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राजस्थान दिनभर, 10 बड़ी खबरें:जंगल में मिले पति-पत्नी के शव; ASI की हार्ट अटैक से मौत; बदमाशों ने महिला का पर्स लूटकर जश्न मनाया

नमस्कार, आज की सबसे बड़ी खबर बाड़मेर से है। यहां ड्रग्स फैक्ट्री पकड़ने पहुंची पुलिस को नकली घी की फैक्ट्री मिली। मौके से 870 किलो तैयार नकली घी और 1560 किलो पाम ऑयल मिला है। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, राजस्थान दिनभर में क्या कुछ खास रहा… पहले टॉप 5 खबरें
1. महिला थाने में ASI की हार्ट अटैक से मौत
दौसा के महिला थाने में तैनात ASI की ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई। ASI को सांस लेने में तकलीफ और बेचैनी होने लगी। इसके बाद वे अचेत हो गए। साथी पुलिसकर्मी उनको जिला अस्पताल की इमरजेंसी यूनिट लेकर पहुंचे। जांच के बाद डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पूरी खबर पढ़ें 2. कोर्ट बोला- बीमार पति की देखभाल नहीं करना क्रूरता
जयपुर में फैमिली कोर्ट ने बीमार पति की देखभाल नहीं करने को क्रूरता मानते हुए तलाक मंजूर किया है। जज ने अपने आदेश में कहा कि पत्नी का व्यवहार पति के साथ अमानवीय रहा है। ऐसी परिस्थितियों में दोनों का एक छत के नीचे रहना असंभव है। पूरी खबर पढ़ें 3. ड्रग्स फैक्ट्री पकड़ने पहुंची पुलिस, नकली घी का कारखाना मिला
बाड़मेर में ड्रग्स फैक्ट्री पकड़ने पहुंची पुलिस को नकली घी की फैक्ट्री मिली। टीम ने मौके से 870 किलो तैयार मिलावटी घी, 1560 किलो पाम ऑयल और सोयाबीन तेल समेत अन्य सामान मिला। पुलिस ने फैक्ट्री संचालक समेत 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। पूरी खबर पढ़ें 4. अलवर के दंपती के शव उत्तराखंड के जंगल में मिले
अलवर के युवक और उसकी पत्नी के शव उत्तराखंड के जंगल में पेड़ से लटके मिले। 6 महीने पहले युवक की शादी उत्तर प्रदेश के बिजनौर में हुई थी। युवक 4 दिन पहले पत्नी को लेने ससुराल गया था। 16 जुलाई को दोनों मोबाइल ठीक कराने गए थे, लेकिन घर नहीं लौटे। पूरी खबर पढ़ें 5. ट्रक में घुसी तेज रफ्तार कार, पति-पत्नी की मौत
उदयपुर जिले के गोगुंदा थाना इलाके में तेज रफ्तार कार आगे चल रहे ट्रक में घुस गई। हादसे में पति-पत्नी की मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और दोनों के शव अंदर बुरी तरह फंस गए। पुलिस ने कार को काटकर शव निकाले। पूरी खबर पढ़ें अब 3 अहम खबरें
6. 250 साल पुरानी हवेली से निकली खजाने वाली तिजोरियां
जयपुर में करीब 250 साल पुरानी हवेली की दीवार से खजाने वाली 2 तिजोरियां निकलने का दावा किया गया है। परिवार का आरोप है कि इनमें से एक छोटी तिजोरी खुदाई करने वाला ठेकेदार चोरी-छुपे ले गया। इससे पहले 15 जुलाई को भी एक हवेली में खजाना निकलने और चोरी का केस दर्ज हुआ था। पूरी खबर पढ़ें 7. बदमाशों ने महिला का पर्स लूटा, फिर जश्न मनाया
उदयपुर के सूरजपोल थाना इलाके में बदमाशों ने स्कूटी सवार महिला के पर्स पर झपट्टा मारा। महिला ने पर्स को पकड़ रखा तो झटके से नीचे गिर गई और कुछ दूरी तक घसीटते हुए गई। बदमाशों ने पर्स छीनने के बाद जश्न मनाया और पर्स को हवा में बार-बार घुमाया। पूरी खबर पढ़ें 8. उर्जा मंत्री की बैठक में बिजली गुल
कोटा में ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर की अधिकारियों के साथ चल रही बैठक में अचानक बिजली गुल हो गई। जिला परिषद सभागार में मंत्री नागर सड़कों के निर्माण को लेकर अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे, तभी लाइट चली गई। करीब 6 मिनट बाद जनरेटर चालू किया गया। पूरी खबर पढ़ें खबर जो हटकर है
9. दिव्यांग बेटे के लिए बनाई स्पेशल कुर्सी
पाली जिले के मारवाड़ जंक्शन की साइकोलॉजिस्ट नेहा सोलंकी ने अपने बेटे की तकलीफ को ताकत बना लिया। सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित बेटे के लिए ऐसी कुर्सी तैयार की, जिस पर दिव्यांग बच्चे बिना किसी सहारे के सुरक्षित तरीके से बैठ सकें। 31 जुलाई को राष्ट्रपति उन्हें सम्मानित करेंगी। पूरी खबर पढ़ें कल क्या होगा खास
10. हाईकोर्ट में चुनाव का शेड्यूल बताएगा राज्य निर्वाचन आयोग
प्रदेश में पंचायत-निकाय चुनाव को लेकर सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। इस दौरान राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव शेड्यूल बताएगा। पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने चुनाव में देरी को लेकर नाराजगी जताई थी।

हाई-रिस्क गर्भवतियों की विशेष निगरानी के निर्देश:मुख्य सचिव ने मांगी नामवार सूची, मातृ मृत्यु रोकने की तैयारी तेज

धौलपुर में प्रदेश के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने सभी अस्पतालों में निर्धारित स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने उच्च जोखिम (हाईरिस्क) गर्भवती महिलाओं की नामवार सूची तैयार करने के निर्देश दिए। इन महिलाओं को संबंधित एएनएम और सीएचओ से मैप किया जाएगा, ताकि नियमित निगरानी और समय पर आवश्यक चिकित्सा हस्तक्षेप सुनिश्चित हो सके। उन्होंने सभी सीएमएचओ और जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारियों को सोमवार सुबह एएनएम की बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। बैठक में हाईरिस्क गर्भवतियों की लाइनलिस्ट और उनके जोखिम के कारणों की समीक्षा की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर रेफरल सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। वीसी के दौरान प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों के अधीक्षकों और गायनी विभागाध्यक्षों से पिछले 24 घंटे में हुए सामान्य एवं सिजेरियन प्रसवों तथा प्रसूताओं की स्थिति की जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने प्रसव के बाद कम से कम 24 घंटे तक धात्री महिला की गहन निगरानी और उसके पोषण पर विशेष ध्यान देने के स्पष्ट निर्देश दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में लेबर रूम प्रोटोकॉल, संक्रमण नियंत्रण, एनेस्थीसिया, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन, कोल्ड चेन और रेफरल प्रोटोकॉल की भी समीक्षा की गई। प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने सुरक्षित प्रसव के लिए प्रसव पूर्व योजना, उपयुक्त अस्पताल का चयन, रेफरल व्यवस्था और ममता कार्ड में पूर्ण व स्पष्ट जानकारी दर्ज करने पर जोर दिया। उन्होंने गंभीर एनीमिया से ग्रस्त गर्भवती महिलाओं के लिए समय पर ब्लड ट्रांसफ्यूजन, एफसीएम इंजेक्शन अथवा आयरन सुक्रोज उपचार उपलब्ध कराने तथा सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

