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'कॉकरोचों' पर लाठीचार्ज- सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार:चीफ जस्टिस बोले- वीडियो देखने का वक्त नहीं, हमारा समय बर्बाद न करें

सुप्रीम कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी समर्थकों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ दायर याचिका पर तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया है। बुधवार को एक वकील ने CJI की अगुआई वाली 3 जजों की बेंच के सामने जनहित याचिका लगाई थी। CJI सूर्यकांत ने कहा, ‘हमें वीडियो देखने में कोई रुचि नहीं है। हमारे पास उन्हें देखने का समय नहीं है।’ जब वकील ने छात्रों के साथ मारपीट के वीडियो देखने का दूसरी बार अनुरोध किया तो CJI ने कहा, ‘हमारा और अपना समय बर्बाद मत कीजिए।’ बता दें कि 15 मई को एक मामले की सुनवाई के दौरान CJI ने कहा था, ‘कुछ बेरोजगार युवा कॉकरोच जैसे होते हैं, जो बाद में मीडिया, सोशल मीडिया या RTI एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करने लगते हैं।’ इस टिप्पणी के बाद ही अभिजीत दीपके ने इंस्टाग्राम पर कॉकरोच जनता पार्टी नाम से अकाउंट बनाया था। कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जुलाई को संसद मार्च निकाला था। इस दौरान हजारों प्रदर्शनकारी संसद की तरफ बढ़े थे, इन्हें रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। इसमें 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी और छात्रों को चोटें आई थीं। कोर्ट रूम LIVE दिल्ली हाईकोर्ट का भी तत्काल सुनवाई से इनकार मंगलवार को ऐसा ही एक मामला दिल्ली हाईकोर्ट में भी पहुंचा था। तब दिल्ली हाईकोर्ट ने भी इसी तरह की याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया था। कहा था कि कोर्ट को इसमें न घसीटें। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने कहा- लाठीचार्ज की जांच हो
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने निर्दोष छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा की है। एसोसिएशन ने कहा है कि इस कार्रवाई में कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए। इस घटना की तुरंत, निष्पक्ष और समय से जांच होनी चाहिए। जिम्मेदार लोगों की पहचान और उन पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए। CJI के बयान से बनी कॉकरोच जनता पार्टी कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत मई 2026 में CJI सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद हुई थी। इसे सोशल मीडिया पर बनाया गया। देखते ही देखते लाखों फॉलोअर्स बढ़ गए। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट की एक बेंच 15 जनवरी को वकील संजय दुबे की दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता सीनियर वकील का दर्जा पाना चाहता था। जस्टिस बागची ने सवाल किया कि क्या सीनियर एडवोकेट का टैग सिर्फ एक स्टेटस सिंबल है या न्याय व्यवस्था में भागीदारी का एक जरिया। CJI सूर्यकांत ने तब कहा था, कॉकरोच की तरह बहुत से युवा ऐसे हैं, जिन्हें इस पेशे में रोजगार नहीं मिल रहा है। वे सोशल मीडिया और RTI एक्टिविज्म बन रहे हैं। हजारों लोग ऐसे हैं जो काले चोगे पहनकर घूम रहे हैं, लेकिन उनकी डिग्रियों पर गंभीर संदेह है। बेंच ने यह भी कहा था कि दुनिया में हर कोई सीनियर बनने के योग्य हो सकता है, लेकिन याचिकाकर्ता इसके हकदार नहीं हैं। अगर उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट ने सीनियर एडवोकेट बना भी दिया, तो सुप्रीम कोर्ट उनके व्यवहार को देखते हुए उस फैसले को रद्द कर देगा। CJI ने सफाई दी थी, कहा था- बयान को गलत तरीके से दिखाया गया CJI ने बाद में सफाई दी थी। कहा था कि मीडिया के एक वर्ग ने मेरी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया। CJI ने कहा, मेरी टिप्पणी खास तौर पर उन लोगों के लिए थी, जो फर्जी और नकली डिग्रियों के सहारे वकालत जैसे पेशों में आ गए हैं। मीडिया, सोशल मीडिया और दूसरे सम्मानित पेशों में भी ऐसे लोग घुस आए हैं। वे परजीवियों जैसे हैं। ———————– ये खबरें भी पढ़ें CJP का प्रदर्शन, दिल्ली के 16 मेट्रो स्टेशन बंद, कॉकरोच पार्टी बोली- सरकार बातचीत को तैयार कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच सरकार ने दूसरी बार बातचीत की पेशकश की है। सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने इसकी पुष्टि की है। रांका का कहना है कि कोर टीम से चर्चा के बाद इस पर फैसला लिया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें
कॉकरोच पार्टी समर्थकों की पिटाई पर संसद में हंगामा, अखिलेश बोले- बेटियों के कपड़े फाड़े संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को विपक्ष ने कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर हंगामा किया। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने लोकसभा में पूछा कि पुलिस को बेटियों के कपड़े फाड़ने का अधिकार किसने दिया। पूरी खबर पढ़ें

