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प्रतापगढ़ में सोनम वांगचुक के समर्थन में पैदल मार्च:बीपीवीएम ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

प्रतापगढ़ में लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में मंगलवार को भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा (बीपीवीएम) के कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर पैदल मार्च निकाला। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने हाथों में तिरंगा लेकर मार्च निकाला और लोकतांत्रिक मूल्यों तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा की मांग उठाई। जंतर-मंतर की कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग ज्ञापन में कहा गया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक और अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ हुई कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े करती है। संगठन का कहना है कि संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने का अधिकार देता है। बीपीवीएम ने राष्ट्रपति से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और घटना से जुड़े तथ्यों को सामने लाने की मांग की। भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने की अपील संगठन ने मांग की कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं और लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान तथा नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। ज्ञापन में संगठन ने विश्वास जताया कि संविधान की भावना के अनुरूप मामले में न्यायसंगत निर्णय लिया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यह ज्ञापन भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा (बीपीवीएम) की ओर से राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासन को सौंपा गया।

घर में घुसे युवक से मारपीट, मूंछ-बाल और भौहें काटी:आधी रात परिजनों को बुलाकर सौंपा; पुलिस बोली- रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई करेंगे

बाड़मेर में युवक के सिर के बाल, मूंछ काटने और मारपीट की घटना सामने आई है। आरोप है कि एक युवक को बदमाशों ने पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट की। हालांकि पुलिस के पास अभी तक कोई रिपोर्ट नहीं आई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार- एक युवक बाइक लेकर सोमवार की रात जिले के एक गांव में किसी के घर में घुसा था। इस दौरान परिजनों और वहां के करीब 15 से ज्यादा लोगों ने उसे पकड़ लिया और उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। कैंची से युवक के सिर के बाल काट दिए। मूंछें और भौंहें भी काट दीं। इसके बाद पीड़ित युवक के परिजनों को फोन कर मौके पर बुलाया, जो युवक को छुड़वाकर घर लेकर गए। मामले में संबंधित थानाधिकारी का कहना है कि रात को हमें सूचना मिली थी, लेकिन जब हम वहां गए तो हमें कुछ नहीं मिला। पूरे मामले की जांच की जा रही है। हालांकि, अभी तक कोई रिपोर्ट हमारे पास नहीं आई है। रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी। घटना के चार वीडियो भी सामने आए हैं, जिसमें कुछ लोग युवक के बाल और भौहें कैंची से काटते हुए दिखाई दे रहे हैं।

एग्जाम में लेक्चरर ने कराई नकल, VIDEO:स्टूडेंट्स को बोल-बोलकर आंसर लिखवाए; 93 कॉपियां सील

जैसलमेर के एक निजी कॉलेज में बीए सेकेंड ईयर के हिंदी साहित्य के पेपर में नकल करवाने का मामला सामने आया है। एग्जाम रूम में लेक्चरर (वीक्षक) ही स्टूडेंट्स को सवालों के आंसर लिखवा रहे थे। जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटी की फ्लाइंग स्क्वॉड टीम ने मौके पर पहुंचकर 93 कॉपियों को सील किया और सामूहिक नकल का मामला दर्ज करवाया। जैसलमेर के श्री करणी कॉलेज कजोई में शनिवार सुबह 7 से 10 बजे की पारी में एग्जाम चल रहा था। यूनिवर्सिटी की फ्लाइंग टीम में शामिल प्रोफेसर अमन सिंह, डॉ. सुरेश चौधरी, डॉ. ललित झाला और डॉ. गौरव जैन सुबह 9 बजे कॉलेज में निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान एग्जाम रूम में लेक्चरर (वीक्षक) जय करण और ओम प्रकाश स्टूडेंट्स को सामूहिक रूप से सवालों के जवाब लिखवाते मिले। कॉपियों की जांच में सभी के उत्तर लगभग समान पाए गए। सीसीटीवी फुटेज की जांच में भी लेक्चरर की ओर से परीक्षार्थियों को उत्तर डिक्टेट कर (बोल- बोलकर) नकल करवाने की पुष्टि हुई। इसके बाद टीम ने सभी 93 कॉपी सील कर दी।
सरकारी और निजी कॉलेजों में पहुंची फ्लाइंग टीम फ्लाइंग टीम ने जैसलमेर शहर के साथ ही अनडू, फतेहगढ़, रामगढ़ और बाड़मेर जिले के शिव क्षेत्र में स्थित कॉलेजों के परीक्षा केंद्रों पर जांच की। इसके अलावा बाड़मेर के शिव केंद्र पर भी नकल का एक मामला दर्ज किया गया। कुछ निजी कॉलेजों में परीक्षा के दौरान गड़बड़ी पाई गई। इन केंद्रों की भी जांच की जा रही है। परीक्षा की पारदर्शिता के साथ समझौता नहीं कुलगुरु प्रो. पवन कुमार शर्मा ने कहा कि परीक्षा की पारदर्शिता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। विश्वविद्यालय जीरो टॉलरेंस नीति के तहत काम कर रहा है और नकल करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कुलगुरु ने कई परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।