अच्छी बारिश और खुशहाली के लिए 2100 आहुतियां दी:शिवगंज में हुआ आर्य समाज का महायज्ञ, हवन के वैज्ञानिक और आध्यात्मिक महत्व गिनाए

सिरोही जिले के शिवगंज कस्बे में रविवार को आर्य समाज के तत्वावधान में एक महायज्ञ का आयोजन किया गया। यह महायज्ञ क्षेत्र में अच्छी वर्षा, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना के साथ संपन्न हुआ।
आर्य समाज के हरदेव आर्य ने बताया कि इस महायज्ञ में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 2100 विशेष आहुतियां अर्पित की गईं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आहुति देकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। विद्वानों ने हवन के वैज्ञानिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हवन में प्रयुक्त जड़ी-बूटियां और समिधाएं वायुमंडल को शुद्ध करने में सहायक होती हैं, जिससे पर्यावरण शुद्धि का संदेश दिया गया।
आर्य समाज प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि महायज्ञ का मुख्य उद्देश्य प्रकृति को अनुकूल बनाकर अच्छी वर्षा की कामना करना था। पूर्णाहुति के बाद, उपस्थित श्रद्धालुओं ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता का संकल्प लिया। यह धार्मिक आयोजन पूरे समय वैदिक मंत्रों और श्रद्धा के माहौल में संपन्न हुआ।

बड़ी बहन ने डांटा तो भाई ने सुसाइड किया:छोटे को फंदे से लटका देख बहन ने भी जहर खाया, हालत गंभीर

बीकानेर में नाबालिग भाई-बहन में कहासुनी हो गई। गुस्से में बड़ी बहन ने भाई को डांट दिया। इससे नाराज भाई (13) ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। बड़ी बहन (15) ने भाई को फंदे से लटके देखा तो जहर खा लिया। घटना के समय माता-पिता घर पर नहीं थे। पड़ोसियों की सूचना पर घर पहुंचे और बच्चों को पीबीएम हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने जांच के बाद भाई को मृत घोषित कर दिया, जबकि बहन का गंभीर हालत में इलाज जारी है। घटना कोटगेट थाना इलाके में रविवार शाम करीब 4.30 बजे हुई। दोनों बच्चों में मामूली बात पर हुई थी कहासुनी
थानाधिकारी विक्रम तिवाड़ी ने बताया- शुरुआती जांच में सामने आया कि दोनों बच्चों में किसी मामूली बात पर कहासुनी हुई थी। इस पर बड़ी बहन ने छोटे भाई को डांट दिया। नाराज भाई घर की पहली मंजिल पर बने कमरे में गया और चुन्नी से फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। पड़ोसियों ने खिड़की से उसे फंदे से लटकते देखा घर आकर बहन को बताया। इस दौरान नीचे कमरे में पढ़ रही बहन ऊपर गई तो भाई फंदे से लटका मिला। इसके बाद बहन ने भी जहरीला पदार्थ खा लिया और उसकी भी हालत बिगड़ गई। उसका पीबीएम अस्पताल में इलाज चल रहा है। थानाधिकारी ने बताया कि मामले में हर पहलू से जांच की जा रही है। परिजनों और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। कॉलोनी के लोगों ने बताया- घर तक संकरा रास्ता होने के कारण एम्बुलेंस नहीं पहुंच पाई। करीब 100 मीटर दूर खड़ी एम्बुलेंस तक बच्चों को स्ट्रैचर से पहुंचाया गया। बीकानेर से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… बस-बोलेरो की भिड़ंत में बुआ-भतीजी समेत 3 की मौत:8 गंभीर घायल; तौलियासर भैरूजी के दर्शन कर लौट रहा था परिवार बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ थाना इलाके में रविवार को बस और बोलेरो में आमने-सामने की भीषण भिड़ंत हो गई। हादसे में बुआ-भतीजी समेत 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 8 गंभीर रूप से घायल हो गए। पूरी खबर पढ़िए