चांदी ₹3034 महंगी होकर ₹2.26 लाख पर पहुंची:3 दिन में कीमत ₹10764 बढ़ी, सोना आज ₹2,303 बढ़कर ₹1.43 लाख पर पहुंचा

सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 21 जुलाई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 3,034 रुपए बढ़कर 2.26 लाख रुपए पर पहुंच गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2,303 रुपए चढ़कर 1.43 लाख रुपए पर पहुंच गया है। 3 दिन में सोना 4,281 रुपए और 10,764 रुपए चांदी महंगी हो चुकी है। सोना इस साल ₹12 हजार महंगा हुआ इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 12 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए के ऊपर था, जो अब 1.45 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी की कीमत में 4 हजार रुपए की गिरावट है। चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.26 लाख रुपए पर है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। सोने-चांदी के दाम और बढ़ सकते हैं कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोने-चांदी के दाम अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। ऐसे में निवेशक इसमें निवेश कर सकते हैं, हालांकि इनमें एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। अजय केडिया के अनुसार साल के आखिर तक सोना एक बार फिर 1.60 लाख और चांदी 2.80 लाख रुपए तक जा सकती है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके

आर्मी के फर्जी आई-कार्ड के साथ युवक को पकड़ा:बांदनवाड़ा टोल पर दिखाया था कार्ड; कार जब्त

आर्मी के फर्जी आईकार्ड से हाइवे पर टोल बचाने के मामले में एक युवक को पकड़ा गया है। आर्मी इंटेलिजेंस ने बांदनवाड़ा स्थित टोलकर्मियों को टोल से गुजरने के दौरान वाहन चालकों के आर्मी कार्ड सही से जांच करने की हिदायत दी गई। इसके बाद सीकर निवासी कार चालक को पकड़कर भिनाय थाना पुलिस को सौंपा गया। फर्जी आर्मी कार्ड टोल पर दिखाया आर्मी इंटेलिजेंस के सदस्यों ने बताया कि टोल चार्ज बचाने के लिए सैनिक के आई-कार्ड को स्कैन कर उसका दुरुपयोग करने की सूचना मिली थी। इसके बाद बांदनवाड़ा स्थित टोल पर इसकी जानकारी दी गई थी। बांदनवाड़ा टोल से गुजर रही एक कार के चालक ने मंगलवार को आर्मी का आई-कार्ड दिखाकर टोल में छूट देने की बात की गई। आई-कार्ड फर्जी लगने पर टोलकर्मियों ने आर्मी इंटेलिजेंस को सूचना दी। आर्मी इंटेलिजेंस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आर्मी के आई-कार्ड की जांच की। उक्त कार्ड किसी सैनिक के मूल पहचान पत्र को स्कैन कर रंगीन प्रिंट निकालकर बनाया गया था, जो कि फर्जी है। टोलकर्मियों ने कार चालक सीकर निवासी नीलेश चौधरी को भिनाय थाना पुलिस को सौंप दिया। कार चालक को पाबंद करते हुए कार को 207 एमवी एक्ट में जब्त कर लिया। (इनपुट-सुधीर मित्तल व रियाज अहमद)