राजस्थान दिनभर, 10 बड़ी खबरें:4 दिन बक्से में रखा पत्नी का शव; झालावाड़ में मंदिर-पुल डूबा; टीचर को महिलाओं ने चप्पल से पीटा

नमस्कार, आज की सबसे बड़ी खबर मौसम की है। झालावाड़ में नदी के उफान में पुल और मंदिर डूब गया है। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, राजस्थान दिनभर में क्या कुछ खास रहा… पहले टॉप 5 खबरें 1. झालावाड़ में नदी के उफान में पुल डूबा, रास्ता बंद
राजस्थान में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। 8 जिलों में बारिश हुई। झालावाड़ जिले में तेज बारिश के कारण परवन नदी उफान पर है। यहां एक छोटा पुल और मंदिर डूब गया। बारां में मूसलाधार बारिश के कारण दुकानों में पानी घुस गया। पूरी खबर पढ़ें 2.अब हर प्रेग्नेंट महिला की डिलीवरी की होगी लिस्टिंग
प्रदेश में प्रसूताओं की मौत को रोकने के लिए सरकार ने एक्शन प्लान तैयार किया है। अब हर महीने होने वाली डिलीवरी की हर जिले में लिस्टिंग होगी। उनका हेल्थ कार्ड बनेगा। जिसमें यह होगा कि उनका इलाज कहां, कौनसे अस्पताल में होगा। पूरी खबर पढ़ें 3. पति ने पत्नी को पीट-पीटकर मार डाला
झुंझुनूं में पति ने पत्नी की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। इतनी बुरी तरह से पीटा कि उसकी हड्डियां तक टूट गईं। इसके बाद महिला के दोनों हाथ बांधे और शव को लोहे के संदूक(बक्सा) में बंद कर ताला लगा दिया। पूरी खबर पढ़ें 4. रिटायर्ड-ASI ने परिवार के साथ मिलकर युवक की हत्या की
भरतपुर में रिटायर्ड ASI ने परिवार के साथ मिलकर युवक की लाठी-डंडों और सरिए से पीट-पीटकर हत्या कर दी। आरोप है कि ASI का परिवार युवक की करोड़ों रुपए की जमीन अपने नाम करवाना चाहता था। पूरी खबर पढ़ें 5. जयपुर में RTO दस्ते ने ट्रक मालिक का सिर फोड़ा
जयपुर में RTO दस्ते ने ट्रक मालिक का सिर फोड़ दिया। ट्रक ओवर लोड बताकर 50 हजार रुपए का चालान भरने लगे। वीडियो बनाने पर गुस्साएं आरटीओ कर्मियों ने डंडा निकालकर मारपीट की। पीड़ित के बेटे ने कानोता थाने में मामला दर्ज करवाया है। पूरी खबर पढ़ें अब 3 अहम खबरें 6. श्रीसांवलियाजी मंदिर के भंडार से निकले 38.23 करोड़ रुपए
चित्तौड़गढ़ के श्रीसांवलियाजी मंदिर में कृष्ण पक्ष चतुर्दशी पर खोले गए भंडार की गिनती मंगलवार को पूरी हो गई। नकद राशि, ऑनलाइन दान और मनीऑर्डर से मिले दान को मिलाकर कुल 38 करोड़ 23 लाख 13 हजार 862 रुपए मिले हैं। 7. ग्रामीण सेवा शिविर में युवक ने खुद पर डाला पेट्रोल
दौसा जिले के खुरी कलां गांव में ग्रामीण सेवा शिविर में युवक ने खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद लोगों ने युवक को पकड़ लिया। रास्ते के विवाद का समाधान नहीं होने से युवक परेशान है। पूरी खबर पढ़ें 8. सरकारी स्कूल के टीचर को महिलाओं ने चप्पल से पीटा
उदयपुर जिले के एक सरकारी स्कूल के टीचर को महिलाओं ने चप्पल से पीटा। आरोप है कि बच्ची टीचर के पास कॉपी चेक कराने गई थी। इस दौरान टीचर ने बच्ची से छेड़छाड़ की। पूरी खबर पढ़ें खबर जो हटकर है 9. 7 महीने के बेटे की मां बनीं मिसेज इंडिया
अजमेर की आकांक्षा चौधरी ने 18 जुलाई को मिसेज इंडिया 2026 का खिताब जीता। वह सात महीने के बेटे अर्शिव की मां हैं। आकांक्षा ने कहा- यह ताज सिर्फ उनकी जीत नहीं, बल्कि उन सभी महिलाओं की जीत है जो शादी और मां बनने के बाद अपने सपनों को अधूरा मान लेती हैं। पूरी खबर पढ़ें कल क्या है खास 10. जवाहर कला केंद्र में सॉल्ट पेपर सीजर नाटक का मंचन
जयपुर के जवाहर कला केंद्र में कल सॉल्ट पेपर सीजर नाटक का मंचन किया जाएगा। इसमें कच्ची बस्तियों से आने वाले बच्चे परफॉर्म करेंगे।