भागलपुर में मिला कोरोना संक्रमित मरीज:10 दिनों से फीवर, टेस्ट कराने पर निकला कोविड; आंध्र में भी मिला था केस

भागलपुर में कोविड-19 से संक्रमित एक मरीज मिला है। पिछले 10 दिनों से बुखार से पीड़ित 65 साल के बुजुर्ग की RT-PCR जांच में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। संक्रमित मरीज मूल रूप से बांका जिले का रहने वाला है। अभी भागलपुर के लालूचक इलाके में रहता है। परिजनों के अनुसार, बुजुर्ग पिछले 10 दिनों से सर्दी, खांसी और तेज बुखार से पीड़ित थे। उनका तापमान 104 डिग्री तक बना हुआ था और दवा लेने के बावजूद बुखार नहीं उतर रहा था। इसके बाद उन्हें एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां RT-PCR जांच कराने पर उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। इसके बाद डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें जवाहरलाल नेहरू अस्पताल (JLNMCH) रेफर कर दिया। फिलहाल मरीज को अस्पताल के डी-ब्लॉक स्थित ICU में कोविड प्रोटोकॉल के तहत भर्ती कराया गया है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, मरीज की स्थिति स्थिर है। उन्हें फिलहाल ऑक्सीजन या वेंटिलेटर सपोर्ट की आवश्यकता नहीं पड़ी है। बेटी बोली- तबीयत लगातार बिगड़ रही थी, जिसके बाद RT-PCR टेस्ट कराया गया मरीज की बेटी ने बताया, “मेरे पिता को पिछले कई दिनों से सर्दी, खांसी और तेज बुखार था। उन्हें इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। भर्ती होने के चार-पांच दिन बाद भी उनकी तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद RT-PCR जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई।” उन्होंने बताया कि कोरोना पॉजिटिव आने के बाद निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (JLNMCH) रेफर कर दिया। यहां उन्हें आईसीयू में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। दुबारा कराया जाएगा RT-PCR टेस्ट जवाहर लाल नेहरू अस्पताल के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. राजकमल चौधरी ने बताया कि निजी अस्पताल से एक कोरोना संक्रमित मरीज को रेफर कर भर्ती कराया गया है। फिलहाल उसे आईसीयू में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में मरीज का दोबारा RT-PCR टेस्ट कराया जाएगा। फिलहाल मरीज को ऑक्सीजन या वेंटिलेटर सपोर्ट की आवश्यकता नहीं है। डॉ. चौधरी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि घबराने या दहशत फैलाने की जरूरत नहीं है। कोरोना संक्रमण के कुछ मामले समय-समय पर सामने आ सकते हैं। ऐसे में लोगों को घबराने के बजाय सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की जरूरत है। 10 दिन पहले आंध्र प्रदेश में कोविड मरीज की हुई थी मौत आंध्र प्रदेश के कडप्पा में 10 दिन पहले 46 साल के व्यक्ति की कोविड-19 से मौत हो गई। उसे पिछले महीने वेल्लोर के CMC अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसका कोविड टेस्ट पॉजिटिव आया था। 4 दिन इलाज के बाद उसने दम तोड़ दिया। हेल्थ ऑफिसर ने बताया था कि मरीज के फेफड़े खराब हो गए थे। मरीज को कंटेनमेंट जोन में रखा गया था। उसके संपर्क में आए लोगों की ट्रेसिंग भी की जा रही है। इलाके में सैनिटाइजेशन भी शुरू कर दिया गया है। भारत में कोरोना से 47 लाख मौतों का अनुमान भारत में कोविड से आधिकारिक तौर पर 2022 के अंत तक करीब 5.3 लाख मौतें दर्ज की गईं थीं। हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अनुमान लगाया कि महामारी से भारत में लगभग 47 लाख मौतें हुईं। वहीं दुनियाभर में 2022 के अंत तक करीब 66–67 लाख आधिकारिक मौतें दर्ज की गई थीं।

