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पत्नी की हत्या कर शव के हाथ बांधे,पैर तोड़ डाले:बक्से में छुपाया; 4 दिन तक बेटे को गुमराह करता रहा पिता

झुंझुनूं में पैसे के विवाद में पति ने पत्नी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। मर्डर के बाद शव के हाथ बांध दिए और पैर तोड़कर बक्से में डाल दिया। चार दिन तक बेटे को गुमराह करता रहा। मामला सूरजगढ़ इलाके के अगवाना खुर्द गांव का है। थानाधिकारी रामसिंह यादव ने बताया- कृष्ण कुमार जाट (40) का पत्नी सिलोचना (34) से शनिवार को शराब के लिए रुपए मांगने को लेकर विवाद हुआ था। पत्नी ने पैसे देने से इनकार कर दिया। इसके बाद आरोपी ने पत्नी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। सबूत मिटाने के लिए महिला के शव के दोनों हाथ बांध दिए और पैर तोड़कर बक्से में डाल दिया। बेटे को तीन दिन तक बहानों से टालता रहा आरोपी घटना के समय दंपती का बेटा (16) घर पर मौजूद नहीं था। जब वह आया तो पिता ने बताया कि मां कहीं गई हुई है। इसके बाद बेटा लगातार तीन दिन तक मां के बारे में पूछता रहा, लेकिन आरोपी हर बार अलग-अलग बहाने बनाकर उसे टालता रहा। गांव के एक व्यक्ति को बात बताई तो पूरा मामला खुला वारदात के चौथे दिन मंगलवार सुबह जब बक्से से ज्यादा बदबू आने लगी, तो आरोपी ने खुद गांव के एक व्यक्ति को पूरी घटना बताई। इसी व्यक्ति ने पुलिस को घटना की जानकारी दी, जिसके तुरंत बाद थानाधिकारी रामसिंह यादव मौके पर पहुंचे और बक्से को खुलवाकर शव बरामद किया। बक्से में बंधे मिले महिला के दोनों हाथ बक्से को खोलने पर पता चला कि महिला की नृशंस तरीके से हत्या की गई थी। महिला के हाथ बंधे हुए थे और उसके पैर तोड़कर बक्से में ठूंसे गए थे। शव चार दिन पुराना होने के कारण सड़ चुका था, जिससे बदबू आ रही थी। 2009 में हुई थी दोनों की शादी सूरजगढ़ थानाधिकारी रामसिंह यादव ने बताया कि पति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया है, लेकिन हत्या किस तरीके से और किस हथियार से की गई, इसका खुलासा अभी नहीं हो सका है। पोस्टमॉर्टम और एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी। दोनों की शादी साल 2009 में हुई थी।

बागियों पर ममता बोलीं- सारे चोर भाजपा में चले गए:शुभेंदु पर कहा- 10 साल में TMC में क्या-क्या किया, मुंह खोलूं तो मुखौटा उतार दूंगी

