ब्रेकिंग न्यूज़
शेयर बाजार के निवेशकों को LTCG टैक्स पर राहत नहीं:सरकार बोली- इसे हटाने का प्रस्ताव नहीं, जानें ये टैक्स क्या है और कब लगता है

केंद्र सरकार ने आज यानी 20 जुलाई को साफ कर दिया है कि घरेलू और रिटेल निवेशकों के लिए इक्विटी ट्रांजैक्शन पर लगने वाले लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स को खत्म करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। इस स्पष्टीकरण के साथ ही पिछले कुछ महीनों से बाजार के जानकारों और निवेशकों के बीच चल रही उस अटकलबाज़ी पर विराम लग गया है, जिसमें टैक्स हटाने की मांग की जा रही थी। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोक सभा में एक सवाल के लिखित उत्तर में यह स्पष्टीकरण दिया। लोक सभा में वित्त राज्य मंत्री ने लिखित जवाब में दी जानकारी सदन में उनसे पूछा गया था कि सरकार रिटेल और डोमेस्टिक निवेशकों के लिए LTCG टैक्स को कब तक खत्म करेगी, ताकि मार्केट सेंटीमेंट को सुधारा जा सके, घरेलू निवेशकों के हितों की रक्षा हो सके और विदेशी व भारतीय निवेशकों के बीच एक समान अवसर सुनिश्चित किया जा सके। इस पर वित्त राज्य मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि फिलहाल ऐसा कोई भी प्रस्ताव नहीं है। बजट प्रक्रिया के दौरान समय-समय पर होती है टैक्स नीतियों की समीक्षा वित्त राज्य मंत्री ने अपने जवाब में यह भी बताया कि कैपिटल गेन्स टैक्स रेट सहित सभी टैक्स नीतियों की बजट प्रक्रिया के दौरान समय-समय पर समीक्षा की जाती है। सरकार अर्थव्यवस्था की पूरी स्थिति को देखकर ही टैक्स दरों में बदलाव का फैसला करती है। 1 साल में 79% बढ़ा सरकार का LTCG टैक्स कलेक्शन इक्विटी ट्रांजैक्शन पर LTCG टैक्स से सरकार की कमाई में बढ़ोतरी हुई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, टैक्स कलेक्शन सालाना आधार पर करीब 79% बढ़ा है। वित्त वर्ष 2023-24 में जहां यह कलेक्शन ₹72,249 करोड़ था, वहीं असेसमेंट ईयर वित्त वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर ₹1,29,158 करोड़ पर पहुंच गया। इन दो सालों में सरकार ने शेयर बाजार के लॉन्ग-टर्म मुनाफे से कुल ₹2.01 लाख करोड़ का टैक्स वसूला है। क्या होता है LTCG टैक्स और यह कब लगता है? लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स उस मुनाफे पर लगाया जाता है जो किसी कैपिटल एसेट जैसे प्रॉपर्टी, शेयर या म्यूचुअल फंड को बेचने से होता है।

कमीशन के लिए निवेश प्रोडक्ट प्रमोट करते हैं इन्फ्लुएंसर्स:आपकी कमाई बढ़े या न बढ़े; ये 5 आदतें बचत जरूर बढ़ा सकती हैं

