बेटे के सामने युवक ने नहर में लगाई छलांग:3 घंटे के रेस्क्यू के बाद मिला शव, जेसीबी की मदद से उतरी नाव

कोटा शहर में शुक्रवार शाम को युवक ने नहर में कूदकर अपनी जान दे दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने जब युवक को नहर में छलांग लगाते देखा, तो तुरंत नगर निगम के गोताखोरों को इसकी सूचना दी। घटना मानपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत गुमानपुरा सब्जी मंडी के पास स्थित दायीं मुख्य नहर की है। मौके पर मौजूद लोगों और युवक के बेटे ने भी उसे अपनी आंखों के सामने नहर में कूदते हुए देखा था। करीब दो से तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने नहर से युवक का शव बाहर निकाला। मृतक की पहचान घोड़ा बस्ती निवासी प्रभु भोई (35) के रूप में हुई है। इसके बाद शव को गुमानपुरा थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए MBS अस्पताल की मोर्चरी भिजवा दिया है। 70 फीट गहरी नहर में जेसीबी की मदद से उतरी नाव, नगर निगम के गोताखोर विष्णु श्रृंगी ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन नहर में रेस्क्यू अभियान चलाना काफी चुनौतीपूर्ण रहा। नहर की दीवारें कई स्थानों पर टूटी हुई हैं, जिससे लोग आसानी से वहां चले जाते हैं। करीब 70 फीट की गहराई में नाव उतारने के लिए कोई स्थायी रास्ता नहीं होने के कारण टीम को जेसीबी (JCB) मशीन की मदद लेनी पड़ी। इसके बाद गोताखोरों ने नाव के जरिए तलाशी अभियान चलाया और कड़ी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला। टूटी दीवारें ठीक हों और नाव उतारने का बने स्थायी रास्ता हादसे के बाद गोताखोरों ने प्रशासन से नहर की सुरक्षा को लेकर गंभीर मांग की है। उन्होंने कहा कि नहर की टूटी हुई दीवारों की जल्द से जल्द मरम्मत कराई जानी चाहिए ताकि लोग वहां तक न पहुंच सकें। इसके साथ ही, आपातकालीन स्थिति में रेस्क्यू नाव को नीचे उतारने के लिए एक स्थायी रास्ता बनाया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी हादसे के दौरान रेस्क्यू अभियान तेजी से चलाया जा सके और समय रहते लोगों की जान बचाई जा सके।

नगर निगम के गोताखोर विष्णु श्रृंगी ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंच गई, लेकिन नहर में रेस्क्यू अभियान काफी चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने बताया कि नहर की दीवारें कई स्थानों पर टूटी हुई हैं, जिससे लोग आसानी से नीचे उतर जाते हैं। वहीं करीब 70 फीट गहराई में नाव उतारने के लिए कोई स्थायी रास्ता नहीं होने से जेसीबी मशीन की मदद लेनी पड़ी। इसके बाद गोताखोरों ने नाव के जरिए तलाशी अभियान चलाया और कई घंटे की मेहनत के बाद शव को बाहर निकाला। उन्होंने बताया कि मौके पर मौजूद लोगों ने भी प्रभु भोई को नहर में कूदते हुए देखा था और घटना के समय उसका बेटा भी वहीं मौजूद था। गोताखोरों ने प्रशासन से मांग की है कि नहर की टूटी हुई दीवारों की जल्द मरम्मत कराई जाए और नाव उतारने के लिए एक स्थायी रास्ता बनाया जाए, ताकि भविष्य में रेस्क्यू अभियान तेजी से चलाया जा सके और समय रहते लोगों की जान बचाई जा सके।

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