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) चीफ ममता बनर्जी मंगलवार को कोलकाता में आयोजित शहीद दिवस रैली में बागियों पर जमकर बरसीं। उन्होंने कहा- सारे चोर मुझे छोड़कर बीजेपी में चले गए। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने TMC के चुनाव चिह्न पर जीत हासिल की और फिर मेरी पीठ पर खंजर घोंप दिया। मैं इन लोगों को अपनी पार्टी में कभी वापस नहीं लूंगी। अपने संबोधन में ममता बनर्जी ने BJP नेता और राज्य के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पर राज्य की मशीनरी का इस्तेमाल कर TMC को कमजोर करने का आरोप लगाया। अपने पूर्व सहयोगी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा- अगर मैं मुंह खोलूं तो बता दूंगी कि तृणमूल में 10 साल के दौरान आपने क्या-क्या किया। मैं आपका मुखौटा उतार दूंगी और 10 साल के कार्यकाल की पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी। भाजपा का समर्थन करना चाहते हैं, तो भाजपा में जाइए ममता ने एक बार फिर से विपक्षी एकता की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के सभी दलों को आपसी मतभेद भुलाकर भाजपा का मुकाबला करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं सभी से अपील करती हूं कि भाजपा से मुकाबले के लिए एक हो जाएं। पूर्व सीएम ने कहा कि मुझे तो कोई अहंकार नहीं है। यदि किसी को है तो उसे भी त्याग देना चाहिए और भाजपा से मुकाबले के लिए एक हो जाना चाहिए। उन्होंने असंतुष्टों से भाजपा के सहयोगी के रूप में काम करना बंद करने और इसके बजाय औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल होने का आग्रह किया। उन्होंने कहा- अगर आप भाजपा का समर्थन करना चाहते हैं, तो भाजपा में जाइए। आप जितने ज्यादा लोग भाजपा छोड़ेंगे, मुझे उतनी ही खुशी होगी। मेरे छात्र और युवा कार्यकर्ता हर पद भरने के लिए मौजूद हैं। मैं गद्दारों को चुनौती देती हूं कि वे सीधे भाजपा में शामिल हों और चुनाव लड़ें। टीएमसी प्रमुख ने कहा कि बागी, भाजपा की मदद से, पार्टी के जुड़वां फूल चिन्ह को छीनने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे इसे छीन नहीं सकत, क्योंकि वह संस्थापक-अध्यक्ष हैं। बनर्जी ने यह भी घोषणा की कि वह जल्द ही पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों का दौरा शुरू करेंगी। दिल्ली में छात्रों के साथ अत्याचार, पीएम ने अपनी कार घुमाई और चले गए पूर्व मुख्यमंत्री ने इस दौरान दिल्ली में चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन पर भी बात की। उन्होंने कहा- आपने देखा कि कल दिल्ली में क्या हुआ, छात्रों के साथ क्या अत्याचार किए गए। मैंने संसद में सुना कि प्रधानमंत्री ने अपनी कार घुमाई और चले गए। अगर जरूरत हुई तो मैं खुद भी कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन में जाऊंगी। ममता ने कहा कि मेरा उनको शुरुआत से ही समर्थन था और आगे भी बना रहेगा। ———————– ममता की करीबी चंद्रिमा ने बंगाल TMC अध्यक्ष पद छोड़ा:एक महीने पहले पद संभाला था तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सीनीयर लीडर चंद्रिमा भट्टाचार्य ने नियुक्ति के महज एक महीने बाद शनिवार को पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने पार्टी के अन्य सभी पद भी छोड़ दिए हैं। उनके बागी गुट में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं। पूरी खबर पढ़ें…

हिमाचल के मंत्री बोले-टाइम लगा तो आंदोलन में दिल्ली जाऊंगा:देश तानाशाही की ओर बढ़ रहा: PM पर निशाना; ‌BJP शासन में 100 पेपर लीक

हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने नीट पेपर लीक मामले में दिल्ली में चल रहे आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें टाइम लगा तो वह भी हड़ताल में जाएंगे। मीडिया से बातचीत में राजस्व मंत्री ने केंद्र की भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा की। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में पेपर लीक होना आम बात है। हिमाचल में भी पुलिस कांस्टेबल और हमीरपुर चयन बोर्ड से कई पेपर लीक कराए गए। जगत नेगी ने कहा कि BJP के कार्यकाल में पहली बार पेपर लीक नहीं हुआ, बल्कि इनके समय में 100 से ज्यादा बार पेपर लीक हो चुका है। यह सब सुनियोजित ढंग से अपने लोगों को सरकारी नौकरी देने के लिए किया जा रहा है। इसी से तंग आकर छात्रों ने बीते सोमवार को दिल्ली में शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया। मगर सरकार ने उनकी आवाज को भी लाठियों से कुचलने का प्रयास किया, यह लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। आज लोगों से विरोध करने से रोका जा रहा है। देश संविधान की भावना के बजाय “डिक्टेटरशिप” की ओर बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री की चुप्पी पर उठाए सवाल: नेगी राजस्व मंत्री ने कहा कि NEET पेपर लीक के कारण 15 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई। मगर बात बात पर मन की बात करने वाले प्रधानमंत्री ने इस मामले में अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाने वालों को दबाया जा रहा है और देश में “डिक्टेटरशिप” जैसी स्थिति पैदा हो गई है। बिना नेम प्लेट से लाठी भांजने पर सवाल नेगी ने दिल्ली में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और पुलिसकर्मी बिना नेम प्लेट लगाए कार्रवाई करते नजर आए। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन केंद्र सरकार इसे भी दबाने का प्रयास कर रही है। युवाओं ने छोटी चिंगारी जलाई: नेगी राजस्व मंत्री ने दिल्ली में धरना दे रहे युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि लोकतंत्र बचाने की लड़ाई में एक ‘छोटी सी चिंगारी’ जलाई है। उन्होंने कहा कि देश की एकता, अखंडता और लोकतंत्र आज दांव पर हैं और युवाओं को आगे आकर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करनी चाहिए।

प्रसूताओं की मौत रोकने के लिए सरकार का बड़ा फैसला:हर गर्भवती की डिलीवरी से पहले होगी लिस्टिंग; कार्ड में होगी मेडिकल हिस्ट्री