जापान में राजा अब दूर के रिश्तेदारों को गोद लेंगे:सिर्फ 3 उत्तराधिकारी बचे तो नियम बदला, महिला को सम्राट बनने का अधिकार नहीं मिला

जापान की संसद ने 17 जुलाई को शाही परिवार के उत्तराधिकार से जुड़े कानून में बड़ा बदलाव किया। नए कानून के तहत अब शाही परिवार 15 साल या उससे अधिक उम्र के दूर के पुरुष रिश्तेदारों को गोद लेकर दोबारा शाही परिवार में शामिल कर सकेगा। इसके अलावा, अब शाही परिवार की महिलाएं किसी आम नागरिक से शादी करने के बाद भी अपना शाही दर्जा और आधिकारिक जिम्मेदारियां नहीं खोएंगी। हालांकि, सबसे अहम नियम नहीं बदला गया। जापान में अब भी सिर्फ पुरुष ही सम्राट बन सकते हैं। यानी सम्राट नारुहितो की इकलौती बेटी राजकुमारी आइको भविष्य में भी सिंहासन की उत्तराधिकारी नहीं बन सकेंगी। शाही परिवार में नियम बदलने की जरूरत क्यों पड़ी जापान का शाही परिवार दुनिया का सबसे पुराना लगातार चला आ रहा राजवंश माना जाता है, लेकिन आज वह उत्तराधिकार के गंभीर संकट से जूझ रहा है। मौजूदा सम्राट की सिर्फ एक बेटी है। वह उत्तराधिकारी नहीं बन सकती, क्योंकि कानून सिर्फ पुरुषों को ही सिंहासन का अधिकार देता है।

शाही परिवार में सिंहासन के सिर्फ 3 उत्तराधिकारी हैं। उत्तराधिकार की कतार में पहले नंबर पर सम्राट के छोटे भाई प्रिंस फुमिहितो, दूसरे नंबर पर उनके 19 वर्षीय बेटे प्रिंस हिसाहितो और तीसरे नंबर पर 90 वर्षीय प्रिंस हिताची हैं। अगर भविष्य में पुरुष उत्तराधिकारी नहीं बढ़े, तो शाही परिवार के सामने उत्तराधिकार का संकट और गहरा सकता है। सरकार के सामने दो ही रास्ते थे- सरकार ने दूसरा रास्ता क्यों चुना जापान में महिला को सम्राट बनाने का मुद्दा कई वर्षों से चर्चा में है। जनमत सर्वेक्षणों में अधिकांश जापानी नागरिक महिला सम्राट के पक्ष में रहे हैं। 2024 में क्योडो न्यूज के सर्वे में 90% जापानी नागरिकों ने महिला सम्राट का समर्थन किया था। लेकिन सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) के परंपरावादी नेता इसका विरोध करते रहे हैं। इन नेताओं का तर्क है कि जापान का शाही परिवार करीब 2,000 वर्षों से पुरुष वंश के आधार पर चला आ रहा है। उनके अनुसार, अगर किसी महिला को सम्राट बनाया गया और उसके बच्चे भविष्य में सिंहासन पर बैठे, तो शाही परिवार की पितृवंश परंपरा टूट जाएगी। उनका मानना है कि यही परंपरा जापान की राजशाही की पहचान है और इसे नहीं बदला जाना चाहिए। इसी वजह से सरकार ने महिला सम्राट या महिलाओं की संतान को उत्तराधिकारी बनाने का कानून बदलने के बजाय दूसरा रास्ता चुना।