पैसा बचाने और खर्च करने को लेकर सही आदतें आखिर कैसी होनी चाहिए? यूके यानी ब्रिटेन के सबसे बड़े बैंक लॉयड्स बैंकिंग ग्रुप के सीईओ चार्ली नन पांच सीधे-सरल टिप्स से सुलझा रहे हैं पैसों को लेकर आपकी उलझन… यूके के हर चार में से एक करंट अकाउंट लॉयड्स बैंकिंग ग्रुप में है। इसकी वजह से नन के पास ग्राहकों के खर्च, बचत और कर्ज लेने की आदतों की गहरी समझ है। नन ने बचत को ऑटोमैटिक बनाने, रिश्तों में पैसों पर खुलकर बातें करने, बच्चों को पॉकेट मनी देने, खरीदारी से पहले ठहरकर सोचने और सोशल मीडिया पर निवेश की सलाह देने वाले इन्फ्लुएंसर से सावधान रहने की सलाह दी है। ये पांचों टिप्स आम आदमी की रोजमर्रा की पैसों से जुड़ी उलझनें हल करने में मदद कर सकते हैं। ये जरूर करें – सैलरी अकाउंट से एक तय रकम अलग खाते में ऐसी जगह रखें जहां तक आसानी से आपके हाथ न पहुंचे, यह तरीका साल-दर-साल आपकी बचत बढ़ाता जाएगा 1. पति/पत्नी, बच्चों से पैसों की बात करें मैं और मेरी पत्नी एक साझा खाता चलाते हैं। पैसों के मामले में एक-दूसरे से पूरी पारदर्शिता रखते हैं। मेरा मानना है कि किसी रिश्ते में सबसे बड़ा खतरे का संकेत सामने वाले का पैसों को लेकर लापरवाह होना है। मैं हमेशा से पैसों को लेकर सतर्क रहा हूं। यह सोच बचपन से है। माता-पिता के तलाक के बाद मां ने अकेले चार बच्चों को पाला। इस वजह से घर में खर्च को लेकर सोच-समझकर फैसले लिए जाते थे, चाहे वो राशन के इंतजाम को लेकर हो या छुट्टियों की योजना बनाने के बारे में। 2. बच्चों को पॉकेट मनी देते रहिए हमारे बच्चे ‘पिता होने की वजह से’ मेरी सलाह ज्यादा नहीं सुनते। फिर भी मैंने बच्चों को पैसों की अहमियत समझाने की कोशिश की है। पॉकेट मनी देने से बच्चे बजट बनाना और अपनी सीमा में रहना सीखते हैं। मैं यह नहीं मानता कि युवा पीढ़ी पैसों को लेकर गैरजिम्मेदार है। असल में आजकल की पीढ़ी को ऑनलाइन दुनिया में सही, गलत जानकारियों और दबाव की भरमार का सामना करना पड़ता है। इससे बचने का तरीका यह है कि किसी भी लेन-देन को लेकर शक हो तो सवाल जरूर करें। 3. सेविंग को ऑटोमैटिक बनाएं, ताकि टाल न सकें बचत का सरल तरीका है इसे ऑटोमैटिक बना देना, ताकि हर महीने बचत एक फैसला या टालने वाला काम न बने। सैलरी से एक तय रकम अलग खाते में ऐसी जगह रखें जहां, तक आसानी से हाथ न पहुंचे। यही बचत की आदत डालने का सबसे आसान रास्ता है। 4. हर खरीदारी से पहले थोड़ा ठहरकर सोचें मेरी सबसे बड़ी चिंता धोखाधड़ी है। बहुत से लोग सोशल मीडिया और ऑनलाइन मार्केटप्लेस के जरिए निशाना बन रहे हैं। टेक्नोलॉजी में माहिर होने के बावजूद युवा स्कैम के प्रति बुजुर्गों के मुकाबले कहीं ज्यादा संवेदनशील हैं। हर खरीदारी से पहले थोड़ा ठहरकर सोचें। कहीं भी पैसे भेजने से पहले खुद से पूछें कि क्या सामने वाले पर भरोसा किया जा सकता है। जरा भी शक हो, तो जानकारी लेने के लिए उपलब्ध टूल्स इस्तेमाल करें या सीधे बैंक को कॉल करके पुष्टि करें। 5. फिनफ्लुएंसर्स से हमेशा सावधान रहें सोशल मीडिया पैसों की समझ बढ़ाने में मददगार हो सकता है, लेकिन फिनफ्लुएंसर्स को लेकर मुझे गहरी चिंता है, जो जोखिम भरे प्रोडक्ट्स को बढ़ावा देते हैं। इन्फ्लुएंसर्स को किसी खास क्रिप्टो कॉइन, मीम कॉइन या निवेश प्रोडक्ट को प्रमोट करने के पैसे मिलते हैं, न कि लोगों को सही निवेश विकल्प चुनने में मदद करने के लिए। जिनके पास ज्यादा पैसा नहीं है, उन्हें ऐसा जोखिम नहीं लेना चाहिए, जिसमें पैसा डूब सकता है। उन्हें सरल विकल्प अपनाने चाहिए। ये तरीके आजमा सकते हैं – स्टैंडिंग ऑर्डर (बैंक द्वारा तय तारीख पर अपने-आप पैसे ट्रांसफर करने की सुविधा) सेट कर सकते हैं। – पैसों को अलग-अलग लिफाफों में बांटा जा सकता है, या राउंड-अप टूल्स (खर्च के बाद बचे हुए छुट्टे पैसे अपने-आप बचत खाते में भेजने वाला टूल) इस्तेमाल किए जा सकते हैं। – थोड़ा बचाएं, जल्द बचाएं, नियमित बचाएं। मैं खुद बजट बनाना पसंद नहीं करता; वेतन आते ही अकाउंट देखकर तय कर लेता हूं कि कितनी रकम बचत में डालना है, और यह काम जल्द से जल्द निपटाता हूं। – इमरजेंसी फंड बनाएं- अचानक आने वाले खर्चों, मसलन गाड़ी या घर की मरम्मत के लिए हो सके तो एक से तीन महीने की सैलरी के बराबर एक फंड हमेशा अलग रखें। (साभार – बीबीसी वर्ल्ड)

