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लॉर्ड्स की 'क्वीन' बनीं वडोदरा की यास्तिका:शतक के बाद बोलीं- पापा, बैट उठाया तो आप सब सामने दिख रहे थे; ऐतिहासिक पारी के पीछे की कहानी

लॉर्ड्स के 142 साल के इतिहास में खेले गए पहले महिला टेस्ट में भारत की जीत की हीरो रहीं विकेटकीपर-बल्लेबाज यास्तिका भाटिया के लिए यह शतक सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि पूरे परिवार का सपना पूरा होने जैसा था। तीसरी पारी में 158 गेंद पर 113 रन की पारी खेलने के बाद जब यास्तिका ने बैट उठाकर जश्न मनाया तो उनकी आंखों के सामने माता-पिता, बहन और दिवंगत दादाजी की तस्वीर थी। मैच के बाद उन्होंने पिता से फोन पर कहा, ‘पापा, जब मैंने बैट उठाया तो मुझे आप चारों और दादाजी दिख रहे थे, ऐसा लगा जैसे वे मुझे आशीर्वाद दे रहे हों।’ यास्तिका के पिता हरीश भाटिया ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि जब बेटी 91 रन पर थी और लंच ब्रेक हुआ, तब वे मंदिर पहुंचे और भगवान से सिर्फ एक ही प्रार्थना की-‘भगवान, आज इसकी सेंचुरी पूरी करवा देना।” उनका कहना है कि चोट से वापसी के बाद यह शतक यास्तिका के आत्मविश्वास के लिए बेहद जरूरी था। जैसे ही वह 99 रन पर पहुंची, पूरे परिवार की धड़कनें तेज हो गईं और शतक पूरा होते ही सभी की आंखों से खुशी के आंसू निकल पड़े। वडोदरा के पोलो ग्राउंड से लॉर्ड्स तक का सफर यास्तिका ने क्रिकेट की शुरुआत वडोदरा के पोलो ग्राउंड स्थित यूथ सर्विस सेंटर से की थी। शानदार प्रदर्शन के दम पर पहले बड़ौदा अंडर-19 और फिर सीनियर टीम में जगह बनाई। 2021 में भारतीय टीम में चयन हुआ और 2022 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उन्होंने टेस्ट, वनडे और टी-20- तीनों फॉर्मेट में डेब्यू किया। पढ़ाई में भी रहीं अव्वल, 10 साल से नहीं खाई चीनी यास्तिका रोज करीब तीन घंटे बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग की प्रैक्टिस करती थीं। क्रिकेट के साथ पढ़ाई में भी हमेशा टॉप-3 में रहीं और 12वीं साइंस में 90% अंक हासिल किए। वह पिछले 10 साल से चीनी नहीं खातीं। मिठाइयों से दूर रहती हैं और डाइट में फल, ड्राई फ्रूट्स, नियमित जिम और रनिंग शामिल है। बैडमिंटन और कराटे से क्रिकेट तक का सफर बचपन से ही खेलों में रुचि रखने वाली यास्तिका ने छह साल की उम्र में बैडमिंटन खेलना शुरू किया और जिला स्तर तक खेलीं। इसके बाद कराटे में ब्लैक बेल्ट हासिल की। फिर क्रिकेट को करियर बनाया और शुरू से ही भारत के लिए खेलने का सपना देखा। 12 साल की उम्र में मिला पहला बड़ा मौका यास्तिका के पिता बताते हैं कि आठ साल की उम्र में उन्होंने क्रिकेट शुरू किया, लेकिन 12 साल की उम्र में दिल्ली में टी-20 टूर्नामेंट के लिए चयन के बाद उन्होंने इसे गंभीरता से लिया। उस समय उनकी कोच पूर्णिमा राव ने कहा था, ‘यह लड़की एक दिन भारत के लिए जरूर खेलेगी।’ बाद में कोच गीता गायकवाड़ ने भी यही भरोसा जताया था। सुबह 5 बजे से शुरू होती थी तैयारी यास्तिका रोज सुबह पांच बजे उठकर रनिंग के लिए जाती थीं। स्कूल से लौटने के बाद दोबारा शाम तक अभ्यास करतीं। बड़े होने पर जिम ट्रेनिंग भी शुरू हुई। पिता के मुताबिक, बाद में प्रोफेशनल ट्रेनिंग और कोच किरण के मार्गदर्शन ने उनके खेल को नया आयाम दिया। हार्दिक, क्रुणाल और ईशान से भी मिली सीख रिलायंस क्रिकेट स्टेडियम में अभ्यास के दौरान यास्तिका की मुलाकात हार्दिक पंड्या, क्रुणाल पंड्या और ईशान किशन से हुई थी। तीनों खिलाड़ियों ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की तैयारी और मानसिकता को लेकर कई अहम सुझाव दिए। मां बोलीं- 90 रन के बाद हर गेंद पर दिल की धड़कन बढ़ रही थी यास्तिका की मां गरिमा भाटिया ने बताया कि बेटी के 90 रन पार करते ही पूरा परिवार तनाव में था। सभी भगवान से प्रार्थना कर रहे थे कि किसी तरह शतक पूरा हो जाए। जैसे ही सेंचुरी बनी, पूरा परिवार खुशी से झूम उठा और सभी की आंखों में आंसू आ गए। चोट, ऑपरेशन और फिर शानदार वापसी गरिमा ने बताया कि बार-बार लगी चोटों ने यास्तिका का सफर आसान नहीं रहने दिया। चोट के कारण वह घरेलू वर्ल्ड कप भी नहीं खेल सकीं और ऑपरेशन कराना पड़ा। इसके बाद उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से फिर से शुरुआत करनी पड़ी। लेकिन मैदान पर वापसी की उनकी जिद और मेहनत ने आखिरकार उन्हें लॉर्ड्स में ऐतिहासिक शतक तक पहुंचा दिया।

