम काफी कम हो गया था। मस्तिष्क का यह हिस्सा हमारी याददाश्त, ध्यान केंद्रित करने, सटीक निर्णय लेने और भावनाओं को नियंत्रित करने के लिए बेहद अहम होता है। खुद खिलाड़ियों ने भी स्वीकार किया कि उनकी सोचने-समझने और फैसले लेने की क्षमता गैर-फुटबॉलरों के मुकाबले कमजोर हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि हेडर के कारण होने वाली सिर की चोटें आगे चलकर ‘क्रॉनिक ट्रॉमैटिक एन्सेफैलोपैथी’ जैसी कई गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारियों का कारण बन सकती हैं। यह बीमारी याददाश्त जाने व मानसिक संतुलन बिगड़ने को जन्म देती है। ग्लासगो यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर विली स्टीवर्ट के अनुसार, पूर्व फुटबॉलरों में मस्तिष्क की गंभीर बीमारियों और डिमेंशिया का खतरा आम लोगों की तुलना में साढ़े तीन गुना अधिक होता है। गॉर्डन मैक्वीन और जेफ एस्टल जैसे दिग्गज खिलाड़ियों की मौत को भी सिर की इन्हीं चोटों और दिमागी बीमारी से जोड़कर देखा जा चुका है। कई देशों में बच्चों के हेडर करने पर लग रही पाबंदी इस खतरे को देखते हुए अब इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और उत्तरी आयरलैंड में बच्चों के फुटबॉल में हेडर करने को सीमित कर दिया गया है। पेशेवर खिलाड़ियों के लिए भी ट्रेनिंग के दौरान हेडर कम करने के सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही, साल 2023 में प्रभावित खिलाड़ियों और उनके परिवारों की मदद के लिए एक ‘ब्रेन हेल्थ फंड’ भी स्थापित किया गया है।

पुलिस पर फायर करने वाले बदमाश बाजार में लंगड़ाते रहे:2 व्यापारियों को गोली मारी थी, सीन रिक्रिएट करवाया; उसी दुकान पर ले गए जहां से रैकी की थी

भरतपुर में बर्तन व्यापारी पर फायरिंग करने वालों की पुलिस ने भरे बाजार परेड निकाली। इसके साथ ही, आरोपियों से सीन रिक्रिएट भी करवाया। दोनों लगभग 50 मीटर तक लंगड़ाते हुए चले। आरोपियों को बाजार से गुजरते हुए राहगीर देखते रहे। यही वो आरोपी हैं जिन्होंने पुलिस की पिस्टल छीनकर थानाधिकारी पर फायर किया था। पुलिस दोनों को व्यापारी की दुकान के पास भी ले गई, जहां उन्होंने रैकी की थी। मामले की जांच कर रहे IO पवन यादव ने बताया- 4 जुलाई को हुए व्यापारी हत्याकांड में बलराम और प्रवीण आरोपी हैं। दोनों को 12 बजे घटनास्थल पर ले जाकर सीन रिक्रिएट कराया गया है। यही दोनों आरोपी पुलिस की पिस्टल छीनकर चिकसाना थाना अधिकारी ब्रजेश मीणा पर फायरिंग करने की घटना में भी शामिल थे। उस मामले की जांच जारी है। अब देखें बदमाशों की तस्वीरें… दो व्यापारियों को मारी थी गोली बुलंदशहर में छिपे थे दो आरोपी 8 जुलाई को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान आरोपी महेश को गिरफ्तार कर लिया था। महेश के पैर में गोली लगी थी। 9 जुलाई को पुलिस को मिली थी कि आरोपी प्रवीण और बलराम उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर में छुपे हुए हैं। पुलिस ने बुलंदशहर में दबिश दी और, दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। SHO पर भी किया था फायर जब पुलिस की टीमें दोनों आरोपियों को भरतपुर लेकर आ रही थी तो, उस समय आरोपी प्रवीण ने चिकसाना थाना इलाके में टॉयलेट जाने का बहाना बनाया। जैसे ही पुलिस ने गाड़ियों को रोका तो, प्रवीण ने एक पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर चिकसाना थाना अधिकारी ब्रजेश मीणा के ऊपर दो फायर किए। एक गोली थाना अधिकरी के बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। एक आरोपी को भेजा गया जेल फायरिंग करने के बाद दोनों आरोपियों ने भागने की कोशिश कि जवाबी कार्रवाई में प्रवीण के पैर में गोली लगी। वहीं बलराम के गिरने के कारण पैर में चोट आई। पुलिस ने महेश को जेल भेज दिया है। आज प्रवीण और बलराम को कोर्ट में पेश किया गया है। व्यापारियों पर फायरिंग की ये खबर भी पढ़े बदमाश ने पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनी, SHO को गोली मारी:बुलेटप्रूफ जैकेट से बची जान; व्यापारी की हत्या कर हुए थे फरार भरतपुर पुलिस पर उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर में बदमाश ने पिस्टल छीनकर फायरिंग कर दी। एक गोली SHO के मारी, हालांकि बुलेटप्रूफ जैकेट पहनने के कारण जान बच गई। पूरी खबर पढ़ें…