एएनएम संघ ने किया शासन सचिव के बयान का विरोध:प्रसूता मृत्यु प्रकरण में एएनएम को दोषी ठहराने पर जताई आपत्ति

डीग में एलएचवी/एएनएम संघ ने प्रसूता मृत्यु प्रकरण पर प्रमुख शासन सचिव के बयान का कड़ा विरोध किया है। संघ की जिला अध्यक्ष ममता भारद्वाज ने एक संयुक्त बयान में कहा कि स्वास्थ्य विभाग में किसी भी अप्रिय घटना के बाद बिना निष्पक्ष जांच के फील्ड में कार्यरत एएनएम को दोषी ठहराना अनुचित और दुर्भाग्यपूर्ण है। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि एएनएम स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ हैं। जिला अध्यक्ष भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि एएनएम न तो प्रयोगशाला तकनीशियन होती हैं और न ही विशेषज्ञ चिकित्सक, जो प्रत्येक प्रसूता की गहन चिकित्सकीय जांच कर सकें। इसके बावजूद, हर घटना के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराना उनके सम्मान और मनोबल को ठेस पहुंचाता है। आंदोलन की दी चेतावनी
संघ ने मांग की है कि किसी भी घटना में निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच पूरी होने से पहले किसी भी एएनएम को दोषी न ठहराया जाए। उन्होंने प्रमुख शासन सचिव द्वारा दिए गए बयानों को तत्काल वापस लेने और भविष्य में ऐसे बयान देने से बचने की भी अपील की।
एलएचवी/एएनएम संघ राजस्थान ने चेतावनी दी है कि यदि एएनएम के सम्मान और हितों की अनदेखी जारी रहती है, तो प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन, धरना-प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।

ऋषभदेव में उपाध्याय शुभमसागरजी का मंगल प्रवेश:धर्मसभा में बोले- जिनवाणी दर्पण की तरह, इससे आत्मा को देखें

उदयपुर जिले के ऋषभदेव में रविवार को प्राकृतज्ञान केसरी आचार्य सुनीलसागर महाराज के शिष्य उपाध्याय शुभमसागरजी महाराज और कवि मुनि सक्षमसागर महाराज का नगर में मंगल प्रवेश हुआ। संतों के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग उमड़े। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्पवर्षा की, पैर धोए और अर्घ्य अर्पित कर संतों की अगवानी की। मुनि संघ का विहार अशोक मार्बल कंपनी से शुरू होकर नेशनल हाईवे-48 के रास्ते घाटी दरवाजा पहुंचा। यहां समाज के लोगों ने विधि-विधान से मुनि संघ का स्वागत किया। महिला मंडल की सदस्यों ने सिर पर कलश रखकर मंगल नृत्य किया। जैसे ही मुनि संघ ने कस्बे में प्रवेश किया, बैंड-बाजों की धुन और जय-जय गुरुदेव के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। इसके बाद घाटी दरवाजा से शोभायात्रा शुरू हुई। यह यात्रा ऋषभदेव चौराहा रोड, पुलिस चौकी, कीकाभाई धर्मशाला रोड, हॉस्पिटल रोड, पाटूना चौक, नेहरू बाजार, सदर बाजार और जौहरी बाजार होते हुए ऋषभ चौक स्थित ऋषभदेव निज मंदिर पहुंची। यहां मुनि श्री ने भगवान आदिनाथ के दर्शन और वंदना की। इसके बाद शोभायात्रा कांच के मंदिर पहुंची, जहां एक विशाल धर्मसभा का आयोजन किया गया। सबसे आगे सफेद घोड़े चल रहे थे इस शोभायात्रा में सबसे आगे सफेद घोड़े चल रहे थे, जो सभी के आकर्षण का केंद्र रहे। महिलाएं पारंपरिक पोशाक में और पुरुष सफेद कपड़ों में शामिल हुए। युवा रंग-बिरंगे कपड़ों में भक्ति गीतों पर झूमते नजर आए। संतों के स्वागत के लिए पूरे कस्बे को दुल्हन की तरह सजाया गया था। अलग-अलग सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए थे। जैसे हम कांच में अपना चेहरा देखते हैं कांच के मंदिर में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए उपाध्याय शुभमसागर महाराज ने कहा कि जिनवाणी एक दर्पण यानी कांच की तरह है। चातुर्मास का यह समय खुद के भीतर झांकने और आत्मचिंतन करने का सबसे अच्छा अवसर है। जैसे हम कांच में अपना चेहरा देखते हैं, वैसे ही जिनवाणी के जरिए हमें अपनी आत्मा को देखना चाहिए। हमें यह समझना होगा कि हमारी आत्मा किन बंधनों में जकड़ी हुई है और उन बंधनों से मुक्त होने का सही रास्ता क्या है। उन्होंने सभी को धर्म, संयम और आत्मकल्याण के मार्ग पर चलने की सीख दी। इस मौके पर पुलक मंच परिवार, तरुण क्रांति मंच, आदिनाथ एकता मंच, अखिल भारतीय युवा परिषद, वसु निधि क्लब, नव मंडल, दिगम्बर जैन हुमड़ समाज, दिगम्बर जैन नागदा समाज, दिगम्बर जैन तीर्थ रक्षा समिति, दिगम्बर जैन विद्यालय, एम-24 पाठशाला और महावीर जिनालय समिति सहित कई संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। इस धार्मिक महोत्सव में ऋषभदेव के अलावा अहमदाबाद, उदयपुर, खेरवाड़ा और आसपास के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

