सीकर में नर्सिंग संविदाकर्मियों ने कैंडल मार्च निकाला:3 साल सेवा देने के बाद बिना कारण हटाए, बहाल करने और बोनस अंक देने की मांग
सीकर में नर्सिंग संविदाकर्मियों ने कैंडल मार्च निकाला। SK मेडिकल कॉलेज और उससे अटैच SK हाॅस्पिटल और जनाना हॉस्पिटल में हटाए गए नर्सिंग संविदाकर्मियों ने आक्रोश जताया। राजस्थान नर्सेज संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले संविदा नर्सिंगकर्मियों ने तुरंत प्लेसमेंट बहाल करने और अगली भर्तियों में एक्सपीरियंस के बोनस देने की भी मांग की है। नर्सिंग संविदाकर्मी मंगलवार देर शाम मोमबत्ती हाथों में लेकर कल्याण सर्किल पहुंचे और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए नारे लगाए। संघर्ष समिति के रामनिवास चाहर ने बताया कि 3 साल पहले राजस्थान सरकार ने सरकारी हॉस्पिटलों में प्लेसमेंट और संविदा के आधार पर नर्सिंगकर्मियों को नियुक्ति दी थी। अब बिना कारण बताए इनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। कैंडल मार्च और विरोध प्रदर्शन कर नर्सिंग संविदाकर्मियों की सेवा बहाल करने और अगली सरकारी नर्सिंग ऑफिसर की भर्तियों में एक्सपीरियंस के आधार पर 10 या 20 बोनस अंक देने की मांग की गई है। पहले देखें प्रदर्शन की ये PHOTOS आत्महत्या करने वाले संविदाकर्मी के परिजन को मिले 1 करोड़ मुआवजा राजेश कुमार बाटड़ ने बताया- नर्सिंग संविदाकर्मियों ने जयपुर में आहत होकर आत्महत्या करने वाले जयपुर के नर्सिंग संविदाकर्मी दीपक के परिजनों को 1 करोड़ रुपए की मुआवजा राशि और उसकी पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। नर्सिंगकर्मियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि कैंडल मार्च के जरिए राज्य सरकार को जगाने की कोशिश की है। अगर समय रहते सरकार मांगों को नहीं मानती है तो संपूर्ण राजस्थान में नर्सिंग कर्मियों का चल रहा धरना प्रदर्शन उग्र आंदोलन के रूप में तेज होगा। कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में नर्सिंग संविदाकर्मी शामिल हुए।