भारत पर 100% टैरिफ लगा सकता है अमेरिका:रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर कार्रवाई की तैयारी; संसद में बिल पेश, 5 देश निशाने पर

अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। अमेरिकी सीनेट में रूस पर प्रतिबंधों से जुड़ा एक संशोधित बिल पेश किया गया है। इसमें रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा गया है। बिल के मुताबिक भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान पर 100% टैरिफ लगाया जा सकता है। यह बिल रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों पार्टियों के समर्थन से लाया जा रहा है। इसका मकसद रूस की तेल से होने वाली कमाई को कम करना है, ताकि उसकी युद्ध लड़ने की क्षमता कमजोर हो सके। इसके तहत रूस के अधिकारियों, शैडो टैंकर बेड़े, केंद्रीय बैंक और सरकारी ऊर्जा परियोजनाओं पर भी प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। पहले बिल के शुरुआती मसौदे में 500% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव था, लेकिन बाद में इसे घटाकर 100% कर दिया गया। अगर यह बिल पास हो जाता है, तो अमेरिका पहली बार किसी देश पर सिर्फ इसलिए टैरिफ लगाएगा, क्योंकि वह रूस से तेल खरीदकर उसकी कमाई बढ़ा रहा है। भारत ने पिछले महीने आधे से ज्यादा तेल रूस से खरीदा भारत ने जून 2026 में रूस से रिकॉर्ड 26.1 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल खरीदा, जो देश के कुल तेल आयात का 52.4% था। यानी पिछले महीने भारत में आयात होने वाले हर दो बैरल तेल में एक से ज्यादा बैरल रूस से आया। रूस लगातार भारत का सबसे बड़ा तेल सप्लायर बना हुआ है। मई के मुकाबले जून में रूस से तेल आयात में करीब 39% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यूरोपीय देशों को टैरिफ में राहत देगा अमेरिका रूस से प्राकृतिक गैस खरीदने वाले चीन, फ्रांस, जापान, हंगरी और बेल्जियम को भी इसके दायरे में रखा गया है। हालांकि, जो देश रूस की कुल गैस निर्यात का 15% से कम आयात करते हैं और अपनी निर्भरता घटाने की दिशा में कदम उठा रहे हैं, उन्हें छूट मिल सकती है। सीनेट में पेश बिल के तहत 15 यूरोपीय देशों को प्रस्तावित 100% टैरिफ से छूट दी गई है। इन देशों को राहत इसलिए दी गई है, क्योंकि ये रूस से 15% से कम प्राकृतिक गैस खरीदते हैं और धीरे-धीरे उस पर अपनी निर्भरता भी कम कर रहे हैं। डेमोक्रेट सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने कहा कि यह बिल यूरोपीय सहयोगियों के खिलाफ नहीं है। इसका निशाना सिर्फ वे देश हैं, जो अब भी रूस के तेल कारोबार को सबसे ज्यादा आर्थिक सहारा दे रहे हैं। बिल में रूस के ऊर्जा उद्योग, वित्तीय संस्थानों, रक्षा औद्योगिक ढांचे, कारोबारियों और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तक पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। रूस पर सख्ती वाले बिल को दोनों दलों का समर्थन सीनेट में पेश रूस-विरोधी टैरिफ बिल को रिपब्लिकन और डेमोक्रेट, दोनों दलों का समर्थन मिला है। इसे अमेरिकी राजनीति में ‘बाइपार्टिसन बिल’ कहा जाता है। यानी ऐसा प्रस्ताव जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों सहमत हों। आमतौर पर अमेरिका में कई बड़े विधेयक राजनीतिक मतभेदों की वजह से अटक जाते हैं। लेकिन जब दोनों दल किसी बिल के साथ खड़े होते हैं, तो उसके कांग्रेस से