11 पूर्व शाही शाखाएं क्या हैं, जिनके बच्चे गोद लिए जाएंगे

सम्राट को उत्तराधिकारी चुनने के लिए गोद लेने का अधिकार मिला है। लेकिन वे किसी भी बच्चे को गोद नहीं ले सकते। वे केवल 11 पूर्व शाही शाखाओं के वंशज के पुरुषों को ही गोद ले सकेंगे। दरअसल, दूसरे विश्व युद्ध से पहले जापान के शाही परिवार में सिर्फ मुख्य राजपरिवार ही नहीं था, बल्कि उससे जुड़ी 11 अलग-अलग शाही शाखाएं भी थीं। इन शाखाओं के सदस्य भी सम्राट के पुरुष वंशज थे और जरूरत पड़ने पर सिंहासन के उत्तराधिकारी बन सकते थे। साल 1947 में, दूसरे विश्व युद्ध के बाद अमेरिकी कब्जे वाली प्रशासनिक व्यवस्था और जापानी सरकार ने शाही परिवार का आकार छोटा करने का फैसला किया। इसके तहत इन 11 शाखाओं के 51 सदस्यों से शाही दर्जा वापस ले लिया गया। वे आम नागरिक बन गए और उनके परिवारों का शाही परिवार से कानूनी रिश्ता खत्म हो गया। नियम बदलने के बाद शाही परिवार में पुरुष सदस्यों की संख्या लगातार घटती गई। दूसरी ओर, शाही परिवार की महिलाएं जब आम नागरिकों से शादी करती थीं, तो कानून के मुताबिक उन्हें भी शाही परिवार छोड़ना पड़ता था। इससे शाही परिवार छोटा होता चला गया और उत्तराधिकार का संकट गहराने लगा। इसी वजह से जापानी सरकार ने करीब 79 साल बाद नियमों में बदलाव किया है। अब इन 11 पूर्व शाही शाखाओं के 15 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पुरुष वंशजों को कानूनी प्रक्रिया के जरिए गोद लेकर फिर से शाही परिवार में शामिल किया जा सकेगा। महिलाओं का आम नागरिक से शादी करने पर शाही दर्जा नहीं छिनेगा नए कानून के तहत अब शाही परिवार की महिला सदस्य अगर किसी आम नागरिक से शादी करती हैं, तब भी वे अपना शाही दर्जा और आधिकारिक जिम्मेदारियां नहीं खोएंगी। यह पहले के नियम से बिल्कुल अलग है। पुराने कानून के तहत आम नागरिक से शादी करने वाली महिला को शाही परिवार छोड़ना पड़ता था। नए कानून के पीछे सबसे बड़ा कारण राजकुमारी माको का मामला माना जा रहा है। सम्राट नारुहितो की भतीजी माको ने 2021 में अपने कॉलेज के साथी केई कोमुरो से शादी की थी। दोनों की मुलाकात 2013 में टोक्यो की इंटरनेशनल क्रिश्चियन यूनिवर्सिटी में हुई थी। दोनों ने गुपचुप सगाई कर ली थी, जिसके बाद पूरे जापान में इस रिश्ते को लेकर काफी विवाद हुआ। अक्टूबर 2021 में दोनों की शादी बेहद सादगी से हुई। परंपरा के मुताबिक होने वाला जुलूस और भव्य समारोह भी नहीं हुआ। शादी के बाद कानून के तहत माको को अपना शाही दर्जा छोड़ना पड़ा और वे अपने पति के साथ न्यूयॉर्क चली गईं, जहां उनके पति वकील हैं। माको ने शाही परिवार छोड़ने पर मिलने वाली करीब 10 लाख पाउंड (करीब 11 करोड़ रुपए) की सरकारी राशि भी लेने से इनकार कर दिया था। दूसरे विश्व युद्ध के बाद ऐसा करने वाली वे शाही परिवार की पहली सदस्य थीं। जापान की सम्राट बन चुकी हैं 8 महिलाएं जापान के इतिहास में अब तक 8 महिलाएं सम्राट (महारानी) बन चुकी हैं। हालांकि, इनमें से कोई भी अपने बच्चों को उत्तराधिकारी नहीं बना सकी। वे केवल तब सिंहासन पर बैठीं, जब कोई उपयुक्त पुरुष उत्तराधिकारी उपलब्ध नहीं था या वह बहुत छोटा था। इसलिए उन्हें अक्सर अस्थायी शासक माना गया और बाद में सत्ता फिर किसी पुरुष उत्तराधिकारी को सौंप दी गई। जापान की आखिरी महिला शासक महारानी गोसाकुरामाची थीं। उन्होंने 1762 से 1770 तक शासन किया। उनके बाद से पिछले 250 से अधिक साल में जापान में कोई महिला सम्राट नहीं बनी। फिर महिलाओं के लिए रास्ता क्यों बंद हो गया? पहले जापान में कानून में यह साफ नहीं लिखा था कि केवल पुरुष ही सम्राट बन सकते हैं। 19वीं सदी के आखिर में जापान ने खुद को एक आधुनिक राष्ट्र बनाने की शुरुआत की। जापान पश्चिमी देशों की तरह आधुनिक सेना, प्रशासन और कानूनी व्यवस्था विकसित करना चाहता था। इसी प्रक्रिया में 1889 में मेइजी संविधान लागू किया गया, जिसने जापान में संवैधानिक राजतंत्र की नींव रखी और सम्राट की शक्तियों तथा शाही परिवार से जुड़े नियम तय किए। इसमें यह व्यवस्था की गई कि सिंहासन पर केवल पुरुष वंशज ही बैठेंगे। दूसरे विश्व युद्ध के बाद 1947 में नया शाही परिवार कानून बनाया गया। इसमें भी पुरुष उत्तराधिकार की व्यवस्था को बरकरार रखा गया। यही कानून आज भी लागू है। इसलिए आज भी जापान में महिला सम्राट बनने या महिला की संतान के उत्तराधिकारी बनने की अनुमति नहीं है। ——————————
यह खबर भी पढ़ें… चीन में डिलीवरी बॉय को सबसे बड़ा साहित्यिक सम्मान मिला:ग्राहक की फटकार के बाद लेखक बने, खाना पहुंचाते हुए कई कविताएं लिखीं चीन में फूड डिलीवरी का काम करने वाले 56 वर्षीय वांग जिबिंग को देश के सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक सम्मानों में से एक लू शुन साहित्य पुरस्कार मिला है। वे खाना पहुंचाने के बीच मिले खाली समय में कागज के छोटे-छोटे टुकड़ों पर कविताएं लिखते थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…