CJP आंदोलन में पहुंचे निहंग, युवती बोली- जान आ गई:ब्लू फोर्स पहुंची जंतर-मंतर; गुरुद्वारे में आए आंदोलनकारी तो पुलिस बाहर रुकी

नई दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन में निहंग भी शामिल होंगे। ब्लू फोर्स निहंगों की टीम मंगलवार देर शाम 7 बजे जंतर-मंतर पहुंची। उन्हें देखकर प्रदर्शनकारियों में बड़ा उत्साह दिखा। इस दौरान प्रदर्शन में शामिल एक छात्रा ने निहंग को देखकर कहा, “हमारे अंदर जो जान आ गई है ना, उसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।” वहीं एक निहंग ने कहा कि आपको जब भी हमारी जरूरत पड़ेगी हम आपके साथ हैं। बहुत बढ़िया है कि आप डटे हुए हो। इसी दौरान जंतर-मंतर पर पुलिस लाठीचार्ज के दौरान कई प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के बंगला साहिब गुरुद्वारे में शरण ली थी। पुलिस जब उन्हें पीटने के लिए पहुंची तो आंदोलनकारियों ने गुरुद्वारे के अंदर आकर गेट बंद कर दिया। जिस वजह से पुलिस उन्हें नहीं खदेड़ सकी और बाहर ही रुकना पड़ा। अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल व सांसद हरसिमरत कौर बादल ने इसका वीडियो पोस्ट किया है। जानिए, आंदोलन को लेकर निहंग संगठन ने क्या कहा
ब्लू फोर्स निहंग संगठन के मुखी निहंग वरिंदर सिंह ने बताया कि बुधवार को हमारी टीम के करीब 30 से 40 सदस्य जंतर-मंतर पहुंचे थे। पंजाब से भी कई निहंग वहां पहुंच चुके हैं और अन्य सदस्य लगातार पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज टीम की ओर से प्रदर्शन में शामिल छात्रों के लिए पंखे और अन्य जरूरी सामान पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। बता दें कि ये निहंग संगठन गोल्डन टेंपल के पवित्र सरोवर में कुल्ला करने वाले मुस्लिम युवक सुब्हान रंगरीज से माफी मंगवाने के बाद सुर्खियों में आया था। इसी संगठन ने उसके घर जाकर उसे पकड़ा था और फिर माफी मंगवाने के बाद गाजियाबाद पुलिस के हवाले किया था। अब जानिए, कैसे बंगला साहिब गुरुद्वारे में जमा हुए प्रदर्शनकारी
सांसद हरसिमरत बादल ने एक वीडियो ट्वीट किया। जिसमें उन्होंने लिखा कि मैं हर उस सेवादार और सिख पंथ के हर सदस्य के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करती हूं जो विनम्रता और करुणा के साथ सेवा कर रहे हैं। सेवा की यही भावना हमारी सबसे बड़ी ताकत और हमारी सबसे गौरवशाली विरासत है। वहीं अकाली दल प्रधान सुखबीर बादल ने लिखा- सेवा सिखों का कोई कर्तव्य नहीं है, बल्कि यह हमारी पहचान है। जरूरतमंदों को गुरु के दरबार में हमेशा शरण मिलेगी। आज जब विद्यार्थी सुरक्षा और सम्मान की तलाश में हैं, तब हमारे गुरुद्वारे एक बार फिर आश्रय, भोजन, देखभाल और सबसे महत्वपूर्ण, आशा का स्रोत बन गए हैं। सिख पंथ पर गर्व है कि वह हमारे युवाओं के साथ खड़ा है और भारत को एक बार फिर याद दिला रहा है कि सेवा ही साहस का सर्वोच्च रूप है। इस वीडियो में दिख रहा है कि प्रदर्शनकारी गुरुद्वारे के अंदर हैं और पुलिस बाहर खड़ी है। यह वीडियो 20 जुलाई का माना जा रहा है जब कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलनकारियों ने संसद कूच की कोशिश की और पुलिस ने उन पर लाठियां भांजीं। बंगला साहिब गुरुद्वारे में आंदोलनकारियों के PHOTOS.. *******************
ये खबर भी पढ़ें… कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन, पंजाबी एक्टर-सिंगर बंटे:बब्बू मान बोले- हर बार हम ही क्यों लाठी खाएं; सोनम बाजवा ने टूटे दिल की इमोजी लगाई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन पर पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री बंट गई है। एक तरफ दिलजीत दोसांझ और सोनू सूद ने लाठीचार्ज पर सवाल उठाए। उन्होंने छात्रों के अधिकारों और उनकी मांगों को जायज ठहराया है। वहीं बब्बू मान ने आंदोलन के समर्थन से इनकार कर दिया। बब्बू मान ने तो सीधे सवाल उठाया कि जब 2020 में दिल्ली में किसान आंदोलन हुआ तो CJP बनाने वाले अभिजीत दीपके वहां आए थे क्या?। पंजाबी हर बार लाठियां खाने के लिए आगे नहीं आ सकते। वहीं जसबीर जस्सी ने सभी पार्टियों को अपील की कि इस मामले को संवेदनशीलता से देखा जाए। इसका राजनीतिकरण न किया जाए। एक्ट्रेस सोनम बाजवा ने इंस्टाग्राम पर टूटे हुए दिल की इमोजी लगाई (पढ़ें पूरी खबर)