प्रदेश में हो रही प्रसूताओं की मौत को लेकर राज्य सरकार ने अब एक्शन प्लान तैयार किया है। अब हर जिले में गर्भवतियों की डिलीवरी से पहले लिस्टिंग होगी। उनका हेल्थ कार्ड बनेगा, जिसमें ये जानकारी होगी कि उनका इलाज कहां, कौनसे अस्पताल में होगा। कितना खून चढ़ाना होगा। बता दें कि कोटा, बीकानेर, भीलवाड़ा, बांसवाड़ा और जोधपुर में प्रसूताओं की मौत के बाद प्रशासन की ओर से बैठकें हो रही हैं। हाल ही हुई मीटिंग में सभी अस्पतालों को गर्भवती की लिस्टिंग करने के लिए कहा गया है। सभी मेडिकल कॉलेज से जुड़े हॉस्पिटल से मीटिंग कर रिव्यू किया जा रहा है। जोधपुर में डिलीवरी के 26 दिन बाद खून की कमी और किडनी डैमेज होने से प्रसूता की मौत हो गई थी। प्रसूता में हिमोग्लोबीन का स्तर सिर्फ ढाई ग्राम था। डॉक्टर के अनुसार- एनीमिया से ग्रसित कई प्रसूताओं में हिमोग्लोबीन का स्तर सिर्फ 6 से 7 ग्राम मिलता है। डिलीवरी के बाद मरने वाली 40 प्रतिशत प्रसूताओं में एनीमिया होता है। प्रसूताओं की लिस्टिंग में यह होगी जानकारियां जोधपुर के डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने बताया- नई व्यवस्था के तहत जुलाई में होने वाली डिलीवरी की लिस्टिंग की गई है। वहीं अब आगे भी यह प्रक्रिया जारी रहेगी। इसमें गर्भवती की पूरी डिटेल होगी कि उसके साथ कौन रहेगा। कौनसे हॉस्पिटल में उनकी डिलीवरी होगी। किन-किन महिलाओं को ब्लड चढ़ाना पड़ेगा। किन म​हिलाओं को आयरन चढ़ाने की जरूरत होगी। उम्मेद हॉस्पिटल में प्रसूता का ऑपरेशन हुआ, खून नहीं रुका डॉ. बीएस जोधा ने बताया- प्रसूता समू की 24 जून को तिंवरी हॉस्पिटल में नॉर्मल डिलीवरी हुई थी। डिलीवरी के बाद खून नहीं रुका तो उसे उम्मेद हॉस्पिटल रेफर किया गया था। डॉ. जोधा ने बताया- प्रसूता समू को बहुत ज्यादा खून बह रहा था। ऐसे में उसकी जान बचाने के लिए बच्चेदानी निकालनी पड़ी थी। उसका लीवर काम करना बंद कर दिया था और यूरिन भी नहीं बन रहा था। ऐसे में उसे 27 जून को महात्मा गांधी हॉस्पिटल रेफर किया गया था। वह 25 दिन तक वेंटिलेटर पर रही। लगातार डायलिसिस चल रहा था। वह ऐसी स्टेज पर थी, जहां उस पर सारी दवाइयों ने काम करना बंद कर दिया था। 14 जुलाई से दोबारा उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और 19 जुलाई को देर रात उसकी मौत हो गई थी। वहीं डिंपल की 30 जून की रात डिलीवरी हुई थी और उसने लड़के को जन्म दिया था। डिंपल के सातवें-आठवें दिन स्टिच (टांकों) में पानी आने लगा था। इसके बाद दोबारा दो स्टिच लगाए गए थे। इसके बाद उसकी हालत में सुधार था। मरीज के परिजनों ने बताया- 19 जुलाई को उसे सांस में लेने में समस्या आने लगी। जब हम एमडीएम पहुंचे तो वह मृत अवस्था में थी। उन्होंने बताया- ऐसी आशंका है मरीज के कम चलने-फिरने और पानी कम पीने की वजह से ऐसा होता है। खून का थक्का जमने की वजह से उसका असर हार्ट या ब्रेन में आ जाता है, इसलिए हमने उसका पोस्टमॉर्टम भी करवाया है। अभी दो मरीज वेंटीलेटर पर, दो उम्मेद अस्पताल में डॉ. बीएस जोधा ने बताया- अभी दो मरीज महात्मा गांधी हॉस्पिटल में एडमिट हैं। वे डायलिसिस पर हैं, जबकि दो प्रसूता उम्मेद हॉस्पिटल में वेंटिलेटर पर हैं। अभी उनकी हालत में सुधार है। उम्मेद अस्पताल में एक मरीज वेंटिलेटर पर है, उसे ​रविवार को दौरे आने पर रेफर किया गया था। इसी दौरान उसकी सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। 40 प्रतिशत महिलाओं में खून की कमी डॉ. बीएस जोधा ने बताया- प्रसूताओं में मौत के जो कारण सामने आए हैं, इनमें 40 प्रतिशत महिलाओं में खून की कमी पाई गई है। एंटीनेटल चेकअप में काफी गैप आ रहा है। एक बार डॉक्टर्स को दिखाने के बाद वे दोबारा चेकअप नहीं करवा रहे हैं। प्रसूताओं को लगता है कि उनमें आयरन-ब्लड की कमी नहीं है। वे अपना हीमोग्लोबिन-ब्लड प्रेशर चेक नहीं कराती हैं। इससे उनका खून का स्तर बहुत कम हो जाता है। ………..
ये खबर भी पढ़िए- राजस्थान- एक बीमारी के कारण हो रही प्रसूताओं की मौत:डॉक्टर बोले- अचानक हो जाती है खून की कमी; जानिए क्यों हो रही ये समस्या राजस्थान में सिजेरियन और नॉर्मल डिलीवरी के बाद कई प्रसूताओं की तबीयत खराब होने और मौत होने के मामले सामने लगातार सामने आ रहे है। वहीं कुछ महिलाओं में डिलीवरी के बाद लगातार खून में कमी हो रही है और उसका असर उनकी किडनी पर पड़ रहा है। (पूरी खबर पढ़ें) जोधपुर में 24 घंटे में दो प्रसूताओं की मौत:एक महिला की डिलीवरी के बाद खून नहीं रुका तो बच्चेदानी निकाली; दूसरी 20 दिन से थी एडमिट कोटा, बीकानेर, बांसवाड़ा के बाद अब जोधपुर में भी प्रसूताओं की मौत हुई। जोधपुर में दो प्रसूताओं की मौत हो गई थी। (पूरी खबर पढ़ें) उम्मेद हॉस्पिटल में भर्ती दो प्रसूताओं की स्थिति में सुधार:सिजेरियन डिलीवरी के बाद 5 प्रसूताओं की बिगड़ गई थी तबीयत; एक मरीज वेंटिलेटर पर जोधपुर में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 5 प्रसूताओं की ​तबीयत बिगड़ी है। इन सभी का इलाज उम्मेद हॉस्पिटल में चल रहा है। (पढ़िए पूरी खबर)