इलाहाबाद हाईकोर्ट बोला-राममंदिर चढ़ावा चोरी नैतिक पतन की पराकाष्ठा:सरकार कानून में बदलाव करे ताकि आरोपियों को मौत की सजा मिले

राममंदिर चढ़ावा चोरी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज ने कहा कि यह घटना भारतीय समाज के नैतिक पतन की पराकाष्ठा है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को कानून में बदलाव करना चाहिए ताकि करप्शन के आरोपियों को मौत की सजा दी जा सके। हाईकोर्ट जस्टिस अतुल श्रीधरन ने यह टिप्पणी तब की जब वे एक केस में बुलडोजर एक्शन पर सुनवाई कर रहे थे। उनके साथ बेंच में जस्टिस जस्टिस सिद्धार्थ नंदन भी मौजूद थे। जस्टिस अतुल श्रीधरन ने कहा- राममंदिर चढ़ावा चोरी से भी अगर किसी को फर्क नहीं पड़ता तो उसे किसी भी बात से शर्म नहीं आ सकती है। यह घटना हमारे समाज के नैतिक पतन की पराकाष्ठा को दिखाती है। जस्टिस श्रीधरन ने कहा, “आम भारतीय ने करप्शन को सामान्य मान लिया है। वजह तब तक इसे गलत नहीं मानता, जब तक कोई पकड़ा न जाए। ट्रांसपेरेसी की लिस्ट में भारत दुनिया के 182 देशेों में 91वें नंबर पर है, इससे भी हमें शर्म नहीं आती।” बुलडोजर एक्शन पर सुनवाई कर रहे थे जज हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की पीठ एक मामले में बुलडोजर एक्शन पर सुनवाई कर रही थी। यह याचिका हमीरपुर के रहने वाले फैमुद्दीन एवं अन्य की ओर से दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि उनके रिश्तेदार आफान खान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और यूपी अवैध धर्म परिवर्तन अधिनियम समेत कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद से पुलिस और स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत से उनकी संपत्तियों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कोर्ट से अपनी संपत्ति की सुरक्षा देने की मांग की थी। उनका तर्क था कि केवल एफआईआर के आधार पर किसी की संपत्ति के खिलाफ कार्रवाई गलत है। हालांकि, इस मामले में जज अतुल श्रीधरन की बातों से न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन का मत अलग था। इसके चलते केस को तीसरे जज से सुनवाई कराने के लिए रेफर कर दिया गया। राममंदिर केस में सुप्रीम कोर्ट का आदेश- नई SIT बने चढ़ावा चोरी के 8 आरोपी जेल में ————————– यह खबर भी पढ़ें… मां-पिता ने डांटा तो 2 बेटों ने पीट-पीटकर मार डाला, गाजियाबाद में पिता को गिराकर पीटा, बचाने आई मां पर लात घूसे बरसाए गाजियाबाद में 2 बेटों ने मां और पिता की पीट-पीटकर हत्या कर दी। सोमवार रात 11 बजे दोनों बेटे झगड़ा कर रहे थे। माता-पिता ने उन्हें डांट लगाई तो भड़क गए। गुस्से में माता-पिता को लात-घूसों से पीटा, फिर डंडे से ताबड़तोड़ वार करके अधमरा कर दिया। चीख-पुकार सुनकर किराएदार ने पुलिस बुला ली। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों बेटों को हिरासत में ले लिया। माता-पिता को अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…

इंडिगो ने जून में रिकॉर्ड 66.3% मार्केट शेयर हासिल किया:एअर इंडिया ने क्षमता घटाई, इंडिगो ने 1000 से ज्यादा एयरक्राफ्ट इंजन के ऑर्डर दिए