विवाद के बाद युवक की हत्या, तलाई में मिला शव:गले पर चोट के निशान मिले; एफआईआर दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस

दौसा के सदर थाना क्षेत्र में भांडारेज मोड़ के पास मिले युवक के शव की पहचान मान क्लब के पास टैगोर कॉलोनी निवासी सौरभ वर्मा (28) के रूप में हुई है। जिसके बाद जिला अस्पताल में शव के पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई की जा रही है। वहीं मृतक के पिता जयनारायण ने सदर थाने में हत्या की रिपोर्ट दी है। थाना इंचार्ज युधिष्ठिर ने बताया- मृतक सौरभ सवारी बसों में सामान बेचकर अपना जीवनयापन करता था। वह शराब आदि का नशा भी करता था। संभावना है कि किसी से विवाद के बाद उसकी हत्या की गई हो। मृतक के गले पर चोट के निशान मिलने के बाद हत्या की आशंका को ध्यान में रखते हुए जांच कर रहे हैं। सदर थाना इंचार्ज ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। घटनास्थल से एफएसएल टीम ने भी महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। अब पुलिस जांच और एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि सौरभ की हत्या किसने और किन कारणों से की। मामले को लेकर पुलिस टीम जांच में जुटी हुई है। तलाई में मिला था शव बता दें कि भांडारेज मोड़ के पास मंगलवार शाम को सुनसान इलाके में तलाई में युवक का शव मिला था। सूचना पर एएसपी शंकर लाल मीणा, डिप्टी एसपी धर्मेंद्र शर्मा भी मौके पर पहुंचे थे। पहचान के लिए शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया था। एएसपी शंकर लाल मीणा ने बताया- मृतक युवक के गले पर चोट के निशान मिले हैं। मर्डर एंगल से मामले की जांच की जा रही है।

भारत के स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर वर्ल्ड मीडिया:NYT ने लिखा- प्रदर्शनकारियों का खून बहा, लेकिन झुके नहीं; गार्डियन बोला- छात्र पीछे हटने को तैयार नहीं