अडाणी एनर्जी का मुनाफा 124% बढ़कर ₹1,149 करोड़:पहली तिमाही में रेवेन्यू 42% चढ़ा; कंपनी का शेयर 1,737 रुपए पर पहुंचा

अडाणी ग्रुप की कंपनी अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दोगुना से ज्यादा यानी 124% बढ़कर 1,149 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। कंपनी की कुल कमाई में तेज बढ़ोतरी और रेगुलेटरी डेफरल इनकम में आए पॉजिटिव बदलाव से नतीजों को मजबूती मिली है। नतीजों की घोषणा के बाद अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का शेयर दोपहर के कारोबार में 3% चढ़कर 1,781.2 रुपए पर पहुंच गया। हालांकि, यह 1,737 रुपए पर बंद हुआ। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 42% बढ़ा कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू सालाना आधार पर 42.4% बढ़कर 9,711 करोड़ रुपए हो गया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 6,819 करोड़ रुपए था। कंपनी का ऑपरेशनल मुनाफा (EBITDA) 30% बढ़कर 3,008 करोड़ रुपए रहा। हालांकि, EBITDA मार्जिन में मामूली गिरावट देखी गई और यह पिछले साल के 33.9% से घटकर 31% पर आ गया। कंपनी को रेगुलेटरी इनकम का मिला फायदा कंपनी ने पहली तिमाही में 29 करोड़ रुपए की रेगुलेटरी डेफरल इनकम दर्ज की है। इसकी तुलना में पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को 504 करोड़ रुपए का रेगुलेटरी डेफरल खर्च उठाना पड़ा था। इस पॉजिटिव बदलाव ने कंपनी के नेट मुनाफे को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। कंपनी के बिजनेस सेगमेंट का परफॉर्मेंस कंपनी के अलग-अलग बिजनेस सेगमेंट्स में भी अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है… 30 जून को समाप्त हुई तिमाही के आंकड़ों से साफ है कि अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस पावर इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट मीटरिंग और ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार पर तेजी से ध्यान दे रही है। भारत में लगातार बढ़ती बिजली की मांग और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के चलते कंपनी के प्रदर्शन में मजबूती बनी हुई है। क्या होती है ‘रेगुलेटरी डेफरल इनकम’? पावर और यूटिलिटी सेक्टर में नियामक यानी रेगुलेटर्स बिजली की दरें तय करते हैं। कई बार जब किसी तिमाही में कंपनी की लागत बढ़ती है या सरकार से मंजूर दरों के एडजस्टमेंट में समय लगता है, तो नियामक उस अंतर की रकम को भविष्य के टैरिफ में वसूलने की मंजूरी देता है। इसे अकाउंटिंग में ‘रेगुलेटरी डेफरल आय/खर्च’ के रूप में दर्ज किया जाता है। जब यह खर्च की जगह आय बनती है, तो कंपनी के प्रॉफिट पर सीधा और पॉजिटिव असर दिखता है। ये खबर भी पढ़ें… रिजल्ट के बाद पेटीएम का शेयर 4% फिसला: बोनस शेयर का प्लान टला; पहली तिमाही में मुनाफा 79% बढ़कर ₹220 करोड़ रहा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे आने के बाद पेटीएम के शेयरों में आज मंगलवार 21 जुलाई को गिरावट रही। बाजार खुलते ही शेयर में 2.5% से ज्यादा की तेजी आई, लेकिन थोड़ी ही देर में यह गिर गया। ये 3.86% नीचे ₹1295 पर बंद हुआ। ये खबर भी पढ़ें…