पारित होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। हालांकि, बिल को कानून बनने के लिए अभी सीनेट और प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) दोनों से मंजूरी लेनी होगी। इसके बाद राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होने पर ही यह कानून बनेगा। ट्रम्प को मिलेगी छूट देने की शक्ति संशोधित बिल में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प को यह अधिकार भी दिया गया है कि अगर उन्हें लगे कि यह अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है, तो वे इन प्रतिबंधों या टैरिफ में छूट दे सकते हैं। यह बिल अप्रैल 2025 में रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम और डेमोक्रेट सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने पेश किया था। 11 जुलाई को लिंडसे ग्राहम का निधन हो गया। ट्रम्प ने कहा कि इस बिल को आगे बढ़ाना ग्राहम की प्राथमिकता थी और इसे उनकी याद में आगे बढ़ाया जा रहा है। अब तक 26 सीनेटर इस बिल को अपना समर्थन दे चुके हैं और आगे समर्थन बढ़ने की उम्मीद है। टैरिफ पर कानून बनाने की जरूरत क्यों पड़ी ट्रम्प ने 1977 के अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (IEEPA) का हवाला देकर कई देशों पर टैरिफ लगाया। इसके तहत नेशनल इमरजेंसी घोषित कर नोटिफिकेशन जारी किया जाता और सीधे टैरिफ लगा देते थे। 20 फरवरी 2026 को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि IEEPA राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं देता। यह अधिकार मुख्य रूप से कांग्रेस (संसद) के पास है। इसी वजह से अब इस पर बिल लाया गया है, ताकि राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने का अधिकार मिल जाए। 100% टैरिफ से भारत पर 3 बड़े असर होंगे भारतीय सामान दोगुने महंगे हो जाएंगे: अमेरिका भारत का सबसे बड़ा बाजार है, जहां भारत सालाना करीब 6.5 लाख करोड़ रुपए का सामान निर्यात करता है। 100% टैक्स लगने से भारतीय सामान वहां दोगुने महंगे हो जाएंगे और बिक्री ठप हो जाएगी। बचत से 10 गुना बड़ा घाटा: रूसी तेल से भारत सालाना करीब 60,000 करोड़ रुपए बचाता है, लेकिन अमेरिकी बाजार खोने से होने वाला नुकसान इस बचत से 10 गुना ज्यादा होगा। नौकरियां जाएंगी और रुपया कमजोर होगा: 100% टैरिफ से अमेरिका को होने वाला ₹2.1 लाख करोड़ का कपड़ा, हीरा और दवा निर्यात ठप हो जाएगा। इससे इन उद्योगों में काम करने वाले करीब 15 से 20 लाख लोग प्रभावित हो सकते हैं। निर्यात घटने से देश में डॉलर की कमी होगी, जिससे भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर हो सकता है। —————————– ये खबर भी पढ़ें… UK की व्हिस्की, कारें और ब्यूटी प्रोडक्ट्स सस्ते मिलेंगे:भारत-UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट आज से लागू, जानें किन चीजों के दाम बदलेंगे भारत में UK की कारें, व्हिस्की, कपड़े और फुटवियर आज से सस्ते मिलेंगे। आज से भारत-UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट लागू हो गया है। यानी अब भारत के 99% सामानों को UK में जीरो टैरिफ पर निर्यात किया जाएगा। वहीं UK के 99% सामान 3% एवरेज टैरिफ पर आयात होंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें…

चेस वर्ल्ड कप; सबसे बड़े टूर्नामेंट का फॉर्मेट बदला:प्राइज मनी 22% बढ़ी, खिलाड़ियों की संख्या बढ़कर 224 हुई