जयपुर में 20 फीट गहरे गड्ढे में अचानक ढही मिट्टी:2 मजदूर दबे, सीवरेज लाइन का डाल रहे थे चेंबर

जयपुर में 20 फीट गहरे गड्ढे में रविवार शाम 2 मजदूर दबने से घायल हो गए। नई सीवरेज लाइन का चेंबर डालने के दौरान नीचे उतरकर काम करते समय मिट्टी ढहने से हादसा हुआ। करणी विहार थाना पुलिस ने साथी मजदूरों की मदद से तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर मिट्टी में दबे दोनों मजदूरों को बाहर निकाला। पुलिस ने प्राथमिक उपचार के लिए घायल दोनों मजदूरों को SMS हॉस्पिटल में एडमिट करवाया है। चेंबर डालने के लिए नीचे उतरे थे मजदूर SHO (करणी विहार) हवा सिंह ने बताया- मीणावाला में अलंकार मोड़ के पास शाम करीब 5 बजे हादसा हुआ। नई डाली जा रही सीवरेज लाइन पर मजदूर काम कर रहे थे। सीवरेज लाइन का चेंबर डालने के लिए 20 फीट नीचे 2 मजदूर उतरकर गड्‌ढे में काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक मिट्टी ढहने से दोनों मजदूर दब गए। वहां मौजूद अन्य साथी मजदूरों ने तुरंत पुलिस को सूचना देकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। महज 5 मिनट में सुरक्षित निकाला बाहर करीब 5 मिनट की मशक्कत के बाद मिट्टी में दबे दोनों मजदूरों को निकाल लिया गया। पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाले गए दोनों मजदूरों को मामूली घायल होने पर SMS हॉस्पिटल में एडमिट करवाया। पुलिस का कहना है कि समय रहते दोनों मजदूरों को बाहर निकाल लेने के चलते उनकी जान बच गई। हादसे में किसी के हताहत होने की बात से इनकार किया है।

1000 करोड़ के फ्रॉड केस में बिजनेसमैन गोयनका गिरफ्तार:MP के भाजपा विधायक के परिवार की कंपनियों पर कब्जे का आरोप, 10 दिन की रिमांड