कमीशन के लिए निवेश प्रोडक्ट प्रमोट करते हैं इन्फ्लुएंसर्स:आपकी कमाई बढ़े या न बढ़े; ये 5 आदतें बचत जरूर बढ़ा सकती हैं

पैसा बचाने और खर्च करने को लेकर सही आदतें आखिर कैसी होनी चाहिए? यूके यानी ब्रिटेन के सबसे बड़े बैंक लॉयड्स बैंकिंग ग्रुप के सीईओ चार्ली नन पांच सीधे-सरल टिप्स से सुलझा रहे हैं पैसों को लेकर आपकी उलझन… यूके के हर चार में से एक करंट अकाउंट लॉयड्स बैंकिंग ग्रुप में है। इसकी वजह से नन के पास ग्राहकों के खर्च, बचत और कर्ज लेने की आदतों की गहरी समझ है। नन ने बचत को ऑटोमैटिक बनाने, रिश्तों में पैसों पर खुलकर बातें करने, बच्चों को पॉकेट मनी देने, खरीदारी से पहले ठहरकर सोचने और सोशल मीडिया पर निवेश की सलाह देने वाले इन्फ्लुएंसर से सावधान रहने की सलाह दी है। ये पांचों टिप्स आम आदमी की रोजमर्रा की पैसों से जुड़ी उलझनें हल करने में मदद कर सकते हैं। ये जरूर करें – सैलरी अकाउंट से एक तय रकम अलग खाते में ऐसी जगह रखें जहां तक आसानी से आपके हाथ न पहुंचे, यह तरीका साल-दर-साल आपकी बचत बढ़ाता जाएगा 1. पति/पत्नी, बच्चों से पैसों की बात करें मैं और मेरी पत्नी एक साझा खाता चलाते हैं। पैसों के मामले में एक-दूसरे से पूरी पारदर्शिता रखते हैं। मेरा मानना है कि किसी रिश्ते में सबसे बड़ा खतरे का संकेत सामने वाले का पैसों को लेकर लापरवाह होना है। मैं हमेशा से पैसों को लेकर सतर्क रहा हूं। यह सोच बचपन से है। माता-पिता के तलाक के बाद मां ने अकेले चार बच्चों को पाला। इस वजह से घर में खर्च को लेकर सोच-समझकर फैसले लिए जाते थे, चाहे वो राशन के इंतजाम को लेकर हो या छुट्टियों की योजना बनाने के बारे में। 2. बच्चों को पॉकेट मनी देते रहिए हमारे बच्चे ‘पिता होने की वजह से’ मेरी सलाह ज्यादा नहीं सुनते। फिर भी मैंने बच्चों को पैसों की अहमियत समझाने की कोशिश की है। पॉकेट मनी देने से बच्चे बजट बनाना और अपनी सीमा में रहना सीखते हैं। मैं यह नहीं मानता कि युवा पीढ़ी पैसों को लेकर गैरजिम्मेदार है। असल में आजकल की पीढ़ी को ऑनलाइन दुनिया में सही, गलत जानकारियों और दबाव की भरमार का सामना करना पड़ता है। इससे बचने का तरीका यह है कि किसी भी लेन-देन को लेकर शक हो तो सवाल जरूर करें। 