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में हुए छात्र आंदोलन की गूंज विदेशी मीडिया तक पहुंची है। न्यूयॉर्क टाइम्स, द गार्डियन, बीबीसी समेत कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने इसे प्रमुखता से कवर किया है। सोमवार को CJP ने जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और पथराव भी हुआ। दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए। पढ़िए, किस विदेशी मीडिया ने अपनी रिपोर्ट में क्या लिखा… न्यूयॉर्क टाइम्स: प्रदर्शनकारियों का खून बहा, लेकिन वे डटे रहे अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा कि खून बहा, लाठियां चलीं, आंसू गैस के गोले दागे गए, लेकिन प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे। संसद मार्च के अगले ही दिन हजारों छात्र फिर जंतर-मंतर पहुंच गए और सरकार से जवाब मांगने लगे। अखबार के मुताबिक, छात्र शिक्षा व्यवस्था और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार अब भी उनकी मांगों पर चुप है। रिपोर्ट में आंदोलनकारी संगठनों के हवाले से 150 प्रदर्शनकारियों के घायल होने का दावा किया गया है। वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि 118 पुलिसकर्मी घायल हुए और करीब 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। द गार्डियन: प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं ब्रिटेन के अखबार गार्डियन ने लिखा कि पुलिस की कार्रवाई भी छात्र आंदोलन को रोक नहीं सकी। सोमवार की झड़प के अगले दिन हजारों प्रदर्शनकारी फिर जंतर-मंतर पहुंच गए और साफ कर दिया कि वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। अखबार ने लिखा कि आंदोलन अब सिर्फ शिक्षा सुधार की मांग तक सीमित नहीं रहा। बड़ी संख्या में युवा सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए भी सड़कों पर उतर रहे हैं। वहीं, पुलिस का कहना है कि उसने हालात को काबू में रखने के लिए कार्रवाई की। फाइनेंशियल टाइम्स: मोदी के विरोध में उतरे राहुल-प्रियंका हिरासत में ब्रिटेन के अखबार फाइनेंशियल टाइम्स ने अपनी लीड रिपोर्ट में लिखा कि छात्र आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास तक मार्च कर रहे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। दोनों को बाद में रिहा कर दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस नेताओं ने सोमवार को छात्र आंदोलन पर हुई लाठीचार्ज और आंसू गैस की कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन किया। राहुल गांधी ने X पर लिखा, “मोदी जी, जितना दबाव बनाना है बना लीजिए, लेकिन छात्रों के न्याय की लड़ाई अब रुकने वाली नहीं है।” फाइनेंशियल टाइम्स ने लिखा कि सरकार की ओर से बातचीत के लिए पहुंचे एक मंत्री ने प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग खारिज कर दी। उनका कहना था कि राहुल गांधी का यह रुख लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। अल जजीरा: आंदोलन पर मोदी की चुप्पी, राहुल का समर्थन कतर के न्यूज चैनल अल जजीरा ने लिखा कि छात्र आंदोलन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। वहीं, विपक्ष के नेता राहुल गांधी खुलकर प्रदर्शनकारियों के समर्थन में उतर आए। अल जजीरा ने एक्सपर्ट्स के हवाले से लिखा कि यह आंदोलन अब सिर्फ शिक्षा सुधार का मुद्दा नहीं रह गया है। इसने सरकार की जवाबदेही और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका पर नई बहस छेड़ दी है। BBC: ‘पुलिस ने महिलाओं को भी नहीं बख्शा’ ब्रिटेन के टीवी BBC ने लिखा कि पुलिस कार्रवाई में महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया। कई प्रदर्शनकारियों ने BBC को बताया कि लाठीचार्ज के दौरान महिलाओं के साथ भी सख्ती की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस कार्रवाई के अगले दिन भी हजारों प्रदर्शनकारी फिर जंतर-मंतर पहुंचे और आंदोलन जारी रखा। पुलिस ने प्रदर्शन स्थल पर बना मंच और अस्थायी टेंट भी हटा दिए। BBC ने राहुल गांधी के बयान का भी जिक्र किया। रिपोर्ट में कहा गया कि उन्होंने छात्रों की मांगों का समर्थन किया, सरकार से जवाब मांगा और कांग्रेस सांसदों के साथ प्रधानमंत्री आवास तक मार्च निकाला। डॉन: छात्र आंदोलन से विपक्ष को मोदी सरकार को घेरने का मौका मिला पाकिस्तान के अखबार डॉन ने लिखा कि छात्र आंदोलन ने विपक्ष को मोदी सरकार पर हमला बोलने का नया मौका दे दिया है। पुलिस कार्रवाई के बाद लगभग सभी प्रमुख विपक्षी दल प्रदर्शनकारियों के समर्थन में उतर आए। रिपोर्ट में कहा गया कि बड़ी संख्या में युवाओं के सड़कों पर उतरने और पुलिस कार्रवाई की तस्वीरें सामने आने के बाद आंदोलन को राजनीतिक समर्थन मिलने लगा। विश्लेषकों के हवाले से अखबार ने लिखा कि इससे विपक्ष को युवा वोटरों तक पहुंच बनाने का मौका मिल सकता है। हालांकि, इससे छात्रों के मूल मुद्दे राजनीतिक बहस में पीछे छूटने का खतरा भी है। डॉन ने राहुल गांधी के बयान का भी जिक्र किया। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।