मारुति की कारें अगस्त से ₹30,000 तक महंगी हो जाएंगी:2 महीने में दूसरी बार कीमतें बढ़ाईं, कंपनी बोली- इनपुट कॉस्ट बढ़ने से फैसला लिया

देश की सबसे बड़ी पैसेंजर वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने अपने सभी मॉडल्स की कीमतों में बढ़ोत्तरी का ऐलान किया है। कंपनी अपनी कारों के दाम 30,000 रुपए तक बढ़ाएगी। नई कीमतें अगस्त 2026 से लागू होंगी। कंपनी ने 21 जुलाई, मंगलवार को शेयर बाजारों को भेजी जानकारी यानी रेगुलेटरी फाइलिंग में यह जानकारी दी है। अलग-अलग मॉडल और वैरिएंट के हिसाब से अलग-अलग दाम बढ़ाए जाएंगे। कंपनी बोली- इनपुट कॉस्ट बढ़ने से लेना पड़ा फैसला कंपनी ने बताया कि लगातार बढ़ रही इनपुट कॉस्ट यानी लागत बढ़ने की वजह से यह फैसला लेना पड़ा है। पिछले कुछ महीनों में कंपनी ने अपने स्तर पर लागत घटाने की कोशिश की, ताकि ग्राहकों पर सीधा असर न पड़े। हालांकि, महंगाई दर ऊंची रहने और कारोबारी माहौल अनुकूल न होने की वजह से बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डालना मजबूरी हो गया है। 2 महीने में दूसरी बार बढ़ेंगे दाम इस साल मारुति सुजुकी की तरफ से यह पहली बढ़ोत्तरी नहीं है। इससे पहले कंपनी ने जून 2026 में भी अपने सभी मॉडल्स की कीमतों में 30,000 रुपए तक का इजाफा किया था। उस बढ़ोत्तरी का ऐलान 21 मई 2026 को किया गया था। उस समय भी कंपनी ने इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी और महंगाई के दबाव को ही मुख्य वजह बताया था। अगस्त से लागू होने वाला नया संशोधन जून में हुई बढ़ोतरी के ऊपर अतिरिक्त इजाफा होगा। ₹3.50 लाख से ₹25 लाख तक के वाहन बेचती है कंपनी मारुति सुजुकी भारतीय बाजार में एंट्री-लेवल हैचबैक से लेकर प्रीमियम सेगमेंट की गाड़ियां बेचती है। इनमें एंट्री-लेवल मॉडल S-Presso से लेकर प्रीमियम MPV इनविक्टो शामिल हैं। फिलहाल कंपनी के पोर्टफोलियो की एक्स-शोरूम कीमतें ₹3.50 लाख से शुरू होकर ₹25 लाख तक जाती हैं। अगस्त से होने वाली बढ़ोतरी के बाद एंट्री-लेवल और प्रीमियम दोनों सेगमेंट की कारें महंगी हो जाएंगी। रेगुलेटरी फाइलिंग और इनपुट कॉस्ट क्या होती है? रेगुलेटरी फाइलिंग: शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों के लिए यह अनिवार्य होता है कि वे अपने किसी भी बड़े बिजनेस फैसले, मुनाफे, नुकसान या कीमतों में बदलाव की जानकारी ‘सेबी’ या स्टॉक एक्सचेंज को दें। इसी आधिकारिक दस्तावेज को रेगुलेटरी फाइलिंग कहते हैं। इनपुट कॉस्ट: किसी भी कार को बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल (जैसे स्टील, प्लास्टिक, एल्युमिनियम, रबर और इलेक्ट्रॉनिक्स) की कुल लागत को इनपुट कॉस्ट कहा जाता है। जब अंतरराष्ट्रीय या घरेलू बाजार में ये चीजें महंगी होती हैं, तो गाड़ियों की मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट भी बढ़ जाती है।

ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का संभागीय आयुक्त ने किया निरीक्षण:निर्माण कार्य में तेजी लाने और समय पर पूरा करने के दिए निर्देश

संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल ने मंगलवार को बूंदी के शंभूपुरा में निर्माणाधीन ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के कार्यों की प्रगति का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान संभागीय आयुक्त ने कार्यस्थल का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में आ रही किसी भी बाधा को तुरंत दूर किया जाए ताकि काम की गति प्रभावित नहीं हो।
अग्रवाल ने अंतर-विभागीय समन्वय पर विशेष जोर दिया। उन्होंने केडीए, जेवीवीएनएल, आरवीपीएल और पीएचईडी विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने वन विभाग से संबंधित क्लीयरेंस प्रक्रिया में तेजी लाने और इसे समय-सीमा के भीतर प्राप्त करने के निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर केडीए आयुक्त बचनेश कुमार अग्रवाल, अतिरिक्त संभागीय आयुक्त ममता तिवारी और केडीए सचिव मुकेश चौधरी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

कोटवास में 3 घरों में चोरी, ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन:एसपी को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग

सूरौठ थाना क्षेत्र के ग्राम कोटवास में तीन घरों में हुई चोरी की वारदात के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पीड़ित परिवारों के सदस्यों ने मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने पुलिस अधीक्षक के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें घटना का शीघ्र खुलासा करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई। ज्ञापन में बताया गया कि यह घटना 15 जुलाई 2026 की रात करीब 2 बजे हुई थी। ग्राम कोटवास में राजो पत्नी राजेश, लक्ष्मी पत्नी दिनेश और सुनीता पत्नी हिम्मत सिंह के घरों को निशाना बनाया गया। चोर घरों से जेवरात, नकदी और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए थे। इस मामले में सूरौठ थाने में एफआईआर दर्ज की गई है, जिसकी जांच जगर चौकी के एएसआई हरिराम गुर्जर कर रहे हैं। पीड़ित परिवारों का कहना है कि वे मेहनत-मजदूरी कर जीवन यापन करते हैं और चोरी से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। घटना के काफी समय बीत जाने के बावजूद न तो चोरी का सामान बरामद हुआ है और न ही आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकी है। ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले का जल्द खुलासा कर चोरी गए जेवरात और नकदी की बरामदगी सुनिश्चित की जाए। साथ ही, आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। ज्ञापन के साथ एफआईआर की प्रति भी लगी हुई थी।

बारिश में भी NTA के खिलाफ स्टूडेंट्स का धरना जारी:तिरपाल का टेंट बनाया, छाते लेकर लगाए नारे; इस्तीफे की मांग दोहराई