3. सेविंग को ऑटोमैटिक बनाएं, ताकि टाल न सकें बचत का सरल तरीका है इसे ऑटोमैटिक बना देना, ताकि हर महीने बचत एक फैसला या टालने वाला काम न बने। सैलरी से एक तय रकम अलग खाते में ऐसी जगह रखें जहां, तक आसानी से हाथ न पहुंचे। यही बचत की आदत डालने का सबसे आसान रास्ता है। 4. हर खरीदारी से पहले थोड़ा ठहरकर सोचें मेरी सबसे बड़ी चिंता धोखाधड़ी है। बहुत से लोग सोशल मीडिया और ऑनलाइन मार्केटप्लेस के जरिए निशाना बन रहे हैं। टेक्नोलॉजी में माहिर होने के बावजूद युवा स्कैम के प्रति बुजुर्गों के मुकाबले कहीं ज्यादा संवेदनशील हैं। हर खरीदारी से पहले थोड़ा ठहरकर सोचें। कहीं भी पैसे भेजने से पहले खुद से पूछें कि क्या सामने वाले पर भरोसा किया जा सकता है। जरा भी शक हो, तो जानकारी लेने के लिए उपलब्ध टूल्स इस्तेमाल करें या सीधे बैंक को कॉल करके पुष्टि करें। 5. फिनफ्लुएंसर्स से हमेशा सावधान रहें सोशल मीडिया पैसों की समझ बढ़ाने में मददगार हो सकता है, लेकिन फिनफ्लुएंसर्स को लेकर मुझे गहरी चिंता है, जो जोखिम भरे प्रोडक्ट्स को बढ़ावा देते हैं। इन्फ्लुएंसर्स को किसी खास क्रिप्टो कॉइन, मीम कॉइन या निवेश प्रोडक्ट को प्रमोट करने के पैसे मिलते हैं, न कि लोगों को सही निवेश विकल्प चुनने में मदद करने के लिए। जिनके पास ज्यादा पैसा नहीं है, उन्हें ऐसा जोखिम नहीं लेना चाहिए, जिसमें पैसा डूब सकता है। उन्हें सरल विकल्प अपनाने चाहिए। ये तरीके आजमा सकते हैं – स्टैंडिंग ऑर्डर (बैंक द्वारा तय तारीख पर अपने-आप पैसे ट्रांसफर करने की सुविधा) सेट कर सकते हैं। – पैसों को अलग-अलग लिफाफों में बांटा जा सकता है, या राउंड-अप टूल्स (खर्च के बाद बचे हुए छुट्टे पैसे अपने-आप बचत खाते में भेजने वाला टूल) इस्तेमाल किए जा सकते हैं। – थोड़ा बचाएं, जल्द बचाएं, नियमित बचाएं। मैं खुद बजट बनाना पसंद नहीं करता; वेतन आते ही अकाउंट देखकर तय कर लेता हूं कि कितनी रकम बचत में डालना है, और यह काम जल्द से जल्द निपटाता हूं। – इमरजेंसी फंड बनाएं- अचानक आने वाले खर्चों, मसलन गाड़ी या घर की मरम्मत के लिए हो सके तो एक से तीन महीने की सैलरी के बराबर एक फंड हमेशा अलग रखें। (साभार – बीबीसी वर्ल्ड)

युवकों ने भीड़ पर चढ़ाई कैंपर, VIDEO:वीडियो बनाने से मना करने पर भड़के, महिला और एक बच्ची घायल