'किडनी ट्रांसप्लांट कराओ या जहर दे दो':5 प्रसूताओं के परिवारों ने सरकार से लगाई गुहार, 70 दिन से डायलिसिस पर जिंदगी; 48 घंटे का अल्टीमेटम

कोटा मेडिकल कॉलेज में लगभग 70 दिन से भर्ती किडनी फेलियर से पीड़ित पांच महिलाओं के परिवारों ने सरकार से न्याय की गुहार लगाई है। परिवारों का आरोप है कि अस्पताल की लापरवाही और कथित नकली दवाओं के कारण महिलाओं की दोनों किडनियां खराब हो गईं। उन्होंने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि सरकार सभी मरीजों का किडनी ट्रांसप्लांट कराए, अन्यथा “जहर दे दे”। इस पर प्रसुताओं के भी साइन हैं। अस्पताल की लापरवाही का दर्द हम क्यों झेलें प्रसुताओं का कहना है कि हर दूसरे दिन डायलिसिस से तंग आ चुके हैं, इससे शारीरिक और मानसिक कष्ट हो रहा है। वर्तमान में रागिनी मीणा, आरती चौबदार, पिंकी, सुशीला और धन्नी सुमन अस्पताल में भर्ती हैं। सभी पांचों पेशेंटस की किडनी फेल हो चुकी है। जीवन भर अब डायलिसिस पर रहना पडे़गा। ऐसे में उनका तो जीना ही मुश्किल हो गया है। लापरवाही हमारी नहीं थी, लापरवाही अस्पताल के स्तर पर हुई है लेकिन सजा हमारी पेशेंट और पूरे परिवार भुगत रहे हैं। जहर का इंजेक्शन दे दो अस्पताल में भर्ती धन्नी के पति मोहनलाल ने बताया कि चार मई को उनकी पत्नी को अस्पताल में डिलीवरी के लिए भर्ती किया था। सीजेरियन के बाद किडनी फेल हो गई। आज सत्तर दिन हो गए हैं अस्पताल में भर्ती रहते हुए। हर दो तीन दिन में डायलिसिस हो रही है। मोहन ने बताया- अब तो धन्नी बाई डायलिसिस के नाम से भी डरती है, तकलीफ होती है बार बार डायलिसिस करवाने में, इसलिए खुद उसने ही कह दिया कि मुझे तो जहर का इंजेक्शन दे दो। हम तो सरकार से यही मांग कर रहे हैं कि सरकारी अस्पताल में ये सब हुआ तो सरकार की हमारे लिए जिम्मेदारी बनती है। 70 दिन से डायलिसिस पर जिंदगी पेशेंट के किडनी ट्रांसप्लांट करवाओ। अस्पताल में भर्ती रागिनी के भाई विकास ने बताया कि सत्तर दिन हमारे पेशेंट को भी हो गए हैं। दोनों किडनी फेल है और डायलिसिस पर ही जीवन भर रहना पडेगा। ये सजा हम क्यों भुगते। सरकार को हमने अल्टीमेटम दे दिया है हमारे पेशेंट भी अब नहीं चाहते कि बार बार डायलिसिस के भरोसे रहे। जीवनभर का बोझ बन गया है डायलिसिस, इसलिए किडनी ट्रांसप्लांट करवाई जाए नहीं तो अब सभी पेशेंट डायलिसिस ही नहीं करवाएगी और अस्पताल में बिना डायलिसिस के ही रहेंगी। पांचों महिलाओं के किडनी ट्रांसप्लांट की मांग, 48 घंटे का अल्टीमेटम प्रसुताओं के परिजनों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर साफ कहा कि यदि 48 घंटे में ट्रांसप्लांट पर फैसला नहीं हुआ तो मरीज डायलिसिस करवाना बंद कर देंगे और अस्पताल के अंदर ही दम तोडे़गे। उनका कहना है कि लगातार डायलिसिस से उन्हें असहनीय शारीरिक और मानसिक पीड़ा हो रही है, जबकि उनके परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। अस्पताल में वर्तमान में रागिनी मीणा, आरती चौबदार, पिंकी, सुशीला और धन्नी सुमन भर्ती हैं। ज्ञापन में बताया कि 4 मई से 8 मई के बीच सभी प्रसुताएं भर्ती हुई थी। अस्पताल की लापरवाही और कथित नकली दवाओं के कारण उनकी दोनों किडनियां फेल हो गईं। पिछले 70 दिनों से वे अस्पताल में भर्ती हैं और केवल डायलिसिस के सहारे जीवन जी रही हैं। — इस मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… कोटा के सरकारी हॉस्पिटल में अब एक नवजात की मौत:डिलीवरी के बाद एक और महिला की किडनी में इंफेक्शन, डॉक्टरों ने निजी अस्पताल ले जाने को कहा सीलन-फंगस वाले वार्ड में भर्ती थीं गर्भवती महिलाएं:कोटा के सरकारी हॉस्पिटल में 2 मौत, कई की हालत गंभीर, दवाओं के सैंपल लिए मरीजों से मिलने पहुंचे विधायक लिफ्ट में फंसे:कोटा के सरकारी हॉस्पिटल में 6 महिलाओं की तबीयत बिगड़ी, एक की मौत सरकारी हॉस्पिटल में डिलीवरी के बाद 48-घंटे में दूसरी मौत:परिजन ने शव लेने से किया था मना, धरने पर बैठे लोग; बोले-दोषियों पर कार्रवाई हो