श्रीगंगानगर में कांग्रेस विधायक और पुलिस के बीच धक्कामुक्की:रूपिंदर कुन्नर बोले- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक प्रदर्शन जारी रहेगा, कई कांग्रेसी जमीन पर गिरे

दिल्ली के जंतर मंतर पर नीट परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेने के विरोध में श्रीगंगानगर जिला कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्कामुक्की हो गई। कांग्रेस जिला अध्यक्ष रुपिंदर सिंह कुन्नर बीबी नहर पर पुलिस द्वारा की गई नाकाबंदी को तोड़कडर मांझूवास-नरसिंहपुरा बारानी अपने समर्थकों के साथ जा रहे थे। कुन्नर अपने समर्थकों के साथ बेरिकेडिंग तोड़ते हुए आगे बढ़े। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्कामुक्की हो गई, जिसमें कई कांग्रेस कार्यकर्ता जमीन पर गिर गए। प्रदर्शनकारियों ने सुबह 10 बजे ही पदमपुर-श्रीगंगानगर स्टेट हाईवे जाम कर दिया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष व श्रीकरणपुर विधायक रूपिंदर सिंह कुन्नर के नेतृत्व में सैंकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता किसान चौक सीसी हेड पर धरने पर बैठ गए। श्रीगंगानगर-पदमपुर स्टेट हाईवे को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूरी तरह से जाम कर दिया। हाईवे पर बैठकर कांग्रेस कार्यकर्ता नारेबाजी करने लगे। हाईवे पर जाम की स्थिति बन गई, जिसके कारण 6 सीसी से श्रीगंगानगर रूट डायवर्ट किया गया है। जिलाध्यक्ष रुपिंदर सिंह कुन्नर ने कहा- केंद्र सरकार छात्रों का भविष्य बर्बाद करने वाले घोटालों को दबाने के लिए दमनकारी नीति अपना रही है। जंतर मंतर पर लाठीचार्ज और बड़े नेताओं की गिरफ्तारी लोकतंत्र की हत्या है। परेशान छात्रों ने सुसाइड किया है। इसके वाबजूद सरकार छात्रों को पीट रही है। हम धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखेंगे। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और मांग की कि पेपर लीक की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। चक्का जाम के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इनपुट सहयोग- अरुण चावला, श्रीगंगानगर

जंगल में युवक का शव मिला, हत्या की आशंका:शरीर पर चोट के कई निशान; FSL टीम ने जुटाए सबूत

जयपुर के हरमाड़ा में आज सुबह एक युवक का शव मिला है। युवक के शरीर पर चोट के निशान है, इससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस और एफएसएल टीम ने मौके पर पहुंचकर सबूत जुटाए। घटना स्थल के आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे है। युवक की पहचान नहीं हुई है। जानकारी अनुसार- युवक का शव चेतन पर्वत के पास जंगल में मिला। घटना की जानकारी मिलते ही डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण और हरमाड़ा थाना प्रभारी नरेंद्र भडाणा मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। प्रारंभिक जांच में युवक के शरीर पर धारधार हथियार से चोट के कई निशान मिले हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मृतक की अब तक पहचान नहीं हो सकी है। आस-पास के क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज, घटना स्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि जंगल में शव मिलने की सूचना मिली थी। मौके पर पुलिस टीम ने पहुंचकर एफएसएल टीम को बुलवाकर साक्ष्य जुटाए है। युवक के शरीर पर चोट के निशान मिले है, मामले में जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। यहां देखें फोटोज

उदयपुर के महाराज की खेड़ी में शनि-महाराज का मेला आज:शाम 7 बजे होगी महाआरती, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पांडाल बनाए