देश के एविएशन सेक्टर में इंडिगो की हिस्सेदारी और मजबूत हो गई है। जून महीने में इंडिगो ने 66.3% का अब तक का अपना सबसे बड़ा मार्केट शेयर हासिल किया है। DGCA के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, यह तेजी ऐसे समय आई है जब प्रतिस्पर्धी एयरलाइन एअर इंडिया ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों रूटों पर अपनी क्षमता में कटौती की है। मार्केट में अपनी बढ़त को बनाए रखने के लिए इंडिगो ने एयरबस फ्लीट के लिए 1,000 से ज्यादा सीएफएम लीप इंजनों की खरीद के लिए एक ऐतिहासिक समझौता (MoU) भी किया है। जून में 89.2 लाख यात्रियों ने इंडिगो से यात्रा की जून के आंकड़ों के अनुसार, इंडिगो ने 89.2 लाख यात्रियों को उनके डेस्टिनेशन तक पहुंचाया। इससे पहले मई में इंडिगो से 99 लाख और अप्रैल में 89.7 लाख यात्रियों ने सफर किया था। इंडिगो अपनी मजबूत फ्लीट और नेटवर्क के दम पर लगातार नंबर वन पर बनी हुई है। एअर इंडिया 32 लाख यात्रियों के साथ इस साल के सबसे निचले स्तर पर टाटा ग्रुप द्वारा संचालित एअर इंडिया का प्रदर्शन जून में कमजोर रहा। एअर इंडिया ने जून में 32 लाख पैसेंजर्स को सर्विसेज दीं, जो इस साल का इसका सबसे कम आंकड़ा है। इससे पहले जनवरी में एअर इंडिया ने इस साल का अपना उच्चतम स्तर 40 लाख पैसेंजर्स का छुआ था। एअर इंडिया को वित्त वर्ष 2025 में ₹26,000 करोड़ से ज्यादा का घाटा अकासा एयर का भी रिकॉर्ड प्रदर्शन, मार्केट शेयर 6.4% पर पहुंचा अकासा एयर ने भी जून में अपना अब तक का सबसे बेहतरीन 6.4% मार्केट शेयर दर्ज किया है। यह एयरलाइन सबसे तेजी से आगे बढ़ रही है। पश्चिम एशिया संघर्ष से पैदा हुई चुनौतियों के बावजूद कंपनी अपने ऑपरेशन्स के लिए ₹10,000 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। अकासा एयर ने जून में देश में सबसे ज्यादा 92.2% का पैसेंजर लोड फैक्टर (सीट ऑक्यूपेंसी) दर्ज किया। मिडिल ईस्ट तनाव का एविएशन सेक्टर पर असर भू-राजनीतिक तनाव और मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण भारतीय एयरलाइंस को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मार्च और अप्रैल में मिडिल ईस्ट रूट की उड़ानों में भारी कटौती करनी पड़ी थी। भारतीय एयरलाइंस के कुल रेवेन्यू में खाड़ी देशों का बड़ा हिस्सा है। एयर इंडिया एक्सप्रेस और स्पाइसजेट की 90% से ज्यादा इंटरनेशनल कैपेसिटी गल्फ रीजन में ही तैनात रहती है। इंडिगो ने 510 एयरबस विमानों के लिए 1,000+ लीप इंजन ऑर्डर किए ग्लोबल एयरलाइन बनने की राह पर अग्रसर इंडिगो ने CFM इंटरनेशनल के साथ 510 एयरबस A320neo फैमिली एयरक्राफ्ट को पावर देने के लिए 1,000 से ज्यादा LEAP-1A इंजनों की खरीद के लिए एक MoU साइन किया है। 10 साल से मजबूत है इंडिगो और CFM की साझेदारी इंडिगो और CFM इंटरनेशनल के बीच सहयोग का इतिहास एक दशक पुराना है। दुनिया भर में अब तक 10,000 से अधिक LEAP इंजनों की डिलीवरी की जा चुकी है। भारत CFM का तीसरा सबसे बड़ा मार्केट है। यहां 5 भारतीय एयरलाइंस 400 से ज्यादा लीप-पावर्ड विमानों का संचालन कर रही हैं और लगभग 2,000 इंजनों के ऑर्डर पाइपलाइन में हैं। क्या होता है MRO फैसिलिटी और LEAP इंजन? ये खबर भी पढ़ें… अडाणी एनर्जी का मुनाफा 124% बढ़कर ₹1,149 करोड़: पहली तिमाही में रेवेन्यू 42% चढ़ा; कंपनी का शेयर 1,737 रुपए पर पहुंचा अडाणी ग्रुप की कंपनी अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दोगुना से ज्यादा यानी 124% बढ़कर 1,149 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। पूरी खबर पढ़ें…

पीएम-शिक्षा मंत्री पर पोस्ट की तो माफी मंगवाई, VIDEO:कहा- भारत छोड़ दो, हमारे जैसे कार्यकर्ता आए तो पेंट गीली हो जाएगी; 2 पर FIR