नागौर में ग्रामीणों की बैठक का वीडियो बनाने से मना करने पर तीन युवकों ने भीड़ पर कैंपर वाहन चढ़ा दिया। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कैंपर की टक्कर से एक महिला घायल हो गई और एक बच्ची को भी चोट आई है। घटना घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी ग्रामीणों पर कैंपर चढ़ाते हुए दिखाई दे रहे हैं। मामला खींवसर थाना क्षेत्र के ताडावास गांव का सोमवार सुबह 11 बजे का है। ASI हरेन्द्र ने बताया- ग्रामीण नथूराम ने 3 आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करवाया है। शाम को कैम्पर ड्राइवर को डिटेन कर लिया गया।
पहले देखिए- घटना से जुड़ी 3 तस्वीरें वीडियो बनाने से रोका तो गुस्सा हुए, रौंदने का प्रयास किया ASI हरेन्द्र ने बताया कि सोमवार सुबह ताडावास गांव में विभिन्न समाजों के लोग समस्याओं को लेकर बैठक कर रहे थे। इसी दौरान धनश्याम पुत्र रामनिवास फिड़ौदा, सुरेश पुत्र पूसाराम और रामनिवास पुत्र डाबरराम फिड़ौदा कैंपर गाड़ी लेकर मौके पर पहुंचे। जान बचाने के लिए भागने लगे लोग ASI ने बताया- युवक गांव के मुख्य चौक पर हो रही बैठक का वीडियो बनाने लगे। ग्रामीणों ने वीडियो बनाने से रोका तो आरोपी गुस्सा हो गए। आरोपी युवक तेज रफ्तार में ग्रामीणों पर कैंपर दौड़ा दी। कैंपर पहले 5 से 7 बाइकों को टक्कर मारी, फिर बिजली के पोल से जा भिड़ी। पोल क्षतिग्रस्त होने के बाद मौके पर करंट फैलने की आशंका के चलते भगदड़ मच गई और लोग जान बचाने के लिए लोग इधर-उधर भागने लगे। कैंपर की टक्कर से छोटी पत्नी अमीर खां का एक हाथ टूट गया। एक बच्ची को भी चोटें आई हैं, जिसे हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि लोग समय रहते नहीं हटते तो बड़ा हादसा हो सकता था। तेज रफ्तार में गाड़ी दौड़ाते हुए भागे आरोपी
ASI हरेंद्र ने बताया-नथूराम पुत्र भागीरथ जाट निवासी ताडावास ने तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। शाम को पुलिस ने कैम्पर ड्राइवर घनश्याम पुत्र रामनिवास को डिटेन कर लिया।

भिवानी में ट्रक से टकराकर जिंदा जला डंपर ड्राइवर,VIDEO:धमाके के साथ फटे ऑयल टैंक, लगी आग; बचाओ-बचाओ चिल्लाकर बुलाई मदद, जेसीबी से बचाया ट्रक ड्राइवर

हरियाणा के भिवानी में सोमवार दोपहर ट्रक और डंपर की आमने-सामने हुई भीषण टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि टक्कर के तुरंत बाद दोनों वाहनों में आग लग गई। इसमें डंपर और ट्रक के केबिन में सवार ड्राइवर अंदर ही फंस गए। खुद को आग से घिरा देख दोनों जोर-जोर से चिल्लाने लगे। हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। मगर, आग की तेज लपटें देख वहां लोग उनके पास नहीं जा सके। इसके बाद लोगों ने जेसीबी मशीन की मदद से ट्रक के केबिन में फंसे ड्राइवर को तो बाहर निकाल लिया, लेकिन डंपर का ड्राइवर जिंदा जल गया। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड कर्मी मौके पर पहुंचे और बड़ी मुश्किल से आग पर काबू पाया। पुलिस के मुताबिक, टक्कर के बाद दोनों वाहनों के तेल टैंक फट गए थे, जिससे आग ने भीषण रूप ले लिया। ट्रक राजस्थान और डंपर हरियाणा निवासी मालिक के नाम पर है। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया हे, जिसमें केबिन में फंसा ड्राइवर आग की लपटों में घिरा हुआ है और जाने बचाने की गुहार लगा रहा है। लोग उसकी ओर पड़ी बोरियां हटाकर मदद करने की कोशिश करते दिखाई दे रहे है। ट्रक-डंपर में आग लगने की PHOTOS… यहां सिलेसिलवार ढंग से जानिए कैसे हुआ हादसा… प्रत्यक्षदर्शी बोले- टक्कर लगते ही दोनों वाहनों के तेल टैंक फट गए ईशरवाल गांव के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब ट्रक और डंपर की टक्कर हुई तो दोनों वाहनों का तेल टैंक भी फट गया। इस कारण आग और तेज भड़क गई। कुछ दूरी पर ही जेसीबी खड़ी थी, जिसकी सहायता से ट्रक चालक को तो आग की लपटों से बचाने का प्रयास हो गया था। मगर, डंपर का पूरा केबिन आग की चपेट में आ गया। सके कारण डंपर ड्राइवर अंदर ही जिंदा जल गया। ट्रक राजस्थान, डंपर हरियाणा निवासी मालिक के नाम पर तोशाम थाना प्रभारी विशेष कुमार के अनुसार ट्रक राजस्थान के मालिक का है, जबकि डंपर हरियाणा के बहादुगरगढ़ निवासी के नाम पर है। ट्रक का ड्राइवर जिंदा जल गया है, जिसकी शिनाख्त अभी नहीं हुई है। राजस्थान के ट्रक ड्राइवर को बुरी तरह से झुलसने के बाद अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां पर उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