झुंझुनूं में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और पेपर लीक के मामलों के विरोध में Gen Z के 11वीं और 12वीं के स्कूली स्टूडेंट्स का धरना मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर मूसलाधार बारिश के बावजूद स्टूडेंट्स डटे रहे। उन्होंने तिरपाल और प्लास्टिक से अस्थायी टेंट बनाया, छाते लेकर प्रदर्शन जारी रखा और NTA को निरस्त करने व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। फोटोज में देखें… ​बारिश भी नहीं रोक सकी छात्रों का प्रदर्शन मंगलवार को शहर में अचानक तेज मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। आमतौर पर ऐसी स्थिति में प्रदर्शन स्थल खाली हो जाते हैं, लेकिन यहां स्टूडेंट्स अपनी जगह से नहीं हटे। बारिश शुरू होते ही स्टूडेंट्स ने तिरपाल और प्लास्टिक की मदद से अस्थायी टेंट तैयार कर लिया। इसके बाद हाथों में छाते लेकर कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर सड़क पर ही प्रदर्शन जारी रखा। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ थीम से कर रहे प्रदर्शन इस आंदोलन की खास बात इसका अलग तरीका है। ‘चेंज मोड ऑन’ ग्रुप के नेतृत्व में चल रहा यह प्रदर्शन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ थीम पर आधारित है। स्टूडेंट्स के इस तरीके की जिलेभर में चर्चा हो रही है। बच्चों के प्रदर्शन को देखकर झुंझुनूं के कई अन्य छात्र संगठन भी धरना स्थल पर पहुंचे और अपना समर्थन दिया। स्टूडेंट्स का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। छात्रा बोली- संविधान ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार दिया है धरना स्थल पर बारिश के बीच बैठी 12वीं क्लास की छात्रा अनुप्रिया ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुई घटना पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर स्कूली और कॉलेज के स्टूडेंट्स के साथ पुलिस ने जिस तरह कार्रवाई की, वह गलत और शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन का अधिकार देता है। वहां किसी तरह की अशांति नहीं थी, फिर भी स्टूडेंट्स के साथ बर्बरता की गई। उन्होंने कहा कि वे इसके खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे। लोकतंत्र बचाने के लिए सड़क पर उतरने की बात धरने में शामिल एक अन्य छात्र ने कहा कि वे केवल अपने लिए नहीं, बल्कि लोकतंत्र को बचाने के लिए सड़क पर उतरे हैं, ताकि देश का हर नागरिक बिना किसी डर के अपना हक मांग सके। कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन के दौरान स्टूडेंट्स लगातार नारेबाजी करते रहे। धरना स्थल पर “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो”, “NTA को निरस्त करो” और “छात्र एकता जिंदाबाद” के नारे लगाए गए।

दुबई से 160 करोड़ की साइबर ठगी, मास्टरमाइंड गिरफ्तार:नेपाल-भूटान के रास्ते डूंगरपुर लौटा था, मामले में 5 आरोपी पहले ही पकड़े

डूंगरपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दुबई से संचालित होने वाले 160 करोड़ रुपए की साइबर ठगी के अंतरराष्ट्रीय गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह भोले-भाले ग्रामीणों और विद्यार्थियों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उनका इस्तेमाल साइबर अपराधों में करता था। पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने बताया कि साइबर ठगी के इस मामले में फरार चल रहे मुख्य सरगना घनश्याम कलाल, निवासी सीमलवाड़ा को उदयपुर के बलीचा क्षेत्र से पकड़ा गया। साइबर थाना डीएसपी हंसाराम चौधरी के अनुसार आरोपी दुबई से नेपाल और भूटान के रास्ते भारत लौटा था। पुलिस को इसकी सूचना मिलने के बाद तकनीकी और पारंपरिक पुलिसिंग के माध्यम से उसे दबोच लिया गया। जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति, पैन कार्ड, बैंक खाता और लोन दिलाने का लालच देकर ग्रामीणों और विद्यार्थियों के नाम पर 450 से अधिक बैंक खाते खुलवाए थे। इन खातों की पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल सिम और इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी अपने कब्जे में लेकर, गिरोह देशभर में साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के लिए इनका उपयोग करता था। पुलिस के मुताबिक इन खातों के जरिए कुल 160 करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया। दुबई के साथ ही कुवैत ओर जॉर्जिया से चलता था नेटवर्क
पुलिस के अनुसार ठगी का नेटवर्क दुबई, जॉर्जिया और कुवैत से संचालित होता था। टेलीग्राम और व्हाट्सएप के जरिए गिरोह के सदस्य आपस में संपर्क में रहते थे। ठगी की रकम बैंक खातों में आने के बाद उसे एटीएम और चेक के माध्यम से निकालकर कमीशन के आधार पर आपस में बांट लिया जाता था।

गिरोह के 5 आरोपी पहले गिरफ्तार
इस मामले में इससे पहले गिरोह के पांच अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क, अन्य सहयोगियों और विदेश में बैठे संचालकों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या बैंकिंग जानकारी किसी भी तरह से न दे।