'किडनी ट्रांसप्लांट कराओ या जहर दे दो':5 प्रसूताओं के परिवारों ने सरकार से लगाई गुहार, 70 दिन से डायलिसिस पर जिंदगी; 48 घंटे का अल्टीमेटम

कोटा मेडिकल कॉलेज में लगभग 70 दिन से भर्ती किडनी फेलियर से पीड़ित पांच महिलाओं के परिवारों ने सरकार से न्याय की गुहार लगाई है। परिवारों का आरोप है कि अस्पताल की लापरवाही और कथित नकली दवाओं के कारण महिलाओं की दोनों किडनियां खराब हो गईं। उन्होंने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि सरकार सभी मरीजों का किडनी ट्रांसप्लांट कराए, अन्यथा “जहर दे दे”। इस पर प्रसुताओं के भी साइन हैं। अस्पताल की लापरवाही का दर्द हम क्यों झेलें प्रसुताओं का कहना है कि हर दूसरे दिन डायलिसिस से तंग आ चुके हैं, इससे शारीरिक और मानसिक कष्ट हो रहा है। वर्तमान में रागिनी मीणा, आरती चौबदार, पिंकी, सुशीला और धन्नी सुमन अस्पताल में भर्ती हैं। सभी पांचों पेशेंटस की किडनी फेल हो चुकी है। जीवन भर अब डायलिसिस पर रहना पडे़गा। ऐसे में उनका तो जीना ही मुश्किल हो गया है। लापरवाही हमारी नहीं थी, लापरवाही अस्पताल के स्तर पर हुई है लेकिन सजा हमारी पेशेंट और पूरे परिवार भुगत रहे हैं। जहर का इंजेक्शन दे दो अस्पताल में भर्ती धन्नी के पति मोहनलाल ने बताया कि चार मई को उनकी पत्नी को अस्पताल में डिलीवरी के लिए भर्ती किया था। सीजेरियन के बाद किडनी फेल हो गई। आज सत्तर दिन हो गए हैं अस्पताल में भर्ती रहते हुए। हर दो तीन दिन में डायलिसिस हो रही है। मोहन ने बताया- अब तो धन्नी बाई डायलिसिस के नाम से भी डरती है, तकलीफ होती है बार बार डायलिसिस करवाने में, इसलिए खुद उसने ही कह दिया कि मुझे तो जहर का इंजेक्शन दे दो। हम तो सरकार से यही मांग कर रहे हैं कि सरकारी अस्पताल में ये सब हुआ तो सरकार की हमारे लिए जिम्मेदारी बनती है। 