उदयपुर जिले के डबोक स्थित महाराज की खेड़ी में बुधवार को भडिया नम के उपलक्ष्य शनि महाराज मेला आज भरेगा। भंवर रावल मठाधीश गुरु मोहन रावल के सानिध्य में होने वाले मेले में बड़ी संख्या में आसपास गांवों से श्रद्धालु पहुंचेंगे। दोपहर 12 बजे बालभोग समर्पण होगा और इसके बाद प्रसाद वितरण का कार्यक्रम होगा। शाम 7 बजे होगी महाआरती शाम को होने वाली महाआरती में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यहां पंडाल में बैठने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा पानी, प्राथमिक चिकित्सा, सुरक्षा व्यवस्था और वाहनों के लिए अलग से पार्किंग व्यवस्था की गई है। आयोजकों ने उदयपुर सहित आसपास गांव के सभी श्रद्धालुओं से परिवार सहित मेले में शरीक होने की अपील की है।

कॉमनवेल्थ गेम्स- भारतीय बॉक्सिंग टीम का सामान आयरलैंड में छूटा:बेलफास्ट से ग्लासगो जाते वक्त एयरपोर्ट पर रह गया; ओपनिंग सेरेमनी की ड्रेस-किट भी नहीं पहुंची

कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए मंगलवार को बेलफास्ट से ग्लासगो पहुंची टीम को परेशानी का सामना करना पड़ा। टीम का आधा सामान बेलफास्ट में ही छूट गया, जहां खिलाड़ी ट्रेनिंग कर रहे थे। इनमें बॉक्सिंग गियर, किट और ओपनिंग सेरेमनी की ड्रेस शामिल हैं। समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, टीम के सदस्यों ने बताया कि आयरलैंड की राजधानी बेलफास्ट से ग्लासगो जाने वाला विमान काफी छोटा था। इस वजह से काफी सामान वहीं छोड़ना पड़ा। कॉमनवेल्थ गेम्स 23 जुलाई से शुरू हो रहे हैं। पहले दिन ओपनिंग सेरेमनी होगी। बॉक्सिंग के मुकाबले 24 जुलाई से शुरू होने हैं। भाारत ने गेम्स में 22 बॉक्स उतारे हैं। ये सभी खिलाड़ी 12 जुलाई से बेलफास्ट में स्पेशल ट्रेनिंग कर रहे थे। 3 फोटो देखिए… वर्ल्ड चैंपियन जैस्मीन और हेड कोच का सामान गायब वर्ल्ड चैंपियन जैस्मीन लंबोरिया (57 किग्रा), साक्षी चौधरी (51 किग्रा), परवीन हुड्डा (65 किग्रा), जादुमनी सिंह (55 किग्रा) और कपिल पोखारिया (90 किग्रा) का सामान मिसिंग है। प्लेयर्स के अलावा, मेंस टीम के हेड कोच सी. कुटप्पा का बैग भी ग्लासगो नहीं पहुंचा है। इसी महीने जब टीम दोहा से बेलफास्ट जा रही थी, तब भी लगेज को लेकर ऐसी ही समस्या आई थी। महिला कोच को अलग होटल में ठहराया, तैयारियों पर असर सामान छूटने के साथ-साथ टीम को रुकने की व्यवस्था में भी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। महिला मुक्केबाजों की कोच को उस होटल में कमरा नहीं मिला है, जहां खिलाड़ी ठहरी हुई हैं। कोच को खिलाड़ियों से दूर दूसरे होटल में रखा गया है, जिससे टूर्नामेंट की तैयारियों और टीम के तालमेल में परेशानी आ रही है। ————————————– कॉमनवेल्थ गेम्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… चानू और लवलीना होंगी भारत की ध्वजवाहक, IOA ने घोषणा की ओलंपिक मेडलिस्ट मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के उद्घाटन समारोह में भारत की ध्वजवाहक होंगी। भारतीय ओलंपिक संघ ने शनिवार को इसकी घोषणा की। इस मल्टी-स्पोर्ट इवेंट का उद्घाटन समारोह 23 जुलाई को आयोजित किया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर