इंस्टाग्राम पर बाल यौन शोषण के विज्ञापन:सरकार नोटिस भेजकर Meta से पूछेगी- ऐसे विज्ञापन कैसे चले, इन्हें कैसे रोका जाएगा
इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेट को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों को लेकर सरकार पैरेंट कंपनी Meta को समन भेजेगी। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को यह निर्देश दिए। मंत्रालय Meta से पूछेगा कि इंस्टाग्राम पर ऐसे विज्ञापन कैसे प्रसारित हुए और उन्हें रोकने के लिए प्लेटफॉर्म की ओर से क्या कदम उठाए गए। साथ ही यह भी पूछा जाएगा कि बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेट को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों को रोकने के लिए कंपनी की क्या कर रही है। दरअसल, बीबीसी ने शुक्रवार को अपनी इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट में बताया था कि इंस्टाग्राम भारत में बच्चों के यौन शोषण से जुड़े विज्ञापन दिखा रहा है। इससे पहले सरकार ने 1 जुलाई को Meta को नोटिस जारी कर WhatsApp के यूजरनेम फीचर पर नोटिस भेजा था। इधर, Meta की टीम ने WhatsApp यूजरनेम फीचर को लेकर शुक्रवार को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात करके विस्तृत जवाब देने के लिए 3 दिन का समय मांगा है। BBC रिपोर्ट- Meta पर यौन शोषण से जुड़ा कंटेंट सस्ता मिल रहा भास्कर नॉलेज: भारत में बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री का बनाना, रखना अपराध सवाल: भारत में बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री पर क्या कानून है? जवाब: बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री को बनाना, रखना, देखना, शेयर करना, बेचना या प्रसारित करना अपराध है। सवाल: IT Act की धारा 67B में क्या सजा है? जवाब: पहली बार दोषी पाए जाने पर 5 साल तक की जेल और 10 लाख रुपए तक जुर्माना। दोबारा अपराध करने पर 7 साल तक की जेल और जुर्माना। सवाल: सोशल मीडिया कंपनियों की क्या जिम्मेदारी है? जवाब: भारत के आईटी, 2021 के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को अवैध कंटेंट हटाने के लिए त्वरित कार्रवाई करनी होती है। जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करना होता है। बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट की पहचान और रोकथाम के लिए उचित तकनीकी उपाय करने होते हैं। सवाल: अगर कोई ऐसा कंटेंट दिखे तो क्या करें? जवाब: उसे डाउनलोड, शेयर या फॉरवर्ड न करें। संबंधित प्लेटफॉर्म पर तुरंत रिपोर्ट करें। राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। जरूरत पड़ने पर स्थानीय पुलिस या साइबर सेल को सूचना दें। सवाल: सरकार इस मामले में क्या कर सकती है? जवाब: सोशल मीडिया कंपनी से जवाब मांग सकती है। प्लेटफॉर्म से कंटेंट हटाने का निर्देश दे सकती है। जांच एजेंसियों के जरिए आपराधिक जांच शुरू कर सकती है। नियमों के उल्लंघन पर आईटी कानूनों के तहत कार्रवाई कर सकती है। सवाल: क्या सिर्फ प्लेटफॉर्म ही जिम्मेदार होता है? जवाब: नहीं। ऐसे कंटेंट को अपलोड करने, खरीदने, बेचने, शेयर करने या जानबूझकर प्रसारित करने वाले व्यक्ति भी भारतीय कानून के तहत आपराधिक कार्रवाई के दायरे में आते हैं। ——————————— ये खबर पढ़ें… यूजरनेम फीचर पर वॉट्सएप के बाद टेलीग्राम को नोटिस, सरकार ने पूछा- इससे साइबर अपराधों का खतरा यूजरनेम फीचर को लेकर केंद्र सरकार ने वॉट्सएप के बाद गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम और सिग्नल को भी नोटिस भेजा है। सरकार ने पूछा है कि यूजरनेम फीचर के जरिए होने वाली ऑनलाइन ठगी, फर्जी पहचान और साइबर अपराध रोकने के लिए क्या कदम उठा रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