70 दिन से डायलिसिस पर जिंदगी पेशेंट के किडनी ट्रांसप्लांट करवाओ। अस्पताल में भर्ती रागिनी के भाई विकास ने बताया कि सत्तर दिन हमारे पेशेंट को भी हो गए हैं। दोनों किडनी फेल है और डायलिसिस पर ही जीवन भर रहना पडेगा। ये सजा हम क्यों भुगते। सरकार को हमने अल्टीमेटम दे दिया है हमारे पेशेंट भी अब नहीं चाहते कि बार बार डायलिसिस के भरोसे रहे। जीवनभर का बोझ बन गया है डायलिसिस, इसलिए किडनी ट्रांसप्लांट करवाई जाए नहीं तो अब सभी पेशेंट डायलिसिस ही नहीं करवाएगी और अस्पताल में बिना डायलिसिस के ही रहेंगी। पांचों महिलाओं के किडनी ट्रांसप्लांट की मांग, 48 घंटे का अल्टीमेटम प्रसुताओं के परिजनों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर साफ कहा कि यदि 48 घंटे में ट्रांसप्लांट पर फैसला नहीं हुआ तो मरीज डायलिसिस करवाना बंद कर देंगे और अस्पताल के अंदर ही दम तोडे़गे। उनका कहना है कि लगातार डायलिसिस से उन्हें असहनीय शारीरिक और मानसिक पीड़ा हो रही है, जबकि उनके परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। अस्पताल में वर्तमान में रागिनी मीणा, आरती चौबदार, पिंकी, सुशीला और धन्नी सुमन भर्ती हैं। ज्ञापन में बताया कि 4 मई से 8 मई के बीच सभी प्रसुताएं भर्ती हुई थी। अस्पताल की लापरवाही और कथित नकली दवाओं के कारण उनकी दोनों किडनियां फेल हो गईं। पिछले 70 दिनों से वे अस्पताल में भर्ती हैं और केवल डायलिसिस के सहारे जीवन जी रही हैं। — कोटा के सरकारी हॉस्पिटल में अब एक नवजात की मौत:डिलीवरी के बाद एक और महिला की किडनी में इंफेक्शन, डॉक्टरों ने निजी अस्पताल ले जाने को कहा … इस मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… कोटा में सीजेरियन डिलीवरी के बाद एक और मौत:2 की किडनी फेल, रातभर रोती रही मरीज; प्रिंसिपल के पोस्टर पर काला रंग पोता कोटा में जेके लोन हॉस्पिटल में भी सीजेरियन डिलीवरी के बाद एक महिला की मौत हो गई थी। जबकि 5 महिलाओं की किडनी फेल हो गई थी। इससे पहले, कोटा मेडिकल कॉलेज के न्यू हॉस्पिटल में 2 महिलाओं की मौत और 6 की किडनी फेल हो गई थी। (पूरी खबर पढ़ें)

गाय को राष्ट्रमाता दर्जा देने की मांग:सलूंबर में हुई बैठक, 27 जुलाई को राष्ट्रपति के नाम देंगे ज्ञापन