मंदसौर में आदिवासी युवक ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री पर पोस्ट की तो कुछ लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज की। जातिसूचक अपशब्द कहते हुए जान से मारने की धमकी दी। माफी मांगने पर ही उसे छोड़ा गया। मामला मंदसौर जिले में सोमवार का है। इसका वीडियो मंगलवार को सामने आया। इसमें कुछ युवक पीड़ित से हाथ जोड़कर माफी मंगवाते नजर आ रहे हैं। एक युवक कह रहा है कि जो लोग पोस्ट कर रहे हैं, यशस्वी प्रधानमंत्री के बारे में कुछ कहते हुए…अगर शर्म आ रही हो न तो आप भारत छोड़ सकते हो। कोई दिक्कत वाली बात नहीं है। यह तुम्हारी गलतफहमी है कि तुम्हारे पास कोई आएगा नहीं। हमारे जैसे कार्यकर्ता अगर पहुंच गए न तो पेंट गीली हो जाएगी। ग्रामीणों ने किया थाने का घेराव वीडियो सामने आने के बाद मंगलवार को स्थानीय ग्रामीणों ने कांग्रेस नेताओं के साथ नारायणगढ़ थाने पहुंचकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया, इसके बाद ही प्रदर्शन खत्म किया गया। 5-6 लोग घर पहुंचे, बदसलूकी की पीड़ित युवक ने पुलिस को बताया कि उसने सोशल मीडिया पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई से संबंधित पोस्ट की थी। इसमें लिखा था, “शर्म आती है मुझे ऐसे व्यक्ति को अपना प्रधानमंत्री कहते हुए, जिसको एक महान साइंटिस्ट के जीवन और करोड़ों बच्चों के भविष्य से ज्यादा अपने अनपढ़ मंत्री की कुर्सी प्यारी है।” युवक ने कहा कि इस पोस्ट से नाराज होकर कन्हैयालाल धनगर सोमवार रात करीब 11 बजे 5-6 साथियों के साथ उसके घर पहुंचा। सभी लोगों ने उसके साथ बदसलूकी की। जान से मारने की धमकी देते हुए भविष्य में ऐसी पोस्ट न करने की चेतावनी दी। पुलिस बोली- आरोपियों को जल्द पकड़ेंगे नारायणगढ़ थाना प्रभारी राजेंद्र पवार ने कहा- शिकायत मिलने पर कन्हैयालाल धनगर और गोविंद पंवार के खिलाफ FIR की है। उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार दोनों आरोपियों के बजरंग दल कार्यकर्ता होने की बात सामने आई है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। ये खबर भी पढ़ें… किन्नरों ने युवक को पीटा, नग्नकर गलियों में घुमाया, VIDEO खरगोन में किन्नर का वेश धारण कर लोगों से पैसे मांगने वाले युवक की किन्नरों के समूह ने पिटाई की। उसके कपड़े फाड़ दिए, बाल पकड़कर जमीन पर पटका, सड़क पर घसीटा और नग्नकर गलियों में घुमाया। युवक हाथ जोड़कर रहम की भीख मांगता रहा, लेकिन पिटाई नहीं रुकी। घटना का वीडियो भी सामने आया है। पढे़ं पूरी खबर…

बागियों पर ममता बोलीं- सारे चोर भाजपा में चले गए:शुभेंदु पर कहा- 10 साल में TMC में क्या-क्या किया, मुंह खोलूं तो मुखौटा उतार दूंगी