दुनिया के सबसे बड़े शतरंज टूर्नामेंट फिडे वर्ल्ड कप का फॉर्मेट अगले साल से पूरी तरह बदल जाएगा। अब शुरुआत से नॉकआउट मैच नहीं होंगे। पहले सभी खिलाड़ी स्विस लीग खेलेंगे। उसके बाद सिर्फ टॉप-16 खिलाड़ी नॉकआउट में पहुंचेंगे। इससे खिलाड़ियों को ज्यादा मैच खेलने का मौका मिलेगा। जानिए क्या हैं अहम बदलाव फिडे वर्ल्ड कप 2027 में क्या बड़ा बदलाव हुआ है? अब तक फिडे वर्ल्ड कप पूरी तरह नॉकआउट फॉर्मेट में खेला जाता था। 2027 से इसकी शुरुआत स्विस सिस्टम से होगी। ओपन वर्ग में 224 और महिला वर्ग में 128 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। ओपन के खिलाड़ियों को 56-56 के 4 ग्रुप में बांटा जाएगा। हर खिलाड़ी 9 राउंड खेलेगा। इसके बाद हर ग्रुप के टॉप-4 खिलाड़ी नॉकआउट के राउंड ऑफ-16 में पहुंचेंगे। महिला वर्ग में दो ग्रुप होंगे और हर ग्रुप से 8 खिलाड़ी आगे बढ़ेंगी। नया फॉर्मेट क्यों लाया गया? पहले वर्ल्ड कप करीब चार हफ्ते तक चलता था। कई खिलाड़ी पहले ही दो मैच हारकर बाहर हो जाते थे, जबकि कुछ खिलाड़ियों को लगभग एक महीने तक खेलना पड़ता था। फिडे का मानना है कि इतना लंबा टूर्नामेंट खिलाड़ियों और आयोजकों दोनों के लिए मुश्किल हो गया था। नए फॉर्मेट से प्रतियोगिता करीब एक हफ्ते छोटी हो जाएगी और सभी खिलाड़ियों को कम से कम 9 मुकाबले खेलने का मौका मिलेगा। टाइम कंट्रोल और नॉकआउट में क्या बदलाव होगा? स्विस चरण में फास्ट क्लासिकल टाइम कंट्रोल रहेगा। हर खिलाड़ी को पूरे मुकाबले के लिए 45 मिनट मिलेंगे और हर चाल पर 30 सेकंड का अतिरिक्त समय मिलेगा। स्विस चरण सिर्फ पांच दिन में पूरा होगा, जिसमें चार दिन डबल राउंड होंगे। इसके बाद राउंड ऑफ-16 से वही पुराना नॉकआउट फॉर्मेट रहेगा, जिसमें दो क्लासिकल गेम होंगे। बराबरी रहने पर रैपिड और ब्लिट्ज टाईब्रेक से विजेता तय होगा। प्लेयर्स की संख्या और प्राइज मनी में क्या बदलाव है? ओपन वर्ग में खिलाड़ियों की संख्या 206 से बढ़ाकर 224 और महिला वर्ग में 107 से बढ़ाकर 128 कर दी गई है। कुल इनामी राशि भी बढ़ाकर करीब 32 करोड़ रुपए कर दी गई है, जो पहले 26 करोड़ रुपए हुआ करती थी। इसमें ओपन वर्ग के लिए लगभग 22 करोड़ और महिला वर्ग के लिए 10 करोड़ होंगे। हालांकि दोनों वर्गों में विजेता की पुरस्कार राशि पहले की तरह क्रमशः करीब 1.15 करोड़ और 48.1 लाख रुपए ही रहेगी।

रिपोर्ट- बुमराह मुंबई इंडियंस के कप्तान बन सकते हैं:पंड्या को दूसरी टीम से बदलने की संभावना; अगले हफ्ते रिव्यू मीटिंग में फैसला

तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह मुंबई इंडियंस के अगले कप्तान बन सकते हैं। हार्दिक पंड्या और टीम में शामिल एक पूर्व भारतीय कप्तान ट्रेड हो सकते हैं। हेड कोच महेला जयवर्धने समेत कोचिंग स्टाफ में भी बदलाव हो सकता है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इन सभी मुद्दों पर अंतिम फैसला अगले हफ्ते इंग्लैंड में होने वाली रीव्यू मीटिंग में लिया जा सकता है। बैठक में अंबानी परिवार और फ्रेंचाइजी के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। पिछले 5 सीजन में मुंबई का प्रदर्शन खराब रहा है। टीम पिछले सीजन में 4 मैच जीतकर 8 अंकों के साथ 9वें स्थान पर रही थी। मुंबई इंडियंस ने अपना पिछला IPL टाइटल 2020 में रोहित शर्मा की कप्तानी में जीता था। फाइनल में दिल्ली को 5 विकेट से हराया था। हार्दिक पंड्या को कप्तान बनाया, लेकिन प्रदर्शन नहीं सुधरा फ्रेंचाइजी ने 27 नवंबर 2023 को हार्दिक पंड्या को ट्रेड करके अपने साथ जोड़ा और फिर कप्तान बनाया था। लेकिन पंड्या की कप्तानी में टीम का प्रदर्शन नहीं सुधरा। ड्रेसिंग रूम में अनबन की स्थिति बनी और कुछ रिपोर्ट्स में गुटबाजी की बातें भी सामने आईं। हालांकि, इस पर टीम या मैनेजमेंट ने कुछ नहीं कहा। ड्रेसिंग रूम में अनबन और लगातार बदलती रणनीतियों का असर टीम के प्रदर्शन पर पड़ा। हार्दिक पंड्या की कप्तानी में मुंबई ने 39 मैच खेले हैं, लेकिन 15 में ही जीत हासिल की है। जसप्रीत बुमराह कप्तानी की रेस में सबसे आगे मुंबई इंडियंस 2027 सीजन के लिए स्थायी कप्तान बनाना चाहती है। टीम अस्थायी या कामचलाऊ कप्तान के साथ आगे नहीं बढ़ना चाहती। कप्तानी की रेस में जसप्रीत बुमराह सबसे आगे हैं। पिछले तीन सीजन में उनका प्रदर्शन लगातार अच्छा रहा है। बुमराह ने IPL 2026 में हार्दिक और सूर्या की गैरमौजूदगी में पंजाब किंग्स के खिलाफ टीम की कमान संभाली है। उस समय उन्होंने कहा था, ‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुंबई इंडियंस की कप्तानी करने से पहले मैं भारतीय टेस्ट टीम का कप्तान बन जाऊंगा।’ बुमराह के अलावा तिलक वर्मा का नाम भी चर्चा में है, लेकिन टी-20 में उनकी हालिया फॉर्म अच्छी नहीं रही। माना जा रहा है कि कम उम्र में कप्तानी मिलने से उनकी बल्लेबाजी पर असर पड़ सकता है। हार्दिक पंड्या के ट्रेड पर भी नजर मुंबई इंडियंस के ऑलराउंडर और पूर्व कप्तान हार्दिक पंड्या के भविष्य को लेकर चर्चा तेज है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई IPL फ्रेंचाइजी उन्हें लेना चाहती हैं। अगले हफ्ते होने वाली बैठक के बाद ही हार्दिक के भविष्य की तस्वीर साफ होगी। ————————————————————— IPL से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… धोनी CSK के मेंटर बन सकते हैं, सैमसन कप्तानी की रेस में सबसे आगे; कोच फ्लेमिंग ने टीम छोड़ी महेंद्र सिंह धोनी चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के मेंटर बन सकते हैं। हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग के 18 साल बाद टीम छोड़ने के बाद फ्रेंचाइजी बड़े बदलाव की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक CSK मैनेजमेंट धोनी को मेंटर की जिम्मेदारी सौंपने पर विचार कर रहा है। हालांकि, इस पर अंतिम फैसला उनकी सहमति के बाद ही लिया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर

वाशिंगटन सुंदर बोले-इंग्लैंड के खिलाफ फिफ्टी का क्रेडिट गंभीर को:उन्होंने ही राहुल से पहले बैटिंग के लिए भेजा, वे मेरा रोल बेहतर समझते हैं

ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर ने इंग्लैंड के खिलाफ मैच विनिंग पारी का श्रेय गौतम गंभीर को दिया है। पहले वनडे में केएल राहुल की जगह नंबर-5 पर उतरे वॉशिंगटन ने अक्षर पटेल (57*) के साथ छठे विकेट के लिए 102 रन की नाबाद साझेदारी कर भारत को छह विकेट से जीत दिलाई। नाबाद 52 रन बनाने वाले सुंदर ने जीत के बाद कहा- गौती भाई ने बल्लेबाजी में अपनी क्षमता पहचानने में मेरी मदद की। उन्होंने समझाया कि मैं बैट से टीम के लिए क्या योगदान दे सकता हूं। साथ ही आशीष नेहरा ने भी मुझे अपने खेल और खुद को बेहतर तरीके से समझने में काफी मदद की।’ सुंदर की 3 बातें… भारत ने 6 विकेट से जीता मुकाबला, सीरीज में 1-0 से आगे
अक्षर के दोहरे प्रदर्शन के दम पर भारत ने 3 वनडे मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला 6 विकेट से जीत लिया। एजबेस्टन में 259 रन का पीछा करते हुए भारत ने 45.2 ओवर में 4 विकेट पर 262 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया। दूसरा मैच 16 जुलाई को कार्डिफ में खेला जाएगा। टीम इंडिया 1-0 की बढ़त पर है। पढ़ें पूरी खबर

कर्नाटक- जज की कुर्सी पर काला जादू करने का आरोप:65 साल की महिला गिरफ्तार; केस का फैसला अपने पक्ष में कराना चाहती थी

कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर में 65 साल की महिला मंजुला को जज की कुर्सी पर काला जादू करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोप है कि महिला लंबित पारिवारिक सिविल केस का फैसला अपने पक्ष में कराना चाहती थी। पुलिस के मुताबिक, घटना 9 जुलाई की है। मामला 14 जुलाई को सामने आया। जज की कुर्सी पर सरसों के दाने बिखेरे पुलिस के मुताबिक, 9 जुलाई सुबह करीब 9:40 बजे फर्स्ट एडिशनल सीनियर सिविल जज एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत में हुई। आरोप है कि महिला कोर्ट रूम में दाखिल हुई और जज की मेज पर ‘पूजा’ किए हुए सफेद सरसों के दाने बिखेर दिए। CCTV फुटेज से मामला सामने आया दिल्ली कोर्ट में चावल फेंकने पर डॉक्टर पर जुर्माना पिछले साल दिल्ली की तीस हजारी अदालत में हत्या के एक मामले का सामना कर रहे डॉक्टर चंदर विभास ने सुनवाई शुरू होने से पहले कथित तौर पर कोर्ट रूम में चावल के दाने बिखेर दिए। इस वजह से कार्यवाही 15-20 मिनट तक रोकनी पड़ी। कुछ वकीलों ने इसे भी कथित तौर पर काला जादू या टोटका बताया था। जज शेफाली बरनाला टंडन ने उन्हें अदालत एक दिन हिरासत में रखा। 2,000 रुपए का जुर्माना लगाया, जिसे डॉक्टर ने उसी दिन जमा कर दिया। —————————————— ये खबर भी पढ़ें… वकील ने CJI का नाम लेकर अपशब्द कहे, सुप्रीम कोर्ट में जजों को आदेश देने लगा, फाइल फेंकी सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई के दौरान एक वकील ने हंगामा किया। सीजेआई सूर्यकांत को अपशब्द कहे और फाइल भी फेंकी। इस दौरान सीजेआई कोर्ट रूम में मौजूद नहीं थे। यह घटना जस्टिस केवी विश्वनाथन, जस्टिस आलोक अराधे की बेंच के सामने हुई। हंगामे के बाद कोर्ट के आदेश पर सिक्योरिटी ने वकील को तुरंत बाहर निकाल दिया। पूरी खबर पढ़ें…

सोना ₹26 बढ़कर ₹1.42 लाख पर पहुंचा:चांदी ₹264 घटकर ₹2.20 लाख किलो पर आई, कैरेट के हिसाब से देखें गोल्ड की कीमत

सोने के दाम में आज यानी 15 जुलाई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 26 रुपए बढ़कर 1.42 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं एक किलो चांदी 264 रुपए घटकर 2.20 लाख रुपए पर आ गई है। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत सोना इस साल ₹9 हजार महंगा हुआ इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 9 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए के ऊपर था, जो अब 1.42 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी की कीमत में 10 हजार रुपए की गिरावट है। चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.20 लाख रुपए पर है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। इस साल अब तक सोने-चांदी की चाल नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA सोने-चांदी के दाम में गिरावट की वजह सोने-चांदी में एकमुश्त निवेश से बचें कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोने-चांदी के दाम अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। ऐसे में निवेशक इसमें निवेश कर सकते हैं, हालांकि इनमें एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। अजय केडिया के अनुसार साल के आखिर तक सोना एक बार फिर 1.60 लाख और चांदी 2.80 लाख रुपए तक जा सकती है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके

लुधियाना में स्कूल बस ने बच्चे को कुचला:मां के सामने मौत; दोनों टायर चढ़ने से सड़क पर चिपका मांस, डस्टपैन से समेटा

लुधियाना में बुधवार सुबह 3 साल के बच्चे को प्राइवेट स्कूल की बस ने कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बस के अगले और पिछले टायर ऊपर से गुजरने के कारण सड़क पर मांस चिपक गया। बच्चा अपनी मां के साथ बड़ी बहन को स्कूल बस में बैठाने घर के बाहर आया था। हादसे के बाद ड्राइवर बस लेकर भागने लगा, लेकिन ग्रामीणों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। बताया जा रहा कि ड्राइवर के पास वैध लाइसेंस नहीं है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। हादसा कोहाड़ा क्षेत्र के गांव शालू भैणी में हुआ। बच्चे की एक बहन है। अब सिलसिलेवार पूरा मामला पढ़िए… बेटी को स्कूल बस में बैठाने आई थी महिला
बुधवार सुबह करीब 7 बजे अमनदीप अपनी बेटी रमनदीप कौर को स्कूल बस में बैठाने के लिए घर के बाहर गई थी। उनके साथ बेटा समरदीप भी था। इसी दौरान स्कूल बस पहुंची। अमनदीप बेटी को बस में चढ़ाने लगीं, जबकि समरदीप बस के आगे की ओर चला गया। बेटी के बस में बैठते ही ड्राइवर ने बस आगे बढ़ा दी। ड्राइवर को बस के आगे खड़ा मासूम दिखाई नहीं दिया और बस उसके ऊपर से गुजर गई। दोनों टायर बच्चे के ऊपर से गुजरे
मां अमनदीप के मुताबिक पहले बस का अगला टायर और फिर पीछे का टायर भी मासूम के ऊपर से गुजर गया। हादसा इतना भयावह था कि परिवार के सामने ही बच्चे ने दम तोड़ दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि दुर्घटना के बाद ड्राइवर बस रोकने की बजाय मौके से भागने लगा। लोगों ने आवाज लगाई, लेकिन वह नहीं रुका। ग्रामीणों ने पीछा कर ड्राइवर को पकड़ा
हादसे के बाद ग्रामीणों और राहगीरों ने अपने वाहनों से बस का पीछा किया। कुछ दूरी पर नजदीकी गांव के पास ड्राइवर को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पकड़े जाने पर ड्राइवर ने कहा कि हादसे में उसकी कोई गलती नहीं है। इस बयान से लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे भीड़ से छुड़ाकर हिरासत में ले लिया। चाचा ने कहा- बस में अटेंडेंट नहीं था
मृतक के चाचा रशपिंदर सिंह ने कहा कि स्कूल बस में बच्चों को चढ़ाने और उतारने के लिए कोई अटेंडेंट मौजूद नहीं था। बस चला रहा युवक करीब 19 साल का है। हादसे के बाद जब ड्राइवर से लाइसेंस दिखाने को कहा गया तो उसने बताया कि लाइसेंस उसके पास नहीं है और उसकी फोटो मोबाइल में है। हालांकि, उसका फोन टूटा होने के कारण वह फोटो नहीं दिखा सका। स्कूल बस की हालत भी ठीक नहीं थी
रशपिंदर सिंह ने कहा कि कंडियाना कलां स्थित यह स्कूल नौवीं कक्षा तक है और इसकी बस की हालत भी ठीक नहीं थी। उन्होंने मांग की कि सभी स्कूल बसों की जांच कर सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीण बोले- दोषियों पर हो कार्रवाई
हादसे के बाद ग्रामीणों ने कहा कि यदि ड्राइवर सावधानी से बस चलाता या हादसे के तुरंत बाद रुककर मदद करता तो स्थिति अलग हो सकती थी। इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी जांच की जाए कि ड्राइर की नियुक्ति किस आधार पर की गई और क्या उसके पास जरूरी दस्तावेज मौजूद थे। हरियाणा नंबर की बस, नंबर प्लेट भी नहीं लगी थी
ग्रामीणों ने कहा कि कि स्कूल बस हरियाणा नंबर की है। उनका कहना है कि नियमों के अनुसार यह बस यहां संचालित नहीं होनी चाहिए। पीछे की ओर नंबर प्लेट भी नहीं लगी थी। पुलिस बोली- जांच के बाद होगी कानूनी कार्रवाई
थाना कुमकलां के हेड कॉन्स्टेबल जगतार सिंह ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि ड्राइवर के पास वैध लाइसेंस नहीं मिला या किसी प्रकार की लापरवाही साबित हुई तो उसके अनुसार संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। बच्चे के शव को सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया है सुरक्षा नियमों की कई स्तर पर अनदेखी हुई
ट्रैफिक एक्सपर्ट अजय शर्मा ने कहा कि बाहरी राज्य की नंबर प्लेट लगाकर स्कूल बस शहर में चल नहीं सकती। यह सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी का उल्लंघन है। बच्चों की सुरक्षा के लिए ये सबसे बड़ा खतरा है। इसके लिए ट्रांसपोर्ट विभाग, ट्रैफिक पुलिस और स्कूल प्रशासन तीनों बराबर के जिम्मेदार हैं। इनके खिलाफ बच्चों की सुरक्षा खतरे में डालने के तहत मुकदमा दर्ज होना चाहिए, क्योंकि यह अपनी ड्यूटी इमानदारी से नहीं कर रहे। आज भी जो एक्सीडेंट में बच्चे की जान गई है उस बस पर सबसे पहले हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं है। स्कूल परमिट नहीं है। बस फिटनेस नहीं है। अटेंडेट ना होना बड़ी लापरवाही है। बस का जो नंबर लिखा है वह भी क्लियर नहीं है।

स्विफ्ट ने स्कूटी सवार दोस्तों को उड़ाया, दोनों की मौत:स्कूटी को 2 किमी घसीटा, टायर फटा तो छोड़ फरार हुआ

झुंझुनूं में स्विफ्ट कार ड्राइवर ने स्कूटी सवारों 2 को जोरदार टक्कर मार दी। दोनों स्कूटी से उछलकर गिर गए और स्कूटी कार के नीचे गई फंस गई। कार सवार इसके बावजूद भी स्कूटी को घसीटता हुआ करीब 2 किमी ले गया। इसके वाद कार का टायर फट गया। इसके बाद वह कार छोड़ कर फरार हो गया। मामला गुढ़ागौड़जी थाना इलाके का मंगलवार रात का है। दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, हादसे में संत कुमार सैनी (35) और जावेद (41) की मौत हो गई है। संत किशोरपुरा निवासी था और होटल पर काम करता था। जावेद इस्लामपुरा का रहने वाला था और मजदूरी करता था। वे दोनों एक होटल पर खाना खाकर झुंझुनूं की तरफ निकले ही थे कि होटल से महज 100 मीटर की दूरी पर ही यह भीषण हादसा हो गया। टायर फटा तो कार छोड़ कर भागा ​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद भी कार चालक नहीं रुका। स्कूटी कार के अगले हिस्से में फंसी होने के बावजूद चालक उसे तेज रफ्तार में घसीटता रहा। करीब दो किलोमीटर दूर ‘दूडीया’ गांव के पास कार का टायर फट गया, जिससे कार रुक गई। मौका पाकर चालक कार को वहीं छोड़ फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और निजी एंबुलेंस की मदद से दोनों के शवों को गुढ़ागौड़जी सीएचसी की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को अपने कब्जे में ले लिया है और फरार ड्राइवर की तलाश में जुटी है।

अक्षर पटेल बोले- नए बैटर्स के लिए मुश्किल थी पिच:मैंने टाइमिंग पर ध्यान दिया, कुछ देर रुकने के बाद पार्टनरशिप बिल्ट की

भारतीय ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने कहा कि इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में उनकी मैच जिताऊ पारी का राज ताकत के बजाय टाइमिंग पर भरोसा करना था। प्लेयर ऑफ द मैच रहे अक्षर ने कहा कि वे टी-20 सीरीज के दौरान वे गेंद को जरूरत से ज्यादा जोर से मारने की कोशिश कर रहे थे, जबकि वनडे में उन्होंने परिस्थितियों के मुताबिक बल्लेबाजी की। अक्षर ने कहा- ‘एजबेस्टन की पिच शुरुआत में बैटर्स के लिए मुश्किल थी। नए बैटर्स को सेट होने के लिए समय चाहिए था। एक बार सेट होने के बाद हमारा फोकस पार्टनरशिप बिल्ट करने पर था।’ अक्षर ने इंग्लैंड के खिलाफ 52 गेंदों पर 57 रन की अहम पारी खेली और टीम को जीत दिलाई थी। उन्होंने 9.5 ओवर में 4 विकेट भी झटके। इसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। पिच मुश्किल थी, सेट होने में टाइम लगा : अक्षर अक्षर ने कहा कि एजबेस्टन की पिच शुरुआत में बल्लेबाजों के लिए आसान नहीं थी और नए बल्लेबाज को सेट होने के लिए समय चाहिए था। अक्षर ने कहा, ‘जो भी नया बल्लेबाज क्रीज पर आया, उसे शुरुआत में दिक्कत हुई। जो रूट और लियाम डॉसन के लिए भी रन बनाना तब आसान हुआ जब साझेदारी बन गई। ऐसी पिच पर आते ही बड़े शॉट नहीं खेले जा सकते, क्योंकि गेंद स्विंग और सीम दोनों कर रही थी। पहले खुद को समय देना जरूरी था।’ सीनियर्स की वापसी से आत्मविश्वास बढ़ा अक्षर ने कहा कि रोहित शर्मा, विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह और केएल राहुल जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी से टीम में आत्मविश्वास और सुकून का माहौल बना है। अक्षर ने कहा, ‘हम लंबे समय से साथ खेल रहे हैं। हमने साथ में कई मैच जीते और कुछ हारे भी हैं। हर खिलाड़ी अपनी भूमिका अच्छी तरह जानता है। टीम के भीतर अच्छी समझ है और मैदान पर खिलाड़ियों के बीच जो मस्ती और तालमेल दिखता है, वही टीम को सहज माहौल देता है।’ भारत ने 6 विकेट से जीता मुकाबला, सीरीज में 1-0 से आगे अक्षर के दोहरे प्रदर्शन के दम पर भारत ने 3 वनडे मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला 6 विकेट से जीत लिया। एजबेस्टन में 259 रन का पीछा करते हुए भारत ने 45.2 ओवर में 4 विकेट पर 262 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया। दूसरा मैच 16 जुलाई को कार्डिफ में खेला जाएगा। टीम इंडिया 1-0 की बढ़त पर है। पढ़ें पूरी खबर