छत्तीसगढ़ के रायपुर के कारोबारी महेंद्र गोयनका को कोलकाता पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। गोयनका पर कटनी के विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक के परिवार की कंपनियों में करीब 1000 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप है। कंपनियों पर कब्जा करने की कोशिश का भी आरोप है। गिरफ्तारी के बाद कोलकाता पुलिस ने रविवार को गोयनका को कोलकाता की अदालत में पेश किया। कोर्ट ने 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। पुलिस वित्तीय गड़बड़ियों, कंपनियों के नियंत्रण में कथित बदलाव और पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका को लेकर पूछताछ करेगी। जांच कई अहम खुलासे हो सकते हैं। ऐसे शुरू हुआ पूरा मामला भाजपा विधायक संजय पाठक के परिवार की कंपनी यूरो प्रतीक इस्पात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का मुख्यालय कोलकाता में है। मूल रूप से अनूपपुर जिले के कोतमा और वर्तमान में रायपुर निवासी महेंद्र गोयनका इसी कंपनी में प्रबंधन के अहम पद पर कार्यरत था। आरोप है कि उसने अपनी पत्नी और सहयोगियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों एवं हस्ताक्षरों के जरिए कंपनी के दो डायरेक्टर्स को हटवाकर उनकी जगह चार अन्य लोगों को डायरेक्टर बनवा दिया। इसके बाद कंपनी के नियंत्रण पर अवैध कब्जा करने की कोशिश की। उस पर कंपनी के वित्तीय लेनदेन में अनियमितता और कंपनी का माल कथित तौर पर छल-कपट से बेचकर गबन करने के भी आरोप हैं। कोलकाता में दर्ज हुई थी एफआईआर इन आरोपों के आधार पर 2024 में कोलकाता में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 120-बी, 467, 468 और 471 समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसी मामले में कोलकाता पुलिस ने महेंद्र गोयनका को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। आरोपियों पर कटनी में भी दर्ज हैं दो मामले कंपनी से हटाए गए कटनी निवासी डायरेक्टर्स ने कटनी कोतवाली और माधवनगर थाने में भी जालसाजी और धोखाधड़ी के मामले दर्ज कराए थे। माधवनगर थाने में दर्ज मामलों में महेंद्र गोयनका के अलावा रायपुर निवासी हिमांशु श्रीवास्तव, सन्मति जैन और सुनील अग्रवाल समेत अन्य सहयोगियों को भी आरोपी बनाया गया है। सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम बेल हो चुकी हैं खारिज जानकारी के अनुसार, इन आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिकाएं लोअर कोर्ट, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक खारिज हो चुकी हैं। इसके बावजूद कुछ आरोपी पिछले करीब डेढ़-दो साल से फरार बताए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश पुलिस अब तक उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकी है। NCLT ने भी की थीं सख्त टिप्पणियां 9 मई 2025 को राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) की मुंबई पीठ ने एक आदेश में महेंद्र गोयनका और उनकी पत्नी मीनू गोयनका से जुड़े वित्तीय लेनदेन पर गंभीर टिप्पणियां की थीं। इसके अलावा गोयनका की एक अन्य कंपनी निसर्ग इस्पात से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के मामले भी सामने आए हैं। अब कोलकाता पुलिस रिमांड के दौरान पूरे कथित वित्तीय नेटवर्क और लेनदेन की जांच कर रही है। महेंद्र गोयनका कौन हैं? महेंद्र गोयनका मूल रूप से मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा के रहने वाले हैं और वर्तमान में रायपुर (छत्तीसगढ़) में कारोबार करते हैं। वे पहले यूरो प्रतीक इस्पात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में प्रबंधन के अहम पद पर कार्यरत थे। बाद में कंपनी के प्रबंधन और वित्तीय लेनदेन को लेकर विवाद सामने आए। उन पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए कंपनी के नियंत्रण में बदलाव, वित्तीय अनियमितताओं और करीब 1000 करोड़ रुपए की कथित धोखाधड़ी के आरोप हैं। भाजपा विधायक की प्रोफाइल ——————-
यह खबर भी पढ़ें महेंद्र गोयनका केस से अलग हुए जस्टिस पारदीवाला; सुप्रीम कोर्ट में थी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रहे खनन कारोबारी महेंद्र गोयनका के चर्चित मामले में एक बड़ा मोड़ आया है। इस केस की सुनवाई कर रहे जस्टिस जेबी पारदीवाला ने खुद को मामले से अलग कर लिया है। अब नई बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी। यह पूरा विवाद कंपनी के पैसों की हेराफेरी, चेक बाउंस और दिवालिया प्रक्रिया (IBC) से जुड़ा है। पढ़ें पूरी खबर