RPSC में ओरिएन्टेशन कार्यक्रम, मेंबर्स ने समझी कार्यप्रणाली:अध्यक्ष ले.कर्नल केसरी सिंह ने कहा-हमारी निष्ठा, कार्यक्षमता ही हमारी पहचान

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) में सोमवार को सदस्यों के लिए विशेष ओरिएंटेशन और कार्यालय निरीक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयोग अध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह की पहल पर हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य आयोग की कार्यप्रणाली, तकनीकी प्रक्रियाओं और विभागीय जिम्मेदारियों की बेहतर समझ विकसित कर पारदर्शिता, जवाबदेही और समन्वय को मजबूत करना था। कार्यक्रम की शुरुआत परिचयात्मक बैठक से हुई, जिसमें संयुक्त सचिव ने आयोग के संगठनात्मक ढांचे, विभिन्न अनुभागों की भूमिका, राजपत्रित-अराजपत्रित पदों की स्थिति और कार्यप्रणाली पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। इस दौरान नवाचारों के जरिए आयोग की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम के दौरान आयोग के सभी सदस्यों के साथ-साथ आयोग सचिव, मुख्य परीक्षा नियंत्रक, संयुक्त सचिव, विधि सलाहकार और वित्तीय सलाहकार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। कार्यालय का किया निरीक्षण बैठक के बाद आयोग सदस्यों ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कार्यालय के विभिन्न महत्वपूर्ण अनुभागों का निरीक्षण किया और कार्यप्रणाली का जायजा लिया। इस दौरान अध्यक्ष केसरी सिंह ने अधिकारियों को कार्य में गति, गोपनीयता और सटीकता बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। समयबद्ध भर्ती और मजबूत फीडबैक सिस्टम पर फोकस निरीक्षण के बाद आयोजित संवाद सत्र में आगामी भर्ती परीक्षाओं और साक्षात्कारों को तय समय-सीमा में निर्बाध रूप से आयोजित करने, कार्यप्रणाली को और मजबूत बनाने तथा प्रभावी फीडबैक सिस्टम विकसित करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। हमारी निष्ठा, कार्यक्षमता ही हमारी पहचान-अध्यक्ष आयोग अध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह ने कहा कि आयोग की पहचान जाति, धर्म या वर्ग से नहीं, बल्कि राष्ट्रहित में कार्य करने वाली टीम के रूप में है। उन्होंने कहा कि शुचिता, पारदर्शिता और समयबद्धता आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं। उन्होंने कहा कि ओरिएंटेशन का उद्देश्य सभी सदस्यों और अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है, ताकि आयोग की आंतरिक प्रक्रियाओं, सुरक्षा मानकों और तकनीकी व्यवस्थाओं की बेहतर समझ विकसित हो और प्रदेश के लाखों अभ्यर्थियों का भरोसा और मजबूत हो। अध्यक्ष ने कहा कि हमारा स्पष्ट लक्ष्य है कि सभी भर्ती परीक्षाएं और साक्षात्कार तय समय-सीमा के भीतर और पूर्ण निष्पक्षता के साथ संपन्न हों, और इसके लिए तकनीक के अधिकतम उपयोग पर हमारा विशेष फोकस है। आयोग द्वारा हाल ही में 12 लाख से अधिक पंजीकृृत अभ्यर्थियों के लिए वरिष्ठ अध्यापक प्रतियोगी परीक्षा-2025 का सुरक्षित एवं सफल आयोजन 12 से 18 जुलाई तक किया गया है। ………… पढें ये खबर भी… जेएलओ-भर्ती एग्जाम के 3 दिन पहले अपलोड होंगे एडमिट कार्ड:जयपुर विकास प्राधिकरण में 12 पदों पर होगी भर्ती; दो दिन होगा पेपर राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से कनिष्ठ विधि अधिकारी (जयपुर विकास प्राधिकरण) भर्ती-2025 का एग्जाम 26 एवं 27 जुलाई को होगा। 12 पदों पर होने वाली भर्ती के लिए सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक और दोपहर 2.30 से शाम 5.30 बजे तक जयपुर जिला मुख्यालय दो पारियों में एग्जाम होगा। पूरी खबर पढें