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) चीफ ममता बनर्जी मंगलवार को कोलकाता में आयोजित शहीद दिवस रैली में बागियों पर जमकर बरसीं। उन्होंने कहा- सारे चोर मुझे छोड़कर बीजेपी में चले गए। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने TMC के चुनाव चिह्न पर जीत हासिल की और फिर मेरी पीठ पर खंजर घोंप दिया। मैं इन लोगों को अपनी पार्टी में कभी वापस नहीं लूंगी। अपने संबोधन में ममता बनर्जी ने BJP नेता और राज्य के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पर राज्य की मशीनरी का इस्तेमाल कर TMC को कमजोर करने का आरोप लगाया। अपने पूर्व सहयोगी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा- अगर मैं मुंह खोलूं तो बता दूंगी कि तृणमूल में 10 साल के दौरान आपने क्या-क्या किया। मैं आपका मुखौटा उतार दूंगी और 10 साल के कार्यकाल की पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी। भाजपा का समर्थन करना चाहते हैं, तो भाजपा में जाइए ममता ने एक बार फिर से विपक्षी एकता की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के सभी दलों को आपसी मतभेद भुलाकर भाजपा का मुकाबला करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं सभी से अपील करती हूं कि भाजपा से मुकाबले के लिए एक हो जाएं। पूर्व सीएम ने कहा कि मुझे तो कोई अहंकार नहीं है। यदि किसी को है तो उसे भी त्याग देना चाहिए और भाजपा से मुकाबले के लिए एक हो जाना चाहिए। उन्होंने असंतुष्टों से भाजपा के सहयोगी के रूप में काम करना बंद करने और इसके बजाय औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल होने का आग्रह किया। उन्होंने कहा- अगर आप भाजपा का समर्थन करना चाहते हैं, तो भाजपा में जाइए। आप जितने ज्यादा लोग भाजपा छोड़ेंगे, मुझे उतनी ही खुशी होगी। मेरे छात्र और युवा कार्यकर्ता हर पद भरने के लिए मौजूद हैं। मैं गद्दारों को चुनौती देती हूं कि वे सीधे भाजपा में शामिल हों और चुनाव लड़ें। टीएमसी प्रमुख ने कहा कि बागी, भाजपा की मदद से, पार्टी के जुड़वां फूल चिन्ह को छीनने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे इसे छीन नहीं सकत, क्योंकि वह संस्थापक-अध्यक्ष हैं। बनर्जी ने यह भी घोषणा की कि वह जल्द ही पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों का दौरा शुरू करेंगी। दिल्ली में छात्रों के साथ अत्याचार, पीएम ने अपनी कार घुमाई और चले गए पूर्व मुख्यमंत्री ने इस दौरान दिल्ली में चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन पर भी बात की। उन्होंने कहा- आपने देखा कि कल दिल्ली में क्या हुआ, छात्रों के साथ क्या अत्याचार किए गए। मैंने संसद में सुना कि प्रधानमंत्री ने अपनी कार घुमाई और चले गए। अगर जरूरत हुई तो मैं खुद भी कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन में जाऊंगी। ममता ने कहा कि मेरा उनको शुरुआत से ही समर्थन था और आगे भी बना रहेगा। ———————– ममता की करीबी चंद्रिमा ने बंगाल TMC अध्यक्ष पद छोड़ा:एक महीने पहले पद संभाला था तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सीनीयर लीडर चंद्रिमा भट्टाचार्य ने नियुक्ति के महज एक महीने बाद शनिवार को पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने पार्टी के अन्य सभी पद भी छोड़ दिए हैं। उनके बागी गुट में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं। पूरी खबर पढ़ें…

हिमाचल के मंत्री बोले-टाइम लगा तो आंदोलन में दिल्ली जाऊंगा:देश तानाशाही की ओर बढ़ रहा: PM पर निशाना; ‌BJP शासन में 100 पेपर लीक

हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने नीट पेपर लीक मामले में दिल्ली में चल रहे आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें टाइम लगा तो वह भी हड़ताल में जाएंगे। मीडिया से बातचीत में राजस्व मंत्री ने केंद्र की भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा की। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में पेपर लीक होना आम बात है। हिमाचल में भी पुलिस कांस्टेबल और हमीरपुर चयन बोर्ड से कई पेपर लीक कराए गए। जगत नेगी ने कहा कि BJP के कार्यकाल में पहली बार पेपर लीक नहीं हुआ, बल्कि इनके समय में 100 से ज्यादा बार पेपर लीक हो चुका है। यह सब सुनियोजित ढंग से अपने लोगों को सरकारी नौकरी देने के लिए किया जा रहा है। इसी से तंग आकर छात्रों ने बीते सोमवार को दिल्ली में शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया। मगर सरकार ने उनकी आवाज को भी लाठियों से कुचलने का प्रयास किया, यह लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। आज लोगों से विरोध करने से रोका जा रहा है। देश संविधान की भावना के बजाय “डिक्टेटरशिप” की ओर बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री की चुप्पी पर उठाए सवाल: नेगी राजस्व मंत्री ने कहा कि NEET पेपर लीक के कारण 15 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई। मगर बात बात पर मन की बात करने वाले प्रधानमंत्री ने इस मामले में अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाने वालों को दबाया जा रहा है और देश में “डिक्टेटरशिप” जैसी स्थिति पैदा हो गई है। बिना नेम प्लेट से लाठी भांजने पर सवाल नेगी ने दिल्ली में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और पुलिसकर्मी बिना नेम प्लेट लगाए कार्रवाई करते नजर आए। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन केंद्र सरकार इसे भी दबाने का प्रयास कर रही है। युवाओं ने छोटी चिंगारी जलाई: नेगी राजस्व मंत्री ने दिल्ली में धरना दे रहे युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि लोकतंत्र बचाने की लड़ाई में एक ‘छोटी सी चिंगारी’ जलाई है। उन्होंने कहा कि देश की एकता, अखंडता और लोकतंत्र आज दांव पर हैं और युवाओं को आगे आकर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करनी चाहिए।