कोटा में प्रहलाद गुंजल ने बुलाई बैठक,दोनों जिलाध्यक्ष-विधायक रहे गायब:आंदोलन को लेकर हुई चर्चा; सरकार पर तंज कसते हुए बोले- शासन चला रहे या साइकिल-रिक्शा

कोटा में कांग्रेस में चल रही गुटबाजी को एक बार फिर पुख्ता कर दिया है। कोटा में कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल की ओर से रविवार को बुलाई गई बैठक में शहर-ग्रामीण जिलाध्यक्ष, कांग्रेस विधायक सहित अन्य नेता नहीं पहुंचे। प्रहलाद गुंजल ने महाराजा अग्रसेन धर्मशाला में यह बैठक बुलाई थी। बैठक में शहर में आने वाले समय में किए जाने वाले आंदोलन को लेकर चर्चा की गई। मीटिंग को जिला कांग्रेस की ओर से आयोजित बताया गया और प्रहलाद गुंजल को मुख्य वक्ता के तौर पर बताया। लेकिन मीटिंग में कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शहर जिलाध्यक्ष राखी गौतम और देहात जिलाध्यक्ष भानुप्रताप मौजूद नहीं थे। बैठक में प्रहलाद गुंजल ने तंज कसते हुए कहा- आप शासन चला रहे हैं या साइकिल-रिक्शा-ठेला चला रहे हैं? इन वरिष्ठ नेताओं ने बनाई बैठक से दूरी कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल की टीम की ओर से इसे जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक बताकर कार्यकर्ताओं को मैसेज भेजे गए थे। हालांकि बैठक में जिला कांग्रेस कमेटी, शहर और देहात के दोनों अध्यक्ष नहीं थे। इसके अलावा पीपल्दा विधायक चेतन पटेल और लाडपुरा पंचायत समिति प्रधान नईमुद्दीन गुड्डू भी बैठक में नहीं पहुंचे। हालांकि बैठक में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव और कोटा प्रभारी पुष्पेंद्र भारद्वाज, पूर्व शहर अध्यक्ष रविंद्र त्यागी, अमीन पठान समेत अन्य नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। लोग परेशान, सरकार नहीं दे रही ध्यान कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल ने बताया- कोटा में सरकार के खिलाफ आगामी दिनों में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। गुंजल ने कहा- पूरा हाड़ौती क्षेत्र परेशान है। यहां का अन्नदाता खेत की मेड़ पर बैठा-बैठा रो रहा है। किसान ने सरकार से उम्मीद करके धान की फसल बोई थी, लेकिन फसल सूखती नजर आ रही है। गुंजल ने बिजली कटौती और खाद की कालाबाजारी पर भी प्रशासन को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन क्षेत्रों में बोरिंग से खेती हो रही है, वहां 8 से 10 घंटे की बिजली कटौती की जा रही है। इसके अलावा उन्होंने खाद की किल्लत का मुद्दा उठाते हुए कहा कि 1300-1400 रुपए का खाद का कट्टा किसानों को मिल नहीं रहा है।उन्हें चोर दरवाजे से ऊंचे दामों पर खरीदने को मजबूर किया जा रहा है।