सरकारी हॉस्पिटल में ऑपरेशन के मांगे 1800 रुपए, डॉक्टर गिरफ्तार:मरीज से एडवांस के बाद बकाया 1300 रुपए लेते जूनियर स्पेशलिस्ट को एसीबी ने पकड़ा

राजसमंद में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने आरके गर्वनमेंट जिला हॉस्पिटल के जूनियर स्पेशलिस्ट (सर्जरी) डॉ. पंकज जैन को 1300 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। एसीबी के एएसपी हिम्मत सिंह चारण ने बताया कि डॉक्टर ने परिवादी की आंख के पास हुई फुंसी का माइनर ऑपरेशन करने की एवज में 2 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी। बाद में दोनों पक्षों के बीच 1800 रुपए में सहमति बनी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने रिश्वत मांगने का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान परिवादी ने डॉक्टर को पहले 500 रुपए दिए। इसके बाद पूर्व नियोजित योजना के अनुसार शेष 1300 रुपए देते ही एसीबी की टीम ने कार्रवाई करते हुए डॉ. पंकज जैन को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। टीम ने मौके से 1300 रुपए की रिश्वत राशि के साथ सत्यापन के दौरान दिए गए 500 रुपए भी बरामद कर लिए। फिलहाल एसीबी की टीम आरोपी डॉक्टर से पूछताछ कर रही है। मामले में आगे की जांच जारी है और रिश्वतखोरी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

जंतर-मंतर प्रदर्शन के समर्थन में हनुमानगढ़ से राष्ट्रपति को ज्ञापन:शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे लोकतांत्रिक प्रदर्शन के समर्थन में सोमवार को हनुमानगढ़ में माकपा और अन्य संगठनों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन बाद राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और प्रदर्शनकारियों की मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई की मांग की गई। कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, फिर सौंपा ज्ञापन ज्ञापन सौंपने से पहले माकपा और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के प्रति समर्थन जताते हुए सरकार से प्रदर्शनकारियों की मांगों पर सकारात्मक पहल करने की अपील की। शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, समान अवसर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई। साथ ही शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग भी उठाई गई। लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा पर जोर ज्ञापन में संविधान प्रदत्त अधिकारों—अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण प्रदर्शन और संगठन बनाने के अधिकार—की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया। साथ ही लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने, जनता की आवाज का सम्मान करने और संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान करने पर बल दिया गया। ‘लोकतंत्र में असहमति का सम्मान जरूरी’ प्रतिनिधिमंडल में शामिल माकपा नेता रघुवीर वर्मा ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए नागरिकों की आवाज सुनी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि असहमति लोकतांत्रिक व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा है और शांतिपूर्ण आंदोलनों का सम्मान किया जाना चाहिए। राष्ट्रपति से शीघ्र कार्रवाई का आग्रह ज्ञापन में राष्ट्रपति से अनुरोध किया गया कि इन सभी मांगों को भारत सरकार तक शीघ्र पहुंचाकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाए। ज्ञापन सौंपने वालों ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनभावनाओं और शांतिपूर्ण आंदोलनों का सम्मान होना चाहिए तथा शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार को संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए।

12 की उम्र में कटे दोनों पैर:14 साल बाद फिर से चलने लगी; जर्मन तकनीक से बने 3D पैर लगाए गए

उदयपुर के नारायण सेवा संस्थान ने उत्तर प्रदेश के बहराइच की 26 साल की चांदनी को जापानी और जर्मन तकनीक से बने 3D प्रिंटेड कृत्रिम पैर लगाकर नई जिंदगी दी है। 12 साल की उम्र में हुए एक दर्दनाक ट्रेन हादसे में घुटनों तक दोनों पैर गंवाने के बाद चांदनी पिछले 14 साल से बिना पैरों के ही जीवन जी रही थीं। अब संस्थान में कृत्रिम पैर लगने और सही ट्रेनिंग मिलने के बाद वह एक बार फिर से अपने पैरों पर चलने लगी हैं। दरअसल, घटना तब की है जब 12 साल की चांदनी अपने चाचा के साथ नाना के घर जा रही थीं। स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ते समय अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर गईं। इससे पहले कि वह संभल पातीं, ट्रेन चल पड़ी और हादसे में घुटनों तक उनके दोनों पैर कट गए। अस्पताल में इलाज मिलने से जख्म तो भर गए, लेकिन इस हादसे ने उनकी पूरी जिंदगी बदलकर रख दी। उदयपुर का नारायण सेवा संस्थान बना सहारा हादसे के बाद चांदनी अगले 14 साल तक घर में ही कैद होकर रह गईं। बिना किसी सहारे के चलना तो दूर, वह अपने रोजमर्रा के छोटे-छोटे काम भी खुद नहीं कर पाती थीं। दूसरों पर निर्भर रहने की वजह से वह काफी परेशान रहती थीं। जब भी वह बाहर लोगों को अपने पैरों पर चलते देखती थीं तो उनके मन में भी यही इच्छा होती थी कि काश वह भी एक बार फिर से चल पाती। करीब एक महीने पहले चांदनी के परिवार को उदयपुर के नारायण सेवा संस्थान के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद परिवार बिना देर किए उन्हें लेकर उदयपुर संस्थान पहुंचा। यहां डॉक्टरों की टीम ने चांदनी के पैरों का नाप लिया और जापानी व जर्मन तकनीक का इस्तेमाल करके 3D प्रिंटेड ‘नारायण मॉड्यूलर आर्टिफिशियल लिम्ब’ तैयार किए। कृत्रिम पैर लगाने के बाद अपने पैरों पर चलने लगी चांदनी कृत्रिम पैर लगाने के बाद चांदनी को संस्थान में ही कुछ दिनों तक चलने-फिरने का अभ्यास कराया गया। लगातार ट्रेनिंग और अपनी मेहनत के दम पर अब चांदनी बिना किसी सहारे के आत्मविश्वास के साथ अपने पैरों पर चलने लगी हैं। वह अपने ज्यादातर काम खुद ही कर रही हैं। 14 साल के लंबे इंतजार के बाद अपने पैरों पर दोबारा खड़ा होना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। सही समय पर संस्थान से मिले सहयोग ने उनके चेहरे पर फिर से मुस्कान लौटा दी है।

फलोदी में सोनम वामचुंग के समर्थन में धरना:शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग, कलेक्टर को सौंपा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन

जिला कलेक्ट्रेट के पास अंडरब्रिज के नीचे सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता भैराराम मकवाना ने सोमवार को वरिष्ठ वैज्ञानिक सोनम वांगचुक के समर्थन में उपवास और धरना शुरू किया। धरने में उनके समर्थकों के साथ-साथ सोनम वांगचुक के समर्थन में आए कई लोगों ने भी भाग लिया। राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन, कई मांगें उठाईं धरने के दौरान एडवोकेट भैराराम मकवाना ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा। ज्ञापन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) को समाप्त करने और युवाओं के लिए रोजगार की गारंटी सुनिश्चित करने की मांग की गई। राजनीतिक षड्यंत्र रोकने की मांग ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के खिलाफ किसी भी प्रकार के कथित राजनीतिक षड्यंत्र को रोका जाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले लोगों की आवाज को सम्मान मिलना चाहिए और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। धरना-प्रदर्शन में सामाजिक कार्यकर्ता शीशपाल विश्नोई, विजय नोखड़ा, याकुब खान, राहुल चौधरी, प्रकाश सैन, मोहनराम, गोपाल गोगलू, नटवर लाल पंवार, शांति मेघवाल, गोपाल शेखासर और प्रेमाराम मेघवाल सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को प्रशासन के समक्ष रखा गया।