सलूम्बर में गो सम्मान आह्वान अभियान के तहत एक बैठक हुई। संघ कार्यालय में हुई बैठक में 27 जुलाई को जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति और केंद्र सरकार को गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने और गोसंरक्षण के संबंध में ज्ञापन सौंपने के प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों पर चर्चा की गई। कार्यकर्ताओं की भूमिका पर चर्चा की बैठक में अभियान की रूपरेखा, जनसंपर्क कार्यक्रम, संगठनात्मक जिम्मेदारियों का निर्धारण और विभिन्न तहसीलों व नगरों में कार्यकर्ताओं की भूमिका पर विस्तृत चर्चा हुई। इसका उद्देश्य अधिकाधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करना है। अभियान से जुड़े पदाधिकारियों ने बताया कि 27 जुलाई का कार्यक्रम केवल ज्ञापन सौंपने तक सीमित नहीं रहेगा। इसे गोसंरक्षण और भारतीय संस्कृति के प्रति जनजागरण के एक बड़े अभियान के रूप में देखा जा रहा है। इस अवसर पर अभियान के पोस्टर का विमोचन भी किया गया। कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे पोस्टर के माध्यम से गांव-गांव और शहर-शहर अभियान का संदेश पहुंचाएंगे और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ेंगे। अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया बैठक में तहसील, खंड, नगर और जिला स्तर के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे। सभी ने अपने विचार साझा किए और अभियान को जन-जन तक पहुंचाने, गोभक्तों तथा सनातन समाज के लोगों को जोड़ने का आह्वान किया। इसका लक्ष्य 27 जुलाई के ज्ञापन कार्यक्रम को सफल बनाना है। वक्ताओं ने बताया कि प्रत्येक कार्यकर्ता अपने क्षेत्र में घर-घर संपर्क करेगा। इसका उद्देश्य समाज के हर वर्ग को अभियान से जोड़ना है, ताकि गोसंरक्षण और गोसम्मान की मांग को व्यापक जनसमर्थन मिल सके। बैठक का समापन “गोमाता का सम्मान – राष्ट्र का सम्मान” के उद्घोष के साथ हुआ। उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने अभियान को सफल बनाने और समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

सीनियर टीचर भर्ती एग्जाम दूसरे दिन भी जारी:पहली पारी में 66.85 प्रतिशत रही उपस्थिति; 18 जुलाई तक होंगे

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से आयोजित सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा दूसरे दिन भी 27 जिलों में हो रही है। इसके लिए प्रदेश में 1221 सेंटर बनाए गए हैं। परीक्षाएं 18 जुलाई तक चलेगी। पहली पारी में 3 लाख 35 हजार 268 में से 2 लाख 24 हजार 119 कैंडिडेट्स शामिल हुए, उपस्थिति प्रतिशत 66.85 प्रतिशत रहा। दूसरी पारी की परीक्षा तीन बजे से शुरू होगी। इस साल की सबसे बड़ी परीक्षाओं में से एक इस एग्जाम के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। मेटल डिटेक्टर से जांच के बाद ही एंट्री दी गई। अजमेर में 15 हजार 920 कैंडिडेट्स रजिस्टर्ड है। पहले 6,500, फिर 10,537 और अब 9,651 पदों पर भर्ती RPSC की अपील- दलालों और ठगों से रहें सावधान 1. किसी के बहकावे में न आएं RPSC ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा पास कराने का दावा करने वाले किसी भी दलाल, बिचौलिए (मीडिएटर) या ठग के झांसे में न आएं। 2. पैसे मांगने पर तुरंत यहां शिकायत करें अगर कोई भी व्यक्ति आपसे परीक्षा पास कराने के नाम पर पैसे (रिश्वत) मांगता है या कोई लालच देता है, तो सबूत के साथ तुरंत पुलिस, जांच एजेंसी या आयोग के कंट्रोल रूम नंबरों पर शिकायत करें, कंट्रोल रूम नंबर: 0145-2635200, 2635212 और 2635255 3. नकल या गड़बड़ी की तो भुगतनी होगी कड़ी सजा अगर कोई भी अभ्यर्थी परीक्षा में नकल करते हुए या किसी भी तरह की गड़बड़ी में शामिल पाया गया तो नए कानून (राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2022) के तहत बहुत सख्त कार्रवाई होगी। आरोपी को उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा हो सकती है। 10 करोड़ रुपए तक का जुर्माना लग सकता है। आरोपी की घर-जमीन (चल-अचल संपत्ति) जब्त की जा सकती है। जानिए- किस जिले में कितने सेंटर बनाए अलग-अलग सब्जेक्ट की परीक्षाओं को चार ग्रुप में बांटा 12 जुलाई को ये एग्जाम हुआ 13 जुलाई को ये एग्जाम हो रहा आने वाले दिनों में ये होंगे पढें ये खबर भी…. प्रश्नपत्र की गाड़ी के पीछे-पीछे एग्जाम सेंटर में घुसे अभ्यर्थी:हाथों में बंधे धागे काटे, दुपट्टे उतरवाए; 27 जिलों में हुई सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा