फायरिंग के आरोपियों की पुलिस से मुठभेड़:रेवाड़ी में दो बदमाशों को गोलियां लगीं; सब इंस्पेक्टर की बुलेट प्रूफ जैकेट पर लगी गोली

हरियाणा के रेवाड़ी में गुरुवार-शुक्रवार देर रात पुलिस और दो बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। जड़थल गांव के पास हुई इस मुठभेड़ में बदमाशों की गोली एक सब इंस्पेक्टर की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जिससे उनकी जान बच गई। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने दोनों बदमाशों के पैर में गोली मारकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। घायल आरोपियों की पहचान रेवाड़ी के बोलनी निवासी मोहन और राजस्थान के खुशखेड़ा निवासी गोविंद के रूप में हुई है। दोनों पर हत्या, हत्या के प्रयास, फिरौती, लूट, डकैती और चोरी समेत 25 से अधिक मामले दर्ज हैं। 28 जून को आरोपियों ने बखापुर गांव में फायरिंग की थी। मुठभेड़ के बाद की तस्वीरें… अब सिलसिलेवार पढ़िए, क्या है पूरा मामला… बखापुर फायरिंग केस के आरोपियों की मिली थी सूचना DSP क्राइम सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि बखापुर गांव निवासी रतिराम ने 28 जून को कसौला थाना पुलिस में शिकायत दी थी कि पल्सर बाइक पर सवार तीन युवक गांव में आए और फायरिंग कर फरार हो गए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। गुरुवार रात को धारूहेड़ा CIA को सूचना मिली थी कि 28 जून को बखापुर गांव में हुई फायरिंग के आरोपी कच्चे रास्ते से रावता से जड़थल की ओर जा रहे हैं। रुकने का इशारा करते ही पुलिस पर की फायरिंग सूचना मिलते ही CIA प्रभारी योगेश अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और रास्ते पर नाकेबंदी कर दी। नाकेबंदी के दौरान बाइक पर सवार दो संदिग्ध युवक आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन दोनों ने भागने की कोशिश करते हुए पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। एक गोली SI फखरूद्दीन की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जिससे उनकी जान बच गई। जवाबी फायरिंग में दोनों बदमाश घायल पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इस दौरान दोनों बदमाशों के पैरों में गोली लगी और वे घायल होकर गिर पड़े। पुलिस ने मौके पर ही दोनों को गिरफ्तार कर इलाज के लिए रेवाड़ी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया। मुठभेड़ की सूचना मिलते ही DSP हेडक्वार्टर रविंद्र कुमार, DSP क्राइम सुरेंद्र श्योराण, शहर थाना प्रभारी सूबे सिंह और गोकलगेट चौकी प्रभारी नरेश पुलिस टीम के साथ ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एक और मामला दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड घायल आरोपियों की पहचान मोहन और गोविंद के रूप में हुई। मोहन पर हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, फिरौती और चोरी के 8-9 मामले दर्ज हैं। वहीं गोविंद के खिलाफ हरियाणा और राजस्थान में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती और फिरौती समेत 14-15 मामले दर्ज हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *